अर्थव्यवस्था
GS3Economy › Growth, inflation & macro indicatorsPrelims + Mains चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और मानसून की कमजोरी के कारण, Q4 में उम्मीद से अधिक 8% की GDP वृद्धि के बावजूद, अपने FY27 के विकास अनुमान को घटाकर 6.6% कर दिया है।
दिसंबर तिमाही (Q4) में भारत की जीडीपी (GDP) में 8% की वृद्धि दर्ज की गई, जो कि अनुमानित 7.3% के आंकड़े से अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पश्चिम एशिया युद्ध और मानसून की स्थितियों का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 6.6% कर दिया है।
Prelims pointers (4)
- Factदिसंबर तिमाही में भारत की Q4 GDP वृद्धि 8% तक पहुंच गई।
- FactRBI ने FY27 के विकास अनुमान को घटाकर 6.6% कर दिया है।
- BodyFY27 विकास पूर्वानुमान के लिए Reserve Bank of India (RBI) जिम्मेदार निकाय है।
- Factदिसंबर तिमाही के लिए अनुमानित GDP विकास दर 7.3% थी।
Mains angle
Q. वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों और जलवायु संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत की लचीली आर्थिक वृद्धि में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।
- External shock resilience: Mitigation of West Asia conflict impacts on domestic consumption and private investment
- Monsoon-linked volatility: Correlation between erratic rainfall patterns and agricultural-led GDP growth
- Policy-driven momentum: Government commitment to maintaining economic velocity despite global headwinds
Keywords: GDP growth · monetary policy · geopolitical risk · private investment · consumption-led growth
GS3Economy › External sector, trade & FDIPrelims चर्चा में क्यों: अप्रैल 2026 में भारत का तेल आयात बिल 61.3% बढ़कर 15.4 बिलियन डॉलर हो गया, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और आयात में रूस की हिस्सेदारी का बढ़कर 38% होना रहा।
अप्रैल 2026 में, भारत का तेल आयात 195.3 लाख टन तक पहुंच गया। इन आयातों में रूस की हिस्सेदारी लगभग 38% तक पहुंच गई, जो कि 11 महीनों का उच्चतम स्तर है। साथ ही, रूसी तेल के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम में मार्च की तुलना में 425% की वृद्धि दर्ज की गई।
Prelims pointers (4)
- Factअप्रैल 2026 में भारत का तेल आयात बिल: $15.4 बिलियन।
- Factअप्रैल 2026 में भारत के तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी: लगभग 38%।
- Factअप्रैल 2026 में भारत का तेल आयात आयतन: 195.3 लाख टन।
- Factरूसी तेल के लिए प्रीमियम में वृद्धि: मार्च से अप्रैल 2026 तक 425% का उछाल।
Mains angle
Q. भारत के व्यापार संतुलन और ऊर्जा सुरक्षा पर ऊर्जा आयात के बदलते स्वरूप और मूल्य प्रीमियम (प्राइस प्रीमियम) के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
- Trade balance pressure: High import bills and price premiums impacting fiscal deficit
- Energy security trade-offs: Balancing geopolitical alignment with stable domestic fuel supply
- Market volatility: Vulnerability to global oil price fluctuations despite diversified sourcing
Keywords: Trade Balance · Energy Security · Import Bill · Price Premium · Fiscal Deficit
GS3Economy › Monetary policy, RBI & bankingPrelims + Mains चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने विदेशी पूंजी को आकर्षित करने और भुगतान संतुलन की कमी को दूर करने के उद्देश्य से सरकारी बॉन्ड में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा किए गए निवेश पर पूंजीगत लाभ और विदहोल्डिंग टैक्स को समाप्त कर दिया है।
सरकार ने सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले FIIs के लिए पूंजीगत लाभ कर और स्रोत पर रोक (withholding tax) को समाप्त कर दिया है। साथ ही, RBI ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और बैंकों द्वारा विदेशी बाजारों से ऋण प्राप्त करने हेतु मानदंडों में शिथिलता प्रदान की है।
Prelims pointers (3)
- FactFII: Foreign Institutional Investors वे संस्थाएं हैं जो सरकारी बॉन्ड जैसे वित्तीय परिसंपत्तियों में निवेश करती हैं।
- FactRBI: भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और बैंकों द्वारा विदेशी ऋण लेने के मानदंडों में ढील दी है।
- Factकर छूट: सरकार ने सरकारी बॉन्ड में FII निवेश के लिए विशेष रूप से कैपिटल गेन्स और विदहोल्डिंग टैक्स को समाप्त कर दिया है।
Mains angle
Q. भुगतान संतुलन को स्थिर करने और भारतीय रुपये को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विदेशी संस्थागत निवेश (FII) को आकर्षित करने में राजकोषीय प्रोत्साहन और विनियामक शिथिलता के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- Macroeconomic stability: Using FII inflows to mitigate balance of payments deficits and stabilize currency volatility.
- Regulatory liberalization: Balancing the risks of overseas borrowing for state-owned enterprises against the need for capital liquidity.
Keywords: Balance of Payments · Capital Gains Tax · Foreign Institutional Investors · Fiscal Incentives · Currency Stabilization
GS3Economy › Infrastructure (energy, ports, roads, railways)Prelims चर्चा में क्यों: रेल मंत्रालय ने सूचित किया है कि भारतीय रेलवे ने 31 मई, 2026 तक अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क के 99.6% विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
ब्रॉड गेज लाइनों के कुल 70,271 मार्ग किलोमीटर (RKm) में से, 70,002 RKm का विद्युतीकरण किया जा चुका है। शेष 269 RKm केवल पांच राज्यों—राजस्थान, तमिलनाडु, असम, कर्नाटक और गोवा—में शेष हैं।
Prelims pointers (5)
- Fact31 मई, 2026 तक, भारतीय रेलवे ने अपने Broad Gauge नेटवर्क के 99.6% विद्युतीकरण की उपलब्धि हासिल कर ली है।
- Factकुल Broad Gauge (BG) नेटवर्क की लंबाई 70,271 रूट किलोमीटर (RKm) है।
- Placeराजस्थान, तमिलनाडु, असम, कर्नाटक और गोवा वे पांच राज्य हैं जिनमें शेष गैर-विद्युतीकृत खंड (non-electrified sections) शेष हैं।
- Factराजस्थान के 6,514 RKm BG नेटवर्क में से केवल 10 RKm का विद्युतीकरण शेष है।
- Factभारत की पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन 1925 में बॉम्बे विक्टोरिया टर्मिनस और कुर्ला हार्बर के बीच 1,500-volt DC सिस्टम पर चली थी।
Mains angle
Q. भारतीय रेलवे के लगभग पूर्ण विद्युतीकरण से भारत के डीकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन में कमी) के लक्ष्यों और लॉजिस्टिक दक्षता में होने वाले योगदान का विश्लेषण कीजिए।
- Decarbonization: Reduction in fossil fuel dependence and lowering of carbon intensity in the transport sector.
- Operational Efficiency: Enhanced train speeds and reduced turnaround times through consistent power supply.
- Energy Transition: Alignment with national goals for sustainable infrastructure and green energy adoption.
Keywords: Decarbonization · Logistics Efficiency · Sustainable Infrastructure · Broad Gauge · Energy Transition
GS3Economy › External sector, trade & FDIPrelims + Mains चर्चा में क्यों: खनिज विदेश भारत लिमिटेड (KABIL) ने इन खनिजों पर भारत की 93% आयात निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से अर्जेंटीना में पांच महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक प्राप्त किए हैं।
KABIL, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) के मध्य एक संयुक्त उद्यम है। राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का उद्देश्य दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है, जिसके लिए ₹32,000 करोड़ का परिव्यय निर्धारित किया गया है।
Prelims pointers (4)
- BodyKABIL: NALCO और Hindustan Copper Ltd. (HCL) के बीच एक संयुक्त उद्यम।
- Factभारत वर्तमान में अपनी महत्वपूर्ण खनिजों की आवश्यकताओं का लगभग 93% आयात करता है।
- FactNational Critical Minerals Mission का परिव्यय: ₹32,000 करोड़।
- Placeअर्जेंटीना: पांच नए अधिग्रहित महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों (critical mineral blocks) का स्थान।
Mains angle
Q. भारत की औद्योगिक आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति के लिए विदेशी महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों को सुरक्षित करने के रणनीतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
- Supply chain security: Mitigating risks of high import dependence for minerals essential to green energy and electronics
- Geopolitical leverage: Securing long-term access to mineral-rich regions to stabilize domestic manufacturing costs
Keywords: Critical Minerals · Self-reliance · Supply Chain Resilience · Strategic Autonomy · Mineral Diplomacy
The Hindu ↗+1 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Capital markets & SEBIPrelims + Mains चर्चा में क्यों: बॉम्बे हाई कोर्ट ने निर्णय दिया कि दूरसंचार ऑपरेटरों पर एकमुश्त स्पेक्ट्रम शुल्क (OTSC) अधिरोपित करने के लिए भारत सरकार के पास कानूनी अधिकार का अभाव था।
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने OTSC की वसूली के लिए केंद्र द्वारा जारी किए गए मांग नोटिसों को रद्द कर दिया और बैंक गारंटी वापस करने का आदेश दिया। यह विवाद 6.2 MHz से अधिक स्पेक्ट्रम होल्डिंग्स के संबंध में वर्ष 2012 के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय से उत्पन्न हुआ था।
Prelims pointers (3)
- Factन्यायालय ने Vodafone Idea और Bharti Airtel को लगभग Rs 20,000 करोड़ की राहत प्रदान की।
- FactOTSC को मूल रूप से 6.2 MHz से अधिक के स्पेक्ट्रम होल्डिंग्स पर लगाया गया था।
- Bodyबॉम्बे हाई कोर्ट ने मांग नोटिसों को रद्द कर दिया और संबंधित आदेशों को अमान्य घोषित कर दिया।
Mains angle
Q. राजकोषीय नीति पर न्यायिक निरीक्षण के निहितार्थों और निजी क्षेत्र की संस्थाओं पर पूर्वव्यापी शुल्क (retrospective charges) लगाने के संबंध में सरकार के अधिकार की कानूनी सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।
- Contractual integrity: Conflict between executive fiscal demands and pre-existing licensing agreements
- Fiscal risk: Impact of judicial stay on government revenue and spectrum management funds
Keywords: Judicial Review · Fiscal Policy · Spectrum Management · Contractual Obligations · Regulatory Arbitrage
GS3Economy › Growth, inflation & macro indicatorsPrelims + Mains चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025' के लिए 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन घोषित किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक हिस्सा प्राप्त हुआ है।
यह आवंटन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MG-NREGS) के अंतर्गत पिछले वर्ष के व्यय पर आधारित है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि इस मिशन का उद्देश्य वैधानिक अधिकारों का पालन करते हुए शून्य बेरोजगारी सुनिश्चित करना है।
Prelims pointers (4)
- FactViksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act 2025 के लिए कुल अंतरिम आवंटन: Rs 95,692.31 करोड़।
- Factआवंटन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी: Rs 9,721.48 करोड़।
- Schemeआवंटन का आधार: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MG-NREGS) के अंतर्गत पिछले वर्ष का व्यय।
- Postशिवराज सिंह चौहान: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री।
Mains angle
Q. समावेशी विकास प्राप्त करने और ग्रामीण रोजगार स्थिरता सुनिश्चित करने में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- Fiscal federalism: Allocation based on historical expenditure patterns vs. need-based funding
- Labor rights: Ensuring statutory rights for workers within large-scale rural employment guarantees
- Employment stability: Transitioning from MG-NREGS framework to the Viksit Bharat Guarantee mission
Keywords: Inclusive growth · Fiscal federalism · Statutory rights · Rural employment · Employment guarantee
GS3Economy › External sector, trade & FDIPrelims + Mains चर्चा में क्यों: केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि 2014-15 से 5.7% की CAGR दर से निरंतर वृद्धि के परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2026 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड $863 बिलियन तक पहुँच गया है।
भारत का कुल निर्यात वर्ष 2014-15 के 468 बिलियन डॉलर से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 863 बिलियन डॉलर हो गया। गैर-पेट्रोलियम निर्यात 387.9 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि सेवा निर्यात 9.3% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ बढ़कर 421 बिलियन डॉलर हो गया।
Prelims pointers (4)
- Factवित्त वर्ष 26 में भारत का कुल निर्यात $863 बिलियन तक पहुंच गया।
- FactFY26 में सेवाओं का निर्यात 9.3% CAGR के साथ $421 बिलियन तक पहुंच गया।
- FactFY26 में गैर-पेट्रोलियम निर्यात रिकॉर्ड $387.9 बिलियन तक पहुंच गया।
- Bodyभारत-EFTA व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) और भारत-EU FTA प्रमुख व्यापार समझौते हैं।
Mains angle
Q. पिछले एक दशक में भारत के गैर-पेट्रोलियम और सेवा क्षेत्र के निर्यात में हुई वृद्धि में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।
- Export diversification: Shift towards high-value services and non-petroleum merchandise to reduce commodity dependence
- Trade diplomacy: Leveraging bilateral and multilateral agreements like TEPA and EU-FTA to expand market access
Keywords: CAGR · Trade Diversification · Export Growth · Trade Agreements · Merchandise Exports
NDTV ↗+1 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Growth, inflation & macro indicatorsPrelims + Mains चर्चा में क्यों: वर्ष 2025-26 में भारत को रिकॉर्ड $110.47 बिलियन की प्रेषण राशि (remittances) प्राप्त हुई, जो पूंजी के बहिर्वाह और कमजोर व्यापार संतुलन के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण बफर के रूप में कार्य करती है।
भारत ने वर्ष 2025-26 की अवधि के दौरान 110.47 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड प्रेषण (remittances) दर्ज किया। इस वृद्धि का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में संघर्ष और भारतीय रुपये का अवमूल्यन था। कमजोर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के बावजूद, इन अंतर्वाहों ने भुगतान संतुलन (BoP) को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ किया।
Prelims pointers (3)
- Factवर्ष 2025-26 में भारत का रिकॉर्ड रेमिटेंस प्रवाह $110.47 बिलियन तक पहुंच गया।
- Factपूंजी बहिर्वाह (capital outflow) की अवधि के दौरान, रेमिटेंस (Remittances) ने भुगतान संतुलन (BoP) के लिए एक बफर के रूप में कार्य किया।
- Factरुपये का अवमूल्यन और पश्चिम एशिया संघर्ष 2025-26 के प्रेषण (remittance) उछाल के प्रमुख चालक थे।
Mains angle
Q. यद्यपि प्रेषण (remittances) भारत के भुगतान संतुलन के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं, फिर भी सतत दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की ओर झुकाव क्यों आवश्यक है, चर्चा कीजिए।
- Structural vulnerability: High reliance on volatile personal remittances vs. stable industrial capital inflows
- Trade deficit pressure: Need to balance BoP through manufacturing growth rather than just diaspora transfers
- Currency dynamics: Impact of Rupee depreciation on remittance value and its role in stabilizing external accounts
Keywords: Balance of Payments · Capital Outflow · Foreign Direct Investment · Remittance Economy · Trade Deficit
GS3Economy › Infrastructure (energy, ports, roads, railways)Prelims + Mains चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 9 जून, 2026 को जोजिला सुरंग का उद्घाटन किया, जो उच्च-ऊंचाई वाले बुनियादी ढांचे और बारहमासी कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
ज़ोजिला सुरंग की लंबाई 13.14 किलोमीटर है और इसका निर्माण ₹6,800 करोड़ की लागत से किया गया है। यह कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाली विश्व की सबसे लंबी उच्च-ऊंचाई वाली सुरंग के रूप में मान्यता प्राप्त है।
Prelims pointers (4)
- Placeज़ोजिला सुरंग (Zojila Tunnel): यह कश्मीर घाटी और लद्दाख क्षेत्रों को जोड़ती है।
- Factज़ोजिला टनल की लंबाई: 13.14 किलोमीटर।
- Factनिर्माण लागत: ₹6,800 करोड़।
- Factउद्घाटन तिथि: 9 जून, 2026।
Mains angle
Q. ज़ोजिला सुरंग जैसी उच्च-ऊंचाई वाले बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने हिमालयी क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण को किस प्रकार सुदृढ़ किया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Logistical resilience: Ensuring uninterrupted movement of essential supplies and security forces during extreme winter conditions.
