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GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: भारत ने पहले BIMSTEC गृह मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की, जहाँ सदस्य देशों ने कट्टरपंथ, आतंकवाद और अवैध वित्तपोषण (Illicit Financing) से निपटने के लिए 'दिल्ली घोषणा' पर हस्ताक्षर किए।
यह बैठक 13 अक्टूबर, 2026 को भारत में आयोजित की गई। दिल्ली घोषणा (Delhi Declaration) में नशीली दवाओं के नियंत्रण और साइबर-सुरक्षा सहित पांच सहयोग क्षेत्रों की पहचान की गई है। प्रमुख उपस्थित लोगों में अमित शाह (भारत), मंज़ूर मोर्शेद चौधरी (बांग्लादेश) और सुधन गुरुंग (नेपाल) शामिल थे।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यदिल्ली डिक्लेरेशन (Delhi Declaration) में ड्रग कंट्रोल और साइबर-सिक्योरिटी (cyber-security) सहित पांच सहयोग क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- स्थानबांग्लादेश और नेपाल BIMSTEC ब्लॉक के सदस्य देश हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों के विरुद्ध बिम्सटेक (BIMSTEC) सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने में दिल्ली घोषणापत्र के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संस्थागत तालमेल: आतंकवाद विरोधी और साइबर-सुरक्षा प्रोटोकॉल को सिंक्रोनाइज़ करने के लिए BIMSTEC फ्रेमवर्क का लाभ उठाना
- ट्रांसनेशनल क्राइम: अवैध फाइनेंसिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग को साझा क्षेत्रीय सुरक्षा कमज़ोरियों के रूप में संबोधित करना
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय सहयोग · गैर-पारंपरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी · ट्रांसनेशनल क्राइम · दिल्ली घोषणा
चर्चा में क्यों: चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों (strategic locations) को मानक नाम देने के भारत के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने दावा किया कि ये क्षेत्र चीन के हैं।
2 अक्टूबर, 2026 को भारत के गृह मंत्रालय ने आधिकारिक भारतीय मानचित्र पर लद्दाख में 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक रूप से चिह्नित किया। इनमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control - LAC) के साथ स्थित गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे प्रमुख सीमा विवाद बिंदु शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- स्थानगोग्रा और हॉट स्प्रिंग: लद्दाख में LAC के साथ रणनीतिक स्थान और घर्षण बिंदु (friction points)।
- तथ्यभारत ने लद्दाख में मानकीकृत नामकरण (standardized naming) के लिए 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं की पहचान की है।
- स्थानपंगोंग लेक: 5 मई, 2020 को भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गतिरोध (standoff) का स्थल।
- स्थानअलीशा गिरी, कनिष्क पीक और जोरावर पीक: लद्दाख नामकरण सूची में पहचाने गए विशिष्ट उच्च-ऊंचाई वाले शिखर/स्थान।
- तथ्यभारतीय और चीनी सेनाओं के बीच डिसइंगेजमेंट (Disengagement) प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा विवादों में मानचित्रों के नामकरण और भौगोलिक विशेषताओं के मानकीकरण किस प्रकार संप्रभुता के उपकरण और रणनीतिक संकेत के रूप में कार्य करते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।
- कार्टोग्राफिक संप्रभुता: विवादित क्षेत्रों पर प्रशासनिक नियंत्रण और कानूनी दावे के लिए मानकीकृत नामकरण का उपयोग
- स्ट्रेटेजिक सिग्नलिंग: वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के घर्षण बिंदुओं पर 'डी फैक्टो' नियंत्रण मजबूत करने के लिए मैपिंग एक नॉन-काइनेटिक तरीका है
- डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े द्विपक्षीय सीमा समझौतों और एकपक्षीय प्रशासनिक कार्रवाइयों के बीच टकराव
मुख्य शब्द: मानचित्र संबंधी संप्रभुता · वास्तविक नियंत्रण रेखा · स्ट्रेटेजिक सिग्नलिंग · क्षेत्रीय अखंडता · सीमा प्रबंधन
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने BIMSTEC देशों के लिए एक साझा प्रोटोकॉल और एक राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस का प्रस्ताव दिया है, ताकि आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ रियल-टाइम इंटेलिजेंस (real-time intelligence) साझा की जा सके।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 अक्टूबर, 2026 को BIMSTEC देशों के बीच पहली बार गृह मंत्रियों/गृह सचिव स्तर की वार्ता आयोजित की। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग (real-time intelligence sharing) को सुगम बनाना है, ताकि नार्को-ट्रेड, मानव तस्करी और साइबर स्लेवेरी (cyber slavery) से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यBIMSTEC सदस्य देशों में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
- पदअमित शाह: भारत के केंद्रीय गृह मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में साइबर गुलामी और नार्को-व्यापार जैसे गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने में बिम्सटेक (BIMSTEC) के माध्यम से क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- इंटेलिजेंस इंटीग्रेशन: अलग-अलग नेशनल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और डेटा प्राइवेसी कानूनों में तालमेल की चुनौतियां
- क्षेत्रीय स्थिरता: सामूहिक समुद्री और ज़मीनी सीमा निगरानी के ज़रिए ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम का मुकाबला
- संस्थागत बाधा: संप्रभु इंटेलिजेंस गोपनीयता और रियल-टाइम मल्टीलैटरल डेटा शेयरिंग की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: गैर-पारंपरिक सुरक्षा · ट्रांसनेशनल क्राइम · इंटेलिजेंस शेयरिंग · क्षेत्रीय सहयोग · साइबर स्लेवरी
चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने जून 2025 में शुरू हुए एक विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान लगभग 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए, जिसकी प्रक्रियात्मक खामियों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
