यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,426 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (517) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (348) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (242) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (197) · रक्षा तकनीक (118) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है, जिसमें कहा गया है कि उत्तराखंड में गंगा के ऊपरी हिस्सों में किसी भी नई हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (hydroelectric projects) की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
पर्यावरण, जल शक्ति और विद्युत मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश किया है। यह कदम पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले संचयी प्रभाव और क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता (seismic fragility) से जुड़ी चिंताओं पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यकेंद्र सरकार का रुख विशेष रूप से उत्तराखंड में गंगा के ऊपरी हिस्सों पर लागू होता है।
संस्थापर्यावरण, जल शक्ति और बिजली मंत्रालयों ने संयुक्त रूप से हलफनामा (affidavit) पेश किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ऊपरी गंगा जैसे भूकंपीय रूप से सक्रिय हिमालयी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संचालित होने वाली जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े पारिस्थितिक और भूगर्भीय जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।
सीस्मिक रिस्क: हिमालयी सीस्मिक ज़ोन में बांध टूटने या लैंडस्लाइड शुरू होने की संभावना
पारिस्थितिक गिरावट: गंगा के रिवरिन इकोसिस्टम और जैव विविधता पर कई बांधों का संचयी प्रभाव
बाढ़ की गतिशीलता: प्राकृतिक नदी प्रवाह के पैटर्न में बदलाव से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है
मुख्य शब्द: भूकंप के प्रति संवेदनशीलता · कुल मिलाकर प्रभाव · नदी पारिस्थितिकी तंत्र · जलविद्युत विकास · पर्यावरण शासन
चर्चा में क्यों: CMFRI के शोधकर्ताओं ने अरब सागर में भारतीय स्क्विड (Uroteuthis duvaucelii) में विषमलैंगिक (heterosexual) और समलैंगिक (homosexual) दोनों प्रकार के संभोग व्यवहार के पहले प्रमाण दर्ज किए हैं।
इस अध्ययन में कोच्चि के पास अरब सागर से प्राप्त 232 मादा स्क्विड (squids) का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ताओं ने पूरे वर्ष सक्रिय संभोग की पहचान की, जिसमें अक्टूबर के महीने में सबसे अधिक गतिविधि देखी गई। साथ ही, एक नर स्क्विड पर स्पर्मेटेंजिया (spermatangia) मिलने से यह संकेत मिला कि इनमें समलैंगिक यौन व्यवहार (same-sex sexual behavior) भी पाया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणUroteuthis duvaucelii: भारतीय स्क्विड (squid) की वह प्रजाति जिसका अध्ययन मेटिंग बिहेवियर (mating behavior) के लिए किया गया है।
संस्थाCMFRI: सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (Central Marine Fisheries Research Institute) ने यह अध्ययन किया।
तथ्यअक्टूबर: यह महीना इंडियन स्क्विड (Indian squid) के लिए चरम मेटिंग एक्टिविटी (mating activity) वाला महीना माना जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समुद्री प्रजातियों के जटिल संभोग व्यवहार के दस्तावेजीकरण के महत्व का गहरे समुद्र की जैव विविधता और पारिस्थितिक गतिशीलता को समझने के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
पारिस्थितिक संबंध: घने स्पॉनिंग एग्रीगेशन और नॉन-हेटरोसेक्सुअल मेटिंग व्यवहार के बीच जुड़ाव
बायोडायवर्सिटी डॉक्यूमेंटेशन: समुद्री संरक्षण के लिए डीप-सी इकोसिस्टम में प्रजाति-विशिष्ट व्यवहार की पहचान का महत्व
मुख्य शब्द: समुद्री जैव विविधता · बिहेवियरल इकोलॉजी · गहरे समुद्र की प्रजातियां · स्पॉनिंग एग्रीगेशन · समुद्री अनुसंधान
चर्चा में क्यों: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि सैटेलाइट-टैग्ड अमूर फाल्कन (Amur falcons), जो चार महीने तक दक्षिणी अफ्रीका में रहे थे, भारत के रास्ते सुदूर पूर्व (Far East) की ओर अपनी वसंतकालीन वापसी की यात्रा शुरू कर चुके हैं।
मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में नवंबर 2025 में टैग किए गए तीन अमूर फाल्कन (Amur falcon) में से दो की ट्रैकिंग की जा रही है। ये पक्षी वर्तमान में सोमालिया से अरब सागर पार कर रहे हैं। इनमें से 'अलांग' नाम का एक फाल्कन भारत के पश्चिमी तट पर पहुँचने की संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पर्यावरणAmur falcons: प्रवासी पक्षी जो सुदूर पूर्व (Far East) से दक्षिणी अफ्रीका तक यात्रा करते हैं।
स्थानतामेंगलोंग जिला: मणिपुर में वह स्थान जहाँ पक्षियों को टैग किया गया था।
तथ्यसैटेलाइट ट्रैकिंग प्रोजेक्ट: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वित्तपोषित।
तथ्यमाइग्रेशन रूट: पक्षियों ने सोमालिया से भारत के पश्चिमी तट की ओर अरब सागर को पार किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्रवासी प्रजातियों की निगरानी और जैव विविधता गलियारों के संरक्षण में समुदाय-आधारित संरक्षण और उपग्रह ट्रैकिंग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डेटा-आधारित संरक्षण: रियल-टाइम ट्रैकिंग से शिकार और आवास क्षरण पर त्वरित कार्रवाई संभव
कम्युनिटी-लेड मॉडल: मणिपुर में सफल बर्ड टैगिंग और मॉनिटरिंग के लिए स्थानीय ज्ञान का उपयोग
सीमा पार सहयोग: अफ्रीका और एशिया में प्रवासी रास्तों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौतों की ज़रूरत
मुख्य शब्द: प्रवासी प्रजातियां · कम्युनिटी-आधारित संरक्षण · सैटेलाइट ट्रैकिंग · बायोडायवर्सिटी कॉरिडोर · सीमा पार संरक्षण
चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों ने हाई-एन्ट्रॉपी मेटालिक कंपोजिट्स (high-entropy metallic composites) का उपयोग करके एक नई कैटालिटिक सिस्टम विकसित की है, जो वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन को प्रतिदिन 110 पाउंड लिक्विड फ्यूल (तरल ईंधन) में बदल सकती है।
यह तकनीक थर्मोकेमिकल प्रतिक्रियाओं (thermochemical reactions) को बेहतर बनाने के लिए आयरन या कोबाल्ट जैसे धातुओं के हाई-एन्ट्रॉपी मेटालिक कंपोजिट मिक्स का उपयोग करती है। यह प्रतिदिन 50 किलोग्राम का स्पेस-टाइम यील्ड (Space-Time Yield - STY) प्राप्त करती है और इसे सर्कुलर कार्बन इकोनॉमी (circular carbon economy) बनाने के लिए औद्योगिक स्तर पर विस्तार करने हेतु डिजाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकहाई-एन्ट्रॉपी मैटेलिक कंपोजिट (High-entropy metallic composite): आयरन या कोबाल्ट जैसी धातुओं का मिश्रण जिसका उपयोग ईंधन उत्पादन के लिए थर्मोकेमिकल रिएक्शन्स (thermochemical reactions) को ऑप्टिमाइज करने के लिए किया जाता है।
तथ्यSpace-Time Yield (STY): यह तकनीक प्रतिदिन 50 किलोग्राम की पैदावार (yield) हासिल करती है।
तथ्यउत्पादन क्षमता: यह सिस्टम वायुमंडलीय CO2 और हाइड्रोजन से प्रतिदिन 110 पाउंड तक लिक्विड फ्यूल (liquid fuel) का उत्पादन कर सकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'एयर-टू-टैंक' (air-to-tank) प्रौद्योगिकियों और चक्रीय कार्बन अर्थव्यवस्था (circular carbon economy) किस प्रकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए औद्योगिक कार्बन पदचिह्नों को कम करने में सहायक हो सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
डिकार्बोनाइजेशन पाथवे: औद्योगिक ईंधन के लिए फॉसिल फ्यूल एक्सट्रैक्शन से रिसाइकिल किए गए एमिशन की ओर बदलाव
स्केलेबिलिटी की बाधाएं: बड़े पैमाने पर औद्योगिक उपयोग के लिए हाई स्पेस-टाइम यील्ड हासिल करने में तकनीकी मुश्किलें
सर्कुलर इकोनॉमी इंटीग्रेशन: एटमॉस्फेरिक CO2 को रीसायकल करके उपयोगी एनर्जी में बदलकर नेट कार्बन उत्सर्जन कम करना
मुख्य शब्द: सर्कुलर कार्बन इकोनॉमी · थर्मोकेमिकल रिएक्शन · हाई-एन्ट्रॉपी अलॉयज़ · डीकार्बोनाइजेशन · स्पेस-टाइम यील्ड
चर्चा में क्यों: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने 'अभय' नाम का एक AI-पावर्ड हेल्पबॉट लॉन्च किया है, जिसे CBI नोटिसों की पुष्टि करने और साइबर-सक्षम धोखाधड़ी (Cyber-enabled fraud) से निपटने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
CBI ने आधिकारिक नोटिसों की प्रामाणिकता की जांच करने के लिए AI-आधारित हेल्पबॉट 'अभय' (Abhay) लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी (cyber-enabled fraud) की बढ़ती समस्या को हल करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाCBI: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Central Bureau of Investigation)।
विज्ञान-तकनीकअभय: नोटिस वेरिफिकेशन के लिए AI-पावर्ड हेल्पबॉट।
