बिजली सप्लाई पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, हिमाचल को मिलेंगे 20,000 करोड़ रुपये
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चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा को निर्देश दिया है कि वे हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के 7.19% हिस्से से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए अगले 20 वर्षों में हिमाचल प्रदेश को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति करें।
पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, 20 साल की अवधि के दौरान 11,973 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति करना अनिवार्य है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस समझौते से राज्य के लिए ₹10,000 करोड़ से ₹20,000 करोड़ तक का राजस्व उत्पन्न हो सकता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने 20 साल की अवधि के दौरान 11,973 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति का निर्देश दिया।
- तथ्ययह विवाद हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के 7.19% हिस्से से संबंधित है।
- स्थानयह फैसला हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा राज्यों से संबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास में अंतर-राज्यीय शक्ति साझाकरण समझौतों के महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- राजस्व जुटाना: हिमाचल प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक सेवाओं के लिए ₹10,000-₹20,000 करोड़ राजस्व जुटाने की संभावना
- अंतर-राज्यीय सहयोग: पड़ोसी राज्यों के बीच हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट शेयर विवादों को सुलझाने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप
- संसाधन वितरण: क्षेत्रीय ऊर्जा मांगों और हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर उत्पादन के समान वितरण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सहकारी संघवाद · अंतर-राज्यीय विवाद · हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स · राजस्व सृजन · न्यायिक हस्तक्षेप
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।