यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के राजव्यवस्था एवं संविधान भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 874 नोट्स, रोज़ अपडेट।
चर्चा में क्यों: मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने तकनीक-आधारित न्यायिक ढांचे के भीतर न्याय तक सार्वजनिक पहुंच सुनिश्चित करने में संवाद, गरिमा और भाषाई समावेशिता की भूमिका पर बल दिया।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने 8 अगस्त, 2026 को इंदौर में NALSA के पश्चिमी क्षेत्र क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस चर्चा का मुख्य केंद्र आधुनिक तकनीक को ऐसी कानूनी सहायता के साथ एकीकृत करना था जो विविध भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान करती हो।
Prelims pointers (3)
BodyNALSA: National Legal Services Authority, समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त और सक्षम कानूनी सेवाएँ प्रदान करने के लिए स्थापित।
PostCJI: Chief Justice of India, भारतीय न्यायपालिका का सर्वोच्च न्यायिक पद।
Factयह सम्मेलन पश्चिमी क्षेत्र क्षेत्रीय सम्मेलन (Western Zone Regional Conference) के हिस्से के रूप में इंदौर में आयोजित किया गया था।
Mains angle
Q. भारत की निरंतर प्रौद्योगिकी-आधारित होती न्यायिक प्रणाली में हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए न्याय तक समावेशी पहुँच सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।
linguistic barriers
digital divide
technological integration
legal aid accessibility
Keywords: Access to Justice · Legal Aid · Digital Inclusion · Judicial Reform · Linguistic Diversity
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा के विरुद्ध सुरक्षा सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से घरेलू क्रूरता कानूनों के दायरे का विस्तार किया है, जिसमें अब 'विवाह के स्वरूप' वाले लिव-इन संबंधों में रहने वाली महिलाओं को भी शामिल किया गया है।
उच्चतम न्यायालय ने 3 अगस्त, 2026 को 'डॉ. लोकेश बी.एच. एवं अन्य बनाम कर्नाटक राज्य एवं अन्य' मामले में अपना निर्णय सुनाया। न्यायालय ने यह निर्धारित किया कि यदि विवाह करने का इरादा हो, तो IPC की धारा 498A (अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 85) लिव-इन पार्टनर्स पर भी लागू होती है।
Prelims pointers (3)
Act / Billभारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, क्रूरता के संबंध में पूर्ववर्ती IPC की धारा 498A के अनुरूप है।
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय देश का सर्वोच्च न्यायिक निकाय है।
Factयह निर्णय विशेष रूप से विवाह के इरादे के साथ 'विवाह के स्वरूप' वाले लिव-इन संबंधों (live-in relationships) पर लागू होता है।
Mains angle
Q. घरेलू हिंसा के विरुद्ध सुरक्षा उपायों के न्यायिक विस्तार को सह-जीवन (live-in relationships) संबंधों तक विस्तारित करने के संदर्भ में चर्चा कीजिए। क्या यह कदम भारतीय आपराधिक कानून के सुधारात्मक उद्देश्यों के अनुरूप है? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: बॉम्बे उच्च न्यायालय ने SDPI पदाधिकारियों के विरुद्ध मुंबई पुलिस द्वारा जारी किए गए बहिष्करण आदेश को रद्द कर दिया है और बाबरी मस्जिद विध्वंस पर विचार व्यक्त करने के अधिकार को बरकरार रखा है।
29 जुलाई, 2026 को, बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माधव जामदार ने दो SDPI पदाधिकारियों को एक वर्ष के लिए मुंबई से बाहर रहने (एक्सटर्नमेंट) के आदेश को रद्द कर दिया। न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि बाबरी मस्जिद विध्वंस पर विचार व्यक्त करना राष्ट्र-विरोधी कृत्य की श्रेणी में नहीं आता है।
Prelims pointers (3)
Constitutionअनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति और वाक्-स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है।
Bodyउच्च न्यायालयों के पास उन कार्यकारी आदेशों को रद्द करने की न्यायिक समीक्षा (judicial review) की शक्ति है जो मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
Factसार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा व्यक्तियों को विशिष्ट क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने हेतु आमतौर पर Externment orders जारी किए जाते हैं।
Mains angle
Q. सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य की शक्ति और अभिव्यक्ति एवं भाषण की स्वतंत्रता के व्यक्तिगत मौलिक अधिकार के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
Constitutional safeguards
Reasonable restrictions
Judicial oversight of executive actions
Protection of minority views
Keywords: Judicial Review · Freedom of Speech · Public Order · Fundamental Rights · Proportionality
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े हेरफेर किए गए ऑडियो क्लिप्स के संबंध में नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की रिपोर्ट साझा करने का निर्देश दिया है।
NFSU की रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि पूर्व मणिपुर मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को दोषी ठहराने वाले लीक हुए ऑडियो क्लिप्स 'स्पष्ट रूप से हेरफेर किए गए' थे। यह मामला कुकी ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स द्वारा मई 2023 की जातीय हिंसा की स्वतंत्र SIT जांच की मांग करते हुए दायर एक याचिका से संबंधित है।
Prelims pointers (3)
BodyNFSU: National Forensic Sciences University भारत में फॉरेंसिक विज्ञान के अध्ययन के लिए एक प्रमुख संस्था है।
Factमणिपुर में जातीय हिंसा (मई 2023) के परिणामस्वरूप 260 से अधिक मौतें हुईं और हजारों लोग विस्थापित हुए।
Postन्यायालय की पीठ की अध्यक्षता न्यायमूर्ति संजय कुमार ने की।
