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भाग I · स्था. 11.2025 
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राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, नदियों में प्रदूषण से 20 लाख लोग खतरे में

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पर्यावरण शासन और बफर ज़ोन: औद्योगिक विकास और नदी संरक्षण के बीच संतुलन पर एक GS3 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को जोझरी, लूनी और बांडी नदियों में औद्योगिक अपशिष्टों (Industrial effluents) से होने वाले प्रदूषण को रोकने में विफल रहने के लिए फटकार लगाई है, जिससे 20 लाख निवासी प्रभावित हो रहे हैं।

पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच द्वारा 2025 के एक फैसले में नदी के किनारों से 100 मीटर के भीतर निर्माण कार्य और 500 मीटर के भीतर खतरनाक उद्योगों पर रोक लगा दी है। प्रदूषण के मानकों को लागू करने में विफल रहने के कारण राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation) को इस मामले में दोषी पाया गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानजोजारी, लूणी और बांडी राजस्थान की नदियाँ हैं जो औद्योगिक प्रदूषण (industrial pollution) से प्रभावित हैं।
  • तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने नदी के किनारों से 100 मीटर के भीतर निर्माण पर रोक लगा दी है।
  • तथ्यनदियों के किनारों से 500 मीटर के भीतर खतरनाक उद्योगों (Hazardous industries) पर प्रतिबंध है।
  • संस्थाप्रदूषण मानकों को लागू करने में विफल रहने के लिए राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation) का नाम उद्धृत किया गया है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

राजस्थान में नदी प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. नदी के किनारों से 100 मीटर के भीतर निर्माण प्रतिबंधित है।
  2. राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (Rajasthan State Industrial Development and Investment Corporation) पर प्रदूषण के मानदंडों को लागू करने में विफल रहने के लिए कार्रवाई की गई।
  3. नदी के किनारों से 100 मीटर के भीतर खतरनाक उद्योगों (Hazardous industries) पर प्रतिबंध है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 2
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: नदी के किनारों से 500 मीटर के भीतर खतरनाक उद्योगों (Hazardous industries) पर प्रतिबंध है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में औद्योगिक विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का परीक्षण कीजिए। राज्य की संस्थाएं नदी घाटियों में प्रदूषण मानकों के कड़े प्रवर्तन को कैसे सुनिश्चित कर सकती हैं? विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: राज्य औद्योगिक निगमों की कमज़ोर निगरानी से सिस्टमेटिक एफ्लुएंट डिस्चार्ज हो रहा है
  • ज़ोनिंग विवाद: आर्थिक इंडस्ट्रियल हब और नदी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अनिवार्य बफर ज़ोन के बीच संतुलन
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा: औद्योगिक प्रदूषण सीधे लाखों निवासियों के पीने योग्य पानी और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है

मुख्य शब्द: पर्यावरण गवर्नेंस · प्रदूषण के नियम · औद्योगिक अपशिष्ट · बफर ज़ोन · रेगुलेटरी एनफोर्समेंट

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।