यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के आपदा प्रबंधन भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 48 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: प्राकृतिक आपदाएं एवं राहत (32) · आपदा प्रबंधन ढांचा (NDMA, SDRF) (16)
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने नेशनल सुनामी रेडी बोर्ड (NTRB) को सूचित किया है कि नौ तटीय पंचायतें नवंबर 2026 में होने वाले IOC-UNESCO मूल्यांकन के लिए तैयार हैं।
इन नौ पंचायतों में करुमकुलम, अलाप्पाद, पुरक्कड, एडावनक्कड, एरियड, वेलियानकोड, चेमंचरी, अझिकोड और वलियापरमबा शामिल हैं। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Kerala State Disaster Management Authority) ने इन मानकों को पूरा करने के लिए 2022 से प्रशिक्षण और ड्रिल आयोजित किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNTRB: National Tsunami Ready Board वह संस्था है जो भारत में तटीय तैयारियों (coastal preparedness) की पुष्टि करती है।
तथ्यकेरल के नौ तटीय पंचायतों का मूल्यांकन नवंबर 2026 में किया जाना निर्धारित है।
स्थानकरुमकुलम, अलापड, पुरक्कड, एडावनक्कड, एरियड, वेलियानकोड, चेमंचरी, अझिकोड और वलियपरमबा को विशिष्ट पंचायतों के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तटीय क्षेत्रों में समुदाय-आधारित आपदा प्रबंधन के महत्व और सुनामी के प्रति लचीलापन बढ़ाने में संस्थागत ढांचों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: उत्तराखंड ने ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के खतरों की निगरानी के लिए वसुंधरा ताल में अत्याधुनिक सेंसर लगाने हेतु एक वैज्ञानिक टीम तैनात की है।
यह परियोजना 'नेशनल GLOF रिस्क रिडक्शन प्रोग्राम' (National GLOF Risk Reduction Programme) का हिस्सा है और इसमें CBRI तथा वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वैज्ञानिक शामिल हैं। इसका उद्देश्य NDMA द्वारा चिन्हित 13 उच्च-जोखिम वाली हिमनद झीलों (glacial lakes) की निगरानी करना है, जिसकी शुरुआत चमोली जिले की वसुंधरा ताल से होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानवसुंधरा ताल उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है।
संस्थाCBRI और वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी मॉनिटरिंग टीम में शामिल हैं।
तथ्यइस प्रोजेक्ट का उद्देश्य NDMA द्वारा चिन्हित 13 हाई-रिस्क ग्लेशियल लेक्स (glacial lakes) की निगरानी करना है।
योजनायह पहल National GLOF Risk Reduction Programme के तहत संचालित की जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर झील विस्फोट बाढ़ (GLOF) के जोखिमों को कम करने में वास्तविक समय के सेंसर निगरानी (real-time sensor monitoring) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने उत्तर-पूर्वी मानसून से पहले आपदा राहत कार्यों के समन्वय के लिए 'नम्मा चेन्नई' ऐप के माध्यम से एक स्वयंसेवक पंजीकरण अभियान शुरू किया है।
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देशों के बाद इस अभियान की शुरुआत की। स्वयंसेवक व्यक्तिगत रूप से या NGO और कॉर्पोरेट संस्थाओं के हिस्से के रूप में व्यक्तिगत विवरण और विशेषज्ञता की जानकारी प्रदान करके पंजीकरण करा सकते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) वह स्थानीय निकाय है जो इस पहल के लिए जिम्मेदार है।
तथ्यवॉलंटियर रजिस्ट्रेशन 13 सितंबर, 2026 से शुरू हुआ।
स्थानयह पहल नॉर्थईस्ट मॉनसून (Northeast monsoon) की तैयारी के लिए चेन्नई क्षेत्र को लक्षित करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में शहरी आपदा प्रबंधन की प्रभावकारिता को बढ़ाने में डिजिटल प्लेटफॉर्म और समुदाय-आधारित स्वयंसेवा किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: झारखंड में भारी वर्षा और बैराज के द्वार खुलने के कारण सुवर्णरेखा नदी के उफान पर होने से 137 गाँवों पर प्रभाव पड़ने के कारण ओडिशा सरकार ने बाढ़ की चेतावनी जारी की है।