Mains angle
Q. सांप्रदायिक हिंसा और आंतरिक सुरक्षा उल्लंघन की घटनाओं की जांच में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में न्यायपालिका की भूमिका की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: एक राज्यसभा सांसद ने निजता के अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक (facial recognition technology) और व्यापक निगरानी (mass surveillance) के उपयोग को रोकनेके लिए सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में याचिका दायर की।
यह याचिका 28 जुलाई, 2026 को सांसद ए.ए. रहीम द्वारा CCTV, ड्रोन और 'Ikshana' एवं 'AjnaLens' जैसे अनुप्रयोगों (apps) के उपयोग के विरुद्ध दायर की गई है। इसमें तर्क दिया गया है कि जैव-मितीय (biometric) डेटा का संग्रहण कानूनी आधार और गोपनीयता प्रभाव आकलन (privacy impact assessments) के अभाव में किया जा रहा है।
Prelims pointers (3)
Constitutionअनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, जिसमें निजता का अधिकार शामिल है।
S&TFacial Recognition Technology (FRT): यह छवियों या वीडियो से व्यक्तियों की पहचान करने के लिए biometric data का उपयोग करती है।
Factयाचिका में विशेष रूप से निगरानी के लिए उपयोग किए जाने वाले मोबाइल एप्लिकेशन के रूप में 'Ikshana' और 'AjnaLens' का उल्लेख किया गया है।
Mains angle
Q. सार्वजनिक व्यवस्था हेतु राज्य की निगरानी और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त निजता के मौलिक अधिकार के मध्य उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोध का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Constitutional validity of biometric data collection
Lack of a comprehensive Data Protection framework
Balance between national security and individual liberties
Need for mandatory Privacy Impact Assessments (PIA)
Keywords: Right to Privacy · Mass Surveillance · Biometric Data · Constitutional Validity · Proportionality · Data Protection
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने परीक्षा प्रश्नपत्रों के रिसाव के विरुद्ध विरोध प्रदर्शनों से संबंधित FIR की जांच हेतु पुलिस को अनुमति प्रदान करते हुए, छात्रों के अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करनेके लिए हस्तक्षेप किया।
28 जुलाई, 2026 को, उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली और बिहार में प्रदर्शनकारियों को अवैध रूप से हिरासत में रखने के आरोपों पर विचार किया। न्यायालय ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की जांच की अनुमति देते हुए, स्पष्ट रूप से उन छात्रों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी जिनके विरुद्ध कोई आपराधिक पूर्ववृत्त नहीं है।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय: भारत का सर्वोच्च न्यायिक मंच, जो न्यायिक पुनरावलोकन (judicial review) का प्रयोग करता है।
Factन्यायालय ने दिल्ली और बिहार में प्रदर्शनकारियों की अवैध हिरासत और आँखों पर पट्टी बाँधने की विशिष्ट घटनाओं को संबोधित किया।
Postदिल्ली पुलिस और बिहार पुलिस: संबंधित राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राज्य पुलिस बल।
Mains angle
Q. सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा संभावित अतिचार्यों के विरुद्ध नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने में न्यायपालिका की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
protection of personal liberty
judicial oversight of police action
balancing public order with democratic protest
Keywords: Judicial Review · Personal Liberty · Rule of Law · Coercive Action · Fundamental Rights
चर्चा में क्यों: बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूर्व सूचना के बिना अमेज़न वेयरहाउस को बंद करने के लिए महाराष्ट्र FDA की आलोचना की और नियामक कार्रवाइयों में प्रक्रियात्मक निष्पक्षता की आवश्यकता पर बल दिया।
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बिना किसी सुधार नोटिस के अमेज़न रिटेल इंडिया के लाइसेंस को निलंबित करके अत्यधिक कार्रवाई की। यह मामला भिवंडी में एक गोदाम को बंद करने से संबंधित है।
Prelims pointers (3)
BodyFood and Drug Administration (FDA) महाराष्ट्र में खाद्य और औषधि सुरक्षा की निगरानी के लिए जिम्मेदार नियामक संस्था है।
Placeभिवंडी महाराष्ट्र राज्य में एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब है।
Factन्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त के लिए निर्धारित की है।
Mains angle
Q. राज्य की प्रशासनिक संस्थाओं द्वारा नियामक शक्तियों के प्रयोग में प्रक्रियात्मक निष्पक्षता और आनुपातिकता के सिद्धांत के महत्व की चर्चा कीजिए।
Rule of Law
Administrative overreach
Ease of doing business
Judicial oversight
Keywords: Proportionality · Administrative Law · Regulatory Compliance · Due Process · Judicial Review
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने पैदल चलने वालों की सुरक्षा और शहरी नियोजन की विफलताओं को संबोधित करते हुए सुरक्षित फुटपाथों के अधिकार को एक मौलिक अधिकार घोषित किया है।
उच्चतम न्यायालय का निर्णय इस तथ्य को रेखांकित करता है कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में पैदल चलने वाले व्यक्तियों की हिस्सेदारी 40% तक है। लगभग 4.5 करोड़ भारतीय प्रतिदिन कार्यस्थल पर जाने के लिए पैदल यात्रा करते हैं, तथापि बुनियादी ढांचा अक्सर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के स्थान पर वाहनों के यातायात को प्राथमिकता प्रदान करता है।
Prelims pointers (3)
Constitutionमौलिक अधिकार भारतीय संविधान के भाग III में निहित हैं।
