GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 6
चर्चा में क्यों: भारत और यूरोपीय संघ (European Union) ने भारतीय शोधकर्ताओं को 'होरिजन यूरोप' (Horizon Europe) कार्यक्रम से सीधे फंडिंग प्राप्त करने के लिए बातचीत पूरी कर ली है।
होरिजन यूरोप (Horizon Europe) यूरोपीय संघ की 93.5 बिलियन यूरो की एक शोध पहल है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच औपचारिक समझौता व्यापक रणनीतिक साझेदारी और लंबित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Deal) के हिस्से के रूप में जनवरी में होने की उम्मीद है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यHorizon Europe एक रिसर्च इनिशिएटिव (research initiative) है जिसका बजट 93.5 बिलियन यूरो है।
- संस्थाHorizon Europe यूरोपीय यूनियन (European Union) का एक रिसर्च प्रोग्राम है।
- पदयह समझौता भारतीय शोधकर्ताओं को मल्टी-नेशनल प्रोजेक्ट्स के लिए सीधा फंड प्राप्त करने की अनुमति देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैज्ञानिक सहयोग और अनुसंधान वित्तपोषण ढाँचे किस प्रकार भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।
- नॉलेज इक्विटी: मल्टी-नेशनल रिसर्च प्रोजेक्ट्स में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का संतुलन
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: विविध फंडिंग स्रोतों के जरिए गैर-EU रिसर्च इकोसिस्टम पर निर्भरता कम करना
- ट्रेड-साइंस नेक्सस: आगामी भारत-EU फ्री ट्रेड डील के लिए रिसर्च सहयोग को एक बुनियादी स्तंभ के रूप में इस्तेमाल करना
मुख्य शब्द: वैज्ञानिक सहयोग · रणनीतिक साझेदारी · रिसर्च फंडिंग · तकनीकी हस्तांतरण · हॉराइजन यूरोप
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने तेलंगाना के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए 359 अतिरिक्त स्नातकोत्तर (Postgraduate) मेडिकल सीटों को मंजूरी दी है।
NMC ने 6 नवंबर को सीट मैट्रिक्स को अपडेट किया, जिसके तहत तेलंगाना में कुल सरकारी सीटों की संख्या 1,266 से बढ़ाकर 1,625 कर दी गई है। इस विस्तार में 13 नए कॉलेजों के पाठ्यक्रम शामिल हैं, जिसमें NIMS में 107 सीटों और ESIC में 106 सीटों के लिए विशेष मंजूरी दी गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- संस्थानेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission - NMC) वह संस्था है जो मेडिकल सीट मैट्रिक्स को अपडेट करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यतेलंगाना में सरकारी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या 1,266 से बढ़कर 1,625 हो गई है।
- तथ्यNIMS को 107 अतिरिक्त सीटों के लिए मंजूरी मिली।
- तथ्यESIC को 106 अतिरिक्त सीटों के लिए मंजूरी मिली।
- स्थानइस विस्तार में तेलंगाना के 13 नए कॉलेजों को शामिल किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता और मानव संसाधन विकास में सुधार हेतु सरकारी संस्थानों में स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों के विस्तार के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सीटों के विस्तार और स्पेशलाइज्ड क्लिनिकल ट्रेनिंग व मॉडर्न डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट की उपलब्धता के बीच संतुलन
- मानव संसाधन वितरण: सीटों की संख्या बढ़ने के बावजूद विशेषज्ञों की उपलब्धता में ग्रामीण-शहरी अंतर को दूर करना
मुख्य शब्द: स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · मानव संसाधन विकास · सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुलभता · मेडिकल एजुकेशन पॉलिसी
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कॉलेज के छात्रों के तकनीकी कौशल को बढ़ाने के लिए 'वेत्री लैपटॉप स्कीम' (Vetri Laptop Scheme) के लिए ₹2,000 करोड़ की मंजूरी का आदेश दिया है।
तमिलनाडु राज्य सरकार ने 7 नवंबर, 2026 को 'वेत्री लैपटॉप योजना' (Vetri Laptop Scheme) के लिए ₹2,000 करोड़ का बजट स्वीकृत किया। इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ तमिलनाडु (ELCOT) को शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 के लिए पात्र स्नातक और डिप्लोमा छात्रों के लिए लैपटॉप खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाVetri लैपटॉप स्कीम: अंडरग्रेजुएट और डिप्लोमा छात्रों को लैपटॉप प्रदान करने के लिए तमिलनाडु सरकार की एक पहल।
