यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,286 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (509) · उद्योग, निवेश एवं MSME (465) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (296) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (295) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (275) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (141) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (116)
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने और 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण को समर्थन देनेके उद्देश्य से सनंद में CG Semi OSAT सुविधा का उद्घाटन किया।
CG Semi OSAT सुविधा गुजरात के सानंद में स्थित है। यह आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) चरण पर केंद्रित है, जो AI और रोबोटिक्स सहित इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यOSAT: सेमीकंडक्टर निर्माण की एक महत्वपूर्ण अवस्था जिसमें इंटीग्रेटेड सर्किट (integrated circuits) की असेंबली और परीक्षण शामिल है।
स्थानसनंद, गुजरात: नवनिर्मित CG Semi OSAT सुविधा का स्थल।
विज्ञान-तकनीकसेमीकंडक्टर इकोसिस्टम: इसमें डिजाइन, फैब्रिकेशन और पैकेजिंग (OSAT) शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की तकनीकी संप्रभुता और वैश्विक एआई (AI) क्रांति में भारत की भूमिका के संदर्भ में एक घरेलू सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन रेजिलिएंस: महत्वपूर्ण AI और रोबोटिक्स कंपोनेंट्स के लिए ग्लोबल फैब्रिकेशन हब्स पर निर्भरता कम करना
रोज़गार सृजन: युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस इंजीनियरिंग में हाई-स्किल जॉब्स बनाना
भू-राजनीतिक स्थिति: 'मेड इन इंडिया' एक्सपोर्ट्स के जरिए ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में भारत की भूमिका को मजबूत करना
मुख्य शब्द: विकसित भारत · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · वैल्यू चेन · तकनीकी संप्रभुता · OSAT
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा के अनधिकृत रिमोट शटडाउन को रोकने के लिए ऐप स्टोर से तीन बैटरी-मैनेजमेंट ऐप्स (BAT-BMS, Lossigy, Epoch Li-ion) को हटाने का आदेश दिया है।
इन अनुप्रयोगों (apps) की पहचान ब्लूटूथ-सक्षम मोबाइल अनुप्रयोगों के माध्यम से दूरस्थ रूप से बैटरी विच्छेदन करने वाले उपकरणों के रूप में की गई थी। सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करनेके लिए केंद्र सरकार ने Apple और Google को इन विशिष्ट अनुप्रयोगों को सूची से हटाने (delist) का निर्देश दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यBAT-BMS, Lossigy, और Epoch Li-ion वे विशिष्ट ऐप्स हैं जिन्हें हटाने का आदेश दिया गया है।
विज्ञान-तकनीकBMS (Battery Management System) वह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम है जो एक रिचार्ज करने योग्य बैटरी के उत्पादन, स्थिति और सुरक्षा का प्रबंधन करता है।
तथ्यये ऐप्स वाहन के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के साथ इंटरफेस करने के लिए Bluetooth तकनीक का उपयोग करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित वाहन घटकों के सुरक्षा निहितार्थों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को प्रभावित करने वाले मोबाइल अनुप्रयोगों के लिए एक सुदृढ़ विनियामक तंत्र की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
साइबर-फिजिकल रिस्क: असुरक्षित ब्लूटूथ-इनेबल्ड मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रिमोट हाइजैकिंग का खतरा
रेगुलेटरी वैक्यूम: EV इकोसिस्टम में थर्ड-पार्टी बैटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के लिए कड़े सर्टिफिकेशन स्टैंडर्ड की कमी
सार्वजनिक सुरक्षा का ट्रेड-ऑफ: रिमोट मॉनिटरिंग की सुविधा और रिमोट शटडाउन के खतरे के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: साइबर-फिजिकल सिक्योरिटी · रेगुलेटरी ओवरसाइट · सार्वजनिक सुरक्षा · EV इंफ्रास्ट्रक्चर
चर्चा में क्यों: ओडिशा ने स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण को बढ़ावा देनेके लिए ACME Group और IHI Corporation के साथ ₹67,000 करोड़ के निवेश हेतु एक सहयोग ज्ञापन (MoC) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता ज्ञापन (MoC) ओडिशा सरकार, ACME समूह और IHI कॉर्पोरेशन के मध्य एक सहयोगात्मक साझेदारी को दर्शाता है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ओडिशा राज्य में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और सतत औद्योगिकीकरण को सुगम बनाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यMoC का कुल निवेश मूल्य ₹67,000 करोड़ है।
स्थानओडिशा स्वच्छ ऊर्जा और विनिर्माण परियोजनाओं के लिए प्राथमिक राज्य है।
संस्थाIHI Corporation एक जापानी निगम है जो औद्योगिक विकास परियोजना में शामिल है।
संस्थाMoC के हस्ताक्षर के दौरान World Bank Group के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग किस प्रकार भारत के हरित अर्थव्यवस्था और सतत औद्योगिकीकरण की ओर संक्रमण को गति दे सकते हैं, चर्चा कीजिए।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: ओडिशा में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को अपग्रेड करने के लिए जापानी इंडस्ट्रियल एक्सपर्टाइज का लाभ उठाना
सस्टेनेबल इंडस्ट्रियलाइजेशन: क्लीन एनर्जी के इस्तेमाल से तेज़ी से हो रहे औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना
इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट: बड़े पैमाने पर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) को आकर्षित करने में राज्य-स्तरीय औद्योगिक नीतियों की भूमिका
मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · सतत औद्योगीकरण · तकनीकी हस्तांतरण · ग्रीन इकोनॉमी · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने ग्रामीण विकास की बोली प्रक्रिया को सरल बनाने और सामाजिक रूप से वंचित समूहों के समावेशी सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए नए ठेकेदार पंजीकरण दिशानिर्देश पेश किए हैं।
नया ढांचा एक त्रि-स्तरीय वर्गीकरण प्रणाली प्रस्तुत करता है, जो ठेकेदारों को पुन: पंजीकरण के बिना पड़ोसी जिलों में बोली लगाने की अनुमति प्रदान करता है। यह 10 लाख रुपये तक के अनुबंधों में भागीदारी के लिए महिलाओं और बेरोजगार इंजीनियरिंग स्नातकों को विशिष्ट छूट प्रदान करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यनए दिशा-निर्देशों के तहत, ठेकेदार 10 लाख रुपये तक के ग्रामीण विकास अनुबंधों के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
तथ्यनई प्रणाली एक जिले में पंजीकृत ठेकेदारों को बिना नए पंजीकरण के पड़ोसी जिलों में बोली लगाने की अनुमति देती है।
तथ्यमहिलाओं और बेरोजगार इंजीनियरिंग स्नातकों को शुल्क और पंजीकरण आवश्यकताओं से छूट प्रदान की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं के सरलीकरण और समावेशी ठेकेदार पंजीकरण को बढ़ावा देने से भारत में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक सशक्तिकरण में किस प्रकार योगदान दिया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
समावेशी तंत्र: शहरी-ग्रामीण रोज़गार अंतर को कम करने के लिए महिलाओं और बेरोज़गार स्नातकों के लिए लक्षित छूट
मार्केट डायनेमिक्स: ग्रामीण कॉन्ट्रैक्टिंग में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और स्थानीय मोनोपॉली को रोकने के लिए नौकरशाही की बाधाएं कम करना
पारदर्शिता ढांचा: सार्वजनिक कार्यों की बोली में मनमानी बाधाओं को कम करने के लिए सभी जिलों में रजिस्ट्रेशन को मानकीकृत करना
मुख्य शब्द: समावेशी विकास · सार्वजनिक खरीद · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर · सामाजिक समानता
चर्चा में क्यों: लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) ने 'अडानी कॉपर' ब्रांड को एक सूचीबद्ध ब्रांड के रूप में अनुमोदित किया है, जिससे भारत के सबसे बड़े एकल-स्थान वाले कॉपर स्मेल्टर के लिए वैश्विक व्यापार सुगम होगा।
