3.16 करोड़ ग्राहकों के लिए अनिवार्य आधार ऑथेंटिकेशन पर दिल्ली हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया
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निजता बनाम डिजिटल पहचान: न्यायिक समीक्षा और डेटा सुरक्षा पर GS2 का एक प्रमुख केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
दिल्ली हाई कोर्ट ने 3.16 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (biometric Aadhaar authentication) को चुनौती देने वाली एक PIL पर केंद्र और तेल कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं।
पृष्ठभूमि
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की दिल्ली हाई कोर्ट की बेंच द्वारा पुलकित लूथरा द्वारा दायर एक PIL पर सुनवाई की जा रही है। यह याचिका तेल कंपनियों द्वारा 3.16 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (biometric Aadhaar authentication) की अनिवार्यता को चुनौती देती है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थादिल्ली हाई कोर्ट: आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar authentication) से संबंधित याचिका की निगरानी करने वाली न्यायिक संस्था।
- तथ्य3.16 करोड़: अनिवार्य Aadhaar ऑथेंटिकेशन पॉलिसी से प्रभावित उपभोक्ताओं की संख्या।
- पदअटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमण: उन्होंने इस पॉलिसी के बचाव में केंद्र का प्रतिनिधित्व किया।
- संस्थापेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board): कोर्ट द्वारा नोटिस जारी करने वाली संस्थाओं में से एक।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
दिल्ली हाई कोर्ट ने आधार ऑथेंटिकेशन पॉलिसी (Aadhaar authentication policy) के संबंध में किस बॉडी को नोटिस जारी किया था?
- (a)पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड
- (b)भारतीय रिज़र्व बैंक
- (c)सेक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया
- (d)इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
उत्तर देखें
उत्तर: (a) पेट्रोलियम और नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड — यह नोट पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board) को उन निकायों में से एक के रूप में पहचानता है जिन्हें कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: डिजिटल पहचान सत्यापन के राज्य के उद्देश्य और व्यक्तिगत गोपनीयता एवं डेटा संरक्षण के अधिकार के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- प्राइवेसी-सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: सब्सिडी लीकेज रोकने के लिए राज्य की ज़रूरत और बायोमेट्रिक डेटा ब्रीच के जोखिम के बीच संतुलन
- डिजिटल एक्सक्लूजन: बायोमेट्रिक-इनेबल्ड डिवाइस तक पहुंच न होने के कारण ग्रामीण और बुजुर्ग आबादी के हाशिए पर जाने का खतरा
- डेटा सॉवरेन्टी: करोड़ों लोगों के संवेदनशील बायोमेट्रिक डेटा के सेंट्रलाइज्ड स्टोरेज और अनधिकृत एक्सेस पर चिंताएं
मुख्य शब्द: निजता का अधिकार · डेटा प्रोटेक्शन · डिजिटल इन्क्लूजन · बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन · न्यायिक समीक्षा
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।