सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,426 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (517) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (348) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (242) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (197) · रक्षा तकनीक (118) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

Science पत्रिका में प्रकाशित एक शोध पत्र में एक ऐसे प्रकाश-चालित स्विचिंग उपकरण (light-driven switching device) का वर्णन किया गया है

चर्चा में क्यों: *Science* पत्रिका में प्रकाशित एक शोध पत्र में एक ऐसे प्रकाश-चालित स्विचिंग उपकरण (light-driven switching device) का वर्णन किया गया है, जो एंटीफेरोमैग्नेटिक सामग्री का उपयोग करता है। यह तकनीक डेटा केंद्रों की बिजली की खपत को कम करते हुए कंप्यूटर की गति को 1,000 गुना तक बढ़ा सकती है।

यह उपकरण 40 पिकोसेकंड में अवस्था परिवर्तन (state switch) करता है, जो पारंपरिक सेमीकंडक्टर लॉजिक की तुलना में काफी तीव्र है। यह निरंतर विद्युत प्रवाह की आवश्यकता को समाप्त करने के लिए प्रकाश-चालित स्विचिंग (light-driven switching) का उपयोग करता है, जिससे ऊष्मा उत्पादन में कमी आती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकनया स्विचिंग डिवाइस एंटीफेरोमैग्नेटिक (antiferromagnetic) सामग्री पर आधारित है।
  • तथ्ययह उपकरण 40 picoseconds में अवस्थाएं बदलता है।
  • विज्ञान-तकनीकयह तकनीक निरंतर विद्युत प्रवाह को समाप्त करके डेटा सेंटर की बिजली खपत को कम करने का लक्ष्य रखती है।
  • विज्ञान-तकनीकप्रस्तावित हाइब्रिड सिस्टम ऑप्टिकल ट्रिगरिंग को मैग्नेटिक नॉन-वोलेटाइल स्टोरेज के साथ जोड़ता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रकाश-चालित स्विचिंग (light-driven switching) और प्रतिचुंबकीय सामग्रियों (antiferromagnetic materials) में हो रही प्रगति वैश्विक डेटा बुनियादी ढांचे में गणनात्मक गति और ऊर्जा दक्षता की दोहरी चुनौतियों का समाधान किस प्रकार कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

Cloudflare के CEO मैथ्यू प्रिंस ने घोषणा की है कि इंटरनेट के इतिहास में पहली बार AI एजेंटों का ट्रैफिक ऑनलाइन मानव ट्रैफिक से अधिक हो गया है

चर्चा में क्यों: Cloudflare के CEO मैथ्यू प्रिंस ने घोषणा की है कि इंटरनेट के इतिहास में पहली बार AI एजेंटों का ट्रैफिक ऑनलाइन मानव ट्रैफिक से अधिक हो गया है।

Cloudflare की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में इंटरनेट ट्रैफिक में बॉट ट्रैफिक की हिस्सेदारी 57.5% है, जबकि मानवीय वेब ट्रैफिक 42.5% है। AI एजेंट वेबसाइटों पर ब्राउज़िंग करने, कीमतों की तुलना करने और व्यक्तिगत सहायक के रूप में कार्य करने जैसे विविध कार्य संपन्न कर रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजून 2026 तक, AI agent ट्रैफिक कुल इंटरनेट ट्रैफिक का 57.5% है।
  • तथ्यमानव वेब ट्रैफिक इंटरनेट ट्रैफिक का 42.5% हिस्सा है।
  • विज्ञान-तकनीकAI agents का उपयोग मूल्य तुलना (price comparison), वेबसाइट ब्राउजिंग और व्यक्तिगत सहायता के लिए किया जाता है।
  • तथ्यऐप्स और स्ट्रीमिंग सेवाओं पर बिताए गए समय के आंकड़ों में अभी भी मानव उपयोगकर्ता ही प्रभावी हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल सूचना पारिस्थितिकी तंत्र की अखंडता, साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता पर ऑनलाइन ट्रैफिक में मानवों की तुलना में एआई (AI) एजेंटों के प्रभुत्व के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

Anthropic अपने 'Project Glasswing' का विस्तार भारत में कर रहा है, जिसके अंतर्गत CERT-In और I4C जैसी चुनिंदा सरकारी एजेंसियों को इसके उन्नत AI मॉडल

चर्चा में क्यों: Anthropic अपने 'Project Glasswing' का विस्तार भारत में कर रहा है, जिसके अंतर्गत CERT-In और I4C जैसी चुनिंदा सरकारी एजेंसियों को इसके उन्नत AI मॉडल, Mythos तक पहुँच प्रदान की जाएगी।

Anthropic की 'प्रोजेक्ट ग्लासविंग' (Project Glasswing) के माध्यम से I4C, CERT-In, NCIIPC और दूरसंचार विभाग के डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) सहित विभिन्न भारतीय एजेंसियों को Mythos AI मॉडल तक पहुँच प्रदान की जाएगी। यह पहल संयुक्त राज्य अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम से विस्तारित होकर अब 15 से अधिक देशों तक पहुँच रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकMythos: Anthropic द्वारा साइबर सुरक्षा पहलों के लिए विकसित एक उन्नत AI मॉडल।
  • संस्थाI4C: Indian Cyber Crime Coordination Centre.
  • संस्थाNCIIPC: National Critical Information Infrastructure Protection Centre।
  • तथ्यProject Glasswing का विस्तार US और UK के अतिरिक्त 15 से अधिक देशों में हो रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे के संरक्षण ढांचे में उन्नत विदेशी-विकसित एआई (AI) मॉडल को एकीकृत करने के सुरक्षा निहितार्थों और शासन संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

IIT Madras के 'टीम अग्निरथ' के छात्र दक्षिण अफ्रीका में आयोजित 'ससोल सोलर चैलेंज' में प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: IIT Madras के 'टीम अग्निरथ' के छात्र दक्षिण अफ्रीका में आयोजित 'ससोल सोलर चैलेंज' में प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारतीय इंजीनियरिंग और सोलर मोबिलिटी तकनीक का प्रदर्शन करना है।

ससोल सोलर चैलेंज दक्षिण अफ्रीका में आयोजित एक आठ दिवसीय दौड़ है, जिसमें विजेताओं का निर्धारण गति के बजाय तय की गई दूरी के आधार पर किया जाता है। टीम अग्निरथ का सौर ऊर्जा संचालित वाहन 'ऊर्जा-तटस्थ' (energy-neutral) होने के लिए अभिकल्पित है और यह 65 किलोमीटर प्रति घंटा की निरंतर गति बनाए रखने में सक्षम है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकअग्निरथ: Sasol Solar Challenge में प्रतिस्पर्धा करने वाली IIT Madras टीम का नाम।
  • तथ्यसौर ऊर्जा संचालित वाहन को 65 किलोमीटर प्रति घंटा की निरंतर गति बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • तथ्यSasol Solar Challenge एक आठ दिवसीय दौड़ है जहाँ जीतने के लिए तय की गई दूरी प्राथमिक मानक है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्वदेशी सौर गतिशीलता प्रौद्योगिकियों (indigenous solar mobility technologies) का विकास भारत के सतत परिवहन और ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

तमिलनाडु सरकार ने पायलट परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के पश्चात, राज्य-स्तरीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने पायलट परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन के पश्चात, राज्य-स्तरीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है, जिसके अंतर्गत कूल रूफ कोटिंग्स के माध्यम से आंतरिक तापमान को 5°सी. तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

यह SOP तमिलनाडु ग्रीन क्लाइमेट कंपनी (TNGCC) और तमिलनाडु जलवायु परिवर्तन मिशन (TNCCM) द्वारा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और सीड्स टेक्निकल सर्विसेज के सहयोग से विकसित किया गया था। इसके अंतर्गत एक नगर निगम स्कूल और पेरुमबक्कम आवास परिसर में प्रायोगिक परियोजनाएं संचालित की गईं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाTNGCC: Tamil Nadu Green Climate Company।
  • तथ्यपायलट परियोजनाओं के दौरान, कूल रूफ कोटिंग्स ने गर्मियों के चरम महीनों में आंतरिक तापमान को 5°सी. तक कम कर दिया।
  • स्थानपेरुमबक्कम: तमिलनाडु में एक आवास परिसर पायलट परियोजना का स्थान।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनUNEP: United Nations Environment Programme ने SOP के विकास में सहयोग किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में 'कूल रूफ' जैसी निष्क्रिय शीतलन प्रौद्योगिकियां शहरी जलवायु लचीलेपन और ऊर्जा संरक्षण में किस प्रकार योगदान दे सकती हैं, चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

INCOIS के वैज्ञानिकों ने भारत के पश्चिमी तट पर सार्डिन मछलियों के असामान्य रूप से तट पर जमा होने के पीछे समुद्री हीटवेव और तटीय अपवेलिंग (coastal upwelling) को प्राथमिक कारक के रूप में पहचाना है