अडानी एंटरप्राइजेज की एक सहायक इकाई, कच्छ कॉपर सुविधा की वार्षिक उत्पादन क्षमता 500,000 मीट्रिक टन है। 1.2 बिलियन डॉलर की यह गुजरात स्थित इकाई विश्व के सबसे बड़े एकल-स्थान वाले कॉपर स्मेल्टर के रूप में मान्यता प्राप्त है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाLME: London Metal Exchange धातुओं और औद्योगिक धातुओं के लिए एक वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंज है।
तथ्यAdani Copper सुविधा की क्षमता: 500,000 metric tons प्रति वर्ष।
स्थानKutch Copper प्लांट भारत के गुजरात में स्थित है।
तथ्यगुजरात कॉपर स्मेल्टर का निवेश मूल्य: $1.2 बिलियन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की आयात निर्भरता को कम करने और वैश्विक वस्तु मूल्य श्रृंखलाओं (commodity value chains) में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने में बड़े पैमाने पर घरेलू धातु गलाने वाले संयंत्रों की स्थापना के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: कॉपर आयात में वैश्विक कीमतों की अस्थिरता और जियोपॉलिटिकल रुकावटों से होने वाले जोखिम को कम करना
ट्रेड बैलेंस में सुधार: आयातित इंडस्ट्रियल मेटल्स की जगह घरेलू उत्पादन से करंट अकाउंट को मजबूत करना
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: 500,000 मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन बनाए रखने के लिए हाई-कैपेसिटी पावर और लॉजिस्टिक्स की ज़रूरत
मुख्य शब्द: आयात प्रतिस्थापन · कमोडिटी वैल्यू चेन · औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर · व्यापार संतुलन · संसाधन सुरक्षा
चर्चा में क्यों: EPFO ने स्पष्ट किया है कि श्रम संहिता में संशोधनों से उत्पन्न अस्पष्टताओं को दूर करनेके लिए, 2026 की नई EPF योजना के अंतर्गत ₹1,800 प्रति माह से अधिक का अंशदान स्वैच्छिक होगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) EPF योजना का प्रबंधन करता है, जो वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) की तुलना में उच्च ब्याज दरें प्रदान करती है। 2026 की योजना यह निर्धारित करती है कि ₹1,800 की मासिक सीमा से अधिक का कोई भी अंशदान कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाEPFO: Employees' Provident Fund Organisation भारत में EPF योजना का प्रबंधन करने वाली प्राथमिक संस्था है।
तथ्यEPF के लिए अनिवार्य अंशदान की सीमा ₹1,800 प्रति माह निर्धारित है।
तथ्य2026 की योजना के अनुसार, EPF, SCSS और NSC की तुलना में उच्च ब्याज दरें प्रदान करता है।
विज्ञान-तकनीकNPS (National Pension System) एक बाजार-लिंक्ड सेवानिवृत्ति निवेश है, जो निश्चित रिटर्न वाले EPF से भिन्न है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय कार्यबल के लिए स्वैच्छिक भविष्य निधि (Provident Fund) अंशदान के संदर्भ में, तत्काल तरलता और दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति सुरक्षा के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
लिक्विडिटी बनाम सिक्योरिटी: कम स्वैच्छिक योगदान के कारण लॉन्ग-टर्म कॉर्पस में होने वाली कमी और तुरंत मिलने वाले टेक-होम पे के बीच संतुलन
इन्वेस्टमेंट रिस्क प्रोफाइल: फिक्स्ड-रिटर्न EPF की सुरक्षा बनाम मार्केट-लिंक्ड NPS की महंगाई से बचाव की क्षमता की तुलना
रेगुलेटरी एम्बिग्यूइटी: सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स सुनिश्चित करने के लिए लेबर कोड्स में स्पष्ट कोडिंग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · रिटायरमेंट प्लानिंग · लिक्विडिटी प्रेफरेंस · लेबर कोड्स · फिक्स्ड इनकम
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाते हुए, चार चीनी बिजली उपकरण कंपनियों को सरकारी निविदाओं में बोली लगाने के लिए 2 वर्ष की छूट प्रदान की है।
वित्त मंत्रालय ने TBEA Energy, Nanjing Electric India, New Northeast Electric India, और Taikai Electric (India) को सार्वजनिक खरीद नियमों से छूट प्रदान की है। यह छूट दो वर्षों के लिए वैध है और अन्य कंपनियों के लिए कोई पूर्ववृत्त (precedent) स्थापित नहीं करती है। यह निर्णय सीमा विवादों के कारण चीनी संस्थाओं पर लगाए गए 2020 के प्रतिबंध के अनुपालन में लिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यचार चीनी बिजली कंपनियों के लिए छूट की अवधि 2 वर्ष है।
संस्था2020 के प्रतिबंधों के बाद, 'registration committee' वह निकाय है जो आवेदनों की जांच के लिए जिम्मेदार है।
तथ्ययह छूट विशेष रूप से चार फर्मों पर लागू होती है: TBEA Energy, Nanjing Electric India, New Northeast Electric India, और Taikai Electric (India)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा की अनिवार्यताओं और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं प्रौद्योगिकी की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाने की दुविधा का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी फ्लेक्सिबिलिटी: औद्योगिक प्रगति को रोके बिना भू-राजनीतिक तनावों को मैनेज करने के लिए समय-बद्ध छूट का इस्तेमाल
सप्लाई चेन की कमजोरी: चीनी पावर इक्विपमेंट पर भारी निर्भरता भारत के एनर्जी ट्रांजिशन लक्ष्यों के लिए एक रणनीतिक बाधा पैदा करती है
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा · भू-राजनीतिक जोखिम · सार्वजनिक खरीद · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी राजस्थान के पचपद्रा में HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) का उद्घाटन करने वाले हैं, जिसका उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा और डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल क्षमता को सुदृढ़ करना है।
राजस्थान के पचपद्रा स्थित HRRL रिफाइनरी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन है। इसमें 17 का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स (Nelson Complexity Index) है, जो इसे विश्व की सबसे उन्नत शोधन सुविधाओं में से एक बनाता है। यह राजस्थान सरकार के लिए वार्षिक 5,000 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न करने की क्षमता रखती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यHRRL की वार्षिक उत्पादन क्षमता: 9 मिलियन मीट्रिक टन।
तथ्यHRRL का Nelson Complexity Index: 17।
स्थानHRRL का स्थान: पचपदरा, राजस्थान।
तथ्यराजस्थान सरकार के लिए अनुमानित वार्षिक राजस्व: Rs 5,000 करोड़।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों पर आयात निर्भरता को कम करने में एचआरआरएल (HRRL) जैसी उच्च-जटिलता वाली रिफाइनरियों के विकास के योगदान पर चर्चा कीजिए।
डाउनस्ट्रीम इंटीग्रेशन: कच्चे तेल के आयातक से हाई-वैल्यू पेट्रोकेमिकल्स और बिटुमेन के हब में बदलाव
क्षेत्रीय आर्थिक मल्टीप्लायर: राज्य के खजाने के लिए सीधा राजस्व और राजस्थान में स्थानीय रोज़गार का सृजन
तकनीकी छलांग: फीडस्टॉक कन्वर्जन को बेहतर बनाने और वेस्ट कम करने के लिए हाई नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स सुविधाओं का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम · पेट्रोकेमिकल्स · नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स · आयात प्रतिस्थापन
चर्चा में क्यों: प्रमुख भारतीय ब्रोकर Groww और Zerodha को GIFT City के माध्यम से वैश्विक निवेश की सुविधा प्रदान करने के लिए अनुमोदन प्राप्त हुआ है, जिससे भारतीय निवेशकों के लिए विदेशी बाजारों तक सुगम पहुंच सुलभ होगी।
GIFT City (Gujarat International Finance Tecity) वर्तमान में 1,100 से अधिक संस्थाओं की मेजबानी करता है और लगभग $110 बिलियन की बैंकिंग परिसंपत्तियों का प्रबंधन करता है। International Financial Services Centres Authority (IFSCA) इन वित्तीय सेवाओं के लिए प्राथमिक नियामक निकाय है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIFSCA: International Financial Services Centres Authority, GIFT City को विनियमित करने वाली एक वैधानिक संस्था है।
स्थानGIFT City: यह गुजरात के गांधीनगर में स्थित है और भारत के पहले कार्यात्मक International Financial Services Centre (IFSC) के रूप में कार्य करता है।
