GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 9
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ ने सह-उत्पादन और सह-विकास के माध्यम से द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को सरल और मजबूत बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यह समझौता भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। नेताओं ने यूक्रेन और गाजा में क्षेत्रीय संघर्षों पर चर्चा की और मुक्त व्यापार के पक्ष में संरक्षणवाद (protectionism) का विरोध करने पर जोर दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदफ्रेडरिक मेर्ज़: जर्मनी के चांसलर।
- तथ्यभारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership): 25 वर्ष।
- तथ्यभारत-जर्मनी राजनयिक संबंध: 75 वर्ष।
- तथ्यसमझौते का मुख्य फोकस: डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन (defense industrial cooperation) में को-प्रोडक्शन और को-डेवलपमेंट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रमुख यूरोपीय शक्तियों के साथ रक्षा औद्योगिक सहयोग को सुदृढ़ करने से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और विनिर्माण क्षमताओं में किस प्रकार वृद्धि हो सकती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- सप्लाई चेन रेजिलिएंस: को-प्रोडक्शन मॉडल के जरिए सिंगल-सोर्स इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करना
- भू-राजनीतिक तालमेल: रणनीतिक संबंध बनाए रखते हुए यूक्रेन और गाज़ा में क्षेत्रीय सुरक्षा हितों को संतुलित करना
- इंडस्ट्रियल सिनर्जी: संरक्षणवादी रुझानों को कम करने के लिए जर्मन इंजीनियरिंग और भारत के मैन्युफैक्चरिंग स्केल का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · को-प्रोडक्शन · डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन · रणनीतिक स्वायत्तता · संरक्षणवाद
चर्चा में क्यों: सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला और घोषणा की कि भारत को 'Pax Silica' में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह एक अमेरिकी नेतृत्व वाली पहल है जिसका उद्देश्य वैश्विक सिलिकॉन सप्लाई चेन (supply chains) को सुरक्षित करना है।
सर्जियो गोर ने 12 जनवरी, 2026 को भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में अपना पदभार संभाला। पैक्स सिलिका (Pax Silica) पहल एक अमेरिकी नेतृत्व वाला प्रयास है, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक सिलिकॉन सप्लाई चेन (supply chains) को सुरक्षित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदसर्जियो गोर: जनवरी 2026 से भारत में यू.एस. एंबेसडर के रूप में नियुक्त।
- तथ्यPax Silica: सिलिकॉन की ग्लोबल सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए एक U.S.-led पहल।
- तथ्यपदभार ग्रहण करने के दौरान, यू.एस. एंबेसडर ने भारत के साथ एक ट्रेड डील (trade deal) की योजना की घोषणा की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण खनिजों और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- सप्लाई चेन रेजिलिएंस: महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स के लिए सिंगल-सोर्स मार्केट्स पर निर्भरता कम करना
- भू-राजनीतिक तालमेल: ग्लोबल सप्लाई चेन की कमियों से निपटने के लिए पैक्स सिलिका का इस्तेमाल
- ट्रेड-टेक नेक्सस: ट्रेड एग्रीमेंट्स को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव्स के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · सेमीकंडक्टर डिप्लोमेसी · व्यापार उदारीकरण · क्रिटिकल मिनरल्स
GS2शासन › ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक में 'भूमि' (Bhoomi) प्रोजेक्ट को प्रशासन को सुव्यवस्थित करने और कल्याणकारी योजनाओं की डिलीवरी के लिए 39.8 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड्स को डिजिटल करने की दिशा में शासन की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
कर्नाटक में वर्ष 2000 में शुरू की गई 'भूमि' परियोजना ने हस्तलिखित रिकॉर्ड की जगह डिजिटल रिकॉर्ड को अपनाया है। इसने 39.8 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड्स का डिजिटलीकरण किया है, जिससे फसल मुआवजे और ऋण माफी तंत्र (Loan Waiver Mechanisms) में सहायता मिली है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यBhoomi प्रोजेक्ट ने कर्नाटक में 39.8 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज़ किया है।
- पदडॉ. कुमार IAS मण्ड्या जिले के डिप्टी कमिश्नर हैं।
- संस्थाBhoomi प्रोजेक्ट प्रशासनिक सुधारों और कानूनी बदलावों के साथ टेक्नोलॉजी को एकीकृत करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'भूमि' जैसी परियोजनाओं के माध्यम से भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण से भारत में पारदर्शिता कैसे बढ़ सकती है और कृषि कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में किस प्रकार सुधार हो सकता है, चर्चा कीजिए।
- प्रशासनिक तालमेल: मुकदमेबाजी कम करने के लिए कानूनी सुधारों और संस्थागत सीख के साथ डिजिटल रिकॉर्ड का एकीकरण
- कल्याण की कुशलता: सत्यापित डिजिटल डेटा के जरिए फसल मुआवजे और ऋण माफी वितरण को सुव्यवस्थित करना
- डेटा इंटीग्रिटी: ज़मीन से जुड़े विवादों को कम करने के लिए हस्तलिखित से डिजिटल रिकॉर्ड की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: ई-गवर्नेंस · पारदर्शिता · भूमि प्रशासन · डिजिटल इंडिया · प्रशासनिक सुधार