- तथ्यVetri लैपटॉप स्कीम के लिए ₹2,000 करोड़ स्वीकृत।
- संस्थाELCOT: इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ तमिलनाडु (Electronics Corporation of Tamil Nadu), वह संस्था जो इस स्कीम के तहत लैपटॉप की खरीद के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यकार्यान्वयन अवधि: 2026-2027 शैक्षणिक वर्ष।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह चर्चा कीजिए कि 'वेत्री लैपटॉप योजना' जैसी राज्य-संचालित तकनीकी हस्तक्षेप किस प्रकार डिजिटल विभाजन को पाटने और उच्च शिक्षा में मानव पूंजी को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकते हैं।
- डिजिटल इक्विटी: ग्रामीण और शहरी छात्रों के लिए हाई-एंड कंप्यूटिंग संसाधनों तक पहुंच में अंतर को दूर करना
- स्किल अलाइनमेंट: एकेडमिक सिलेबस और इंडस्ट्री की डिमांड वाले तकनीकी कॉम्पिटेंसी के बीच के अंतर को कम करना
- राजकोषीय स्थिरता: हार्डवेयर पर बड़े पैमाने के कैपिटल एक्सपेंडिचर और लंबे समय तक चलने वाले मेंटेनेंस और सॉफ्टवेयर अपडेट्स के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: डिजिटल डिवाइड · मानव पूंजी · कौशल विकास · सार्वजनिक व्यय · तकनीकी साक्षरता
चर्चा में क्यों: कोलकाता हाई कोर्ट ने कोलकाता नगर निगम चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। यह फैसला दीपु दास द्वारा दायर एक याचिका पर आधारित है, जिसमें वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने के फैसले को चुनौती दी गई है।
कोलकाता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग को चुनाव संबंधी अधिसूचना जारी करने से रोक दिया है। यह कानूनी चुनौती सरकार द्वारा किए गए सीमांकन (delimitation) अभ्यास से जुड़ी है, जिसके तहत कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 कर दी गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थापश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग: राज्य में म्युनिसिपल इलेक्शन (municipal elections) आयोजित करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- तथ्यकोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (Kolkata Municipal Corporation) के वार्डों की संख्या सरकार द्वारा किए गए डेलिमिटेशन (delimitation) अभ्यास के बाद 144 से बढ़कर 209 हो गई है।
- स्थानकलकत्ता हाई कोर्ट: वह न्यायिक निकाय जिसने चुनाव नोटिफिकेशन (election notifications) पर रोक लगाई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी स्थानीय शासन में वार्डों के सीमांकन के महत्व और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करने में न्यायिक निरीक्षण की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- प्रशासनिक टकराव: राज्य-नेतृत्व वाले सीमांकन प्रयासों और वार्ड सीमाओं की न्यायिक जांच के बीच विवाद
- लोकतांत्रिक अखंडता: तेज़ी से शहरीकरण वाले शहरों में सटीक वार्ड मैपिंग के ज़रिए समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना
- कानूनी अनिश्चितता: रुके हुए नोटिफिकेशन का चुनावी कैलेंडर और नागरिक निकाय की कार्यप्रणाली पर असर
मुख्य शब्द: वार्ड सीमांकन · शहरी स्थानीय निकाय · न्यायिक समीक्षा · चुनावी अखंडता · नगर निगम शासन
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा को निर्देश दिया है कि वे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के 7.19% हिस्से से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए अगले 20 वर्षों में हिमाचल प्रदेश को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति करें।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, 20 साल की अवधि के दौरान 11,973 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति करना अनिवार्य है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस समझौते से राज्य के लिए ₹10,000 करोड़ से ₹20,000 करोड़ तक का राजस्व उत्पन्न हो सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने 20 साल की अवधि के दौरान 11,973 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति का निर्देश दिया।
