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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत में सेमीकंडक्टर टैलेंट की कमी, 15 लाख से 20 लाख इंजीनियर्स में प्रैक्टिकल स्किल नहीं

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग· प्रीलिम्स + मेन्स·

कौशल अंतराल (Skill gap) और मानव पूंजी विकास (Human capital development): GS3 और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology) के लिए एक प्रमुख विषय।

चर्चा में क्यों

SRM Presents The Hindu Semiconductor Summit 2026 के पैनलिस्ट्स ने एक महत्वपूर्ण टैलेंट गैप (talent gap) की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ 15-20 लाख स्नातक इंजीनियरों में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए व्यावहारिक कौशल (practical competence) की कमी है।

पृष्ठभूमि

इस शिखर सम्मेलन में PRSsemicon Technologies, तमिलनाडु सरकार और Synopsys Inc. के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें यह नोट किया गया कि हालांकि भारत के पास वैश्विक डिजाइन टैलेंट का 20% हिस्सा है, लेकिन विनिर्माण (manufacturing) में कमी है और उद्योग-आधारित परियोजनाओं की आवश्यकता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यभारत सालाना 15 लाख से 20 लाख इंजीनियर्स पैदा करता है।
  • तथ्यभारत के पास वैश्विक सेमीकंडक्टर डिज़ाइन टैलेंट का 20% हिस्सा है।
  • योजनासेमीकंडक्टर विकास के लिए Design Linked Incentive (DLI) और Chips to Startup प्रमुख योजनाएं हैं।
  • संस्थाSRM इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने इस समिट की मेजबानी की।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत के सेमीकंडक्टर (Semiconductor) उद्योग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. Chips to Startup स्कीम सेमीकंडक्टर ग्रोथ के लिए कोई मुख्य योजना नहीं है।
  2. भारत सालाना 50 लाख इंजीनियर्स पैदा करता है जिनमें व्यावहारिक दक्षता (practical competence) की कमी होती है।
  3. भारत के पास वैश्विक सेमीकंडक्टर डिज़ाइन टैलेंट का 20% हिस्सा है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 2
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 3 — कथन 3 सही है। कथन 1 गलत है: सेमीकंडक्टर ग्रोथ के लिए 'Chips to Startup' एक प्रमुख योजना है। कथन 2 गलत है: भारत 15 लाख से 20 लाख इंजीनियर पैदा करता है जिनमें व्यावहारिक क्षमता (practical competence) की कमी होती है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के अर्धचालक विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (semiconductor manufacturing ecosystem) की व्यावहारिक आवश्यकताओं और शैक्षणिक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के बीच मौजूद अंतराल को पाटने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • करिकुलम में अंतर: एकेडमिक्स का फोकस थ्योरी पर बनाम इंडस्ट्री की प्रैक्टिकल फैब्रिकेशन और डिज़ाइन स्किल्स की मांग
  • इंसेंटिव अलाइनमेंट: इंडस्ट्री-एकेडेमिया प्रोजेक्ट इंटीग्रेशन को बढ़ावा देने के लिए DLI और चिप्स टू स्टार्टअप का लाभ उठाना
  • स्किल डेफिसिट: हाई-एंड चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए ज़रूरी कोर बेसिक्स और माइंडसेट शिफ्ट की कमी को दूर करना

मुख्य शब्द: स्किल गैप · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंकेज · डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव · मानव पूंजी विकास

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · उद्योग, निवेश एवं MSME

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।