ओडिशा के बालासोर जिले में सुवर्णरेखा नदी के उफान से तीन ब्लॉकों के अंतर्गत आने वाले 137 गाँवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। भारी वर्षा और झारखंड में गौलुडीह बैराज के द्वारों के खुलने के कारण बाढ़ की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। इसके अतिरिक्त, बैतरानी नदी तंत्र के कारण जाजपुर और भद्रक जिलों में भी अतिरिक्त बाढ़ की सूचना प्राप्त हुई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानसुवर्णरेखा नदी: यह झारखंड और ओडिशा से होकर बहती है।
स्थानगौलुडीह बैराज: यह झारखंड में स्थित है और निचले प्रवाह वाले नदी प्रवाह को प्रभावित करता है।
तथ्यबालासोर जिले के 137 से अधिक गाँव जलभराव से प्रभावित हुए।
स्थानबेतारानी नदी: ओडिशा की एक प्रमुख नदी प्रणाली जो जाजपुर और भद्रक जिलों को प्रभावित करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतरराज्यीय नदी बेसिनों में बाढ़ प्रबंधन की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और पड़ोसी राज्यों के बीच समन्वित आपदा प्रबंधन हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में भारी बाढ़ के कारण व्यापक स्तर पर विस्थापन और जनहानि हुई, जिसने आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की चुनौतियों को रेखांकित किया है।
बाढ़ ने उत्तर प्रदेश के 35 में से 23 जिलों को प्रभावित किया, जिनमें चित्रकूट, बलिया, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी शामिल हैं। राज्य सरकार ने इस संकट के प्रबंधन हेतु 1,499 नावें और 1,067 चिकित्सा दल तैनात किए तथा 1,311 राहत शिविर स्थापित किए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यउत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 16,784 लोगों को निकाला गया।
स्थानचित्रकूट, बलिया, पीलीभीत और लखीमपुर खीरी गंभीर रूप से प्रभावित जिलों में शामिल थे।
तथ्यराज्य सरकार ने बचाव कार्यों के लिए 1,499 नावें और 1,067 मेडिकल टीमों को तैनात किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में आपदा लचीलेपन (disaster resilience) को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव देते हुए, बड़े पैमाने पर आने वाली बाढ़ की आपदाओं के प्रबंधन में राज्य सरकारों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गंडक नदी तंत्र के माध्यम से नेपाल की त्रिशुली नदी से उत्पन्न होने वाले संभावित आकस्मिक बाढ़ (flash flood) के प्रभावों के संबंध में बिहार और उत्तर प्रदेश को सतर्क किया है।
गृह मंत्रालय (MHA) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को 26 अगस्त, 2026 को उच्चसतर्कता पर रखा गया। केंद्रीय जल आयोग (CWC) नेपाल के जलाशयों और गंडक नदी तंत्र में जल स्तर की निगरानी कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNDRF: National Disaster Response Force भारत में आपदा प्रबंधन के लिए एक विशिष्ट बल है।
संस्थाCWC: Central Water Commission भारत में जल संसाधनों और बाढ़ पूर्वानुमान के लिए सर्वोच्च निकाय है।
स्थानत्रिशुली नदी: नेपाल की एक प्रमुख नदी जिसके बाढ़ के जल का प्रभाव गंडक नदी तंत्र पर पड़ सकता है।
तथ्ययह अचानक आई बाढ़ (flash flood) नेपाल से उत्पन्न हुई और इसने बिहार तथा उत्तर प्रदेश के लिए खतरा पैदा कर दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-गंगा के मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ की आपदाओं के शमन में सीमापारीय जल प्रबंधन और पूर्व चेतावनी प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: असम और नागालैंड में मानसून की भीषण बाढ़ के कारण 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई और 700,000 लोग विस्थापित हो गए, जो भारी वर्षा और नदियों के उफान के गंभीर प्रभाव को रेखांकित करता है।
18-20 जुलाई के मध्य हुई भारी वर्षा के कारण डिकहो नदी में जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया, जिससे 2,700 गाँवों को क्षति पहुँची। इस बाढ़ के कारण असम और नागालैंड के कुछ हिस्सों में 1.2 मिलियन लोग प्रभावित हुए, साथ ही नागा हिल्स में भूस्खलन की भी सूचना प्राप्त हुई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानडिकहो नदी: असम की एक नदी जो शिवसागर जिले से होकर बहती है।
तथ्यअसम की बाढ़ में 700,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए और 2,700 गाँव नष्ट हो गए।