निर्वाचन आयोग (ECI) ने जून 2025 से तीन चरणों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) शुरू किया। हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं में से 9.5 करोड़ को 'अनुपस्थित, स्थानांतरित और अन्य' की श्रेणी में रखा गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाECI: मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- तथ्यतीन चरणों वाले SIR के दौरान ECI द्वारा हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या 13.3 करोड़ है।
- तथ्य9.5 करोड़: 'absent, shifted and others' कैटेगरी के तहत विशेष रूप से हटाए गए मतदाताओं की संख्या।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने और पात्र मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने को रोकने के लिए मतदाता सूची के संशोधन में आवश्यक प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- डेटा इंटीग्रिटी: बड़े पैमाने पर मतदाता सूची हटाने में सॉफ्टवेयर की कमियों और मजबूत ऑडिट ट्रेल्स की कमी के जोखिम
- प्रक्रियात्मक पारदर्शिता: मतदाताओं को मनमाने ढंग से बाहर होने से बचाने के लिए नागरिकता सत्यापन के स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की ज़रूरत
- प्रशासनिक निगरानी: गहन पुनरीक्षण की कुशलता और स्थानांतरित या अनुपस्थित नागरिकों के मताधिकार के अधिकार के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · अधिकारों से वंचित करना · प्रक्रियात्मक पारदर्शिता · ऑडिट ट्रेल · मतदाता का अधिकार
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 15-16 अक्टूबर को विशेष कैंप आयोजित करने की घोषणा की है, ताकि फॉर्म-6 का उपयोग करके छूटे हुए और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं का पंजीकरण सुगम बनाया जा सके।
निर्वाचन आयोग (ECI) ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) को नामांकन प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया है। बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) को एक महीने तक साप्ताहिक रूप से 20-25 मतदाताओं के घर जाने का आदेश दिया गया है, और मतदाता सूची 7 नवंबर तक खुली रहेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यफॉर्म-6: नए वोटरों को नामांकित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला विशिष्ट आवेदन फॉर्म।
- पदचीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO): चुनाव मशीनरी की निगरानी करने वाला राज्य-स्तरीय अधिकारी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समावेशी चुनावी भागीदारी और मतदाता सूची की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए उपायों की चर्चा कीजिए।
- लॉजिस्टिक बॉटलनेक: BLOs द्वारा मैनुअल वेरिफिकेशन के लिए दूरदराज के मतदाताओं तक पहुँचने में चुनौतियाँ
- डेटा इंटीग्रिटी: बड़े पैमाने पर नामांकन अभियान के दौरान डुप्लिकेट एंट्री या धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन के जोखिम
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · मतदाता सूची · समावेशी लोकतंत्र · प्रशासनिक मशीनरी
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › वैधानिक, नियामक एवं अर्ध-न्यायिक संस्थाएंप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: स्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन (SIC) ने कोच्चि कॉर्पोरेशन से स्पष्टीकरण मांगा है, क्योंकि इस संस्था ने बार-बार RTI लगाने वाले आवेदकों का विवरण विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो को सौंप दिया है।
कोच्चि कॉर्पोरेशन, जिसकी अध्यक्षता मेयर वी.के. कर रहे हैं, ने आवेदनों पर रोक लगाने के विरुद्ध तर्क देने के लिए अनुच्छेद 19(1)(a) और सुप्रीम कोर्ट के CBSE बनाम बंदोपाध्याय और अन्य (Bandhopadhyay and Others) मामले का हवाला दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थास्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन (SIC) राज्य में RTI अनुपालन की निगरानी करने वाली संस्था है।
- संस्थाविजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो वह एजेंसी है जिसे कोच्चि कॉर्पोरेशन ने आवेदक का विवरण सौंपा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूचना के अधिकार के बार-बार किए जाने वाले आवेदनों के संदर्भ में, प्रशासनिक सुरक्षा और सूचना के मौलिक अधिकार के मध्य उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का विश्लेषण कीजिए।
- संवैधानिक टकराव: अनुच्छेद 19(1) के तहत सूचना के अधिकार और दुरुपयोग की प्रशासनिक चिंताओं के बीच संतुलन
- संस्थागत निगरानी: RTI आवेदकों के खिलाफ कार्यकारी अतिरेक को रोकने में स्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन की भूमिका
मुख्य शब्द: सूचना का अधिकार · प्रशासनिक विवेकाधिकार · संवैधानिकवाद · पारदर्शिता · कार्यपालिका की अतिरेक
चर्चा में क्यों: पारदर्शिता कार्यकर्ताओं अंजलि भारद्वाज और अमृता जोहरी ने दिल्ली विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) से 47,56,722 मतदाताओं को बाहर करने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।
याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि 'ASDD' श्रेणी के तहत बाहर किए गए मतदाताओं को अपने नाम को पुन: शामिल करने के लिए फॉर्म 6 का उपयोग करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यह विसंगति जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act - RPA), 1950 का उल्लंघन करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- अधिनियम / विधेयकरिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट (RPA), 1950: यह निर्वाचकों के पंजीकरण और चुनावों के संचालन को नियंत्रित करता है।
- तथ्यदिल्ली रिवीजन में रिपोर्ट के अनुसार, ‘ASDD’ कैटेगरी के तहत 47,56,722 मतदाताओं को बाहर रखा गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को बनाए रखने में एक समावेशी और त्रुटिहीन मतदाता सूची सुनिश्चित करने के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- प्रक्रियात्मक बाधा: फॉर्म 6 की जटिलता से पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के अधिकार छिनने की संभावना
- साविधिक उल्लंघन: प्रशासनिक पुनरीक्षण श्रेणियों और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1950 के बीच टकराव
- डेटा इंटीग्रिटी: बड़े पैमाने पर डिजिटल और मैनुअल मतदाता सूची पुनरीक्षण में सिस्टमैटिक विसंगतियों के जोखिम