चर्चा में क्यों: INCOIS के वैज्ञानिकों ने भारत के पश्चिमी तट पर सार्डिन मछलियों के असामान्य रूप से तट पर जमा होने के पीछे समुद्री हीटवेव और तटीय अपवेलिंग (coastal upwelling) को प्राथमिक कारक के रूप में पहचाना है।

भारतीय राष्ट्रीय समुद्री सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने समुद्री ताप-तरंगों (marine heatwaves), तटीय अपवेलिंग, समुद्री धाराओं, ज्वारीय बल और चरम मौसमी घटनाओं सहित कारकों के एक जटिल अंतर्संबंध की पहचान की है। ये व्यवधान समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं और स्थानीय मत्स्य पालन समुदायों को प्रभावित कर रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाINCOIS: Indian National Centre for Ocean Information Services।
  • तथ्यसार्डिन स्ट्रैंडिंग (sardine strandings) के कारक: समुद्री हीटवेव्स (marine heatwaves), तटीय अपवेलिंग (coastal upwelling), समुद्री धाराएं, ज्वारीय बल (tidal forcing) और चरम मौसम की घटनाएं।
  • स्थानभारत के पश्चिमी तट पर सार्डिन (Sardine) मछलियों के तट पर फंसने (strandings) की घटनाएं देखी गई हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: समुद्री ताप-लहरों (marine heatwaves) और बदलते समुद्री धाराओं का भारत की समुद्री जैव विविधता और तटीय मछली पकड़ने वाले समुदायों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

खबरों के अनुसार, Anthropic अपनी Mythos टूल के माध्यम से NSA को आक्रामक हैकिंग अभियानों में सहायता प्रदान कर रहा है

चर्चा में क्यों: खबरों के अनुसार, Anthropic अपनी Mythos टूल के माध्यम से NSA को आक्रामक हैकिंग अभियानों में सहायता प्रदान कर रहा है, वहीं xAI डीपफेक से संबंधित मुकदमों में वादियों को छद्म नाम (pseudonyms) छोड़ने के लिए बाध्य करने का प्रयास कर रहा है।

एआई फर्म, Anthropic, 'मिथोस' (Mythos) उपकरण के माध्यम से NSA को आक्रामक हैकिंग की सुविधा प्रदान कर रही है। xAI ने एक संघीय न्यायाधीश से आदेश प्राप्त करने का प्रयास किया है, ताकि डीपफेक (deepfakes) के विरुद्ध वाद दायर करने वाले चार व्यक्तियों को उनके वास्तविक नामों के साथ मुकदमे की कार्यवाही करने के लिए बाध्य किया जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकMythos: Anthropic द्वारा विकसित एक AI टूल जिसका उपयोग NSA द्वारा ऑफेंसिव हैकिंग में सहायता के लिए किया जाता है।
  • विज्ञान-तकनीकFROST: एक नया खोजा गया ब्राउज़र साइड-चैनल अटैक (browser side-channel attack) जो किसी डिवाइस पर अन्य टैब्स और ऐप्स को फिंगरप्रिंट (fingerprint) करता है।
  • विज्ञान-तकनीकNameTag: Meta के स्मार्ट ग्लास पर संग्रहीत एक निष्क्रिय (dormant) चेहरा पहचानने की विशेषता।
  • पदबिल पुल्टे: राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (National Intelligence) के कार्यवाहक निदेशक के रूप में नियुक्त।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ आक्रामक साइबर अभियानों के लिए निजी एआई (AI) कंपनियों के सहयोग से उत्पन्न होने वाले नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

वाशिंगटन, डी.सी

चर्चा में क्यों: वाशिंगटन, डी.सी. स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम ने भारत के मंगलयान मिशन की सफलता के प्रतीक के रूप में भारतीय वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ द्वारा मंगलयान प्रक्षेपण के दौरान पहनी गई रेशमी साड़ी को प्रदर्शित किया है।

नंदिनी हरिनाथ ने 1 दिसंबर, 2013 को मंगलयान के प्रक्षेपण के अवसर पर लाल और नीले रंग की रेशमी साड़ी धारण की थी। वाशिंगटन, डी.सी. स्थित स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में वर्तमान में इस साड़ी को भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण के एक प्रतिनिधि पुरावशेष के रूप में संरक्षित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकमंगलयान: भारत का मंगल मिशन (Mars Orbiter Mission), जिसे 1 दिसंबर, 2013 को प्रक्षेपित किया गया था।
  • पदनंदिनी हरिनाथ: भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अन्वेषण में अग्रणी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ वैश्विक वैज्ञानिक नेतृत्व और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक अग्रणी राष्ट्र के रूप में भारत के बढ़ते कद में किस प्रकार योगदान देती हैं, चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

OpenAI ने ChatGPT के लिए 'Lockdown Mode' पेश किया है

चर्चा में क्यों: OpenAI ने ChatGPT के लिए 'Lockdown Mode' पेश किया है, जिसका उद्देश्य उन 'प्रॉम्प्ट इंजेक्शन' हमलों को कम करना है जहाँ हमलावर संवेदनशील डेटा निकालने के लिए AI प्रणालियों में हेरफेर करते हैं।

'लॉकडाउन मोड' (Lockdown Mode) ChatGPT में एक वैकल्पिक सुरक्षा सेटिंग है, जो नेटवर्क अनुरोधों या उपकरणों के माध्यम से डेटा चोरी के जोखिम को कम करने के लिए उन्नत सुविधाओं को प्रतिबंधित करती है। यह सेटिंग विकल्प मेनू के 'सेफ्टी एंड सिक्योरिटी' (Safety and Security) अनुभाग के माध्यम से सभी ChatGPT उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकLockdown Mode: OpenAI द्वारा prompt injection हमलों से सुरक्षा के लिए विकसित एक सुरक्षा विशेषता।
  • विज्ञान-तकनीकPrompt injection: एक साइबर हमले की विधि जिसमें हमलावर डेटा चोरी करने के लिए AI सिस्टम में हेरफेर करते हैं।
  • तथ्यLockdown Mode शोषण के जोखिमों को कम करने के लिए उन्नत सुविधाओं और नेटवर्क अनुरोधों को प्रतिबंधित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बड़े भाषा मॉडल (LLMs) के सुरक्षा निहितार्थों और एआई-संचालित प्रणालियों में डेटा उल्लंघन को रोकने के लिए सुदृढ़ सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

CBSE ने अपने IT इकोसिस्टम में सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के लिए एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को आमंत्रित किया है

चर्चा में क्यों: CBSE ने अपने IT इकोसिस्टम में सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के लिए एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी को आमंत्रित किया है। यह कदम IIT विशेषज्ञों द्वारा एक बाहरी वेंडर (vendor) द्वारा विकसित पोर्टल्स में गंभीर खामियों की पहचान किए जाने के बाद उठाया गया है।

विक्रेता, COEMPT Eduteck द्वारा क्लाउड स्टोरेज बकेट (cloud storage buckets) को गलत तरीके से कॉन्फ़िगर किया गया पाया गया। इसके कारण उनके सर्वर पर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं (answer scripts) के असुरक्षित बैकअप मौजूद थे।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकRed Team vs Blue Team: एक cybersecurity डायनेमिक जहाँ एक टीम (Red) हमलों को सिमुलेट (simulate) करती है और दूसरी टीम (Blue) इंफ्रास्ट्रक्चर की रक्षा करती है।
  • संस्थाCBSE: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन, भारत में राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड।
  • तथ्यCOEMPT Eduteck: OSM और री-इवैल्यूएशन (re-evaluation) पोर्टल्स विकसित करने के लिए जिम्मेदार एक्सटर्नल वेंडर (external vendor)।
  • विज्ञान-तकनीकAuthentication bypass: एक सुरक्षा भेद्यता (security vulnerability) जो किसी हमलावर को वैध क्रेडेंशियल्स (credentials) दिए बिना सिस्टम तक पहुंच प्राप्त करने की अनुमति देती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तृतीय-पक्ष प्रौद्योगिकी विक्रेताओं (थर्ड-पार्टी टेक्नोलॉजी वेंडर्स) से जुड़े सार्वजनिक क्षेत्र के ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट्स में साइबर सुरक्षा स्वच्छता (साइबर सिक्योरिटी हाइजीन) सुनिश्चित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • वेंडर जवाबदेही: संवेदनशील छात्र डेटा संभालने वाले प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए सख्त सिक्योरिटी ऑडिट की कमी
  • इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क: क्लाउड स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन में कमियां जिससे पर्सनल रिकॉर्ड तक अनधिकृत पहुंच संभव
  • साइबर-हाइजीन: एजुकेशनल टेक्नोलॉजी खरीद में स्टैंडर्ड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल की ज़रूरत

मुख्य शब्द: साइबर सिक्योरिटी हाइजीन · एथिकल हैकिंग · डेटा प्राइवेसी · थर्ड-पार्टी रिस्क · ई-गवर्नेंस

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने AI द्वारा डिजाइन किया गया एक 'सुपर एंटीजन' वैक्सीन विकसित किया है