पर्यावरणक्षेत्र में बाढ़ की गंभीरता को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों के रूप में खनन और वनों की कटाई को उद्धृत किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ की बढ़ती आवृत्ति और तीव्रता में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और आपदा-लचीले बुनियादी ढांचे (disaster-resilient infrastructure) के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित 9.4 लाख लोगों को राहत प्रदान करनेके लिए ₹1,000 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है।
ओडिशा सरकार ने बाढ़ से प्रभावित छह जिलों के लिए ₹1,000 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है। जून माह से अब तक राज्य में 1,100 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 34% अधिक है। इसके परिणामस्वरूप 6 व्यक्तियों की मृत्यु हुई और 3.7 लाख लोगों को 550 शिविरों में स्थानांतरित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यजून से अब तक ओडिशा में 1,100 mm वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से 34% अधिक है।
तथ्यराहत पैकेज 6 जिलों को कवर करता है और 9.4 लाख प्रभावित लोगों को लक्षित करता है।
तथ्यराहत उपायों में किसानों, शिल्पकारों और बुनकरों के लिए सब्सिडी शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ओडिशा जैसे बाढ़ प्रभावित राज्यों में आपदा प्रबंधन और पुनर्वास के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा ग्रामीण आजीविका की सुदृढ़ता बढ़ाने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: मध्य प्रदेश में भारी बाढ़ के कारण व्यापक जन-धन की हानि हुई, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न राज्य एजेंसियों द्वारा बड़े पैमाने पर बचाव अभियान संचालित किए गए।
मध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से कम से कम 527 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला गया। राजगढ़ जिले में बाढ़ के जलप्रवाह में एक वैन बह जाने के कारण नौ व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। प्रभावित प्रमुख जिलों में राजगढ़, शिवपुरी, रायसेन, भोपाल, सीहोर, उज्जैन, मंडला और मऊगंज शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यमध्य प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 527 लोगों को बचाया गया।
स्थानराजगढ़, शिवपुरी, रायसेन, भोपाल, सीहोर, उज्जैन, मंडला और मऊगंज सर्वाधिक प्रभावित जिले हैं।
संस्थाSDERF (State Disaster Response Force) बचाव कार्यों में शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में चरम मौसमी घटनाओं के दौरान आपदा प्रबंधन के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और राज्य-स्तरीय प्रतिक्रिया तंत्र की प्रभावकारिता बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति ने केरल के विकेंद्रीकृत मॉडल के बावजूद, इसके आपदा प्रबंधन ढांचे में तकनीकी और प्रवर्तन संबंधी कमियों की पहचान की है।
गृह मामलों की विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति ने केरल के आपदा प्रबंधन के संबंध में राज्यसभा में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में राज्य के समुदाय-एकीकृत विकेंद्रीकृत मॉडल की प्रशंसा करते हुए अंतिम छोर तक चेतावनी प्रसार और तकनीकी सीमाओं से संबंधित मुद्दों को रेखांकित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थागृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली की निगरानी गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति द्वारा की जाती है।
तथ्यकेरल सामुदायिक भागीदारी को एकीकृत करते हुए एक विकेंद्रीकृत आपदा प्रबंधन मॉडल का उपयोग करता है।
स्थानकेरल भारत का एक ऐसा राज्य है जो अक्सर बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में रहता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) और तकनीकी एकीकरण की चुनौतियों का केरल के मॉडल को एक केस स्टडी के रूप में उपयोग करते हुए समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: उत्तर ओडिशा में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़कर वे उफान पर आ गईं, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक स्तर पर लोगों का विस्थापन हुआ और आपदा प्रतिक्रिया बलों को तैनात किया गया।
