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भाग I · स्था. 11.2025 
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द हिंदू करेंट अफेयर्स हिंदी में — 27 अक्टूबर 2026

इस दिन द हिंदू में छपी 12 परीक्षा उपयोगी खबरें, यूपीएससी नोट्स के रूप में · GS1 1 · GS2 6 · GS3 5

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GS1 · इतिहास · समाज · भूगोल · 1

GS1भूगोल › उद्योगों की अवस्थितिप्रीलिम्स

तमिलनाडु में अब 19.5 मीटर तक ऊंची इमारतें बन सकेंगी

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु राज्य सरकार ने तमिलनाडु कंबाइंड डेवलपमेंट एंड बिल्डिंग रूल्स, 2019 में संशोधन किया है, जिसके तहत नॉन-हाई राइज बिल्डिंग्स (non-high rise buildings) के लिए ऊंचाई की सीमा को 18.3 मीटर से बढ़ाकर 19.5 मीटर कर दिया गया है।

यह संशोधन 27 अक्टूबर, 2026 को आवासीय संरचनाओं के वेंटिलेशन और सौंदर्य (Aesthetics) में सुधार के लिए लागू किया गया था। यह पूरे राज्य में वाणिज्यिक क्षेत्रों, होटलों और सामुदायिक केंद्रों के लिए सड़क की चौड़ाई से संबंधित विशिष्ट आवश्यकताओं को भी पेश करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यनई नॉन-हाई राइज बिल्डिंग (non-high rise building) की ऊंचाई की सीमा: 19.5 मीटर।
  • तथ्यपिछली नॉन-हाई राइज बिल्डिंग (non-high rise building) की ऊंचाई की सीमा: 18.3 मीटर।
  • स्थानचेन्नई मेट्रोपॉलिटन एरिया: 12 मीटर और उससे अधिक चौड़ी सड़कों से सटे साइट्स के लिए कमर्शियल ज़ोन स्टेटस।
  • स्थानशेष तमिलनाडु: 9 मीटर और उससे अधिक चौड़ी सड़कों से सटे साइट्स के लिए कमर्शियल ज़ोन (Commercial zone) स्टेटस।
  • तथ्यस्टार होटल्स और मल्टीप्लेक्स/मॉल के लिए न्यूनतम सड़क की चौड़ाई: 18 मीटर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तमिलनाडु जैसे तीव्र शहरीकरण वाले राज्यों में शहरी नियोजन विनियम और भवन ऊँचाई सीमाएँ जीवन की गुणवत्ता और बुनियादी ढाँचे के विकास को किस प्रकार प्रभावित करती हैं, चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी राहत: नॉन-हाई राइज़ कैटेगरी के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट पाने में बिल्डरों की मुश्किलों को दूर करना
  • अर्बन एस्थेटिक्स: घने रिहायशी इलाकों में वेंटिलेशन की जरूरतों के साथ ऊंची सीलिंग को संतुलित करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर मानक: कमर्शियल ज़ोनिंग को सड़क की चौड़ाई और निरंतर लंबाई की शर्तों से जोड़ना

मुख्य शब्द: अर्बन प्लानिंग · बिल्डिंग बाय-ल*(Note: In the context of urban planning and UPSC, "Building Bye-laws" is commonly referred to as "बिल्डिंग बाय-लॉज़" or "भवन निर्माण नियम". Since the instruction is to use words people actually say and avoid heavy Sanskrit, "बिल्डिंग बाय-लॉज़" is the standard term used in Hindi newspapers and coaching notes.)* · ज़ोनिंग रेगुलेशंस · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · तमिलनाडु · शहरीकरण

GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 6

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेप्रीलिम्स

चीफ जस्टिस पदों के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 4 जजों के नाम दिए

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 अक्टूबर को एक प्रस्ताव जारी किया, जिसमें मुख्य न्यायाधीश के पदों के लिए चार न्यायाधीशों और बॉम्बे हाई कोर्ट के लिए दो न्यायाधीशों की सिफारिश की गई है।