तथ्यअभय तक आधिकारिक CBI वेबसाइट (www.cbi.gov.in) के माध्यम से पहुँचा जा सकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कानून प्रवर्तन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण उभरती साइबर-धोखाधड़ी की चुनौतियों का समाधान करते हुए आपराधिक न्याय प्रणाली की अखंडता को कैसे सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
ऑथेंटिकेशन गैप: साइबर-सक्षम धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाली जटिल डीपफेक और स्पूफिंग तकनीकों को कम करना
डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण और कम तकनीक जानने वाले लोगों के लिए AI-आधारित वेरिफिकेशन टूल्स की पहुंच सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: साइबर-सक्षम धोखाधड़ी · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · कानून प्रवर्तन · डिजिटल ऑथेंटिकेशन · क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम
चर्चा में क्यों: DMRC ने सार्वजनिक परिवहन के लिए स्वच्छ ईंधन के विकल्प के रूप में ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के सेंट्रल विस्टा में हाइड्रोजन से चलने वाली शटल बस सेवा शुरू की है।
यह सेवा 15 मई, 2026 को DMRC, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के बीच सहयोग से शुरू की गई। ये बसें सोमवार से शुक्रवार तक ऑफिस के पीक घंटों (peak hours) के दौरान चलेंगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यDMRC ने 15 मई, 2026 को सेंट्रल विस्टा में हाइड्रोजन-पावर्ड शटल बसें लॉन्च कीं।
संस्थायह प्रोजेक्ट DMRC, Ministry of Housing and Urban Affairs और Ministry of Petroleum and Natural Gas के बीच सहयोग से शामिल है।
पदडॉ. अमित कुमार जैन DMRC के डायरेक्टर (Operations and Services) हैं।
पदअरविंद कुमार इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (Indian Oil Corporation) के डायरेक्टर (रिफाइनरी) हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के वि-कार्बनिकरण (decarbonization) के लिए हरित हाइड्रोजन की क्षमता और इसमें निहित तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशनों और स्पेशलाइज्ड स्टोरेज टैंक की भारी लागत
सप्लाई चेन की बाधा: हाई-फ़्रीक्वेंसी अर्बन ट्रांजिट डिमांड को पूरा करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन प्रोडक्शन को बढ़ाना
मुख्य शब्द: ग्रीन हाइड्रोजन · डीकार्बोनाइजेशन · सार्वजनिक परिवहन · क्लीन फ्यूल · सस्टेनेबल मोबिलिटी
चर्चा में क्यों: NASA का Psyche मिशन धातु से भरपूर क्षुद्रग्रह (asteroid) 16 Psyche की कक्षा में चक्कर लगा रहा है, ताकि इसकी संरचना और ग्रहों के बनने के इतिहास का अध्ययन किया जा सके।
साइकी (Psyche) मिशन को 2023 में क्षुद्रग्रह 16 साइकी (16 Psyche) के अध्ययन के लिए लॉन्च किया गया था, जिसकी खोज 1852 में हुई थी। माना जाता है कि यह क्षुद्रग्रह एक प्राचीन ग्रह का खुला हुआ कोर (core) है, जिसमें सोने सहित भारी मात्रा में धातु मौजूद है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकPsyche मिशन: एस्टेरॉयड 16 Psyche के अध्ययन के लिए NASA द्वारा 2023 में लॉन्च किया गया स्पेसक्राफ्ट।
तथ्य16 Psyche: 1852 में खोजा गया एक एस्टेरॉयड (Asteroid), जिसे एक प्राचीन ग्रह के उजागर कोर (exposed core) के रूप में माना जाता है।
विज्ञान-तकनीकमिशन के उद्देश्य: 16 Psyche की संरचना, चुंबकीय क्षेत्र (magnetic field), गुरुत्वाकर्षण (gravity), सतह की भूविज्ञान (surface geology) और आंतरिक संरचना का अध्ययन करना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 16 साइकी (16 Psyche) जैसे धात्विक क्षुद्रग्रहों के अन्वेषण से ग्रहों के निर्माण और धात्विक केंद्रों (metallic cores) के विकास की हमारी समझ में किस प्रकार योगदान मिलता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि: प्रोटोप्लैनेटरी डिस्क से विभेदित प्लैनेटरी कोर तक के बदलाव को समझना
संसाधन क्षमता: कीमती धातुओं के लिए स्पेस माइनिंग की लंबी अवधि की व्यवहार्यता और वैज्ञानिक अन्वेषण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: ग्रहों का निर्माण · एस्टरॉयड माइनिंग · अंतरिक्ष अन्वेषण · धातु के कोर · भूगर्भीय विकास
चर्चा में क्यों: यह लेख इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे 1970 के दशक में विस्फोट होने वाले ब्लैक होल (Black Holes) का पता लगाने के लिए किए गए CSIRO के एक असफल प्रयोग ने 'फास्ट फूरियर ट्रांसफॉर्म' (Fast Fourier Transform) तकनीकों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया, जो आज Wi-Fi और ब्लूटूथ के लिए अनिवार्य हैं।
1970 के दशक के उत्तरार्ध में, CSIRO के ऑस्ट्रेलियाई रेडियो खगोलविदों (radio astronomers) ने विस्फोट करते हुए ब्लैक होल का पता लगाने का प्रयास किया था। यह प्रयोग अपने प्राथमिक लक्ष्य में विफल रहा, लेकिन इसके परिणामस्वरूप कॉस्मिक नॉइज़ (cosmic noise) को फिल्टर करने और मल्टीपाथ इंटरफेरेंस (multipath interference) को कम करने के लिए गणितीय तकनीकें विकसित हुईं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकCSIRO: ऑस्ट्रेलिया की नेशनल साइंस एजेंसी जो ओरिजिनल रेडियो एस्ट्रोनॉमी रिसर्च के लिए जिम्मेदार है।
विज्ञान-तकनीकफास्ट फूरियर ट्रांसफॉर्म (Fast Fourier Transform): कॉस्मिक नॉइज़ को फिल्टर करने और मल्टीपाथ इंटरफेरेंस (multipath interference) को कम करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक मैथमेटिकल तकनीक।
तथ्ययह तकनीक वैज्ञानिक अनुसंधान से वाई-फाई (Wi-Fi) और ब्लूटूथ (Bluetooth) जैसे हाई-स्पीड इनडोर नेटवर्किंग में विकसित हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था में मौलिक वैज्ञानिक अनुसंधान और 'विफल' प्रयोगों द्वारा दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों (dual-use technologies) के विकास में होने वाले योगदान की चर्चा कीजिए।
स्पिन-ऑफ इनोवेशन: एस्ट्रोनॉमिकल सिग्नल प्रोसेसिंग का कमर्शियल टेलीकम्युनिकेशंस इंफ्रास्ट्रक्चर में ट्रांजिशन
R&D सिनर्जी: वायरलेस नेटवर्किंग में इंजीनियरिंग की बाधाओं को दूर करने के लिए फिजिक्स में गणितीय खोजों का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · सिग्नल प्रोसेसिंग · तकनीकी स्पिलओवर · फास्ट फूरियर ट्रांसफॉर्म · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों और ऑर्बिटल ट्रैकर्स ने SpaceX Falcon 9 के एक पुराने ऊपरी चरण (upper stage) (2025-010D) की पहचान की है, जिसके 5 अगस्त, 2026 को चंद्रमा के आइंस्टीन क्रेटर (Einstein crater) से टकराने की संभावना है।
चार टन वजनी यह वस्तु 'ब्लू घोस्ट मिशन 1' (Blue Ghost Mission 1) का हिस्सा है और यह 5,400 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा से टकराएगी। माइनर प्लैनेट सेंटर और ऑर्बिटल ट्रैकर्स ने इस वस्तु की पहचान 2025-010D के रूप में की है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
विज्ञान-तकनीकFalcon 9: SpaceX द्वारा विकसित एक रियूजेबल (reusable) रॉकेट।
तथ्यखर्च किया गया अपर स्टेज (upper stage) चार टन का है और यह 5,400 मील प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगा।
स्थानआइंस्टीन क्रेटर (Einstein crater): निर्धारित इम्पैक्ट (impact) की विशिष्ट लूनर लोकेशन (lunar location)।
संस्थाIADC: इंटर-एजेंसी स्पेस डिब्रिस कोऑर्डिनेशन कमेटी (Inter-Agency Space Debris Coordination Committee) हेलियोसेंट्रिक ऑर्बिट्स में स्टेज के निपटान का सुझाव देती है।
संस्थामाइनर प्लैनेट सेंटर (Minor Planet Centre): वह संस्था जो इस ऑब्जेक्ट को 2025-010D के रूप में पहचानने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों और सतत चंद्र एवं कक्षीय अन्वेषण के लिए अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढाँचों की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी वैक्यूम: चंद्र कक्षाओं में इस्तेमाल किए गए अपर स्टेज के अनिवार्य निपटान के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधियों की कमी
वैज्ञानिक अवसर: चंद्र मिट्टी की मैकेनिक्स और क्रेटर फॉर्मेशन के अध्ययन के लिए नियंत्रित इम्पैक्ट्स का उपयोग
ऑर्बिटल सुरक्षा: सक्रिय लूनर इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य के मानव मिशनों के साथ काइनेटिक कॉलिजन का जोखिम
मुख्य शब्द: स्पेस डेब्रिस · चंद्र अन्वेषण · ऑर्बिटल मैकेनिक्स · सस्टेनेबल स्पेस · हेलियोसेंट्रिक ऑर्बिट
चर्चा में क्यों: इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) ने रिकॉर्ड स्तर के वैश्विक तापमान और चरम मौसम की घटनाओं (extreme weather events) की बढ़ती आवृत्ति के संबंध में चेतावनी जारी की है।
IPCC की रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि वैश्विक तापमान में हो रही वृद्धि के कारण हीटवेव (heatwaves), सूखा और बाढ़ की घटनाएं अधिक बार और तीव्र रूप से हो रही हैं। यह चेतावनी इन जलवायु प्रभावों से निपटने के लिए तत्काल शमन (mitigation) कार्यों की आवश्यकता पर बल देती है।