- Geopolitical leverage: Strengthening India's ability to project power and maintain presence in the Ladakh frontier.
- Engineering complexity: Overcoming seismic risks and permafrost challenges in high-altitude Himalayan terrain.
Keywords: all-weather connectivity · strategic infrastructure · geopolitical integration · high-altitude engineering · logistical resilience
GS3Economy › Capital markets & SEBIPrelims चर्चा में क्यों: SEBI ने मूल्य निर्धारण (price discovery) और बाजार की स्थिरता को बढ़ाने के उद्देश्य से 1 सितंबर, 2026 से प्रभावी होने वाले ETF व्यापार नियमों में संशोधन की घोषणा की है।
SEBI ने इक्विटी और डेट ETFs के लिए गतिशील मूल्य बैंड (10-20% प्रारंभिक सीमा) और कमोडिटी ETFs के लिए (6% प्रारंभिक सीमा) लागू किए हैं। आधार मूल्य पद्धति को T-2 NAV से बदलकर पिछले दिन की समापन कीमत (closing price) में परिवर्तित कर दिया गया है।
Prelims pointers (4)
- BodySEBI: भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों का प्राथमिक नियामक।
- Factइक्विटी और डेट ETFs के लिए डायनेमिक प्राइस बैंड्स 10% से 20% की रेंज से शुरू होते हैं।
- FactCommodity ETFs (gold/silver) का प्रारंभिक मूल्य बैंड 6% है।
- S&Tबेहतर मूल्य खोज (price discovery) के लिए अब गोल्ड और सिल्वर ETFs के लिए प्री-ओपन कॉल ऑक्शन सत्र अनिवार्य हैं।
Mains angle
Q. भारतीय पूंजी बाजारों में ईटीएफ (ETF) व्यापार तंत्र के प्रति सेबी (SEBI) के विनियामक हस्तक्षेपों द्वारा निवेशक संरक्षण और बाजार की अखंडता में होने वाले योगदान पर चर्चा कीजिए।
- Price discovery mechanism: Transitioning from T-2 NAV to previous day's closing price to reduce arbitrage risks
- Market volatility mitigation: Use of dynamic price bands to prevent erratic price swings in commodity and equity ETFs
- Regulatory oversight: Balancing liquidity provision with the need for robust price stability in retail-heavy investment products
Keywords: Price Discovery · Market Integrity · Investor Protection · Arbitrage · Regulatory Framework
Economic Times ↗+2 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Fiscal policy, budget & taxation (GST)Prelims चर्चा में क्यों: पश्चिम एशियाई तनावों के बीच घरेलू ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से, भारत सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स में वृद्धि की है।
सरकार ने 16 जून से प्रभावी रूप से डीजल पर विंडफॉल गेन टैक्स (windfall gains tax) को बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 12.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करनेके उद्देश्य से, यह निर्णय डीजल (मार्च) और पेट्रोल (मई) पर पूर्व में लगाए गए निर्यात शुल्क के क्रम में लिया गया है।
Prelims pointers (3)
- Factडीजल निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स (Windfall gains tax) को 16 जून से प्रभावी रूप से बढ़ाकर 14 रुपये/लीटर कर दिया गया है।
- Factएविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स को बढ़ाकर 16 जून से प्रभावी रूप से Rs 12.5/litre कर दिया गया है।
- Factघरेलू ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, पूर्व में मार्च में डीजल और मई में पेट्रोल पर निर्यात शुल्क (Export duties) लगाया गया था।
Mains angle
Q. वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर में घरेलू ऊर्जा सुरक्षा के प्रबंधन हेतु विंडफॉल टैक्स (अतिरिक्त लाभ कर) और निर्यात शुल्क के उपयोग के पीछे निहित राजकोषीय और रणनीतिक तर्कसंगतता का विश्लेषण कीजिए।
- Fiscal-Security Nexus: Balancing immediate revenue generation from windfall gains against long-term energy security requirements.
- Market Distortion: Potential impact of export duties on global supply chains and domestic industrial input costs.
- Geopolitical Buffer: Using fiscal policy as a tool to mitigate the impact of West Asian maritime and oil supply disruptions.
Keywords: Windfall Tax · Energy Security · Fiscal Policy · Supply Chain Management · Geopolitical Risk
GS3Economy › Capital markets & SEBIPrelims चर्चा में क्यों: RBI ने विदेशी व्यक्तिगत निवेशकों द्वारा सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश करने पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है, ताकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) से इतर पूंजी के स्रोतों में विविधता लाई जा सके।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में विदेशी व्यक्तियों द्वारा प्रत्यक्ष निवेश की अनुमति देने हेतु नीतिगत परिवर्तन की पहल की है। इस कदम का उद्देश्य ब्रोकर्स, एक्सचेंजों, डिपॉजिटरीज़ और कस्टोडियंस से जुड़े एक नए निवेश पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
Prelims pointers (3)
- BodyRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और वित्तीय प्रणाली के विनियमन के लिए उत्तरदायी है।
- FactFPI: Foreign Portfolio Investors वे संस्थाएं हैं जो स्टॉक, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे वित्तीय संपत्तियों में निवेश करती हैं।
- Factसूचीबद्ध कंपनियाँ (Listed Companies): वे कंपनियाँ जिनके शेयर NSE या BSE जैसे सार्वजनिक स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार करते हैं।
Mains angle
Q. विदेशी पूंजी निवेश के स्रोतों में विविधता लाना वैश्विक अस्थिरता के विरुद्ध भारत के पूंजी बाजारों की सुदृढ़ता को किस प्रकार बढ़ा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Regulatory friction: Complexity in bank account opening and tax compliance for non-resident individuals.
- Market depth: Potential for increased liquidity and retail participation from global individual investors.
- Compliance burden: High demand for specialized tax and regulatory advisory services for cross-border retail flows.
Keywords: Capital Market Liquidity · Regulatory Liberalization · Foreign Direct Investment · Portfolio Investment · Financial Inclusion
Economic Times ↗+2 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Capital markets & SEBIPrelims चर्चा में क्यों: NSE ने ₹30,000 करोड़ के रिकॉर्ड-तोड़ IPO के लिए आवेदन किया, जबकि भारतीय बाजारों ने US Federal Reserve के 'हायर-फॉर-लॉन्गर' ब्याज दर रुख और गिरते तेल मूल्यों पर प्रतिक्रिया दी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने ₹30,000 करोड़ मूल्य के IPO के लिए आवेदन किया, जो भारतीय इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, किंतु दीर्घकालिक उच्च-दर वाले परिवेश का संकेत दिया, जिसके परिणामस्वरूप सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
Prelims pointers (4)
- FactNSE IPO मूल्य: ₹30,000 करोड़ (भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम)।
- FactNifty बेंचमार्क: 24,000 के स्तर से ऊपर बंद।
- FactBitcoin की कीमत: लगभग $64,000 के आसपास कारोबार।
- BodyFederal Reserve: संयुक्त राज्य अमेरिका की केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली।
Mains angle
Q. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 'उच्च ब्याज दरें लंबे समय तक' (higher-for-longer) की नीति भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में पूंजी प्रवाह और बाजार की अस्थिरता को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Monetary transmission: Impact of high US interest rates on FPI outflows and domestic liquidity
- Commodity correlation: Sensitivity of Indian equity benchmarks to global oil price fluctuations and geopolitical MoUs
- Market depth: Implications of large-scale public listings (NSE IPO) on domestic capital market liquidity
Keywords: Monetary Policy · Capital Flows · Market Volatility · Liquidity · Emerging Markets
NDTV ↗+3 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Capital markets & SEBIPrelims चर्चा में क्यों: महत्वपूर्ण शासन सुधारों के पश्चात, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने ₹30,000 करोड़ के IPO के लिए आवेदन किया है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम (public issue) बनने जा रहा है।
NSE ने ₹30,000 करोड़ के सार्वजनिक निर्गम (Public Issue) हेतु SEBI के समक्ष प्रारंभिक IPO दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। इस प्रस्ताव के अंतर्गत, भारतीय स्टेट बैंक सहित मौजूदा शेयरधारकों द्वारा अपने लगभग 6% हिस्सेदारी का विनिवेश किया जाएगा। इस निर्गम का उद्देश्य हुंडई मोटर इंडिया के IPO द्वारा स्थापित पिछले रिकॉर्ड को पार करना है।
Prelims pointers (4)
- BodySEBI: भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों का प्राथमिक नियामक।
- FactNSE IPO आकार: ₹30,000 करोड़ की सार्वजनिक निर्गम (public issue)।
- Factस्टेक विनिवेश (Stake Divestment): मौजूदा शेयरधारकों द्वारा अपने लगभग 6% हिस्सेबेचने की योजना।
- BodyNSE: भारत में एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, जिसकी स्थापना 1992 में हुई थी।
Mains angle
Q. भारत के पूंजी बाजारों को गहरा करने और कॉर्पोरेट प्रशासन के मानकों को बढ़ाने में बुनियादी ढांचा और विनिमय संस्थाओं की बड़े पैमाने पर सार्वजनिक सूचीकरण (Public Listing) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- Market liquidity: Large-scale divestment by institutional anchors like SBI impacting retail investor sentiment
- Regulatory oversight: Strengthening of governance frameworks post-co-location controversy to ensure market integrity
- Capital mobilization: Utilization of public issue proceeds for technological upgrades and market infrastructure expansion
Keywords: Capital Market · Corporate Governance · Public Issue · Market Integrity · Divestment
NDTV ↗+3 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Fiscal policy, budget & taxation (GST)Prelims + Mains चर्चा में क्यों: CAG की 'स्टेट फाइनेंस 2024-25' रिपोर्ट रेखांकित करती है कि 18 भारतीय राज्यों ने GSDP की अनुशंसित 3% राजकोषीय घाटे की सीमा को पार कर लिया है, जो ऋण पर अत्यधिक निर्भरता को दर्शाता है।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने सूचित किया है कि 10 राज्यों ने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3% से कम का राजकोषीय घाटा बनाए रखा, जबकि 18 राज्यों में यह सीमा से अधिक रही। वर्ष 2024-25 की अवधि में गोवा ने 1.7% के साथ न्यूनतम घाटा दर्ज किया।
Prelims pointers (4)
- Fact2024-25 की रिपोर्ट में गोवा ने 1.7% के साथ न्यूनतम राजकोषीय घाटा दर्ज किया।
- Factमेघालय, नगालैंड, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और मिजोरम ने GSDP के 5% से अधिक का राजकोषीय घाटा दर्ज किया।
- BodyCAG भारत का सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थान है, जो राज्य के वित्त और व्यय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।
- Factवित्त वर्ष 2024-25 की अवधि में 13 राज्यों ने राजस्व अधिशेष (revenue surplus) दर्ज किया।
Mains angle
Q. राज्यों द्वारा 3% की राजकोषीय घाटे की सीमा को पार करने के राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए और एक संघीय संरचना में राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की भूमिका की चर्चा कीजिए।
- Debt sustainability: Risk of crowding out private investment due to high state-level borrowing for infrastructure and subsidies.
