GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 3
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने पात्र परिवारों के लिए ₹5 लाख का जीवन बीमा कवर (Life Insurance Cover) शुरू करने की घोषणा की है, जिसे 19 नवंबर को लॉन्च किया जाएगा।
इस योजना को मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई। इसके आवेदन 20 नवंबर से 30 नवंबर के बीच इंदिराम्मा समितियों के माध्यम से एकत्र किए जाएंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनातेलंगाना लाइफ इंश्योरेंस कवर: पात्र परिवारों के लिए ₹5 लाख।
- तथ्यआवेदन की अवधि: 20 नवंबर से 30 नवंबर, 2026।
- संस्थाइन्दिराम्मा कमिटीज़ (Indiramma committees): तेलंगाना में घरेलू स्तर पर आवेदन संग्रह के लिए जिम्मेदार।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में संवेदनशील आबादी के लिए जोखिमों को कम करने में राज्य-प्रायोजित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- राजकोषीय स्थिरता: लंबी अवधि की बीमा देनदारियों और राज्य के बजट आवंटन के बीच संतुलन
- लास्ट-माइल डिलीवरी: ग्रामीण और पिछड़े घरों तक पहुँचने के लिए कम्युनिटी-आधारित कमेटियों का उपयोग
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · जोखिम कम करना · कल्याणकारी राज्य · राजकोषीय संघवाद · लास्ट-माइल डिलीवरी
चर्चा में क्यों: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने काठमांडू में मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने जलविद्युत (Hydropower), कनेक्टिविटी और AI पर द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
नेपाल के नेता की नई दिल्ली यात्रा की तैयारी के लिए काठमांडू में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भोटेकोशी बाढ़ के बाद मानवीय सहायता और डिजिटल कनेक्टिविटी एवं AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में नए सहयोग पर चर्चा की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदविक्रम मिस्री: भारत के फॉरेन सेक्रेटरी (Foreign Secretary)।
- स्थानभोटेकोशी बाढ़: यह नेपाल में हुई।
- तथ्यप्रमुख सहयोग के क्षेत्र: हाइड्रोपावर (Hydropower), कनेक्टिविटी, बॉर्डर मैनेजमेंट और AI।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय संपर्क के संदर्भ में जलविद्युत और डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में भारत-नेपाल सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- ऊर्जा सुरक्षा: भारत के लिए पावर हब बनने की नेपाल की क्षमता
- डिजिटल इंटीग्रेशन: AI और साझा कनेक्टिविटी के जरिए डिजिटल डिवाइड को कम करना
- सीमा प्रबंधन: बुनियादी ढांचे के विकास और सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय सहयोग · हाइड्रोपावर · डिजिटल कनेक्टिविटी · मानवीय सहायता · क्षेत्रीय एकीकरण
GS2शासन › सिविल सेवाओं की भूमिकाप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सर्विसेज (Main) परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिसके आधार पर उम्मीदवारों को पर्सनैलिटी टेस्ट (Personality Test) के लिए योग्य पाया गया है।
व्यक्तित्व परीक्षण (Personality Test) के लिए आगे बढ़ने से पहले, सफल उम्मीदवारों को पात्रता और आरक्षण सत्यापन के लिए अपने मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाUPSC: संघ लोक सेवा आयोग वह संस्था है जो सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन (Civil Services Examination) आयोजित करने के लिए जिम्मेदार है।
- स्थानधोलपुर हाउस: नई दिल्ली में वह स्थान जहाँ सिविल सर्विसेज के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट आयोजित किया जाता है।
- तथ्यउम्मीदवारों को पात्रता और आरक्षण के दावों को सत्यापित करने के लिए मूल सर्टिफिकेट (original certificates) प्रस्तुत करने होंगे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सिविल सेवकों की भर्ती में योग्यता आधारित प्रणाली (मेरिटोक्रेसी) और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में संघ लोक सेवा आयोग की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- वेरिफिकेशन इंटीग्रिटी: आरक्षण श्रेणियों में धोखाधड़ी रोकने के लिए प्रमाणपत्रों की प्रमाणिकता सुनिश्चित करना
