मुस्लिम कन्वर्ट्स के लिए 3.5% आरक्षण रद्द, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला बरकरार रखा
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आरक्षण की संवैधानिक वैधता और साक्ष्य-आधारित जांच: GS2 राजनीति और न्यायपालिका (Judiciary) से संबंधित एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें तमिलनाडु सरकार के आदेश (Ms.) संख्या 31 को अमान्य (invalid) कर दिया गया था। यह आदेश BC, MBC, DNC और SC समूहों से परिवर्तित हुए मुस्लिम लोगों को 3.5% आरक्षण देने का प्रयास कर रहा था।
पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट ने 9 मार्च, 2024 के तमिलनाडु सरकार आदेश (Ms.) संख्या 31 के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। कोर्ट ने यह निर्णय दिया कि बिना साक्ष्य-आधारित जांच के, धर्म परिवर्तन स्वतः ही अधिसूचित समुदायों की सदस्यता स्थापित नहीं करता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यतमिलनाडु सरकार के गवर्नमेंट ऑर्डर (Ms.) No. 31, दिनांक 9 मार्च, 2024 में मुस्लिम धर्म में परिवर्तित लोगों को 3.5% आरक्षण देने की मांग की गई थी।
- संस्थासुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरित व्यक्तियों के लिए आरक्षण की वैधता पर मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
- तथ्ययह आदेश विशेष रूप से BC, MBC, DNC और SC समूहों से आए धर्मांतरितों को लक्षित करता था।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
तमिलनाडु गवर्नमेंट ऑर्डर (Ms.) No. 31 में 3.5% आरक्षण के लिए किन विशिष्ट समूहों को लक्षित किया गया था?
- (a)EWS, SC और ST
- (b)ST, OBC और VJ
- (c)ओबीसी, एमबीसी और डीएनसी
- (d)BC, MBC, DNC और SC
उत्तर देखें
उत्तर: (d) BC, MBC, DNC और SC — इस आदेश में विशेष रूप से BC, MBC, DNC और SC समूहों से मुस्लिम धर्म में परिवर्तित लोगों को 3.5% आरक्षण देने की मांग की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: धार्मिक धर्मांतरित व्यक्तियों को उनकी मूल जातिगत स्थिति के आधार पर आरक्षण का लाभ प्रदान करने की संवैधानिक वैधता का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- कानूनी अस्पष्टता: धर्मांतरण के व्यक्तिगत अधिकारों और आरक्षण के सामूहिक अधिकारों के बीच टकराव
- वेरिफिकेशन में रुकावट: धर्मांतरण के बाद ऐतिहासिक जाति स्थिति के लिए 'सबूत-आधारित जांच' स्थापित करने में कठिनाई
- पॉलिसी फ्रिक्शन: धर्मनिरपेक्षता और जाति-आधारित सकारात्मक कार्रवाई ढांचे के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सकारात्मक कार्रवाई · संवैधानिक वैधता · सबूतों पर आधारित जाँच · आरक्षण नीति · न्यायिक समीक्षा
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।