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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता विश्वास को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के पीड़ितों के मुआवजे के लिए अपने ढांचे में संशोधन किया है

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चर्चा में क्यों

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता विश्वास को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के पीड़ितों के मुआवजे के लिए अपने ढांचे में संशोधन किया है।

पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का संशोधित ढांचा अनधिकृत डिजिटल लेनदेन के मामलों में ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों की देयता पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान की सुगमता और धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के लिए सुदृढ़ सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन स्थापित करना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक प्रणाली और बैंकिंग क्षेत्र को विनियमित करने के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यडिजिटल भुगतान धोखाधड़ी: भारत के तेजी से विस्तारित UPI और डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे में एक बढ़ती चिंता।
  • विज्ञान-तकनीकपारिस्थितिक सीमाएँ (Ecological thresholds): वे सीमाएँ जिनके पार एक पारिस्थितिकी तंत्र पर्यावरणीय तनाव या संसाधन की कमी से उबरने में असमर्थ हो जाता है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी मुआवजे के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के संशोधित ढांचे के संदर्भ में, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और सुदृढ़ उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता के बीच संतुलन के प्रयासों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗यह भी: GS3 · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।