भारत में घरेलू कामगारों की सैलरी अन्य कर्मचारियों से काफी कम
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अनौपचारिक अर्थव्यवस्था और वेतन में असमानता: श्रम अधिकारों पर एक GS3 और एथिक्स (Ethics) केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) ने एक सांख्यिकीय संक्षिप्त विवरण (statistical brief) जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत में घरेलू कामगार अन्य कर्मचारियों के मासिक वेतन का औसतन केवल 61.2% कमाते हैं।
पृष्ठभूमि
जेनेवा में 27 अक्टूबर, 2026 को जारी ILO की रिपोर्ट दर्शाती है कि 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 80 मिलियन श्रमिकों में से 66.5 मिलियन (83.1%) अभी भी अनौपचारिक क्षेत्र (informal sector) में कार्यरत हैं। भारत में, जहाँ घरेलू कामगारों के नाममात्र वेतन (nominal wages) में वृद्धि हुई, वहीं उनकी वृद्धि दर अन्य कर्मचारियों की तुलना में पिछड़ गई।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यभारत में घरेलू कामगार (Domestic workers) अन्य कर्मचारियों के मासिक वेतन का औसतन 61.2% कमाते हैं।
- तथ्यदुनिया भर में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के 80 मिलियन श्रमिकों में से 83.1% अभी भी इन्फॉर्मल सेक्टर (informal sector) में हैं।
- संस्थाइंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) का मुख्यालय जिनेवा में है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
- (a)जेनेवा
- (b)ब्रसेल्स
- (c)पेरिस
- (d)न्यूयॉर्क
उत्तर देखें
उत्तर: (a) जेनेवा — नोट में उल्लेख है कि ILO रिपोर्ट जिनेवा में जारी की गई थी, जो इसका मुख्यालय है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के घरेलू कार्य क्षेत्र में निरंतर व्याप्त वेतन असमानता और अनौपचारिकता के संरचनात्मक कारणों का विश्लेषण कीजिए और न्यायसंगत रोजगार सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय सुझाइए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- मजदूरी में असमानता: नाममात्र की बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू काम और फॉर्मल सेक्टर के वेतन में भारी अंतर
- अनौपचारिकता का जाल: बड़ी संख्या में श्रमिक (83.1%) सामाजिक सुरक्षा और फॉर्मल कॉन्ट्रैक्ट से वंचित
- जेंडर आधारित श्रम: घरेलू काम में महिलाओं की अधिकता से उनकी मोलभाव करने की शक्ति कम होना
मुख्य शब्द: अनौपचारिक अर्थव्यवस्था · मजदूरी में असमानता · सामाजिक सुरक्षा · श्रम अधिकार · जेंडर आधारित श्रम
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।