चर्चा में क्यों: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने AI द्वारा डिजाइन किया गया एक 'सुपर एंटीजन' वैक्सीन विकसित किया है, जिसे विशिष्ट स्ट्रेन (strains) के बजाय पूरे वायरस परिवारों को लक्षित करने के लिए बनाया गया है।

इस वैक्सीन का उद्देश्य मानव प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को एक साथ कई वायरस स्ट्रेन की पहचान करने और उनसे लड़ने के लिए प्रशिक्षित करना है, जिसमें ज़ूनोटिक क्षमता (zoonotic potential) वाले पशु वायरस भी शामिल हैं। शुरुआती परीक्षणों में इसके परिणाम मामूली रहे, लेकिन AI का उपयोग करके वैक्सीन विकास की गति को तेज करने की क्षमता के कारण इस तकनीक पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकसुपर एंटीजन (Super antigen): एक वैक्सीन जिसे जानवरों के वायरस सहित उन सभी वायरसों को टारगेट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जो इंसानों में फैल सकते हैं।
  • विज्ञान-तकनीकयूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज: AI द्वारा डिज़ाइन किए गए वैक्सीन विकास के लिए जिम्मेदार संस्थान।
  • तथ्ययह वैक्सीन महामारी की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए सिंगल स्ट्रेन के बजाय पूरे वायरस परिवारों (virus families) को टारगेट करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) किस प्रकार वैक्सीन विकास और महामारी की तैयारी में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है, तथा इस संदर्भ में ज़ूनोटिक रोगों के प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • विकास की रफ्तार: AI-आधारित मॉडलिंग वैक्सीन उम्मीदवारों की पहचान और टेस्टिंग में लगने वाले समय को काफी कम कर देती है
  • ब्रॉड-स्पेक्ट्रम इम्युनिटी: वायरस के तेज़ी से होने वाले म्यूटेशन के जोखिम को कम करने के लिए स्ट्रेन-स्पेसिफिक से फैमिली-वाइड एंटीजन की ओर बदलाव
  • ज़ूनोटिक रिस्क कम करना: इंसानों में फैलने से रोकने के लिए जानवरों के वायरस की पहले से पहचान करना

मुख्य शब्द: ज़ूनोटिक बीमारियाँ · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · पैंडेमिक की तैयारी · सुपर एंटीजन · इम्यून रिस्पॉन्स

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗+2 और खबरें इस विषय पर
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने SARS, MERS और Covid-19 जैसे वायरस से सुरक्षा के लिए पूरी तरह AI द्वारा डिजाइन किए गए एक यूनिवर्सल वैक्सीन (Universal Vaccine) का पहला मानव परीक्षण किया

चर्चा में क्यों: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने SARS, MERS और Covid-19 जैसे वायरस से सुरक्षा के लिए पूरी तरह AI द्वारा डिजाइन किए गए एक यूनिवर्सल वैक्सीन (Universal Vaccine) का पहला मानव परीक्षण किया।

इस परीक्षण में लगभग 40 मानव प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और इसमें कोई गंभीर दुष्प्रभाव (side effects) नहीं देखे गए। इस वैक्सीन को AI द्वारा कई कोरोनावायरस, जिनमें SARS और MERS शामिल हैं, के खिलाफ व्यापक सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकइस वैक्सीन को पूरी तरह से Artificial Intelligence (AI) द्वारा डिजाइन किया गया था।
  • तथ्यशुरुआती ह्यूमन ट्रायल (human trial) में लगभग 40 प्रतिभागी शामिल थे।
  • स्थानयह रिसर्च UK के यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज द्वारा किया गया था।
  • विज्ञान-तकनीकयह वैक्सीन SARS, MERS और Covid-19 सहित कई तरह के वायरस को टारगेट करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: टीका विकास की गति को तीव्र करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की क्षमता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एआई-आधारित नैदानिक परीक्षणों (clinical trials) से जुड़े नैतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी बाधा: क्लिनिकल ट्रायल्स में AI-जनरेटेड बायोलॉजिकल एजेंट के लिए सेफ्टी प्रोटोकॉल बनाना
  • डेटा इंटीग्रिटी: वैक्सीन मॉडलिंग में AI ट्रेनिंग के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले और निष्पक्ष डेटासेट सुनिश्चित करना
  • एक्सेस की समानता: हाई-कॉस्ट AI-ड्रिवन R&D और वैश्विक वैक्सीन अफोर्डेबिलिटी के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · बायोटेक्नोलॉजी · क्लिनिकल ट्रायल · यूनिवर्सल वैक्सीन · सार्वजनिक स्वास्थ्य

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

एंथ्रोपिक (Anthropic) ने चेतावनी दी है कि रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट (RSI) के कारण AI सिस्टम अपने उत्तराधिकारियों को स्वायत्त रूप से डिजाइन कर सकते हैं

चर्चा में क्यों: एंथ्रोपिक (Anthropic) ने चेतावनी दी है कि रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट (RSI) के कारण AI सिस्टम अपने उत्तराधिकारियों को स्वायत्त रूप से डिजाइन कर सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय हथियार नियंत्रण शैली के सत्यापन तंत्र (verification mechanisms) की आवश्यकता होगी।

एआई फ्रंटियर लैब, एंथ्रोपिक (Anthropic) ने रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट (RSI) को एक जोखिम के रूप में पहचाना है, जिसमें एआई सिस्टम स्वायत्त रूप से अपने से बेहतर उत्तराधिकारी विकसित कर सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि हालांकि वर्तमान एआई उन्नत कोडिंग क्षमताएं दिखाता है, लेकिन यह अभी तक मानवीय हस्तक्षेप के बिना खुद को पूरी तरह से पुन: डिजाइन नहीं कर सकता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकRecursive Self-Improvement (RSI): एक ऐसी घटना जहाँ AI सिस्टम स्वायत्त रूप से अपने उत्तराधिकारियों (successors) को डिजाइन और विकसित करते हैं।
  • विज्ञान-तकनीकAnthropic: एक AI frontier lab जो AI को मानवीय लक्ष्यों के साथ जोड़ने के लिए कंट्रोल मैकेनिज्म (control mechanisms) और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की वकालत करती है।
  • तथ्यवर्तमान AI सिस्टम्स एडवांस कोडिंग और प्रॉब्लम-सॉल्विंग में सक्षम हैं, लेकिन उनमें पूर्ण ऑटोनॉमस रीडिज़ाइन (autonomous redesign) क्षमता की कमी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में पुनरावर्ती आत्म-सुधार (recursive self-improvement) के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों की चर्चा कीजिए और मानव संरेखण (human alignment) सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढाँचों की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।

  • एलाइनमेंट गैप: यह सुनिश्चित करने में कठिनाई कि ऑटोनॉमस AI के लक्ष्य जटिल मानवीय मूल्यों के साथ बने रहें
  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: नॉन-फिजिकल AI एसेट्स के लिए वेरिफिएबल इंटरनेशनल वेरिफिकेशन मैकेनिज्म बनाने में चुनौतियां
  • सुरक्षा की बाधा: AI की तेज़ी के बीच मौजूदा ह्यूमन-इन-द-लूप निगरानी में तकनीकी सीमाएं

मुख्य शब्द: रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट · AI एलाइनमेंट · ऑटोनॉमस सिस्टम्स · अंतरराष्ट्रीय सहयोग · तकनीकी गवर्नेंस

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकमेन्स

भारतीय अधिकारियों ने जलवायु अनुकूलन और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए आर्थिक रूप से विकासशील देशों को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए विस्तारित समय सीमा की वकालत की

चर्चा में क्यों: भारतीय अधिकारियों ने जलवायु अनुकूलन और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए आर्थिक रूप से विकासशील देशों को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए विस्तारित समय सीमा की वकालत की।

भारत की विस्तृत तटरेखा और कम ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों के कारण, देश जलवायु परिवर्तन अनुकूलन (Climate Change Adaptation) के संबंध में एक दुविधा का सामना कर रहा है। इस चर्चा में तीन दृष्टिकोण शामिल हैं: प्रबंधित वापसी (Managed Retreat), जीवाश्म ईंधन का तत्काल चरणबद्ध तरीके से विलोपन (Phase-out), और आर्थिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित समाधान।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यभारत की तटरेखा (coastline) और निचले इलाकों को जलवायु परिवर्तन (climate change) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील (vulnerable) माना गया है।
  • तथ्यआर्थिक रूप से विकसित हो रहे देश सस्ते ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता के कारण फॉसिल फ्यूल (fossil fuel) को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जलवायु अनुकूलन के लिए जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के वैश्विक अधिदेश और तीव्र आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने में विकासशील देशों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • आर्थिक-पर्यावरण ट्रेड-ऑफ: सस्ती ऊर्जा की तत्काल ज़रूरत और लंबे समय के क्लाइमेट रेजिलिएंस लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • क्लाइमेट एक्शन में समानता: आर्थिक स्थिति के आधार पर विकासशील देशों के लिए अलग समयसीमा का तर्क
  • अनुकूलन रणनीतियाँ: तटीय क्षेत्रों में 'मैनेज्ड रिट्रीट' बनाम इंफ्रास्ट्रक्चर-हैवी अनुकूलन का मूल्यांकन

