यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,426 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (517) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (348) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (242) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (197) · रक्षा तकनीक (118) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)
चर्चा में क्यों: भारत सरकार 1 जून के बाद शुरू होने वाले सभी नेट-मीटरिंग और ओपन-एक्सेस प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल्स (Solar Cells) के उपयोग को अनिवार्य करने वाले नए नियम लागू कर रही है।
नया नियम नेट-मीटरिंग और ओपन-एक्सेस प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल्स के उपयोग को अनिवार्य बनाता है। यह नियम 1 जून, 2026 के बाद शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यजेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट सेवाएं शुरू करेगा।
स्थानजेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-NCR क्षेत्र की सेवा करने वाला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।
तथ्यकक्षा 12 के छात्रों के लिए CBSE की री-इवैल्यूएशन (re-evaluation) प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी।
तथ्यSouthern Railway ने चेन्नई Beach–Tambaram–Chengalpattu कॉरिडोर पर 200 से अधिक सबअर्बन ट्रेन सेवाओं के लिए संशोधित शेड्यूल जारी किए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: घरेलू सौर सेल के लिए निर्धारित अधिदेश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों और 'मेक इन इंडिया' पहल के साथ किस प्रकार संरेखित होता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: घरेलू ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थिर करने के लिए आयातित सोलर कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
ट्रेड-ऑफ एनालिसिस: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मैंडेट और बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल कैपेसिटी विस्तार की तत्काल ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · घरेलू मैन्युफैक्चरिंग · नेट-मीटरिंग · नवीकरणीय ऊर्जा · मेक इन इंडिया
चर्चा में क्यों: बलिंकइट (Blinkit) द्वारा कथित तौर पर खराब दही बेचने के कारण एक उपभोक्ता के बीमार होने के मामले में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी से स्पष्टीकरण और कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report - ATR) मांगी है।
FSSAI भारत में खाद्य सुरक्षा के लिए प्राथमिक रेगुलेटरी बॉडी (Regulatory Body) है। इस शिकायत में एक उपभोक्ता ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के माध्यम से दही खरीदने के बाद पेट दर्द और दस्त की समस्या का सामना किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाFSSAI: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया।
तथ्यBlinkit: भारत में एक क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) प्लेटफॉर्म।
पदFSSAI खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता नियमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तेजी से विस्तारित होते क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स खाद्य वितरण पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित करने में आने वाली विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी गैप: डिसेंट्रलाइज्ड डार्क स्टोर्स और थर्ड-पार्टी डिलीवरी लॉजिस्टिक्स की निगरानी में मुश्किल
लायबिलिटी की अस्पष्टता: प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर और व्यक्तिगत वेंडर के बीच जवाबदेही तय करना
स्टैंडर्डाइजेशन की बाधा: हाई-स्पीड डिलीवरी मॉडल में खराब होने वाले सामान के लिए कोल्ड चेन की शुद्धता बनाए रखना
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · क्विक कॉमर्स · रेगुलेटरी ओवरसाइट · उपभोक्ता संरक्षण · सार्वजनिक स्वास्थ्य
चर्चा में क्यों: OpenAI के एडवांस AI मॉडल ने यूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम (Unit Distance Problem) से संबंधित पॉल एर्डोस (Paul Erdos) के एक पुराने गणितीय अनुमान (Mathematical Conjecture) को गलत साबित कर दिया है।
AI मॉडल ने कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (Combinatorial Geometry) में ऐसे उदाहरण खोजे हैं जो यह दर्शाते हैं कि एक निश्चित दूरी (एक यूनिट) पर स्थित बिंदुओं के जोड़ों की अधिकतम संख्या, पहले से अनुमानित सीमाओं से अधिक हो सकती है। यह खोज उस समस्या का समाधान करती है जिसने दशकों से विशेषज्ञों को उलझाए रखा था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकयूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम (Unit distance problem): कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (combinatorial geometry) की एक समस्या, जो एक निश्चित दूरी (एक यूनिट) पर स्थित बिंदुओं के अधिकतम जोड़ों की संख्या से संबंधित है।
विज्ञान-तकनीकOpenAI: वह संगठन जिसका एडवांस AI मॉडल ने Paul Erdos conjecture को गलत साबित किया।
तथ्ययह गणितीय अनुमान (conjecture) कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (combinatorial geometry) की एक पुरानी समस्या थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मौलिक विज्ञान के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सफलताओं के निहितार्थों और मौलिक वैज्ञानिक अनुसंधान को स्वायत्त मॉडलों को सौंपने से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।
एपिस्टेमिक शिफ्ट: जटिल गणित में इंसान द्वारा किए जाने वाले हाइपोथिसिस टेस्टिंग से AI-आधारित पैटर्न रिकग्निशन की ओर बदलाव
रिसर्च का लोकतंत्रीकरण: वैज्ञानिक खोजों को तेज़ करने के लिए AI की क्षमता और थ्योरिटिकल फ्रेमवर्क्स में मानवीय अंतर्ज्ञान खोने का जोखिम
मुख्य शब्द: कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · वैज्ञानिक अनुसंधान · ऑटोमेटेड रीजनिंग · गणितीय अनुमान
चर्चा में क्यों: भारत के वन और पर्यावरण मंत्री ने गुजरात के गिर क्षेत्र में 'बेबिसियोसिस' (Babesiosis) संक्रमण के संदेह में आठ शेरों की मौत की घोषणा की।
गुजरात के गिर क्षेत्र में बेबेसियोसिस (Babesiosis) संक्रमण के संदिग्ध कारण से आठ शेरों की मौत हो गई। यह संक्रमण चीतल और नीलगाय जैसे जंगली खुर वाले जानवरों में स्थानिक (endemic) है, लेकिन तनाव या सह-संक्रमण (co-infections) की स्थिति में यह शेरों के लिए घातक साबित हो सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
पर्यावरणBabesia: एक परजीवी (parasite) जो चीतल और नीलगाय जैसे जंगली ungulates में स्थानिक (endemic) होता है।
तथ्यगिर क्षेत्र में संदिग्ध Babesiosis इन्फेक्शन से आठ शेर मारे गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विलुप्तप्राय वन्यजीवों की आबादी पर ज़ूनोटिक और परजीवी रोगों के पारिस्थितिक निहितार्थों तथा प्राकृतिक चयन और मानवीय हस्तक्षेप के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
पारिस्थितिक संतुलन: संरक्षित आवासों में प्राकृतिक मृत्यु प्रक्रिया बनाम मानव-आधारित आपातकालीन हस्तक्षेप
पैथोजन डायनेमिक्स: संकटग्रस्त एपेक्स प्रीडेटर्स के अस्तित्व पर पर्यावरणीय तनाव और को-इन्फेक्शन का प्रभाव
मुख्य शब्द: स्थानिक बीमारी · वन्यजीव संरक्षण · प्राकृतिक चयन · ज़ूनोटिक ट्रांसमिशन · बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट
चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी प्रतियोगी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क (Trademark) का उपयोग Google Ads कीवर्ड के रूप में करना ट्रेडमार्क का उल्लंघन माना जाएगा, भले ही वह मार्क विज्ञापन में दिखाई न दे रहा हो।
दिल्ली हाई कोर्ट ने Google LLC और Google India को आदेश दिया है कि वे Hindware को ₹30 लाख का हर्जाना संयुक्त रूप से भुगतान करें। यह फैसला डिजिटल विज्ञापन में 'इनविजिबल कीवर्ड्स' (invisible keywords) के इस्तेमाल से प्रतिस्पर्धियों से ट्रैफिक को डायवर्ट करने के मामले से संबंधित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थागूगल इंडिया, अमेरिकी टेक्नोलॉजी दिग्गज Google LLC की भारतीय सहायक कंपनी है।
तथ्यदिल्ली हाई कोर्ट ने Hindware को ₹30 लाख के हर्जाने के रूप में संयुक्त भुगतान करने का आदेश दिया।