न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति सुधीर सिंह को क्रमशः तेलंगाना और उत्तराखंड के लिए अनुशंसित किया गया, जबकि अजय शर्मा और वैभव अनंत सुगदरे को बॉम्बे हाई कोर्ट के लिए मंजूरी दी गई।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदजस्टिस मनश रंजन पाठक: गुजरात हाई कोर्ट के लिए सिफारिश की गई।
  • पदअजय शर्मा और वैभव अनंत सुगदरे: बॉम्बे हाई कोर्ट के जज के रूप में स्वीकृत।
मेन्स के लिए

प्रश्न: न्यायिक स्वतंत्रता को बनाए रखने में कॉलेजियम प्रणाली के महत्व और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति में इसकी भूमिका की सूक्ष्मताओं पर चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत स्वायत्तता: नियुक्ति प्रक्रिया में कार्यकारी निगरानी और न्यायिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन
  • पारदर्शिता की चिंता: कॉलेजियम की चयन और सिफारिश प्रक्रिया में सार्वजनिक मानदंडों की कमी

मुख्य शब्द: न्यायिक स्वतंत्रता · कॉलेजियम सिस्टम · न्यायिक नियुक्तियाँ · शक्तियों का पृथक्करण · हाई कोर्ट

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › संवैधानिक संस्थाएं (CAG, UPSC, वित्त आयोग, NCSC...)प्रीलिम्स + मेन्स

मुख्य चुनाव आयुक्त ने 250 पेज का हलफनामा दिया, हटाने के नियम पर दावा

चर्चा में क्यों: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों ने एक 250 पन्नों का हलफनामा दायर किया है। इसमें उन्होंने तर्क दिया है कि CEC को हटाने की प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया के समान कदम उठाए जाने चाहिए।

यह हलफनामा 26 अक्टूबर, 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों द्वारा दायर किया गया था। इसे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान चुनाव आयोग (ECI) के निर्णयों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं के जवाब में प्रस्तुत किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) मतदाता सूची (electoral roll) में संशोधन के लिए जिम्मेदार संस्था है।
  • तथ्यCEC और कमिश्नर द्वारा दायर संयुक्त एफिडेविट (affidavit) लगभग 250 पेज लंबा है।
  • पदज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के पद पर कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए उसे सशक्त निष्कासन सुरक्षा प्रदान करने की संवैधानिक आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत स्वायत्तता: संवेदनशील चुनावी पुनरीक्षण के दौरान ECI को कार्यकारी दबाव से मुक्त रखना
  • संवैधानिक समानता: CEC को हटाने से सुरक्षा को सुप्रीम कोर्ट के जजों के बराबर लाने के कानूनी प्रभाव का मूल्यांकन

मुख्य शब्द: संस्थागत स्वतंत्रता · संवैधानिक सुरक्षा उपाय · कार्यपालिका पर नियंत्रण · लोकतांत्रिक अखंडता

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स + मेन्स

प्रिया मिश्रा की याचिका पर कोर्ट में भारत निर्वाचन आयोग की दलील

चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने प्रिया मिश्रा द्वारा दायर एक याचिका के खिलाफ विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के दौरान हटाए गए मतदाताओं के लिए अतिरिक्त घोषणा पत्र के उपयोग का बचाव किया।

निर्वाचन आयोग (ECI) ने तर्क दिया कि फॉर्म 6 के साथ उपयोग किए जाने वाले अतिरिक्त घोषणा पत्र (declaration form) को कोई वैधानिक संशोधन नहीं माना जा सकता। इस याचिका की जांच जस्टिस जोयमाल्या बड्गी और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा की जा रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • पदज्ञानेश कुमार: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मतदाता सूची प्रबंधन के लिए प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देश तैयार करने में भारत निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्वायत्तता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • प्रक्रियात्मक स्वायत्तता: स्पष्ट वैधानिक संशोधन के बिना दिशानिर्देश जारी करने की ECI की शक्ति
  • पारदर्शिता बनाम दक्षता: मतदाता सूची की तेज़ी से सफाई और जानकारी के अधिकार के बीच संतुलन
  • न्यायिक निगरानी: संवैधानिक निकायों की प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा में न्यायपालिका की भूमिका