तथ्यवर्तमान रिपोर्टिंग अवधि तक, GIFT City वर्तमान में $110 बिलियन से अधिक की बैंकिंग संपत्तियों का प्रबंधन करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गिफ्ट सिटी (GIFT City) जैसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (IFSCs) का विकास, निवेशक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वैश्विक पूंजी बाजारों में भारत की स्थिति को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट को आसान बनाने और FEMA व KYC नियमों को सख्ती से लागू करने के बीच संतुलन
संस्थागत बाधा: ऑनबोर्डिंग और KYC प्रक्रियाओं में देरी से सीमा पार पूंजी के सुचारू प्रवाह में रुकावट
इन्वेस्टर भरोसा: रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिस्क कम करने हेतु फॉरेन एक्सचेंज नियमों की सुसंगत व्याख्या की ज़रूरत
मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट्स · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · FEMA · निवेशक सुरक्षा · वित्तीय समावेशन
चर्चा में क्यों: RBI ने प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग के बैंक वित्तपोषण के लिए 100% संपार्श्विक (collateral) की आवश्यकता वाला एक नया ढांचा पेश किया है, जो ट्रेडिंग फर्मों के लिए वित्तपोषण लागत को प्रभावित करेगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का नया ढांचा यह अनिवार्य करता है कि प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग के लिए बैंक वित्तपोषण को 100% संपार्श्विक (collateral) द्वारा समर्थित होना चाहिए। यह नियम 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी हो गया है, और इससे व्यापार लागत में 300-500 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि होने की संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाRBI: भारतीय रिज़र्व बैंक भारत का केंद्रीय बैंक है जो मौद्रिक नीति और बैंकिंग विनियमन के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यसंपार्श्विक आवश्यकता: प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग के बैंक वित्तपोषण के लिए अब 100% संपार्श्विक (collateral) अनिवार्य है।
तथ्यलागत प्रभाव: उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि ट्रेडिंग लागत में 300-500 basis points की वृद्धि होगी।
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वामित्व व्यापार (proprietary trading) पर कठोर संपार्श्विक आवश्यकताओं के निहितार्थों और भारत में बाजार तरलता एवं पूंजी निर्माण पर उनके संभावित प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
लिक्विडिटी का संकुचन: ज़्यादा फंडिंग कॉस्ट से ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो सकता है और हाई-फ़्रीक्वेंसी मार्केट पार्टिसिपेशन कम हो सकता है
रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: कंपनियाँ हाई कोलैटरल कॉस्ट से बचने के लिए कम रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म पर अपनी गतिविधियाँ शिफ्ट कर सकती हैं
सिस्टमेटिक रिस्क मिटिगेशन: प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग में लीवरेज कम करना बैंकिंग सिस्टम को सट्टा नुकसान से बचाता है
चर्चा में क्यों: वर्षा की कमी के कारण जलविद्युत उत्पादन में 19.5% की गिरावट आने से ग्रिड ऑपरेटरों को तापीय ऊर्जा उत्पादन को प्राथमिकता देनी पड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप भारत की कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
कोयला आधारित बिजली उत्पादन ने जून 2024 और जून 2025 में स्थापित किए गए रिकॉर्डों को पार कर लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई माह के लिए सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान दिया है, जिसके परिणामस्वरूप कोयले के भंडार में भारी गिरावट आई है और जलविद्युत उत्पादन में 19.5% की कमी दर्ज की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यवर्षा की कमी के कारण जलविद्युत उत्पादन में 19.5% की गिरावट आई।
संस्थाGrid India: राष्ट्रीय पावर ग्रिड के प्रबंधन और ईंधन सुरक्षा परामर्श (fuel security advisories) जारी करने के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार निकाय।
संस्थाIMD: भारत में मौसम संबंधी पूर्वानुमान और वर्षा के आंकड़ों के लिए जिम्मेदार आधिकारिक एजेंसी।
तथ्यवर्तमान अवधि तक, कोयला आधारित उत्पादन तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन के कारण नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच, भारत की बढ़ती बिजली की मांग और इसके वि-कार्बनिकरण (decarbonization) लक्ष्यों के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: जलवायु परिवर्तन के कारण हाइड्रो-शॉर्टफॉल्स के दौरान ग्रिड को स्थिर करने के लिए कोयले पर तत्काल निर्भरता
क्लाइमेट-इंफ्रास्ट्रक्चर नेक्सस: अनिश्चित मानसून पैटर्न से नॉन-थर्मल पावर सोर्सेज पर असर और नेशनल ग्रिड की संवेदनशीलता
सप्लाई चेन का दबाव: कोयले के स्टॉक में भारी गिरावट से गैस आधारित स्टेशनों के लिए तत्काल फ्यूल सिक्योरिटी एडवाइजरी की ज़रूरत
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · डीकार्बोनाइजेशन · ग्रिड स्टेबिलिटी · क्लाइमेट रेजिलिएंस · थर्मल जनरेशन
चर्चा में क्यों: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) योजना 2026 में संशोधन किया है, ताकि पूर्व की ₹15,000 की वेतन सीमा से अधिक की स्वैच्छिक अंशदान की अनुमति दी जा सके।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस योजना का प्रबंधन करता है। यह संशोधन कर्मचारियों को निर्धारित वेतन सीमा या वास्तविक वेतन के आधार पर अंशदान के मध्य चयन करने की अनुमति प्रदान करता है, जबकि नियोक्ता अब उच्च आय वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन कोष में अतिरिक्त अंशदान करने में सक्षम होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाEPFO: Employees' Provident Fund Organisation भारत में श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का प्रबंधन करने वाली प्राथमिक संस्था है।
तथ्यपूर्व वेतन सीमा: अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा कवरेज की पूर्व में ₹15,000 की मासिक वेतन सीमा निर्धारित थी।
तथ्यनई योजना: Employees' Provident Funds Scheme 2026 वास्तविक मजदूरी के आधार पर स्वैच्छिक योगदान की अनुमति देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वैच्छिक अंशदान के माध्यम से उच्च-वेतन प्राप्त व्यक्तियों तक सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार किस प्रकार भारत की औपचारिक अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ कर सकता है, चर्चा कीजिए।
इनक्लूजन गैप: हाई-इनकम फॉर्मल सेक्टर वर्कर्स को अनिवार्य प्रोविडेंट फंड लाभ से बाहर रखने की समस्या को दूर करना
राजकोषीय स्थिरता: पेंशन फंड देनदारियों के विस्तार और EPFO की दीर्घकालिक सॉल्वेंसी के बीच संतुलन
चॉइस आर्किटेक्चर: रिटायरमेंट सिक्योरिटी सुनिश्चित करने में स्वैच्छिक बनाम अनिवार्य योगदान मॉडल की प्रभावशीलता का मूल्यांकन
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · औपचारिकीकरण · पेंशन फंड · वेतन सीमा · समावेशी विकास
चर्चा में क्यों: पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने तेल विपणन कंपनियों द्वारा अंडर-रिकवरी के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान के बावजूद E20 इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम का बचाव किया।
भारत सरकार E20 कार्यक्रम के एक भाग के रूप में पेट्रोल में इथेनॉल सम्मिश्रण की उच्च दर को बढ़ावा दे रही है। यद्यपि इथेनॉल सम्मिश्रण से वाहन की माइलेज में मामूली कमी आ सकती है, तथापि यह वाहन के त्वरण में सुधार करने और वैश्विक जैव ईंधन प्रवृत्तियों के अनुरूप होने के लिए उल्लेखनीय है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यE20 कार्यक्रम: यह 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के मिश्रण को संदर्भित करता है।
विज्ञान-तकनीकएथेनॉल: बायोमास (जैसे गन्ना, मक्का) से उत्पादित एक जैव ईंधन जिसका उपयोग जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए किया जाता है।