तथ्यरिपोर्ट हीटवेव्स (heatwaves), सूखे और बाढ़ की बढ़ती आवृत्ति और तीव्रता पर प्रकाश डालती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक जलवायु नीति को आकार देने में आईपीसीसी (IPCC) की भूमिका और चरम मौसमी घटनाओं के शमन के लिए तीव्र वि-कार्बनिकरण (decarbonization) प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
मिटिगेशन गैप: वैश्विक उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों और वास्तविक औद्योगिक उत्पादन के बीच का अंतर
अनुकूलन लागत: अत्यधिक मौसम की घटनाओं का सामना करने वाले विकासशील देशों पर आर्थिक बोझ
मुख्य शब्द: जलवायु परिवर्तन का प्रभाव कम करना · अत्यधिक मौसम की घटनाएँ · डीकार्बोनाइजेशन · IPCC रिपोर्ट · ग्लोबल वार्मिंग
चर्चा में क्यों: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लुप्तप्राय प्रजातियों को संरक्षित करने के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत बोत्सवाना से लाए गए दो चीतों को कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा।
बोत्सवाना से लाए गए दो चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क के एक खुले जंगल में छोड़ा गया। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के बाद, यह प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) का तीसरा अंतर्राष्ट्रीय चरण है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानकुनो नेशनल पार्क मध्य प्रदेश में स्थित है।
तथ्यप्रोजेक्ट Cheetah के तहत चीते बोत्सवाना, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए हैं।
पर्यावरणचीता एक संकटग्रस्त प्रजाति (endangered species) है जिसे भारत में वापस जंगली वातावरण में लाया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में खंडित आवासों में शीर्ष शिकारियों (apex predators) के पुन: परिचय से जुड़ी पारिस्थितिक और संरक्षण संबंधी चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
कुनो नेशनल पार्क में शिकार की संख्या और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के बीच संतुलन: हैबिटेट की उपयुक्तता
जेनेटिक विविधता: इनब्रीडिंग के जोखिम और आबादी की स्थिरता के लिए मल्टी-कंट्री सोर्सिंग की ज़रूरत
मानव-वन्यजीव संघर्ष: संरक्षित क्षेत्र के बाहरी इलाकों में स्थानीय समुदायों के साथ संभावित मुठभेड़ों का प्रबंधन
मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · प्रजातियों का पुन: परिचय · आवास बहाली · एपेक्स प्रीडेटर मैनेजमेंट · प्रोजेक्ट चीता
चर्चा में क्यों: कनाडा के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के शोधकर्ताओं ने उत्तरी गनेट (Northern Gannet) के अंडों में 'फॉरएवर केमिकल्स' (PFAS) के स्तर में भारी गिरावट दर्ज की है। इस गिरावट का मुख्य कारण 3M कंपनी पर बढ़ती नियामक निगरानी और EPA द्वारा किए गए चरणबद्ध तरीके से हटाने (Phase-out) के समझौते बताए गए हैं।
अध्ययन में नॉर्दर्न गनेट (Northern Gannet) के अंडों में Pfos के स्तर में 74% की गिरावट और PFHxS यौगिकों में महत्वपूर्ण कमी देखी गई। ये स्तर 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में अपने चरम पर थे। इस गिरावट का संबंध 3M के खिलाफ नियामक कार्रवाइयों और अमेरिकी एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (Environmental Protection Agency) के साथ हुए समझौतों से है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणइस स्टडी में Pfas लेवल की निगरानी के लिए नॉर्दर्न गनेट (Northern gannets) पक्षी प्रजाति का उपयोग किया गया है।
तथ्यनॉर्दर्न गनेट (Northern gannet) के अंडों में PFOS का स्तर 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में आए पीक (peak) के मुकाबले 74% तक गिर गया है।
संस्थाअमेरिकी Environmental Protection Agency (EPA) ने कुछ PFAS को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने के लिए केमिकल निर्माताओं के साथ समझौते किए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पर्फ़्लोरोअल्काइल पदार्थ (PFAs) जैसे स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों (Persistent Organic Pollutants) के विनियामक तंत्र में आने वाली चुनौतियों और 'पछतावे योग्य प्रतिस्थापन' (regrettable substitution) के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए, जहाँ रसायनों की नई पीढ़ियाँ उभरते पर्यावरणीय जोखिम उत्पन्न करती हैं।
रेगुलेटरी लैग: पुराने कंपाउंड्स की जगह आने वाली नई पीढ़ी के पीएफएएस की निगरानी और उन्हें बैन करने में कठिनाई
बायोएक्युमुलेशन के जोखिम: समुद्री फूड चेन और पक्षियों के प्रजनन स्वास्थ्य पर 'फॉरएवर केमिकल्स' का असर
कॉर्पोरेट जवाबदेही: औद्योगिक केमिकल उत्पादन और कड़े पर्यावरण सुरक्षा मानकों के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने AB PM-JAY के तहत स्वास्थ्य संबंधी दावों (claims) की प्रोसेसिंग और धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए AI-आधारित समाधानों को पहचानने हेतु 'ऑटो-एडजुडिकेशन हैकाथॉन शोकेस 2026' का समापन किया।
यह हैकथॉन IndiaAI मिशन और IISc बेंगलुरु द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें 3,500 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए। 'क्लिनिकल डॉक्यूमेंट क्लासिफिकेशन एंड कंप्लायंस टू स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइन्स' श्रेणी में टीम निर्णय ने शीर्ष पुरस्कार जीता।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNHA: National Health Authority वह संस्था है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) की निगरानी करती है।
तथ्यऑटो-एडजुडिकेशन हैकाथॉन शोकेस 2026 में 600 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
विज्ञान-तकनीकAI सिस्टम्स को क्लिनिकल डॉक्यूमेंट क्लासिफिकेशन, रेडियोलॉजिकल इमेज एनालिसिस और फॉरजरी डिटेक्शन के लिए विकसित किया गया था।
पदIndiaAI मिशन वह संस्था है जो IISc बेंगलुरु के साथ मिलकर हैकथॉन आयोजित करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण पारदर्शिता को कैसे बढ़ा सकता है और प्रणालीगत रिसावों (systemic leakages) को कम करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: सटीक AI-आधारित फ़ॉरजरी डिटेक्शन के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले क्लिनिकल डेटा इनपुट सुनिश्चित करना
एल्गोरिद्मिक बायस: नॉन-स्टैंडर्ड क्लिनिकल प्रोफाइल वाले मरीजों को हाशिए पर धकेलने का ऑटोमेटेड एडजुडिकेशन सिस्टम्स से रिस्क
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में हाई-कंप्यूट एनवायरनमेंट और स्टैंडर्डाइज्ड डिजिटल रिकॉर्ड की ज़रूरत
मुख्य शब्द: ऑटो-एडजुडिकेशन · फ्रॉड डिटेक्शन · डिजिटल हेल्थ · एल्गोरिदम की पारदर्शिता · सार्वजनिक स्वास्थ्य गवर्नेंस
चर्चा में क्यों: CSIR–CCMB के वैज्ञानिकों ने बताया कि कोर-ज़ोन (core-zone) आवासों में रहने वाले बाघों को मौसमी पर्यटन के कारण अधिक तनाव (stress) का सामना करना पड़ता है, जबकि बफर-ज़ोन (buffer-zone) में रहने वाले बाघों को मानवीय उपस्थिति की आदत हो गई है।
CSIR-सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) के वैज्ञानिकों ने चार मौसमों और दो वर्षों के दौरान पूरे भारत में बाघों की निगरानी की। इस अध्ययन में पाया गया कि बफर-ज़ोन (buffer-zone) क्षेत्रों में रहने वाले बाघ, कोर-ज़ोन (core-zone) क्षेत्रों के बाघों की तुलना में मानवीय हस्तक्षेप के प्रति अधिक तनाव प्रतिक्रिया (stress response) दिखाते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थाCCMB: सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (Centre for Cellular and Molecular Biology), CSIR के अधीन एक प्रयोगशाला है।
तथ्यअध्ययन की अवधि: भारत भर में बाघों की ट्रैकिंग के लिए चार सीजन और दो साल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वन्यजीवों के शरीर विज्ञान (फिजियोलॉजी) पर बाघ पर्यटन के पारिस्थितिक निहितार्थों की चर्चा कीजिए और संरक्षित क्षेत्रों में संरक्षण एवं पारिस्थितिकी-पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपाय सुझाइए।
शारीरिक प्रभाव: स्ट्रेस से होने वाले हार्मोनल स्पाइक्स प्रजनन स्वास्थ्य और टॉप प्रीडेटर्स के अस्तित्व को प्रभावित करते हैं
ज़ोनिंग विवाद: बफर ज़ोन में अभ्यस्त होना बनाम सीज़नल इनफ्लो के कारण कोर ज़ोन में तीव्र तनाव
मैनेजमेंट ट्रेड-ऑफ: इको-टूरिज्म से होने वाली कमाई और कोर हैबिटेट्स की जैविक अखंडता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: आदत डालना · तनाव की प्रतिक्रिया · शीर्ष शिकारी · इको-टूरिज्म · वन्यजीव शरीर विज्ञान · बफर ज़ोन मैनेजमेंट
चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों ने लद्दाख की सुरू वैली में आक्रामक बफ़-टिप मोथ (buff-tip moth - Phalera cf. bucephala) की खोज की है, जो स्थानीय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर रही है।