- तथ्ययह विवाद हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के 7.19% हिस्से से संबंधित है।
- स्थानयह फैसला हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा राज्यों से संबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में अंतर-राज्यीय शक्ति साझाकरण समझौतों के महत्व की चर्चा कीजिए।
- राजस्व जुटाना: हिमाचल प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक सेवाओं के लिए ₹10,000-₹20,000 करोड़ राजस्व जुटाने की संभावना
- अंतर-राज्यीय सहयोग: पड़ोसी राज्यों के बीच हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट शेयर विवादों को सुलझाने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप
- संसाधन वितरण: क्षेत्रीय ऊर्जा मांगों और हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर उत्पादन के समान वितरण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सहकारी संघवाद · अंतर-राज्यीय विवाद · हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स · राजस्व सृजन · न्यायिक हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: एक अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) के प्रतिनिधिमंडल ने महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) में साझेदारी और तेलंगाना में डेटा सेंटर स्थापित करने के संबंध में चर्चा करने के लिए सिंगरेनी कोलियर्स कंपनी लिमिटेड (SCCL) के साथ बैठक की।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हैदराबाद स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) के मेरेडिथ मेट्ज़लर ने किया और उन्होंने SCCL के सीएमडी डॉ. बुद्धप्रकाश ज्योति से मुलाकात की। चर्चा मुख्य रूप से रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) के निष्कर्षण के लिए तकनीकी सहयोग और तेलंगाना में डेटा सेंटर स्थापित करने पर केंद्रित रही।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदमरेडिथ मेट्ज़लर: हैदराबाद में US Consulate के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
- तथ्यSCCL: सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड (Singareni Collieries Company Ltd), तेलंगाना में एक प्रमुख माइनिंग इकाई।
- विज्ञान-तकनीकरेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements): तकनीकी सहयोग और निष्कर्षण (extraction) के लिए लक्षित खनिज।
- स्थानतेलंगाना: डेटा सेंटर (Data Centres) स्थापित करने के लिए प्रस्तावित स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तकनीकी संप्रभुता और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण खनिजों और डेटा बुनियादी ढांचे के रणनीतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
- सप्लाई चेन सुरक्षा: रेयर अर्थ एलिमेंट्स के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम करना
- डेटा संप्रभुता: इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट और नेशनल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स के बीच संतुलन
- आर्थिक तालमेल: प्राइवेट सेक्टर के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पब्लिक सेक्टर की माइनिंग विशेषज्ञता का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: क्रिटिकल मिनरल्स · दुर्लभ अर्थ एलिमेंट्स · डेटा संप्रभुता · रणनीतिक साझेदारी · तकनीकी सहयोग
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 12
GS3आंतरिक सुरक्षा › मनी लॉन्ड्रिंग एवं संगठित अपराधप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि डायरेक्टोरेट ऑफ एनफोर्समेंट (ED) मनी-लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू करने के लिए निजी शिकायतें दर्ज करके 'सुपर कॉप' के रूप में कार्य नहीं कर सकता।
अदालत ने यह माना कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पास 'प्रिवेंशन ऑफ मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत प्राप्त शक्तियाँ व्युत्पन्न (derivative) हैं। अदालत ने यह भी फैसला दिया कि जब आधारभूत अपराध (predicate offence) खारिज कर दिया जाता है, तो ED को स्वतंत्र रूप से जांच करने के बजाय संबंधित सक्षम एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करनी चाहिए।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- अधिनियम / विधेयकPMLA: Prevention of Money-Laundering Act, ED की जांच शक्तियों को नियंत्रित करता है।