तथ्यअंडर-रिकवरी (Under-recoveries): तेल विपणन कंपनियों (oil marketing companies) द्वारा होने वाली वह वित्तीय हानि, जब ईंधन की वास्तविक बिक्री मात्रा, लेखांकित मात्रा से अधिक हो जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के ईंधन मिश्रण में इथेनॉल सम्मिश्रण (ethanol blending) बढ़ाने के आर्थिक और पर्यावरणीय व्यापार-बंदों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए, साथ ही तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर इसके वित्तीय निहितार्थों पर भी चर्चा कीजिए।
राजकोषीय टकराव: ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के वित्तीय नुकसान और दीर्घकालिक डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
सप्लाई चेन डायनेमिक्स: इथेनॉल उत्पादन के लिए फीडस्टॉक डाइवर्ट होने से खाद्य सुरक्षा और कृषि कीमतों पर संभावित असर
तकनीकी बदलाव: E20 युग में कम ईंधन माइलेज और बेहतर इंजन परफॉरमेंस/एक्सेलेरेशन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: बायोफ्यूल ब्लेंडिंग · डीकार्बोनाइजेशन · कम वसूली · ऊर्जा सुरक्षा · E20 प्रोग्राम
चर्चा में क्यों: वर्ष 2025-26 में भारत की 7.7% की GDP वृद्धि और विनिर्माण PMI का 50 से ऊपर बने रहना, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद आर्थिक सुदृढ़ता को रेखांकित करता है।
भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7.7% की जीडीपी (GDP) वृद्धि दर्ज की। वर्ष 2026 तक, विनिर्माण पीएमआई (Manufacturing PMI) लगातार 37 महीनों तक 50-अंक की विस्तार सीमा से ऊपर बना रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की GDP विकास दर 7.7% रही।
तथ्य2026 तक, Manufacturing PMI लगातार 37 महीनों तक 50 से ऊपर बनी रही।
तथ्यमई 2026 में HSBC India Services PMI बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स 59.8 तक पहुंच गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की निरंतर जीडीपी वृद्धि और विनिर्माण क्षेत्र के लचीलेपन के पीछे निहित संरचनात्मक कारकों का विश्लेषण कीजिए।
कैपिटल एक्सपेंडिचर मल्टीप्लायर: इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च का प्राइवेट सेक्टर इन्वेस्टमेंट और मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट पर असर
सेवा-आधारित विकास: ग्लोबल डिमांड शॉक के खिलाफ अर्थव्यवस्था को बचाने में सर्विस सेक्टर की भूमिका
राजकोषीय स्वास्थ्य: मजबूत टैक्स कलेक्शन और सरकार की काउंटर-साइक्लिक खर्च करने की क्षमता के बीच संबंध
मुख्य शब्द: आर्थिक मजबूती · मैन्युफैक्चरिंग PMI · पूंजीगत व्यय · विकास के संकेतक · राजकोषीय स्थिति
चर्चा में क्यों: भारतीय रेलवे ने जून 2026 के लिए माल और यात्री सेवाओं में वृद्धि दर्ज की है, जो वंदे भारत बेड़े के विस्तार को रेखांकित करती है।
जून 2026 में, भारतीय रेलवे के माल ढुलाई की मात्रा में 4% की वृद्धि और माल ढुलाई से होने वाली आय में 3% की वृद्धि दर्ज की गई। इस माह में यात्रियों की संख्या 63.81 करोड़ तक पहुँच गई, तथा वंदे भारत बेड़े का विस्तार कर इसे 164 सेवाओं तक बढ़ा दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यजून 2026 में माल ढुलाई (Freight transportation) की मात्रा, जून 2025 की तुलना में 4% बढ़ी।
तथ्यजून 2026 में यात्रियों की संख्या 63.81 करोड़ तक पहुंच गई।
तथ्यजून 2026 तक Vande Bharat बेड़े का विस्तार 164 सेवाओं तक कर दिया गया है।
स्थानहावड़ा और कामाख्या, गुवाहाटी के बीच नई वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू की गई है।
तथ्यप्रमुख माल ढुलाई कारकों में उर्वरक, लौह अयस्क, घरेलू कोयला और क्लिंकर शामिल थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के बुनियादी ढांचा विकास लक्ष्यों के संदर्भ में औद्योगिक विकास को सुगम बनाने और यात्री कनेक्टिविटी को बढ़ाने में भारतीय रेलवे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: औद्योगिक लागत कम करने के लिए कोयला और लौह अयस्क जैसे बल्क कमोडिटी के फ्रेट ट्रांजिट समय को कम करना
मोडल शिफ्ट: कार्बन फुटप्रिंट और हाईवे की भीड़ कम करने के लिए माल ढुलाई को सड़क से रेल तक ले जाना
सेवा विविधीकरण: आर्थिक एकीकरण के लिए वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड प्रीमियम सेवाओं और आवश्यक फ्रेट कॉरिडोर के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: लॉजिस्टिक्स दक्षता · मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · फ्रेट कॉरिडोर · कनेक्टिविटी
चर्चा में क्यों: विशेषज्ञों ने पूंजी निवेश से लेकर उच्च-गुणवत्ता वाले विनिर्माण और SME-स्टार्टअप एकीकरण तक, भारत-जापान आर्थिक साझेदारी के विकास पर चर्चा की।
Mitsui & Co. और Hitachi Ltd. जैसी जापानी कंपनियाँ भारत में अपने विनिर्माण पदचिह्नों (manufacturing footprints) का विस्तार कर रही हैं। वर्तमान में, इनका ध्यान उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद विकास और जापानी लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) तथा भारतीय स्टार्टअप्स के बीच संयुक्त उद्यमों (joint ventures) की ओर स्थानांतरित हो रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यMitsui & Co. विनिर्माण और निवेश में संलग्न एक प्रमुख जापानी समूह (conglomerate) है।
तथ्यभारत, जापानी उच्च-गुणवत्ता वाले विनिर्माण (manufacturing) के लिए एक प्राथमिकता वाले गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
तथ्यMSMEs को जापान की विनिर्माण शक्ति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला केंद्र स्थापित करने में भारत-जापान विनिर्माण साझेदारी की क्षमता का विश्लेषण कीजिए। भारतीय स्टार्टअप्स को जापानी विनिर्माण विशेषज्ञता के साथ एकीकृत करने के लिए किन संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है? विश्लेषण कीजिए।
इकोसिस्टम इंटीग्रेशन: जापानी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और जॉइंट वेंचर की व्यवहार्यता के लिए MSME इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना
चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों (BRPL, BYPL, TPDDL) के नियामक परिसंपत्तियों (RAs) में ₹38,500 करोड़ के संचय की जांच करनेके लिए CAG ऑडिट का आदेश दिया है, जो उपभोक्ताओं से वसूल नहीं किया गया है।
दिल्ली सरकार ने इस तथ्य की जांच करनेके लिए CAG ऑडिट की पहल की है कि उपभोक्ताओं से वसूल न किए जाने के कारण ₹38,500 करोड़ की कुल नियामक परिसंपत्तियां (regulatory assets) क्यों जमा हो गई हैं। यह ऑडिट तीन प्रमुख वितरण कंपनियों (discoms): BSES Rajdhani Power Limited (BRPL), BSES Yamuna Power Limited (BYPL), और Tata Power Delhi Distribution Limited (TPDDL) को कवर करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाCAG: भारत का नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (Comptroller and Auditor General of India) देश की सर्वोच्च ऑडिट संस्था है।
तथ्यRegulatory Assets (RAs): बिजली वितरण की वे संचित लागतें (accumulated costs) जो वर्तमान बिलिंग चक्र में उपभोक्ताओं से वसूल नहीं की गई हैं।
स्थानBRPL, BYPL, और TPDDL: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में संचालित प्रमुख बिजली वितरण कंपनियाँ (discoms) हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विद्युत वितरण में संचित नियामक परिसंपत्तियों (regulatory assets) के राजकोषीय निहितार्थों और सार्वजनिक उपयोगिता मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में स्वतंत्र ऑडिट की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
फ़िस्कल लीकेज: एंड-यूज़र्स से इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट की लागत वसूल न होने के कारण सार्वजनिक राजस्व का संभावित नुकसान
रेगुलेटरी ओवरसाइट: प्राइवेट डिस्कॉम्स द्वारा संपत्तियों के मनमाने संचय को रोकने के लिए स्टैंडर्ड अकाउंटिंग फ्रेमवर्क की ज़रूरत
ऑडिट जवाबदेही: बुनियादी ढांचे में PPP मॉडल की जांच के लिए CAG के जनादेश को मजबूत करना
चर्चा में क्यों: अनुकूल व्यापार समझौतों और 2030 तक 350 बिलियन डॉलर के बाजार लक्ष्य तक पहुँचने के सरकारी लक्ष्य के कारण भारतीय कपड़ा शेयरों (जैसे, Arvind Ltd, SP Apparels) में भारी उछाल देखा गया।
भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक कपड़ा बाजार के विस्तार का लक्ष्य 350 बिलियन डॉलर निर्धारित किया है। वर्ष 2024 में, अरविंद लिमिटेड और SP Apparels जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के शेयरों की कीमतों में क्रमशः 74% और 60% की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारतीय कपड़ा बाजार के लिए सरकार का लक्ष्य: 2030 तक $350 बिलियन।
तथ्यSP Apparels Ltd और Arvind Ltd ने 2024 में क्रमशः 60% और 74% की स्टॉक वृद्धि दर्ज की।
संस्थाSBI Funds Management Ltd और Quant Mutual Fund कपड़ा क्षेत्र (textile sector) में प्रमुख संस्थागत निवेशक हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 2030 तक भारत को एक वैश्विक कपड़ा केंद्र (ग्लोबल टेक्सटाइल हब) के रूप में स्थापित करने में व्यापार उदारीकरण और विनिर्माण प्रोत्साहन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनैक: 350 बिलियन डॉलर का लक्ष्य पूरा करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में भारी निवेश की ज़रूरत
व्यापार निर्भरता: अनुकूल द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के बावजूद वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशीलता
कैपिटल फ्लो: उत्पादन और तकनीकी अपग्रेड बढ़ाने में संस्थागत निवेश की भूमिका
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · मैन्युफैक्चरिंग क्षमता · संस्थागत निवेश · निर्यात में बढ़ोतरी · बाज़ार का विस्तार
चर्चा में क्यों: माइक्रोसॉफ्ट और टाटा, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच AI और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से I-2SEA सबमरीन केबल का निर्माण करने वाले एक संघ (consortium) का हिस्सा हैं।
I-2SEA केबल भारत, मलेशिया और सिंगापुर को जोड़ने वाला 3,600 किलोमीटर लंबा एक अंतःविषयक समुद्री संपर्क है। इसे हाइपरस्केल वर्कलोड और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को सुदृढ़ करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका परिचालन Q4 2029 में शुरू होने की संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यI-2SEA केबल की लंबाई: 3,600 km।
तथ्यअनुमानित परिचालन तिथि: Q4 2029।
तथ्यनियोजित विस्तार: भारत में AI और क्लाउड ज़ोन की संख्या को 19 से बढ़ाकर 29 करना।
विज्ञान-तकनीकLightstorm वर्तमान में स्थलीय फाइबर नेटवर्क के माध्यम से 19 AI और क्लाउड ज़ोन को जोड़ता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने की महत्वाकांक्षाओं के संदर्भ में, पनडुब्बी केबल (submarine cable) बुनियादी ढांचे के विस्तार की अनिवार्यता का विश्लेषण कीजिए।
डेटा संप्रभुता: क्रॉस-बॉर्डर डेटा फ्लो और घरेलू प्राइवेसी रेगुलेशंस के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: अंडरसी कनेक्टिविटी के जरिए हाई-कंप्यूट AI वर्कलोड में लेटेंसी की समस्याओं को हल करना
भू-राजनीतिक लाभ: दक्षिण पूर्व एशियाई भागीदारों के साथ डिजिटल डिप्लोमेसी और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना
चर्चा में क्यों: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कानपुर (UP) को कबराई (MP) से जोड़ने वाली 7,145 करोड़ रुपये की चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है।
इस परियोजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के कानपुर को मध्य प्रदेश के कबराई से जोड़ने वाला एक चार-लेन पहुंच-नियंत्रित (एक्सेस-नियंत्रित) राजमार्ग विकसित किया जाएगा। अनुमान है कि इससे यात्रा के समय में 50% की कमी आएगी और यह परियोजना PM GatiShakti राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यपरियोजना लागत: Rs 7,145 करोड़।
योजनाPM GatiShakti: बहु-मोडल कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान।
स्थानकबराई मध्य प्रदेश में स्थित एक स्थान है; कानपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है।
तथ्यइस परियोजना का उद्देश्य 16 आर्थिक नोड्स, 9 सामाजिक नोड्स और 10 लॉजिस्टिक्स नोड्स को लाभान्वित करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पीएम गतिशक्ति जैसी एकीकृत बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भारत में क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास को किस प्रकार सुगम बना सकती हैं, चर्चा कीजिए।
लॉजिस्टिक्स दक्षता: खनिज और औद्योगिक परिवहन के लिए ट्रांजिट समय और लागत में कमी
क्षेत्रीय विकास: उत्तर प्रदेश के इंडस्ट्रियल हब और मध्य प्रदेश के खनिज समृद्ध क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना
रोज़गार सृजन: इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और बेहतर व्यापार प्रवाह के ज़रिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों का निर्माण
मुख्य शब्द: मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी · क्षेत्रीय एकीकरण · लॉजिस्टिक्स दक्षता · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · आर्थिक नोड्स
चर्चा में क्यों: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के विकास और आर्थिक प्रगति हेतु 20 वर्षीय रणनीति की रूपरेखातय करने के लिए 'Viksit Gujarat @2047' रोडमैप का अनावरण किया।
इस रूपरेखा को 30 जून, 2026 को GRIT और सामान्य प्रशासन विभाग के नियोजन प्रभाग द्वारा अनावरण किया गया था। इसका लक्ष्य 11 प्रमुख विषयों और 120 व्यापक लक्ष्यों के माध्यम से वर्ष 2047 तक 3.5 ट्रिलियन डॉलर का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्राप्त करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य2047 तक गुजरात के लिए लक्षित GSDP: $3.5 ट्रिलियन।
संस्थाGRIT: विकसित गुजरात रोडमैप में शामिल एक सहयोगात्मक निकाय।
तथ्यरोडमैप संरचना: 11 प्रमुख विषय, 120 व्यापक लक्ष्य और 55 प्रमुख थ्रस्ट क्षेत्र।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'विकसित भारत @2047' के राष्ट्रीय विजन को प्राप्त करने में राज्य-विशिष्ट विकास रोडमैप के महत्व की चर्चा कीजिए।
राजकोषीय विकेंद्रीकरण: राज्य की विकासात्मक स्वायत्तता और राष्ट्रीय आर्थिक प्राथमिकताओं के बीच संतुलन
इनक्लूसिव ग्रोथ मैट्रिक्स: एग्रीगेट GSDP ग्रोथ से नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में मापने योग्य सुधार की ओर बदलाव
इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास: ग्रामीण-शहरी आर्थिक अंतर को कम करने के लिए टेक्नोलॉजी-आधारित ग्रोथ का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: सब्सिडियारिटी · समावेशी विकास · मैक्रो गोल्स · सतत विकास · राज्य योजना
चर्चा में क्यों: आयुर्वेद सेवा प्रदाता वैश्विक बाजार में विस्तार की सुविधा हेतु आयुर्वेद और वेलनेस टूरिज्म को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के रूप में सरकारी मान्यता प्राप्त करने की मांग कर रहे हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में AYUSH सेवा क्षेत्र से लगभग ₹1.67 लाख करोड़ के राजस्व सृजन का अनुमान है। हितधारक एक सक्रिय आयुर्वेद एवं कल्याण परिषद की स्थापना और उपचारों के लिए व्यापक बीमा कवरेज बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यAYUSH सेवा क्षेत्र से अनुमानित राजस्व: 2025-26 में ₹1.67 लाख करोड़।
संस्थाAYUSH: AYUSH मंत्रालय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी की देखरेख करता है।
पदवेलनेस टूरिज्म (Wellness Tourism): पर्यटन क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों से जुड़ा एक बढ़ता हुआ विशिष्ट क्षेत्र।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की निर्यात अर्थव्यवस्था में आयुष (AYUSH) क्षेत्र की क्षमता का विश्लेषण कीजिए और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए आवश्यक संस्थागत सुधारों की पहचान कीजिए। चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी बॉटलनैक: आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन के लिए स्टैंडर्ड ग्लोबल सर्टिफिकेशन की कमी से अंतरराष्ट्रीय मार्केट में पहुंच बाधित
इंश्योरेंस गैप: सरकारी और प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम में पारंपरिक चिकित्सा के सीमित समावेश से पहुंच में कमी
रिसर्च की कमी: ग्लोबल रेगुलेटरी कंप्लायंस के लिए आयुर्वेदिक उपचारों को प्रमाणित करने हेतु एविडेंस-बेस्ड क्लिनिकल ट्रायल्स की ज़रूरत
मुख्य शब्द: निर्यात क्षमता · वेलनेस टूरिज्म · आयुष सेक्टर · मानकीकरण · सबूतों पर आधारित मेडिसिन