Factभारत में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में पैदल चलने वालों की हिस्सेदारी 40% तक है।
Factलगभग 45 मिलियन भारतीय प्रतिदिन काम पर पैदल जाते हैं।
Mains angle
Q. भारत के तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते शहरों में पैदल चलने वालों के अधिकारों की न्यायिक मान्यता शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचा विकास को किस प्रकार पुनर्गठित कर सकती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Right to life (Article 21)
Urban planning priorities
Infrastructure governance
Way forward: Pedestrian-centric design
Keywords: Right to Life · Urban Governance · Judicial Activism · Pedestrian Safety · Infrastructure Development
चर्चा में क्यों: झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करनेके लिए मतदाता सूची से 43.6 लाख मतदाताओं को हटा दिया है।
झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने 5 अगस्त, 2026 को कुल मतदाताओं में से 16.5% (43.6 लाख) को मतदाता सूची से हटा दिया। इन निष्कासनों में 7 लाख मृत, 14 लाख अप्राप्य और 15 लाख स्थानांतरित मतदाता शामिल हैं। दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया 5 अगस्त से 4 सितंबर तक संचालित होगी।
Prelims pointers (3)
Bodyराज्य निर्वाचन आयोग: राज्य में मतदाता सूची तैयार करने और उनमें संशोधन करने के लिए उत्तरदायी।
FactJharkhand SIR: 43.6 लाख मतदाताओं को हटाया, जो कुल मतदाता सूची का 16.5% है।
Factफॉर्म-6: पात्र मतदाताओं द्वारा मतदाता सूची में पंजीकरण करने या नाम जोड़ने के लिए उपयोग किया जाने वाला विशिष्ट फॉर्म।
Mains angle
Q. लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने और चुनावी धोखाधड़ी को रोकने में निर्वाचन नामा (voter list) के समय-समय पर पुनरीक्षण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: मतदाता सूची की शुचिता सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से, मेघालया के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 1.8 लाख मतदाताओं को बाहर रखते हुए एक प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की है।
5 अगस्त, 2026 को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 23,49,645 से घटकर 21,69,243 हो गई। यह अपवर्जन मृतक, अप्राप्य, स्थानांतरित या पुनरावृत्ति प्रविष्टियों के सत्यापन पर आधारित था।
Prelims pointers (3)
Bodyमुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) निर्वाचन नामा (electoral rolls) तैयार करने और उनके रखरखाव के लिए जिम्मेदार राज्य-स्तरीय प्राधिकरण है।
Factमेघालय के लिए निर्वाचक नामा का प्रारूप 5 अगस्त, 2026 को प्रकाशित किया गया था।
Factसंशोधित रोल के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 4 सितंबर को समाप्त होगी।
Mains angle
Q. भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में आवधिक मतदाता सूची सत्यापन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सूचना आयोग ने यह निर्णय दिया है कि महत्वपूर्ण सरकारी विनियमन के कारण, जिला केंद्रीय सहकारी (DCC) बैंक RTI अधिनियम के अंतर्गत 'लोक प्राधिकरण' की श्रेणी में आता है।
सूचना आयुक्त, कर्नाटक सूचना आयोग की कालाबुरगी पीठ ने 30 जुलाई, 2026 को यह निर्णय दिया कि DCC बैंक एक सार्वजनिक प्राधिकरण है। यह निर्णय सहकारी बैंक पर सरकार के नियंत्रण और नियामक ढांचे के विस्तार के आधार पर लिया गया था।
Prelims pointers (3)
Act / BillRTI Act, 2005: 'public authority' को उन निकायों सहित परिभाषित करता है जो सरकार के स्वामित्व में हैं, नियंत्रित हैं, या जिन्हें सरकार द्वारा पर्याप्त रूप से वित्तपोषित किया जाता है।
Bodyसूचना आयोग: वह निकाय जो सूचना के अधिकार अधिनियम (Right to Information Act) के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए उत्तरदायी है।
FactDCC Bank: कलबुर्गी-यादगीर जिले की एक सहकारी बैंकिंग इकाई।
Mains angle
Q. सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत 'लोक प्राधिकरण' की परिभाषा सहकारी संस्थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में किस प्रकार महत्वपूर्ण है, इसका विश्लेषण कीजिए।
Transparency in cooperative sectors
Accountability of semi-government bodies
Balance between institutional autonomy and public oversight
Keywords: Public Authority · Transparency · Accountability · Cooperative Banking · Right to Information
चर्चा में क्यों: संचार और आईटी पर संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो को हटाने के संबंध में Meta (Facebook) को अल्टीमेटम जारी किया है, जो मध्यस्थ दायित्व (intermediary liability) पर चल रही बहस को रेखांकित करता है।
निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति ने मेटा (Meta) को 'सेफ हार्बर' (Safe Harbour) संरक्षण हटाने की चेतावनी दी है। इस कदम से सामग्री मॉडरेशन (content moderation) संबंधी निर्णयों के लिए कंपनी के अधिकारियों के विरुद्ध सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की अनुमति मिल जाएगी।
Prelims pointers (3)
Bodyसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी संसदीय समिति डिजिटल संचार नीतियों की देखरेख करने वाली एक संस्था है।
FactSafe Harbour Clause: यह मध्यस्थों (जैसे Facebook) को तीसरे पक्ष की सामग्री (third-party content) के लिए देयता से छूट प्रदान करता है।
Factसमिति ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार Safe Harbour स्थिति को हटाने की मंजूरी देगी।
Mains angle