- तथ्यकोर्ट ने फैसला दिया कि ED की शक्तियाँ व्युत्पन्न (derivative) हैं, जिसके लिए सक्षम एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करना आवश्यक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के अंतर्गत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शक्तियों की 'व्युत्पन्न' (derivative) प्रकृति, एक संतुलित जांच ढांचे को सुनिश्चित करने में निहित संवैधानिक और कानूनी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- क्षेत्राधिकार का ओवरलैप: स्वतंत्र जांच जनादेश और साझा इंटेलिजेंस की ज़रूरत के बीच टकराव
- न्यायिक निगरानी: मनमानी जांच के खिलाफ व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा और तेज़ मनी-लॉन्ड्रिंग कार्रवाई की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: व्युत्पन्न शक्तियाँ · प्रिक्रेडिट ऑफेंस · न्यायिक निगरानी · संस्थागत स्वायत्तता · मनी लॉन्ड्रिंग
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली 2026 के लिए दिल्ली-NCR में प्रमाणित ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति दी है, साथ ही इसके लिए विशिष्ट समय सीमा और दूरी संबंधी प्रतिबंधों को अनिवार्य किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने केवल CSIR-NEERI और PESO द्वारा प्रमाणित निर्माताओं से ही हरित पटाखों (green firecrackers) की अनुमति दी है। अस्पतालों और स्कूलों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे चलाना प्रतिबंधित है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यप्रोहिबिटेड ज़ोन (Prohibited zone): अस्पतालों और स्कूलों के 300 मीटर के दायरे में पटाखों पर प्रतिबंध है।
- स्थानदिल्ली-NCR: वह क्षेत्र जहाँ कोर्ट ने दीपावली 2026 के लिए सर्टिफाइड ग्रीन फायरक्रैकर्स (certified green firecrackers) की अनुमति दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी केंद्रों में धार्मिक स्वतंत्रता के प्रयोग और स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार को सुनिश्चित करने के राज्य के दायित्व के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: 'ग्रीन' सर्टिफिकेशन मानकों के रियल-टाइम कंप्लायंस की निगरानी में जटिलता
- सार्वजनिक स्वास्थ्य का ट्रेड-ऑफ: घने शहरी इलाकों में सांस्कृतिक प्रथाओं और गंभीर श्वसन संकट के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: जीवन का अधिकार · पर्यावरण गवर्नेंस · रेगुलेटरी कंप्लायंस · सतत विकास · सार्वजनिक स्वास्थ्य
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने त्योहारों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और नई दिल्ली में भीड़भाड़ को कम करने के लिए 28 प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ की निगरानी के लिए एक 'वॉर रूम' (war room) के उपयोग की घोषणा की है।
भारतीय रेलवे ने त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को प्रबंधित करने के लिए 18,000 से अधिक अतिरिक्त ट्रेनें संचालित कीं। यह पिछले वर्ष संचालित की गई 12,000 विशेष ट्रेनों की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि है। नेटवर्क के 28 प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ के घनत्व (crowd density) की निगरानी के लिए एक 'वॉर रूम' (war room) बनाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारतीय रेलवे ने 2026 में त्योहारों के दौरान भीड़ को देखते हुए 18,000 से अधिक अतिरिक्त ट्रेनें व्यवस्थित कीं।
- तथ्यपिछले वर्ष में आयोजित की गई स्पेशल ट्रेनों की संख्या 12,000 थी।
- तथ्ययह 'war room' इंडियन रेलवे नेटवर्क के 28 प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ की निगरानी करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रेलवे में वास्तविक समय के डेटा विश्लेषण (real-time data analytics) और 'वॉर रूम' (war rooms) के एकीकरण से परिचालन दक्षता और यात्री सुरक्षा को किस प्रकार सुधारा जा सकता है, चर्चा कीजिए।