चर्चा में क्यों: BSE ने भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में पैसिव निवेश उत्पादों के लिए एक मानक (बेंचमार्क) प्रदान करने हेतु REITs और कमर्शियल रियल एस्टेट इंडेक्स लॉन्च किया है।
BSE REITs और कमर्शियल रियल एस्टेट इंडेक्स का आधार मूल्य 1,000 है और इसमें सूचीबद्ध REITs तथा महत्वपूर्ण वाणिज्यिक अचल संपत्ति वाली कंपनियाँ सम्मिलित हैं। पोर्टफोलियो विविधीकरण सुनिश्चित करने के लिए, इसमें व्यक्तिगत घटकों पर 20% की सीमा निर्धारित की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यBSE REITs और Commercial Real Estate Index का आधार मूल्य 1,000 है।
तथ्ययह सूचकांक विविधीकरण के लिए व्यक्तिगत घटकों पर 20% की सीमा निर्धारित करता है।
संस्थाBSE (Bombay Stock Exchange) इस इंडेक्स को लॉन्च करने वाली प्राथमिक संस्था है।
तथ्ययह सूचकांक ETFs, इंडेक्स फंड्स, PMS और म्यूचुअल फंड योजनाओं के लिए एक बेंचमार्क के रूप में कार्य करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) के लिए विशिष्ट सूचकांकों (indices) के विकास से भारत के बुनियादी ढाँचे में संस्थागत निवेश को बढ़ावा देने और पूंजी बाजार की गहराई को बढ़ाने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
मार्केट ट्रांसपेरेंसी: बेंचमार्किंग यील्ड-जनरेटिंग रियल एस्टेट एसेट्स के परफॉरमेंस को मापने के लिए एक स्टैंडर्डाइज्ड मीट्रिक प्रदान करती है
मुख्य शब्द: पैसिव इन्वेस्टमेंट · REITs · कैपिटल मार्केट डेप्थ · पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन · रिटर्न देने वाली एसेट्स
चर्चा में क्यों: SEBI ने शेयर की कीमतों में हेरफेर करने और अवैध रूप से 143.79 करोड़ रुपये प्राप्त करने के उद्देश्य से 'पंप-एंड-डंप' योजना संचालित करने के लिए हनीफ शेख और 221 संस्थाओं पर दंड लगाया है।
SEBI ने पांच कंपनियों के व्यापारिक आयतन (trading volumes) में हेरफेर करने से जुड़ी 200 से अधिक संस्थाओं से संबंधित एक धोखाधड़ी वाली योजना की पहचान की है। हनिफ शेख पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें 7 वर्षों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि पांच संबद्ध संस्थाओं पर 2 करोड़ रुपये का प्रत्येक जुर्माना लगाया गया है और उन्हें 6 वर्षों के लिए वर्जित कर दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSEBI: भारत में प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक, जिसकी स्थापना SEBI Act, 1992 के तहत की गई है।
तथ्यपंप-एंड-डंप (pump-and-dump) योजना के परिणामस्वरूप लगभग Rs 143.79 करोड़ का अवैध लाभ प्राप्त हुआ।
तथ्यहनीफ शेख को 7 वर्ष की अवधि के लिए प्रतिभूति बाजार (securities market) तक पहुंच से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
तथ्यDisgorgement: एक नियामक कार्रवाई जिसमें SEBI अवैध बाजार गतिविधियों से प्राप्त अनुचित लाभ को वापस करने का आदेश देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय पूंजी बाजारों में 'पंप-एंड-डंप' योजनाओं पर अंकुश लगाने में आने वाली विनियामक चुनौतियों और बाजार की अखंडता सुनिश्चित करने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इन्फॉर्मेशन एसिमेट्री: बल्क SMS सिफारिशों और तालमेल के साथ कीमतों में हेरफेर के जरिए रिटेल इन्वेस्टर्स का शोषण
रेगुलेटरी एनफोर्समेंट: कई सिक्योरिटीज में फैले 200 से अधिक संस्थाओं के जटिल नेटवर्क को ट्रैक करने में चुनौतियां
मार्केट इंटीग्रिटी: भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम और कृत्रिम महंगाई रोकने के मैकेनिज्म के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मार्केट मैनिपुलेशन · डिस्गॉर्जरमेंट · सूचना की असमानता · नियामक निगरानी · इन्वेस्टर प्रोटेक्शन
चर्चा में क्यों: केरल और तमिलनाडु द्वारा श्वेत पत्र जारी करना, सामाजिक क्षेत्र पर अत्यधिक व्यय के परिणामस्वरूप उच्च ऋण-से-GSDP अनुपात से उत्पन्न होने वाले राजकोषीय दबाव को रेखांकित करता है।
केरल और तमिलनाडु भारत के सर्वाधिक विकसित राज्यों में शामिल हैं, किंतु वे महत्वपूर्ण वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं। उनके श्वेत पत्र यह दर्शाते हैं कि स्वास्थ्य और शिक्षा पर उच्च व्यय, यद्यपि सामाजिक रूप से लाभकारी है, किंतु इसके कारण विकास की आकांक्षाएं वर्तमान राजकोषीय क्षमताओं से अधिक हो गई हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यश्वेत पत्र (White Papers): राज्य सरकारों द्वारा राजकोषीय स्थिति और व्यय प्राथमिकताओं को रेखांकित करने के लिए जारी किए गए आधिकारिक दस्तावेज।
तथ्यराजकोषीय क्षमता (Fiscal Capacity): आंतरिक राजस्व और ऋण के माध्यम से अपने व्यय को वित्तपोषित करने की राज्य सरकार की क्षमता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अत्यधिक विकसित राज्यों द्वारा महत्वाकांक्षी सामाजिक कल्याण व्यय और सतत ऋण प्रबंधन के बीच संतुलन साधने में आने वाली राजकोषीय चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेवेन्यू गैप: हाई-इंटेंसिटी डेवलपमेंट लक्ष्यों को फंड करने के लिए राज्य-स्तरीय टैक्स कलेक्शन क्षमता में संरचनात्मक सीमाएं
अंतर-राज्यीय राजकोषीय अंतर: सामाजिक कल्याण खर्च के अलग-अलग मॉडलों के आधार पर राज्यों की अलग-अलग राजकोषीय स्थिति
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · ऋण स्थिरता · समाज कल्याण खर्च · राजकोषीय क्षमता · सार्वजनिक वित्त
चर्चा में क्यों: ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स और डिजिटल प्रॉस्पेरिटी एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधात्मक डिजिटल नीतियां और डेटा गवर्नेंस नियम भारतीय स्टार्टअप्स के लिए VC फंडिंग में ₹91,500 करोड़ के नुकसान का कारण बन सकते हैं।
यह अध्ययन रेखांकित करता है कि वर्तमान नियमों के कारण 88% भारतीय स्टार्टअप्स को परिचालन संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह सुझाव देता है कि जहाँ प्रतिबंधात्मक नियम विकास में अवरोध उत्पन्न करते हैं, वहीं एक सुदृढ़ नियामक ढांचा स्टार्टअप निर्माण और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा दे सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यOxford Economics और Digital Prosperity Asia ने प्रतिबंधात्मक डिजिटल नीतियों के कारण VC फंडिंग में ₹91,500 करोड़ के संभावित नुकसान की पहचान की है।
तथ्यवर्तमान नियामक ढांचों से उत्पन्न परिचालन संबंधी बाधाओं की रिपोर्ट 88% भारतीय स्टार्टअप्स ने दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कठोर डेटा गवर्नेंस नियमों और भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के बीच होने वाले अंतर्विरोधों पर चर्चा कीजिए। भारत निवेशक विश्वास और डेटा गोपनीयता के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकता है? विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स के लिए कंप्लायंस कॉस्ट बनाम मजबूत डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क की ज़रूरत
कैपिटल फ्लाइट का रिस्क: पॉलिसी में अस्थिरता के कारण वेंचर कैपिटल (VC) इनफ्लो में कमी की संभावना
इनोवेशन-रेगुलेशन विरोधाभास: 'परमिशनलेस इनोवेशन' की ज़रूरत और डिजिटल संप्रभुता सुनिश्चित करने के राज्य के जनादेश के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: GST शासन ने रिकॉर्ड राजस्व संग्रह और AI-आधारित जोखिम-आधारित ऑडिट तथा एक सरलीकृत त्रि-दर संरचना की ओर संक्रमण के साथ अपने नौ साल का मील का पत्थर पूरा कर लिया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में GST के अंतर्गत रिकॉर्ड 23.11 लाख करोड़ रुपये का संग्रहण किया गया। सितंबर 2025 से एक नई त्रि-दर (three-rate) GST संरचना प्रभावी होने वाली है। कानूनी विवादों के न्यायनिर्णयन हेतु GST अपीलीय न्यायाधिकरण (GST Appellate Tribunal) वर्ष 2023 में कार्यात्मक हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यवित्त वर्ष 2025-26 में GST राजस्व रिकॉर्ड ₹23.11 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
संस्थाGST अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) 2023 में कार्यात्मक हो गया।
तथ्यGST संरचना सितंबर 2025 तक चार-स्तरीय (four-slab) से तीन-दर (three-rate) प्रणाली में परिवर्तित हो रही है।
