हमारे यूपीएससी नोट्स कैसे बनते हैं
हमारे यूपीएससी करेंट अफेयर्स नोट्स कहां से आते हैं, कैसे लिखे और मूल खबर से कैसे जांचे जाते हैं, हिंदी नोट्स कैसे बनते हैं, और गलती कैसे बताएं।
स्रोत
हर नोट किसी भारतीय या अंतर्राष्ट्रीय समाचार संस्थान की छपी खबर से शुरू होता है (ज़्यादातर द हिंदू, एनडीटीवी, इकोनॉमिक टाइम्स, अल जज़ीरा, बीबीसी, टाइम्स ऑफ इंडिया)। हर नोट में मूल खबर का लिंक होता है। हम खबरें कॉपी नहीं करते: हर नोट परीक्षा के फॉर्मेट में नए सिरे से लिखा जाता है।
परीक्षा के लिए क्या ज़रूरी है
हर नई खबर को यूपीएससी सिविल सेवा पाठ्यक्रम (जीएस1–जीएस4) से मिलाया जाता है। सिर्फ परीक्षा के लिए उपयोगी खबरें नोट बनती हैं; हर नोट पर जीएस पेपर, विषय और पाठ्यक्रम का टॉपिक लिखा होता है, और यह भी कि वह प्रीलिम्स, मेन्स या दोनों के लिए है।
नोट लिखना
नोट्स का पहला ड्राफ्ट हमारी अपनी पाइपलाइन पर चलने वाला एक ओपन एआई लैंग्वेज मॉडल एक तय फॉर्मेट में लिखता है: खबर चर्चा में क्यों है, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, एक मेन्स प्रश्न और उत्तर के आयाम।
छपने से पहले जांच
हर नोट को उसकी मूल खबर से कोड द्वारा जांचा जाता है: संख्याएं, वर्ष, राज्य और संस्थाओं (अदालत, आयोग, मंत्रालय) के नाम खबर में होने चाहिए, नहीं तो वह वाक्य हटा दिया जाता है। अधूरे वाक्य वाले नोट नहीं दिखाए जाते, और एक ही खबर के कई नोट एक साथ दिखाए जाते हैं। प्रॉम्प्ट में बदलाव लागू होने से पहले पुरानी खबरों के एक तय सेट पर परखा जाता है।
हिंदी नोट्स
हिंदी नोट्स अंग्रेज़ी नोट्स का अनुवाद हैं, उस हिंदी में जो अखबार और कोचिंग नोट्स में लिखी जाती है। संख्याएं, नाम और आधिकारिक शब्द अंग्रेज़ी पाठ से मिलाए जाते हैं; जो नोट जांच में पास नहीं होता, वह हिंदी में नहीं दिखाया जाता।
गलतियां और सुधार
नोट्स में फिर भी गलती हो सकती है। हर नोट पर "गलती बताएँ" लिंक है; आप [email protected] पर भी लिख सकते हैं। गलती की पुष्टि होते ही सुधार किया जाता है। उत्तर में इस्तेमाल करने से पहले तथ्यों को मूल खबर या पीआईबी से ज़रूर मिलाएं।
स्वतंत्रता
सत्यधीश एक मुफ़्त, गैर-व्यावसायिक प्रोजेक्ट है। हमारा किसी अखबार, कोचिंग संस्थान या राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है, और नोट्स में कोई विज्ञापन नहीं है।