29 जुलाई, 2026 को एक गहरे निम्न दबाव (deep depression) के कारण उत्तर ओडिशा में बुधबालंगा और जलका नदियाँ उफान पर आ गईं। इस आपदा के परिणामस्वरूप पांच जिलों में 1.25 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और 50,000 लोगों को राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानबुधबलंगा और जलका ओडिशा में स्थित नदियाँ हैं।
संस्थाNDRF (National Disaster Response Force) भारत में आपदा प्रतिक्रिया के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
संस्थाODRAF (Odisha Disaster Rapid Action Force) एक राज्य-विशिष्ट आपदा प्रतिक्रिया बल है।
तथ्ययह आपदा पाँच जिलों: Balasore, Bhadrak, Jajpur, Mayurbhanj और Keonjhar को प्रभावित करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और सामुदायिक लचीलेपन तथा पूर्व चेतावनी प्रणालियों को सुदृढ़ करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: देहरादून, चमोली और बागेश्वर के लिए IMD द्वारा जारी नारंगी वर्षा चेतावनी के पश्चात, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने उच्च सतर्कताजारी की और बहु-एजेंसी प्रतिक्रिया के समन्वय का निर्देश दिया।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जबकि राज्य के शेष क्षेत्रों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन हेतु राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को तैनात किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSDRF: State Disaster Response Force, उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के लिए एक विशिष्ट इकाई है।
संस्थाNDRF: National Disaster Response Force गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
तथ्यOrange Alert: IMD द्वारा भारी वर्षा और स्थानीय बाढ़/भूस्खलन की संभावना दर्शाने के लिए जारी किया जाता है।
स्थानचमोली और बागेश्वर: उत्तराखंड के वे जिले जो भारी वर्षा और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में जल-मौसम संबंधी आपदाओं के प्रभाव को कम करने में बहु-एजेंसी समन्वय और पूर्व चेतावनी प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: 2 अगस्त, 2026 को केरल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके परिणामस्वरूप जनहानि हुई और आपातकालीन प्रतिक्रिया हेतु NDRF को तैनात किया गया।
IMD ने वायनाड और इडुक्की सहित केरल के 12 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया। इस आपदा के परिणामस्वरूप 8 व्यक्तियों की मृत्यु हुई और इसके पश्चात National Disaster Response Force (NDRF) की तैनाती की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNDRF: गृह मंत्रालय के अधीन आपदा प्रतिक्रिया के लिए एक विशेष बल।
तथ्यIMD: भारत में बाढ़ और चक्रवातों सहित मौसम की निगरानी और पूर्वानुमान के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार एजेंसी।
स्थानकेरल: दक्षिण-पश्चिम भारत का एक राज्य जो मानसून से संबंधित बाढ़ और भूस्खलन के प्रति संवेदनशील है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तटीय और पहाड़ी राज्यों द्वारा चरम मौसमी घटनाओं के दौरान सामना की जाने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और आपदा लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: IMD द्वारा भारी वर्षा के पूर्वानुमान के प्रत्युत्तर में, गुजरात प्रशासन ने 1,100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया और विद्यालयों को बंद कर दिया।
गुजरात सरकार ने सूरत जिले के विभिन्न तालुकाओं से 1,117 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला। आपदा प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के माध्यम से राहत कार्यों का समन्वय किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाIMD: India Meteorological Department मौसम संबंधी पूर्वानुमान और चेतावनियाँ प्रदान करता है।
अधिनियम / विधेयकआपदा प्रबंधन अधिनियम (Disaster Management Act): भारत में आपदा प्रतिक्रिया और राहत कार्यों को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कानून।
स्थानसूरत और तापी: भारी वर्षा और निकासी आदेशों से प्रभावित गुजरात के जिले।