Q. डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मध्यस्थ उत्तरदायित्व (intermediary liability) के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। क्या 'सेफ हार्बर' (Safe Harbour) सुरक्षा को सामग्री मॉडरेशन (content moderation) की शर्तों पर निर्भर होना चाहिए? चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने न्यायिक अनुभव सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु को 60 से बढ़ाकर 61 वर्ष करने के निर्णय पर राज्य सरकारों को विचार करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति जोयमाल्या बग्ची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की एक पीठ द्वारा यह निर्देश जारी किया गया। न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि तेलंगाना और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने वर्ष 2002 से ही सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि कर दी है।
Prelims pointers (4)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय: देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
Factन्यायिक अधिकारियों के लिए वर्तमान सेवानिवृत्ति आयु पर चर्चा: 60 वर्ष।
Factप्रस्तावित सेवानिवृत्ति आयु: 61 वर्ष।
Placeतेलंगाना और मध्य प्रदेश: वे राज्य जिन्होंने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु पहले ही बढ़ा दी है।
Mains angle
Q. न्यायपालिका की गुणवत्ता बनाए रखने में न्यायिक अनुभव के महत्व और विभिन्न राज्यों में सेवानिवृत्ति की आयु में भिन्नता के निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: लोकसभा में 'बैंकरों की पुस्तकों के साक्ष्य विधेयक' (Bankers' Books Evidence Bill) और 'कराधान कानून संशोधन विधेयक' (Taxation Laws Amendment Bill) पर विचार-विमर्श निर्धारित है, जो विधायी प्रक्रियाओं और राजकोषीय नीति के अपडेट्स को रेखांकित करता है।
लोकसभा 'बैंकरों की पुस्तकों के साक्ष्य विधेयक, 2026' और 'कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' पर विचार करने वाली है। आयकर संशोधन अध्यादेश, 2026 को अस्वीकार करने की मांग हेतु एक प्रस्ताव पेश किया गया।
Prelims pointers (3)
Bodyलोकसभा: भारत की संसद का निचला सदन।
Act / BillBankers' Books Evidence Bill: बैंक रिकॉर्ड की साक्ष्य के रूप में स्वीकार्यता से संबंधित कानून।
Factआयकर संशोधन अध्यादेश, 2026: कार्यपालिका द्वारा प्रख्यापित एक अस्थायी कानून।
Mains angle
Q. भारतीय संसदीय प्रणाली में विधायी निरीक्षण के महत्व और अध्यादेशों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: अनुच्छेद 370 को वापस लेना और उसके परिणामस्वरूप जम्मू और कश्मीर की राज्य की स्थिति का समाप्त होना, भारत की संघीय संरचना में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक परिवर्तन को दर्शाता है।
5 अगस्त को, प्रशासन ने अनुच्छेद 370 के अंतर्गत जम्मू और कश्मीर की विशेष स्थिति को समाप्त कर दिया। 9 अगस्त को, इस क्षेत्र ने अपनी राज्य की स्थिति खो दी, जिसके साथ ही व्यापक लॉकडाउन और सैन्य तैनाती लागू की गई।
Prelims pointers (3)
Constitutionअनुच्छेद 370 मूल रूप से जम्मू और कश्मीर राज्य को विशेष स्वायत्त दर्जा प्रदान करता था।
Factविशेष स्थिति का निरसन 5 अगस्त को हुआ, जिसके बाद 9 अगस्त को राज्य का दर्जा समाप्त हो गया।
Placeराज्य पुनर्गठन के पश्चात जम्मू और कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) है।
Mains angle
Q. भारत की संघीय संरचना और जम्मू-कश्मीर के एकीकरण पर अनुच्छेद 370 के निरसन के संवैधानिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Constitutional validity
Federalism vs. Unitary powers
Security and economic integration
Human rights and civil liberties
Keywords: Federalism · Constitutional Amendment · Integration · Internal Security · Special Status
चर्चा में क्यों: लोकसभा ने सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया, जिसके माध्यम से शीर्ष न्यायालय की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव है।
यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करता है। यह विधेयक न्यायधीशों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रावधान करता है, जिससे मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल स्वीकृत संख्या 38 हो जाएगी।
Prelims pointers (4)
Act / BillSupreme Court (Number of Judges) Act, 1956: सर्वोच्च न्यायालय की संख्या को विनियमित करने वाला प्राथमिक विधान।
Factस्वीकृत संख्या: 34 से बढ़कर 38 न्यायाधीश हो गई।
Factपुइसने जज (Puisne judges): साधारण न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
Bodyलोकसभा: 3 अगस्त, 2026 को ध्वनि मत (voice vote) द्वारा विधेयक पारित किया गया।
Mains angle
Q. उच्चतम न्यायालय की स्वीकृत संख्या में वृद्धि के न्यायिक लंबित मामलों के निपटान और न्यायिक विचार-विमर्श की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: NDA संसदीय दल ने मानसून सत्र के लिए रणनीति तैयार करने हेतु बैठक की, जबकि वित्त मंत्री ने 'टैक्सेशन एंड अदर लॉ्स (अमेंडमेंट) बिल, 2026' पेश किया।
NDA संसदीय दल ने संसद पुस्तकालय भवन में 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में 'Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026' पेश किया।
Prelims pointers (4)
BodyNDA संसदीय दल: लोकसभा के भीतर सत्ताधारी गठबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाला एक राजनीतिक समूह।
Act / BillTaxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026: इसे केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किया गया।
Act / Billभारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक: केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा पेश किया गया।
Factस्थगन नोटिस (Adjournment notice): एक संसदीय उपकरण जिसका उपयोग सांसदों द्वारा किसी विशिष्ट मुद्दे, जैसे कि दल-बदल विरोधी कानूनों पर चर्चा की मांग करने के लिए किया जाता है।