विज्ञान-तकनीकGST प्रशासन AI-आधारित जांच और जोखिम-आधारित ऑडिट (risk-based audits) को अपना रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में वस्तु एवं सेवा कर (GST) ढांचे के एक केवल फाइलिंग प्रणाली से एआई-आधारित प्रशासन की ओर विकसित होने के व्यापार सुगमता और राजस्व अखंडता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
कंप्लायंस में रुकावट: मल्टी-स्लैब स्ट्रक्चर को समझने और ब्लॉक इनपुट टैक्स क्रेडिट को सुलझाने में जटिलता
न्यायिक अड़चन: GST अपीलीय ट्रिब्यूनल के चालू होने से पहले विवादों के निपटारे में देरी
तकनीकी निगरानी: AI-आधारित रिस्क-आधारित ऑडिट और पारदर्शी व अनुमानित टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अप्रत्यक्ष कराधान · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · इनपुट टैक्स क्रेडिट · राजकोषीय संघवाद · डिजिटल गवर्नेंस
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए MGNREGA के स्थान पर VB-G RAM जी. योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य रोजगार के गारंटीकृत दिनों में वृद्धि करना और राजकोषीय उत्तरदायित्व को स्थानांतरित करना है।
संघ सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए VB-G RAM जी. योजना हेतु 95,692.31 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। यह योजना गारंटीकृत मजदूरी रोजगार के दिनों की संख्या को 100 से बढ़ाकर 125 करती है और इसके अंतर्गत 'ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड' की शुरुआत की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यVB-G RAM जी. योजना का आवंटन: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए Rs 95,692.31 करोड़।
तथ्यगारंटीकृत मजदूरी रोजगार के दिन: 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए गए।
योजनाग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड: अकुशल शारीरिक श्रमिकों के लिए नया पहचान पत्र।
तथ्यराजकोषीय बदलाव: पूर्वोत्तर/हिमालयी राज्यों और विधानमंडल वाले UTs को छोड़कर, राज्यों पर उच्च वित्तपोषण का भार।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्राम विकास और ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत ग्रामीण रोजगार योजनाओं के वित्तपोषण के भार को केंद्र से राज्यों पर स्थानांतरित करने के राजकोषीय और संरचनात्मक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय संघवाद में तनाव: ग्रामीण रोज़गार के लिए केंद्र की सब्सिडी कम होने से राज्यों के खजाने पर दबाव की संभावना
लेबर मार्केट डायनेमिक्स: ग्रामीण प्रवास पैटर्न पर गारंटीड काम के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 करने का प्रभाव
प्रशासनिक निगरानी: अलग-अलग राज्यों में वेतन वितरण और कार्ड-आधारित वेरिफिकेशन की चुनौतियां
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · ग्रामीण रोज़गार · मजदूरी की गारंटी · विकेंद्रीकृत फंडिंग · आजीविका सुरक्षा
चर्चा में क्यों: JSW-JFE संयुक्त उद्यम द्वारा की गई शिकायत के उपरांत, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कोल्ड रोल्ड ग्रेन ओरिएंटेड (CRGO) स्टील के विरुद्ध एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है।
यह जाँच CRGO स्टील पर केंद्रित है, जो पारेषण प्रणालियों (transmission systems) में विद्युत ट्रांसफार्मर के लिए एक महत्वपूर्ण इनपुट है। यह जाँच JSW Steel Limited और JFE Steel Corporation के बीच एक संयुक्त उद्यम, JSW JFE Electrical Steel Nashik Private Limited द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यCRGO स्टील बिजली पारेषण प्रणालियों में उपयोग होने वाले ट्रांसफार्मर के निर्माण के लिए एक प्राथमिक इनपुट है।
संस्थाभारत में एंटी-डंपिंग जांच शुरू करने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय नोडल प्राधिकरण है।
तथ्यJSW JFE Electrical Steel Nashik Private Limited, JSW Steel Limited और JFE Steel Corporation के बीच एक संयुक्त उद्यम (joint venture) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह विश्लेषण कीजिए कि कैसे डंपिंग-रोधी उपाय घरेलू उद्योगों के संरक्षण और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे एवं अंतिम उपभोक्ताओं के लिए बढ़ती लागत के जोखिम के बीच संतुलन स्थापित कर सकते हैं।
कॉस्ट-पुश महंगाई: ट्रांसफार्मर निर्माण के लिए इनपुट लागत बढ़ने से बिजली टैरिफ बढ़ने की संभावना
बाज़ार में गड़बड़ी: सस्ते आयातित CRGO स्टील पर निर्भर छोटे निर्माताओं के लिए कम प्रतिस्पर्धा का जोखिम
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: घरेलू सप्लाई की कीमतें काफी बढ़ने पर ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार में संभावित सुस्ती
मुख्य शब्द: एंटी-डंपिंग जांच · इनपुट लागत · इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार · बाज़ार संतुलन · व्यापार संरक्षणवाद
चर्चा में क्यों: RBI ने अपनी अर्धवार्षिक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट जारी की है, जिसमें तनाव परीक्षणों (stress tests) के विरुद्ध बैंकिंग क्षेत्र के लचीलेपन पर प्रकाश डाला गया है, साथ ही बीमा और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों में निहित जोखिमों की पहचान की गई है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट इंगित करती है कि यद्यपि बैंकों ने तनाव परीक्षण (stress tests) सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किए हैं, तथापि प्रतिकूल परिदृश्यों के अंतर्गत सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (GNPA) में वृद्धि हो सकती है। रिपोर्ट ने विशेष रूप से बीमा क्षेत्र में बढ़ते नीतिधारक शिकायतों और लागत संरचना में विचलन को रेखांकित किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने और Financial Stability Report जारी करने के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यGross Non-Performing Assets (GNPA): बैंक परिसंपत्तियों की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए RBI द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक प्रमुख मानक।
विज्ञान-तकनीकसाइबर सुरक्षा: RBI द्वारा वर्तमान रिपोर्टिंग अवधि में वित्तीय स्थिरता के लिए एक प्राथमिक प्रणालीगत जोखिम (systemic risk) के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वित्तीय क्षेत्र में अंतर्संबंधों (interconnectedness) से उत्पन्न होने वाले प्रणालीगत जोखिमों का विश्लेषण कीजिए और बढ़ते साइबर सुरक्षा खतरों के बीच वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
कंटेजियन रिस्क: उच्च इंटर-डिपेंडेंसी के कारण आपस में जुड़े फाइनेंशियल संस्थानों के बीच झटकों का तेज़ी से फैलना
साइबर-रेज़िलिएंस की बाधा: सिस्टमिक लिक्विडिटी को प्रभावित करने वाले जटिल साइबर-हमलों के प्रति कोर बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की संवेदनशीलता
चर्चा में क्यों: केरल का उच्च ऋण-से-GSDP अनुपात और कम पूंजीगत व्यय बुनियादी ढाँचे के निवेश और राजकोषीय स्थिरता में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
केरल का पूंजीगत व्यय वर्तमान में इसके सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का 1.3% है। राज्य को केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (PSE) के संचालन से होने वाले नुकसान के कारण उत्पन्न राजकोषीय घाटे की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकेरल का पूंजीगत व्यय इसके GSDP का 1.3% है।
संस्थाKIIFB: Kerala Infrastructure Investment Fund Board, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए एक विशेष उद्देश्य वाहन (Special Purpose Vehicle)।
तथ्यकेरल का ऋण भार अन्य भारतीय राज्यों के औसत ऋण स्तरों से अधिक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल में उच्च राज्य ऋण और कम पूंजीगत व्यय के सामाजिक-आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। सतत बुनियादी ढांचा विकास सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त राजकोषीय उपायों का सुझाव दीजिए।
राजकोषीय स्पेस की कमी: उच्च ऋण-टू-GSDP अनुपात सार्वजनिक कार्यों के लिए नए लोन लेने की राज्य की क्षमता को सीमित करता है
