लद्दाख में महिलाओं के विरोध के बाद सरकार ने वापस ली शराब नीति
चर्चा में क्यों: लद्दाख प्रशासन ने महिलाओं और विभिन्न सामुदायिक संगठनों द्वारा शराब की दुकानों की संख्या बढ़ाने की योजना के खिलाफ किए गए छह दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद, एक्साइज पॉलिसी 2026–27 (Excise Policy 2026–27) को वापस ले लिया है।
प्रशासन ने ऑल लद्दाख गोम्पा एसोसिएशन, लद्दाख बौद्ध एसोसिएशन, अंजुमन इमामिया-लेह और ऑल लद्दाख टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रस्तावित नीति का उद्देश्य लद्दाख में शराब की दुकानों की संख्या को 2 से बढ़ाकर 20 करना था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदलद्दाख का प्रशासन उपराज्यपाल (LG) प्रशासन द्वारा देखा जाता है।
- तथ्यप्रस्तावित Excise Policy 2026–27 का उद्देश्य शराब की दुकानों (liquor outlets) की संख्या को 2 से बढ़ाकर 20 करना था।
- स्थानलद्दाख भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में नीतिगत निर्णयों को आकार देने में नागरिक समाज और समुदाय-आधारित आंदोलनों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- डेमोक्रेटिक डेफिसिट: केंद्र शासित प्रदेशों में सीमित विधायी प्रतिनिधित्व के कारण LG की विवेकाधीन शक्तियों पर निर्भरता
- सामाजिक घर्षण: कमर्शियल लिकर लाइसेंसिंग और स्थानीय समुदायों की सांस्कृतिक/धार्मिक भावनाओं के बीच टकराव
मुख्य शब्द: सिविल सोसाइटी · केंद्र शासित प्रदेश · पॉलिसी रोलबैक · जनता का विरोध · प्रशासनिक विवेकाधिकार