- संस्थागत स्वायत्तता: भर्ती में कार्यकारी हस्तक्षेप से UPSC की स्वतंत्रता बनाए रखना
मुख्य शब्द: योग्यता आधारित व्यवस्था · पारदर्शिता · सिविल सर्विस भर्ती · संस्थागत स्वायत्तता · आरक्षण सत्यापन
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 9
चर्चा में क्यों: गृह मंत्रालय (MHA) ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एक्जेंप्शन) ऑर्डर, 2025 में संशोधन किया है, जिसके तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के छह गैर-मुस्लिम समुदायों के लिए वीजा अनिवार्य कर दिया गया है।
इस संशोधन को 4 नवंबर, 2026 को अधिसूचित किया गया था। यह उन व्यक्तियों पर लागू होता है जिन्होंने धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए 31 दिसंबर, 2024 तक भारत में प्रवेश किया था। यह आदेश छूट प्राप्त श्रेणियों को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (Citizenship Amendment Act, 2019) के अनुरूप बनाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यइमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एक्जेंप्शन) ऑर्डर, 2025: यह विशिष्ट ऑर्डर नवंबर 2026 में MHA द्वारा संशोधित किया गया।
- तथ्य31 दिसंबर, 2024: पिछले छूट (exemption) के तहत धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए कटऑफ तारीख।
- संस्थागृह मंत्रालय (MHA): संशोधन जारी करने और इमिग्रेशन (Immigration) के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार केंद्रीय मंत्रालय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शरणार्थियों के प्रति मानवीय दायित्वों और अवैध प्रवास एवं सीमा प्रबंधन से संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करने में निहित चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: CAA 2019 के कानूनी संरक्षण और इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर की प्रशासनिक जरूरतों के बीच संतुलन
- सुरक्षा-मानवीय समझौता: छूट प्राप्त समुदायों के लिए सख्त वीज़ा-आधारित निगरानी बनाए रखते हुए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के आगमन को मैनेज करना
मुख्य शब्द: शरणार्थी नीति · सीमा प्रबंधन · राष्ट्रीय सुरक्षा · इमिग्रेशन कानून · धार्मिक उत्पीड़न
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय तटों पर समुद्री स्तनधारियों के 161 मामलों में से अधिकांश (113) गोवा में दर्ज किए गए।
CMFRI ने 2024-25 में भारतीय तट के साथ समुद्री स्तनधारियों के 161 स्ट्रैंडिंग (Stranding) मामलों को दर्ज किया। इसमें हम्पबैक डॉल्फिन के स्ट्रैंडिंग की संख्या सबसे अधिक 82 दर्ज की गई, जिसमें गोवा मुख्य केंद्र रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाCMFRI: सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट।
- तथ्य2024-25 में समुद्री स्तनधारियों के 161 स्ट्रैंडिंग्स (strandings) में से 113 गोवा में दर्ज किए गए।
- तथ्यHumpback डॉल्फिन के स्ट्रैंडिंग (Stranding) के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए, जो कि 82 थे।
- विज्ञान-तकनीकCMFRI ने समुद्री स्तनधारियों के संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के लिए एक GIS-आधारित मैप विकसित किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय तटरेखा के साथ समुद्री स्तनधारियों के लिए उत्पन्न पारिस्थितिक खतरों की चर्चा कीजिए और जैव विविधता संरक्षण में स्थानिक मानचित्रण (स्पेशियल मैपिंग) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
- आवास का क्षरण: तटीय विकास और औद्योगिक रनऑफ से डॉल्फिन के प्रवासी कॉरिडोर प्रभावित
- डेटा-आधारित संरक्षण: टारगेटेड इंटरवेंशन के लिए हाई-रिस्क स्ट्रैंडिंग हॉटस्पॉट्स की पहचान करने हेतु GIS मैपिंग का उपयोग
मुख्य शब्द: समुद्री जैव विविधता · GIS मैपिंग · तटीय पारिस्थितिकी · प्रजाति संरक्षण · स्ट्रैंडिंग एनालिसिस
चर्चा में क्यों: दीपावली के दौरान विशाखापट्टनम में PM10 का स्तर 238 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुँचने के कारण, आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (APPCB) ने प्रदूषण की सीमा और शोर के नियमों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है।