विज्ञान-तकनीकInvisible keywords का अर्थ सर्च इंजन एड मेटाडेटा में विजिबल एड कॉपी के बजाय किसी प्रतियोगी के ट्रेडमार्क (trademark) का उपयोग करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एल्गोरिद्मिक खोज के युग में डिजिटल विज्ञापन में 'अदृश्य कीवर्ड्स' (invisible keywords) के कानूनी और नैतिक निहितार्थों तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों पर उनके प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
IP एनफोर्समेंट गैप: डायनेमिक डिजिटल एड ऑक्शन में नॉन-विजिबल मेटाडेटा पर निगरानी में मुश्किल
मार्केट डिस्टॉर्शन: 'कीवर्ड स्कुवटिंग' के ज़रिए अनफेयर कॉम्पिटिशन ब्रांड एक्सक्लूसिविटी को कमज़ोर कर रहा है
रेगुलेटरी वैक्यूम: सर्च इंजन में एल्गोरिद्मिक ट्रांसपेरेंसी और ट्रेडमार्क प्रोटेक्शन के लिए विशिष्ट गाइडलाइन्स की ज़रूरत
मुख्य शब्द: बौद्धिक संपदा अधिकार · ट्रेडमार्क उल्लंघन · डिजिटल एडवरटाइजिंग · एल्गोरिथमिक ट्रांसपेरेंसी · बाज़ार में गड़बड़ी
चर्चा में क्यों: ICAR-CIFRI ने उत्तर-पूर्वी भारत की स्थानिक सजावटी मछली, चन्ना स्टीवर्टी (Channa Stewartii) के हार्मोन-मुक्त कैप्टिव ब्रीडिंग (captive breeding) और लार्वा रियरिंग (larval rearing) का सफलतापूर्वक पहला परीक्षण किया है।
इस शोध में दो साल की अवधि के दौरान जंगली से पकड़े गए 30 ब्रूडर्स (brooders) को अनुकूलित (acclimatizing) किया गया। प्रजनन प्रक्रिया के दौरान हैचिंग सफलता दर 73% रही।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणचन्ना स्टीवर्टी (Channa Stewartii): उत्तर-पूर्व भारत की एक स्थानिक (endemic) सजावटी मछली की प्रजाति।
संस्थाICAR-CIFRI: यह वह संस्था है जो हार्मोन-मुक्त कैप्टिव ब्रीडिंग (captive breeding) में मिली सफलता के लिए जिम्मेदार है।
तथ्यहैचिंग सक्सेस रेट (Hatching success rate): 30 जंगली से पकड़े गए ब्रूडर्स (brooders) के दो साल के एक्लिमेटाइजेशन (acclimatization) के दौरान 73% हासिल किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्थानीय प्रजातियों के 'कैप्टिव ब्रीडिंग' (बंदी प्रजनन) के माध्यम से सजावटी मछली व्यापार की मांगों और नाजुक पहाड़ी-धारा पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
पारिस्थितिक दबाव: नाजुक पहाड़ी-धारा आवासों में वन्य आबादी के अत्यधिक दोहन का शमन
आर्थिक व्यवहार्यता: टिकाऊ और हार्मोन-मुक्त ब्रीडिंग तकनीकों के जरिए एक्वाकल्चर उद्यमिता को बढ़ावा देना
बायोडायवर्सिटी संरक्षण: स्थानिक प्रजातियों को बचाने के लिए जंगली शिकार पर निर्भरता कम करना
मुख्य शब्द: कैप्टिव ब्रीडिंग · स्थानिक प्रजातियां · एक्वाकल्चर उद्यमिता · पारिस्थितिक संरक्षण · सस्टेनेबल ट्रेड
चर्चा में क्यों: CII के एक सम्मेलन में सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि AI के जरिए 2030 तक भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र (Healthcare sector) में 12 बिलियन डॉलर का योगदान मिलने का अनुमान है।
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के कार्यालय ने उल्लेख किया है कि स्वास्थ्य सेवा में AI के एकीकरण से 2030 तक छह मिलियन (60 लाख) रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। भारत ने बीमारी के प्रबंधन और प्रकोप का पता लगाने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण में AI को शामिल करने हेतु पहले ही एक राष्ट्रीय रणनीति लागू कर दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत के हेल्थकेयर सेक्टर में AI का अनुमानित योगदान: 2030 तक $12 बिलियन।
संस्थाCII (Confederation of Indian Industry) ने नई दिल्ली में CIO Conclave और CIO Excellence Awards का आयोजन किया।
विज्ञान-तकनीकPost-quantum cryptography को तकनीकी तैयारी के लिए एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण भारत की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, तथा इस प्रक्रिया में रोजगार विस्थापन और डेटा सुरक्षा से संबंधित चिंताओं के प्रबंधन के उपायों का विश्लेषण कीजिए।
डेटा प्राइवेसी: पेशेंट कॉन्फिडेंशियलिटी और बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग मॉडल्स की ज़रूरतों के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: शहरी और ग्रामीण सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों के बीच हाई-स्पीड कंप्यूटिंग एक्सेस में असमानता
लेबर ट्रांजिशन: AI-आधारित डायग्नोस्टिक और मैनेजमेंट टूल्स के साथ मिलकर काम करने के लिए हेल्थकेयर वर्कफोर्स को अपस्किलिंग करना
मुख्य शब्द: डेमोग्राफिक डिविडेंड · पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी · सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा · बीमारी का प्रबंधन · नौकरी सृजन
चर्चा में क्यों: द वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal) ने भारत में गूगल, अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों द्वारा AI डेटा केंद्रों के विस्तार से उत्पन्न होने वाली पानी की बढ़ती कमी और समुदायों के विस्थापन की चिंताओं पर प्रकाश डाला है।
आंध्र प्रदेश सरकार डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए बड़ी टेक कंपनियों को आकर्षित करने हेतु महत्वपूर्ण सब्सिडी प्रदान कर रही है। स्थानीय निवासियों ने जल के उपयोग के कारण स्थानीय आजीविका और कृषि पद्धतियों पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों के संबंध में चिंता व्यक्त की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यडेटा सेंटर की होड़ में शामिल टेक जायंट्स (Tech giants) में Google, Amazon और Microsoft शामिल हैं।
स्थानआंध्र प्रदेश भारत का वह राज्य है जो डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए सब्सिडी प्रदान करता है।
तथ्यमलेशिया और इंडोनेशिया में AI डेटा सेंटर द्वारा पानी के उपयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के जल-अभाव वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर एआई (AI) डेटा केंद्रों की स्थापना से उत्पन्न होने वाले पर्यावरणीय और सामाजिक समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
संसाधन प्रतिस्पर्धा: कूलिंग के लिए औद्योगिक पानी की ज़रूरत और स्थानीय कृषि सिंचाई की ज़रूरतों के बीच टकराव
रेगुलेटरी गैप: डेटा सेंटर्स द्वारा भारी मात्रा में पानी के इस्तेमाल के लिए विशिष्ट एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट फ्रेमवर्क की कमी
सामाजिक विस्थापन: औद्योगिक भूमि और पानी अधिग्रहण के कारण ग्रामीण समुदायों के हाशिए पर जाने और स्थानीय आजीविका प्रभावित होने का जोखिम
मुख्य शब्द: संसाधनों की कमी · सतत विकास · पर्यावरण प्रभाव आकलन · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · जल शासन
चर्चा में क्यों: छात्रों द्वारा स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में तकनीकी खामियों और विसंगतियों (discrepancies) के संबंध में की गई शिकायतों के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) के पूर्ण ऑडिट की योजना बना रहा है।
यह ऑडिट टेंडरिंग से लेकर कार्यान्वयन तक, OSM के पूरे जीवनचक्र (lifecycle) को कवर करता है। OSM कार्य के लिए अनुबंधित कंपनी, Coempt Edu Teck, तेलंगाना में स्थित है और उस राज्य में अपने काम को लेकर पहले भी आरोपों का सामना कर चुकी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाCBSE: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन।
तथ्यOSM: उत्तर पुस्तिकाओं (answer scripts) के मूल्यांकन के लिए उपयोग किया जाने वाला ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (On-screen marking system)।
पदकेंद्रीय शिक्षा मंत्रालय: CBSE सिस्टम के ऑडिट की निगरानी करने वाली केंद्रीय संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में परीक्षा प्रणाली के डिजिटलीकरण से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों का पारदर्शिता और तकनीकी अखंडता के संदर्भ में समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: स्कैन की गई कॉपियों में विसंगतियों और ऑटोमेटेड मार्किंग की गलतियों के जोखिम
अकाउंटेबिलिटी गैप: सार्वजनिक परीक्षा प्रणालियों के लिए प्राइवेट थर्ड-पार्टी वेंडर्स के ऑडिट में चुनौतियां
डिजिटल डिवाइड: डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नतीजों और पुनर्मूल्यांकन तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: डिजिटल पारदर्शिता · एल्गोरिथमिक जवाबदेही · ई-गवर्नेंस · शैक्षिक ईमानदारी · सार्वजनिक ऑडिट