फलेरा सीएफ. बुसेफला (Phalera cf. bucephala) एक ऐसी पतंगा (moth) है जो अफ्रीका, पूर्वी एशिया और यूरोप की मूल प्रजाति है। इसके लार्वा, जिन्हें 'बफ-टिप मोथ' (buff-tip moths) के रूप में जाना जाता है, बहुत अधिक भोजन करने वाले होते हैं और वे कुछ ही हफ्तों के भीतर एक पूरे पेड़ को पूरी तरह से खाली करने में सक्षम होते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
पर्यावरणफलेरा सीएफ. बुसेफला (Phalera cf. bucephala): अफ्रीका, पूर्वी एशिया और यूरोप का मूल निवासी एक मोथ (moth) प्रजाति।
तथ्यBuff-tip moth larvae: ये अपनी अत्यधिक खाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं और कुछ ही हफ्तों में पेड़ों को पूरी तरह से साफ कर सकते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की संवेदनशीलता पर आक्रामक प्रजातियों के पारिस्थितिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए और उनके प्रबंधन हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
पारिस्थितिक व्यवधान: ऊँचाई वाले नाजुक इलाकों में स्थानीय वनस्पतियों का तेजी से क्षरण और जैव विविधता का नुकसान
आर्थिक भेद्यता: लद्दाख में खेती आधारित आजीविका और स्थानीय लकड़ी संसाधनों के लिए खतरा
बायोसिक्योरिटी गैप: गैर-देशी इनवेसिव प्रजातियों के लिए शुरुआती पहचान और रैपिड रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: आक्रामक प्रजातियां · पारिस्थितिक प्रभाव · नाजुक इकोसिस्टम · बायोसिक्योरिटी · जैव विविधता का नुकसान
चर्चा में क्यों: IIT मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन ने भारतीय डीप टेक स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए कैलिफोर्निया के मेंलो पार्क में एक डीप टेक हब की स्थापना की घोषणा की है।
यह हब कैलिफोर्निया के मेंलो पार्क में स्थित है, जिसमें कुल 7.5 मिलियन USD का निवेश किया गया है। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजारों, वेंचर इकोसिस्टम (Venture Ecosystems) और अनुसंधान सहयोग तक पहुंच प्रदान करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानमेनलो पार्क, कैलिफोर्निया: नए IIT मद्रास डीप टेक हब (deep tech hub) का स्थान।
तथ्यUSD 7.5 मिलियन: डीप टेक हब (Deep Tech Hub) के लिए कुल निवेश।
संस्थाIIT मद्रास ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन: हब स्थापित करने वाली संस्था।
स्थानSelectUSA इन्वेस्टमेंट समिट: वह वेन्यू जहाँ हब के लॉन्च की घोषणा की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और वैश्विक अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहयोग को बढ़ाने में अंतर्राष्ट्रीय डीप-टेक हब स्थापित करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
मार्केट एक्सेस: भारतीय डीप-टेक इनोवेशन और ग्लोबल वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम के बीच की दूरी को कम करना
R&D सिनर्जी: भारतीय अकादमिक संस्थानों और सिलिकॉन वैली के बीच क्रॉस-बॉर्डर रिसर्च कोलैबोरेशन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा देना
कमर्शियलाइजेशन की बाधा: शुरुआती दौर के डीप-टेक वेंचर्स के लिए मेंटरशिप और इंडस्ट्री पार्टनरशिप की कमी को दूर करना
मुख्य शब्द: डीप टेक · स्टार्टअप इकोसिस्टम · R&D सहयोग · वेंचर कैपिटल · तकनीकी व्यावसायीकरण
चर्चा में क्यों: हरियाणा में जनगणना संचालन के निदेशक (DCO) ने जनगणना गणनाकारों (census enumerators) के लिए QR कोड युक्त पहचान पत्र पेश किए हैं, ताकि निवासी उनकी प्रमाणिकता की जांच कर सकें।
डिजिटल जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हुआ, जिसका लक्ष्य पूरे भारत में 30 लाख से अधिक परिवारों को कवर करना है। दूसरा चरण, जो जाति गणना पर केंद्रित है, फरवरी 2027 के लिए निर्धारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यडिजिटल जनगणना (Digital Census) के पहले चरण का लक्ष्य पूरे भारत में 30 लाख से अधिक घरों को कवर करना है।
तथ्यजनगणना का दूसरा चरण, जो जाति गणना (caste enumeration) पर केंद्रित है, फरवरी 2027 के लिए निर्धारित है।
पदललित जैन हरियाणा में जनगणना संचालन के निदेशक (Director of Census Operations - DCO) हैं।
विज्ञान-तकनीकजनगणना के गणनाकारों (enumerators) की वैधता की पुष्टि के लिए QR code-सक्षम पहचान पत्र का उपयोग किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह स्पष्ट कीजिए कि जनगणना जैसे बड़े पैमाने पर होने वाले राष्ट्रीय डेटा संग्रह अभियानों में क्यूआर कोड जैसी डिजिटल प्रमाणीकरण प्रौद्योगिकियों का एकीकरण डेटा की अखंडता और सार्वजनिक विश्वास को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है। चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे के दौरान धोखाधड़ी वाले डेटा एंट्री और पहचान की चोरी के जोखिमों को कम करना
जनता का भरोसा: स्वैच्छिक और सटीक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वेरीफिएबल क्रेडेंशियल के जरिए पारदर्शिता बढ़ाना
डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण या कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों के निवासियों के लिए वेरिफिकेशन टूल्स की पहुंच सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: डेटा इंटीग्रिटी · डिजिटल ऑथेंटिकेशन · पब्लिक ट्रस्ट · जनगणना गणना · पारदर्शिता
चर्चा में क्यों: सोसाइटी फॉर एयरोस्पेस क्वालिटी एंड रिलायबिलिटी (SAQR) और विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) ने भारत के एयरोस्पेस सेक्टर में एक एकीकृत गुणवत्ता और विश्वसनीयता ढांचे (Quality and Reliability Framework) की वकालत करने के लिए एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया।
यह सम्मेलन SAQR और VSSC द्वारा R&D, प्रमाणन अधिकारियों (certification authorities) और उत्पादन एजेंसियों के बीच की दूरी को कम करने के लिए आयोजित किया गया था। VSSC के निदेशक ए. राजराजन ने आत्मनिर्भर एयरोस्पेस सिस्टम के लिए एक उपकरण के रूप में प्रेडिक्टिव AI (predictive AI) के उपयोग का प्रस्ताव दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाVSSC: विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर भारत की एक प्रमुख स्पेस रिसर्च फैसिलिटी है।
विज्ञान-तकनीकPredictive AI: इसे एयरोस्पेस सिस्टम्स के लिए एक एडवांस क्वालिटी टूल के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
पदए. राजराजन: विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) के डायरेक्टर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के एयरोस्पेस और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लक्ष्य में एक एकीकृत गुणवत्ता और विश्वसनीयता ढांचे के महत्व की चर्चा कीजिए।
सर्टिफिकेशन में रुकावट: R&D लैब्स और प्रोडक्शन एजेंसियों के बीच स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की कमी
तकनीकी एकीकरण: एयरोस्पेस कंपोनेंट्स में स्ट्रक्चरल फेलियर को कम करने के लिए प्रेडिक्टिव AI का इस्तेमाल
इकोसिस्टम मैच्योरिटी: स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप डेवलपमेंट से इंडस्ट्रियल-ग्रेड रिलायबिलिटी स्टैंडर्ड्स की ओर ले जाना
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · प्रेडिक्टिव AI · एयरोस्पेस इंजीनियरिंग · क्वालिटी एश्योरेंस · सर्टिफिकेशन फ्रेमवर्क
चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने शशि थरूर के व्यक्तित्व अधिकारों (personality rights) की रक्षा के लिए एक अंतरिम आदेश जारी किया है, ताकि उनके नाम से गलत बयान देते हुए बनाए गए डीपफेक (deepfake) वीडियो को रोका जा सके।
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ऑनलाइन प्रसारित हो रहे और कथित तौर पर विदेशी राज्यों द्वारा दुरुपयोग किए जा रहे डीपफेक (deepfake) वीडियो के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इन वीडियो के दुरुपयोग के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स. और मेटा (Meta) (इंस्टाग्राम के मालिक) को नोटिस जारी किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदशशि थरूर: इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी के एक नेता।
तथ्यMeta: इंस्टाग्राम (Instagram) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पैरेंट कंपनी।
विज्ञान-तकनीकDeepfakes: AI द्वारा जेनरेट किया गया सिंथेटिक मीडिया जिसका उपयोग व्यक्तियों के बयानों या कार्यों को गलत तरीके से जोड़ने के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: डीपफेक तकनीक द्वारा सार्वजनिक हस्तियों के व्यक्तित्व अधिकारों के संरक्षण में उत्पन्न होने वाली कानूनी और नैतिक चुनौतियों तथा इन चुनौतियों के शमन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी वैक्यूम: भारत में सिंथेटिक मीडिया और पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े खास कानूनों की कमी
प्लेटफ़ॉर्म जवाबदेही: इंटरमीडियरी लायबिलिटी प्रोटेक्शन और डीपफेक को तेज़ी से हटाने की ज़रूरत के बीच टकराव