APPCB ने जिला प्रशासन और पुलिस को प्रदूषण की निगरानी करने और पर्यावरणीय नियमों को लागू करने का निर्देश दिया। बोर्ड ने विशाखापट्टनम में PM10 के स्तर को 238 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक दर्ज किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यविशाखापट्टनम में PM10 का स्तर 238 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया।
- संस्थाCSIR-NEERI वह संस्था है जो ग्रीन क्रैकर्स (green crackers) को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार है।
- स्थानविशाखापट्टनम वह शहर है जहाँ प्रदूषण के स्तर की निगरानी की गई थी।
- तथ्यअस्पतालों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाना प्रतिबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: त्योहारी उत्सवों के दौरान वायु गुणवत्ता मानकों को लागू करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और सांस्कृतिक परंपराओं एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
- रेगुलेटरी बॉटलनेक: लोकल पार्टिकुलेट मैटर स्पाइक्स की रियल-टाइम मॉनिटरिंग में मुश्किल
- एन्फोर्समेंट गैप: शोर और वायु अनुपालन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल की चुनौतियां
मुख्य शब्द: एयर क्वालिटी इंडेक्स · पार्टिकुलेट मैटर · पर्यावरण गवर्नेंस · सार्वजनिक स्वास्थ्य · रेगुलेटरी कंप्लायंस
चर्चा में क्यों: कॉसमोसर्व स्पेस (Cosmoserve Space) ने हैदराबाद में 'बेस 1' (Base 1) का अनावरण किया है। यह अंतरिक्ष-दृष्टि प्रणालियों (space-vision systems) और सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण सिमुलेशन (microgravity simulation) से लैस भारत की पहली निजी सुविधा है, जो सैटेलाइट मरम्मत और रिफ्यूलिंग सेवाएं प्रदान करेगी।
कॉसमोसर्व स्पेस (Cosmoserve Space) ने हैदराबाद में 'बेस 1' लॉन्च किया है, जिसमें स्पेस-विज़न सिस्टम और माइक्रोग्रैविटी सिमुलेशन (microgravity simulation) की सुविधा उपलब्ध है। इस स्टार्टअप का लक्ष्य प्रति सैटेलाइट सैटेलाइट सर्विसिंग की लागत को 10 मिलियन डॉलर से घटाकर 1 मिलियन डॉलर से कम करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकभारत की पहली प्राइवेट फैसिलिटी (Private facility) जो स्पेस-विज़न सिस्टम्स और माइक्रो-ग्रेविटी सिमुलेशन क्षमताओं से लैस है।
- तथ्यCosmoserve Space का लक्ष्य सैटेलाइट सर्विसिंग की लागत को $10 मिलियन से घटाकर प्रति सैटेलाइट $1 मिलियन से कम करना है।
- स्थानहैदराबाद: Cosmoserve Space की 'Base 1' फैसिलिटी (facility) का स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के संदर्भ में अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन और उपग्रह सेवा (सैटेलाइट सर्विसिंग) में निजी क्षेत्र की भागीदारी के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- लागत-दक्षता: प्रोप्रायटरी स्पेस-विजन टेक्नोलॉजी के जरिए सर्विसिंग लागत को 1 मिलियन डॉलर से कम करना
- ऑर्बिटल सस्टेनेबिलिटी: एक्टिव सैटेलाइट रिपेयर और रिफ्यूलिंग के जरिए स्पेस डेब्रिस के बढ़ते खतरे से निपटना
- प्राइवेट-लेड इनोवेशन: स्टेट-लेड स्पेस एक्सप्लोरेशन से प्राइवेट-सेक्टर-ड्रिवन ऑर्बिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: स्पेस डेब्रिस · ऑर्बिटल सस्टेनेबिलिटी · स्पेस इकोनॉमी · माइक्रोग्रैविटी सिमुलेशन · सैटेलाइट सर्विसिंग
चर्चा में क्यों: पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़े निवेश को आकर्षित करने और राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए एक नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति (Industrial Promotion Policy) शुरू की है।
यह नीति पात्र सावधि पूंजी निवेश (Fixed Capital Investment) के 120 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसमें महिलाओं और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए नियोक्ता द्वारा दिए जाने वाले EPF योगदान की प्रतिपूर्ति जैसे विशिष्ट प्रोत्साहन शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यपश्चिम बंगाल इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी (Industrial Promotion Policy) पात्र फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट (Fixed Capital Investment) का 120 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- तथ्यराज्य ने नए औद्योगिक प्रोत्साहन उपायों (industrial promotion measures) को लागू करने के लिए 30,000 करोड़ रुपये बचाए।