तथ्यDang जिले के Mahal Eklavya School से 311 छात्रों को निकाला गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तटीय और निचले इलाकों में चरम मौसमी घटनाओं के प्रभाव को कम करने में पूर्व चेतावनी प्रणालियों और समन्वित आपदा प्रबंधन ढाँचों के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: गोदावरी और सबरी नदी घाटियों में बाढ़ की चेतावनी के कारण राज्य सरकारें और आपदा प्रबंधन बल 150 राहत शिविर स्थापित कर रहे हैं और NDRF/SDRF की टीमों को तैनात कर रहे हैं।
बाढ़ की स्थिति पोलावरम सिंचाई परियोजना और सर आर्थर कॉटन बैराज से जल विमोचन से संबंधित है। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के 189 गाँवों से निवासियों को निकालने के लिए 32 नौकाओं को तैनात किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानगोदावरी और सबरी नदियाँ आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से होकर बहती हैं।
संस्थाNDRF (National Disaster Response Force) और SDRF (State Disaster Response Force) बाढ़ राहत के लिए प्राथमिक एजेंसियां हैं।
तथ्यबाढ़ के प्रभाव के प्रबंधन के लिए 150 राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं।
स्थानसर आर्थर कॉटन बैराज गोदावरी डेल्टा में एक प्रमुख संरचना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नदी घाटियों में बड़े पैमाने पर आने वाली बाढ़ की आपदाओं के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों और आपदा शमन में बहु-राज्यीय समन्वय की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: उत्तर ओडिशा में भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़कर उफान पर आ गया, जिससे लगभग 2 लाख लोग विस्थापित हो गए और व्यापक स्तर पर बचाव एवं निकासी अभियान शुरू किया गया।
उत्तर ओडिशा में बाढ़ से सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार मध्यम-अवधि की बाढ़ के प्रभाव को कम करनेके लिए कटक के मुंडली में बाढ़ के जल के विमोचन का प्रबंधन कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानमुंडली, ओडिशा के कटक में बाढ़ प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।
तथ्यनदियों के खतरे के स्तर से ऊपर बने रहने के कारण लगभग 2 लाख लोगों को निकाला गया।
तथ्यउत्तर ओडिशा में बाढ़ से 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ओडिशा जैसे तटीय और नदीय राज्यों में बाढ़ प्रबंधन और आपदा शमन के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा प्रभावी निकासी और बुनियादी ढांचे के लचीलेपन (infrastructure resilience) हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: नागा हिल्स में भारी वर्षा के कारण ऊपरी असम में भीषण बाढ़ आई है, जिससे 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और केंद्र से राहत पैकेज की मांग की गई है।
नगा पहाड़ियों में भारी वर्षा के कारण 19 जुलाई को ऊपरी असम में बाढ़ आ गई, जिसके परिणामस्वरूप 78 पुष्ट मौतें हुईं। इस आपदा के कारण हजारों लोग विस्थापित हो गए और राहत कार्यों के मूल्यांकन हेतु एक अंतर-मंत्रालयी दल (Inter-Ministerial Team) का गठन किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यअपर असम में बाढ़ से 7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।
तथ्यबाढ़ से हुई आधिकारिक मौतों की संख्या 78 तक पहुँच गई।
स्थाननागा हिल्स और ऊपरी असम प्रभावित होने वाले प्राथमिक भौगोलिक क्षेत्र हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और बाढ़ शमन के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा सामुदायिक लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय सेना असम में भीषण बाढ़ से प्रभावित हजारों लोगों को बचाने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए 'ऑपरेशन जल राहत' संचालित कर रही है।
भारतीय सेना ने 1,000 से अधिक व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला और 200 से अधिक व्यक्तियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की। राहत सामग्री में 19 टन खाद्यान्न, 30,500 खाद्य पैकेट और 43,000 लीटर पेयजल शामिल थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यऑपरेशन जल राहत: भारतीय सेना द्वारा संचालित एक बाढ़ राहत अभियान।