Mains angle
Q. कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करने में स्थगन नोटिस और विधायी प्रक्रिया जैसी संसदीय प्रक्रियाओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि 'विवाह के समान' लिव-इन संबंधों में रहने वाली महिलाओं को IPC की धारा 498A के तहत अपने साथी या ससुराल वालों द्वारा उत्पीड़न के विरुद्ध संरक्षण प्राप्त है।
उच्चतम न्यायालय ने धारा 498A के संबंध में कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखा है। न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि यदि 'विवाह का आशय' सिद्ध होता है, तो यह संरक्षण सह-जीवन (live-in relationships) पर भी लागू होगा, जिसमें साथी या उनके रिश्तेदारों द्वारा पहुँचाई गई मानसिक या शारीरिक क्षति सम्मिलित है।
Prelims pointers (3)
Act / BillIPC की धारा 498A पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता से संबंधित है।
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय देश का सर्वोच्च न्यायिक निकाय है।
Factयह स्पष्टीकरण स्पष्ट करता है कि 'विवाह के समान' लिव-इन संबंध (live-in relationships) उक्त धारा के तहत सुरक्षा के पात्र हैं।
Mains angle
Q. भारत में लिव-इन संबंधों के संदर्भ में 'विवाह' और 'घरेलू हिंसा' की परिभाषा के न्यायिक विकास का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक असुविधा और लॉजिस्टिक संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु जंतर-मंतर के विकल्प के रूप में विरोध प्रदर्शन के लिए किसी अन्य स्थल की पहचान करनेको केंद्र को नोटिस जारी किया है।
उच्चतम न्यायालय सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों के लिए जंतर-मंतर के विकल्प के रूप में रामलीला मैदान पर विचार कर रहा है। यह याचिका सतीश चंद कौशिक द्वारा सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान और भीड़ प्रबंधन की कठिनाइयों का हवाला देते हुए दायर की गई है।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय: भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था, जो न्यायिक पुनरावलोकन (judicial review) का प्रयोग करती है।
Placeजंतर मंतर: नई दिल्ली में एक सार्वजनिक स्थान जिसका ऐतिहासिक रूप से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
Placeरामलीला मैदान: दिल्ली में एक विशाल खुला क्षेत्र जिसका उपयोग अक्सर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विरोध प्रदर्शनों के लिए किया जाता है।
Mains angle
Q. विरोध करने के मौलिक अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने तथा शहरी बुनियादी ढांचे के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के राज्य के दायित्व के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
Right to peaceful assembly vs. public convenience
Urban planning and crowd management
Role of judiciary in balancing competing rights
Keywords: Right to Protest · Public Order · Judicial Review · Urban Management · Constitutional Balance
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने सरकार द्वारा कानूनी कार्रवाई न करने के आश्वासन के पश्चात दिल्ली और अन्य राज्यों को विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामलों को वापस लेने की अनुमति प्रदान की है, जो विरोध के अधिकार और कानून प्रवर्तन के मध्य संतुलन को रेखांकित करता है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी (FIR) को वापस लेने पर निर्णय दिया। जुलाई में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मार्च के दौरान हुई हिंसा की 20 घटनाओं की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन करने का आदेश दिया गया।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय: देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
Factन्यायालय ने जुलाई के 20 विशिष्ट हिंसा की घटनाओं की जांच का आदेश दिया।
Postसॉलिसिटर जनरल: भारत सरकार के सर्वोच्च पदस्थ विधि अधिकारी।
Mains angle
Q. शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था एवं कानून के शासन को बनाए रखने के राज्य के कर्तव्य के बीच संवैधानिक संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
Fundamental rights vs. Public order
Judicial oversight of executive actions
Rule of law and criminal antecedents
Keywords: Right to Protest · Rule of Law · Judicial Review · Public Order · Criminal Antecedents
चर्चा में क्यों: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 5(ii) की वैधता को बरकरार रखा है, जो 'प्रिवी पर्स' के उन्मूलन के बावजूद कुछ शाही संपत्तियों को विभाजन से सुरक्षा प्रदान करती है।
न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि राजसी विशेषाधिकारों को समाप्त करने वाले संवैधानिक संशोधन स्वतः ही निजी संपत्ति उत्तराधिकार कानूनों को अमान्य नहीं करते हैं। यह निर्णय विशेष रूप से पूर्व राजपरिवारों की संपत्तियों के संबंध में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 5(ii) से संबंधित था।
Prelims pointers (3)
Act / BillHindu Succession Act, 1956: यह हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों के उत्तराधिकार अधिकारों को नियंत्रित करता है।
Constitutionप्रिवी पर्स: 26वें संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा समाप्त।
Bodyकर्नाटक उच्च न्यायालय: कर्नाटक राज्य की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
Mains angle
Q. भारतीय संविधान के अंतर्गत राजसी विशेषाधिकारों के उन्मूलन और निजी संपत्ति के अधिकारों के संरक्षण के मध्य विद्यमान तनाव का विश्लेषण कीजिए।
Constitutional validity of property rights