मुख्य शब्द: संवैधानिक स्वायत्तता · चुनावी अखंडता · प्रशासनिक प्रक्रिया · सांविधिक संशोधन · न्यायिक समीक्षा

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स

कर्नाटक से वोटर लिस्ट से 99.32 लाख नाम हटाए गए

चर्चा में क्यों: कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के बाद अंतिम मतदाता सूची (electoral roll) प्रकाशित की है, जिसके परिणामस्वरूप मतदाता सूची से 99.32 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए हैं।

संशोधन के बाद कर्नाटक में मतदाताओं की संख्या 5,54,32,314 से घटकर 4,55,00,011 रह गई है। विलोपन (Deletions) में 16.39 लाख मृत मतदाता और 80.62 लाख ऐसे व्यक्ति शामिल थे जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया था।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यकर्नाटक की वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की कुल संख्या: 99.32 लाख।
  • तथ्यहटाए गए मृत मतदाताओं की संख्या: 16.39 लाख।
  • तथ्यनिवास स्थान बदलने के कारण हटाए गए मतदाताओं की संख्या: 80.62 लाख।
  • तथ्यElectoral Registration Officers द्वारा दायर किए गए कुल Form-7 आवेदन: 61,059।
  • संस्थामुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में मतदाता सूची के समय-समय पर होने वाले पुनरीक्षण के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: फॉर्म-7 फाइलिंग में बिना बताए मनमाने बदलाव या डिलीट होने का जोखिम
  • प्रशासनिक दक्षता: प्रवासी आबादी और मृत्यु दर के आंकड़ों की ट्रैकिंग में चुनौतियां
  • समावेशिता: अयोग्य मतदाताओं को हटाने और मताधिकार के अधिकार के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: मतदाता सूची · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे · फॉर्म-7 · लोकतंत्र · मतदाता सूची की शुद्धता

IITs में कम हैं काउंसलर्स, साहिल वाकोडे की मौत पर मुंबई में विरोध

चर्चा में क्यों: RTI डेटा से पता चला है कि कई IITs, UGC द्वारा निर्धारित छात्र-काउंसलर अनुपात और फैकल्टी प्रतिनिधित्व कोटा को पूरा करने में विफल रहे हैं। IIT-Bombay में साहिल वाकोडे की मृत्यु के बाद इन कमियों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

RTI के आंकड़ों से पता चलता है कि अधिकांश IITs में प्रति 500 छात्रों पर एक काउंसलर की UGC की सिफारिश को पूरा नहीं किया गया है। हालांकि IIT रोपर ने इन दिशा-निर्देशों का पालन किया, लेकिन IIT खड़गपुर, IIT रुड़की और IIT-BHU में छात्रों द्वारा आत्महत्या की खबरें सामने आईं। यह डेटा SC, ST, OBC और EWS फैकल्टी के लिए निर्धारित प्रतिनिधित्व के मानकों को पूरा करने में विफलता को भी दर्शाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यUGC की सिफारिश: शैक्षणिक संस्थानों में प्रति 500 छात्रों पर एक काउंसलर।
  • संस्थाIIT रोपर: यह उन कुछ IITs में से एक है जो काउंसलर-टू-स्टूडेंट रेशियो (counsellor-to-student ratio) के दिशा-निर्देशों को पूरा करने के लिए रिपोर्ट किए गए हैं।
  • तथ्यIIT Kharagpur, IIT Roorkee और IIT-BHU: इन संस्थानों में पर्याप्त काउंसलिंग की कमी से जुड़े छात्र आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और विविधता संबंधी शासनादेशों के कार्यान्वयन में मौजूद संस्थागत कमियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • संस्थागत बाधा: छात्र-काउंसलर अनुपात में कमी से मानसिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप में रुकावट
  • प्रतिनिधित्व का अंतर: समावेशी शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित करने वाले SC/ST/OBC/EWS फैकल्टी मैंडेट्स को पूरा करने में विफलता