- Fiscal federalism friction: Tension between state-level developmental spending requirements and central fiscal deficit guidelines.
- Revenue imbalance: Structural reliance on market borrowings to bridge the gap between recurring expenditure and revenue generation.
Keywords: Fiscal Discipline · Debt Sustainability · Fiscal Federalism · CAG Audit · GSDP · Revenue Surplus
GS3Economy › Employment & inclusive growthPrelims + Mains चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक रोजगार के विस्तार हेतु प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने की घोषणा की।
PM-VBRY योजना के अंतर्गत नए प्रवेशकर्ताओं को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि और अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को 3,000 रुपये प्रति माह तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। घोषणा के समय तक, इस योजना के अंतर्गत लगभग 20 लाख प्रथम बार नियुक्त कर्मचारियों ने अपने पदों पर छह महीने की अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है।
Prelims pointers (3)
- SchemePM-VBRY: केंद्र सरकार की एक पहल जो नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजित करने और पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है।
- FactPM-VBRY प्रोत्साहन: नए प्रवेशकों के लिए ₹15,000 तक और नियोक्ताओं के लिए ₹3,000 प्रति माह तक।
- Factरोजगार सृजन का मील का पत्थर: हालिया घोषणा के अनुसार, इस योजना के तहत 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित किए गए हैं।
Mains angle
Q. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-VBRY) जैसी प्रोत्साहन-आधारित योजनाओं के माध्यम से भारत के कार्यबल को अनौपचारिक से औपचारिक रोजगार की ओर स्थानांतरित करने और सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ाने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
- Incentive structure: Balancing fiscal expenditure on subsidies versus long-term private sector job creation
- Formalization gap: Challenges in integrating gig and informal workers into structured social security frameworks
- Demographic dividend: Leveraging youth employment to drive innovation and global economic competitiveness
Keywords: Formalization of labor · Social security coverage · Demographic dividend · Incentive-based policy · Employment generation
GS3Economy › Capital markets & SEBIPrelims चर्चा में क्यों: SEBI ने बाजार की तरलता और निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कॉर्पोरेट्स के लिए 'ओपन-मार्केट बायबैक' तंत्र को पुन: पेश किया है।
SEBI भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजार का प्राथमिक नियामक है। मुक्त बाजार पुनर्खरीद (ओपन-मार्केट बायबैक) के पुन: परिचय से कंपनियों को टेंडर ऑफर के बजाय स्टॉक एक्सचेंजों के माध्यम से सीधे शेयर वापस खरीदने की अनुमति मिलती है।
Prelims pointers (3)
- BodySEBI: Securities and Exchange Board of India Act, 1992 द्वारा स्थापित, जिसका उद्देश्य प्रतिभूति बाजार (securities market) को विनियमित करना है।
- Factओपन-मार्केट बायबैक: एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें कोई कंपनी स्टॉक एक्सचेंज से अपने स्वयं के शेयर वापस खरीदती है।
- Factम्यूचुअल फंड नियम परिवर्तन: SEBI ने फंड मैनेजरों के लिए सुचारू दैनिक संचालन की सुविधा हेतु इंट्राडे उधार (intraday borrowing) नियमों में ढील दी है।
Mains angle
Q. कॉर्पोरेट बायबैक तंत्र और म्यूचुअल फंड संचालन में सेबी (SEBI) द्वारा किए गए विनियामक हस्तक्षेप भारतीय पूंजी बाजारों की समग्र दक्षता और तरलता में किस प्रकार योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Liquidity dynamics: Balancing corporate share repurchases with market-wide availability of tradable equity
- Regulatory arbitrage: Addressing tax-related concerns that previously led to the discontinuation of open-market buybacks
- Operational efficiency: Reducing friction in mutual fund intraday borrowing to ensure seamless portfolio rebalancing
Keywords: Market Liquidity · Regulatory Framework · Capital Market Efficiency · Corporate Governance · Investor Participation
Indian Express ↗+2 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Growth, inflation & macro indicatorsPrelims + Mains चर्चा में क्यों: RBI ने वर्ष 2026-27 की अवधि के लिए भारत की GDP वृद्धि और मुद्रास्फीति के पथ पर मानसून की कमी के संभावित प्रभाव पर एक सतर्कता नोट जारी किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने उल्लेख किया है कि यद्यपि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान दे रहा है, तथापि भारतीय खाद्य निगम (FCI) रणनीतिक रूप से गेहूं का बफर स्टॉक बनाए हुए है। भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में सुदृढ़ विकास प्रदर्शित किया, जो मुख्य रूप से निजी उपभोग और स्थिर निवेश द्वारा संचालित था।
Prelims pointers (4)
- BodyRBI: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) भारत का केंद्रीय बैंक है जो मौद्रिक नीति के लिए उत्तरदायी है।
- BodyFCI: भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India) उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है।
- Factनिजी उपभोग और स्थिर निवेश द्वारा संचालित, भारतीय अर्थव्यवस्था ने Q4 2025-26 में मजबूत विकास बनाए रखा।
- S&Tएल नीनो (El Niño): एक जलवायु पैटर्न जो पूर्वी प्रशांत महासागर में सतह के जल के गर्म होने की विशेषता रखता है।
Mains angle
Q. जलवायु परिवर्तनशीलता, विशेष रूप से मानसून के स्वरूप, भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता को किस प्रकार प्रभावित करती है और खाद्य मुद्रास्फीति को कम करने में बफर स्टॉक की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- Supply-side volatility: Monsoon-dependent agriculture creates inherent risks to food price stability and rural demand.
- Buffer stock efficacy: The role of FCI in balancing market price signals against emergency food security requirements.
- Monetary-fiscal coordination: Balancing interest rate adjustments against climate-induced inflationary pressures in the agricultural sector.
Keywords: Monetary Policy · Food Inflation · Climate Resilience · Buffer Stocks · Macroeconomic Stability
GS3Economy › Industry, investment & MSMEsMains चर्चा में क्यों: भारतीय राज्यों में चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) का असमान कार्यान्वयन निगमों के लिए अनुपालन संबंधी जटिलताएँ उत्पन्न कर रहा है और निवेश की पूर्वानुमेयता को प्रभावित कर रहा है।
केंद्र सरकार ने 29 मौजूदा श्रम कानूनों को चार नए संहिताओं में समाहित कर दिया है। वर्तमान रिपोर्टों के अनुसार, केवल चार राज्यों (गुजरात और अरुणाचल प्रदेश सहित) ने नियमों को पूर्णतः अधिसूचित किया है, जबकि अन्य राज्य अभी भी संक्रमण की स्थिति में हैं।
Prelims pointers (2)
- Factचार नए श्रम कोड निम्नलिखित हैं: Code on Wages, Industrial Relations Code, Social Security Code, और Occupational Safety, Health and Working Conditions Code।
- Bodyश्रम संहिताओं (Labour codes) को राज्य स्तर पर लागू किया जाता है, जिसके लिए प्रवर्तन हेतु राज्य-विशिष्ट नियमों की आवश्यकता होती है।
Mains angle
Q. भारत के विभिन्न राज्यों में केंद्रीय श्रम संहिताओं के खंडित कार्यान्वयन से व्यापार करने की सुगमता और औद्योगिक निवेश पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
- Regulatory friction: Divergent state-level compliance requirements increasing operational costs for multi-state corporations
- Federal-State tension: Conflict between central legislative intent and state-level administrative autonomy in labour regulation
- Investment risk: Lack of uniform legal predictability deterring long-term capital commitment in manufacturing sectors
Keywords: Ease of Doing Business · Regulatory Uniformity · Federalism · Compliance Framework · Investment Predictability
GS3Economy › Industry, investment & MSMEsPrelims + Mains चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने सेवा प्रावधान को सुव्यवस्थित करनेके उद्देश्य से पुरानी लाइसेंसिंग व्यवस्था के स्थान पर दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक नया प्राधिकरण-आधारित ढांचा अधिसूचित किया है।
दूरसंचार विभाग के नए नियम संस्थाओं को नेटवर्क सेवा प्रदाता, वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर, या दोनों के रूप में प्राधिकरण के लिए आवेदन करने की अनुमति प्रदान करते हैं। यह ढांचा यह अनिवार्य करता है कि डेटा को भारत के भीतर ही संग्रहीत किया जाना चाहिए और सरकार को स्थान संबंधी जानकारी का खुलासा करना आवश्यक है।
Prelims pointers (4)
- Act / Billनया ढांचा विरासत में मिले लाइसेंसिंग शासन (licensing regime) को एक प्राधिकरण-आधारित मॉडल (authorization-based model) से प्रतिस्थापित करता है।
- Factइकाइयों को उपग्रह नेटवर्क स्थापित करने के लिए पृथक आवेदन और बुनियादी ढाँचे का विवरण प्रदान करना अनिवार्य है।
- Factनियमों के अनुसार, दूरसंचार सेवाओं के लिए डेटा भंडारण भारत के भीतर स्थित होना अनिवार्य है।
- Factअधिकृत संस्थाओं के लिए सरकार को स्थान संबंधी जानकारी का खुलासा करना अनिवार्य है।
Mains angle
Q. दूरसंचार क्षेत्र में लाइसेंसिंग शासन से अधिकार-आधारित ढांचे की ओर बढ़ते बदलाव का विश्लेषण कीजिए कि यह किस प्रकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार करने में सुगमता) और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है। चर्चा कीजिए।
- Data Sovereignty: Mandatory domestic data storage to ensure jurisdictional control over user information and national security.
- Security Oversight: Balancing the right to privacy with the government's requirement for real-time location disclosure for surveillance.