Impact of 26th Amendment
Judicial interpretation of 'privy purses' vs 'private estate'
Keywords: Constitutional Amendment · Property Rights · Judicial Review · Privy Purse · Succession Law
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक कार्यवाही के लाइवस्ट्रीम अभिलेखागार (archives) तक पहुंच को विनियमित करने के लिए एक प्रोटोकॉल की घोषणा की है, ताकि उनके व्यावसायिक शोषण और दुरुपयोग को रोका जा सके।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 31 जुलाई, 2026 को इस प्रोटोकॉल की घोषणा की। यह कदम 24 जुलाई के उस अंतरिम आदेश के अनुसरण में उठाया गया है, जिसमें वाणिज्यिक शोषण को रोकनेके उद्देश्य से डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर न्यायालय की कार्यवाही के प्रसार पर प्रतिबंध लगाया गया था।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय: भारत का सर्वोच्च न्यायिक मंच।
Factयह प्रोटोकॉल सर्वोच्च न्यायालय और राज्य उच्च न्यायालयों के लाइवस्ट्रीम के अभिलेखागार को विनियमित करने का लक्ष्य रखता है।
Factयह कदम 24 जुलाई, 2026 के एक अंतरिम आदेश के बाद शुरू किया गया था।
Mains angle
Q. डिजिटल युग में 'खुली न्याय प्रणाली' के सिद्धांत और न्यायिक कार्यवाही के व्यावसायिक शोषण को रोकने की आवश्यकता के बीच उत्पन्न तनाव का विश्लेषण कीजिए।
Right to Information vs. Judicial Integrity
Commercialization of Judiciary
Digital Governance of Courts
Way forward: Balanced access protocols
Keywords: Open Justice · Commercial Exploitation · Judicial Transparency · Digital Archives · Public Accountability
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित 2023 के अधिनियम की संवैधानिकता की समीक्षा की।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग (CEC) के लिए वर्तमान चयन समिति में प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं। उच्चतम न्यायालय उस अधिनियम की समीक्षा कर रहा है जिसने इस चयन प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया है।
Prelims pointers (3)
Bodyमुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) भारत निर्वाचन आयोग के प्रमुख होते हैं।
Constitutionभारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है जिसकी स्थापना अनुच्छेद 324 के तहत की गई है।
Bodyआर्कटिक काउंसिल (Arctic Council) आर्कटिक सहयोग के लिए एक अंतर-सरकारी मंच है।
Mains angle
Q. भारत के निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता पर वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) की नियुक्ति प्रक्रिया के निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति मुर्मू ने 'महाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2026' को अपनी स्वीकृति प्रदान की है, जिसका उद्देश्य धार्मिक धर्मांतरण को विनियमित करना और जबरन किए जाने वाले धर्मांतरण के विरुद्ध दंड का प्रावधान करना है।
यह अधिनियम रूपांतरण से पूर्व जिला मजिस्ट्रेटों को 60 दिनों का पूर्व नोटिस देना अनिवार्य करता है। उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को सात वर्ष तक के कारावास का सामना करना पड़ सकता है, जो पुनरावृत्ति की स्थिति में बढ़कर दस वर्ष हो जाता है।
Prelims pointers (3)
Act / Billमहाराष्ट्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2026: यह जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक लगाता है और जिला मजिस्ट्रेटों को 60 दिनों का नोटिस देना अनिवार्य बनाता है।
Factधर्मांतरण उल्लंघन के लिए दंड: प्रथम अपराध के लिए 7 वर्ष तक; पुनरावृत्ति के मामलों में 10 वर्ष तक।
Postराज्यपाल C P Radhakrishnan: राष्ट्रपति की सहमति के पश्चात अधिसूचना हेतु विधेयक को राज्य सरकार को अग्रेषित किया।
Mains angle
Q. धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार और धोखाधड़ी वाली प्रथाओं को रोकने के लिए धर्म परिवर्तन को विनियमित करने की राज्य की शक्ति के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
Fundamental Rights vs. Public Order
Role of District Administration
Prevention of fraud vs. individual liberty
Keywords: Coercive conversion · Legislative oversight · Public order · Religious freedom
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने न्यायाधीशों के चयन हेतु जिम्मेदार पैनल से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को बाहर करने के संबंध में केंद्र सरकार से प्रश्न किया है।
उच्चतम न्यायालय न्यायिक चयन समिति की संरचना के संबंध में स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है। यह प्रश्न न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश (CJI) की संवैधानिक और कार्यात्मक भूमिका पर केंद्रित है।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भारत के सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी हैं।
Constitutionन्यायिक नियुक्तियाँ Collegium प्रणाली और Memorandum of Procedure द्वारा शासित होती हैं।
Factउच्चतम न्यायालय भारतीय न्यायपालिका का शीर्ष न्यायालय है।
Mains angle
Q. न्यायिक नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और न्यायिक चयन में पारदर्शिता के महत्व पर चर्चा कीजिए।
Independence of Judiciary
Transparency vs. Collegium
Constitutional propriety
Keywords: Judicial Independence · Transparency · Collegium System · Separation of Powers
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक व्यवस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भोजशाला परिसर के निकट स्थित एक दरगाह में शुक्रवार की नमाज की अनुमति प्रदान करनेके लिए हस्तक्षेप किया।
उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को भोजशाला परिसर के समीप स्थित एक दरगाह में दोपहर 1 बजे से 3 बजे के मध्य शुक्रवार की नमाज की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय मुस्लिम समुदाय द्वारा अनुपयुक्त स्थल के आवंटन के संबंध में लगाए गए आरोपों के उपरांत पारित किया गया है।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय: देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
Placeभोजशाला परिसर: मध्य प्रदेश में स्थित है।
Factप्रार्थना की अवधि: न्यायालय के निर्देशानुसार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक।
Mains angle
Q. धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के राज्य के कर्तव्य के बीच संतुलन स्थापित करने में न्यायपालिका की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Article 25 and 26 rights
State's police power
Secularism and communal harmony
Judicial activism vs. oversight
Keywords: Religious Freedom · Public Order · Judicial Intervention · Secularism · Fundamental Rights
चर्चा में क्यों: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), आधार (Aadhaar) और PAN कार्ड का स्वामित्व भारतीय नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाएगा।
न्यायालय ने सुमन मोल्ला द्वारा अपने भतीजे नासिर के संबंध में दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण (habeas corpus) याचिका को खारिज कर दिया, जिसे मतदाता सूची से उसका नाम हटाए जाने के पश्चात हिरासत में लिया गया था। न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि नागरिकता की स्थिति स्थापित करनेके लिए ये तीन दस्तावेज़ अपर्याप्त हैं।
Prelims pointers (4)
FactAadhaar, UIDAI द्वारा जारी किया गया 12-अंकों का एक विशिष्ट पहचान संख्या है।
FactPAN (Permanent Account Number) आयकर विभाग द्वारा जारी एक अल्फ़ान्यूमेरिक (alphanumeric) पहचानकर्ता है।
FactVoter ID कार्ड Election Commission of India (ECI) द्वारा जारी किए जाते हैं।
FactHabeas corpus एक रिट है जो न्यायालय द्वारा किसी हिरासत में लिए गए व्यक्ति को प्रस्तुत करनेके लिए जारी की जाती है।
Mains angle
Q. भारत में नागरिकता की स्थिति निर्धारित करने के लिए आधार और पैन जैसे पहचान दस्तावेजों के उपयोग के कानूनी निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Legal ambiguity of identity vs. citizenship
Privacy and data integrity
Need for a robust citizenship verification framework
Keywords: Habeas Corpus · Citizenship Status · Identity Verification · Judicial Interpretation
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने लिफ्टों को 'कॉमन कैरियर' (common carriers) के रूप में वर्गीकृत करते हुए लिफ्ट दुर्घटनाओं में उत्तरदायित्व को स्पष्ट किया है, जिससे निर्माताओं, रखरखाव एजेंसियों और स्वामियों के बीच साझा जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है।
उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2003 की एक दुर्घटना के लिए 9% ब्याज के साथ 3.01 करोड़ रुपये के मुआवजे को बरकरार रखा। इस मामले में देयता का निर्धारण Otis Elevator Company (India) Ltd को 70%, Military Engineering Services को 25% और संबंधित सरकारी विभाग को 5% के अनुपात में किया गया।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का उच्चतम न्यायालय: भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
FactCommon Carrier: वह व्यक्ति या इकाई जो किराए के लिए वस्तुओं या व्यक्तियों का परिवहन करती है, जिसे देखभाल के उच्च मानक (higher standard of care) के लिए उत्तरदायी ठहराया जाता है।
Factन्यायालय ने 9% ब्याज के साथ 3.01 करोड़ रुपये के मुआवजे को बरकरार रखा।
Mains angle
Q. भारत में सार्वजनिक सुरक्षा बुनियादी ढांचे और उपभोक्ता संरक्षण के संदर्भ में दायित्व निर्धारण हेतु 'सामान्य वाहक' (common carrier) सिद्धांत के महत्व पर चर्चा कीजिए।
Legal liability of private vs public entities
Consumer protection rights
Standard of care for public infrastructure
Judicial activism in safety norms
Keywords: Common Carrier · Liability · Consumer Protection · Judicial Precedent · Public Safety
चर्चा में क्यों: बॉम्बे उच्च न्यायालय ने SDPI सदस्यों के विरुद्ध निष्कासन आदेशों की वैधता पर प्रश्न उठाए हैं, जो संभावित रूप से सार्वजनिक व्यवस्था और मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन को रेखांकित करता है।
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 56 और 58 के अंतर्गत जारी किए गए बहिष्करण आदेशों की सूक्ष्मता से समीक्षा की। न्यायालय ने यह टिप्पणी की कि तीन सदस्यों के विरुद्ध जारी आदेशों को अवैध, चयनात्मक और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने के कारण निरस्त कर दिया गया।
Prelims pointers (3)
Act / Billमहाराष्ट्र पुलिस अधिनियम: पुलिस शक्तियों और सार्वजनिक व्यवस्था को नियंत्रित करने वाला राज्य विधान।
Constitutionमौलिक अधिकार: न्यायालय ने इन अधिकारों के उल्लंघन को आदेशों को रद्द करने के आधार के रूप में उद्धृत किया।
Factधारा 56 और 58: बहिष्करण (externment) के लिए उपयोग किए जाने वाले महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के विशिष्ट प्रावधान।
Mains angle
Q. जब निर्वासन (externment) जैसे प्रशासनिक आदेशों को धार्मिक पहचान के आधार पर चयनात्मक या भेदभावपूर्ण माना जाता है, तब उनकी संवैधानिक वैधता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Right to freedom of movement
Doctrine of proportionality
Prevention of arbitrary state action
Rule of Law
Keywords: Fundamental Rights · Arbitrary Action · Proportionality · Rule of Law · Selective Enforcement