मुख्य शब्द: मेंटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर · संस्थागत जवाबदेही · समावेशी शिक्षा · रेगुलेटरी कंप्लायंस · छात्र कल्याण

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेप्रीलिम्स + मेन्स

जोजरी-लूनी-बांदी नदी में अवैध माइनिंग, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान को CBI जांच की चेतावनी दी

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने जोजरी-लूनी-बांदी नदी तंत्र के भीतर अवैध खनन गतिविधियों की CBI जांच के संबंध में राजस्थान सरकार को चेतावनी दी है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की एक सुप्रीम कोर्ट बेंच ने 26 अक्टूबर, 2026 को यह चेतावनी जारी की। कोर्ट ने उन अधिकारियों पर सवाल उठाए जिन्होंने खनन पट्टों (mining leases) को नियमित किया था और 27 नवंबर तक कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स (CETPs) के लिए एक वित्तीय प्रस्ताव पेश करने की मांग की।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • तथ्यराजस्थान द्वारा CETPs के लिए वित्तीय प्रस्ताव जमा करने की डेडलाइन: 27 नवंबर, 2026।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की नदी प्रणालियों में पर्यावरणीय जवाबदेही सुनिश्चित करने और अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने में न्यायपालिका की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: लीज नियमितीकरण प्रक्रिया में कमियां और माइनिंग परमिट में पारदर्शिता की कमी
  • पर्यावरण का क्षरण: अनियंत्रित दोहन के कारण नदी पारिस्थितिकी तंत्र और भूजल रिचार्ज को अपूरणीय क्षति

मुख्य शब्द: न्यायिक सक्रियता · पर्यावरण शासन · रेगुलेटरी कंप्लायंस · जवाबदेही · प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन

GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 5

फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों में चलेगा E100 फ्यूल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नियम बदले

चर्चा में क्यों: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के होमोलोगेशन (homologation) को आसान बनाने के लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 में संशोधन किया है, ताकि इन वाहनों में E100 (100% एथेनॉल) ईंधन के उपयोग की अनुमति दी जा सके।

यह संशोधन सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 के नियम 115 और नियम 115E में बदलाव करता है, ताकि E85 के साथ E100 को भी शामिल किया जा सके। इन वाहनों के तकनीकी, सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को सत्यापित करने के लिए ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) अधिकृत एजेंसी है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अधिनियम / विधेयकसेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989: फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में E100 फ्यूल की अनुमति देने के लिए संशोधन किया गया।
  • तथ्यE100 में 100% एथेनॉल होता है, जबकि E85 में 85% तक एथेनॉल होता है।
  • संस्थाऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI): वाहनों के होमोलोगेशन (homologation) और टाइप अप्रूवल (type approval) के लिए अधिकृत एजेंसी।
  • तथ्यभारत ने 2025 में अपना E20 फ्यूल ब्लेंड लक्ष्य हासिल कर लिया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और E100 ईंधन को बढ़ावा देना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और डीकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन में कमी) के लक्ष्यों में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: घरेलू इथेनॉल उत्पादन के जरिए कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना
  • तकनीकी बदलाव: इथेनॉल-ब्लेंडिंग के फायदों और लंबी अवधि के इलेक्ट्रिफिकेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: मल्टी-फ्यूल व्हीकल सुरक्षा के लिए होमोलॉगेशन प्रक्रियाओं का मानकीकरण