Keywords: Ease of Doing Business · Data Sovereignty · Regulatory Framework · Infrastructure Investment · National Security
NDTV ↗+1 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Monetary policy, RBI & bankingPrelims + Mains चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने साइबर-सक्षम वित्तीय अपराधों के विरुद्ध ग्राहकों की सुरक्षा को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से डिजिटल धोखाधड़ी क्षतिपूर्ति नियमों में संशोधन किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के मामलों में ग्राहकों के लिए स्पष्ट उत्तरदायित्व ढांचा प्रदान करने हेतु अपने दिशा-निर्देशों को अद्यतन किया है। इस कदम का उद्देश्य डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए बैंकिंग संस्थानों और ग्राहकों के मध्य उत्तरदायित्वों के संतुलन को सुनिश्चित करना है।
Prelims pointers (3)
- BodyRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो बैंकिंग क्षेत्र को विनियमित करने और मौद्रिक नीति के लिए उत्तरदायी है।
- Factडिजिटल धोखाधड़ी मुआवजा नियम: अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के लिए दायित्व को परिभाषित करने वाला ढांचा।
- S&Tसाइबर-सक्षम वित्तीय अपराध: डिजिटल पेमेंट गेटवे और UPI का लाभ उठाकर की जाने वाली धोखाधड़ी गतिविधियाँ।
Mains angle
Q. बढ़ते साइबर-धोखाधड़ी के विरुद्ध भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक उपायों और उपभोक्ता संरक्षण एवं तकनीकी नवाचार के बीच संतुलन स्थापित करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- Liability ambiguity: Lack of clear demarcation between customer negligence and systemic banking security failures
- Regulatory lag: Speed of cyber-fraud evolution outpacing the updates in traditional banking security protocols
- Information asymmetry: Vulnerable users lacking awareness of secure transaction practices versus sophisticated phishing techniques
Keywords: Cyber-resilience · Consumer Protection · Digital Infrastructure · Regulatory Framework · Financial Integrity
GS3Economy › Industry, investment & MSMEsPrelims + Mains चर्चा में क्यों: अमेज़न के CEO एंडी जेसी ने भारत में AI और क्लाउड बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करनेके लिए 2026-2030 की अवधि हेतु 48 बिलियन डॉलर के निवेश प्रस्ताव की घोषणा करने हेतु प्रधानमंत्री मोदी से भेंट की।
अमेज़न ने वर्ष 2026 और 2030 के मध्य निवेश हेतु 48 बिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जिसमें से 13 बिलियन डॉलर विशेष रूप से AI और क्लाउड अवसंरचना के लिए आवंटित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य 3.8 मिलियन रोजगारों को समर्थन प्रदान करना और 15 मिलियन लघु व्यवसायों को AI के लाभों से सुसज्जित करना है।
Prelims pointers (4)
- Fact2010 से अब तक Amazon का भारत में कुल निवेश $88 बिलियन से अधिक है।
- FactAmazon के 2026-2030 के लिए नियोजित निवेश में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर हेतु $13 बिलियन शामिल हैं।
- PlaceAmazon, मुंबई और हैदराबाद में विशेष रूप से AWS डेटा केंद्रों का विस्तार करने की योजना बना रहा है।
- Factइस निवेश का उद्देश्य संचयी रूप से $80 बिलियन के निर्यात को सुगम बनाना है।
Mains angle
Q. भारत में एआई (AI) और क्लाउड अवसंरचना में बड़े पैमाने पर होने वाले निजी निवेश किस प्रकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को उत्प्रेरित कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Digital divide: Ensuring equitable access to high-cost AI infrastructure for rural MSMEs vs urban tech hubs
- Data sovereignty: Balancing private cloud expansion with national security and data localization requirements
- Labor market shift: Transitioning the workforce toward AI-centric roles amidst rapid automation in traditional sectors
Keywords: Digital Infrastructure · MSME Empowerment · Cloud Computing · Foreign Direct Investment · AI Integration
GS3Economy › Employment & inclusive growthPrelims + Mains चर्चा में क्यों: EPFO ने वित्त वर्ष 25 में 1.40 करोड़ नए अंशधारकों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की है, जो PM-VBRY योजना द्वारा संचालित भारतीय कार्यबल के औपचारिकीकरण की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।
EPFO ने वित्त वर्ष 2025 में 1.40 करोड़ नए शुद्ध ग्राहकों को दर्ज किया है, जो वित्त वर्ष 2019 के आंकड़ों से दोगुने से अधिक है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का लक्ष्य 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करना है। इन नए ग्राहकों में युवा श्रमिक (18-25 वर्ष) लगभग 60% का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Prelims pointers (5)
- FactEPFO ने FY25 में 1.40 करोड़ नए शुद्ध ग्राहकों (net new subscribers) को दर्ज किया।
- Factनए EPFO ग्राहकों में 18-25 आयु वर्ग के युवा श्रमिक लगभग 60% का हिस्सा हैं।
- Factनए EPFO ग्राहकों में महिलाओं की संख्या लगभग एक-चौथाई है।
- SchemePM-VBRY का लक्ष्य 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार उत्पन्न करना है।
- Factवित्त वर्ष 2025 में नए EPFO सब्सक्राइबर्स की संख्या वित्त वर्ष 2019 की तुलना में दोगुनी से अधिक है।
Mains angle
Q. भारतीय कार्यबल के बढ़ते औपचारिकीकरण के महत्व और समावेशी आर्थिक विकास प्राप्त करने में सामाजिक सुरक्षा ढाँचों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- Demographic dividend: Leveraging the 18-25 age group through formal job creation and social security
- Regulatory simplification: Impact of the four Labour Codes on ease of compliance for MSMEs
- Gender parity: Addressing the structural barriers to female participation in the formal economy
Keywords: Formalization · Social Security · Demographic Dividend · Labour Reforms · Inclusive Growth
GS3Economy › Monetary policy, RBI & bankingPrelims + Mains चर्चा में क्यों: बैंकिंग लेनदेन में बढ़ते साइबर-फ्रॉड के प्रति चिंताओं को संबोधित करनेके लिए RBI ने डिजिटल धोखाधड़ी के पीड़ितों हेतु एक नया क्षतिपूर्ति ढांचा पेश किया है।
RBI का नियामक ढांचा हानि की अधिकतम 85% तक की क्षतिपूर्ति प्रदान करता है, जिसकी ऊपरी सीमा ₹25,000 निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, FCNR(B) खातों के लिए RBI की विदेशी मुद्रा विनिमय (forex swap) सुविधा केवल जमा की मूल राशि को ही कवर करती है।
Prelims pointers (5)
- BodyRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और बैंकिंग विनियमन के लिए उत्तरदायी है।
- FactRBI डिजिटल धोखाधड़ी मुआवजा: नुकसान का अधिकतम 85% तक, जो ₹25,000 की सीमा तक सीमित है।
- Factभारत का बिटुमेन आयात: 99% से अधिक पश्चिम एशिया से प्राप्त होता है।
- SchemePM-VBRY: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना प्रथम बार नौकरी खोजने वालों और नियोक्ताओं का समर्थन करती है।
- FactFCNR(B) forex swap: यह केवल जमा की गई मूल राशि (principal amount) को कवर करता है।
Mains angle
Q. भारत में साइबर-धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही और डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए आवश्यक उपायों का विश्लेषण कीजिए।
- Liability asymmetry: Determining the extent of bank vs. customer responsibility in sophisticated phishing attacks
- Regulatory friction: Balancing rapid fintech innovation with robust consumer protection frameworks
- Infrastructure gap: Need for standardized real-time fraud detection across diverse banking interfaces
Keywords: Cyber-security · Consumer Protection · Digital Payments · Monetary Policy · Financial Inclusion
Indian Express ↗+2 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Growth, inflation & macro indicatorsPrelims चर्चा में क्यों: IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.5% अनुमानित की है, जो मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद वैश्विक आर्थिक विकास के प्राथमिक चालक के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करती है।
IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की अर्थव्यवस्था हेतु 6.5% की विकास दर का अनुमान बनाए रखा है। रिपोर्ट में इस सुदृढ़ता का मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा झटकों के बावजूद मजबूत घरेलू मांग और अमेरिकी शुल्कों में कटौती को बताया गया है।
Prelims pointers (3)
- FactIMF ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP विकास दर 6.5% अनुमानित की है।
- BodyIMF: एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन जिसका मुख्यालय Washington डी.सी. में है और जो ऋण एवं वित्तीय सलाह प्रदान करता है।
- Factभारत के आर्थिक लचीलेपन के प्रमुख चालक: मजबूत घरेलू मांग और कम अमेरिकी टैरिफ।
Mains angle
Q. वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और ऊर्जा झटकों के बीच भारत की आर्थिक सुदृढ़ता (economic resilience) में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।
- Domestic demand insulation: High internal consumption acting as a buffer against external supply-side shocks
- Geopolitical trade-offs: Balancing energy security needs against the inflationary pressures of Middle Eastern conflicts
- Trade policy dynamics: Impact of reduced US tariffs on India's export-led growth trajectory
Keywords: Resilience · Domestic Demand · Externalities · Growth Projection · Geopolitical Volatility
GS3Economy › Capital markets & SEBIPrelims + Mains चर्चा में क्यों: कर-छूट और 'फुली एक्सेसिबल रूट' (FAR) के माध्यम से विस्तारित पहुंच के कारण, जून माह में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में ₹39,640 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश दर्ज किया गया।
सरकार और RBI ने पात्र संप्रभु ऋण निवेशों पर पूंजीगत लाभ को छूट प्रदान की है और 30-वर्षीय ऋण को शामिल करते हुए FAR पूल का विस्तार किया है। 12 जून तक, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार $672 बिलियन पर रहे।
Prelims pointers (5)
- Factजून में भारतीय G-Secs में FPI का प्रवाह ₹39,640 करोड़ तक पहुंच गया।
- Fact12 जून तक भारत के विदेशी मुद्रा भंडार $672 बिलियन थे।
- BodyCCIL (Clearing Corporation of India Limited) बेंचमार्क यील्ड्स (benchmark yields) पर डेटा प्रदान करता है।
- S&TFully Accessible Route (FAR) FPIs को बिना किसी सीमा के सरकारी बॉन्ड में निवेश करने की अनुमति देता है।
- Factनीतिगत उपायों के बाद, 10-वर्षीय बेंचमार्क यील्ड (yield) 6.76% पर बंद हुई।
Mains angle
Q. वैश्विक बॉन्ड सूचकांकों (bond indices) में भारतीय संप्रभु ऋण (sovereign debt) के शामिल होने के महत्व और भारत के पूंजीगत खाते एवं मुद्रा स्थिरता पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- Index Inclusion: Potential for massive capital inflows and reduced borrowing costs for the Indian government.
- Currency Volatility: Balancing the benefits of foreign capital against the risks of sudden capital outflows and rupee depreciation.
- Yield Correlation: Impact of elevated US Treasury yields on the relative attractiveness of Indian debt instruments.
Keywords: Capital Account · Sovereign Debt · Fully Accessible Route · Foreign Portfolio Investment · Bond Index Inclusion · Yield Curve
GS3Economy › Infrastructure (energy, ports, roads, railways)Prelims + Mains चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जेवर-लखनऊ के बीच यात्रा के समय को कम करनेके उद्देश्य से केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा की।
इस परियोजना का लक्ष्य दिल्ली-लखनऊ की यात्रा को घटाकर 2 घंटे 10 मिनट और जेवर-लखनऊ की यात्रा को 1 घंटा 40 मिनट करना है। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को सात उच्च-गति रेल गलियारों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPRs) को संशोधित करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है।
Prelims pointers (4)
- BodyNHSRCL: National High-Speed Rail Corporation Limited भारत में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार संस्था है।
- Factदिल्ली-लखनऊ यात्रा का लक्ष्य समय: 2 घंटे और 10 मिनट।
- Factजेवर-लखनऊ यात्रा समय का लक्ष्य: 1 घंटा 40 मिनट।
- Placeजेवर: उत्तर प्रदेश में आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थान।
Mains angle
Q. उत्तर भारत में क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास के उत्प्रेरक के रूप में उच्च गति वाली रेल गलियारों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- Logistics efficiency: Reduction in transit time between industrial hubs and the Jewar aviation corridor
- Regional connectivity: Bridging the infrastructure gap between the National Capital Region and eastern Uttar Pradesh
- Fiscal trade-offs: Balancing high capital expenditure on high-speed rail versus expansion of conventional rail networks
Keywords: Regional Integration · Logistics Efficiency · Capital Expenditure · Infrastructure Development · Multi-modal Connectivity
GS3Economy › Monetary policy, RBI & bankingPrelims + Mains चर्चा में क्यों: RBI ने रुपये के अवमूल्यन के विरुद्ध स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु बाह्य वाणिज्यिक ऋणों (External Commercial Borrowings) और विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बैंक जमा के लिए एक रियायती स्वैप सुविधा शुरू की है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की स्वैप सुविधा का उद्देश्य 40 बिलियन डॉलर से 70 बिलियन डॉलर के बीच डॉलर प्रवाह को आकर्षित करना है। यह उपाय मौजूदा देनदारियों की परिपक्वता से पूर्व भारत की बाह्य स्थिति में सुधार हेतु एक अस्थायी अवसर प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
Prelims pointers (3)
- FactRBI स्वैप सुविधा से अनुमानित डॉलर अंतर्वाह: $40 बिलियन से $70 बिलियन।
- BodyRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है।
- S&TExternal Commercial Borrowings (ECB): गैर-निवासी ऋणदाताओं से भारतीय संस्थाओं द्वारा लिए गए ऋण और अन्य उधार।
Mains angle
Q. अस्थिर पूंजी प्रवाह और निर्यात परिदृश्य में उतार-चढ़ाव के बीच भारत द्वारा सतत विदेशी मुद्रा भंडार बनाए रखने में आने वाली संरचनात्मक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- Structural vulnerability: High reliance on volatile capital flows versus organic growth in foreign exchange reserves
- Trade imbalance: Uncertain software export outlook impacting the steady inflow of hard currency
- Monetary management: Balancing the use of concessional swap facilities with long-term rupee stability
Keywords: External Commercial Borrowings · Currency Depreciation · Foreign Exchange Reserves · Capital Flows · Monetary Policy
Economic Times ↗+4 और खबरें इस विषय पर GS3Economy › Infrastructure (energy, ports, roads, railways)Prelims चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने एक विशाल विद्युत वित्तपोषण इकाई के निर्माण हेतु पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (REC) के विलय की घोषणा की है।
इस विलय का उद्देश्य लगभग 11 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन वाली एक विद्युत वित्तपोषण इकाई (power financing entity) का निर्माण करना है। इसके अंतर्गत, प्रत्येक 100 REC शेयरों के बदले 88 PFC शेयरों का शेयर विनिमय अनुपात (share swap ratio) निर्धारित किया गया है।
Prelims pointers (4)
- Factविलय की गई इकाई का मूल्यांकन 11 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
- Factशेयर स्वैप अनुपात प्रत्येक 100 REC शेयरों के लिए 88 PFC शेयर है।
- BodyNCLT (National Company Law Tribunal) और SEBI विलय (merger) की स्वीकृति के लिए आवश्यक प्रमुख नियामक निकाय हैं।
- BodyPFC और REC, Ministry of Power के अंतर्गत आने वाले Maharatna/Miniratna सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हैं।
Mains angle
Q. विद्युत क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के एकीकरण से भारत की बुनियादी ढांचा वित्तपोषण क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Capital efficiency: Aggregated balance sheets improve borrowing capacity and lower the cost of capital for large-scale power projects.