मुख्य शब्द: क्लाइमेट एडैप्टेशन · मैनेज्ड रिट्रीट · ऊर्जा ट्रांज़िशन · आर्थिक वास्तविकताएं

वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) ने मध्यम से तीव्र एल नीनो (El Niño) के विकसित होने की चेतावनी दी है

चर्चा में क्यों: वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) ने मध्यम से तीव्र एल नीनो (El Niño) के विकसित होने की चेतावनी दी है, जिससे भारत में भीषण हीटवेव (heatwaves) पैदा हो सकती है और खाद्य एवं जल प्रणालियों पर दबाव पड़ सकता है।

WMO ने आने वाले महीनों में मध्यम या मजबूत एल नीनो (El Niño) के विकसित होने की चेतावनी दी है। जलवायु वैज्ञानिक ज़ेक हॉउसफादर ने 2027 को रिकॉर्ड के अनुसार दुनिया के सबसे गर्म वर्ष के रूप में अनुमान लगाया है, जबकि IMD ने 1850 के बाद से वैश्विक सतह के तापमान में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकएल नीनो (El Niño): एक क्लाइमेट पैटर्न (climate pattern) जो हीटवेव्स, सूखे और भारी बारिश जैसी चरम मौसम स्थितियों से जुड़ा होता है।
  • तथ्यIMD के अनुसार: 1850 के बाद से ग्लोबल सरफेस टेम्परेचर (Global surface temperatures) पिछले समय की तुलना में काफी अधिक गर्म रहे हैं।
  • संस्थाWMO: World Meteorological Organization ने El Niño के विकास पर चेतावनी जारी की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एल नीनो (El Niño) प्रेरित चरम मौसमी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति भारत की खाद्य और जल सुरक्षा के लिए किस प्रकार एक गंभीर खतरा उत्पन्न करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • कृषि में अस्थिरता: अनियमित बारिश के पैटर्न से पारंपरिक फसल चक्र और सिंचाई शेड्यूल प्रभावित
  • वॉटर स्ट्रेस: लंबे समय तक चलने वाली हीटवेव्स के दौरान ग्राउंडवॉटर और सतही जल का तेज़ी से कम होना
  • क्लाइमेट एडैप्टेशन: गर्मी सहने वाली फसलों की किस्मों और चरम मौसम के लिए एडवांस अर्ली-वार्निंग सिस्टम की ज़रूरत

मुख्य शब्द: क्लाइमेट रेजिलिएंस · खाद्य सुरक्षा · अत्यधिक मौसम · एल नीनो · जल संकट

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

OpenAI, Anthropic, Google DeepMind और Microsoft AI के CEOs ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: OpenAI, Anthropic, Google DeepMind और Microsoft AI के CEOs ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें उन्होंने कांग्रेस से जीन सिंथेसिस (gene synthesis) के ऑर्डर्स की स्क्रीनिंग अनिवार्य करने का आग्रह किया है, ताकि AI की मदद से जैविक हथियार (bioweapons) विकसित होने से रोका जा सके।

यह पत्र इंस्टीट्यूट फॉर प्रोग्रेस (Institute for Progress) और फाउंडेशन फॉर अमेरिकन इनोवेशन (Foundation for American Innovation) द्वारा आयोजित किया गया था। यह जीन सिंथेसिस कंपनियों के लिए ग्राहकों की स्क्रीनिंग करने और जेनेटिक मटेरियल के संभावित दुरुपयोग के आदेशों के लिए नए कानूनों की मांग करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकOpenAI, Anthropic, Google DeepMind और Microsoft AI इस पत्र में शामिल प्रमुख टेक संस्थाएं (tech entities) हैं।
  • संस्थाइंस्टीट्यूट फॉर प्रोग्रेस और फाउंडेशन फॉर अमेरिकन इनोवेशन ने इस पत्र का आयोजन किया।
  • तथ्यप्रस्तावित कानून का लक्ष्य जेनेटिक मटेरियल (genetic material) के संभावित दुरुपयोग की जांच के लिए जीन सिंथेसिस कंपनियों को टारगेट करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) से जुड़े दोहरे उपयोग (dual-use) के जोखिमों पर चर्चा कीजिए और जैविक हथियारों के विकास को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढाँचों की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: प्राइवेट जीन सिंथेसिस फर्मों द्वारा सिंथेटिक DNA के ऑर्डर्स के लिए अनिवार्य स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल की कमी
  • दोहरे उपयोग की दुविधा: ओपन-सोर्स AI रिसर्च की पहुंच और नए पैथोजन्स डिजाइन होने के जोखिम के बीच संतुलन
  • एन्फोर्समेंट में रुकावट: दुनिया भर में विकेंद्रीकृत, छोटे पैमाने की जीन सिंथेसिस लैब्स की निगरानी में मुश्किल

मुख्य शब्द: दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · बायोसिक्योरिटी · सिंथेटिक बायोलॉजी · रेगुलेटरी ओवरसाइट · AI गवर्नेंस

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

डेल्फ़ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (Delft University of Technology) के वैज्ञानिकों ने 'Bee-Nav' विकसित किया है

चर्चा में क्यों: डेल्फ़ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (Delft University of Technology) के वैज्ञानिकों ने 'Bee-Nav' विकसित किया है। यह एक ऐसी प्रणाली है जो छोटे ड्रोन्स को GPS के बजाय मधुमक्खियों से प्रेरित विजुअल मेमोरी (visual memory) का उपयोग करके रास्ता खोजने में सक्षम बनाती है।

बी-नेव (Bee-Nav) सिस्टम ड्रोन्स को शुरुआती उड़ानों के दौरान लैंडमार्क और वातावरण को याद रखने की सुविधा देता है, ताकि वे वापस घर का रास्ता खोज सकें। इसे हल्के और स्वायत्त (autonomous) ड्रोन्स के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिन्हें न्यूनतम कंप्यूटिंग पावर और स्टोरेज की आवश्यकता होती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकBee-Nav: हनीबी (honeybee) की विजुअल मेमोरी से प्रेरित ड्रोन्स के लिए एक नेविगेशन सिस्टम।
  • संस्थाडेल्फ़्ट यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (Delft University of Technology): वह संस्थान जहाँ Bee-Nav सिस्टम विकसित किया गया।
  • तथ्यBee-Nav नेविगेशन: यह GPS के बिना लैंडमार्क की विजुअल मेमोरी (visual memory) का उपयोग करके काम करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जटिल वातावरण, जैसे कि आपदा प्रभावित क्षेत्र या सघन कृषि परिदृश्य में, जीपीएस-आधारित नेविगेशन की सीमाओं को दूर करने में रोबोटिक्स में 'बायोमिमिक्री' (जैव-अनुकरण) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • हार्डवेयर एफिशिएंसी: दूरदराज के इलाकों में हल्के ड्रोन के लिए कंप्यूटेशनल ओवरहेड कम करना
  • ऑपरेशनल रेज़िलिएन्स: GPS-डिनाइड एनवायरनमेंट या हाई सिग्नल इंटरफेरेंस वाले क्षेत्रों में नेविगेशन

मुख्य शब्द: बायोमिमिक्री · स्वायत्त सिस्टम · विजुअल मेमोरी · GPS-मुक्त नेविगेशन · रोबोटिक्स

स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗+1 और खबरें इस विषय पर

हरियाणा सरकार ने अपने NCR जिलों में कमर्शियल फ्लीट (commercial fleets) में नए पेट्रोल और डीजल वाहनों के शामिल होने पर रोक लगाने वाली एक नीति लागू की है

चर्चा में क्यों: हरियाणा सरकार ने अपने NCR जिलों में कमर्शियल फ्लीट (commercial fleets) में नए पेट्रोल और डीजल वाहनों के शामिल होने पर रोक लगाने वाली एक नीति लागू की है, ताकि स्वच्छ ईंधन के विकल्पों को बढ़ावा दिया जा सके।

यह नीति अनिवार्य करती है कि नए कमर्शियल फ्लीट वाहन बिजली, CNG, बैटरी पावर या कम उत्सर्जन वाले विकल्पों पर चलने चाहिए। इसका लक्ष्य हरियाणा के NCR जिलों में शहरी उत्सर्जन को कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानयह पॉलिसी विशेष रूप से हरियाणा राज्य के NCR जिलों पर लागू होती है।
  • तथ्यअनुमत ईंधन विकल्पों में बिजली, CNG, बैटरी पावर और कम उत्सर्जन वाले विकल्प शामिल हैं।
  • तथ्ययह पॉलिसी कमर्शियल फ्लीट्स (commercial fleets) में नए पेट्रोल और डीजल वाहनों को जोड़ने पर रोक लगाती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) जैसे उच्च-प्रदूषण वाले शहरी गलियारों में वाणिज्यिक परिवहन बेड़े को इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों में परिवर्तित करने से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: कमर्शियल EV के ज्यादा इस्तेमाल के लिए मैच्योर चार्जिंग इकोसिस्टम और मजबूत पावर ग्रिड की जरूरत
  • आर्थिक ट्रेड-ऑफ: फ़्लीट ऑपरेटरों के लिए भारी शुरुआती कैपिटल एक्सपेंडिचर बनाम वाहन मेंटेनेंस और ऑपरेटिंग कॉस्ट में लंबी अवधि की कमी