चर्चा में क्यों: इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च (ICR) और जॉनसन एंड जॉनसन ने एक ट्रिपल-एक्शन कैंसर वैक्सीन, एमिवेंटामब (amivantamab) के ट्रायल के परिणाम घोषित किए हैं। इस परीक्षण में सिर और गर्दन या फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित 15 मरीजों में ट्यूमर पूरी तरह से खत्म होता पाया गया।
अमिवेंटामाब (amivantamab) इंजेक्शन EGFR और MET पाथवे को लक्षित करता है और साथ ही कैंसर कोशिकाओं पर हमला करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को सक्रिय करता है। परीक्षण के दौरान, इस इंजेक्शन ने उन मरीजों के ट्यूमर को कम कर दिया जिनमें से एक-तिहाई से अधिक मरीजों पर अन्य उपचार विफल रहे थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकAmivantamab: एक ट्रिपल-एक्शन कैंसर ड्रग जो EGFR और MET पाथवे (pathways) को टारगेट करती है।
तथ्यट्रायल के नतीजों में हेड और नेक (head and neck) या लंग कैंसर (lung cancer) वाले 15 मरीजों में ट्यूमर का पूरी तरह सफाया देखा गया।
संस्थाइंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च (ICR): अमिवेंटामैब (amivantamab) ट्रायल में शामिल रिसर्च बॉडी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लक्षित इम्यूनोथेरेपी और पाथवे-विशिष्ट उपचारों में हो रही प्रगति किस प्रकार भारत में ऑन्कोलॉजी के परिदृश्य और रोगी परिणामों को नया आकार दे रही है, इसका विश्लेषण कीजिए।
एक्सेसिबिलिटी गैप: टारगेटेड बायोलॉजिक्स की भारी कीमत बनाम पब्लिक हेल्थकेयर की सामर्थ्य
R&D इंफ्रास्ट्रक्चर: स्पेशलाइज्ड ऑन्कोलॉजी दवाओं के लिए स्वदेशी क्लिनिकल ट्रायल क्षमताओं की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) ने बताया है कि जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट (Genome India Project) अपने लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है, जिसके तहत जनसंख्या-विशिष्ट जेनेटिक वेरिएंट्स (genetic variants) की पहचान करने के लिए 10,000 भारतीय जीनोम की सीक्वेंसिंग (sequencing) की जानी है।
जीनोम इंडिया प्रोजेक्ट (Genome India Project) का उद्देश्य एक व्यापक डेटाबेस तैयार करने के लिए 10,000 भारतीय जीनोम का अनुक्रमण (sequencing) करना है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 7,000 जीनोम का अनुक्रमण किया जा चुका है, जिनमें से 3,000 को शोध के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाGenome India Project के लिए Department of Biotechnology (DBT) नोडल एजेंसी है।
तथ्यइस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 10,000 भारतीय जीनोम (genomes) को सीक्वेंस करना है।
तथ्यरिसर्च के लिए 3,000 sequenced genomes को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया गया है।
विज्ञान-तकनीकGenome sequencing का उद्देश्य भारतीय आबादी के लिए विशिष्ट जेनेटिक वेरिएंट्स (genetic variants) की पहचान करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीनोम इंडिया जैसे बड़े पैमाने के जीनोमिक डेटा प्रोजेक्ट्स भारत में व्यक्तिगत चिकित्सा (पर्सनलाइज्ड मेडिसिन) और सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीतियों में किस प्रकार क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं, चर्चा कीजिए।
डेटा संप्रभुता: जेनेटिक डेटा की सार्वजनिक उपलब्धता और व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों के बीच संतुलन
प्रिसिजन मेडिसिन: पश्चिमी डेटासेट की तुलना में भारतीय फेनोटाइप्स के लिए दवाओं के असर के अंतर को कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चरल बॉटलनैक: हाई-थ्रूपुट सीक्वेंसिंग लैब्स और बायो-इंफॉर्मेटिक्स क्षमता की ज़रूरत
मुख्य शब्द: जीनोमिक्स · प्रिसिजन मेडिसिन · बायो-इंफॉर्मेटिक्स · जेनेटिक वेरिएंट्स · सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा
चर्चा में क्यों: केरल स्थित स्टार्टअप Netrasemi ने छोटे एज डिवाइसेस (edge devices) पर उन्नत AI एल्गोरिदम को सपोर्ट करने के लिए अपने A2000 AI सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) के सफल सिलिकॉन ब्रिंग-अप (silicon bring-up) की घोषणा की है।
तिरुवनंतपुरम स्थित एक स्टार्टअप, नेत्रासेमी (Netrasemi) ने A2000 चिप विकसित की है। इस चिप में प्रोप्रायटरी हार्डवेयर एक्सेलेरेशन IPs और एक हेटेरोजेनियस ग्राफ-स्ट्रीम पैरेलल प्रोसेसिंग आर्किटेक्चर (heterogeneous graph-stream parallel processing architecture) की विशेषता है। कंपनी को केंद्र सरकार से DLI सहायता के रूप में ₹15 करोड़ प्राप्त हुए हैं। कंपनी की योजना अगले साल ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (Taiwan Semiconductor Manufacturing Company) में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकA2000: भारत के पहले AI/ML चिप्स में से एक, जिसे कॉम्पैक्ट, पावर-सेंसिटिव और कॉस्ट-सेंसिटिव एज डिवाइसेस (edge devices) के लिए डिज़ाइन किया गया है।
तथ्यनेत्रसेमी को केंद्र सरकार से DLI सपोर्ट के रूप में ₹15 करोड़ प्राप्त हुए।
तथ्यNetrasemi ने अपने सेमीकंडक्टर ऑपरेशंस के लिए कुल ₹125 करोड़ की फंडिंग जुटाई।
स्थानTaiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) वॉल्यूम प्रोडक्शन (volume production) के लिए नियोजित साइट है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक अर्धचालक मूल्य श्रृंखला (semiconductor value chain) में भारत की स्थिति के संदर्भ में स्वदेशी एआई सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) तकनीक विकसित करने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
हार्डवेयर संप्रभुता: महत्वपूर्ण AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विदेशी सिलिकॉन आर्किटेक्चर पर निर्भरता कम करना
फ़िस्कल इंसेंटिव्स: हाई-कैपिटल सेमीकंडक्टर R&D के रिस्क कम करने में DLI सपोर्ट की भूमिका
चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने TRAI के उन नियमों को बरकरार रखा है, जो टेलीविजन विज्ञापनों की समय सीमा को प्रति घंटे 12 मिनट तक सीमित करते हैं। कोर्ट ने ब्रॉडकास्टर्स और न्यूज़ चैनलों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने 2013 में प्रति घंटे 12 मिनट का विज्ञापन कैप (ad cap) लागू करते समय अपनी वैधानिक शक्तियों के भीतर ही कार्य किया था। अदालत ने इस नियम को लागू करने के प्राथमिक कारण के रूप में अत्यधिक व्यावसायिक व्यवधानों (commercial interruptions) के संबंध में उपभोक्ताओं की शिकायतों का हवाला दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाTRAI: Telecom Regulatory Authority of India (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण)।
तथ्यटेलीविजन विज्ञापन की सीमा: प्रति घंटा 12 मिनट।
स्थानदिल्ली हाई कोर्ट।
तथ्यरेगुलेशन की शुरुआत का वर्ष: 2013।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रसारण क्षेत्र में प्रसारणकर्ताओं के वाणिज्यिक हितों और निष्पक्ष दृश्य अनुभव के अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने में नियामक निकायों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी अथॉरिटी: कंटेंट और कमर्शियल इंटरप्शंस को रेगुलेट करने के लिए TRAI की वैधानिक शक्तियों का दायरा
उपभोक्ता संरक्षण: न्यूज़ चैनलों की कमर्शियल व्यवहार्यता और दर्शकों के अनुभव के बीच संतुलन
मीडिया गवर्नेंस: समय-बद्ध ब्रॉडकास्टिंग और प्रिंट मीडिया रेगुलेशन के बीच अंतर
मुख्य शब्द: सांविधिक शक्तियाँ · उपभोक्ता संरक्षण · रेगुलेटरी ओवरसाइट · व्यावसायिक हित · जनहित
चर्चा में क्यों: डर्हम यूनिवर्सिटी के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने आइस-पेनिट्रेटिंग रडार (ice-penetrating radar) का उपयोग करते हुए ईस्ट अंटार्कटिक आइस शीट के नीचे 31 प्राचीन नदी मैदानों (river plains) की खोज की है।
यह खोज दर्शाती है कि ये नदी के मैदान 80 मिलियन वर्ष पहले बने थे, जब अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया आपस में जुड़े हुए थे। माना जाता है कि ये सतहें आज ग्लेशियरों के प्रवाह को धीमा करती हैं, जिससे वर्तमान जलवायु मॉडल (Climate Models) प्रभावित होते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकआइस-पेनिट्रेटिंग रडार (Ice-penetrating radar): ईस्ट अंटार्कटिक आइस शीट के नीचे स्थित प्राचीन नदी के मैदानों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक।
स्थानईस्ट अंटार्कटिक आइस शीट: खोजे गए 31 प्राचीन रिवर प्लेन्स (river plains) का स्थान।
तथ्यबर्फ के नीचे खोजे गए 31 प्राचीन नदी मैदान (river plains)।
