ICEYE ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु भारत से संप्रभु सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) प्रणालियों को विकसित और प्रक्षेपित करने के लिए Agnikul Cosmos के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Space technology (ISRO, missions)· Prelims + Mains·
चर्चा में क्यों
ICEYE ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु भारत से संप्रभु सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) प्रणालियों को विकसित और प्रक्षेपित करने के लिए Agnikul Cosmos के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
पृष्ठभूमि
ICEYE एक वैश्विक SAR पृथ्वी अवलोकन कंपनी है जो संप्रभु उपग्रह तकनीक (sovereign satellite technology) में विशेषज्ञता रखती है। Agnikul Cosmos, IIT Madras द्वारा समर्थित एक स्टार्टअप है जो Agnibaan प्रक्षेपण यान का उपयोग करता है, जिसमें पुन: प्रयोज्य 3D-प्रिंटेड इंजन शामिल हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकSAR (Synthetic Aperture Radar): एक प्रकार का रडार जो वस्तुओं या क्षेत्रों की उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली 2D या 3D छवियां प्रदान कर सकता है।
- विज्ञान-तकनीकAgnibaan: Agnikul Cosmos द्वारा विकसित एक उप-कक्षीय प्रक्षेपण यान (sub-orbital launch vehicle), जिसमें 3D-printed इंजनों का उपयोग किया गया है।
- पदAgnikul Cosmos: IIT Madras में इनक्यूबेट किया गया एक भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप।
- तथ्यSAR तकनीक पारंपरिक ऑप्टिकल सेंसर के विपरीत बादलों, धुएं और अंधेरे के पार इमेजिंग करने में सक्षम है।
मेन्स के लिए
Q. संप्रभु सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) क्षमताओं का विकास भारत के आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Data sovereignty: Reducing reliance on foreign satellite providers for critical intelligence and real-time monitoring.
- Technological leap: Leveraging 3D-printed engine technology to reduce launch costs and increase mission frequency.
- Dual-use application: Balancing civilian disaster response needs with high-security surveillance requirements.
कीवर्ड: Sovereign capabilities · Synthetic Aperture Radar · Space-tech startup · Disaster management · 3D-printed engines
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
- Asteroid Apophis 13 April, 2029 को पृथ्वी से 31,600 किलोमीटर ऊपर से गुजरेगा · 7 जुलाई 2026
- भारत का Vikram-1 रॉकेट दुनिया का पहला डायमंड अंतरिक्ष में भेजेगा · 7 जुलाई 2026
- CREA के एक अध्ययन के अनुसार, एल नीनो (El Niño) की परिस्थितियों के कारण पवन और जल विद्युत उत्पादन में कमी तथा शीतलन (cooling) की बढ़ती मांग के परिणामस्वरूप भारत की विद्युत प्रणाली में 18 TWh का उत्पादन अंतराल उत्पन्न होने की चेतावनी दी गई है · 7 जुलाई 2026
- दुनिया में पहली बार Cosmoserve का रोबोट स्पेस में कचरा इकट्ठा करेगा · 7 जुलाई 2026
- सीबेड 2030 (Seabed 2030) परियोजना ने रिपोर्ट दी है कि 2026 की शुरुआत तक समुद्री तल के मानचित्रण कवरेज में उल्लेखनीय वृद्धि होकर यह 28.7% हो गया है · 7 जुलाई 2026
- LHC अपग्रेड के लिए भारत का योगदान, प्रिसिजन फिजिक्स के नतीजों पर फोकस · 6 जुलाई 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →thesatyadheesh@gmail.com
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।