राजस्व की कमी: केंद्र सरकार की कम हुई ग्रांट और PSE के नुकसान से आवर्ती खर्चों में संरचनात्मक घाटा पैदा हुआ
इन्वेस्टमेंट-ग्रोथ पैराडॉक्स: कम कैपिटल एक्सपेंडिचर (GSDP का 1.3%) लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और जॉब क्रिएशन में बाधा डाल रहा है
मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · पूंजीगत व्यय · ऋण स्थिरता · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम · राजकोषीय संघवाद
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्रालय ने घरेलू आपूर्ति और निर्यात राजस्व के बीच संतुलन स्थापित करनेके उद्देश्य से 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर विंडफॉल गेन कर की दरों में संशोधन किया है।
पेट्रोल निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स (अतिरिक्त लाभ कर) को 1.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके विपरीत, डीजल और ATF के लिए कर को क्रमशः घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर और 7.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (PSOCs) को मॉरीशस और मालदीव को होने वाले निर्यात के लिए छूट प्रदान की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यपेट्रोल निर्यात विंडफॉल टैक्स: 1 जुलाई, 2024 से बढ़ाकर ₹4 प्रति लीटर किया गया।
तथ्यडीजल और ATF विंडफॉल टैक्स: क्रमशः घटाकर Rs 8.5 प्रति लीटर और Rs 7.5 प्रति लीटर कर दिया गया है।
संस्थावित्त मंत्रालय: विंडफॉल गेन्स टैक्स (windfall gains tax) नीतियों को तैयार करने और लागू करने के लिए उत्तरदायी।
स्थानमॉरीशस और मालदीव: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों से छूट प्राप्त निर्यात प्राप्त करने वाले देश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विंडफॉल टैक्स के माध्यम से राजकोषीय राजस्व सृजन और घरेलू ऊर्जा सुरक्षा एवं मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बीच सरकार द्वारा किए जाने वाले संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
फ़िस्कल-सप्लाई ट्रेड-ऑफ़: वैश्विक कीमतों से होने वाले तत्काल राजस्व और घरेलू महंगाई व ईंधन की उपलब्धता के बीच संतुलन
स्ट्रेटेजिक एक्सेम्पशंस: मॉरीशस और मालदीव जैसे खास आइलैंड नेशन्स को एक्सपोर्ट एक्सेम्पशंस देने का पॉलिसी तर्क
मार्केट डिस्टॉर्शन: पब्लिक सेक्टर ऑयल कंपनियों के लिए लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट पर फ्लक्चुएटिंग विंडफॉल टैक्स का असर
मुख्य शब्द: विंडफॉल गेन्स टैक्स · राजकोषीय नीति · ऊर्जा सुरक्षा · कीमतों में स्थिरता · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
चर्चा में क्यों: NHAI राजस्थान के कोटा जिले में एक महत्वपूर्ण 8-लेन वाली सुरंग का निर्माण कर रहा है, जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना की दिशा में एक प्रमुख मील का पत्थर है।
यह सुरंग 4.89 किलोमीटर लंबी है और मुकुंदरा पहाड़ियों से गुजरने वाले 8.3 किलोमीटर के खंड का एक हिस्सा है। यह भारत की सबसे चौड़ी सुरंगों में से एक है और जुलाई 2024 तक दिल्ली-राजस्थान-मध्य प्रदेश खंड को चालू कर देगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानमुकुन्दरा हिल्स: राजस्थान के कोटा जिले में स्थित, जो अपने बाघों के आवास के लिए प्रसिद्ध है।
तथ्यदिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे: अक्टूबर 2026 तक 912 किमी की कुल परिचालन लंबाई के साथ वडोदरा तक पहुँचने का लक्ष्य।
संस्थाNHAI: National Highways Authority of India, एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसी उच्च गति वाली एक्सप्रेसवेों का विकास भारत में क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक एकीकरण में किस प्रकार योगदान देता है, चर्चा कीजिए।
लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: उत्तरी और पश्चिमी हब्स के बीच माल की आवाजाही के लिए ट्रांजिट समय और ईंधन की लागत में कमी
इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: मुकुंदरा हिल्स में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और टाइगर हैबिटेट के संरक्षण के बीच संतुलन
क्षेत्रीय विकास: राजस्थान और मध्य प्रदेश बेल्ट में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और सहायक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · पारिस्थितिक संरक्षण · आर्थिक एकीकरण
चर्चा में क्यों: पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता के वित्तीय महत्व को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से 2026-27 के राज्य बजट में 118 वर्ष पुराने कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) को पुनर्जीवित करने की योजना की घोषणा की है।
कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज (CSE) पूर्व में भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज था। इसके पुनरुद्धार की योजना में पूर्व की कानूनी और नियामक बाधाओं को दूर करने के लिए उन्नत तकनीक और अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों में निवेश शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानCalcutta Stock Exchange (CSE) पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित है।
तथ्यCSE के बंद होने से पहले इसका 118 वर्षों का इतिहास रहा है।
तथ्यपुनरुद्धार पहल की आधिकारिक घोषणा पश्चिम बंगाल राज्य बजट 2026-27 में की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय आर्थिक विकास में ऐतिहासिक स्टॉक एक्सचेंजों को पुनर्जीवित करने के महत्व और पूंजी बाजारों के आधुनिकीकरण में तकनीकी बुनियादी ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: ऐतिहासिक संस्थागत विरासत और आधुनिक SEBI-आधारित सर्विलांस और कंप्लायंस मानकों के बीच संतुलन
क्षेत्रीय आर्थिक हब: मुंबई केंद्रित बाजार एकाग्रता को कम करने के लिए कोलकाता के सेकेंडरी फाइनेंशियल सेंटर के रूप में उभरने की संभावना
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: मॉडर्न इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स को आकर्षित करने के लिए हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रेडिंग (HFT) क्षमता और साइबर सिक्योरिटी की ज़रूरत
मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट · वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर · क्षेत्रीय विकास · रेगुलेटरी कंप्लायंस · मार्केट लिक्विडिटी
चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार, दिल्ली EV नीति 2026 के अंतर्गत खरीद और स्क्रैपिंग प्रोत्साहन के वितरण को सुव्यवस्थित करने के लिए एक समर्पित EV पोर्टल शुरू कर रही है।
यह पोर्टल पात्र खरीदारों के बैंक खातों में सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से प्रोत्साहन राशि सीधे भेजने की सुविधा प्रदान करेगा। यह चार्जिंग स्टेशनों, अधिकृत स्क्रैपिंग विक्रेताओं और डीलरशिप संपर्कों पर वास्तविक समय (real-time) का डेटा उपलब्ध कराएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाDelhi EV Policy 2026: NCT of Delhi में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक रूपरेखा।
संस्थाDirect Benefit Transfer (DBT): दिल्ली सरकार द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला तंत्र कि प्रोत्साहन सीधे पात्र खरीदारों तक पहुँचे।
तथ्ययह पोर्टल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिकृत स्क्रैपिंग वेंडरों पर रियल-टाइम डेटा प्रदान करेगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और वास्तविक समय के डेटा पारदर्शिता के एकीकरण से शहरी केंद्रों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण को कैसे गति दी जा सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
प्रशासनिक दक्षता: DBT इंटीग्रेशन के जरिए सब्सिडी वितरण में लीकेज और मध्यस्थ देरी को कम करना
डेटा-आधारित प्लानिंग: हाई-डिमांड ज़ोन में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को पहचानने के लिए रियल-टाइम चार्जिंग स्टेशन डेटा का इस्तेमाल
सर्कुलर इकोनॉमी इंटीग्रेशन: बैटरी के सुरक्षित निपटान और मटेरियल रिकवरी के लिए स्क्रैपिंग प्रोसेस को फॉर्मलाइज करना