मुख्य शब्द: डीकार्बोनाइजेशन · शहरी वायु गुणवत्ता · फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन · ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर · सस्टेनेबल मोबिलिटी

चिन्तन रिसर्च फाउंडेशन और फिनोविस्टा, मंथन (ऑफिस ऑफ द प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर) के साथ साझेदारी में

चर्चा में क्यों: चिन्तन रिसर्च फाउंडेशन और फिनोविस्टा, मंथन (ऑफिस ऑफ द प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर) के साथ साझेदारी में।

यह संवाद नई दिल्ली में कम कार्बन वाले स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में SMRs पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया था। चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के डॉ. देबाजित पालित ने रक्षा और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की विशिष्ट बिजली मांगों को पूरा करने में SMRs की उपयोगिता पर जोर दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकSMRs: Small Modular Reactors को भारत के लिए एक लो-कार्बन क्लीन एनर्जी सोर्स (low-carbon clean energy source) के रूप में पहचाना गया है।
  • संस्थामंथन: भारत सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर (Principal Scientific Adviser) के ऑफिस की एक पहल।
  • तथ्यSMRs का उपयोग दो विशिष्ट क्षेत्रों: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर ऑपरेशंस में प्रस्तावित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के ऊर्जा-गहन औद्योगिक और रक्षा क्षेत्रों को समर्थन प्रदान करते हुए, भारत के 'नेट-जीरो' लक्ष्यों की प्राप्ति में लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • डिकार्बोनाइजेशन सिनर्जी: हाई-इंटेंसिटी मैन्युफैक्चरिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लो-कार्बन बेसलोड पावर प्रदान करना
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब्स के लिए बाहरी एनर्जी ग्रिड पर निर्भरता कम करना

मुख्य शब्द: ऊर्जा ट्रांज़िशन · स्मॉल मॉडुलर रिएक्टर्स · डिकार्बोनाइजेशन · बेसलोड पावर · रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

गुजरात कैबिनेट ने शहरी लचीलेपन और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 2030 तक ओवरहेड बिजली की लाइनों को भूमिगत (underground) करने हेतु 'गुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन' को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: गुजरात कैबिनेट ने शहरी लचीलेपन और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए 2030 तक ओवरहेड बिजली की लाइनों को भूमिगत (underground) करने हेतु 'गुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन' को मंजूरी दी है।

इस मिशन का लक्ष्य 14,600 सर्किट किलोमीटर हाई-टेंशन (HT) और 31,400 सर्किट किलोमीटर लो-टेंशन (LT) वितरण लाइनों को परिवर्तित करना है। इसके पहले चरण में 11 kV ओवरहेड लाइनों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके लिए ₹500 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यगुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन (Gujarat Wire-Free City Mission) का लक्ष्य वर्ष: 2030।
  • तथ्यप्रथम चरण का बजट: ₹500 करोड़।
  • तथ्यदायरा: HT की 14,600 सर्किट किमी और LT लाइनों की 31,400 सर्किट किमी।
  • तथ्यप्रारंभिक चरण का फोकस: 11 kV ओवरहेड लाइन्स का कन्वर्जन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्मार्ट सिटी विकास के संदर्भ में, बिजली वितरण लाइनों को भूमिगत (undergrounding) करने से शहरी लचीलेपन (urban resilience) और सार्वजनिक सुरक्षा में किस प्रकार योगदान मिलता है, चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: चरम मौसम की घटनाओं के दौरान पावर आउटेज और खतरों को कम करना
  • शहरी सौंदर्य और सुरक्षा: लटकते तारों और विजुअल क्लटर से खतरों में कमी
  • आर्थिक ट्रेड-ऑफ: अंडरग्राउंडिंग के लिए भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर बनाम ओवरहेड लाइन्स के मेंटेनेंस खर्च

मुख्य शब्द: अर्बन रेज़िलिएंस · स्मार्ट सिटीज · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · सार्वजनिक सुरक्षा · बिजली वितरण

वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) ने जून-अगस्त 2026 के दौरान एल निनो (El Nino) की 80 प्रतिशत संभावना जताई है

चर्चा में क्यों: वर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) ने जून-अगस्त 2026 के दौरान एल निनो (El Nino) की 80 प्रतिशत संभावना जताई है, जिसे वैज्ञानिक केरल जैसे क्षेत्रों में मानसून की बारिश में देरी से जोड़कर देखते हैं।

हिंद महासागर में असामान्य रूप से कम मौसम संबंधी गतिविधियाँ देखी जा रही हैं, जिसमें भारत के दक्षिण में आकाश के बड़े हिस्से साफ हैं। WMO का अनुमान है कि जून-अगस्त 2026 की अवधि के दौरान एल निनो (El Nino) की तीव्रता मध्यम से मजबूत हो सकती है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यWMO: जून-अगस्त 2026 के दौरान एल निनो (El Nino) की 80 प्रतिशत संभावना की भविष्यवाणी की।
  • स्थानकेरल: इंडियन ओशन (Indian Ocean) के ऊपर कम बारिश प्रणालियों (rain systems) के कारण इस क्षेत्र में बारिश में देरी हो रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एल नीनो घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए किस प्रकार एक गंभीर खतरा उत्पन्न करती है, इसका विश्लेषण कीजिए और जलवायु-अनुकूल कृषि हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • कृषि संवेदनशीलता: पारंपरिक फसल चक्र और बीज की गुणवत्ता पर अनियमित मानसून पैटर्न का प्रभाव
  • जल प्रबंधन: बारिश की कमी को कम करने के लिए नमी संरक्षण और वैकल्पिक फसल योजना की ज़रूरत
  • मौसम की निगरानी: किसानों की सक्रिय भागीदारी के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम का महत्व

मुख्य शब्द: क्लाइमेट रेजिलिएंस · मानसून की परिवर्तनशीलता · खाद्य सुरक्षा · कृषि-मौसम विज्ञान · जल प्रबंधन

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकप्रीलिम्स

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के अपने पूर्वानुमान को संशोधित कर 4 जून कर दिया है

चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के अपने पूर्वानुमान को संशोधित कर 4 जून कर दिया है, जो इसके पिछले अनुमान से मानक चार दिनों के अंतर से अधिक है।

IMD ने मानसून के आगमन की तारीख को 26 मई से बदलकर 4 जून कर दिया है। यह 2015 के बाद पहली बार है जब IMD निर्धारित प्लस या माइनस चार दिन की समय सीमा के भीतर मानसून के आगमन की सटीक भविष्यवाणी करने में विफल रहा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यIMD द्वारा केरल के लिए मानसून की पिछली शुरुआत की भविष्यवाणी 26 मई थी।
  • तथ्यकेरल के लिए संशोधित मानसून आगमन की तारीख 4 जून है।
  • तथ्यIMD द्वारा मानसून के आगमन के लिए निर्धारित प्रेडिक्शन विंडो (prediction window) प्लस या माइनस चार दिन है।
  • संस्थाइंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) भारत में मानसून के पूर्वानुमान के लिए जिम्मेदार प्राथमिक एजेंसी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जलवायु परिवर्तन के युग में मानसून के पैटर्न के पूर्वानुमान में मौसम विज्ञान एजेंसियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों और भारत की कृषि अर्थव्यवस्था पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • भविष्यवाणी की सटीकता: चरम मौसम की घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति ऐतिहासिक डेटा-आधारित फोरकास्टिंग मॉडल को जटिल बना रही है
  • कृषि संवेदनशीलता: केरल और तटीय क्षेत्रों में मानसून की देरी का बुवाई चक्र और फसल पैदावार पर असर

मुख्य शब्द: मानसून का पूर्वानुमान · मौसम संबंधी मॉडलिंग · जलवायु परिवर्तनशीलता · कृषि योजना · भविष्यवाणी की सटीकता

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

तडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व से सिमिलपाल टाइगर रिज़र्व में स्थानांतरित की गई एक बाघिन, ज़ीनत ने चार शावकों को जन्म दिया है