- डेटा-आधारित लॉजिस्टिक्स: ट्रेन फ्रीक्वेंसी और प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए रियल-टाइम क्राउड मॉनिटरिंग
- इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: मौजूदा स्टेशन क्षमता और सिग्नलिंग लिमिट के साथ तेज़ी से बढ़ती यात्री मांग को संतुलित करना
मुख्य शब्द: रियल-टाइम मॉनिटरिंग · ऑपरेशनल एफिशिएंसी · भीड़ प्रबंधन · डेटा-आधारित गवर्नेंस
GS3कृषि › MSP, खरीद, PDS एवं खाद्य सुरक्षाप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने अपनी फसल ऋण माफी योजना (Crop Loan Waiver Scheme) को पुनर्गठित करने के लिए ₹2,842.77 करोड़ की मंजूरी दी है, जिसके तहत पात्र किसानों को ₹75,000 की निश्चित राशि माफ की जाएगी।
सहयोग, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस योजना की घोषणा की है, जो 31 मार्च, 2026 तक प्राप्त ऋणों को कवर करती है। संशोधित योजना के लिए कुल अनुमानित व्यय ₹9,062.83 करोड़ है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यतमिलनाडु सरकार ने संशोधित क्रॉप लोन वेवर स्कीम (crop loan waiver scheme) के लिए अतिरिक्त ₹2,842.77 करोड़ स्वीकृत किए।
- तथ्यसंशोधित योजना के लिए कुल अनुमानित खर्च ₹9,062.83 करोड़ है।
- तथ्ययह योजना ₹75,000 से अधिक के ऋण वाले किसानों के लिए ₹75,000 की फ्लैट वेवर (waiver) प्रदान करती है।
- तथ्यपात्रता 31 मार्च, 2026 तक प्राप्त ऋणों तक विस्तारित है।
- संस्थाइस योजना की घोषणा तमिलनाडु के Cooperation, Food and Consumer Protection Department द्वारा की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य द्वारा प्रायोजित फसल ऋण माफी योजनाओं के कृषि स्थिरता और राज्य के ऋण पर पड़ने वाले राजकोषीय निहितार्थों एवं सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए।
- राजकोषीय दबाव: राज्य के खजाने और दीर्घकालिक राजकोषीय घाटे पर बड़े पैमाने पर कर्ज माफी का प्रभाव
- क्रेडिट साइकिल में रुकावट: छोटे किसानों को सहकारी बैंकों और प्राइवेट लेनडर्स द्वारा कम लोन देने की संभावना
- कर्ज के जाल से मुक्ति: संकट में फंसे किसानों के लिए ब्याज सब्सिडी वाली क्रेडिट के मुकाबले फ्लैट-सम वेवर की प्रभावशीलता
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · कृषि संकट · कर्ज माफी · क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी · राज्य व्यय
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मद्रास हाई कोर्ट ने ए. जोसेफ सगायरज द्वारा दायर एक PIL (पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन) को खारिज कर दिया है। यह याचिका गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFCs) द्वारा सोने के गहनों की नीलामी को विनियमित करने की मांग करती थी। यह फैसला RBI द्वारा मौजूदा फेयर प्रैक्टिस कोड (Fair Practices Code) के दिशा-निर्देशों की पुष्टि करने के बाद लिया गया।
मद्रास हाई कोर्ट ने ए. जोसेफ सगायरज द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) का निपटारा कर दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने यह स्पष्ट किया कि NBFCs के लिए सुचारू संचालन और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) सुनिश्चित करने हेतु उसने पहले ही 'फेयर प्रैक्टिस कोड' (Fair Practices Code) के लिए दिशा-निर्देश और गाइडलाइन्स जारी कर दिए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाRBI: भारत में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (NBFCs) के लिए प्राथमिक नियामक संस्था।
- तथ्यFair Practices Code: NBFCs के लिए साउंड ऑपरेशंस और एसेट क्वालिटी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से RBI द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन्स।
- स्थानमद्रास हाई कोर्ट: वह न्यायिक निकाय जिसने गोल्ड ज्वेलरी ऑक्शन (gold jewellery auctions) से संबंधित PIL का निपटारा किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 'उचित व्यवहार संहिता' (Fair Practices Code) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: शिकारी प्रथाओं को रोकने के लिए NBFCs द्वारा स्टैंडर्डाइज्ड ऑक्शन प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना
- उपभोक्ता संरक्षण: संस्थागत एसेट क्वालिटी आवश्यकताओं और सोने के गहनों के मालिकों के अधिकारों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · उपभोक्ता संरक्षण · एसेट क्वालिटी · फेयर प्रैक्टिसेज कोड · NBFC रेगुलेशन
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने 304 सूखा प्रभावित तालुकाओं में जलाशयों और टैंकों में स्थित खाली खेती योग्य भूमि को किसानों और पशुपालकों को कम अवधि वाली चारे की फसल उगाने के लिए पट्टे पर देने का निर्णय लिया है।
महाराष्ट्र सरकार 304 सूखा प्रभावित तालुकाओं में जलाशयों और टैंकों में स्थित खुले कृषि योग्य भूमि को लीज पर दे रही है। भूमि आवंटन के प्रबंधन के लिए मृदा और जल संरक्षण विभाग ने 5 नवंबर को तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यमहाराष्ट्र के 304 सूखा-घोषित (drought-declared) तालुकाओं को रिज़र्वोयर लैंड लीजिंग (reservoir land leasing) के लिए पहचाना गया है।
- संस्थाभूमि आवंटन के लिए तकनीकी दिशा-निर्देश जारी करने वाली संस्था Soil and Water Conservation Department है।
- तथ्ययह पहल 2026 खरीफ सीजन में बारिश की कमी के कारण कम अवधि वाली चारे की फसलों (fodder crops) को लक्षित करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अत्यधिक वर्षा की कमी की अवधि के दौरान चारा सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य-नेतृत्व वाले भूमि प्रबंधन और जलाशय उपयोग की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- संसाधन अनुकूलन: पशु आहार के लिए कृषि भूमि के उपयोग के साथ जलाशय के पानी के संरक्षण में संतुलन
- क्लाइमेट रेजिलिएंस: कम अवधि वाली फसलों में विविधता लाकर खरीफ सीजन की बारिश के झटकों को कम करना
- संस्थागत ढांचा: रिज़र्वोयर लीज़िंग के दौरान भूमि क्षरण को रोकने में तकनीकी गाइडलाइन्स की भूमिका
मुख्य शब्द: चारा सुरक्षा · संसाधन अनुकूलन · क्लाइमेट रेजिलिएंस · भूमि प्रबंधन · सूखे से बचाव
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने छात्रवृत्ति और लोक प्रशासन (Public Administration) में उनके योगदान के लिए के. चोक्कलिंगम को वर्ष 2026 के लिए 'डॉ. राजेंद्र प्रसाद अवार्ड फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस' से सम्मानित किया।
यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (IIPA) की वार्षिक बैठक के दौरान प्रदान किया गया। यह सम्मान के. चोक्कलिंगम के छात्रवृत्ति और लोक प्रशासन के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक लंबे करियर को मान्यता देता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाIIPA: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (Indian Institute of Public Administration) वह संस्था है जो वार्षिक बैठक की मेजबानी करती है।
- पदसी. पी. राधाकृष्णन: भारत के उपराष्ट्रपति।
- तथ्ययह पुरस्कार पांच दशकों से अधिक लंबे करियर को मान्यता देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वजनिक प्रशासन और शासन को सुदृढ़ करने में शैक्षणिक उत्कृष्टता और विद्वत्ता की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत ज्ञान: बेहतर नीति निर्माण के लिए प्रशासनिक विद्वता का संरक्षण
- एकेडमिक-गवर्नेंस लिंक: थ्योरेटिकल रिसर्च और प्रैक्टिकल पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के बीच की दूरी को कम करना
मुख्य शब्द: लोक प्रशासन · शैक्षणिक उत्कृष्टता · स्कॉलरशिप · शासन व्यवस्था · संस्थागत ज्ञान
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: असम सरकार ने प्रवासी शिकारियों (migratory raptors) को होने वाली किसी भी चोट या परेशानी को रोकने के लिए अमूर फाल्कन के जमावड़े वाले स्थानों के पास ड्रोन संचालन पर रोक लगा दी है।
असम सरकार ने 6 नवंबर, 2026 को मनोरंजन, वाणिज्यिक और गैर-जरूरी ड्रोन उड़ानों पर प्रतिबंध लागू किया। इस आदेश का उद्देश्य प्रवासी रैप्टर्स (migratory raptors) की सुरक्षा करना है और इसमें प्रवर्तन के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित करने का निर्देश भी शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानAmur falcon के congregation sites असम में स्थित हैं।
- पर्यावरणअमूर फाल्कन (Amur falcons) प्रवासी रैप्टर्स (migratory raptors) हैं।