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · मतदाता सूची · जनप्रतिनिधित्व अधिनियम · अधिकारों से वंचित करना · प्रशासनिक विसंगति
चर्चा में क्यों: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चेक रक्षा मंत्री कारेल हाव्लिचेक ने औद्योगिक सहयोग के विस्तार के लिए भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति (India-Czech Joint Defence Committee) को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है।
द्विपक्षीय वार्ता 13 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। यह समझौता रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त उद्यमों (Joint Ventures) पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदराजनाथ सिंह: भारत के रक्षा मंत्री।
- पदकारेल हवलिचेक (Karel Havlíček): चेक रिपब्लिक के रक्षा मंत्री।
- तथ्यइंडिया-चेक जॉइंट डिफेंस कमेटी: डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन के लिए द्विपक्षीय निकाय।
- स्थाननई दिल्ली: द्विपक्षीय वार्ता का स्थल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करना रणनीतिक क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के भारत के उद्देश्य के साथ किस प्रकार संरेखित होता है, चर्चा कीजिए।
- सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: डिफेंस कंपोनेंट्स के लिए लोकल जॉइंट वेंचर्स बनाकर आयात पर निर्भरता कम करना
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन · आत्मनिर्भर भारत · जॉइंट वेंचर्स · द्विपक्षीय संबंध
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के पालन में, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची को अपडेट करने और 58 लाख पात्र मतदाताओं को शामिल करने के लिए 24 जिलों में एक विशेष अभियान शुरू किया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) के कार्यालय ने 58 लाख से अधिक ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या हटाए गए) मतदाताओं की पहचान की है। इसमें 24.16 लाख मृत व्यक्ति और 32.65 लाख ऐसे मतदाता शामिल हैं जो स्थानांतरित हो गए हैं या अनुपस्थित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) मतदाता सूची के रखरखाव के लिए निर्देश प्रदान करता है।
- तथ्यपश्चिम बंगाल ने शामिल करने/सुधार के लिए 58 लाख ASDD वोटरों की पहचान की है।
- तथ्यASDD कैटेगरी में 24.16 लाख मृत और 32.65 लाख शिफ्टेड/एब्सेंट (shifted/absent) वोटर्स शामिल हैं।
- तथ्यफॉर्म 6 मतदाता सूची में मतदाताओं को शामिल करने के लिए उपयोग किया जाने वाला आवेदन है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में सटीक मतदाता सूची बनाए रखने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- डेटा इंटीग्रिटी: मतदाता सूची से मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर 'घोस्ट वोटिंग' को रोकना
- समावेशिता: फॉर्म 6 आवेदन के ज़रिए पात्र नागरिकों के लिए मताधिकार तक आसान पहुँच सुनिश्चित करना
- प्रशासनिक दक्षता: ग्रासरूट स्तर पर ECI के निर्देशों को लागू करने में डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर्स की भूमिका
मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · मतदाता जागरूकता · प्रशासनिक विकेंद्रीकरण · लोकतंत्र
चर्चा में क्यों: कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 17% और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 7% करने के फैसले को रद्द कर दिया है।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षण को 15% से बढ़ाकर 17% और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण को 3% से बढ़ाकर 7% करने के फैसले को रद्द कर दिया है। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने पुष्टि की है कि कैबिनेट इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील पर विचार करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकर्नाटक हाई कोर्ट ने SC आरक्षण को बढ़ाकर 17% करने के फैसले को रद्द कर दिया।
- तथ्यकर्नाटक हाई कोर्ट ने ST आरक्षण को बढ़ाकर 7% करने के फैसले को रद्द कर दिया।
- स्थानयह फैसला 13 अक्टूबर, 2026 को कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा दिया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य सरकारों द्वारा 50 प्रतिशत की आरक्षण की सीमा को पार करने की संवैधानिक वैधता और इन प्रावधानों के संरक्षण में नौवीं अनुसूची की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- न्यायिक निगरानी: राज्य-नेतृत्व वाले सोशल इंजीनियरिंग और सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 50% कैप के बीच टकराव
- संवैधानिक सुरक्षा: आरक्षण नीतियों को न्यायिक समीक्षा से बचाने में नाइंथ शेड्यूल की कानूनी उपयोगिता
- संघीय टकराव: सामाजिक न्याय नीति में राज्य की स्वायत्तता बनाम समान राष्ट्रीय आरक्षण गाइडलाइन्स
मुख्य शब्द: न्यायिक समीक्षा · आरक्षण नीति · नौवीं अनुसूची · सामाजिक न्याय · संवैधानिक वैधता
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की उस अर्जी पर आदेश सुरक्षित रखा है, जिसमें मांग की गई है कि कर्नाटक 30% बारिश की कमी के कारण पैदा हुए 15.02 TMC FT कावेरी जल के बकाया को क्लियर करे।
कवेरी जल विनियमन समिति (Cauvery Water Regulation Committee) ने रिपोर्ट दी कि 57.568 TMC ft की आवश्यकता के मुकाबले केवल 45.849 TMC ft की उपलब्धि हासिल हुई है। कर्नाटक ने इस बकाया (backlog) के लिए जलाशयों में 54% कम जल प्रवाह (reservoir inflow deficit) को कारण बताया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यतमिलनाडु ने कर्नाटक से 15.02 TMC FT का बकाया क्लियरेंस (backlog clearance) मांगा।
- तथ्यकर्नाटक में रिज़र्वोयर इनफ्लो (reservoir inflow) में 54% की कमी दर्ज की गई।
- तथ्यकॉवेरी वॉटर रेगुलेशन कमेटी ने 57.568 TMC ft की आवश्यकता के मुकाबले 45.849 TMC ft की प्राप्ति की रिपोर्ट दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल साझाकरण की चुनौतियों और नदी तटीय विवादों के समाधान में न्यायिक हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- संघीय टकराव: राज्य स्तर के जल अधिकारों और नदी बेसिन प्रबंधन पर संघीय निगरानी के बीच विवाद
