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भाग I · स्था. 11.2025 
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CAG की 'स्टेट फाइनेंस 2024-25' रिपोर्ट रेखांकित करती है कि 18 भारतीय राज्यों ने GSDP की अनुशंसित 3% राजकोषीय घाटे की सीमा को पार कर लिया है

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चर्चा में क्यों

CAG की 'स्टेट फाइनेंस 2024-25' रिपोर्ट रेखांकित करती है कि 18 भारतीय राज्यों ने GSDP की अनुशंसित 3% राजकोषीय घाटे की सीमा को पार कर लिया है, जो ऋण पर अत्यधिक निर्भरता को दर्शाता है।

पृष्ठभूमि

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने सूचित किया है कि 10 राज्यों ने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3% से कम का राजकोषीय घाटा बनाए रखा, जबकि 18 राज्यों में यह सीमा से अधिक रही। वर्ष 2024-25 की अवधि में गोवा ने 1.7% के साथ न्यूनतम घाटा दर्ज किया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य2024-25 की रिपोर्ट में गोवा ने 1.7% के साथ न्यूनतम राजकोषीय घाटा दर्ज किया।
  • तथ्यमेघालय, नगालैंड, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और मिजोरम ने GSDP के 5% से अधिक का राजकोषीय घाटा दर्ज किया।
  • संस्थाCAG भारत का सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थान है, जो राज्य के वित्त और व्यय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।
  • तथ्यवित्त वर्ष 2024-25 की अवधि में 13 राज्यों ने राजस्व अधिशेष (revenue surplus) दर्ज किया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्यों द्वारा 3% की राजकोषीय घाटे की सीमा को पार करने के राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए और एक संघीय संरचना में राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की भूमिका की चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS2 · संघवाद एवं केंद्र-राज्य संबंध

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।