चर्चा में क्यों: राज्यसभा ने 'वन्दे मातरम्' गाने में जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न करने को अपराध की श्रेणी में लानेके लिए 'राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित किया।
यह विधेयक 30 जुलाई, 2026 को राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था। यह राष्ट्रीय गान के जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न करने के लिए तीन वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों के दंड का प्रस्ताव करता है।
Prelims pointers (3)
Act / Billराष्ट्रीय गौरव के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026।
Factवन्दे मातरम् के जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न करने के लिए अधिकतम दंड 3 वर्ष का कारावास है।
Postहरिवंश ने कार्यवाही के दौरान राज्यसभा के उपसभापति के रूप में कार्य किया।
Mains angle
Q. राष्ट्रीय प्रतीकों के संरक्षण में विधायी उपायों के महत्व और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा तथा विरोध के अधिकार के बीच संतुलन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
constitutional validity of national symbols
freedom of speech vs national integrity
legislative procedure and parliamentary decorum
Keywords: National Honour · Legislative Procedure · Freedom of Speech · Parliamentary Oversight
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच संतुलन स्थापित करनेके लिए हस्तक्षेप किया और FIR की प्रक्रियात्मक वैधता तथा पुलिस द्वारा किए गए दबाव पर निर्णय दिया।
28 जुलाई, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि राज्य सरकारें छात्र प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी (FIR) की जांच कर सकती हैं, किंतु बिना आपराधिक इतिहास वाले व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि न्यायिक जांच के बिना एकपक्षीय रूप से प्राथमिकी रद्द नहीं की जा सकती।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय: देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
FactFIR (First Information Report): वह दस्तावेज़ जो पुलिस द्वारा संज्ञेय अपराध (cognizable offense) के बारे में सूचना प्राप्त होने पर तैयार किया जाता है।
PostSolicitor-General: भारत सरकार में सर्वोच्च पदस्थ विधि अधिकारी।
Mains angle
Q. छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य की शक्ति और मौलिक अधिकारों के संरक्षण के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
Right to protest vs. Public Order
Judicial oversight of police actions
Procedural safeguards in FIR registration
Keywords: Judicial Review · Due Process · Public Order · Fundamental Rights · Coercive Action
चर्चा में क्यों: न्यायालय और अधिवक्ताओं के मध्य होने वाले प्रशासनिक संवाद की सार्वजनिक रिपोर्टिंग को रोकनेके उद्देश्य से, उच्चतम न्यायालय ने मौखिक उल्लेख (oral mentionings) के दौरान लाइव ऑडियो को म्यूट कर दिया।
25 जुलाई, 2026 को, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के समक्ष 'मेंशनिंग' (mentioning) के दौरान कोर्ट 1 में सर्वोच्च न्यायालय के लाइव-स्ट्रीम ऑडियो को रोक दिया गया। यह निर्णय मुख्य न्यायाधीश के उस दृष्टिकोण के अनुरूप लिया गया कि 'मेंशनिंग' एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, न कि सार्वजनिक रिपोर्टिंग का विषय।
Prelims pointers (3)
Bodyभारत का सर्वोच्च न्यायालय देश का सर्वोच्च न्यायिक निकाय है।
Factन्यायालय की कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग न्यायिक पारदर्शिता के लिए एक तंत्र है।
Postभारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भारतीय न्यायपालिका में सर्वोच्च पद के न्यायाधीश होते हैं।
Mains angle
Q. उच्चतर न्यायपालिका के भीतर प्रशासनिक कार्यवाहियों में न्यायिक पारदर्शिता के सिद्धांत और गोपनीयता की आवश्यकता के बीच उत्पन्न होने वाले तनाव का विश्लेषण कीजिए।
Right to Information vs. Judicial Privacy
Impact on public trust
Standardization of live-streaming protocols
Keywords: Judicial Transparency · Administrative Exercise · Public Accountability · Right to Information
चर्चा में क्यों: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दो वयस्क व्यक्तियों की आपसी सहमति से संपन्न कराए गए विवाह की जाँच करने के लिए पुलिस अधिकारियों पर जुर्माना लगाया और इस बात पर बल दिया कि पुलिस को व्यक्तिगत विकल्पों के बजाय अपराधों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपहरण के आरोप में एक महिला के पिता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने दो वयस्क व्यक्तियों के मध्य आपसी सहमति से संपन्न विवाह की जांच कर अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करने के कारण भदोही के पुलिस अधीक्षक और सुरियवान के थाना प्रभारी (SHO) पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया है।
Prelims pointers (3)
Placeइलाहाबाद उच्च न्यायालय: यह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित है।
FactSP और SHO पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया गया।
Factदोनों साथी स्नातकोत्तर (postgraduates) और सहमत वयस्क (आयु 28 और 27 वर्ष) थे।
Mains angle
Q. व्यक्तिगत मामलों में पुलिस के मनमाने हस्तक्षेप के विरुद्ध व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करने में न्यायपालिका की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
Right to privacy and personal autonomy
Police mandate vs. personal liberty
Judicial oversight of executive actions
Keywords: Individual Liberty · Judicial Activism · Police Overreach · Right to Privacy · Rule of Law