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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) द्वारा क्रिटिकैलिटी प्राप्त करने और भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम में इसकी भूमिका की प्रशंसा की है

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IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) द्वारा क्रिटिकैलिटी प्राप्त करने और भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम में इसकी भूमिका की प्रशंसा की है।

पृष्ठभूमि

PFBR तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित है और यह उपभोग की तुलना में अधिक विखंडनीय सामग्री (fissile material) उत्पन्न करने के लिए फास्ट ब्रीडर तकनीक का उपयोग करता है। यह थोरियम को प्राथमिक ईंधन स्रोत के रूप में उपयोग करने की भारत की दीर्घकालिक रणनीति का एक प्रमुख घटक है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकफास्ट ब्रीडर रिएक्टर (Fast Breeder Reactor): एक ऐसा रिएक्टर जो संचालन के दौरान उपभोग की तुलना में अधिक विखंडनीय सामग्री (जैसे, Plutonium-239) का उत्पादन करता है।
  • संस्थाIAEA: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी, जो परमाणु ऊर्जा पर अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षण और सहयोग प्रदान करती है।
  • स्थानकलपक्कम: तमिलनाडु में भारत के Prototype Fast Breeder Reactor (PFBR) का स्थल।
  • तथ्यभारत का त्रि-चरणीय परमाणु कार्यक्रम: Pressurized Heavy Water Reactors (PHWR) से Fast Breeder Reactors (FBR) की ओर बढ़ते हुए भारत के विशाल थोरियम भंडार का उपयोग करने की एक रणनीति।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और थोरियम-आधारित ईंधन चक्र की ओर संक्रमण में तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के रणनीतिक महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: एनडीटीवी ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।