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भाग I · स्था. 11.2025 
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हाउसिंग लोन की लिमिट बढ़ी, अब 1.40 करोड़ तक मिलेगा लोन

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग· प्रीलिम्स·

सहकारी बैंकिंग और ऋण विस्तार: वित्तीय समावेशन और शहरी आवास की मांग से संबंधित एक GS3 विषय।

चर्चा में क्यों

सहकारिता मंत्री वी. गंधीराज ने ऋण तक पहुंच बढ़ाने के लिए अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों (UCBs) और अर्बन कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटियों (UCCSs) के लिए संशोधित हाउसिंग और मॉर्गेज लोन की सीमा की घोषणा की।

पृष्ठभूमि

संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, UCCS के लिए व्यक्तिगत ऋण की सीमा ₹60 लाख या ₹1 करोड़ (₹100 करोड़ से अधिक जमा के लिए) निर्धारित की गई है। भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार, UCB के लिए ऋण की सीमा ₹60 लाख या ₹1.40 करोड़ तय की गई है, जिसमें पुनर्भुगतान की अवधि को बढ़ाकर 20 वर्ष कर दिया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यUCCS व्यक्तिगत लोन की सीमा: ₹60 लाख या ₹1 करोड़, जो ₹100 करोड़ से अधिक के डिपॉजिट पर आधारित है।
  • तथ्यUCB हाउसिंग लोन लिमिट: RBI नियमों के तहत ₹60 लाख या ₹1.40 करोड़।
  • तथ्यहाउसिंग और मॉर्गेज लोन (mortgage loans) के लिए अधिकतम पुनर्भुगतान अवधि: 20 वर्ष।
  • संस्थाअर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स (UCBs) और अर्बन कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटीज (UCCSs) कोऑपरेटिव बैंकिंग सेक्टर में विनियमित संस्थाएं (regulated entities) हैं।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

संशोधित गाइडलाइन्स के तहत हाउसिंग और मॉर्गेज लोन के लिए अधिकतम पुनर्भुगतान अवधि (repayment period) क्या है?

  1. (a)25 साल
  2. (b)20 साल
  3. (c)15 साल
  4. (d)30 साल
उत्तर देखें

उत्तर: (b) 20 साल — संशोधित गाइडलाइन्स में हाउसिंग और मॉर्गेज लोन के पुनर्भुगतान की अवधि को बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को सुदृढ़ करने से वित्तीय समावेशन को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है और यह शहरी आवास की मांग को किस प्रकार समर्थन प्रदान कर सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • क्रेडिट पेनिट्रेशन: बढ़ते शहरी रियल एस्टेट खर्चों को देखते हुए लोन सीलिंग का विस्तार
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: कोऑपरेटिव सेक्टर में रिस्क मैनेजमेंट और क्रेडिट एक्सपेंशन के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · कोऑपरेटिव बैंकिंग · क्रेडिट विस्तार · शहरी आवास · मौनेटरी पॉलिसी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।