तथ्य80 मिलियन वर्ष: वह समय सीमा जब अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया जुड़े हुए थे और इन सतहों का निर्माण हुआ था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंटार्कटिका में उप-हिमनद भूवैज्ञानिक विशेषताएं वैश्विक जलवायु मॉडल और हिमनद पिघलने की दर को किस प्रकार प्रभावित करती हैं? विश्लेषण कीजिए।
मॉडल की गलती: मौजूदा आइस-फ्लो वेलोसिटी प्रोजेक्शन में सब-ग्लेशियल टोपोग्राफी को शामिल न करना
फीडबैक लूप्स: प्राचीन भूगर्भीय संरचनाओं और आधुनिक ग्लेशियल मूवमेंट डायनेमिक्स के बीच इंटरैक्शन
मुख्य शब्द: ग्लेशियोलॉजी · क्लाइमेट मॉडलिंग · सब-ग्लेशियल टोपोग्राफी · अंटार्कटिक आइस शीट · भूवैज्ञानिक इतिहास
चर्चा में क्यों: एक रूटीन टेस्ट के दौरान ब्लू ओरिजिन न्यू ग्लेन (Blue Origin New Glenn) रॉकेट में विस्फोट हो गया, जिससे स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 36 को नुकसान पहुँचा है और इससे NASA के 2028 के लूनर मिशन (lunar mission) के लक्ष्यों में देरी होने की संभावना है।
यह विस्फोट ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) के न्यू ग्लेन (New Glenn) रॉकेट के एक नियमित परीक्षण के दौरान स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 36 (LC-36) में हुआ। यह घटना चंद्रमा पर बेस बनाने, 2028 तक अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी और कमर्शियल लूनर टेरेन व्हीकल की डिलीवरी से संबंधित NASA की योजनाओं को प्रभावित करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकन्यू ग्लेन (New Glenn): ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) कंपनी द्वारा विकसित एक रॉकेट।
स्थानSpace Launch Complex 36 (LC-36): रॉकेट विस्फोट का स्थल।
तथ्यNASA का अंतरिक्ष यात्रियों को वापस चंद्रमा पर भेजने का लक्ष्य 2028 है।
तथ्यचंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने का चीन का लक्ष्य 2030 है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के महत्व और वैश्विक शक्तियों के बीच चल रही चंद्र दौड़ के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: चंद्र प्रभुत्व और संसाधनों तक पहुँच के लिए अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता
कमर्शियल निर्भरता: प्राइवेट सेक्टर की विफलताओं से नेशनल स्पेस एजेंसी की टाइमलाइन्स पर असर का जोखिम
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी: मल्टी-ईयर ऑर्बिटल और लूनर शेड्यूल पर लोकल लॉन्च साइट के नुकसान का असर
चर्चा में क्यों: तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने बोनकल और कोडंगल मंडलों को पूरी तरह से सौर ऊर्जा संचालित (solarised) मंडलों के रूप में विकसित करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा की है।
इस परियोजना का उद्देश्य रूफटॉप सोलर सिस्टम, सौर ऊर्जा संचालित पंप सेट और मॉडल सोलर विलेज के माध्यम से तेलंगाना को एक ग्रीन एनर्जी हब में बदलना है। इसमें सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानबोनाकल और कोडंगल मंडल तेलंगाना में स्थित हैं।
तथ्ययह पायलट प्रोजेक्ट खम्मम और विकारबाद जिलों के पूरी तरह से सोलरइज्ड (solarised) मंडलों को लक्षित करता है।
विज्ञान-तकनीकमॉडल सोलर विलेज (Model Solar Villages) और सोलर-पावर्ड पंप सेट (solar-powered pump sets) इस पहल के मुख्य घटक हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने और ग्रामीण विद्युतीकरण को बढ़ावा देने में विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा प्रणालियों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
ग्रिड स्टेबिलिटी: इंटरमिटेंट सोलर सप्लाई को ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के साथ बैलेंस करना
समावेशी विकास: विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों का उपयोग
कृषि तालमेल: सोलर-पावर्ड पंप सेट के जरिए सिंचाई लागत में कमी
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत ऊर्जा · रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांज़िशन · ग्रीन एनर्जी हब · ग्रामीण विद्युतीकरण · महिला सशक्तिकरण
चर्चा में क्यों: NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने मंगल ग्रह पर मानव मिशनों को सुगम बनाने के लिए 120 किलोवाट की शक्ति क्षमता वाले एक नए मैग्नेटोप्लाज्माडायनेमिक (Magnetoplasmadynamic - MPD) थ्रस्टर का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।
यह परीक्षण NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (Jet Propulsion Laboratory) द्वारा आयोजित किया गया था। मैग्नेटोप्लाज्माडायनेमिक (Magnetoplasmadynamic - MPD) थ्रस्टर ने 120 किलोवाट का पावर आउटपुट हासिल किया, जो वर्तमान NASA थ्रस्टर की क्षमताओं से अधिक है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकMPD थ्रस्टर: एक प्रकार की इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी (electric propulsion technology) जो लंबी दूरी तक निरंतर त्वरण (acceleration) करने में सक्षम है।
तथ्यटेस्ट किए गए MPD थ्रस्टर ने 120 किलोवाट का पावर आउटपुट हासिल किया।
पदNASA की Jet Propulsion Laboratory: यह वह संस्था है जो थ्रस्टर टेस्टिंग (thruster testing) के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह विश्लेषण कीजिए कि एमपीडी (MPD) थ्रस्टर्स जैसी विद्युत प्रणोदन तकनीक में प्रगति मानव गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण की तार्किक और शारीरिक चुनौतियों को दूर करने में किस प्रकार सहायक हो सकती है।
लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: लंबे स्पेसफ़्लाइट के रिस्क को कम करने के लिए मिशन की अवधि में कटौती
तकनीकी छलांग: डीप-स्पेस ट्रांजिट के लिए केमिकल से हाई-पावर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन की ओर बदलाव
चर्चा में क्यों: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने मिशन STRATO-XI के लॉन्च के दौरान अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (Space Technology) में प्रगति की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मिशन ने भारत के पहले एयर-ब्रीदिंग कोल्ड प्लाज्मा प्रोपल्शन (Air-breathing cold plasma propulsion) का प्रदर्शन किया।
मिशन STRATO-XI, रौद्रनेक्स स्पेस टेक्नोलॉजीज (Raudranex Space Technologies) और रेड बैलून एयरोस्पेस (Red Balloon Aerospace) द्वारा संचालित एक नियर-स्पेस (near-space) प्रदर्शन मिशन था। इस मिशन में एक सुपर-प्रेशर बैलून का उपयोग किया गया, जो पृथ्वी की सतह से 25 किमी की ऊंचाई तक यात्रा करने में सक्षम है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकमिशन STRATO-XI: स्ट्रैटोस्फीयर (stratosphere) में भारत का पहला एयर-ब्रीदिंग कोल्ड प्लाज्मा प्रोपल्शन (air-breathing cold plasma propulsion)।
तथ्यसुपर-प्रेशर बलून (Super-pressure balloon): पृथ्वी से 25 किलोमीटर तक ऊपर यात्रा करने में सक्षम।
स्थानश्रीहरिकोटा: आंध्र प्रदेश में प्रस्तावित Space City के लिए साइट।
पदके. राम मोहन नायडू: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री (Union Minister for Civil Aviation)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रणनीतिक और वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षमताओं को बढ़ाने में 'नियर-स्पेस' (near-space) तकनीक और 'एयर-ब्रीदिंग प्रोपल्शन' (air-breathing propulsion) प्रणालियों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी संप्रभुता: हाई-ऑल्टीट्यूड रिसर्च के लिए विदेशी प्रोपल्शन सिस्टम पर निर्भरता कम करना
आर्थिक विविधीकरण: प्राइवेट सेक्टर के नेतृत्व वाले एयरोस्पेस इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए स्पेस सिटी पहल का लाभ उठाना
चर्चा में क्यों: भारतीय सरकार ने भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों (fifth-generation combat aircraft) का स्थानीय स्तर पर निर्माण करने हेतु तीन घरेलू कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।
भारतीय वायुसेना वर्तमान में अपनी स्वीकृत क्षमता 42 स्क्वाड्रनों से कम पर संचालित हो रही है। विनिर्माण कार्यक्रम के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए तीन बोलीदाता टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का संयुक्त उद्यम, और भारत फोर्ज-BEML हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारतीय वायुसेना की स्वीकृत ताकत 42 स्क्वाड्रन्स है।