- डेटा की असमानता: रिपोर्ट किए गए बारिश और इनफ्लो डेटा में अंतर से समान वितरण प्रभावित हो रहा है
- क्लाइमेट वल्नरेबिलिटी: अनिश्चित बारिश के पैटर्न का मौजूदा जल-बंटवारा समझौतों की स्थिरता पर असर
मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय जल विवाद · तटीय अधिकार · जुडिशियल एक्टिविज़्म · पानी की कमी · संघवाद
GS2शासन › ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल के स्थानीय स्वशासन मंत्री के.एम. शाजी ने 1,200 से अधिक स्थानीय निकायों (local bodies) के लिए समर्पित वेबसाइट प्रदान करने हेतु ‘वन वेबसाइट फॉर वन लोकल बॉडी’ कार्यक्रम की घोषणा की है।
यह पहल केरल की 941 ग्राम पंचायतों, 152 ब्लॉक पंचायतों, 14 जिला पंचायतों, 87 नगर पालिकाओं और छह नगर निगमों को कवर करती है। ये वेबसाइट्स K-SMART डिजिटल सेवाओं और एक QR कोड-आधारित फीडबैक सिस्टम को एकीकृत करेंगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाK-SMART: केरल की लोकल बॉडी वेबसाइट्स में इंटीग्रेटेड एक डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म।
- तथ्ययह प्रोग्राम केरल की कुल 1,200+ लोकल बॉडीज (local bodies) को कवर करता है।
- तथ्यइस पहल में 941 ग्राम पंचायतें और 87 नगर पालिकाएं शामिल हैं।
- तथ्यपारदर्शिता में सुधार के लिए QR code-आधारित फीडबैक सिस्टम (feedback systems) शुरू किए जा रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में स्थानीय स्वशासन में 'सहायता का सिद्धांत' (principle of subsidiarity) और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने में के-स्मार्ट (K-SMART) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- डिजिटल डिवाइड: कम डिजिटल साक्षरता वाली ग्रामीण आबादी के लिए ऑनलाइन सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
- अकाउंटेबिलिटी मैकेनिज्म: नागरिकों और स्थानीय प्रशासनिक निकायों के बीच की दूरी कम करने के लिए QR-आधारित फीडबैक का उपयोग
मुख्य शब्द: ई-गवर्नेंस · पारदर्शिता · स्थानीय स्वशासन · डिजिटल इंडिया · नागरिक सहभागिता
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 16
चर्चा में क्यों: भारतीय नौसेना, कारवार नेवल बेस पर स्वदेश निर्मित चार मल्टी-पर्पज वेसल्स (Multi-Purpose Vessels) में से पहले जहाज, INS समर्थक को कमीशन करने के लिए तैयार है।
INS समर्थक एक स्वदेशी मल्टी-पर्पज वेसल (Multi-Purpose Vessel) है, जिसे 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro) द्वारा निर्मित किया गया है। इसे स्वदेशी सेंसर और हथियारों से लैस किया गया है। यह जहाज निगरानी, गश्त और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) कार्यों में सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकINS Samarthak: भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित Multi-Purpose Vessel।
- स्थानकारवार: वह स्थान जहाँ नेवल बेस (Naval Base) स्थित है और जहाँ इस वेसल (vessel) को कमीशन किया जा रहा है।
- तथ्यINS Samarthak चार नियोजित Multi-Purpose Vessels में से पहला है।
- योजनाMake in India: वह पहल जिसके तहत इस वेसल (vessel) का निर्माण किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' पहल किस प्रकार भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और समुद्री सुरक्षा में योगदान देती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण मैरीटाइम सर्विलांस और पेट्रोल एसेट्स पर आयात निर्भरता कम करना
- इंडस्ट्रियल सिनर्जी: स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्राइवेट सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का लाभ उठाना
- ऑपरेशनल वर्सेटिलिटी: नेवल फ्लीट की उपयोगिता को बेहतर बनाने के लिए मल्टी-रोल क्षमताएं (HADR, सर्विलांस, ऑटोनॉमस सिस्टम)
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशीकरण · समुद्री सुरक्षा · HADR · मेक इन इंडिया
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने दिवाली के बाद चुनिंदा व्यक्ति-से-मर्चेंट UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की घोषणा की है।
NPCI ने 13 अक्टूबर, 2026 को MDR कार्यान्वयन की घोषणा की। सरकार ने ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन के लिए 0.4% का MDR (Merchant Discount Rate) अनुमति दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNPCI: नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India)।
- तथ्य₹2,000 से अधिक के UPI ट्रांजेक्शन के लिए 0.4% का MDR (Merchant Discount Rate) अनुमति दी गई है।
- पदसंजय मल्होत्रा: गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर यूपीआई (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- मोनेटाइजेशन ट्रेड-ऑफ: पेमेंट गेटवे के लिए टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर लागत और जीरो-कॉस्ट डिजिटल ट्रांजैक्शन के लक्ष्य के बीच संतुलन
- छोटे व्यापारियों पर असर: बड़े रिटेलर्स की तुलना में माइक्रो-मर्चेंट्स को ज्यादा ट्रांजैक्शन कॉस्ट का सामना करना पड़ सकता है
मुख्य शब्द: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · मुद्रीकरण · पेमेंट इंटरऑपरेबिलिटी · वित्तीय समावेशन · ट्रांजैक्शन कॉस्ट
चर्चा में क्यों: बजट 2026-27 में भारत की बुजुर्ग आबादी की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए 1.5 लाख केयरगिवर्स (caregivers) को प्रशिक्षित करने की योजना की घोषणा की गई है। अनुमान है कि 2050 तक भारत की बुजुर्ग आबादी 347 मिलियन तक पहुंच जाएगी।
सरकार की योजना नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क (National Skills Qualifications Framework) के अनुरूप 1.5 लाख केयरगिवर्स (caregivers) को प्रशिक्षित करने की है। नेशनल केयरगिवर काउंसिल कौशल विकास की निगरानी करने और पाठ्यक्रम को मानकीकृत करने के लिए जिम्मेदार होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यभारत की 60 वर्ष से अधिक आयु वाली जनसंख्या के 2050 तक 347 मिलियन तक पहुँचने का अनुमान है।
- संस्थानेशनल केयरगिवर काउंसिल (National Caregiver Council): कौशल विकास की निगरानी और पाठ्यक्रम को मानकीकृत (standardize) करने के लिए संस्था।
- योजनानेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशंस फ्रेमवर्क (National Skills Qualifications Framework): केयरगिवर ट्रेनिंग को अलाइन करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला फ्रेमवर्क।