- Policy execution: Centralized financing vehicle streamlines the implementation of government schemes like PM-KUSUM and RDSS.
Keywords: Capital Aggregation · Infrastructure Financing · Public Sector Undertakings · Balance Sheet Strengthening · Energy Security
GS3Economy › Industry, investment & MSMEsPrelims + Mains चर्चा में क्यों: चीनी सौर ऊर्जा आयात को प्रतिबंधित करने के लिए भारत सरकार द्वारा 'अनुमोदित मॉडल और निर्माता सूची' (ALMM) का उपयोग, घरेलू विनिर्माण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा की लागत-दक्षता के बीच उत्पन्न तनाव को रेखांकित करता है।
ALMM एक नियामक तंत्र है जिसका उपयोग भारत द्वारा सौर इंगोट्स और वेफर्स के आयात को प्रतिबंधित करने के लिए किया जाता है। वर्तमान में, चीन इन महत्वपूर्ण घटकों के वैश्विक उत्पादन पर प्रभुत्व रखता है, जिसके कारण भारत ने घरेलू क्षमता विकसित करने हेतु आयात प्रतिस्थापन की नीति अपनाई है।
Prelims pointers (3)
- BodyALMM: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा सरकारी परियोजनाओं के लिए सौर मॉड्यूल को योग्य बनाने हेतु उपयोग की जाने वाली एक नियामक सूची।
- Factचीन सोलर इनगॉट्स (solar ingots) और वेफर्स (wafers) का प्रमुख वैश्विक उत्पादक है, जो भारत की सौर महत्वाकांक्षाओं के लिए आपूर्ति श्रृंखला निर्भरता (supply chain dependency) उत्पन्न करता है।
- S&Tसोलर इंगॉट्स (ingots) और वेफर्स (wafers), फोटोवोल्टिक (PV) सेल और मॉड्यूल के निर्माण में प्राथमिक अपस्ट्रीम घटक हैं।
Mains angle
Q. वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रभुत्व के संदर्भ में, आयात प्रतिस्थापन नीतियों और भारत के नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
Keywords: Import Substitution · Supply Chain Resilience · Renewable Energy Transition · Protectionism · Domestic Manufacturing · Trade Policy
GS3Economy › Infrastructure (energy, ports, roads, railways)Prelims + Mains चर्चा में क्यों: MSC Group की Terminal Investment Limited (TiL) ने अडानी विझिनजम पोर्ट में 49% हिस्सेदारी के लिए USD 1.397 बिलियन के निवेश हेतु एक निश्चित समझौता (definitive agreement) किया है, जो भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान करता है।
मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) समूह की एक टर्मिनल इकाई, TiL, अडानी विझिनजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) में निवेश कर रही है। इस बंदरगाह का कुल मूल्यांकन USD 2.85 बिलियन है, जिसका उद्देश्य दिसंबर 2028 तक इसकी क्षमता को 1.6 मिलियन TEUs से बढ़ाकर 5.7 मिलियन TEUs तक पहुँचाना है।
Prelims pointers (4)
- Factविझिनजम पोर्ट क्षमता विस्तार लक्ष्य: दिसंबर 2028 तक 5.7 मिलियन TEUs।
- Factनिवेश राशि: AVPPL में 49% हिस्सेदारी के लिए USD 1.397 बिलियन।
- Placeविझिंजम पोर्ट: यह भारत के केरल में स्थित है, जो एक ट्रांसशिपमेंट गेटवे (transshipment gateway) के रूप में कार्य करता है।
- Factकुल बंदरगाह मूल्यांकन: USD 2.85 बिलियन।
Mains angle
Q. बड़े पैमाने पर निजी-सार्वजनिक समुद्री निवेश भारत की एक वैश्विक पारगमन केंद्र (transshipment hub) के रूप में स्थिति को कैसे सुदृढ़ कर सकते हैं और 'सागरमाला' परियोजना के उद्देश्यों पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
- Logistics efficiency: Reducing turnaround times for container ships to lower global supply chain costs
- Geopolitical leverage: Strengthening India's maritime dominance in the Indian Ocean region via transshipment hubs
- Infrastructure bottleneck: Addressing the current deficit in deep-water port capacity to facilitate large-scale container movement
Keywords: Transshipment hub · Maritime infrastructure · Foreign Direct Investment · Logistics efficiency · Sagarmala Project
GS3Economy › Infrastructure (energy, ports, roads, railways)Prelims + Mains चर्चा में क्यों: भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे ने 107 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन और 75 करोड़ दैनिक UPI लेनदेन का मील का पत्थर स्थापित किया है, जो देश के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) के व्यापक स्तर को रेखांकित करता है।
भारत में 107 करोड़ से अधिक इंटरनेट कनेक्शन और लगभग 100 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक दर्ज किए गए हैं। UPI प्रणाली प्रतिदिन लगभग 75 करोड़ लेनदेन संसाधित करती है और वर्तमान में इसे नौ देशों में अपनाया गया है।
Prelims pointers (5)
- Factवर्तमान रिपोर्टिंग अवधि तक भारत में इंटरनेट कनेक्शनों की संख्या 107 करोड़ से अधिक हो गई है।
- FactUPI प्रतिदिन लगभग 75 करोड़ लेनदेन संसाधित करता है और 9 देशों में सक्रिय है।
- FactDigiLocker प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ताओं की संख्या 70 करोड़ से अधिक है।
- FactDirect Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे 51.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है।
- S&Tभारत महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी AI मॉडल विकसित कर रहा है।
Mains angle
Q. एक विकासशील अर्थव्यवस्था में भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (DPI) किस प्रकार वित्तीय समावेशन और कुशल कल्याणकारी वितरण के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Leakage reduction: DBT framework minimizes intermediary interference and ensures direct-to-beneficiary fund flow.
- Global DPI leadership: Expansion of UPI to 9 countries establishes India as a provider of affordable, scalable fintech solutions.
- Strategic autonomy: Development of indigenous AI models to mitigate dependency on foreign technology stacks and data sovereignty risks.
Keywords: Digital Public Infrastructure · Financial Inclusion · Strategic Autonomy · Direct Benefit Transfer · Digital Literacy
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
GS3Science & Technology › Space technology (ISRO, missions)Prelims चर्चा में क्यों: फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के शोधकर्ताओं ने शिव शक्ति पॉइंट (चंद्रयान-3 लैंडिंग स्थल) की मिट्टी और अंटार्कटिका में पाए गए ALHA 81005 चंद्र उल्कापिंड के बीच एक निकट रासायनिक संबंध की खोज की है।
अध्ययन यह संकेत देता है कि शिव शक्ति बिंदु की मिट्टी रासायनिक रूप से ALHA 81005 उल्कापिंड के समान है, जो लगभग दस लाख वर्ष पूर्व अंटार्कटिका में गिरा था। ये निष्कर्ष 'लूनर मैग्मा ओशन' सिद्धांत और प्रभाव घटनाओं (impact events) द्वारा क्रस्टल सामग्री के पुनर्वितरण के साक्ष्य का समर्थन करते हैं।
Prelims pointers (4)
- S&Tशिव शक्ति पॉइंट: चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट भारत के Chandrayaan-3 मिशन की लैंडिंग साइट।
- FactALHA 81005: अंटार्कटिका में पाया गया एक चंद्र उल्कापिंड (lunar meteorite) जो लगभग दस लाख वर्ष पहले गिरा था।
- S&Tभौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (PRL): चंद्र मृदा रसायन विज्ञान पर अध्ययन करने वाला अग्रणी भारतीय संस्थान।
- S&Tलूनर मैग्मा ओशन (Lunar Magma Ocean): चंद्र मृदा और उल्कापिंडों के बीच रासायनिक समानता द्वारा समर्थित एक सिद्धांत।
Mains angle
Q. चंद्र अन्वेषण और उल्कापिंडों के अध्ययन किस प्रकार पृथ्वी-चंद्र प्रणाली के भूगर्भीय विकास को समझने में योगदान देते हैं, चर्चा कीजिए।
- Geological insights: Evidence of crustal material redistribution via impact events
- Scientific significance: Validation of the lunar magma ocean theory for early solar system history
Keywords: Lunar Magma Ocean · Crustal Redistribution · Meteoritic Analysis · Space Exploration · Geological Evolution
चर्चा में क्यों: IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) द्वारा क्रिटिकैलिटी प्राप्त करने और भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम में इसकी भूमिका की प्रशंसा की है।
PFBR तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित है और यह उपभोग की तुलना में अधिक विखंडनीय सामग्री (fissile material) उत्पन्न करने के लिए फास्ट ब्रीडर तकनीक का उपयोग करता है। यह थोरियम को प्राथमिक ईंधन स्रोत के रूप में उपयोग करने की भारत की दीर्घकालिक रणनीति का एक प्रमुख घटक है।
Prelims pointers (4)
- S&Tफास्ट ब्रीडर रिएक्टर (Fast Breeder Reactor): एक ऐसा रिएक्टर जो संचालन के दौरान उपभोग की तुलना में अधिक विखंडनीय सामग्री (जैसे, Plutonium-239) का उत्पादन करता है।
- BodyIAEA: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी, जो परमाणु ऊर्जा पर अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण और सहयोग प्रदान करती है।
- Placeकलपक्कम: तमिलनाडु में भारत के Prototype Fast Breeder Reactor (PFBR) का स्थल।
- Factभारत का त्रि-चरणीय परमाणु कार्यक्रम: Pressurized Heavy Water Reactors (PHWR) से Fast Breeder Reactors (FBR) की ओर बढ़ते हुए भारत के विशाल थोरियम भंडार का उपयोग करने की एक रणनीति।
Mains angle
Q. भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और थोरियम-आधारित ईंधन चक्र की ओर संक्रमण में तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के रणनीतिक महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- Resource optimization: Leveraging domestic thorium reserves to reduce dependence on imported uranium.
- Technological hurdle: Engineering challenges in maintaining high-temperature stability and fuel reprocessing for fast breeder reactors.
- Safety-Security nexus: Balancing the expansion of breeder technology with international liability frameworks and non-proliferation norms.
Keywords: Fissile material · Thorium cycle · Energy security · Nuclear criticality · Fast breeder technology
चर्चा में क्यों: SHANTI अधिनियम के अंतर्गत निजी क्षेत्र की रुचि के बावजूद, AERB से लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) के लिए कड़े सुरक्षा मानक बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।
परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) भारत में परमाणु सुविधाओं के लिए सुरक्षा प्राधिकरणों की निगरानी करता है। SHANTI अधिनियम केंद्र सरकार के लाइसेंस के साथ निजी कंपनियों को परमाणु सुविधाएँ स्थापित करने की अनुमति देकर निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुगम बनाता है।
Prelims pointers (4)
- BodyAERB: भारत में परमाणु सुविधाओं के सुरक्षा प्राधिकरण और विनियमन के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार निकाय।
- Act / BillSHANTI Act: भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को सक्षम बनाने वाला विधान।
- S&TSMRs (Small Modular Reactors): 300 MW तक की बिजली क्षमता वाले परमाणु रिएक्टर, जिन्हें आसान तैनाती और सुरक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- FactAERB निजी क्षेत्र के संभावित प्रवेशकों के लिए प्रौद्योगिकी प्रदाताओं के साथ डिजाइन, प्रशिक्षण और रखरखाव हेतु औपचारिक समझौते की आवश्यकता करता है।
Mains angle
Q. शांति (SHANTI) अधिनियम के अंतर्गत भारत के परमाणु ऊर्जा परिदृश्य में निजी क्षेत्र की भागीदारी को एकीकृत करने में आने वाली विनियामक चुनौतियों और सुरक्षा संबंधी अनिवार्यताओं का विश्लेषण कीजिए।
- Safety-Innovation Trade-off: Balancing the rapid deployment of SMR technology with the AERB's non-negotiable safety protocols.
