तुंगुस्का घटना को क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के प्रभाव के विरुद्ध ग्रहों की रक्षा रणनीतियों के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया जा रहा है
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चर्चा में क्यों
तुंगुस्का घटना को क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के प्रभाव के विरुद्ध ग्रहों की रक्षा रणनीतियों के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
30 जून, 1908 को रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एक विशाल वायु-विस्फोट हुआ, जिससे लाखों वृक्ष नष्ट हो गए। वैज्ञानिक इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं कि इसका स्रोत एक पथ क्षुद्रग्रह था या कोई धूमकेतु, जिसके परिणामस्वरूप आधुनिक ग्रह रक्षा प्रणालियों का विकास हुआ।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकतुंगुस्का घटना: 30 जून, 1908 को साइबेरिया में एक विशाल वायुमंडलीय विस्फोट।
- संस्थाNASA का Planetary Defense Coordination Office: क्षुद्रग्रहों (asteroids) के खतरों की निगरानी और उनके शमन के लिए उत्तरदायी।
- विज्ञान-तकनीकDART (Double Asteroid Redirection Test): एक मिशन जिसे क्षुद्रग्रहों (asteroids) को विक्षेपित करने के लिए 'काइनेटिक इम्पैक्टर्स' का परीक्षण करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।
- तथ्यइस घटना को एक 'airburst' के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ वस्तु जमीन से टकराने के बजाय वायुमंडल में ही विस्फोटित हो गई थी।
मेन्स के लिए
Q. आधुनिक ग्रह रक्षा रणनीतियों को आकार देने में टंगुस्का घटना के महत्व और क्षुद्रग्रह-प्रेरित आपदाओं के शमन के लिए आवश्यक तकनीकी आवश्यकताओं का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Technological bottleneck: Limitations in kinetic impactor precision for small-diameter asteroids near Earth's orbit
- Detection gap: Difficulty in identifying 'dark' asteroids or low-albedo objects in the inner solar system
- Policy coordination: Need for international multilateral frameworks for rapid-response asteroid deflection missions
कीवर्ड: Planetary Defense · Kinetic Impactor · Airburst · Asteroid Redirection · Space Situational Awareness
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
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