मुख्य शब्द: फ्लेक्स-फ्यूल वाहन · मान्यता देना · इथेनॉल ब्लेंडिंग · ऊर्जा सुरक्षा · डीकार्बोनाइजेशन · टाइप अप्रूवल

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

प्रेस की आजादी पर खतरा, DNPA ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका

चर्चा में क्यों: डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) ने सुप्रीम कोर्ट में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 और इसके 2025 के नियमों पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि ये नियम प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खतरा पैदा करते हैं।

DNPA में 21 प्रकाशक शामिल हैं, जिनमें अंबानी और अडानी समूह के स्वामित्व वाले प्रकाशक भी शामिल हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर को सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाDNPA: 21 पब्लिशर्स का प्रतिनिधित्व करने वाला डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन (Digital News Publishers Association)।
  • अधिनियम / विधेयकडिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (Digital Personal Data Protection Act), 2023।
  • तथ्यडिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स, 2025।
  • पदसूर्यकांत: भारत के मुख्य न्यायाधीश।
मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल युग में व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियमों और प्रेस की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • संवैधानिक टकराव: प्रेस की आज़ादी और प्राइवेसी के अधिकार के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी अस्पष्टता: न्यूज़ मीडिया के लिए डेटा लोकलाइजेशन और प्रोसेसिंग नियमों में अधिकारों के उल्लंघन की संभावना

मुख्य शब्द: प्रेस की आज़ादी · डेटा प्राइवेसी · डिजिटल गवर्नेंस · संवैधानिक अधिकार · रेगुलेटरी ओवरसाइट

GS3कृषि › MSP, खरीद, PDS एवं खाद्य सुरक्षाप्रीलिम्स

डी.के. शिवकुमार की मध्यस्थता से 10 घंटे का गतिरोध खत्म, किसानों ने MSP से दाम जोड़ने पर दी सहमति

चर्चा में क्यों: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गन्ना उत्पादकों और चीनी मिल मालिकों के बीच चल रहे गतिरोध को सुलझाने में मध्यस्थता की, ताकि किसानों के मूल्यों को केंद्र सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से जोड़ा जा सके।

वार्ता की कार्यवाही 25 अक्टूबर को बेलगावी स्थित सुवर्ण विधान सौध और सर्किट हाउस में आयोजित की गई। कर्नाटक की 80 में से 79 चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने चर्चा के पांच दौर में भाग लिया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक की 80 में से 79 शुगर फैक्ट्रियों ने प्राइस नेगोशिएशंस (price negotiations) में हिस्सा लिया।
  • स्थानमध्यस्थता कर्नाटक के बेलगावी में हुई।
  • तथ्यइन बातचीत में 9 मंत्रियों और लगभग 70 विधायकों ने हिस्सा लिया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: न्यूनतम विक्रय मूल्य (MSP) के जुड़ाव के संदर्भ में, चीनी मिलों की आर्थिक व्यवहार्यता और गन्ना किसानों की आजीविका के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट इक्विलिब्रियम: इंडस्ट्री की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए फैक्ट्री के ऑपरेशनल कॉस्ट और किसान की कीमत की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाना
  • पॉलिसी कोऑर्डिनेशन: मार्केट डिस्टॉर्शन रोकने के लिए स्टेट और यूनियन लेवल पर सिंक्रोनाइज्ड प्राइसिंग मैकेनिज्म की ज़रूरत

मुख्य शब्द: न्यूनतम विक्रय मूल्य · स्टेकहोल्डर मेडिएशन · कीमत से जुड़ाव · कृषि व्यवहार्यता · चीनी उद्योग

नेवी ने साइन किए 1,900 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट्स, राजनाथ सिंह ने कहा- अब 'आत्मनिर्भरता 2.0' की बारी

चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने SWAVLAMBAN 5.0 के दौरान 'आत्मनिर्भरता 2.0' का आह्वान किया। उन्होंने उन्नत तकनीक और लचीली सप्लाई चेन (Supply Chain) के माध्यम से आयात पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया।