- Private Sector Entry Barriers: Requirement of pre-existing technology provider agreements creating high capital and technical entry hurdles.
- Regulatory Consistency: Maintaining uniform safety standards across varying reactor scales to prevent regulatory arbitrage.
Keywords: Regulatory Oversight · Nuclear Safety · Private Participation · SMR Technology · SHANTI Act
चर्चा में क्यों: मोदी सरकार ने वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय शोधकर्ताओं को वापस आने और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करके 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) को रोकने हेतु 'प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर स्कीम 2026' शुरू की है।
यह योजना उन्नत कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा सहित उच्च-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लक्षित करती है। वित्तीय सहायता और अनुसंधान बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए सात प्रमुख भारतीय संस्थानों को अग्रणी केंद्रों के रूप में नामित किया गया है।
Prelims pointers (3)
- Schemeप्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना 2026: वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय शोधकर्ताओं को घरेलू संस्थानों में वापस लानेकी पहल।
- Factइस योजना के लक्षित क्षेत्रों में उन्नत कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं।
- Bodyयोजना के कार्यान्वयन के लिए सात प्रमुख संस्थानों को अग्रणी केंद्र (lead centers) के रूप में नामित किया गया है।
Mains angle
Q. उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में वित्तीय प्रोत्साहन और अनुसंधान कुर्सियों की उपलब्धता के बावजूद, 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) को रोकने में भारत के समक्ष आने वाली संरचनात्मक और प्रणालीगत चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- Infrastructure gap: Disparity in laboratory facilities and R&D funding between Indian institutions and global research hubs.
- Bureaucratic friction: Complexity in navigating administrative hurdles for high-level research grants and international collaboration.
- Market competitiveness: Difficulty in matching global private-sector salary scales and work-life balance standards for top-tier researchers.
Keywords: Brain Drain · Human Capital · R&D Ecosystem · Knowledge Economy · Technological Sovereignty
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की समुद्री रक्षा को सुदृढ़ करने और रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को साकार करने हेतु स्वदेश निर्मित तीन युद्धपोतों—INS Dunagiri, INS Sanshodhak, और INS Agray—का लोकार्पण किया।
कमीशन की गई तीनों नौकाएं स्टील्थ फ्रिगेट INS Dunagiri, सर्वेक्षण पोत INS Sanshodhak और पनडुब्बी रोधी युद्ध पोत INS Agray हैं। ये पोत BrahMos मिसाइलों और हल्के सोनार प्रणालियों सहित उन्नत प्रणालियों से सुसज्जित हैं।
Prelims pointers (5)
- S&TINS Dunagiri: उच्च गति और कम दृश्यता वाले अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया एक स्टील्थ फ्रिगेट।
- S&TINS Sanshodhak: समुद्री मानचित्रण और अनुसंधान के लिए एक विशेष सर्वेक्षण पोत।
- S&TINS Agray: एक एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) क्राफ्ट जिसे पानी के भीतर के खतरों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- FactBrahMos: DRDO और BrahMos Aerospace द्वारा विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और लैंड-अटैक हथियार प्रणाली।
- Placeकोलकाता: वह स्थान जहाँ कमीशनिंग समारोह आयोजित किया गया था।
Mains angle
Q. 'आत्मनिर्भर भारत' के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पर बढ़ते जोर का भारत की समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक स्वायत्तता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
- Strategic autonomy: Reducing reliance on foreign OEMs for critical naval components and high-tech sensors.
- Industrial synergy: Integration of private sector manufacturing with DRDO and naval requirements for rapid procurement.
- Maritime dominance: Enhancing multi-domain capabilities (survey, stealth, and ASW) to counter regional naval expansion.
Keywords: Atmanirbhar Bharat · Maritime Security · Strategic Autonomy · Indigenization · Defense Procurement
चर्चा में क्यों: Wockhardt को ZAYNICH™ के लिए US FDA से अनुमोदन प्राप्त हुआ है, जो रोगाणुरोधी प्रतिरोध (antimicrobial resistance) से निपटने के लिए किसी भारतीय दवा कंपनी द्वारा पूर्णतः खोजा गया और व्यावसायीकृत पहला नवीन एंटीबायोटिक है।
ZAYNICH™ एक नवीन एंटीबायोटिक है जिसे प्रतिरोधी ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया के कारण होने वाले जटिल मूत्र मार्ग के संक्रमण के उपचार हेतु विकसित किया गया है। इसका विकास छत्रपति संभाजीनगर स्थित वोकहार्ट (Wockhardt) के अनुसंधान केंद्र में 17 वर्षों की अवधि में किया गया था।
Prelims pointers (4)
- S&TZAYNICH™: प्रतिरोधी ग्राम-नेगेटिव (Gram-negative) बैक्टीरिया के उपचार के लिए एक नवीन एंटीबायोटिक।
- Factविकास की समयरेखा: 17 वर्षों का अनुसंधान और विकास।
- PostUS FDA: United States Food and Drug Administration वह नियामक संस्था है जिसने अनुमोदन प्रदान किया।
- Placeछत्रपति संभाजीनगर: उस अनुसंधान केंद्र का स्थान जहाँ दवा विकसित की गई थी।
Mains angle
Q. एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के वैश्विक संकट के समाधान में भारत की फार्मास्युटिकल अनुसंधान एवं विकास (R&D) क्षमताओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- R&D investment gap: High costs of clinical trials leading to reduced private sector interest in antibiotic discovery.
- Public health threat: Rapid emergence of multi-drug resistant (MDR) Gram-negative bacteria complicating standard infection protocols.
- Market dynamics: India's ability to provide affordable access to novel antibiotics compared to Western markets.
Keywords: Antimicrobial Resistance · Pharmaceutical R&D · Gram-negative bacteria · Public Health · Novel Chemical Entity
GS3Science & Technology › Space technology (ISRO, missions)Prelims चर्चा में क्यों: NASA के पर्सिवेरेंस (Perseverance) रोवर ने जेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater) में जटिल कार्बनिक यौगिकों का पता लगाया है, जो अतीत में मंगल ग्रह की संभावित जीवन-अनुकूलता के महत्वपूर्ण प्रमाण प्रदान करते हैं।
यह खोज Perseverance रोवर पर स्थित SHERLOC उपकरण के माध्यम से की गई थी। नमूने जेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater) से प्राप्त मडस्टोन (mudstone) से एकत्रित किए गए थे और इन्हें 'Science Advances' पत्रिका में प्रकाशित किया गया था।
Prelims pointers (3)
- S&TSHERLOC: NASA के Perseverance रोवर पर लगा एक spectrometer उपकरण जिसका उपयोग कार्बनिक यौगिकों (organic compounds) का पता लगाने के लिए किया जाता है।
- Placeजेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater): मंगल ग्रह पर एक ऐसा स्थल जिसे प्राचीन नदी डेल्टा और झील प्रणालियों के साक्ष्यों के कारण अन्वेषण के लिए चुना गया है।
- Factमैक्रोमोलेक्यूलर कार्बन (Macromolecular carbon): इसे मंगल ग्रह के मडस्टोन (mudstone) में पाया गया है और यह पृथ्वी पर जीवन के एक प्रमुख आधारभूत घटक के रूप में पहचाना गया है।
Mains angle
Q. जीवन की उत्पत्ति को समझने में ग्रहों की खोज के महत्व और मंगल से नमूने वापस लाने के मिशनों में शामिल तकनीकी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- Technological bottleneck: High-precision chemical analysis and sample preservation during the complex Mars-to-Earth transit.
- Scientific inference: Distinguishing between abiotic organic synthesis and biological signatures in ancient geological formations.
- Policy trade-off: Balancing high-cost deep-space exploration budgets against immediate terrestrial scientific priorities.
Keywords: Astrobiology · Planetary Exploration · Organic Compounds · Exoplanetary Science · Sample Return Mission
चर्चा में क्यों: अमेरिका के एक 23 वर्षीय व्यक्ति 'Casgevy' नामक CRISPR-आधारित जीन-संपादन चिकित्सा के माध्यम से सिकल सेल रोग से कार्यात्मक रूप से उपचार पाने वाले पहले व्यक्ति बने हैं।
Casgevy, Vertex Pharmaceuticals और CRISPR Therapeutics द्वारा विकसित एक CRISPR-आधारित चिकित्सा पद्धति है। यह उपचार रोगी की अपनी ही रक्त-निर्माण करने वाली स्टेम कोशिकाओं का उपयोग करके भ्रूण हीमोग्लोबिन उत्पादन को पुनर्जीवित करता है, ताकि लाल रक्त कोशिकाओं के विरूपण को रोका जा सके।
Prelims pointers (4)
- S&TCRISPR-Cas9: सटीक जीनोम एडिटिंग (genome editing) के लिए एक उपकरण जो वैज्ञानिकों को DNA अनुक्रमों को 'काटने' और 'जोड़ने' की अनुमति देता है।
- S&TCasgevy: सिकल सेल रोग के लिए स्वीकृत CRISPR-आधारित जीन-एडिटिंग थेरेपी।
- Factमरीज को मार्च 2026 में संपादित कोशिकाएं (edited cells) प्राप्त हुईं और अप्रैल 2026 में सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर के साथ छुट्टी दे दी गई।
- S&Tफीटल हीमोग्लोबिन (Fetal Haemoglobin): भ्रूण विकास के दौरान उत्पादित हीमोग्लोबिन का एक प्रकार, जो सामान्यतः जन्म के बाद निष्क्रिय (silenced) हो जाता है।
Mains angle
Q. वंशानुगत रक्त विकारों के उपचार में क्रांति लाने की क्षमता रखने वाली CRISPR-आधारित जीन-संपादन प्रौद्योगिकियों की क्षमता और मानव जीनोम संपादन से जुड़े नैतिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- Ethical dilemma: Balancing the potential for curative gene therapy against the risks of unintended off-target genetic mutations.
- Accessibility gap: High cost of personalized CRISPR therapies creating a disparity in healthcare access for vulnerable populations.
- Regulatory hurdle: Complexity in establishing safety protocols for permanent germline vs. somatic cell gene modifications.
Keywords: Gene Editing · CRISPR-Cas9 · Biotechnology · Hereditary Disorders · Precision Medicine
GS3Science & Technology › Space technology (ISRO, missions)Prelims चर्चा में क्यों: CHARUSAT और PRL के शोधकर्ताओं ने अंतरिक्ष अन्वेषण में सहायता हेतु प्रयोगशाला परिवेश में अन्य ग्रहों पर बिजली गिरने की स्थिति का अनुकरण करने वाली तकनीक के लिए पेटेंट प्राप्त किया है।
यह तकनीक विभिन्न ग्रहों के वायुमंडलीय परिवेश में बिजली के प्रभाव को पुन: उत्पन्न करने के लिए एक अनुकूलित वैक्यूम चैंबर और उच्च-वोल्टेज सेटअप का उपयोग करती है। इस परियोजना को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा वित्तपोषित किया गया था और इसे चरोतर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CHARUSAT) एवं फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा विकसित किया गया है।
Prelims pointers (4)
- S&TPRL (Physical Research Laboratory) अंतरिक्ष और भू-भौतिकी (geophysics) पर केंद्रित भारत का एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।
- S&Tयह तकनीक विशेष रूप से शुक्र, बृहस्पति और शनि जैसे ग्रहों के लिए बिजली की घटनाओं का अनुकरण करती है।
- Factयह परियोजना स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देनेके लिए 'Atmanirbhar Bharat' पहल के अनुरूप है।
- BodyISRO (Indian Space Research Organisation) भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है।
Mains angle
Q. वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण में किस प्रकार योगदान देता है? विश्लेषण कीजिए।
- R&D ecosystem: Strengthening public-private partnerships between academic institutions like CHARUSAT and national bodies like ISRO.
- Technological sovereignty: Reducing reliance on foreign laboratory infrastructure for planetary atmospheric modeling.
- Strategic positioning: Enhancing India's capability to lead in deep-space exploration and planetary science research.