पदयह पहल स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य के अनुरूप है।
तथ्यशॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाताओं में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, L&T-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारत फोर्ज-BEML शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा प्रौद्योगिकी में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के स्वदेशी विनिर्माण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के लिए विदेशी OEMs पर निर्भरता कम करना
इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम: हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग के लिए घरेलू MSME और बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग बेस को मज़बूत करना
ऑपरेशनल रेडीनेस: तेज़ घरेलू प्रोडक्शन साइकिल के ज़रिए स्क्वाड्रन की कमी को दूर करना
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा स्वदेशीकरण · एयरोस्पेस इंजीनियरिंग · ऑपरेशनल रेडीनेस
चर्चा में क्यों: खगोलविदों ने शुरुआती ब्रह्मांड में एक 'लोकटक प्रोटोक्लस्टर' (Loktak protocluster) की पहचान की है, जिसका नाम मणिपुर की लोकतक झील के नाम पर रखा गया है। यह खोज आकाशगंगाओं के विकास पर शुरुआती पर्यावरणीय प्रभावों की ओर संकेत करती है।
लोटक प्रोटोक्लस्टर (Loktak Protocluster) का निर्माण बिग बैंग (Big Bang) के लगभग 1.2 बिलियन साल बाद हुआ था। इन अवलोकनों के लिए सुबारू टेलिस्कोप (Subaru Telescope) और जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope) का उपयोग किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकलोकटक प्रोटोक्लस्टर (Loktak Protocluster): बिग बैंग (Big Bang) के 1.2 बिलियन साल बाद बना एक स्ट्रक्चर।
विज्ञान-तकनीकसुबारु टेलिस्कोप (Subaru Telescope) और जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope): प्रोटोक्लस्टर की पहचान करने के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रारंभिक ब्रह्मांड में प्रोटोक्लस्टर जैसी विशाल ब्रह्मांडीय संरचनाएं आकाशगंगाओं के विकास को किस प्रकार प्रभावित करती हैं? विश्लेषण कीजिए।
पर्यावरणीय प्रभाव: हाई-डेंसिटी एनवायरनमेंट से गैलेक्सी का शुरुआती विकास
अवलोकन संबंधी प्रगति: शुरुआती ब्रह्मांड की संरचनाओं के मानचित्रण में हाई-रिज़ॉल्यूशन स्पेस टेलिस्कोप की भूमिका
मुख्य शब्द: गैलेक्सी इवोल्यूशन · प्रोटोक्लस्टर · ब्रह्मांड विज्ञान · एस्ट्रोफिजिक्स
चर्चा में क्यों: NASA ने जेफ बेजोस द्वारा स्थापित कंपनी ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) को तीन अनक्रूएड (uncrewed) चंद्र मिशनों में से पहले मिशन को अंजाम देने के लिए चुना है। इस मिशन के लिए कंपनी ने SpaceX को पछाड़ते हुए 230 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
NASA ने ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास वैज्ञानिक पेलोड और परीक्षण प्रौद्योगिकियों को ले जाने के लिए 230 मिलियन डॉलर का अनुबंध दिया है। ब्लू मून कार्गो लैंडर का उपयोग अगले दशक तक एक कार्यात्मक चंद्र आधार (Lunar Base) के निर्माण में सहायता के लिए नियोजित तीन चालक रहित मिशनों में से पहले मिशन के लिए किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकBlue Moon: लूनर मिशन के लिए Blue Origin द्वारा विकसित कार्गो लैंडर।
तथ्यNASA ने तीन अनक्रूएड (uncrewed) लूनर मिशन्स में से पहले मिशन के लिए $230 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
स्थानमून का साउथ पोल (Moon's south pole): वैज्ञानिक पेलोड और टेक्नोलॉजी टेस्टिंग के लिए लक्षित विशिष्ट लूनर क्षेत्र।
विज्ञान-तकनीकArtemis प्रोग्राम: NASA का एक चालू प्रोग्राम जिसमें लूनर एक्सप्लोरेशन (lunar exploration) के लिए SpaceX और अन्य संस्थाएं शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के महत्व और चंद्र बुनियादी ढांचे के विकास में निजी निगमों के नेतृत्व से उत्पन्न होने वाले निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
मार्केट कंसंट्रेशन: कुछ प्राइवेट संस्थाओं द्वारा लूनर लॉजिस्टिक्स पर एकाधिकार के खतरे
रेगुलेटरी ओवरसाइट: कमर्शियल लूनर मिशन्स में सुरक्षा और मलबे प्रबंधन मानकों को सुनिश्चित करना
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: स्पेस एक्सप्लोरेशन में कमर्शियल हितों और राष्ट्रीय वैज्ञानिक उद्देश्यों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · स्पेस कमर्शियलाइजेशन · चंद्र अन्वेषण · रणनीतिक स्वायत्तता · तकनीकी संप्रभुता
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार ने जल निकायों से आक्रामक जलकुंभी (water hyacinth) को हटाने के लिए एक मिशन शुरू किया है। इस मिशन के तहत, जलकुंभी के बायोमास को जैविक खाद और हस्तशिल्प में बदलकर महिला स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) के लिए आय उत्पन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल का नेतृत्व आंध्र प्रदेश के नगर प्रशासन और शहरी विकास (MA&UD) विभाग द्वारा किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जल निकायों में जलकुंभी (water hyacinth) जैसी आक्रामक प्रजातियों को हटाना और अनुपचारित सीवेज को जल निकायों में मिलने से रोकना है, ताकि उनसे मूल्यवर्धित उत्पाद (value-added products) तैयार किए जा सकें।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानआंध्र प्रदेश सरकार की जल निकायों के पुनरुद्धार (revitalization) के लिए पहल।
तथ्यवॉटर हायसिंथ (Water hyacinth) बायोमास को ऑर्गेनिक कम्पोस्ट और हस्तशिल्प (handicrafts) में बदला जाएगा।
संस्थानगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास (MA&UD) विभाग इस मिशन का नेतृत्व करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समुदाय-आधारित अपशिष्ट प्रबंधन और आक्रामक प्रजातियों के उन्मूलन किस प्रकार पारिस्थितिक बहाली और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, दोनों में योगदान दे सकते हैं, चर्चा कीजिए।
सर्कुलर इकोनॉमी: स्थानीय बाजारों के लिए इनवेसिव बायोमास को ऑर्गेनिक खाद और हस्तशिल्प में बदलना
इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन: जलकुंभी और बिना ट्रीट किए गए सीवेज के बहाव से होने वाले यूट्रोफिकेशन को कम करना
आजीविका सृजन: विकेंद्रीकृत वेस्ट-टू-वेल्थ पहलों के लिए सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स का उपयोग
मुख्य शब्द: आक्रामक प्रजातियां · सर्कुलर इकोनॉमी · कचरे से कंचन · महिला सशक्तिकरण · पारिस्थितिक बहाली
चर्चा में क्यों: भारत में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, क्योंकि एक जांच में खुलासा हुआ है कि लक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज ने एक इतालवी फैक्ट्री (Miteni) को खरीदा और उसका आंशिक पुनर्निर्माण किया, जो एक बड़े पर्यावरणीय घोटाले से जुड़ी हुई है।
लक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज ने मिटेनी (Miteni) प्लांट से उपकरण और उत्पाद खरीदे थे, जिसे इटली में पर्यावरणीय प्रदूषण के कारण बंद कर दिया गया था। इसमें शामिल रसायन PFAS हैं, जिन्हें 'फॉरएवर केमिकल्स' (forever chemicals) के रूप में जाना जाता है और ये कैंसर एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हुए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणPFAS: 'forever chemicals' का एक समूह जिन्हें कैंसर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनने के लिए जाना जाता है।
तथ्यलक्ष्मी ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज (Laxmi Organic Industries) ने इटली के मिटेनी (Miteni) प्लांट से उपकरण और उत्पाद खरीदे।
स्थानMiteni: एक पूर्व इतालवी प्लांट जो यूरोप के सबसे खराब पर्यावरणीय घोटालों (environmental scandals) में से एक से जुड़ा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'फॉरएवर केमिकल्स' (PFAS) के प्रबंधन में आने वाली विनियामक चुनौतियों और प्रदूषणकारी औद्योगिक गतिविधियों को विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में स्थानांतरित करने के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: कम पर्यावरणीय निगरानी वाले देशों में अधिक प्रदूषण वाली औद्योगिक गतिविधियों को ले जाने का जोखिम
स्वास्थ्य-पर्यावरण संबंध: PFAS के लंबे समय तक कैंसर पैदा करने वाले जोखिम और सख्त राष्ट्रीय मानकों की कमी
कॉरपोरेट जवाबदेही: अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार खतरनाक केमिकल्स के लाइफसाइकिल की निगरानी में चुनौतियां