- तथ्ययह प्रतिबंध मनोरंजक, व्यावसायिक और गैर-जरूरी ड्रोन उड़ानों को कवर करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रवासन गलियारों (migratory corridors) में तकनीकी प्रगति और वन्यजीव संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए। राज्य सरकारें मनोरंजक गतिविधियों और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकती हैं? चर्चा कीजिए।
- एन्फोर्समेंट में बाधा: दूरदराज के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अनधिकृत ड्रोन उड़ानों की निगरानी में मुश्किल
- रेगुलेटरी गैप: मौजूदा पर्यावरण कानूनों में ड्रोन से संबंधित वन्यजीव सुरक्षा दिशानिर्देशों की कमी
मुख्य शब्द: प्रवासी रैप्टर्स · पारिस्थितिक संरक्षण · वन्यजीव संरक्षण · ड्रोन रेगुलेशन · जैव विविधता संरक्षण
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी शांति प्रयासों के बीच सिक्किम में नाथू ला पर सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाने वाले हैं।
रक्षा मंत्री शेरथंग वॉर मेमोरियल का दौरा करेंगे और नथु ला में तैनात सैनिकों के साथ सप्ताहांत बिताएंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन लद्दाख सेक्टर से इतर सैन्य संवाद तंत्र (military dialogue mechanisms) का विस्तार कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थाननाथु ला भारत-चीन सीमा पर सिक्किम में स्थित एक माउंटेन पास (mountain pass) है।
- संस्थाITBP (Indo-Tibetan Border Police) इस क्षेत्र की सीमा की रक्षा करने वाली प्राथमिक फोर्स है।
- तथ्यछह साल से अधिक के निलंबन के बाद, अगस्त 2026 में नाथू ला पास के माध्यम से सीमा पार व्यापार (Cross-border trade) फिर से शुरू हो गया।
- तथ्यईस्टर्न सेक्टर में पहली कॉर्प्स कमांडर-लेवल (Corps Commander-level) मीटिंग सितंबर 2026 में आयोजित की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-चीन सीमा विवाद के प्रबंधन में सैन्य संवाद तंत्र के विस्तार और व्यापारिक मार्गों की बहाली के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- डिप्लोमैटिक लेवरेज: तनाव कम करने के लिए नाथू ला पर व्यापार फिर से शुरू करने का इस्तेमाल
- संस्थागत विस्तार: लद्दाख-केंद्रित संवाद से आगे बढ़कर पूर्वी सेक्टर को शामिल करना
- सुरक्षा-व्यापार नेक्सस: सीमा सुरक्षा की ज़रूरतों और सीमा पार व्यापार की आर्थिक ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: वास्तविक नियंत्रण रेखा · तनाव कम करना · सीमा प्रबंधन · रणनीतिक संवाद · सीमा पार व्यापार
GS3कृषि › MSP, खरीद, PDS एवं खाद्य सुरक्षाप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्र ने कम मानसून के कारण बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए व्यापारियों और मिलर्स को चावल और धान के स्टॉक की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
खाद्य मंत्रालय ने 6 नवंबर, 2026 को व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, प्रोसेसर्स और मिलर्स को लक्षित करते हुए यह निर्देश जारी किया। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना—इन पांच राज्यों को 31 जनवरी, 2027 तक स्टॉक लिमिट (stock limits) लगाने के लिए अधिकृत किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यअधिकृत राज्यों में स्टॉक लिमिट (Stock limits) की अनुमति 31 जनवरी, 2027 तक दी गई है।
- तथ्ययह निर्देश चावल और धान के स्टॉक (stocks) को कवर करता है।
- तथ्यस्टॉक लिमिट के लिए अधिकृत राज्य: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मानसून जनित आपूर्ति झटकों की अवधि के दौरान खाद्य कीमतों को स्थिर करने में स्टॉक-सीमा नियमों और अनिवार्य घोषणाओं की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट डिस्टॉर्शन: कीमतों को दबाने की संभावना बनाम जमाखोरी से तत्काल राहत
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: खाद्य सुरक्षा में राज्य की स्वायत्तता और केंद्र के मार्केट ओवरसाइट के बीच संतुलन
- सूचना की असमानता: प्राइवेट और होलसेल स्टॉक लेवल की रियल-टाइम मॉनिटरिंग में चुनौतियां
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · मार्केट इंटरवेंशन · सप्लाई चेन मैनेजमेंट · जमाखोरी · कीमतों में उतार-चढ़ाव