Keywords: Atmanirbhar Bharat · Space Exploration · Indigenous Technology · Planetary Science · Public-Private Partnership
Indian Express ↗+2 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने मानव सुरक्षा और तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से गगनयान के प्रथम मानव रहित परीक्षण उड़ान में संभावित विलंब की घोषणा की है, जिसके अब Q3 2027 तक होने की संभावना है।
गगनयान मिशन भारत का प्रथम मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है। ISRO वर्तमान में मिशन की अखंडता सुनिश्चित करने हेतु PSLV रॉकेट और NavIC उपग्रहों से संबंधित तकनीकी बाधाओं का समाधान कर रहा है।
Prelims pointers (4)
- S&TGaganyaan: भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, जिसका लक्ष्य तीन सदस्यीय चालक दल को 400 km की कक्षा में ले जाना है।
- S&TPSLV: Polar Satellite Launch Vehicle, ISRO का एक वर्कहॉर्स रॉकेट जिसका उपयोग विभिन्न उपग्रह मिशनों के लिए किया जाता है।
- S&TNavIC: Navigation with Indian Constellation, भारत की स्वतंत्र क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली।
- PostV Narayanan: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वर्तमान अध्यक्ष।
Mains angle
Q. भारत के लिए गगनयान जैसे स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के विकास में निहित तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- Technical Debt Management: Addressing recurring anomalies in PSLV and NavIC systems to ensure high-reliability for manned missions.
- Strategic Autonomy: Reducing dependence on foreign launch vehicles and navigation systems to secure India's space sovereignty.
Keywords: Space Sovereignty · Human-rated Systems · Technological Reliability · Strategic Autonomy · Mission Integrity
Indian Express ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: अतार्किक औषधि संयोजनों और नियामक निरीक्षण संबंधी चिंताओं के कारण, UPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन्स (FDCs) को सम्मिलित किया है।
निश्चित-खुराक संयोजन (FDCs) एक ही निर्माण में दो या अधिक सक्रिय घटकों को समाहित करते हैं। किसी संयोजन को 'अतार्किक' तब माना जाता है जब इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण न हो कि वे घटक पृथक रूप से कार्य करने की तुलना में एक साथ मिलकर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं।
Prelims pointers (3)
- S&TFDCs: ऐसे फॉर्मूलेशन जिनमें एक ही उत्पाद में दो या अधिक सक्रिय तत्व (active ingredients) शामिल होते हैं।
- Factअतार्किक FDCs: वे संयोजन जिनमें सहक्रियात्मक चिकित्सीय प्रभावों के लिए वैज्ञानिक रूप से स्थापित तर्क का अभाव होता है।
- Bodyनियामक निरीक्षण: औषधि प्राधिकरण भारत में असुरक्षित या तर्कहीन फॉर्मूलेशन की समीक्षा और निषेध करते हैं।
Mains angle
Q. भारत में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशंस (FDCs) की निगरानी में आने वाली विनियामक चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और तर्कसंगत औषधि उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
- Regulatory oversight gap: Difficulty in monitoring thousands of FDC variants for clinical efficacy and safety.
- Public health risk: Proliferation of irrational combinations leading to potential drug resistance and adverse reactions.
- Policy trade-off: Balancing ease of patient compliance (single pill) against the necessity of evidence-based pharmacological synergy.
Keywords: Fixed-Dose Combinations · Irrational Drugs · Pharmacovigilance · Regulatory Oversight · Public Health Policy
चर्चा में क्यों: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण उत्सर्जन को कम करने के लिए कम-कार्बन वाले लाइमस्टोन कल्पित क्ले सीमेंट (LC3) का उपयोग करने वाली पहली बड़े पैमाने की सिविल इंजीनियरिंग परियोजना बन गई है।
LC3 तकनीक का विकास भारतीय IITs और EPFL (स्विट्जरलैंड) के बीच एक वैश्विक साझेदारी के माध्यम से किया गया है। यह पारंपरिक पोर्टलैंड सीमेंट की तुलना में CO2 उत्सर्जन को लगभग 40% तक कम करती है, जबकि यह समान प्रदर्शन और स्थायित्व सुनिश्चित करती है।
Prelims pointers (4)
- S&TLC3: Limestone Calcined Clay Cement पारंपरिक पोर्टलैंड सीमेंट का एक कम-कार्बन विकल्प है।
- FactLC3 तकनीक पारंपरिक सीमेंट की तुलना में CO2 उत्सर्जन को लगभग 40% कम कर देती है।
- BodyEPFL: École Polytechnique Fédérale de Lausanne एक स्विस अनुसंधान संस्थान है जो LC3 विकास में शामिल है।
- Placeनोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) भारत में इस तकनीक को अपनाने वाला पहला बड़े पैमाने का प्रोजेक्ट है।
Mains angle
Q. भारत द्वारा 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता में LC3 जैसे निम्न-कार्बन निर्माण सामग्री को अपनाने से किस प्रकार योगदान मिल सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- Scalability constraints: Transitioning from pilot projects like Noida Airport to nationwide industrial adoption of LC3 standards.
Keywords: Decarbonization · Sustainable Infrastructure · Low-carbon Cement · Net Zero · Green Construction
GS3Science & Technology › IT, AI, semiconductors & computingMains चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता विश्वास को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के पीड़ितों के मुआवजे के लिए अपने ढांचे में संशोधन किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का संशोधित ढांचा अनधिकृत डिजिटल लेनदेन के मामलों में ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों की देयता पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान की सुगमता और धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के लिए सुदृढ़ सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन स्थापित करना है।
Prelims pointers (3)
- BodyRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक प्रणाली और बैंकिंग क्षेत्र को विनियमित करने के लिए उत्तरदायी है।
- Factडिजिटल भुगतान धोखाधड़ी: भारत के तेजी से विस्तारित UPI और डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे में एक बढ़ती चिंता।
- S&Tपारिस्थितिक सीमाएँ (Ecological thresholds): वे सीमाएँ जिनके पार एक पारिस्थितिकी तंत्र पर्यावरणीय तनाव या संसाधन की कमी से उबरने में असमर्थ हो जाता है।
Mains angle
Q. डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी मुआवजे के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के संशोधित ढांचे के संदर्भ में, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और सुदृढ़ उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता के बीच संतुलन के प्रयासों का विश्लेषण कीजिए।
- Liability ambiguity: Determining the point of negligence between the customer, the merchant, and the payment gateway.
- Trust deficit: Impact of high-frequency fraud on the adoption of digital public infrastructure like UPI.
- Regulatory friction: Balancing rapid fintech innovation with stringent security protocols to prevent systemic financial risks.
Keywords: Digital Public Infrastructure · Consumer Protection · Financial Inclusion · Ecological Thresholds · Sustainable Development · Regulatory Framework
चर्चा में क्यों: भारत ने कलपक्कम में एक फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (Fast Breeder Test Reactor) से प्राप्त परमाणु ऊष्मा द्वारा संचालित विश्व की पहली पायलट हाइड्रोजन उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया है।
यह सुविधा तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) में स्थित है। यह प्रत्यक्ष कार्बन उत्सर्जन या विद्युत पर निर्भरता के बिना स्वच्छ हाइड्रोजन उत्पादन हेतु कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल चक्र का उपयोग करती है।
Prelims pointers (4)
- S&TFast Breeder Test Reactor (FBTR): एक ऐसा परमाणु रिएक्टर जो अपने उपभोग की तुलना में अधिक विखंडनीय सामग्री (fissile material) का उत्पादन करता है।
- S&Tकॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल चक्र: हाइड्रोजन उत्पादन की एक विधि जो बिजली के बजाय ऊष्मा का उपयोग करती है।
- PlaceIGCAR: यह तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित है और परमाणु अनुसंधान के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
- Factयह सुविधा प्रत्यक्ष कार्बन उत्सर्जन के बिना हाइड्रोजन का उत्पादन करती है, जो इसे steam methane reforming से अलग करती है।
Mains angle
Q. हाइड्रोजन उत्पादन के साथ परमाणु ऊर्जा के एकीकरण से भारत की कार्बन मुक्त औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में किस प्रकार तेजी आ सकती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- Decarbonization synergy: Utilizing high-temperature nuclear heat to bypass the energy losses inherent in electrolysis.
- Technological sovereignty: Reducing dependence on imported fossil fuels by establishing indigenous thermochemical hydrogen production.
- Safety-Security nexus: Managing the dual challenges of nuclear waste management and hydrogen storage infrastructure.
Keywords: Decarbonization · Thermochemical Cycle · Nuclear Synergy · Green Hydrogen · Energy Security
आंतरिक सुरक्षा
GS3Internal Security › Terrorism & insurgency (J&K, North-East)Prelims + Mains चर्चा में क्यों: SIPRI Yearbook 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, चीन और पाकिस्तान को लक्षित करने वाले आधुनिकीकरण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में भारत के परमाणु शस्त्रागार का विस्तार होकर लगभग 190 वारहेड्स तक हो गया है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने वर्ष 2026 की शुरुआत तक भारत के परमाणु आयुधों की संख्या लगभग 190 होने का अनुमान लगाया है। यह रिपोर्ट भारत की विश्व के पांचवें सबसे बड़े सैन्य व्ययकर्ता और प्रमुख हथियारों के दूसरे सबसे बड़े आयातक के रूप में स्थिति को रेखांकित करती है।
Prelims pointers (4)
- BodySIPRI: Stockholm International Peace Research Institute।
- Fact2026 की शुरुआत तक भारत के परमाणु शस्त्रागार में लगभग 190 वारहेड्स होने का अनुमान है।
- Factभारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश है।
- Factभारत प्रमुख हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है।
Mains angle
Q. भारत के परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम के क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता और दक्षिण एशिया में 'विश्वसनीय न्यूनतम निवारण' (credible minimum deterrence) के सिद्धांत पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- Strategic signaling: Balancing long-range capabilities against China's nuclear expansion
- Escalation management: Mechanisms to prevent nuclear confrontation during conventional military friction
- Defense procurement: Impact of high import reliance on indigenous defense manufacturing
Keywords: Nuclear Doctrine · Credible Minimum Deterrence · Strategic Stability · Arms Race · Regional Hegemony
GS3Internal Security › Terrorism & insurgency (J&K, North-East)Prelims + Mains चर्चा में क्यों: SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत का सैन्य व्यय $92.1 बिलियन तक पहुंच गया है, जो वैश्विक स्तर पर पांचवां स्थान है। साथ ही, रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान के बीच साइबर-सक्षम सैन्य संकट पर भी ध्यान आकर्षित किया गया है।
भारत ने वर्ष 2025 में अपनी सैन्य गतिविधियों पर 92.1 बिलियन डॉलर व्यय किए। वर्ष 2025 में वैश्विक सैन्य व्यय रिकॉर्ड 2.9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 954 बिलियन डॉलर का व्यय किया गया। वर्ष 2026 की शुरुआत में नौ सबसे बड़े परमाणु हथियार संपन्न देशों के पास 12,187 परमाणु हथियार मौजूद थे।
Prelims pointers (4)
- BodySIPRI: Stockholm International Peace Research Institute।
- Factभारत का 2025 का सैन्य व्यय: $92.1 बिलियन।
- Factवर्ष 2025 में वैश्विक सैन्य व्यय: $2.9 ट्रिलियन।
- Factवर्ष 2025 में अमेरिकी सैन्य व्यय: $954 बिलियन।
Mains angle
Q. बढ़ते वैश्विक सैन्य व्यय और भारत-पाकिस्तान जैसे क्षेत्रीय संघर्षों में साइबर युद्ध के एकीकरण के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- Cyber-kinetic convergence: Integration of cyberattacks into conventional military doctrine complicates attribution and escalation management
- Fiscal trade-offs: Balancing high defense outlays against domestic infrastructure and social development goals
- Nuclear proliferation: Risks posed by the concentration of 12,187 warheads among nine states
Keywords: Military Expenditure · Cyber Warfare · SIPRI Report · Nuclear Proliferation · Defense Doctrine
GS3Internal Security › Security forces & agenciesPrelims चर्चा में क्यों: जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के उत्तराधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को सेना प्रमुख (COAS) के रूप में नियुक्त किया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल धीराज सेठ का चार दशकों का करियर है, जिसमें उन्होंने बख्तरबंद रेजिमेंटों और आंतरिक सुरक्षा बलों (counter-insurgency forces) की कमान संभाली है। उन्होंने पूर्व में सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली थी और बल आधुनिकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियों पर कार्य किया है।
Prelims pointers (3)
- Postमुख्य सेनाध्यक्ष (COAS): भारतीय सेना के सर्वोच्च पद के अधिकारी, जिनकी नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाती है।
- Factजनरल उपेन्द्र द्विवेदी का COAS के रूप में कार्यकाल 30 जून, 2024 को समाप्त हो रहा है।
- Factसुदर्शन चक्र कॉर्प्स: भारतीय सेना संरचना के भीतर एक विशिष्ट कॉर्प्स।
Mains angle
Q. समकालीन सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय सेना के नेतृत्व में आधुनिकीकरण और आंतरिक सुरक्षा/आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञता के महत्व पर चर्चा कीजिए।
Keywords: Force Modernization · Counter-Insurgency · Strategic Leadership · Operational Readiness · Defense Procurement
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे की सुरक्षा हेतु 'मिशन सुदर्शन चक्र' की घोषणा की है, जो एक बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली है और इसे 2025 तक कार्यात्मक बनाया जाएगा।
मिशन सुदर्शन चक्र एक बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जिसे सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे दोनों की सुरक्षा हेतु निर्मित किया गया है। इसका विकास मुख्य रूप से रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा लचीलेपन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
Prelims pointers (3)
- S&Tमिशन सुदर्शन चक्र: एक बहु-स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली जिसे 2025 तक चालू किया जाना है।
- BodyDRDO (Defence Research and Development Organisation): भारत की मिसाइल और रक्षा प्रौद्योगिकी के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार एजेंसी।
- FactAkash और BrahMos: भारत की रक्षा प्रौद्योगिकी के सफल उदाहरणों के रूप में स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों का उल्लेख किया गया है।
Mains angle
Q. बदलते हुए हवाई खतरों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करने में स्वदेशी मिसाइल रक्षा प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- Technological sovereignty: Reducing reliance on foreign components for critical missile defence components and sensors
- Infrastructure protection: Balancing the security of high-value civil assets against potential kinetic threats
- Deterrence strategy: Enhancing India's 'no-first-use' posture through robust multi-layered interception capabilities
Keywords: Strategic Autonomy · Missile Defence · National Security · Indigenous Technology · Deterrence
GS3Internal Security › Security forces & agenciesPrelims चर्चा में क्यों: भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना ने NDA के 148वें कोर्स से पहली 17 महिला कैडेटों को अधिकारियों के रूप में कमीशन किया है, जो लैंगिक समावेश की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस कमीशनिंग में भारतीय सेना में 9, भारतीय नौसेना में 3 और भारतीय वायु सेना में 5 महिला अधिकारियों को शामिल किया गया। ये अधिकारी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के 148वें पाठ्यक्रम का हिस्सा थीं।
Prelims pointers (3)
- FactNDA के 148वें कोर्स से 17 महिला कैडेट्स को अधिकारियों के रूप में कमीशन किया गया।
- Factविभाजन: 9 Army, 3 Navy और 5 Air Force अधिकारी।
- BodyNDA (National Defence Academy) भारतीय सशस्त्र बलों के अधिकारी कैडेट्स के लिए प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है।
Mains angle
Q. लैंगिक समानता और राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकताओं के संदर्भ में भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के एकीकरण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- Institutional shift: Transition from 'ad-hoc' roles to permanent commissioned officer status for women.