लोकतांत्रिक अखंडता: सार्वजनिक धारणा और राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करने वाले AI-जनरेटेड मिसइन्फॉर्मेशन के जोखिम
चर्चा में क्यों: NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) ने अंतरिक्ष यात्रा की दक्षता बढ़ाने के लिए लिथियम-आधारित मैग्नेटोप्लाज्माडायनेमिक (MPD) थ्रस्टर का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।
इस परीक्षण में लिथियम-आधारित मैग्नेटोप्लाज्माडायनेमिक (Magnetoplasmadynamic - MPD) थ्रस्टर का उपयोग किया गया, जिसने 120 किलोवाट की पावर आउटपुट हासिल की। यह तकनीक कार्गो क्षमता बढ़ाने और मंगल ग्रह तक यात्रा के समय को कम करने के लिए आयनित लिथियम प्लाज्मा को गति देने हेतु विद्युत चुंबकीय क्षेत्रों (electromagnetic fields) का उपयोग करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकMPD थ्रस्टर (Thruster): प्रोपल्शन (Propulsion) के लिए आयनित प्लाज्मा को गति देने हेतु इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड्स का उपयोग करता है।
तथ्यटेस्ट किए गए लिथियम-फेड MPD थ्रस्टर ने 120 किलोवाट का पावर आउटपुट हासिल किया।
पदNASA की Jet Propulsion Laboratory (JPL) थ्रस्टर टेस्टिंग के लिए जिम्मेदार संस्था है।
विज्ञान-तकनीकलिथियम-फेड MPD थ्रस्टर्स अधिक कुशल न्यूक्लियर-इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम्स के लिए एक प्रीकर्सर (precursor) हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गहन अंतरिक्ष अन्वेषण और मानवयुक्त अंतरग्रहीय मिशनों में वर्तमान तार्किक बाधाओं को दूर करने में मैग्नेटोप्लाज्माडायनेमिक प्रोपल्शन प्रणालियों में होने वाली प्रगति किस प्रकार सहायक हो सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
पेलोड बॉटलनैक: भारी कार्गो और लाइफ-सपोर्ट सिस्टम के लिए मास-टू-थ्रस्ट रेशियो की बाधाओं को दूर करना
प्रोपल्शन ट्रांज़िशन: केमिकल रॉकेट से हाई-एफिशिएंसी न्यूक्लियर-इलेक्ट्रिक और प्लाज्मा-आधारित सिस्टम की ओर बदलाव
चर्चा में क्यों: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनगणना-2027 (Census-2027) के पहले चरण का शुभारंभ किया। यह एक डिजिटल जनगणना पहल है, जिसे डेटा-आधारित योजना बनाने और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण को सुगम बनाने के लिए तैयार किया गया है।
उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 का पहला चरण 7 मई से 21 मई तक चलेगा, जिसमें नागरिकों को ऑनलाइन स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। दूसरे चरण में व्यक्तिगत और जातिगत गणना शामिल होगी, जिसमें पहली बार विशेष रूप से वन गांवों को भी शामिल किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यCensus-2027: इसका पहला चरण नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन (self-enumeration) की अनुमति देता है।
तथ्यCensus-2027: इसके दूसरे चरण में जाति की गणना (caste enumeration) और वन गांवों (forest villages) को शामिल किया जाएगा।
स्थानउत्तर प्रदेश: वह राज्य जहाँ डिजिटल जनगणना (Digital Census) का पहला चरण शुरू किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में डिजिटल जनगणना की ओर संक्रमण किस प्रकार कल्याणकारी योजनाओं के वितरण और बुनियादी ढांचा नियोजन की सटीकता को बढ़ा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: ऑनलाइन सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रियाओं के दौरान साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी सुनिश्चित करना
इनक्लूजन गैप: ग्रामीण और वन में रहने वाली आबादी के लिए डिजिटल साक्षरता की बाधाओं को दूर करना
पॉलिसी प्रिसिजन: टारगेटेड सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स के लिए जाति और वन गाँव के सटीक डेटा का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: डेटा-आधारित प्लानिंग · डिजिटल जनगणना · स्व-गणना · कल्याण की डिलीवरी · डेमोग्राफिक मैपिंग
चर्चा में क्यों: WHO और UN की एजेंसियों ने 'ब्रीद पाकिस्तान' (Breathe Pakistan) कॉन्फ्रेंस में इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण 2030 और 2050 के बीच दुनिया भर में 5 मिलियन मौतें होने का अनुमान है।
डॉनमीडिया (DawnMedia) द्वारा जलवायु परिवर्तन के समाधानों पर चर्चा करने के लिए 'ब्रीद पाकिस्तान इंटरनेशनल क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस' (Breathe Pakistan International Climate Change Conference) का आयोजन किया गया। WHO, UNEP और संयुक्त राष्ट्र ने महिलाओं और बच्चों पर जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों पर जोर दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यWHO का अनुमान है कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण 2030-2050 के बीच वैश्विक स्तर पर 5 मिलियन मौतें होंगी।
संस्थाUNEP: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (United Nations Environment Programme)।
पदफहमीदा खान: UN Women पाकिस्तान की डिप्टी कंट्री रिप्रेजेंटेटिव।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच अंतर्संबंधों की चर्चा कीजिए, जिसमें महिलाओं और बच्चों जैसी संवेदनशील आबादी पर पड़ने वाले असमान प्रभावों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। विश्लेषण कीजिए।
हेल्थ-क्लाइमेट नेक्सस: गर्म होते मौसम में वेक्टर-बोर्न बीमारियों और हीट से जुड़ी बीमारियों का बढ़ता प्रसार
लैंगिक भेद्यता: संसाधनों और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच महिलाओं के लिए जलवायु जोखिमों को और बढ़ा रही है
फाइनेंशियल रिस्क इंटीग्रेशन: राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फाइनेंशियल फोरकास्टिंग में क्लाइमेट रिस्क वेरिएबल्स को शामिल करने की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: NASA और ISRO का NISAR सैटेलाइट मेक्सिको सिटी के धंसने (subsidence) से संबंधित रियल-टाइम डेटा प्रदान कर रहा है, जिससे यह पता चलता है कि भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण यहाँ की ज़मीन हर महीने 2cm तक धंस रही है।
NISAR सैटेलाइट, जो NASA और ISRO की एक संयुक्त परियोजना है, पृथ्वी की सतह में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों का पता लगाता है। मेक्सिको सिटी, जहाँ 22 मिलियन लोग रहते हैं, अपनी प्राचीन झील के तल से सदियों से भूजल निकालने के कारण धंस रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकNISAR: NASA और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बीच एक संयुक्त सैटेलाइट मिशन।
तथ्यमेक्सिको सिटी में जमीन धंसने की दर (subsidence rate): कुछ क्षेत्रों में प्रति माह 2cm तक।
स्थानमेक्सिको सिटी: प्राचीन झील के तल से भूजल (groundwater) निकालने के कारण धंस रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उपग्रह रिमोट सेंसिंग और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी किस प्रकार भू-धंसाव जैसे शहरी पर्यावरणीय खतरों की निगरानी और उनके शमन में सहायता कर सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।
संसाधन-शहरी संघर्ष: 22 मिलियन निवासियों की तत्काल पानी की जरूरतों और दीर्घकालिक भूगर्भीय स्थिरता के बीच संतुलन
तकनीकी हस्तक्षेप: शुरुआती चेतावनी प्रणालियों के लिए NISAR के हाई-रिज़ॉल्यूशन सरफेस चेंज डिटेक्शन का उपयोग
भूगर्भीय संवेदनशीलता: शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो सिस्टम पर ऐतिहासिक ग्राउंडवाटर एक्सट्रैक्शन का असर
मुख्य शब्द: रिमोट सेंसिंग · भूमि धंसना · भूजल की कमी · सैटेलाइट इमेजरी · अर्बन रेज़िलिएंस
चर्चा में क्यों: शोधकर्ताओं ने दिल्ली-NCR और हरियाणा क्षेत्र में रस्टी-स्पॉटेड कैट (Rusty-spotted cat) के प्रजनन के पहले पुष्ट मामले को दर्ज किया है, जो संरक्षित क्षेत्रों के बाहर भी इनकी सक्रिय प्रजनन प्रक्रिया की ओर संकेत करता है।
फरीदाबाद के कोट गांव में एक फाल्स अशोक के पेड़ पर एक वयस्क रस्टी-स्पॉटेड कैट (Rusty-spotted cat) और उसके शावक को देखा गया। यह खोज अगस्त 2022 से किए गए फील्ड सर्वे के दौरान हुई थी, जिसे ज़ू (Zoo) के प्रिंट में प्रकाशित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणरस्टी-स्पॉटेड कैट (Rusty-spotted cat): IUCN रेड लिस्ट में 'नियर थ्रेटन्ड' (Near Threatened) के रूप में सूचीबद्ध।
स्थानकोट विलेज, फरीदाबाद: दिल्ली-NCR और हरियाणा में रस्टी-स्पॉटेड कैट (rusty-spotted cat) के प्रजनन की पहली पुष्टि इसी स्थान पर हुई है।
तथ्यइस खोज के लिए फील्ड सर्वे अगस्त 2022 से किए गए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जैव विविधता के संरक्षण में अरावली पर्वत श्रृंखला के महत्व और तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में वन्यजीव गलियारों (wildlife corridors) के प्रबंधन की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: अरावली कॉरिडोर पर अतिक्रमण से प्राकृतिक प्रवास और ब्रीडिंग सीमित
