सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

LHC अपग्रेड के लिए भारत का योगदान, प्रिसिजन फिजिक्स के नतीजों पर फोकस

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

भारत, डार्क मैटर और 'स्टैंडर्ड मॉडल' से परे भौतिकी के अनुसंधान को सुगम बनानेके लिए CERN में 'लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर' (LHC) के 1.5 बिलियन डॉलर के उन्नयन में योगदान दे रहा है।

पृष्ठभूमि

LHC, CERN द्वारा संचालित विश्व का सबसे बड़ा कण त्वरक (particle accelerator) है। भारत पिछले छह दशकों से इसके प्रौद्योगिकी और अनुसंधान में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा है, और उन्नत कोलाइडर को 2030 में पुनः शुरू करने की योजना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाCERN: European Organization for Nuclear Research, इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड/फ्रांस में स्थित है।
  • विज्ञान-तकनीकLHC: मौलिक कणों के अध्ययन के लिए उपयोग किया जाने वाला विश्व का सबसे बड़ा कण त्वरक (particle accelerator)।
  • तथ्यअपग्रेड लागत: अन्वेषण के अगले चरण के लिए $1.5 बिलियन।
  • तथ्यपुनरारंभ वर्ष: अंतिम भौतिकी रन (physics run) के बाद 2030 के लिए निर्धारित।

मेन्स के लिए

प्रश्न: एलएचसी (LHC) जैसी व्यापक अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक परियोजनाओं में भारत की भागीदारी, घरेलू उच्च-तकनीकी क्षमताओं को उन्नत करने और वैश्विक वैज्ञानिक नेतृत्व स्थापित करने में किस प्रकार महत्वपूर्ण है, चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: एनडीटीवी ↗

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स

सभी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।