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी आर्बिट्रेज · पर्यावरण प्रदूषण · फॉरएवर केमिकल्स · सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम · इंडस्ट्रियल रिलोकेशन
चर्चा में क्यों: NASA ने चंद्रमा पर एक स्थायी बेस स्थापित करने के लिए तीन चरणों वाली एक योजना पेश की है, जिसमें रोबोटिक लैंडर और ड्रोन शामिल होंगे। इस योजना का लक्ष्य 2028 तक चंद्रमा पर मानव उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
NASA की योजना में तीन चरण शामिल हैं: रोबोटिक अन्वेषण और उपकरणों की डिलीवरी, बिजली सुविधाओं का निर्माण, और अर्ध-स्थायी आवास। ब्लू ओरिजिन (Blue Origin), इंट्यूटिव मशीन्स (Intuitive Machines) और एस्ट्रोबोटिक (Astrobotic) सहित निजी कंपनियों को रोबोटिक लैंडर और हॉपिंग ड्रोन बनाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकNASA के लूनर बेस प्लान में रोबोटिक लैंडर्स और हॉपिंग ड्रोन्स के उपयोग को शामिल किया गया है।
तथ्यNASA का लक्ष्य 2028 के अंत से पहले चंद्रमा पर मनुष्यों को भेजना है।
पदBlue Origin, Intuitive Machines, और Astrobotic निजी कंपनियाँ हैं जो NASA के लूनर बेस (lunar base) निर्माण में शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के महत्व और चंद्रमा पर स्थायी आधार स्थापित करने के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: चंद्र पर दबदबा बनाने के लिए अमेरिका और चीन के बीच रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता
अंतरिक्ष का कमर्शियलाइजेशन: इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी की ओर बदलाव
संसाधन संप्रभुता: चंद्र क्षेत्र और संसाधन निष्कर्षण की कानूनी और नैतिक जटिलताएँ
चर्चा में क्यों: साओ पाउलो विश्वविद्यालय और कोइम्ब्रा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने उन्नत कंप्यूटर मॉडलिंग का उपयोग करके एक अधिक कुशल चंद्र पथ (Lunar trajectory) की खोज की है, जिससे ईंधन की आवश्यकता को कम किया जा सके।
यह खोज 'फंक्शनल कनेक्शंस' (functional connections) नामक एक गणितीय ढांचे पर आधारित 30 मिलियन सिमुलेशन का उपयोग करके की गई थी। नया प्रक्षेपवक्र (trajectory) अंतरिक्ष यान को अधिक कुशलता से आगे बढ़ाने के लिए पृथ्वी और चंद्रमा दोनों के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकफंक्शनल कनेक्शंस (Functional connections): चंद्रमा के प्रक्षेपवक्र (trajectories) खोजने के लिए 30 मिलियन सिमुलेशन के लिए उपयोग किया जाने वाला एक मैथमेटिकल फ्रेमवर्क।
तथ्यनया रूट पृथ्वी और चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण (gravity) का उपयोग करके पुराने ज्ञात ट्रेजेक्टरीज (trajectories) की तुलना में कम ईंधन की आवश्यकता के लिए डिज़ाइन किया गया है।
स्थानयह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ साओ पाउलो और यूनिवर्सिटी ऑफ कोइम्ब्रा द्वारा की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह चर्चा कीजिए कि कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग और कक्षीय यांत्रिकी (ऑर्बिटल मैकेनिक्स) में हुई प्रगति किस प्रकार सतत चंद्र अन्वेषण और अंतरिक्ष उपनिवेशीकरण के आर्थिक अवरोधों को कम कर रही है।
लागत-दक्षता: ईंधन की ज़रूरत कम होने से लूनर मिशनों के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर में कमी
तकनीकी छलांग: पारंपरिक प्रोपल्शन पर निर्भरता से ग्रेविटी-असिस्टेड ट्रजेक्टरी मॉडलिंग की ओर बदलाव
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: विकासशील देशों के लिए लूनर एक्सप्लोरेशन में शामिल होने की बाधाएं कम करना
मुख्य शब्द: ऑर्बिटल मैकेनिक्स · कंप्यूटेशनल मॉडलिंग · चंद्र अन्वेषण · ईंधन दक्षता · कार्यात्मक संबंध
चर्चा में क्यों: चीन ने माइक्रो-ग्रेविटी (microgravity) में मानव विकास के शुरुआती चरणों का अध्ययन करने के लिए तियानझो-10 (Tianzhou-10) मिशन के जरिए अंतरिक्ष में मानव कृत्रिम भ्रूण (artificial embryos) भेजे हैं।
Tianzhou-10 मिशन के तहत 10 मई को जीवित मानव स्टेम सेल्स (stem cells) से विकसित किए गए मानव कृत्रिम भ्रूण (artificial embryos) लॉन्च किए गए। ये भ्रूण भ्रूण (fetus) या बच्चे के रूप में विकसित होने में सक्षम नहीं हैं। तुलनात्मक डेटा प्राप्त करने के लिए इनके साथ जेब्राफिश और चूहे के भ्रूण भी शामिल किए गए थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकTianzhou-10: चीन का स्पेस मिशन जिसने मानव कृत्रिम भ्रूणों (artificial embryos) को ऑर्बिट में भेजा।
तथ्यह्यूमन आर्टिफिशियल एम्ब्रियो (Human artificial embryos) को जीवित ह्यूमन स्टेम सेल्स से विकसित किया जाता है और ये भ्रूण (fetus) में विकसित नहीं हो सकते।
विज्ञान-तकनीकतुलनात्मक अध्ययन: इस मिशन में माइक्रो-ग्रेविटी (microgravity) के प्रति प्रजाति-विशिष्ट प्रतिक्रियाओं का अध्ययन करने के लिए ज़ेब्राफिश और माउस एम्ब्रियो (mouse embryos) को शामिल किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशनों के संदर्भ में सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में मानव भ्रूण अनुसंधान के नैतिक और जैविक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
बायोएथिकल दुविधा: स्पेस मेडिसिन में वैज्ञानिक प्रगति और आर्टिफिशियल ह्यूमन एम्ब्रियो की नैतिक स्थिति के बीच संतुलन
बायोलॉजिकल रिस्क: मानव स्टेम सेल डेरिवेटिव्स में माइक्रो-ग्रेविटी से होने वाले म्यूटेशन या डेवलपमेंटल विसंगतियों की संभावना
चर्चा में क्यों: IIA, ARIES, गुवाहाटी यूनिवर्सिटी और INAF-कैटानिया के खगोलविदों ने एक कॉम्पैक्ट बाइनरी सिस्टम (compact binary system) में ब्राउन ड्वार्फ साथी (brown dwarf companion) वाले दुनिया के पहले पुष्ट ब्लू स्ट्रैग्लर स्टार (blue straggler star) की खोज की है।
इस बाइनरी सिस्टम (Binary System) की कक्षीय अवधि (Orbital Period) लगभग 5.6 घंटे है। इसमें मौजूद ब्राउन ड्वार्फ (Brown Dwarf) साथी तारा, एक ब्लू स्ट्रैग्लर (Blue Straggler) के चारों ओर पाया गया अब तक का सबसे हल्का तारा है, जिसका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 0.056 गुना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकब्राउन ड्वार्फ (Brown dwarf): एक सबस्टेलर ऑब्जेक्ट (substellar object) जो ग्रह से अधिक भारी लेकिन तारे से कम भारी होता है।
तथ्यखोजे गए बाइनरी सिस्टम (binary system) की ऑर्बिटल पीरियड (orbital period) लगभग 5.6 घंटे है।
तथ्यइस ब्राउन ड्वार्फ (Brown Dwarf) साथी का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 0.056 गुना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: द्वैत तारा प्रणालियों (binary star systems) और उप-तारकीय पिंडों (substellar objects) के अध्ययन से तारकीय विकास के सैद्धांतिक मॉडलों और आकाशगंगा की गतिशीलता (galactic dynamics) को परिष्कृत करने में किस प्रकार योगदान मिलता है, चर्चा कीजिए।
इवोल्यूशनरी मॉडलिंग: कॉम्पैक्ट बाइनरी सिस्टम में मास-ट्रांसफर डायनेमिक्स को बेहतर बनाना
सबस्टेलर फिजिक्स: ग्रहों और हाइड्रोजन-फ्यूजिंग तारों के बीच के बदलाव को समझना
मुख्य शब्द: तारों का विकास · बाइनरी सिस्टम · सबस्टेलर ऑब्जेक्ट्स · एस्ट्रोफिजिक्स · सामूहिक स्थानांतरण
चर्चा में क्यों: चीन ने 2030 तक चंद्रमा पर मानव भेजने के अपने लक्ष्य के हिस्से के रूप में, तीन अंतरिक्ष यात्रियों को कक्षा में भेजने के लिए शेनझो-23 (Shenzhou-23) मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इसमें हांगकांग का पहला अंतरिक्ष यात्री भी शामिल है।
शेनझो-23 (Shenzhou-23) मिशन के लिए गोबी रेगिस्तान स्थित जियुआन लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च 2-F रॉकेट का उपयोग किया गया। इस मिशन के चालक दल में ली जियायिंग (हॉन्गकॉन्ग), झू यांगझू और झांग झियुआन शामिल हैं। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में एक साल तक रहने के प्रभावों का अध्ययन करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकShenzhou-23: चीन का एक स्पेस मिशन जिसमें तीन चालक दल (three-crew) के साथ ऑर्बिटल फ्लाइट शामिल है।
विज्ञान-तकनीकLong March 2-F: Shenzhou-23 लॉन्च के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रॉकेट।
तथ्यचंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने का चीन का लक्ष्य 2030 है।
विज्ञान-तकनीकCMSA: China Manned Space Agency, वह संस्था जो इस मिशन के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दीर्घकालिक मानव अंतरिक्ष उड़ान से जुड़ी शारीरिक और तकनीकी चुनौतियों तथा चंद्र अन्वेषण में चीन की रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं का विश्लेषण कीजिए।