चर्चा में क्यों: तडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व से सिमिलपाल टाइगर रिज़र्व में स्थानांतरित की गई एक बाघिन, ज़ीनत ने चार शावकों को जन्म दिया है। यह घटना आनुवंशिक विविधता (genetic diversification) के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जीनत को ताडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व (महाराष्ट्र) से सिमिलिपाल टाइगर रिज़र्व (ओडिशा) में स्थानांतरित कर दिया गया है। इस स्थानांतरण कार्यक्रम (translocation program) का उद्देश्य इनब्रीडिंग (inbreeding) की समस्या को दूर करने के लिए नए जेनेटिक मटेरियल को शामिल करना और बाघों की आबादी के दीर्घकालिक अस्तित्व में सुधार करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पर्यावरणसिमिलिपल टाइगर रिज़र्व ओडिशा राज्य में स्थित है।
  • पर्यावरणताडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व महाराष्ट्र राज्य में स्थित है।
  • तथ्यजीनत ने अपने ट्रांसलोकेशन (translocation) के बाद चार शावकों को जन्म दिया।
  • विज्ञान-तकनीकट्रांसलोकेटेड (translocated) बाघों की मूवमेंट और हेल्थ की निगरानी के लिए रेडियो कॉलर्स (Radio collars) का उपयोग किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वन्यजीव संरक्षण में आनुवंशिक विविधता के महत्व और खंडित आवासों में बाघों की व्यवहार्य आबादी को बनाए रखने में स्थानांतरण कार्यक्रमों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • जेनेटिक बॉटलनेक: अलग-थलग टाइगर आबादी में इनब्रीडिंग डिप्रेशन का जोखिम जिससे प्रजनन क्षमता कम हो जाती है
  • ट्रेड-ऑफ की निगरानी: रेडियो कॉलर से ट्रैकिंग की ज़रूरत और स्वतंत्र शावकों की व्यवहारिक ज़रूरतों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: आनुवंशिक विविधता · स्थानांतरण · इनब्रीडिंग डिप्रेशन · वन्यजीव संरक्षण · आबादी की स्थिरता

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों के संरक्षण में सुधार के लिए उनकी परिभाषा की वैज्ञानिक रूप से समीक्षा करने हेतु एक हाई-पावर्ड कमेटी (HPC)नियुक्त की है

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों के संरक्षण में सुधार के लिए उनकी परिभाषा की वैज्ञानिक रूप से समीक्षा करने हेतु एक हाई-पावर्ड कमेटी (HPC)नियुक्त की है।

HPC की अध्यक्षता भारतीय वन अनुसंधान और शिक्षा परिषद (ICFRE) की महानिदेशक कंचन देवी कर रही हैं। समिति को अपनी रिपोर्ट 31 अगस्त तक प्रस्तुत करनी होगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदकंचन देवी: डायरेक्टर जनरल, इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE)।
  • तथ्यHPC में चार सदस्य और दो विशेष आमंत्रित व्यक्ति (special invitees) शामिल होते हैं।
  • स्थानअरावली हिल्स: वैज्ञानिक परिभाषा की समीक्षा का विषय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पर्यावरण संरक्षण में वैज्ञानिक परिभाषाओं के महत्व और अरावली पहाड़ियों जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा में न्यायिक निरीक्षण की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • वैज्ञानिक सटीकता: यह सुनिश्चित करना कि पारिस्थितिक सीमाएं भूवैज्ञानिक और जैविक वास्तविकताओं के अनुरूप हों
  • न्यायिक निगरानी: विकास के दबाव और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के संवैधानिक जनादेश के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: पारिस्थितिक संरक्षण · जुडिशियल एक्टिविज़्म · वैज्ञानिक सीमांकन · पर्यावरण शासन

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने दुश्मन के रडार और संचार साधनों को नष्ट करने के लिए 'रुद्राM-II' एंटी-रेडिएशन एयर-टू-सरफेस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है

चर्चा में क्यों: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने दुश्मन के रडार और संचार साधनों को नष्ट करने के लिए 'रुद्राM-II' एंटी-रेडिएशन एयर-टू-सरफेस मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।

रुद्रM-II मिसाइल को भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट से लॉन्च किया गया। इसे विशेष रूप से सटीक निशाना साधकर दुश्मन के रडार और संचार प्रणालियों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकRudraM-II: DRDO द्वारा विकसित एक एंटी-रेडिएशन एयर-टू-सरफेस मिसाइल।
  • पदराजनाथ सिंह: केंद्रीय रक्षा मंत्री।
  • तथ्ययह मिसाइल रडार और कम्युनिकेशन एसेट्स (communication assets) दोनों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में एंटी-रेडिएशन मिसाइल तकनीक के महत्व और भारत की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर: टैक्टिकल सरप्राइज पाने के लिए दुश्मन के सेंसर्स को बेअसर करना
  • तकनीकी संप्रभुता: हाई-प्रिसिजन एयर-टू-सरफेस हथियारों के लिए विदेशी सिस्टम पर निर्भरता कम करना
  • एकीकृत रक्षा: एयर-लॉन्च्ड मिसाइलों और रडार-जैमिंग क्षमताओं के बीच तालमेल

मुख्य शब्द: इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर · एंटी-रेडिएशन मिसाइल · रक्षा स्वदेशीकरण · प्रिसिजन स्ट्राइक · रणनीतिक स्वायत्तता

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

माइक्रोसॉफ्ट ने दावा किया है कि उसका नया 'Majorana 2' क्वांटम चिप अपने पिछले मॉडल की तुलना में 1,000 गुना अधिक विश्वसनीय है

चर्चा में क्यों: माइक्रोसॉफ्ट ने दावा किया है कि उसका नया 'Majorana 2' क्वांटम चिप अपने पिछले मॉडल की तुलना में 1,000 गुना अधिक विश्वसनीय है, जो संभावित रूप से तीन साल के भीतर व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) को संभव बना सकता है।

माइक्रोसॉफ्ट की Majorana 2 चिप सैद्धांतिक मेजरानो पार्टिकल (Majorana particle) पर आधारित टोपोलॉजिकल क्यूबिट्स (topological qubits) का उपयोग करती है। अमेरिकी रक्षा अनुसंधान एजेंसी DARPA वर्तमान में उपयोगिता-स्तर के क्वांटम कंप्यूटर (utility-scale quantum computer) की अवधारणा को सत्यापित करने के लिए इन दावों का मूल्यांकन कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकMajorana 2: माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) द्वारा विकसित एक क्वांटम चिप, जो अपने पिछले मॉडल की तुलना में 1,000 गुना अधिक विश्वसनीयता का दावा करती है।
  • विज्ञान-तकनीकTopological qubits: थ्योरेटिकल Majorana particle पर आधारित एक quantum computing अप्रोच।
  • पदDARPA: अमेरिकी रक्षा अनुसंधान एजेंसी जिसे माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के क्वांटम कंप्यूटिंग दावों का आकलन और सत्यापन करने का काम सौंपा गया है।
  • तथ्यMicrosoft का लक्ष्य Majorana 2 की घोषणा के तीन साल के भीतर एक कमर्शियल रूप से व्यवहार्य (commercially viable) क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: टोपोलॉजिकल क्वांटम कंप्यूटिंग में होने वाली प्रगति पर्यावरण सुधार और रासायनिक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में औद्योगिक समस्या-समाधान को किस प्रकार क्रांतिकारी रूप से बदल सकती है, चर्चा कीजिए।

  • कंप्यूटेशनल लीप: उर्वरक उत्पादन में जटिल मॉलिक्यूलर मॉडलिंग के लिए घातीय प्रोसेसिंग स्पीड
  • पर्यावरण आवेदन: माइक्रोप्लास्टिक क्षरण मार्गों का त्वरित सिमुलेशन
  • वेरिफिकेशन की बाधा: यूटिलिटी-स्केल डिप्लॉयमेंट के लिए क्यूबिट स्टेबिलिटी बनाए रखने में तकनीकी चुनौतियां

मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · टोपोलॉजिकल क्यूबिट्स · मजोराना पार्टिकल · कंप्यूटेशनल कॉम्प्लेक्सिटी · तकनीकी संप्रभुता

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

प्रोफेसर विलियम जे

चर्चा में क्यों: प्रोफेसर विलियम जे. चैप्लिन के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने BiSON डेटा के चार दशकों के विश्लेषण के माध्यम से सूर्य की सतह के नीचे एक छिपे हुए सिग्नल की खोज की है, जो सौर चक्रों (Solar Cycles) को मापने के तरीके को बदल सकता है।

निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि सोलर साइकिल 22, 23, 24 और 25 में संरचनात्मक परिवर्तन सौर कोर (solar core) की बाहरी परतों में गहराई तक जा रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकBiSON: Birmingham Solar-Oscillations Network एक ग्लोबल नेटवर्क है जिसका उपयोग सूर्य के अंदर होने वाले ऑसिलेशन (oscillations) को मापने के लिए किया जाता है।
  • तथ्यइस अध्ययन में Solar Cycles 22 से 25 के बीच हुए संरचनात्मक परिवर्तनों (structural changes) की पहचान करने के लिए लगभग चार दशकों के डेटा का विश्लेषण किया गया।
  • विज्ञान-तकनीकपारंपरिक सोलर एक्टिविटी (solar activity) मापने के तरीके सनस्पॉट्स (sunspots) और रेडियो फ्लक्स (radio flux) पर केंद्रित होते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हेलियोसिस्मोलॉजी (helioseismology) और सौर दोलन निगरानी (solar oscillation monitoring) में हुई प्रगति किस प्रकार अंतरिक्ष मौसम के पूर्वानुमान और वैश्विक बुनियादी ढांचे पर इसके प्रभावों को समझने की हमारी क्षमता को बढ़ा रही है, चर्चा कीजिए।