संरक्षण नीति: औपचारिक संरक्षित क्षेत्रों से परे 'बफर ज़ोन' मैनेजमेंट की ज़रूरत
मानव-वन्यजीव इंटरफेस: पेर-अर्बन ज़ोन में ज़ूनोटिक ट्रांसमिशन और पशुधन शिकार के जोखिम
मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · आवास विखंडन · IUCN रेड लिस्ट · वन्यजीव कॉरिडोर · पेरी-अर्बन इकोलॉजी
चर्चा में क्यों: NASA के Perseverance रोवर ने मंगल ग्रह के सबसे पुराने ज्ञात परिदृश्यों (landscapes) में से एक का अध्ययन करने के लिए 'क्रोकोडाइल ब्रिज' क्षेत्र का 360-डिग्री पैनोरमा कैप्चर किया है।
'क्रोकोडाइल ब्रिज' क्षेत्र मंगल ग्रह पर जेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater) के किनारे के पास स्थित है। यह पैनोरमिक इमेज Mastcam-Z कैमरा सिस्टम का उपयोग करके बनाई गई है, जिसमें मंगल ग्रह के कई दिनों के दौरान लिए गए 980 चित्रों को संयोजित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकPerseverance रोवर: NASA का मिशन जो वर्तमान में मंगल ग्रह पर Jezero क्रेटर (Crater) की खोज कर रहा है।
विज्ञान-तकनीकMastcam-Z: Perseverance रोवर द्वारा 360-डिग्री पैनोरमा कैप्चर करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कैमरा सिस्टम।
तथ्यक्रोकोडाइल ब्रिज (Crocodile Bridge): मंगल ग्रह का एक क्षेत्र जिसमें सौर मंडल की कुछ सबसे पुरानी संरक्षित चट्टानें मौजूद हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीवन की उत्पत्ति को समझने में मंगल अन्वेषण के महत्व और दीर्घकालिक ग्रहीय अभियानों में शामिल तकनीकी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
वैज्ञानिक उद्देश्य: ग्रहों के विकास को समझने के लिए प्राचीन माइक्रोबियल हैबिटैट्स की पहचान करना
तकनीकी बाधा: हाई-रिज़ॉल्यूशन 360-डिग्री मार्सियन पैनोरमा के लिए डेटा ट्रांसमिशन और इमेज प्रोसेसिंग
चर्चा में क्यों: अमेरिकी नेशनल रिकॉन्नेसेंस ऑफिस (NRO) ने बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप पिक्सेल (Pixxel) को अपने रिमोट सेंसिंग आर्किटेक्चर में कमर्शियल हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजरी को एकीकृत करने के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट दिया है।
पिक्सेल (Pixxel) अपने ऑन-ऑर्बिट फायरफ्लाई (Firefly) हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन का उपयोग करेगा। इस अनुबंध का उद्देश्य NRO के लिए सामग्री लक्षण वर्णन (material characterization) और गतिविधि विश्लेषण में हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजरी के महत्व को प्रदर्शित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकPixxel: बेंगलुरु स्थित एक स्पेस स्टार्टअप जो कमर्शियल रिमोट सेंसिंग (remote sensing) क्षमताएं प्रदान करता है।
विज्ञान-तकनीकFirefly constellation: Pixxel द्वारा संचालित हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट्स (hyperspectral satellites) का एक बेड़ा।
तथ्यहाइपरस्पेक्ट्रल इमेजरी (Hyperspectral imagery): इसका उपयोग मटेरियल कैरेक्टराइजेशन (material characterization) और एक्टिविटी एनालिसिस (activity analysis) में स्पेक्ट्रल इनसाइट्स के लिए किया जाता है।
संस्थानेशनल रिकॉनेसेंस ऑफिस (National Reconnaissance Office - NRO): रिमोट सेंसिंग और इंटेलिजेंस के लिए जिम्मेदार एक US एजेंसी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजरी जैसे वाणिज्यिक अंतरिक्ष-आधारित रिमोट सेंसिंग डेटा का एकीकरण राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमताओं को किस प्रकार सुदृढ़ करता है, चर्चा कीजिए।
डेटा ग्रैनुलैरिटी: हाइपरस्पेक्ट्रल सेंसर विशिष्ट रासायनिक संरचना और सामग्री के प्रकारों की पहचान के लिए यूनिक स्पेक्ट्रल सिग्नेचर प्रदान करते हैं
पब्लिक-प्राइवेट सिनर्जी: एडवांस ऑर्बिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत और समय कम करने के लिए प्राइवेट स्टार्टअप्स का इस्तेमाल
डेटा संप्रभुता: कमर्शियल संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों के बीच साझा किए गए संवेदनशील इंटेलिजेंस डेटा को मैनेज और सुरक्षित करने में चुनौतियां
चर्चा में क्यों: वर्ल्ड मेट्रोलॉजीज ऑर्गनाइजेशन (WMO) ने मई और जुलाई के बीच एल निनो (El Nino) की स्थिति विकसित होने की भविष्यवाणी की है। मध्य पूर्व से उत्पन्न आपूर्ति की कमी के बीच, यह स्थिति एशिया की ऊर्जा सुरक्षा और कृषि पैदावार के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
WMO के अनुसार, मई से जुलाई के बीच एल निनो (El Nino) की स्थिति बनने की संभावना है। यह घटना सूखे, जंगल की आग और बाढ़ की घटनाओं में वृद्धि से जुड़ी है, जो जलविद्युत उत्पादन (hydropower generation) में बाधा डाल सकती है और आयात पर निर्भर देशों में कृषि पैदावार को कम कर सकती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थावर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (World Meteorological Organization - WMO): यह संस्था El Nino की स्थितियों का पूर्वानुमान लगाती है।
विज्ञान-तकनीकएल निनो (El Nino): एक जलवायु पैटर्न (climate pattern) जो सूखे, जंगल की आग और बाढ़ में वृद्धि से जुड़ा है।
तथ्यप्रभाव: हाइड्रोपावर जनरेशन (hydropower generation) में संभावित व्यवधान और कृषि पैदावार में कमी।
विज्ञान-तकनीकशमन (Mitigation): सोलर और विंड पावर जैसे रिन्यूएबल सोर्सेज (renewable sources) के साथ एनर्जी ग्रिड्स का विविधीकरण (Diversification)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एशिया के आयात-निर्भर क्षेत्रों में एल नीनो (El Nino) जैसी जलवायु-प्रेरित घटनाओं से ऊर्जा और खाद्य असुरक्षा किस प्रकार गंभीर रूप से प्रभावित होती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
ऊर्जा की संवेदनशीलता: हाइड्रोपावर और फॉसिल फ्यूल्स पर निर्भरता क्षेत्रों को सूखे से होने वाले सप्लाई शॉक के प्रति संवेदनशील बनाती है
कृषि में अस्थिरता: अनियमित बारिश के कारण आयात पर निर्भर देशों में कम पैदावार और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें
ग्रिड डाइवर्सिफिकेशन: जलवायु परिवर्तन से होने वाली ऊर्जा की कमी के खिलाफ एक रणनीतिक बचाव के रूप में सोलर और विंड पावर की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: क्लाइमेट रेजिलिएंस · ऊर्जा सुरक्षा · खाद्य संप्रभुता · रिन्यूएबल ट्रांजिशन · हाइड्रोपावर की संवेदनशीलता
चर्चा में क्यों: अनंत टेक्नोलॉजीज (ATL) ने GalaxEye के 'दृष्टि' (Drishti) सैटेलाइट का असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग (AIT) कार्य पूरा कर लिया है। यह भारत के स्पेस इकोसिस्टम (Space Ecosystem) में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
अनंत टेक्नोलॉजीज (ATL) ने दृष्टि सैटेलाइट के लिए मैकेनिकल असेंबली, इलेक्ट्रिकल इंटीग्रेशन, फंक्शनल टेस्टिंग और एनवायरनमेंटल क्वालिफिकेशन का कार्य किया। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप गैलेक्सीआई (GalaxEye) ने इस सैटेलाइट को डिजाइन किया, जबकि ATL ने इन-हाउस सोलर पैनल भी तैयार किए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकGalaxEye दृष्टि (Drishti): बेंगलुरु स्थित एक स्पेस स्टार्टअप द्वारा डिजाइन किया गया एक सैटेलाइट।
विज्ञान-तकनीकAIT: मैकेनिकल असेंबली और एनवायरनमेंटल क्वालिफिकेशन (Environmental Qualification) सहित असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग प्रोसेस।
तथ्यअनंत टेक्नोलॉजीज (ATL) ने दृष्टि सैटेलाइट के लिए सोलर पैनल बनाए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते निजी क्षेत्र की भागीदारी के महत्व और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने में विशिष्ट विनिर्माण (specialized manufacturing) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
प्राइवेट-पब्लिक सिनर्जी: तेज़ सैटेलाइट डेवलपमेंट और स्पेशलाइज्ड कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्टार्टअप इनोवेशन का इस्तेमाल
सप्लाई चेन रेजिलिएंस: स्पेस-ग्रेड पावर सिस्टम और सोलर पैनल के इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग के जरिए आयात पर निर्भरता कम करना
मुख्य शब्द: स्पेस टेक · प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी · AIT प्रोसेस · आत्मनिर्भरता · स्पेस-ग्रेड पावर सिस्टम्स
चर्चा में क्यों: इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने 'ग्लोबल मीथेन ट्रैकर 2026' जारी किया है। इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि जलवायु लक्ष्यों और ऊर्जा सुरक्षा के लिए तेल, गैस और कोयला क्षेत्रों से होने वाले मीथेन उत्सर्जन को कम करना बेहद जरूरी है।
IEA के ग्लोबल मीथेन ट्रैकर 2026 के अनुसार, मानव-जनित मीथेन उत्सर्जन में तेल, गैस और कोयला उद्योग की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत है, जो सालाना कुल 124 मिलियन टन है। G7 की रोटेटिंग चेयर के रूप में फ्रांस ने COP31 से पहले मीथेन उत्सर्जन कम करने की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए एक सम्मेलन आयोजित किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यतेल, गैस और कोयला उद्योग मानव-जनित मीथेन उत्सर्जन (methane emissions) का 35% हिस्सा हैं।