शारीरिक बाधाएं: लंबे समय तक माइक्रोग्रेविटी में रहने के दौरान बोन डेंसिटी लॉस, मसल वेस्टिंग और रेडिएशन एक्सपोजर को कम करना
लाइफ सपोर्ट सिस्टम: डीप स्पेस मिशन के लिए हाई-रिलायबिलिटी वॉटर और एयर रीसाइक्लिंग सिस्टम की ज़रूरत
रणनीतिक प्रतिस्पर्धा: मटेरियल साइंस और फ्लूइड फिजिक्स में प्रगति के लिए चीन का 2030 तक चाँद पर उतरने का लक्ष्य
मुख्य शब्द: माइक्रोग्रैविटी · चंद्र अन्वेषण · अंतरिक्ष अन्वेषण · लाइफ साइंसेज · लंबे समय तक अंतरिक्ष में उड़ान · CMSA
चर्चा में क्यों: SpaceX ने अपने V3 संस्करण के स्टारशिप (Starship) रॉकेट की एक परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की, जिसमें नकली उपग्रहों को तैनात किया गया और अंत में इसे हिंद महासागर में लैंड कराया गया।
यह अनक्रूएड लॉन्च (uncrewed launch) Starship V3 इटरेशन का पहला परीक्षण था। इस वाहन को Starlink उपग्रहों के बार-बार होने वाले लॉन्च और भविष्य के NASA के चंद्रमा मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकStarship: SpaceX का अगली पीढ़ी का रॉकेट जिसे मून मिशन और Starlink सैटेलाइट की तैनाती के लिए डिज़ाइन किया गया है।
तथ्यStarship V3: शुक्रवार को इस विशिष्ट iteration का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।
स्थानइंडियन ओशन: वह स्थान जहाँ परीक्षण के दौरान Starship रॉकेट ने स्प्लैशडाउन (splashdown) किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्पेसएक्स के 'स्टारशिप' जैसे पुन: प्रयोज्य भारी-लिफ्ट प्रक्षेपण यानों के विकास से अंतरिक्ष अन्वेषण और उपग्रह प्रक्षेपण की अर्थशास्त्र को किस प्रकार पुनर्गठित किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
लागत दक्षता: रियूजेबल रॉकेट आर्किटेक्चर के जरिए प्रति-किलोग्राम लॉन्च लागत में कमी
इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड: ऑर्बिटल मलबे मैनेजमेंट और स्पेस ट्रैफिक कंट्रोल की बढ़ती ज़रूरत
कमर्शियल व्यवहार्यता: सरकारी नेतृत्व वाले अंतरिक्ष अन्वेषण से निजी क्षेत्र के प्रभुत्व वाले सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: रीयूजेबल रॉकेट · स्पेस इकोनॉमी · सैटेलाइट की तैनाती · ऑर्बिटल मैकेनिक्स · कमर्शियल स्पेसफ्लाइट
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने शहर से प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बाहर स्थानांतरित करने के लिए हैदराबाद इंडस्ट्रियल लैंड्स ट्रांसफॉर्मेशन पॉलिसी (HILTP) के कार्यान्वयन दिशानिर्देश जारी किए हैं।
HILTP का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को आउटर रिंग रोड (Outer Ring Road) से बाहर स्थानांतरित करना और खाली पड़ी भूमि को बहु-उपयोग वाले क्षेत्रों (multi-use zones) में बदलना है। पात्र इकाइयाँ 30 जून, 2026 तक एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना चाहेंगी और 10% डेवलपमेंट इम्पैक्ट फीस (Development Impact Fee) अग्रिम रूप में जमा करेंगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाTGIIC (Telangana Industrial Infrastructure Corporation) वह संस्था है जो HILTP के कार्यान्वयन (implementation) की देखरेख करती है।
तथ्यपात्र इंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए डेवलपमेंट इम्पैक्ट फी (Development Impact Fee) को 10% अपफ्रंट (upfront) निर्धारित किया गया है।
स्थानयह पॉलिसी हैदराबाद में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को आउटर रिंग रोड (Outer Ring Road) के बाहर स्थानांतरित करने का आदेश देती है।
तथ्यइंडस्ट्रियल यूनिट्स के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2026 है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सतत शहरी विकास सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से औद्योगिक समूहों को शहरी केंद्रों के परिधि पर स्थानांतरित करने की चुनौतियों और लाभों का विश्लेषण कीजिए।
ज़ोनिंग विवाद: औद्योगिक आर्थिक उत्पादन और शहरी वायु गुणवत्ता व सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: नए निर्धारित पेरिफेरल ज़ोन में मज़बूत लॉजिस्टिक्स और यूटिलिटी कनेक्टिविटी की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सतत शहरी विकास · इंडस्ट्रियल ज़ोनिंग · प्रदूषण कम करना · भूमि उपयोग परिवर्तन
चर्चा में क्यों: पूर्व ओलंपिक एथलीट मैथ्यू वेल्स ने HIFIm का मूल्यांकन करने के लिए पैराबोलिक फ्लाइट टेस्ट में भाग लिया। यह एक नया एक्सरसाइज डिवाइस (exercise device) है जिसे अंतरिक्ष मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है।
HIFIm एक नया एक्सरसाइज डिवाइस है जिसे ESA, NASA और UK स्पेस एजेंसी (Space Agency) के एक कंसोर्टियम द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य मांसपेशियों के द्रव्यमान (muscle mass) और हड्डियों के घनत्व (bone density) को बनाए रखते हुए अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक्सरसाइज के समय को कम करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकHIFIm: एक डिवाइस जिसे अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) के लिए मसल मास और बोन डेंसिटी को बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
संस्थाESA: यूरोपियन स्पेस एजेंसी (European Space Agency)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के समक्ष आने वाली शारीरिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और इन जोखिमों को कम करने में उन्नत व्यायाम प्रौद्योगिकियों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
शारीरिक गिरावट: माइक्रोग्रेविटी में बोन डेंसिटी की कमी और मसल एट्रोफी को रोकना
ऑपरेशनल एफिशिएंसी: सीमित मिशन टाइम और इक्विपमेंट वेट के साथ हाई-इंटेंसिटी फिजिकल मेंटेनेंस को बैलेंस करना
मुख्य शब्द: माइक्रोग्रैविटी · शारीरिक स्वास्थ्य · अंतरिक्ष अन्वेषण · बायोमेडिकल इंजीनियरिंग · मांसपेशियों की कमजोरी
चर्चा में क्यों: भारत ने ओडिशा से अग्नि-1 (Agni-1) शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जिसका उद्देश्य इसके ऑपरेशनल और टेक्निकल पैरामीटर्स (operational and technical parameters) की पुष्टि करना था।
यह परीक्षण-लॉन्च ओडिशा के बालासोर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (Integrated Test Range) से किया गया था। यह मिशन स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (Strategic Forces Command) के तत्वावधान में संपन्न हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकअग्नि-1: भारत की एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली।
पदस्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (Strategic Forces Command): यह संस्था मिसाइल टेस्ट-लॉन्च के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'विश्वसनीय न्यूनतम' और 'विश्वसनीय निवारण' की रणनीति में बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं के महत्व की चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक डिटेरेंस: विरोधियों द्वारा किए जाने वाले आक्रामक कार्यों को रोकने के लिए एक विश्वसनीय खतरा बनाए रखना
तकनीकी संप्रभुता: स्वदेशी मिसाइल सिस्टम के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करना
ऑपरेशनल रेडीनेस: शॉर्ट-रेंज सिस्टम्स की तेज़ तैनाती और तकनीकी विश्वसनीयता सुनिश्चित करना
चर्चा में क्यों: भारत में रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव (heatwaves) के कारण बिजली की मांग बढ़कर 270 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे देश को भारी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय नियामक, ग्रिड-इंडिया (Grid-India) ने गुरुवार शाम 2.57 गीगावाट की अधिकतम कमी (deficit) दर्ज की। चेन्नई जैसे क्षेत्रों में बिजली कटौती 40 मिनट से लेकर एक घंटे तक रही।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यहीटवेव के दौरान भारत में बिजली की रिकॉर्ड डिमांड 270 गीगावाट (gigawatts) से अधिक हो गई।
तथ्यग्रिड-इंडिया (Grid-India) ने 2.57 गीगावाट की पीक पावर डेफिसिट (peak power deficit) की रिपोर्ट दी।