  • प्रेडिक्टिव एक्यूरेसी: बेहतर स्पेस वेदर फॉरकास्टिंग के लिए सनस्पॉट ऑब्जर्वेशन से आगे बढ़कर इंटरनल स्ट्रक्चरल डायनेमिक्स पर ध्यान देना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी: सैटेलाइट कम्युनिकेशन और पावर ग्रिड पर सोलर फ्लेयर्स के जोखिम का आकलन

मुख्य शब्द: हीलियोसिस्मोलॉजी · सोलर साइकल · स्पेस वेदर · सोलर ऑसिलेशन · सोलर कोर

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

असम सरकार और NHAI ने किसी भी पेड़ की कटाई से पहले वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन (wildlife impact study) करने का वादा करने के बाद

चर्चा में क्यों: असम सरकार और NHAI ने किसी भी पेड़ की कटाई से पहले वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन (wildlife impact study) करने का वादा करने के बाद, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 5,729 करोड़ रुपये की गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना के खिलाफ दायर एक PIL को बंद कर दिया है।

यह परियोजना 5,729 करोड़ रुपये की गुवाहाटी रिंग रोड पहल है। वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India) को परियोजना के कार्यान्वयन के लिए मार्गदर्शन हेतु 90 दिनों के भीतर वन्यजीव प्रभाव अध्ययन (wildlife impact study) करने का कार्य सौंपा गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थावाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Wildlife Institute of India): प्रोजेक्ट के प्रभाव का आकलन करने और शमन उपायों (mitigation measures) की सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
  • तथ्यगुवाहाटी रिंग रोड प्रोजेक्ट की लागत: Rs 5,729 करोड़।
  • स्थानगुवाहाटी रिंग रोड: प्रोजेक्ट एरिया में असम का एक सेंचुरी एरिया (Sanctuary area) शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विकास के लक्ष्यों और जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करनेके लिए बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पारिस्थितिक प्रभाव आकलन (Ecological Impact Assessment) को एकीकृत करने की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस देने से पहले स्वतंत्र इकोलॉजिकल ऑडिट सुनिश्चित करना
  • मिटिगेशन ट्रेड-ऑफ्स: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की जरूरतों और सैंक्चुअरी हैबिटेट्स के संरक्षण के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: इकोलॉजिकल इम्पैक्ट असेसमेंट · जैव विविधता संरक्षण · सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर · शमन के उपाय

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

अमेरिकी वाणिज्य विभाग (Department of Commerce) ने स्पष्ट किया है कि उन्नत AI चिप्स के लिए निर्यात नियंत्रण नियम चीन के स्वामित्व वाली कंपनियों पर भी लागू होंगे

चर्चा में क्यों: अमेरिकी वाणिज्य विभाग (Department of Commerce) ने स्पष्ट किया है कि उन्नत AI चिप्स के लिए निर्यात नियंत्रण नियम चीन के स्वामित्व वाली कंपनियों पर भी लागू होंगे, भले ही वे चीन के बाहर काम कर रही हों। यह कदम नियामक खामियों (regulatory loopholes) को बंद करने के लिए उठाया गया है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग (Department of Commerce) ने स्पष्ट किया है कि उन्नत AI चिप्स के लिए लाइसेंसिंग की आवश्यकता उन सभी व्यवसायों पर लागू होती है जिनका मुख्यालय या पैरेंट कंपनी चीन में स्थित है। यह स्पष्टीकरण बाइडन प्रशासन द्वारा 'फ्रेमवर्क फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डिफ्यूजन' (Framework for Artificial Intelligence Diffusion) को रद्द करने के निर्णय के बाद आया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाUS डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स (Department of Commerce): यह संस्था AI चिप्स पर एक्सपोर्ट कंट्रोल नियमों को स्पष्ट करने और लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यएक्सपोर्ट कंट्रोल रूल्स (Export Control Rules) उन व्यवसायों पर लागू होते हैं जिनके हेडक्वार्टर या पैरेंट कंपनियां चीन में हैं, चाहे वह व्यवसाय कहीं भी स्थित हो।
  • विज्ञान-तकनीकNvidia, AMD, Intel, और TSMC: एडवांस्ड AI चिप्स के उत्पादन और वितरण में शामिल प्रमुख वैश्विक संस्थाएं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एआई (AI) चिप्स जैसी दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों पर निर्यात नियंत्रण वैश्विक अर्धचालक आपूर्ति श्रृंखला और भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन के वैश्वीकृत स्वरूप के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: उन खामियों को दूर करना जहाँ विदेशी संस्थाएं तीसरे देश में सब्सिडियरी बनाकर व्यापार प्रतिबंधों से बचती हैं

मुख्य शब्द: एक्सपोर्ट कंट्रोल · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन · रेगुलेटरी आर्बिट्रेज · AI की जियोपॉलिटिक्स

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकप्रीलिम्स

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरणीय गिरावट को रोकने के लिए 1 जून से 15 अक्टूबर तक गोदावरी नदी के किनारे रेत के खनन पर 'मानसून हॉलिडे' प्रतिबंध लागू किया है

चर्चा में क्यों: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरणीय गिरावट को रोकने के लिए 1 जून से 15 अक्टूबर तक गोदावरी नदी के किनारे रेत के खनन पर 'मानसून हॉलिडे' प्रतिबंध लागू किया है।

यह प्रतिबंध गोदावरी नदी के अर्ध-मशीनीकृत (semi-mechanized) हिस्सों और पट्टा भूमि पर लागू होता है। ईस्ट गोदावरी जिला अधिकारियों ने 43 हिस्सों में वितरण के लिए 14.57 लाख मीट्रिक टन रेत जमा कर रखी है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थापर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC)।
  • तथ्यईस्ट गोदावरी जिले में 14.57 लाख metric tonnes रेत जमा है।
  • स्थानगोदावरी नदी के प्रवाह क्षेत्र में कोव्वुरु, पेरावली, निडादवोलु, सिथानगरम, राजमहेंद्रवरम और टल्लापुडी शामिल हैं।
  • तथ्यमॉनसून हॉलिडे बैन पीरियड: 1 जून से 15 अक्टूबर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: नदी तल से रेत खनन के पारिस्थितिक निहितार्थों की चर्चा कीजिए और नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में मौसमी प्रतिबंधों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।

  • पारिस्थितिक गिरावट: नदी की बनावट और ग्राउंडवाटर रिचार्ज पैटर्न में बदलाव
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: सेमी-मैकेनाइज्ड इलाकों में अवैध खनन की निगरानी में चुनौतियां
  • संसाधन प्रबंधन: इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग और नदी जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: नदी पारिस्थितिकी · सतत संसाधन प्रबंधन · पर्यावरण गवर्नेंस · आकारिक परिवर्तन · रेगुलेटरी कंप्लायंस

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगमेन्स

द हिंदू हडल (The Hindu Huddle) पैनल भारत के कार्यबल (workforce) पर AI के प्रभावों पर चर्चा कर रहा है

चर्चा में क्यों: द हिंदू हडल (The Hindu Huddle) पैनल भारत के कार्यबल (workforce) पर AI के प्रभावों पर चर्चा कर रहा है, विशेष रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों के विस्थापन और AI परिवर्तन में भारत के वैश्विक नेतृत्व के संबंध में।

भारत प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग छह मिलियन पेशेवरों को रोजगार प्रदान करता है। यह चर्चा दैनिक जीवन और पेशेवर कार्यों में Google Gemini, ChatGPT और Perplexity जैसे AI मॉडल्स के उपयोग पर प्रकाश डालती है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यभारत टेक्नोलॉजी डोमेन में लगभग छह मिलियन प्रोफेशनल्स को रोजगार देता है।
  • विज्ञान-तकनीकGoogle Gemini, ChatGPT और Perplexity को सूचना पुनर्प्राप्ति (information retrieval) को प्रभावित करने वाले प्रमुख AI मॉडल्स के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भारत की आकांक्षा के संदर्भ में, रोजगार विस्थापन की दोहरी चुनौती और बुनियादी ढाँचे के विकास की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • लेबर मार्केट फ्रिक्शन: टेक-हैवी सेक्टर्स में नौकरी छिनने का जोखिम बनाम नए AI-ड्रिवन रोल्स का निर्माण
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: बड़े पैमाने पर AI मॉडल डिप्लॉयमेंट के लिए मजबूत टेक्नोलॉजी बैकबोन की ज़रूरत
  • ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस: घरेलू वर्कफोर्स की सुरक्षा और ग्लोबल AI ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्व करने की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: नौकरियों का खत्म होना · AI का बदलाव · तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर · वर्कफोर्स ट्रांज़िशन · डिजिटल लीडरशिप