तथ्यइन क्षेत्रों से होने वाले कुल वार्षिक मीथेन उत्सर्जन का अनुमान 124 मिलियन टन है।
संस्थाइंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (International Energy Agency - IEA) ग्लोबल मीथेन ट्रैकर (Global Methane Tracker) प्रकाशित करती है।
स्थानफ्रांस ने मीथेन कॉन्फ्रेंस के लिए G7 ब्लॉक की रोटेटिंग चेयर (rotating chair) के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीवाश्म ईंधन क्षेत्र से मीथेन उत्सर्जन को कम करना किस प्रकार जलवायु परिवर्तन और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताओं को एक साथ संबोधित कर सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
सेक्टोरल जवाबदेही: विकेंद्रीकृत तेल और गैस एक्सट्रैक्शन साइट्स पर भागने वाले मीथेन उत्सर्जन की निगरानी में कठिनाई
एनर्जी-क्लाइमेट नेक्सस: LNG और तेल की तत्काल मांग और दीर्घकालिक डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
भू-राजनीतिक अस्थिरता: क्षेत्रीय संघर्षों का वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन और कीमतों की स्थिरता पर प्रभाव
मुख्य शब्द: मीथेन कम करना · ऊर्जा सुरक्षा · डीकार्बोनाइजेशन · फ्यूजिटिव उत्सर्जन · क्लाइमेट रेजिलिएंस
चर्चा में क्यों: AICTE ने बताया कि शैक्षणिक सिद्धांत और कार्यस्थल की वास्तविकता के बीच के अंतर को कम करने के लिए उसके नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल (National Internship Portal) ने 4.5 वर्षों में 4.7 करोड़ से अधिक छात्रों को पंजीकृत किया है।
नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल का प्रबंधन ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) द्वारा किया जाता है। इसने अब तक 79.57 लाख से अधिक इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए हैं और 32.78 लाख से अधिक छात्रों के लिए इंटर्नशिप पूरी करने में सहायता की है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
संस्थाAICTE: ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन।
तथ्यपोर्टल ने 4.5 साल में 4.7 करोड़ छात्र रजिस्ट्रेशन दर्ज किए।
तथ्यपोर्टल के माध्यम से 79.57 लाख से अधिक इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में शैक्षणिक पाठ्यक्रम और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच कौशल अंतराल को पाटने में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, चर्चा कीजिए।
स्किल मिसमैच: तकनीकी क्षेत्रों में किताबी ज्ञान और व्यावहारिक कार्यक्षमता के बीच का अंतर
पब्लिक-प्राइवेट सिनर्जी: करिकुलम अलाइनमेंट के लिए माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी फर्मों की कॉर्पोरेट एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्केलेबिलिटी: ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसर को लोकतांत्रिक बनाने के लिए सेंट्रलाइज्ड पोर्टल्स का उपयोग
मुख्य शब्द: स्किल गैप · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · व्यावसायिक प्रशिक्षण · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · करिकुलम अलाइनमेंट
चर्चा में क्यों: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मोबाइल फोन पर आपातकालीन और प्राकृतिक आपदा से संबंधित अलर्ट भेजने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम (Cell Broadcast Alert System) लॉन्च किया।
इस सिस्टम को दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से विकसित किया गया है। यह कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (Common Alerting Protocol - CAP) पर आधारित स्वदेशी तकनीक का उपयोग करता है और इसका परीक्षण 29 अप्रैल को किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
विज्ञान-तकनीकसेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम (Cell Broadcast Alert System): इमरजेंसी अलर्ट के लिए स्वदेशी तकनीक (indigenous technology) का उपयोग करता है।
विज्ञान-तकनीकCommon Alerting Protocol (CAP): सिस्टम के लिए आधारभूत मानक (underlying standard)।
संस्थाडिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT): सिस्टम डेवलपमेंट के लिए प्राथमिक निकाय।
संस्थानेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA): डिजास्टर अलर्ट के लिए सहयोगी निकाय।
तथ्यसिस्टम टेस्टिंग की तारीख: 29 अप्रैल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (Cell Broadcast System) जैसी स्वदेशी संचार प्रौद्योगिकियों का एकीकरण भारत की आपदा लचीलापन (disaster resilience) और सार्वजनिक सुरक्षा को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, चर्चा कीजिए।
इंटरऑपरेबिलिटी: अलग-अलग मोबाइल नेटवर्क और हार्डवेयर के बीच अलर्ट का बिना किसी रुकावट के ट्रांसमिशन सुनिश्चित करना
जन जागरूकता: यूजर-एंड अलर्ट सेटिंग्स और सूचना साक्षरता की चुनौती को संबोधित करना
डेटा इंटीग्रिटी: CAP के ज़रिए इमरजेंसी ब्रॉडकास्ट के अनधिकृत एक्सेस या स्पूफिंग को रोकना
मुख्य शब्द: आपदा लचीलापन · स्वदेशी तकनीक · सार्वजनिक सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर · कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल · रियल-टाइम कम्युनिकेशन
चर्चा में क्यों: हेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स ने आरोप लगाया है कि केरल में दो हाथियों द्वारा किए गए हमले में दो लोगों की मौत, बंदी हाथियों की परेड से जुड़े नियमों के व्यापक उल्लंघन के कारण हुई।
शुक्रवार को केरल में दो हाथियों के उन्मत्त होकर हमला करने से दो लोगों की मौत हो गई। हेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स (Heritage Animal Task Force) का दावा है कि बंदी हाथियों के लिए आराम, भोजन और पानी से संबंधित वन विभाग के 2013 के दिशा-निर्देशों की अनदेखी की जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यशुक्रवार को केरल में दो हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो गई।
संस्थाहेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स (Heritage Animal Task Force): एक संगठन जो हाथी परेड के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाता है।
तथ्यफॉरेस्ट डिपार्टमेंट की 2013 की गाइडलाइन्स: केरल में कैप्टिव एलीफेंट परेडिंग (captive elephant parading) के लिए विशिष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सांस्कृतिक उत्सवों में बंदी हाथियों के उपयोग के नैतिक और कानूनी निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और सांस्कृतिक विरासत एवं पशु कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
रेगुलेटरी ओवरसाइट: 2013 के वन विभाग के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर नियमित निरीक्षण और जुर्माने की कमी
पशु कल्याण विवाद: त्योहारों के दौरान पर्याप्त आराम और पोषण की कमी से होने वाला शारीरिक तनाव
एन्फोर्समेंट गैप: राज्य-स्तरीय गाइडलाइन्स और प्राइवेट मालिकों द्वारा ज़मीनी स्तर पर पालन के बीच विसंगति
मुख्य शब्द: पशु कल्याण · रेगुलेटरी कंप्लायंस · सांस्कृतिक विरासत · नैतिक शासन · जैव विविधता संरक्षण
चर्चा में क्यों: एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (AERB) ने न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट यूनिट 5 और 6 में प्रमुख उपकरण लगाने की अनुमति प्रदान की है।
AERB ने 30 अप्रैल को रिएक्टर प्रेशर वेसल्स (Reactor Pressure Vessels), स्टीम जेनरेटर्स (Steam Generators) और कूलेंट पंप्स (Coolant Pumps) की स्थापना को मंजूरी दी। तमिलनाडु में स्थित इस प्रोजेक्ट साइट पर VVER-डिज़ाइन वाले यूनिट्स हैं, जिनमें यूनिट 1-2 चालू हैं और यूनिट 3-4 वर्तमान में निर्माणाधीन हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थाAERB: Atomic Energy Regulatory Board वह संस्था है जो परमाणु परियोजनाओं की सुरक्षा समीक्षा और मूल्यांकन के लिए जिम्मेदार है।
तथ्यकुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट: वर्तमान में इसमें छह Pressurised Water Reactors स्थित हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के ऊर्जा संक्रमण में परमाणु ऊर्जा के महत्व और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले विनियामक ढांचे का विश्लेषण कीजिए।
सुरक्षा निगरानी: AERB द्वारा मल्टी-टियर सुरक्षा रिव्यू और सिविल कंस्ट्रक्शन असेसमेंट
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार: VVER-डिज़ाइन वाले प्रेसराइज्ड वॉटर रिएक्टर्स के जरिए क्षमता बढ़ाना
रेगुलेटरी कंप्लायंस: रिएक्टर प्रेशर वेसल्स जैसे भारी उपकरणों के लिए सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन
मुख्य शब्द: परमाणु सुरक्षा · ऊर्जा सुरक्षा · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर्स · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने गर्मियों के लिए एल निनो (El Nino) की स्थिति की भविष्यवाणी की है, जिसके कारण बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए कोयले और बढ़ी हुई सोलर क्षमता पर निर्भरता बढ़ गई है।
भारत की स्थापित क्षमता में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी लगभग 30% है। भारत की दैनिक कोयला खपत औसतन 2.3-2.4 मिलियन टन है, और वर्तमान स्टॉक 83 दिनों से अधिक के लिए पर्याप्त है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यभारत की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी (installed capacity) में सोलर एनर्जी का हिस्सा लगभग 30% है।
तथ्यभारत का दैनिक कोयले का उपभोग औसतन 2.3-2.4 मिलियन टन है।
तथ्यवर्तमान कोयले का स्टॉक 83 दिनों से अधिक समय के लिए पर्याप्त है।
विज्ञान-तकनीकबैटरी स्टोरेज की सीमाएं वर्तमान में सोलर एनर्जी के पूर्ण उपयोग को सीमित करती हैं।
स्थानइंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने एल निनो (El Nino) की स्थिति की भविष्यवाणी की है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के विद्युत ग्रिड में उच्च-परिवर्तनशील नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करने की चुनौतियों और ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त करने में भंडारण प्रौद्योगिकियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
ग्रिड स्टेबिलिटी: सोलर पावर की इंटरमिटेंसी के लिए एडवांस बैटरी स्टोरेज सॉल्यूशंस की ज़रूरत
एनर्जी सिक्योरिटी: चरम मौसम की घटनाओं के दौरान कोयले पर निर्भरता और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
क्लाइमेट अडैप्टेशन: थर्मल पावर कूलिंग सिस्टम्स पर एल निनो से होने वाले वॉटर स्ट्रेस को कम करना
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · रिन्यूएबल इंटीग्रेशन · अनिरंतरता · डीकार्बोनाइजेशन · क्लाइमेट रेजिलिएंस
चर्चा में क्यों: ओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि सफेद रोशनी के संपर्क में आने से पौधों की वृद्धि धीमी हो जाती है, क्योंकि यह कोशिका की दीवारों (cell walls) को मजबूत करती है और ऊतकों के जुड़ाव (tissue adhesion) को बढ़ाती है।
अध्ययन से पता चलता है कि सफेद रोशनी का संपर्क आंतरिक ऊतकों (tissues) के विस्तार को सीमित कर देता है, जिसके परिणामस्वरूप पौधे की संरचना अधिक सघन हो जाती है। यह जैविक प्रक्रिया फाइटोक्रोम (phytochromes) और क्रिप्टोक्रोम (cryptochromes) की परस्पर क्रिया से संचालित होती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकफाइटोक्रोम्स (Phytochromes) और क्रिप्टोक्रोम्स (Cryptochromes): वे प्रोटीन्स जो पौधों की वृद्धि और प्रकाश के प्रति प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
तथ्यव्हाइट लाइट (White light) का एक्सपोजर: पौधों में टिश्यू एडहेशन (tissue adhesion) को बढ़ाता है और सेल वॉल्स (cell walls) को मजबूत करता है।
स्थानओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी (Osaka Metropolitan University): वह संस्थान जहाँ यह रिसर्च (research) आयोजित की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पादप शरीर क्रिया विज्ञान और प्रकाश-आधारित विकास विनियमन में हुई प्रगति किस प्रकार भारत में जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने में योगदान दे सकती है, चर्चा कीजिए।
जैविक तंत्र: सेल वॉल विस्तार और टिश्यू एडहेशन को नियंत्रित करने वाले फाइटोक्रोम और क्रिप्टोक्रोम
क्लाइमेट अडैप्टेशन: पैदावार बनाए रखते हुए खराब मौसम का सामना करने के लिए फसलों की कॉम्पैक्ट संरचनाएं विकसित करना
मुख्य शब्द: पादप शरीरक्रिया विज्ञान · जलवायु-अनुकूल कृषि · फाइटोक्रोम्स · क्रिप्टोक्रोम्स · फसल की पैदावार
चर्चा में क्यों: कोलंबिया सरकार ने 'ग्लोबल क्लाइमेट डेमोक्रेसी' (Global Climate Democracy) स्थापित करने और अगले साल की शुरुआत तक जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय रोडमैप तैयार करने हेतु जीवाश्म ईंधन से दूर जाने पर आधारित पहला सम्मेलन आयोजित किया।
इस सम्मेलन में तेल और गैस पर निर्भरता कम करने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए लगभग 60 देश एक साथ आए। इसका उद्देश्य ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के लिए राष्ट्रीय रोडमैप तैयार करना है, जिसे अगले साल की शुरुआत तक पूरा किया जाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकोलंबिया द्वारा आयोजित फॉसिल फ्यूल्स (fossil fuels) से दूर जाने पर आधारित पहले सम्मेलन में लगभग 60 देशों ने भाग लिया।
स्थानकोलंबिया ने एक नए ग्लोबल क्लाइमेट डेमोक्रेसी (Global Climate Democracy) पर चर्चा करने के लिए इस कॉन्फ्रेंस की मेजबानी की।
विज्ञान-तकनीकप्राथमिकता के लिए पहचाने गए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों (Renewable energy sources) में विंड (Wind) और सोलर (Solar) शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर संक्रमण के लिए एक 'वैश्विक जलवायु लोकतंत्र' की स्थापना में निहित भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
आर्थिक टकराव: बढ़ती तेल और गैस की कीमतों और रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी पूंजी लागत के बीच संतुलन
पॉलिसी मतभेद: जीवाश्म ईंधन उत्पादन बढ़ाने वाले देशों और संसाधनों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध देशों के बीच टकराव
चर्चा में क्यों: पत्रिका (Journal) 'Science' में प्रकाशित एक हार्वर्ड अध्ययन से पता चला है कि एक AI रीजनिंग मॉडल ने इमरजेंसी मेडिसिन ट्राइएज (Emergency medicine triage) के दौरान मरीजों के निदान में मानव डॉक्टरों से बेहतर प्रदर्शन किया।
इस अध्ययन में आपातकालीन ट्राइएज (emergency triage) परिदृश्यों में मानव डॉक्टरों के मुकाबले 'o1 रीजनिंग मॉडल' का परीक्षण किया गया। AI ने 67% सही निदान दर हासिल की, जबकि मानव डॉक्टरों का स्कोर 50-55% के बीच रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकo1 reasoning मॉडल: एक AI मॉडल जिसे इमरजेंसी ट्राइएज (emergency triage) में क्लिनिकल रीजनिंग के लिए टेस्ट किया गया है।
तथ्यहार्वर्ड स्टडी के अनुसार AI डायग्नोसिस की एक्यूरेसी (accuracy) 67% है।
तथ्यउसी ट्राइएज (triage) स्टडी में ह्यूमन डॉक्टर की डायग्नोसिस एक्यूरेसी (diagnosis accuracy) 50-55% रही।
स्थानहार्वर्ड यूनिवर्सिटी: इस स्टडी को 'Science' जर्नल में प्रकाशित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नैदानिक तर्क (clinical reasoning) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की क्षमता और आपातकालीन स्वास्थ्य प्रणालियों में स्वचालित नैदानिक उपकरणों के एकीकरण से उत्पन्न होने वाले नैतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
अकाउंटेबिलिटी गैप: ऑटोनॉमस AI सिस्टम द्वारा गलत डायग्नोसिस की जिम्मेदारी पर कानूनी अस्पष्टता
एल्गोरिद्मिक बायस: नॉन-रिप्रेजेंटेटिव ट्रेनिंग डेटासेट के कारण डायग्नोस्टिक परिणामों के पक्षपाती होने का जोखिम
ह्यूमन-AI सिनर्जी: ट्राइएज में क्लिनिकल इंट्यूशन और हाई-स्पीड डेटा प्रोसेसिंग के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने 'वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स' जारी किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों और राजनीतिक विरोध के कारण वैश्विक प्रेस की स्वतंत्रता 25 वर्षों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
दुनिया के आधे से अधिक देशों को अब 'कठिन' या 'बहुत गंभीर' प्रेस स्वतंत्रता वाले वातावरण के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाReporters Without Borders (RSF) वह संस्था है जो World Press Freedom Index तैयार करने के लिए जिम्मेदार है।
तथ्यअच्छी प्रेस फ्रीडम (Press Freedom) वाले देशों में रहने वाले लोगों की संख्या 2002 में एक-पाँचवें हिस्से से घटकर 1% से भी कम हो गई है।
तथ्यरिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में रूस में 48 से अधिक पत्रकार जेल में बंद हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 21वीं सदी में राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के हथियारकरण और ऑनलाइन दुर्व्यवहार किस प्रकार प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए एक प्रणालीगत खतरा उत्पन्न करते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
कानूनी हथियार: खोजी पत्रकारिता और असहमति को अपराधी बनाने के लिए नेशनल सिक्योरिटी कानूनों का इस्तेमाल
डिजिटल क्षरण: मीडिया को चुप कराने के लिए ऑनलाइन दुर्व्यवहार और राज्य द्वारा प्रायोजित दुष्प्रचार में बढ़ोतरी
राजकोषीय दबाव: स्वतंत्र मीडिया की स्थिरता पर सरकारी फंडिंग में कटौती का असर
मुख्य शब्द: प्रेस की आज़ादी · सत्तावाद · राष्ट्रीय सुरक्षा कानून · लोकतांत्रिक जवाबदेही · डिजिटल एब्यूज