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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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बैंकों पर कड़ा होगा RBI का कंट्रोल, गवर्नेंस फ्रेमवर्क में बदलाव

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

RBI ने वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बैंकों के रणनीतिक निरीक्षण और जोखिम प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु अपने शासन ढांचे (governance framework) में संशोधन किया है।

पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग संस्थानों के निरीक्षण को सुदृढ़ करने हेतु अपने शासन ढांचे को अद्यतन किया है। यह अद्यतन प्रणालीगत स्थिरता बनाए रखने के लिए जोखिम प्रबंधन और रणनीतिक संरेखण पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और बैंकिंग विनियमन के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यमोबाइल फोन निर्माण योजना: PLI योजना का 5-वर्षीय निरंतर विस्तार।
  • विज्ञान-तकनीकANEEL: एक थोरियम-आधारित ईंधन जिसे Pressurized Heavy Water Reactors (PHWRs) में बिना किसी डिजाइन परिवर्तन के तैनात किया जा सकता है।
  • तथ्यISM 2.0: यह ISM 1.0 की तुलना में कम सब्सिडी प्रदान करता है, लेकिन इसमें सेमीकंडक्टर्स के लिए R&D सहायता शामिल है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में प्रणालीगत स्थिरता बनाए रखने और जोखिमों को कम करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के शासन ढांचे (गवर्नेंस फ्रेमवर्क) में किए गए संशोधनों के योगदान का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।