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

मणिपुरी खगोलशास्त्री (Astrophysicist) डॉ

चर्चा में क्यों: मणिपुरी खगोलशास्त्री (Astrophysicist) डॉ. रोनाल्डो लैश्राम ने शुरुआती ब्रह्मांड में 'लोकटक प्रोटोक्लस्टर' (Loktak Protocluster) नामक एक प्राचीन गैलेक्सी सिटी की खोज की है, जो गैलेक्सी के विकास (Galactic Evolution) से जुड़ी पारंपरिक समयसीमा को चुनौती देती है।

लोक्तक प्रोटोक्लस्टर (Loktak Protocluster) गुरुत्वाकर्षण द्वारा जुड़े शिशु आकाशगंगाओं (infant galaxies) का एक विशाल समूह है, जो भविष्य में एक एकल आकाशगंगा क्लस्टर बनाने की दिशा में अग्रसर है। इस खोज को 'द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स' (The Astrophysical Journal Letters) में प्रकाशित किया गया है। इस शोध में सुबारू टेलीस्कोप (Subaru Telescope) और NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) से प्राप्त डेटा का उपयोग किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकलोकटक प्रोटोक्लस्टर (Loktak Protocluster): प्रारंभिक ब्रह्मांड में खोजा गया एक प्राचीन गैलेक्सी सिटी/प्रोटोक्लस्टर।
  • विज्ञान-तकनीकसुबारू टेलिस्कोप (Subaru Telescope): खोज के लिए डेटा इकट्ठा करने के लिए उपयोग किए गए उपकरणों में से एक।
  • विज्ञान-तकनीकजेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope - JWST): कॉस्मिक विसंगति (cosmic anomaly) को उजागर करने के लिए NASA के नेतृत्व में संचालित एक स्पेस ऑब्जर्वेटरी।
  • तथ्ययह खोज बताती है कि भीड़भाड़ वाले कॉस्मिक वातावरण (cosmic environments) ने शुरुआती गैलेक्सी के विकास को गति दी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रारंभिक ब्रह्मांड के प्रोटो-क्लस्टर्स (protoclusters) में हाल की खोजें आकाशगंगाओं के विकास के मौजूदा मॉडलों और आकाशगंगा निर्माण में ब्रह्मांडीय परिवेश की भूमिका को किस प्रकार चुनौती देती हैं? चर्चा कीजिए।

  • इवोल्यूशनरी शिफ्ट: भीड़भाड़ वाले कॉस्मिक एनवायरनमेंट में तेज़ ग्रोथ के प्रमाण बनाम लीनियर ग्रोथ मॉडल
  • ऑब्जर्वेशनल लीप: ग्राउंड-बेस्ड सुबारु डेटा और स्पेस-बेस्ड JWST क्षमताओं का एकीकरण

मुख्य शब्द: गैलेक्टिक इवोल्यूशन · प्रोटोक्लस्टर · एस्ट्रोफिजिक्स · कॉस्मिक एनवायरनमेंट · जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकप्रीलिम्स

भारत सरकार 1 जून के बाद शुरू होने वाले सभी नेट-मीटरिंग और ओपन-एक्सेस प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल्स (Solar Cells) के उपयोग को अनिवार्य करने वाले नए नियम लागू कर रही है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार 1 जून के बाद शुरू होने वाले सभी नेट-मीटरिंग और ओपन-एक्सेस प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल्स (Solar Cells) के उपयोग को अनिवार्य करने वाले नए नियम लागू कर रही है।

नया नियम नेट-मीटरिंग और ओपन-एक्सेस प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल्स के उपयोग को अनिवार्य बनाता है। यह नियम 1 जून, 2026 के बाद शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट सेवाएं शुरू करेगा।
  • स्थानजेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-NCR क्षेत्र की सेवा करने वाला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।
  • तथ्यकक्षा 12 के छात्रों के लिए CBSE की री-इवैल्यूएशन (re-evaluation) प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी।
  • तथ्यSouthern Railway ने चेन्नई Beach–Tambaram–Chengalpattu कॉरिडोर पर 200 से अधिक सबअर्बन ट्रेन सेवाओं के लिए संशोधित शेड्यूल जारी किए हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: घरेलू सौर सेल के लिए निर्धारित अधिदेश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों और 'मेक इन इंडिया' पहल के साथ किस प्रकार संरेखित होता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: घरेलू ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थिर करने के लिए आयातित सोलर कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
  • ट्रेड-ऑफ एनालिसिस: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मैंडेट और बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल कैपेसिटी विस्तार की तत्काल ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · घरेलू मैन्युफैक्चरिंग · नेट-मीटरिंग · नवीकरणीय ऊर्जा · मेक इन इंडिया

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

बलिंकइट (Blinkit) द्वारा कथित तौर पर खराब दही बेचने के कारण एक उपभोक्ता के बीमार होने के मामले में

चर्चा में क्यों: बलिंकइट (Blinkit) द्वारा कथित तौर पर खराब दही बेचने के कारण एक उपभोक्ता के बीमार होने के मामले में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी से स्पष्टीकरण और कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report - ATR) मांगी है।

FSSAI भारत में खाद्य सुरक्षा के लिए प्राथमिक रेगुलेटरी बॉडी (Regulatory Body) है। इस शिकायत में एक उपभोक्ता ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के माध्यम से दही खरीदने के बाद पेट दर्द और दस्त की समस्या का सामना किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाFSSAI: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया।
  • तथ्यBlinkit: भारत में एक क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) प्लेटफॉर्म।
  • पदFSSAI खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता नियमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में तेजी से विस्तारित होते क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स खाद्य वितरण पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित करने में आने वाली विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: डिसेंट्रलाइज्ड डार्क स्टोर्स और थर्ड-पार्टी डिलीवरी लॉजिस्टिक्स की निगरानी में मुश्किल
  • लायबिलिटी की अस्पष्टता: प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर और व्यक्तिगत वेंडर के बीच जवाबदेही तय करना
  • स्टैंडर्डाइजेशन की बाधा: हाई-स्पीड डिलीवरी मॉडल में खराब होने वाले सामान के लिए कोल्ड चेन की शुद्धता बनाए रखना

मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · क्विक कॉमर्स · रेगुलेटरी ओवरसाइट · उपभोक्ता संरक्षण · सार्वजनिक स्वास्थ्य

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

OpenAI के एडवांस AI मॉडल ने यूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम (Unit Distance Problem) से संबंधित पॉल एर्डोस (Paul Erdos) के एक पुराने गणितीय अनुमान (Mathematical Conjecture) को गलत साबित कर दिया है

चर्चा में क्यों: OpenAI के एडवांस AI मॉडल ने यूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम (Unit Distance Problem) से संबंधित पॉल एर्डोस (Paul Erdos) के एक पुराने गणितीय अनुमान (Mathematical Conjecture) को गलत साबित कर दिया है।

AI मॉडल ने कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (Combinatorial Geometry) में ऐसे उदाहरण खोजे हैं जो यह दर्शाते हैं कि एक निश्चित दूरी (एक यूनिट) पर स्थित बिंदुओं के जोड़ों की अधिकतम संख्या, पहले से अनुमानित सीमाओं से अधिक हो सकती है। यह खोज उस समस्या का समाधान करती है जिसने दशकों से विशेषज्ञों को उलझाए रखा था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकयूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम (Unit distance problem): कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (combinatorial geometry) की एक समस्या, जो एक निश्चित दूरी (एक यूनिट) पर स्थित बिंदुओं के अधिकतम जोड़ों की संख्या से संबंधित है।
  • विज्ञान-तकनीकOpenAI: वह संगठन जिसका एडवांस AI मॉडल ने Paul Erdos conjecture को गलत साबित किया।
  • तथ्ययह गणितीय अनुमान (conjecture) कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (combinatorial geometry) की एक पुरानी समस्या थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मौलिक विज्ञान के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सफलताओं के निहितार्थों और मौलिक वैज्ञानिक अनुसंधान को स्वायत्त मॉडलों को सौंपने से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।

  • एपिस्टेमिक शिफ्ट: जटिल गणित में इंसान द्वारा किए जाने वाले हाइपोथिसिस टेस्टिंग से AI-आधारित पैटर्न रिकग्निशन की ओर बदलाव
  • रिसर्च का लोकतंत्रीकरण: वैज्ञानिक खोजों को तेज़ करने के लिए AI की क्षमता और थ्योरिटिकल फ्रेमवर्क्स में मानवीय अंतर्ज्ञान खोने का जोखिम

मुख्य शब्द: कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · वैज्ञानिक अनुसंधान · ऑटोमेटेड रीजनिंग · गणितीय अनुमान

GS3 के अन्य विषय

अर्थव्यवस्था · कृषि · पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी · आपदा प्रबंधन · आंतरिक सुरक्षा

दैनिक संग्रह →साप्ताहिक और मासिक पीडीएफ →