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग के माध्यम से मानव-वन्यजीव संघर्ष (human-wildlife conflict) के लिए मुआवजे की दरों में वृद्धि करने का आदेश जारी किया है।
तमिलनाडु सरकार ने वन्यजीवों द्वारा गंभीर चोट लगने पर अधिकतम मुआवजे की राशि बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी है। फसल के नुकसान की सीमा ₹40,000 प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। साथ ही, पक्के मकानों के लिए मुआवजे को बढ़ाकर ₹1.5 लाख और दुधारू पशुओं के लिए ₹40,000 कर दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यतमिलनाडु में वन्यजीव संघर्ष (wildlife conflicts) के कारण होने वाली गंभीर मानव चोटों के लिए अधिकतम मुआवजा: ₹5 लाख।
- तथ्यतमिलनाडु में फसल नुकसान मुआवजे की सीमा: ₹40,000 प्रति एकड़।
- तथ्यतमिलनाडु में पक्के घरों के लिए मुआवजा: ₹1.5 लाख।
- तथ्यतमिलनाडु में दुधारू पशुओं के लिए मुआवजा: ₹40,000।
- संस्थापर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग: तमिलनाडु में मुआवजे के आदेश के लिए जिम्मेदार निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृषि प्रधान परिदृश्यों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के सामाजिक-आर्थिक निहितार्थों की चर्चा कीजिए और शमन रणनीति के रूप में मौद्रिक मुआवजे की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।
- आर्थिक सुभेद्यता: भारी फसल नुकसान और पशुओं पर हमला छोटे किसानों को ज्यादा प्रभावित कर रहा है
- पारिस्थितिक घर्षण: कृषि क्षेत्रों में आवास विखंडन से वन्यजीव-मानव संपर्क में बढ़ोतरी
- पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: वन्यजीव संरक्षण लक्ष्यों और ग्रामीण आबादी की तत्काल आजीविका सुरक्षा के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मानव-वन्यजीव संघर्ष · मुआवज़ा तंत्र · आजीविका सुरक्षा · आवास विखंडन · बचाव की रणनीति
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने शहरी जलवायु लचीलेपन (Climate Resilience) को बढ़ाने के लिए 'तेलंगाना राइजिंग 2047' विजन के तहत ₹20,000 करोड़ के प्रोजेक्ट पाइपलाइन और एक 'कूल रूफ पॉलिसी' की घोषणा की है।
तेलंगाना सरकार शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) के शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे में जलवायु संबंधी चिंताओं को एकीकृत करने के लिए एक रोडमैप तैयार कर रही है। इस पहल में लगभग ₹20,000 करोड़ की परियोजना पाइपलाइन और 'कूल रूफ पॉलिसी' (Cool Roof Policy) जैसी विशिष्ट नीतियां शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यतेलंगाना राइजिंग 2047: 2047 तक शहरों को क्लाइमेट रेजिलिएंट (climate resilient) बनाने का विजन।
- तथ्य₹20,000 करोड़: तेलंगाना में अर्बन क्लाइमेट रेजिलिएंस (Urban Climate Resilience) के लिए प्रोजेक्ट पाइपलाइन का अनुमानित मूल्य।
- योजनाCool Roof Policy: शहरी गर्मी (urban heat) को कम करने के लिए तेलंगाना द्वारा शुरू की गई एक विशिष्ट नीति।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से शहरीकरण की ओर अग्रसर भारतीय राज्यों में ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों को कम करने के लिए शहरी नियोजन में जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे के एकीकरण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- अर्बन हीट आइलैंड इफ़ेक्ट: कूल रूफ पॉलिसी और हीट-रिफ्लेक्टिव मटेरियल के ज़रिए समाधान
- संस्थागत एकीकरण: शहरी स्थानीय निकाय की प्लानिंग को राज्य स्तर के क्लाइमेट रेजिलिएंस लक्ष्यों के साथ जोड़ना
- राजकोषीय आवंटन: पारंपरिक विकास और जलवायु अनुकूलन के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च का संतुलन
मुख्य शब्द: क्लाइमेट रेजिलिएंस · अर्बन प्लानिंग · हीट आइलैंड इफेक्ट · सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर · क्लाइमेट एडैप्टेशन
ये सत्यधीश के अपने यूपीएससी नोट्स हैं, जो द हिंदू में छपी खबरों के आधार पर लिखे गए हैं। सत्यधीश का द हिंदू से कोई संबंध नहीं है। हर नोट में मूल खबर का लिंक है; पूरी खबर द हिंदू की वेबसाइट पर पढ़ें। नोट्स कैसे बनते हैं