- Operational parity: Balancing gender-neutral recruitment with specialized combat roles and physical requirements.
- Societal impact: Breaking traditional gender barriers in high-security and high-risk public service roles.
Keywords: Gender Inclusion · Gender Parity · Armed Forces Reform · National Defence Academy · Commissioned Officers
GS3Internal Security › Security forces & agenciesPrelims चर्चा में क्यों: लेफ्टिनेंट जनरल धीराज सेठ को 30 जून, 2026 को जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के उत्तराधिकारी के रूप में 31वें थल सेनाध्यक्ष (COAS) के रूप में नियुक्त किया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल धीराज सेठ आर्मर्ड कॉर्प्स से थल सेना प्रमुख के पद पर नियुक्त होने वाले सातवें अधिकारी हैं। ऐतिहासिक रूप से, भारत के थल सेना प्रमुखों में से अधिकांश की नियुक्ति इन्फेंट्री से हुई है, जिसके बाद आर्टिलरी कॉर्प्स और इंजीनियर्स कॉर्प्स का स्थान आता है।
Prelims pointers (3)
- Postलेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ: 30 जून, 2026 तक 31वें सेना प्रमुख (COAS) होंगे।
- Factआर्मर्ड कॉर्प्स: इस कॉर्प्स से केवल 7वें अधिकारी COAS बने हैं।
- Factऐतिहासिक वितरण: COAS के अधिकांश पदों पर इन्फैंट्री (Infantry) का वर्चस्व रहा है, इसके बाद आर्टिलरी (Artillery) (5) और इंजीनियर्स (Engineers) (1) का स्थान आता है।
Mains angle
Q. बहुध्रुवीय विश्व में भारत की आंतरिक सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति को बनाए रखने में थल सेनाध्यक्ष की भूमिका के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- Strategic leadership: Ensuring seamless transition of command to maintain continuity in high-readiness military posture
- Modernization requirements: Integrating advanced technology into traditional corps structures to counter evolving asymmetric threats
Keywords: Command and Control · Strategic Continuity · Military Modernization · Operational Readiness · Defense Leadership
चर्चा में क्यों: Asia/Pacific Group (APG) 2025 की रिपोर्ट में दक्षिण-पूर्व एशिया को मानव तस्करी और जबरन श्रम द्वारा संचालित साइबर धोखाधड़ी (cyber scam) गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में रेखांकित किया गया है।
APG वार्षिक टिपोलॉजी रिपोर्ट 2025 दक्षिण-पूर्व एशिया को ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में पहचानती है, जिससे प्रतिवर्ष अरबों डॉलर का राजस्व उत्पन्न होता है। वर्ष 2022 से, भारत सरकार ने इस क्षेत्र के साइबर दासता केंद्रों से 6,998 भारतीयों को मुक्त कराया है।
Prelims pointers (4)
- BodyNIA (National Investigation Agency): भारत की प्राथमिक आतंकवाद-विरोधी और साइबर-अपराध जांच संस्था।
- Fact2022 से अब तक साइबर गुलामी केंद्रों से 6,998 भारतीयों को बचाया गया है।
- FactAPG (Asia/Pacific Group): वित्तीय अपराध पर वार्षिक 'टाइपोलॉजीज रिपोर्ट' (Typologies Report) जारी करने वाला क्षेत्रीय निकाय।
- S&Tक्रिप्टोकरेंसी और Hawala नेटवर्क साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धन को लॉन्ड्रिंग करने के प्राथमिक तंत्र हैं।
Mains angle
Q. दक्षिण-पूर्व एशिया में मानव तस्करी और साइबर अपराध के बीच अंतर्संबंधों की चर्चा कीजिए। भारत इस बहु-आयामी पार-राष्ट्रीय साइबर-दासता (cyber-slavery) से निपटने के लिए अपने बहु-एजेंसी ढांचे को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है? विश्लेषण कीजिए।
- Transnational enforcement gap: Lack of unified extradition and data-sharing protocols between India and Southeast Asian nations.
- Financial opacity: Use of decentralized cryptocurrencies and informal Hawala channels complicates the tracing of illicit proceeds.
- Labor exploitation: Debt-bondage mechanisms used by syndicates to coerce victims into forced cyber-labor.
Keywords: Cyber-slavery · Human Trafficking · Transnational Crime · Money Laundering · Debt Bondage · Multi-agency Coordination
चर्चा में क्यों: CISF के महानिदेशक ने वास्तविक समय में सुरक्षा निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए छह प्रमुख हवाई अड्डों पर फेशियल रिकग्निशन कैमरों और राष्ट्रीय निगरानी फीड को दिल्ली स्थित एक डेटा फ्यूजन सेंटर में एकीकृत करने की घोषणा की है।
इस पहल के अंतर्गत निगरानी संबंधी आंकड़ों को NATGRID से जोड़ने का प्रावधान है, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सरकारी और निजी डेटाबेस तक पहुँचने हेतु एक सुरक्षित मंच है। इसमें राजस्थान के बहरोड़ में 'ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए उत्कृष्टता केंद्र' और हरियाणा के नूह में एक पूर्णतः महिला CISF रिजर्व बटालियन की स्थापना भी सम्मिलित है।
Prelims pointers (4)
- BodyCISF: Central Industrial Security Force, गृह मंत्रालय के अधीन एक कांस्टेबलरी बल है।
- S&TNATGRID: National Intelligence Grid, वास्तविक समय में डेटा फ्यूजन और इंटेलिजेंस शेयरिंग के लिए एक बहु-एजेंसी प्लेटफॉर्म।
- Placeबेहरोर, राजस्थान: ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक के लिए प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Center of Excellence) का स्थल।
- Factयह पहल छह प्रमुख हवाई अड्डों पर फेशियल रिकग्निशन कैमरों और देशव्यापी सर्विलांस फीड को कवर करती है।
Mains angle
Q. आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में डेटा फ्यूजन और फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली) तकनीक की भूमिका का विश्लेषण कीजिए, साथ ही व्यक्तिगत गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से संबंधित चिंताओं के संदर्भ में भी चर्चा कीजिए।
- Privacy-Security Paradox: Balancing the right to privacy under Article 21 with the state's obligation to ensure public safety.
- Technological Asymmetry: The need for robust anti-drone frameworks to counter evolving non-traditional security threats in sensitive zones.
Keywords: Data Fusion · Surveillance · Internal Security · NATGRID · Privacy Rights · Real-time Monitoring
चर्चा में क्यों: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अफगानिस्तान से म्यांमार की ओर अफीम तस्करी के मार्गों में बदलाव की सूचना दी है, जिससे भारत की पूर्वी सीमाओं पर प्रभाव पड़ रहा है।
NCB ने यह रेखांकित किया है कि अफगानिस्तान में 2022 में तालिबान द्वारा लगाए गए नशीले पदार्थों पर प्रतिबंध के कारण अफीम उत्पादन और तस्करी का केंद्र भारत के मणिपुर गलियारे की ओर स्थानांतरित हो गया है। इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान से पंजाब में ड्रोन-आधारित नशीले पदार्थों की तस्करी में पांच गुना की वृद्धि दर्ज की गई है।
Prelims pointers (3)
- BodyNarcotics Control Bureau (NCB): भारत में प्रमुख मादक द्रव्य संबंधी अपराधों से निपटने वाली नोडल एजेंसी।
- FactNCB की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान से भारत में ड्रोन के माध्यम से होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी में पांच गुना वृद्धि हुई है।
- Placeमणिपुर, मिजोरम और नगालैंड: इन्हें म्यांमार सीमा के माध्यम से होने वाली नशीली दवाओं की तस्करी के लिए उच्च-जोखिम वाले राज्य के रूप में पहचाना गया है।
Mains angle
Q. भारत के उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में पारगम्य सीमाओं से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों और नशीले पदार्थों की तस्करी के विकसित होते तरीकों का विश्लेषण कीजिए।
- Technological asymmetry: Use of drones for cross-border narcotics smuggling bypassing traditional physical surveillance
- Geopolitical shift: Transition of opium supply chains from Afghanistan to Myanmar due to regional policy changes
- Inter-agency coordination: Need for integrated intelligence between NCB, BSF, and state police to secure the Manipur corridor
Keywords: porous borders · narcotics trafficking · drone technology · internal security · transnational crime
चर्चा में क्यों: भारतीय सेना सीमा निगरानी और वास्तविक समय की खुफिया जानकारी हेतु रिमोटली पाइलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) क्षमताओं को केंद्रीकृत और सुदृढ़ करने के लिए 'बाज़ बटालियन' स्थापित कर रही है।
'बाज बटालियन' का निर्माण मौजूदा RPA फ्लाइट्स के आधार पर किया जाएगा ताकि ड्रोन संचालन के लिए समर्पित कर्मी उपलब्ध कराए जा सकें। यह पहल चीन के साथ सीमा संघर्षों से प्राप्त परिचालन संबंधी अनुभवों और पाकिस्तान के विरुद्ध 'ऑपरेशन सिंदूर' में ड्रोन तकनीक की सफलता की दिशा में एक प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया है।
Prelims pointers (3)
- S&TRPA: Remotely Piloted Aircraft (drones) का उपयोग हवाई निगरानी और वास्तविक समय में खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है।
- Postभारतीय सेना: Baaz बटालियनों की स्थापना के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार संगठन।
- Factऑपरेशन सिंदूर: एक विशिष्ट सैन्य अभियान जिसमें पाकिस्तान के विरुद्ध ड्रोन तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया।
Mains angle
Q. उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारत की सीमा प्रबंधन और स्थितिजन्य जागरूकता (situational awareness) को बढ़ाने में रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) और समर्पित ड्रोन बटालियनों के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- Intelligence-led warfare: Transition from traditional patrolling to real-time aerial surveillance for faster decision-making.
- Technological asymmetry: Addressing the challenge of counter-drone technologies and electronic warfare in contested border zones.
Keywords: Situational Awareness · Real-time Intelligence · Technological Asymmetry · Border Management · Operational Doctrine