संस्थाग्रिड-इंडिया (Grid-India) पावर ग्रिड मैनेजमेंट के लिए नेशनल रेगुलेटर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अत्यधिक मौसम की घटनाओं के दौरान बिजली की चरम मांग को संतुलित करने की चुनौतियों और राष्ट्रीय ग्रिड को स्थिर करने में बैटरी भंडारण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इंटरमिटेंसी गैप: दिन में सरप्लस सोलर एनर्जी को मैनेज करने और रात की भारी डिमांड के बीच आने वाली मुश्किल
इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव: भीषण गर्मी के दौरान डिमांड में अचानक बढ़ोतरी से ग्रिड स्टेबिलिटी की समस्या
स्टोरेज बॉटलनेक: पीक लोड की कमी को कम करने के लिए बैटरी स्टोरेज विकास में तेज़ी की ज़रूरत
मुख्य शब्द: पीक डिमांड · ग्रिड स्टेबिलिटी · ऊर्जा संरक्षण · बैटरी स्टोरेज · रिन्यूएबल इंटीग्रेशन
चर्चा में क्यों: Nibe Limited ने भारतीय सेना के लिए अपने स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम (Loitering Munition System) ‘Vayu Astra-1’ का बिना किसी लागत और बिना किसी प्रतिबद्धता के सफल प्रदर्शन पूरा किया है।
वायु अस्त्र-1 (Vayu Astra-1) पुणे स्थित निबे लिमिटेड (Nibe Limited) द्वारा विकसित एक स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन (loitering munition) सिस्टम है। अप्रैल में किए गए परीक्षणों के दौरान, इसके एंटी-पर्सनल वेरिएंट ने 100 किलोमीटर की रेंज में 10 किलोग्राम का वारहेड स्ट्राइक प्रदर्शित किया, जिसमें सर्कुलर एरर प्रोबेबल (Circular Error Probable - CEP) एक मीटर से भी कम रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकVayu Astra-1: Nibe Limited द्वारा विकसित एक स्वदेशी loitering munition सिस्टम।
तथ्यवायु अस्त्र-1 anti-personnel वेरिएंट: इसने 100 km की रेंज पर 10-kg वारहेड स्ट्राइक का प्रदर्शन किया।
तथ्यVayu Astra-1 का प्रदर्शन: इसमें एबॉर्ट (abort) और री-अटैक (reattack) क्षमताओं के साथ एक मीटर से कम का Circular Error Probable (CEP) हासिल किया गया।
स्थानट्रायल लोकेशन: राजस्थान में पोखरण और उत्तराखंड में जोशीमठ (मलारी)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक युद्ध कौशल में स्वदेशी 'लोइटरिंग म्यूनिशन' (loitering munitions) के महत्व और रक्षा क्षेत्र में भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को सुदृढ़ करने में उनकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
प्रिसिजन वारफ़ेयर: हाई-एक्यूरेसी CEP और री-अटैक क्षमताएं कोलैटरल डैमेज को कम कर रही हैं
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: कम लागत वाले और ज्यादा असर वाले लोइटरिंग म्यूनिशन के लिए विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना
तकनीकी छलांग: स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स में ऑटोनॉमस नेविगेशन और अबॉर्ट-अटैक क्षमताओं का एकीकरण
मुख्य शब्द: लोइटरिंग म्यूनिशन · आत्मनिर्भर भारत · प्रिसिजन-गाइडेड हथियार · रक्षा स्वदेशीकरण · स्वायत्त सिस्टम
चर्चा में क्यों: चीन और रूस 2035 तक इंटरनेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन (ILRS) के विकास में तेजी ला रहे हैं, जबकि NASA 2028 तक एक चंद्र आधार (Lunar Base) स्थापित करने के लिए आर्टेमिस प्रोग्राम (Artemis program) की समयसीमा में बदलाव कर रहा है।
ILRS का लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक परिचालन सुविधा (operational facility) स्थापित करना है ताकि बर्फ के पानी जैसे संसाधनों का उपयोग किया जा सके। इस कार्यक्रम ने 17 से अधिक देशों और कई शोध संगठनों से साझेदारी प्राप्त की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकILRS: चीन और रूस के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय चंद्र अनुसंधान स्टेशन (International Lunar Research Station) प्रोजेक्ट।
तथ्यILRS लक्ष्य: 2035 तक एक ऑपरेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन (Lunar Research Station)।
विज्ञान-तकनीकArtemis प्रोग्राम: 2028 तक एक स्थायी लूनर बेस (lunar base) बनाने के लिए NASA की पहल।
स्थानमून का साउथ पोल (South Pole): आइस वॉटर रिसोर्स यूटिलाइजेशन (Ice water resource utilization) के लिए ILRS का टारगेट लोकेशन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रमुख अंतरिक्ष-शक्तिशाली राष्ट्रों द्वारा चंद्र अन्वेषण से स्थायी चंद्र आधार स्थापित करने की ओर बढ़ते बदलाव के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
संसाधन प्रतिस्पर्धा: जीवन रक्षक प्रणाली के लिए लूनर साउथ पोल पर बर्फ के पानी पर रणनीतिक नियंत्रण
भू-राजनीतिक तालमेल: ILRS और आर्टेमिस पार्टनरशिप के ज़रिए लूनर ब्लॉक्स का गठन
रेगुलेटरी वैक्यूम: लूनर रिसोर्स एक्सट्रैक्शन के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क की कमी
मुख्य शब्द: स्पेस डिप्लोमेसी · चंद्र अन्वेषण · संसाधन संप्रभुता · रणनीतिक स्वायत्तता · स्पेस रेस
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में अडानी ग्रुप के कोयला ब्लॉक प्रोजेक्ट को दी गई एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस (Environmental Clearances) में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला याचिकाकर्ता द्वारा दी गई चुनौती में देरी का हवाला देते हुए सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने चुनौतियों के लिए निर्धारित समय सीमा (limitation periods) के संबंध में 2025 के एक फैसले पर भरोसा किया। कोर्ट ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता, श्री दुबे, अन्य कानूनी उपायों का सहारा लें।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT): एक ऐसी संस्था जो एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस (environmental clearances) और विवादों को संभालती है।
स्थानमध्य प्रदेश: वह राज्य जहाँ कोयला ब्लॉक प्रोजेक्ट (Coal Block Project) स्थित है।
तथ्यकोर्ट ने पर्यावरण संबंधी चुनौतियों (environmental challenges) के लिए लिमिटेशन पीरियड (limitation periods) के संबंध में 2025 के एक फैसले पर गौर किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पर्यावरणीय मंजूरी की न्यायिक समीक्षा में परिसीमा अवधि (limitation periods) के महत्व और औद्योगिक विकास बनाम पारिस्थितिक संरक्षण पर उनके प्रभाव की चर्चा कीजिए।
प्रक्रियात्मक बाधा: चुनौतियां दायर करने में देरी से पर्यावरण संरक्षण में न्यायिक समीक्षा की प्रभावशीलता प्रभावित
रेगुलेटरी ओवरसाइट: औद्योगिक कोयले की ज़रूरतों और वन संरक्षण के आदेशों के बीच संतुलन बनाने में NGT की भूमिका
मुख्य शब्द: न्यायिक समीक्षा · पर्यावरण क्लीयरेंस · लिमिटेशन पीरियड · पारिस्थितिक संरक्षण · औद्योगिक विकास
चर्चा में क्यों: किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने कोलेजन के एक टिकाऊ विकल्प के रूप में भेड़ की ऊन के केराटिन (keratin) से प्राप्त एक प्रयोगात्मक हड्डी-मरम्मत सामग्री (bone-healing material) विकसित की है।
यह शोध केराटिन (keratin) पर केंद्रित है, जो ऊन, बाल और नाखूनों में पाया जाने वाला एक संरचनात्मक प्रोटीन है। प्रयोगशाला और पशु परीक्षणों ने पुष्टि की है कि यह सामग्री हड्डियों के पुनर्जनन (regeneration) में सहायता करती है और स्वस्थ प्राकृतिक हड्डी के समान ऊतक पैदा करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीककेराटिन (Keratin): एक स्ट्रक्चरल प्रोटीन जो ऊन, बाल और नाखूनों में पाया जाता है और इसका उपयोग नई बोन-हीलिंग (bone-healing) सामग्री में किया जाता है।
तथ्यहड्डी के पुनर्जनन (bone regeneration) में सहायता के लिए ऊन से बने मटेरियल का प्रयोगशाला और पशु परीक्षणों (animal trials) में परीक्षण किया गया।
विज्ञान-तकनीकयह मटेरियल हड्डियों की मरम्मत के लिए पारंपरिक collagen-आधारित scaffolds के लिए एक सस्टेनेबल विकल्प (sustainable alternative) के रूप में काम करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पशु उप-उत्पादों से प्राप्त टिकाऊ जैव-सामग्रियों (biomaterials) का विकास पुनर्योजी चिकित्सा (regenerative medicine) में पारंपरिक कृत्रिम मचानों (synthetic scaffolds) की सीमाओं को किस प्रकार दूर कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
रिसोर्स एफिशिएंसी: कोलेजन-आधारित स्कैफोल्ड्स के टिकाऊ विकल्प के रूप में ऊन से केराटिन का उपयोग
बायोकम्पैटिबिलिटी: प्राकृतिक बोन टिश्यू स्ट्रक्चर की नकल करने में ऊन से बने मटेरियल की श्रेष्ठता
क्लिनिकल स्केलेबिलिटी: डेंटल और ऑर्थोपेडिक रिकंस्ट्रक्शन के लिए एनिमल मॉडल्स से ह्यूमन ट्रायल्स की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: बायोमटेरियल्स · रीजेनरेटिव मेडिसिन · केराटिन · सस्टेनेबल हेल्थकेयर · हड्डी का पुनर्जनन