स्थानअसम: उत्तर-पूर्व भारत का एक राज्य जो भारी वर्षा और ब्रह्मपुत्र नदी की गतिशीलता के कारण बार-बार बाढ़ की चपेट में रहता है।
तथ्यभारतीय सेना भारत में आपदा प्रबंधन के लिए प्राथमिक प्रतिक्रियाकर्ता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में आपदा प्रबंधन में सशस्त्र बलों की भूमिका का परीक्षण कीजिए और असम जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व चेतावनी प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने ताप सहनशीलता (heat resilience) और मौसम पूर्वानुमान को सुदृढ़ करने हेतु ₹50 करोड़ का आपदा तैयारी कोष (disaster preparedness fund) शुरू किया और एक राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना की।
तमिलनाडु सरकार ने आपदा तैयारी हेतु ₹50 करोड़ की निधि और एक राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान के लिए ₹55 करोड़ की परियोजना की घोषणा की है। मौसम पूर्वानुमान के लिए IITM पुणे और ताप संबंधी तैयारी पर एक परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) हेतु CEEW के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यतमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन संस्थान (Tamil Nadu State Disaster Management Institute) की अनुमानित लागत: ₹55 करोड़।
संस्थाIITM (Indian Institute of Tropical Meteorology): यह पुणे में स्थित है और उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान (tropical meteorology) पर केंद्रित है।
संस्थाCEEW (Council on Energy, Environment and Water): हीट प्रेपेयर्डनेस PMU में शामिल एक शोध निकाय।
स्थानतमिलनाडु आपदा जोखिम न्यूनीकरण एजेंसी (Tamil Nadu Disaster Risk Reduction Agency): आपदा शमन के लिए राज्य-स्तरीय निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अत्यधिक लू जैसी जलवायु-प्रेरित आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन के संस्थागतकरण के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: केरल उच्च न्यायालय ने मलबे के खिसकने से हुई भारी जनहानि के उपरांत, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में 'हज़ार्ड स्वीप' (hazard sweeps) आयोजित करने के लिए KSDMA को निर्देशित किया है।
केरल उच्च न्यायालय ने चोओरमलमला भूस्खलन और कल्लाडी मलबे के खिसकने के संबंध में एक स्वतः संज्ञान (suo motu) याचिका के आधार पर आदेश जारी किया। न्यायालय ने यह संज्ञान लिया कि घटना से पूर्व स्थल के समीप लगभग 1,00,000 घन मीटर उत्खनित मिट्टी का संचय हो गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाKSDMA: Kerala State Disaster Management Authority राज्य में आपदा प्रतिक्रिया के लिए नोडल एजेंसी है।
स्थानअन्नकम्पोयल-कल्लाडी-मेप्पडी सुरंग वायनाड जिले में भूस्खलन-संभावित (landslide-prone) स्थल के रूप में पहचानी गई है।
तथ्यन्यायालय ने स्थल पर लगभग 100,000 घन मीटर उत्खनित मिट्टी के संचय पर टिप्पणी की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विकास और भूगर्भीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने में आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय सेना ने ऊपरी असम में ब्रह्मपुत्र की बाढ़ के कारण फंसे हुए 571 लोगों को बचाने के लिए 'ऑपरेशन जल राहत' शुरू किया।
इस अभियान में स्पीयर कॉर्प्स (Spear Corps) से 45 कर्मियों की तीन टीमें शामिल थीं। 19 जुलाई से बचाव कार्य मुख्य रूप से शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों पर केंद्रित रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSpear Corps: बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में शामिल भारतीय सेना की एक विशिष्ट इकाई।
तथ्यऑपरेशन जल राहत: ब्रह्मपुत्र की बाढ़ के कारण ऊपरी असम में फंसे व्यक्तियों को बचाने के लिए संचालित।
स्थानशिवसागर, चराइदेव और जोरहाट: ऊपरी असम के प्रमुख जिले जो बाढ़ से प्रभावित हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आपदा प्रबंधन में सशस्त्र बलों की भूमिका और ब्रह्मपुत्र बेसिन में बाढ़ शमन हेतु एक समन्वित नागरिक-सैन्य ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।