भारतीय नौसेना को ₹3,500 करोड़ से अधिक मूल्य की 41 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (Acceptance of Necessity) मंजूरियां प्राप्त हुईं और ₹1,900 करोड़ से अधिक मूल्य के 25 अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए। एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने उल्लेख किया कि नौसेना-विशिष्ट iDEX चुनौतियों की संख्या 2022 में 20 से बढ़कर 229 हो गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यनौसेना ने ₹1,900 करोड़ से अधिक मूल्य के 25 कॉन्ट्रैक्ट्स पर हस्ताक्षर किए।
  • तथ्यनेवी को ₹3,500 करोड़ से अधिक मूल्य के 41 Acceptance of Necessity अप्रूवल्स प्राप्त हुए।
  • तथ्यNavy-specific iDEX चुनौतियों की संख्या 2022 में 20 से बढ़कर 229 हो गई।
  • स्थानSWAVLAMBAN 5.0 का आयोजन 26 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में रणनीतिक स्वायत्तता प्राप्त करने और आयात पर निर्भरता को कम करने में 'आत्मनिर्भरता 2.0' के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के ज़रिए महत्वपूर्ण कंपोनेंट इम्पोर्ट की कमज़ोरियों को कम करना
  • टेक्नोलॉजिकल लीपफ्रॉगिंग: असेंबली-आधारित उत्पादन से उन्नत डिफेंस सिस्टम्स में स्वदेशी R&D की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा स्वदेशीकरण · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · आईडैक्स · आत्मनिर्भरता

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स

आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्णव का खतरा, इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट ने रेड अलर्ट जारी

चर्चा में क्यों: आगामी चक्रवाती तूफान 'Arnab' के कारण भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, ताकि आपातकालीन प्रतिक्रिया और लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद मिल सके।

जिला प्रशासन ने 11 मंडलों के 37 गांवों की पहचान की है, जिनमें 10,176 प्रभावित परिवार शामिल हैं। अधिकारियों ने GVMC, APEPDCL और NDRF के समन्वय से 31,405 लोगों के ठहरने के लिए 54 राहत शिविर तैयार किए हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाNDRF: National Disaster Response Force भारत में आपदा प्रतिक्रिया (disaster response) के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
  • स्थानआंध्र प्रदेश: भारत के पूर्वी तट पर स्थित राज्य, जो साइक्लोनिक स्टॉर्म Arnab से प्रभावित हुआ।
  • तथ्य31,405 लोगों को आवास देने के लिए 54 रिलीफ कैंप (relief camps) स्थापित किए गए।
  • तथ्य11 मंडलों के 37 गाँवों को हाई-रिस्क (high-risk) क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तटीय भारत में आपदा प्रबंधन के संस्थागत ढांचे और चक्रवातीय जोखिमों को कम करने में बहु-एजेंसी समन्वय की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: नगर निकायों (GVMC), पावर यूटिलिटीज (APEPDCL) और केंद्रीय बलों (NDRF) के बीच तालमेल
  • लॉजिस्टिक बाधाएं: हाई-रिस्क मंडलों में रिलीफ कैंप और पशुधन सुरक्षा के तेज़ मोबिलाइजेशन में चुनौतियां

मुख्य शब्द: आपदा प्रबंधन · चक्रवाती तूफान · मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन · क्लाइमेट रेजिलिएंस · अर्ली वार्निंग सिस्टम

पिछले दिन

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ये सत्यधीश के अपने यूपीएससी नोट्स हैं, जो द हिंदू में छपी खबरों के आधार पर लिखे गए हैं। सत्यधीश का द हिंदू से कोई संबंध नहीं है। हर नोट में मूल खबर का लिंक है; पूरी खबर द हिंदू की वेबसाइट पर पढ़ें। नोट्स कैसे बनते हैं