- रिपोर्ट / सूचकांकरीइमेजिनिंग केयर: विकसित भारत@2047 में केयरगिवर्स को सशक्त बनाने के लिए रणनीतियां: नीति आयोग की रिपोर्ट, अगस्त 2026 में प्रकाशित।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तेजी से बढ़ती वृद्ध आबादी के आर्थिक और सामाजिक निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और देखभाल क्षेत्र (caregiving sector) को एक व्यवहार्य रोजगार अवसर के रूप में औपचारिक रूप देने की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
- डेमोग्राफिक शिफ्ट: बढ़ता डिपेंडेंसी रेशियो स्ट्रक्चर्ड जेरियाट्रिक केयर इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत पैदा कर रहा है
- लेबर मार्केट फॉर्मलाइजेशन: अनौपचारिक केयरगिविंग को एक स्टैंडर्ड, स्किल-सर्टिफाइड आर्थिक गतिविधि में बदलना
- संस्थागत निगरानी: गुणवत्ता मानकों और करिकुलम की एकरूपता सुनिश्चित करने में नेशनल केयरगिवर काउंसिल की भूमिका
मुख्य शब्द: डेमोग्राफिक डिविडेंड · वृद्धों की देखभाल · कौशल का फॉर्मलाइजेशन · डिपेंडेंसी रेशियो · विकसित भारत@2047
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार ने INCOIS (इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज) की क्षेत्रीय शाखा के लिए काकीनाडा में 45 एकड़ जमीन चिन्हित की है।
इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹100 करोड़ है और यह आंध्र प्रदेश के तट पर लगभग सात लाख लोगों को लाभान्वित करेगी। यह MoU आंध्र प्रदेश मैरीटाइम बोर्ड और INCOIS (पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन) के बीच 31वें CII पार्टनरशिप समिट में हस्ताक्षरित किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- संस्थाINCOIS: इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज के अंतर्गत कार्य करता है।
- तथ्यप्रस्तावित काकीनाडा रीजनल ब्रांच को चिन्हित की गई 45 एकड़ जमीन पर स्थापित किया जाएगा।
- तथ्यपरियोजना की लागत ₹100 करोड़ अनुमानित है।
- विज्ञान-तकनीकINCOIS के कार्यों में सुनामी की अर्ली वार्निंग (early warnings), ओशन-स्टेट फोरकास्ट (ocean-state forecasts) और पोटेंशियल फिशिंग ज़ोन (potential fishing zone) की जानकारी प्रदान करना शामिल है।
- स्थाननिकटतम मौजूदा INCOIS केंद्र हैदराबाद में स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तटीय लचीलेपन और 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) की संभावनाओं को बढ़ाने में समुद्र विज्ञान संबंधी डेटा और पूर्व चेतावनी प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- डेटा लोकतंत्रीकरण: छोटे पैमाने की फिशरीज के लिए रियल-टाइम टूना उपलब्धता और ओशन-स्टेट फोरकास्ट तक पहुंच बढ़ाना
- आपदा न्यूनीकरण: बंगाल की खाड़ी के तट पर सुनामी की शुरुआती चेतावनी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना
मुख्य शब्द: ब्लू इकोनॉमी · ओशनिक रिसर्च · आपदा प्रबंधन · तटीय लचीलापन · मैरिटाइम सर्विसेज
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर कन्नन सी.एस. वारियर को 1,128 पवित्र उपवनों (Sacred Groves) के दस्तावेजीकरण और नमक-सहिष्णु क्लोन (Salt-tolerant clones) विकसित करने के उनके कार्यों के लिए इंटरनेशनल आइकॉनिक साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है।
कन्नन सी.एस. वारियर केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (KSCSTE-KFRI) के निदेशक हैं। उनके कार्यों में 139 'थैस्पेशिया पॉपुलनिया' (Thespesia populnea) और 155 'हल्डिना कॉर्डिफोलिया' (Haldina cordifolia) पेड़ों की पहचान करना और 1,128 पवित्र उपवनों (Sacred Groves) का दस्तावेजीकरण शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदकन्नन सी.एस. वारियर केरल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (KSCSTE-KFRI) के डायरेक्टर हैं।
- तथ्यकन्नन सी.एस. वारियर ने 1,128 पवित्र उपवनों (Sacred Groves) का दस्तावेजीकरण किया।
- विज्ञान-तकनीकवॉरियर ने Casuarina equisetifolia के नमक-सहिष्णु (salt-tolerant) क्लोन विकसित किए।
- तथ्यवॉरियर ने 139 थेस्पेशिया पॉपुल्निया (Thespesia populnea) और 155 हलडिना कॉर्डिफोलिया (Haldina cordifolia) के पेड़ पहचाने।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की जैव विविधता के संरक्षण में पवित्र उपवनों (Sacred Groves) के महत्व और पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण में संस्थागत अनुसंधान की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- जैव विविधता संरक्षण: स्थानिक वनस्पति और वन्यजीवों के लिए इन-सिटु संरक्षण साइट के रूप में पवित्र उपवन
- संस्थागत भूमिका: नमक-सहिष्णु वानिकी और वनस्पति संबंधी दस्तावेज़ीकरण में KFRI का योगदान
- ज्ञान एकीकरण: पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दस्तावेज़ीकरण के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: इन-सिटू कंजर्वेशन · जैव विविधता दस्तावेज़ीकरण · नमक-सहिष्णु क्लोन्स · पवित्र उपवन · पारिस्थितिक अनुसंधान
चर्चा में क्यों: NTPC ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक ग्रीन हाइड्रोजन हब विकसित करने की योजना की घोषणा की है, जिसके लिए वह अपने सिमहाद्री पावर स्टेशन से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करेगा।
NTPC की योजना 20 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से सिमहरी पावर स्टेशन से CO2 प्राप्त करके ग्रीन अमोनिया या ग्रीन मेथनॉल का उत्पादन करने की है। कंपनी वर्तमान में दक्षिण कोरिया, जर्मनी और जापान के संभावित खरीदारों (offtakers) के साथ बातचीत कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यNTPC, सिम्हाद्री पावर स्टेशन से विशाखापट्टनम हब तक CO2 परिवहन के लिए 20 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण कर रहा है।
- स्थानविशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन हब विकसित किया जा रहा है।
- तथ्यNTPC अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो (renewable energy portfolio) के हिस्से के रूप में ग्रीन अमोनिया या ग्रीन मेथनॉल उत्पादन की योजना बना रहा है।