- तथ्यइस पॉलिसी में महिला और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के लिए एम्प्लॉयर EPF कॉन्ट्रिब्यूशन रिइम्बर्समेंट (employer EPF contribution reimbursements) शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पिछड़े क्षेत्रों में समावेशी आर्थिक विकास और औद्योगिक पुनरुद्धार को बढ़ावा देने में राज्य-नेतृत्व वाली औद्योगिक संवर्धन नीतियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- इंसेंटिव स्ट्रक्चर: हाई कैपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी और लॉन्ग-टर्म फिस्कल सस्टेनेबिलिटी के बीच संतुलन
- सामाजिक समावेश: महिला और ट्रांसजेंडर वर्कफोर्स की भागीदारी बढ़ाने के लिए EPF रिइम्बर्समेंट्स का लाभ उठाना
- क्षेत्रीय असमानता: लक्षित राज्य-स्तरीय निवेश प्रोत्साहन के जरिए औद्योगिक सुस्ती को दूर करना
मुख्य शब्द: औद्योगिक प्रोत्साहन · फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट · समावेशी विकास · राजकोषीय प्रोत्साहन · श्रम कल्याण
GS3कृषि › पशुपालन, मत्स्य पालन एवं संबद्ध क्षेत्रप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मंत्री एम. विजय बालाजी ने बुनाई क्षेत्र (weaving sector) को समर्थन देने के लिए पोंगल के दौरान PDS कार्डधारकों के लिए सहकारी समितियों (Cooperative Societies) से 1.87 करोड़ धोती और साड़ियाँ खरीदने की घोषणा की।
तमिलनाडु सरकार 1.87 करोड़ धोती और साड़ियाँ खरीदने की योजना बना रही है। इस पहल का उद्देश्य लगभग 60,000 बुनकरों को लाभ पहुँचाना है और इसके लिए केंद्र सरकार से टैक्स छूट (Tax Exemption) प्राप्त करने की प्रक्रिया शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यतमिलनाडु सरकार PDS कार्डधारकों के लिए 1.87 करोड़ धोती और साड़ियाँ खरीदेगी।
- तथ्यइस प्रोक्योरमेंट पहल (procurement initiative) से लगभग 60,000 बुनकरों को लाभ होने की उम्मीद है।
- पदएम. विजय बालाजी तमिलनाडु में हथकरघा और कपड़ा (Handlooms and Textiles) मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में पारंपरिक शिल्प समूहों को बनाए रखने और बुनकरों के लिए आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य-आधारित खरीद नीतियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- मार्केट इंटरवेंशन: बुनकरों के लिए राज्य द्वारा खरीद और प्रतिस्पर्धी मार्केट डायनेमिक्स के बीच संतुलन
- राजकोषीय संघवाद: राज्य स्तर पर औद्योगिक सब्सिडी बनाए रखने के लिए केंद्र के टैक्स छूट पर निर्भरता
- आजीविका सुरक्षा: स्ट्रक्चर्ड सरकारी प्रोक्योरमेंट साइकल के जरिए मौसमी डिमांड में उतार-चढ़ाव को कम करना
मुख्य शब्द: आजीविका सुरक्षा · आर्टिसनल क्लस्टर्स · मार्केट इंटरवेंशन · राजकोषीय संघवाद · राज्य द्वारा संचालित खरीद
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने खम्मम जिले में चक्रवात मुरसु (Cyclone Murasu) के कारण फसलों और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को हुए नुकसान के आकलन के लिए युद्ध स्तर पर सर्वे के आदेश दिए हैं।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को हाल ही में 1,900 प्रशिक्षित कर्मियों और ₹260 करोड़ - ₹270 करोड़ मूल्य के उपकरणों के साथ मजबूत किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यSDRF उपकरण निवेश: ₹260 करोड़ - ₹270 करोड़।
- तथ्यSDRF कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया: 1,900।
- स्थानसाइक्लोन Murasu ने पूर्व में अविभाजित खम्मम जिले को प्रभावित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण कृषि बुनियादी ढांचे पर बार-बार आने वाले चक्रवातीय चक्रों के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को कम करने में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को सुदृढ़ करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
- रिसोर्स मोबिलाइजेशन: तत्काल राहत खर्च और लंबे समय के रेज़िलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट के बीच संतुलन
