कैंसर की 137 दवाओं पर लगा कैप, मरीजों के 2,500 करोड़ बचेंगे
चर्चा में क्यों: नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने मरीजों के खर्च को कम करने के लिए 137 गैर-अनुसूचित (non-scheduled) कैंसर की दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को रिटेल प्राइस के 30% तक सीमित कर दिया है।
NPPA ने 9 नवंबर से 137 गैर-अनुसूचित (non-scheduled) कैंसर विरोधी दवाओं की कीमतों पर कैप (cap) लागू कर दी है। केंद्र का अनुमान है कि इस कदम से मरीजों को सालाना ₹2,500 करोड़ की बचत होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNPPA (National Pharmaceutical Pricing Authority) वह संस्था है जो दवाओं पर ट्रेड मार्जिन (trade margins) की सीमा तय करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्य137 कैंसर की दवाओं (anti-cancer medicines) के लिए ट्रेड मार्जिन कैप (trade margin cap) रिटेल प्राइस के 30% पर तय किया गया है।
- तथ्यइस उपाय से मरीजों के लिए अनुमानित वार्षिक बचत ₹2,500 करोड़ है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीवन रक्षक दवाओं को किफायती बनाने के साथ-साथ फार्मास्युटिकल विनिर्माण क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित करने में मूल्य निर्धारण की सीमा (प्राइस कैपिंग) तंत्र की प्रभावकारिता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- मार्केट डिस्टॉर्शन: R&D इन्वेस्टमेंट और नॉन-शेड्यूल्ड दवाओं के मैन्युफैक्चरिंग व्यवहार्यता पर संभावित असर
- एक्सेस गैप: दवाओं की कीमतों से इतर इलाज के भारी खर्च ने स्वास्थ्य समानता में बाधा डाली
मुख्य शब्द: प्राइस कैपिंग · किफ़ायती होना · फार्मास्युटिकल रेगुलेशन · स्वास्थ्य समानता · मार्केट इंटरवेंशन