- संस्था20th इंडिया एनर्जी समिट (India Energy Summit) का आयोजन इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (Indian Chamber of Commerce) द्वारा किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में हरित हाइड्रोजन की भूमिका और एक वाणिज्यिक हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने में आने वाली तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट व्यवहार्यता: ग्रीन अमोनिया और मेथनॉल के लिए पायलट प्रोजेक्ट्स से भरोसेमंद कमर्शियल डिमांड की ओर बढ़ना
- इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरतें: समर्पित CO2 ट्रांसपोर्ट पाइपलाइन्स और लोकल प्रोडक्शन हब्स की अनिवार्यता
- ग्लोबल इंटीग्रेशन: दक्षिण कोरिया, जर्मनी और जापान में इंटरनेशनल ऑफटेकर्स सुरक्षित करने का रणनीतिक महत्व
मुख्य शब्द: ग्रीन हाइड्रोजन · डिकार्बोनाइजेशन · रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो · कार्बन कैप्चर · ऊर्जा ट्रांज़िशन · व्यावसायिक व्यवहार्यता
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक पर्यटन विभाग ने युवा उद्यमियों को वास्तविक परीक्षण वातावरण और बाजार के अवसर प्रदान करने के लिए एक नई पर्यटन स्टार्टअप प्रमोशन पॉलिसी (Tourism Start-up Promotion Policy) की घोषणा की है।
इस नीति की घोषणा कर्नाटक पर्यटन विभाग के मंत्री के.जे. जॉर्ज और पर्यटन सचिव वी. राम प्रसाद मनोहर द्वारा की गई। इसका मुख्य उद्देश्य नवीन पर्यटन समाधान विकसित करने के लिए, विशिष्ट गंतव्यों पर चयनित उत्पादों का परीक्षण (piloting) करना और फिर उन्हें बड़े स्तर पर लागू करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनाटूरिज्म स्टार्ट-अप प्रमोशन पॉलिसी (Tourism Start-up Promotion Policy): पर्यटन स्टार्ट-अप्स को समर्थन देने के लिए कर्नाटक सरकार की एक पहल।
- तथ्यइस पॉलिसी के तहत, बड़े पैमाने पर विस्तार करने से पहले चुनिंदा प्रोडक्ट्स को विशिष्ट डेस्टिनेशंस पर पायलट करने का प्रावधान है।
- पदके.जे. जॉर्ज: कर्नाटक पर्यटन विभाग के मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पर्यटन क्षेत्र में राज्य-संचालित स्टार्टअप नीतियों के माध्यम से भारत में सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट एक्सेस: शुरुआती दौर के टूरिज्म स्टार्टअप्स और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता के बीच की दूरी को कम करना
- रेगुलेटरी सैंडबॉक्स: इनोवेटिव टूरिज्म टेक और सर्विस मॉडल्स को टेस्ट करने के लिए नियंत्रित वातावरण प्रदान करना
- आर्थिक विविधीकरण: विशिष्ट पर्यटन उत्पाद और रोज़गार पैदा करने के लिए राज्य-विशिष्ट इकोसिस्टम का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: आर्थिक विविधीकरण · स्टार्टअप इकोसिस्टम · बाज़ार के अवसर · पायलट प्रोजेक्ट्स · सस्टेनेबल टूरिज्म
GS3कृषि › पशुपालन, मत्स्य पालन एवं संबद्ध क्षेत्रप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: AM/NS India ने PM-SETU योजना के तहत विशाखापट्टनम में चार ITIs को अपग्रेड करने के लिए ₹200 करोड़ निवेश करने हेतु केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार के साथ एक शेयरधारकों का समझौता (Shareholders’ Agreement) किया है।
आर्सेलोरमिट्टल निप्पॉन स्टील इंडिया (AM/NS India) ₹200 करोड़ के निवेश के प्रबंधन के लिए एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) में 51% इक्विटी रखेगा। न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विशाखापट्टनम के चार ITIs के आधुनिकीकरण में सहायता प्रदान करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यAM/NS India विशाखापट्टनम में चार ITIs को अपग्रेड करने के लिए ₹200 करोड़ का निवेश करेगा।
- संस्थाAM/NS India इस प्रोजेक्ट के लिए स्पेशल पर्पस व्हीकल (Special Purpose Vehicle - SPV) में 51% इक्विटी शेयर रखता है।
- योजनाPM-SETU स्कीम ITI अपग्रेड्स के लिए एक फ्रेमवर्क है।
- तथ्यसूरत में पांच ITIs के लिए एक अलग समझौता कुल ₹440 करोड़ का है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के औद्योगिक कार्यबल में कौशल अंतराल को पाटने में व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- स्किल-इंडस्ट्री अलाइनमेंट: डायरेक्ट कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट से करिकुलम को आधुनिक इंडस्ट्रियल जरूरतों के हिसाब से प्रासंगिक बनाया जाता है
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: SPV मॉडल से सरकारी वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर्स का तेज़ी से आधुनिकीकरण संभव
मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · व्यावसायिक प्रशिक्षण · कौशल विकास · औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर · मानव पूंजी
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समक्ष राज्य के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (Ecologically Sensitive Area - ESA) को 1,403.01 वर्ग किमी कम करने का प्रस्ताव पेश किया है।
प्रस्ताव का उद्देश्य ESA (Ecologically Sensitive Area) को 9,993.7 वर्ग किमी से घटाकर 8,590.69 वर्ग किमी करना है। इसमें विशेष रूप से सबरीमाला सन्निधम, पम्पा, निलक्कल पार्किंग ग्राउंड और नीलिमाला मार्ग को ESA की सीमाओं से बाहर रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानकेरल के ESA (Ecologically Sensitive Area) की सीमाओं से सबरीमाला सन्निधम, पम्पा, नीलकड पार्किंग ग्राउंड और नीलीमाला रूट को बाहर करने का प्रस्ताव है।
- तथ्यकेरल के Ecologically Sensitive Area में प्रस्तावित कटौती 1,403.01 sq.km है।
- स्थानपास की अन्य साइटों को बाहर करने के बावजूद, स्वामी अय्यप्पन रोड अभी भी ESA की सीमाओं में शामिल है।
- स्थानपेरियार टाइगर रिज़र्व के भीतर बफर ज़ोन रेगुलेशंस (Buffer zone regulations) के बने रहने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (Eco-Sensitive Zones) में पारिस्थितिक संरक्षण और धार्मिक एवं विकासात्मक गतिविधियों के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: राज्य स्तर के भूमि उपयोग प्रस्तावों और केंद्र के पर्यावरण क्लीयरेंस आदेशों के बीच टकराव
- संरक्षण के ट्रेड-ऑफ: पेरियार टाइगर रिज़र्व में जैव विविधता सुरक्षा और भारी भीड़ वाले तीर्थयात्रा इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · जैव विविधता संरक्षण · पर्यावरण गवर्नेंस · भूमि उपयोग नीति · सतत विकास