- डेटा-आधारित रिकवरी: इंश्योरेंस पेआउट और राहत वितरण को आसान बनाने के लिए सटीक नुकसान का तेज़ी से आकलन ज़रूरी
मुख्य शब्द: आपदा प्रबंधन · SDRF · क्लाइमेट रेजिलिएंस · कृषि बुनियादी ढांचा · नुकसान का आकलन
चर्चा में क्यों: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह 72 घंटों के भीतर केंद्र सरकार को यह रिपोर्ट दे कि क्या लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (Lovely Professional University) पर साइबर आतंकवाद (Cyber Terrorism) के प्रावधान लागू होते हैं।
पंजाब पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (IT Act), 2000 की धारा 66F के संभावित उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं। अदालत इस बात का मूल्यांकन कर रही है कि क्या इस मामले को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंपना उचित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकइन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (Information Technology Act), 2000 की सेक्शन (Section) 66F: यह साइबर आतंकवाद के लिए सजा से संबंधित है।
- संस्थाNational Investigation Agency (NIA): राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी।
- तथ्यपंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 72 घंटों के भीतर रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में साइबर आतंकवाद से निपटने में राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच क्षेत्राधिकार के ओवरलैप (अतिव्याप्ति) के संदर्भ में कानूनी और संस्थागत चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- क्षेत्राधिकार का टकराव: हाई-टेक क्राइम जांच में स्टेट पुलिस और NIA के बीच तालमेल की कमी
- विधायी दायरा: IT एक्ट की धारा 66F के कड़े प्रावधानों के मुकाबले व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों को संतुलित करना
मुख्य शब्द: साइबर आतंकवाद · क्षेत्राधिकार का ओवरलैप · राष्ट्रीय सुरक्षा · इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट · न्यायिक निगरानी
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: चार्ज रोबोटिक्स (Charge Robotics) के सह-संस्थापक मैक्स जस्टिक ने एक गंभीर उबंटू (Ubuntu) ऑपरेटिंग सिस्टम की खामी की पहचान करने के लिए OpenAI मॉडल का उपयोग किया, जिसके बाद डेबियन प्रोजेक्ट (Debian Project) द्वारा इसे ठीक करने के लिए एक पैच जारी किया गया।
मैक्स जस्टीच (Max Justicz) ने Ubuntu OS में एक भेद्यता (vulnerability) खोजने के लिए OpenAI मॉडल का उपयोग किया। इसके जवाब में, OpenAI ने साइबर सुरक्षा पेशेवरों के लिए 1 बिलियन डॉलर की एक पहल की घोषणा की और ओपन-सोर्स कोड में भेद्यता की पहचान के लिए 'ChatGPT Cyber' लॉन्च किया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यOpenAI ने साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स को सहायता देने के लिए $1 बिलियन की पहल की घोषणा की है।
- विज्ञान-तकनीकChatGPT Cyber: OpenAI द्वारा शोधकर्ताओं के लिए लॉन्च किया गया एक टूल, जिसका उपयोग ओपन-सोर्स कोडबेस (open-source codebases) में कमियों (vulnerabilities) की पहचान करने और उन्हें ठीक करने के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सॉफ्टवेयर की कमियों (vulnerabilities) की पहचान करने और उन्हें दूर करने में जनरेटिव एआई (Generative AI) के उपयोग के निहितार्थों पर चर्चा कीजिए, तथा तीव्र खोज के लाभों और स्वचालित साइबर-हमलों के जोखिमों के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
- डुअल-यूज़ दुविधा: AI टूल्स का इस्तेमाल सुरक्षा शोधकर्ता पैचिंग के लिए और थ्रेट एक्टर्स ऑटोमेटेड एक्सप्लॉइट जनरेशन के लिए कर सकते हैं
- ओपन-सोर्स इंटीग्रिटी: ग्लोबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा बनाए रखने में डेबियन जैसे कम्युनिटी-लेड प्रोजेक्ट्स की भूमिका
मुख्य शब्द: जेनरेटिव AI · साइबर सिक्योरिटी · ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर · वल्नरेबिलिटी मैनेजमेंट · ऑटोमेटेड पैचिंग
नोट्स सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किए जाते हैं और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़े हैं। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें। नोट्स कैसे बनते हैं