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026 में कहा कि RBI रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव (volatility) को रोकने के प्रयासों को जारी रखेगा, जबकि साथ ही मुद्रा को अपने स्तर पर स्थिर होने की अनुमति भी देगा।
RBI ने स्पॉट मार्केट में अमेरिकी डॉलर की मांग को कम करने के लिए तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) के लिए एक विशेष विंडो बनाई है। साथ ही, सप्ताहांत में विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव (Forex Derivative) के नियमों को कड़ा कर दिया गया है। 13 अक्टूबर, 2026 को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹94.96 पर पहुंच गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य13 अक्टूबर, 2026 को शुरुआती ट्रेड में रुपया 94.96 रुपये पर पहुंच गया।
- संस्थाRBI ने स्पॉट मार्केट में यू.एस. डॉलर की डिमांड को कम करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए एक स्पेशल विंडो बनाई।
- विज्ञान-तकनीकRBI ने रुपये के खिलाफ सट्टा लगाने (speculative bets) पर रोक लगाने के लिए forex derivatives ट्रेड से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया है।
- पदनिर्मला सीतारमण भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मुद्रा की अस्थिरता के प्रबंधन में भारतीय रिज़र्व बैंक की भूमिका तथा बाजार-आधारित विनिमय दरों और राज्य के हस्तक्षेप के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट इंटरवेंशन बनाम मार्केट फोर्सेस: रुपये के लेवल को 'फिक्स' किए बिना उसे स्थिर करने में RBI की भूमिका का संतुलन
- स्पेक्युलेटिव रिस्क मैनेजमेंट: फॉरेक्स डेरिवेटिव नियमों को सख्त करने का मार्केट लिक्विडिटी और स्पेक्युलेटिव बिहेवियर पर असर
- एक्सटर्नल डिमांड मैनेजमेंट: स्पॉट मार्केट में डॉलर की मांग कम करने के लिए ऑयल मार्केटिंग के लिए स्पेशल विंडो का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: करेंसी में उतार-चढ़ाव · मौनेटरी पॉलिसी · फॉरेक्स डेरिवेटिव्स · मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल्स · एक्सचेंज रेट मैनेजमेंट
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक फोरम (Bloomberg Economic Forum) में भारत की 7.8% की आर्थिक वृद्धि और मजबूत राजकोषीय आधार (fiscal fundamentals) पर जोर दिया।
भारत ने 2026 की अप्रैल-जून तिमाही में 7.8% की आर्थिक वृद्धि दर्ज की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्य2026 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए भारत की आर्थिक विकास दर 7.8% रही।
- तथ्यअक्टूबर 2026 तक भारत के फॉरेन् एक्सचेंज रिज़र्व (foreign-exchange reserves) $700 बिलियन से अधिक हो गए।
- विज्ञान-तकनीकडिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स को वैश्विक समावेशी विकास (inclusive growth) के लिए मॉडल के रूप में उद्धृत किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की उच्च विकास गति को बनाए रखने और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करने में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी: चालू खाता घाटा कम होने का विदेशी मुद्रा भंडार संचय पर प्रभाव
- डिजिटल डिविडेंड: MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम करने हेतु पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल
- एनर्जी ट्रांजिशन: टिकाऊ विकास के लिए तेज़ी से हो रही औद्योगिक ग्रोथ और क्लीन एनर्जी लक्ष्यों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अर्थव्यवस्था के बुनियादी सिद्धांत · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · चालू खाता घाटा · समावेशी विकास · विदेशी मुद्रा भंडार
चर्चा में क्यों: गृह मंत्रालय की सिफारिशों के बाद, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए एक स्थल के रूप में डी-नोटिफाई (denotify) कर दिया है। इन सिफारिशों के अनुसार, प्रदर्शनों को अब केवल निर्धारित स्थलों पर ही आयोजित किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर, 2026 को जंतर मंतर के डी-नोटिफिकेशन (denotification) की घोषणा की है। पूर्वी दिल्ली में रामलीला ग्राउंड, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को विरोध प्रदर्शन के लिए तीन नए निर्धारित स्थल के रूप में नामित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानजंतर-मंतर: दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के स्थल के रूप में डिनोटिफाइड (Denotified) किया गया।
- स्थानरामलीला ग्राउंड,बुरारी ग्राउंड, और CBD ग्राउंड: पूर्वी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए नए निर्धारित स्थल।
- संस्थागृह मंत्रालय: वह निकाय जिसने डिनोटिफिकेशन (denotification) के लिए सिफारिशें प्रदान कीं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शांतिपूर्ण सभा के संवैधानिक अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था एवं शहरी कार्यक्षमता बनाए रखने के राज्य के दायित्व के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
- सार्वजनिक व्यवस्था बनाम मौलिक अधिकार: ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए विरोध प्रदर्शन के स्थानों को विनियमित करने की राज्य की शक्ति के साथ आर्टिकल 19(1) का संतुलन
- अर्बन मैनेजमेंट: सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शहर की रोज़ाना की ज़िंदगी पर बड़े पैमाने के विरोध प्रदर्शनों के लॉजिस्टिकल असर को संभालना
मुख्य शब्द: सभा करने का अधिकार · सार्वजनिक व्यवस्था · अर्बन गवर्नेंस · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · संवैधानिक संतुलन
GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: ADNOC के कार्यवाहक CEO नसर ओमाइर अल मुहइरी ने भारत के साथ ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है, ताकि 2027 तक उत्पादन को प्रतिदिन 5 मिलियन बैरल तक पहुँचाया जा सके।
ADNOC (Abu Dhabi National Oil Company) ने 2025 में प्रतिदिन 500,000 बैरल से अधिक कच्चा तेल (crude oil) की आपूर्ति की। कंपनी का लक्ष्य भारत के साथ सहयोग के माध्यम से 2027 तक प्रतिदिन पांच मिलियन बैरल के उत्पादन लक्ष्य तक पहुँचना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यADNOC का प्रोडक्शन टारगेट: 2027 तक रोजाना 5 मिलियन बैरल।
- तथ्य2025 में भारत को ADNOC द्वारा होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई: 500,000 बैरल प्रतिदिन से अधिक।
- संस्थाADNOC: अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी।
- तथ्यसहयोग के क्षेत्र: क्रूड ऑयल, LNG, LPG, नेफ्था, ट्रेडिंग, शिपिंग और स्ट्रैटेजिक स्टोरेज।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में ऊर्जा आयात के स्रोतों में विविधता लाने और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- एनर्जी सिक्योरिटी: लंबे समय के UAE पार्टनरशिप के जरिए अस्थिर मार्केट्स पर आयात निर्भरता कम करना
- लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन: घरेलू ईंधन की कीमतों को स्थिर करने के लिए शिपिंग और स्ट्रैटेजिक स्टोरेज में तालमेल
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · रणनीतिक साझेदारी · व्यापार विविधीकरण · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु स्टेट वेटलैंड्स अथॉरिटी (TNSWA) ने पल्लिकरनई मार्शलैंड के पास नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा निर्माण पर लगाए गए प्रतिबंध के प्रभाव को कम करने के लिए 128.19 हेक्टेयर के एक अंतरिम ज़ोन ऑफ इन्फ्लुएंस (Zone of Influence) का प्रस्ताव दिया है।
यह प्रस्ताव 36 सर्वे नंबरों में फैले 128.19 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और CREDAI द्वारा मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्मधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की बेंच के समक्ष प्रस्तुत की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानपल्लिकरनई मार्शलैंड (Pallikaranai marshland) तमिलनाडु में स्थित है।
- संस्थाTNSWA: तमिलनाडु स्टेट वेटलैंड्स अथॉरिटी (Tamil Nadu State Wetlands Authority)।
- तथ्यप्रस्तावित इंटरिम ज़ोन ऑफ इन्फ्लुएंस (Zone of Influence) 128.19 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता है।
- संस्थाNGT: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से विस्तारित होते महानगरीय क्षेत्रों में शहरी बुनियादी ढांचे के विकास और शहरी आर्द्रभूमि एवं जैव विविधता के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: NGT के पर्यावरण संबंधी आदेश और शहरी रियल एस्टेट विकास की जरूरतों के बीच टकराव
- पारिस्थितिक गिरावट: दलदली ज़मीनों पर अतिक्रमण के कारण कार्बन सिंक और बाढ़-निवारण क्षमता का नुकसान
मुख्य शब्द: शहरी वेटलैंड्स · पर्यावरण गवर्नेंस · सतत विकास · जैव विविधता संरक्षण
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार 2026 कार्ल डेइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल को लाइट-गेटेड आयन चैनलों और ऑप्टोजेनेटिक्स (Optogenetics) में उनकी खोजों के लिए दिया गया।
यह पुरस्कार ऑप्टोजेनेटिक्स (Optogenetics) में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को मान्यता देता है, जो कोशिकाओं को नियंत्रित करने के लिए प्रकाश का उपयोग करने वाली एक तकनीक है। इस शोध में BITS पिलानी, हैदराबाद (निशिथ गुप्ता) और हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन (पीटर हेगेमैन) के बीच सहयोग शामिल था, जिसे जर्मन रिसर्च फाउंडेशन (DFG) और वेलकोम ट्रस्ट-DBT सीनियर फेलोशिप द्वारा समर्थन प्राप्त हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पदकार्ल डाइसेरोथ, पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल: मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार 2026 के विजेता।
- संस्थाजर्मन रिसर्च फाउंडेशन (German Research Foundation - DFG): रिसर्च सहयोग के लिए एक प्राथमिक फंडिंग बॉडी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ऑप्टोजेनेटिक्स और लाइट-गेटेड आयन चैनलों में हो रही प्रगति किस प्रकार तंत्रिका संबंधी विकारों के उपचार और सटीक चिकित्सा (प्रिसिजन मेडिसिन) के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- थैरेप्यूटिक प्रिसिजन: पार्किंसंस और एपिलेप्सी के इलाज के लिए टारगेटेड न्यूरल मॉड्यूलेशन
- नैतिक निगरानी: न्यूरल इंटरफेस टेक्नोलॉजी के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
- ट्रांसलेशनल गैप: लैब से क्लिनिकल ह्यूमन ट्रायल्स तक ऑप्टोजेनेटिक टूल्स ले जाने की चुनौतियां
मुख्य शब्द: ऑप्टोजेनेटिक्स · आयन चैनल्स · न्यूरोसाइंस · प्रिसिजन मेडिसिन · बायोटेक्नोलॉजी
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी के कारण कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भीषण सूखे की घोषणा की गई है। इस बीच, कर्नाटक ने NDRF से ₹11,000 करोड़ की मांग करते हुए केंद्र सरकार को याचिका दायर की है।
कर्नाटक में जून-सितंबर के दौरान 35% वर्षा की कमी दर्ज की गई, जिससे 240 में से 217 तालुक प्रभावित हुए। आंध्र प्रदेश में जून-अगस्त के दौरान 53% की कमी देखी गई, जिसमें 688 में से 388 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यजून-सितंबर की अवधि के दौरान कर्नाटक में 35% बारिश की कमी (rainfall deficit) दर्ज की गई।
- तथ्यआंध्र प्रदेश में जून-अगस्त की अवधि के दौरान 53% बारिश की कमी (rainfall shortfall) दर्ज की गई।
- तथ्यकर्नाटक में 240 में से 217 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया।
- तथ्यआंध्र प्रदेश ने 688 में से 388 मंडलों को सूखा प्रभावित घोषित किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन का मानसून की परिवर्तनशीलता पर पड़ने वाले प्रभावों का परीक्षण कीजिए और दक्षिण भारत में बार-बार पड़ने वाले सूखे के सामाजिक-आर्थिक परिणामों को कम करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
- राजकोषीय दबाव: राज्य स्तर पर सूखे राहत और कृषि पुनर्वास के लिए NDRF फंड पर भारी निर्भरता
- क्लाइमेट वल्नरेबिलिटी: मानसून की कमी की बढ़ती आवृत्ति के कारण क्लाइमेट-रेज़िलिएंट सिंचाई की ओर बदलाव ज़रूरी
- संसाधन प्रतिस्पर्धा: अनियमित बारिश के पैटर्न से अंतर-राज्यीय और अंतर-राज्यीय जल तनाव और बढ़ गया
मुख्य शब्द: मानसून की अनिश्चितता · क्लाइमेट रेजिलिएंस · आपदा राहत · कृषि संकट · जल सुरक्षा
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