चर्चा में क्यों: करिमनगर के एक छात्र का चयन 'प्रोजेक्ट वीर गाथा 5.0' के 'सुपर 100' विजेताओं में हुआ है। यह रक्षा और शिक्षा मंत्रालयों की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों द्वारा सुनाई गई वीरता की कहानियों को सम्मानित करना है।
प्रोजेक्ट वीर गाथा 5.0 में देश भर के 1.92 करोड़ से अधिक छात्र शामिल हुए। विजेताओं को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सम्मानित किया जाता है और उन्हें एक प्रमाण पत्र तथा ₹10,000 प्रदान किए जाते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनाप्रोजेक्ट वीर गाथा (Project Veer Gatha) रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है।
- तथ्यProject वीर गाथा 5.0 में 1.92 करोड़ से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
- तथ्यSuper 100 विजेताओं को एक सर्टिफिकेट और ₹10,000 मिलते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में युवाओं के बीच देशभक्ति के मूल्यों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करने में 'प्रोजेक्ट वीर गाथा' जैसी पहल किस प्रकार योगदान देती हैं, चर्चा कीजिए।
- शिक्षा पद्धति में बदलाव: स्कूली पाठ्यक्रम में वीरता की ऐतिहासिक कहानियों को शामिल करना
- मनोवैज्ञानिक प्रभाव: छात्रों द्वारा वीरता की कहानियों के जरिए राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना
मुख्य शब्द: राष्ट्रीय एकीकरण · शिक्षा में नवाचार · वीरता पुरस्कार · नागरिक बोध · देशभक्ति
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व एवं कर्तव्यमेन्स चर्चा में क्यों: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सुप्रीम कोर्ट में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत अपनी हिरासत को चुनौती दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह आदेश 'कॉपी-पेस्ट' किया गया है और इसमें स्वतंत्र रूप से विचार करने की कमी है।
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर, 2025 को लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया। उनके वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि यह हिरासत संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है और नेशनल सिक्योरिटी एक्ट, 1980 (National Security Act, 1980) के तहत अस्पष्ट आधारों पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकNational Security Act (NSA), 1980: सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यक्तियों को निवारक निरोध (preventive detention) में रखने का प्रावधान प्रदान करता है।
- तथ्यNSA की धारा 5A: यह डिटेंशन (detention) के आधारों के 'सेवेरेबिलिटी' (severability) की अनुमति देती है।
- पदसोनम वांगचुक: क्लाइमेट एक्टिविस्ट और अपनी हिरासत के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत निवारक निरोध की राज्य की शक्तियों और स्वतंत्रता एवं प्रतिनिधित्व के मौलिक अधिकारों के संरक्षण के बीच संतुलन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- कार्यपालिका की अतिरेक: व्यक्तिगत परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच को दरकिनार कर 'कॉपी-पेस्ट' प्रशासनिक आदेशों का जोखिम
- कानूनी अस्पष्टता: सेक्शन 5A के तहत 'सेवेरेबिलिटी' क्लॉज से हर जगह और मनमाने ढंग से हिरासत में लेने की संभावना
- संवैधानिक टकराव: सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और कार्यकर्ताओं के लिए प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व के अधिकार के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: निवारक निरोध · कानून का शासन · प्रशासनिक मनमानी · संवैधानिक सुरक्षा उपाय · प्रतिनिधित्व का अधिकार
चर्चा में क्यों: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस सुजोय पॉल को कलकत्ता हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है।
यह सिफारिश 9 जनवरी, 2026 को एक कॉलेजियम की बैठक के दौरान दी गई थी। जस्टिस सुजोय पॉल वर्तमान में कलकत्ता हाई कोर्ट में न्यायाधीश हैं और उनका मूल हाई कोर्ट मध्य प्रदेश है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदभारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम (Collegium) के प्रमुख हैं।
- तथ्यजस्टिस सुजोय पॉल का होम हाई कोर्ट मध्य प्रदेश है।
- संस्थाकॉलेजियम विभिन्न स्टेट हाई कोर्ट्स के लिए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की सिफारिश करता है।
- तथ्यदिसंबर 2025 में जस्टिस मनोज गुप्ता को उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के लिए प्रस्तावित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: न्यायिक स्वतंत्रता को बनाए रखने में कॉलेजियम प्रणाली की भूमिका और हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया की बारीकियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संस्थागत स्वायत्तता: न्यायिक नियुक्तियों में कॉलेजियम की विवेकाधीन शक्तियों और कार्यकारी निगरानी के बीच संतुलन
- पारदर्शिता पर चिंता: हाई कोर्ट नेतृत्व के चयन में सार्वजनिक मानदंडों की कमी का मूल्यांकन
- न्यायिक पदानुक्रम: चीफ जस्टिस की सीनियरिटी और रोटेशन पर पेरेंट हाई कोर्ट से जुड़ाव का असर
मुख्य शब्द: कॉलेजियम सिस्टम · न्यायिक स्वतंत्रता · हाई कोर्ट · नियुक्ति प्रक्रिया · न्यायपालिका
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने केरल के युवाओं (15-24 आयु वर्ग) में अंतर-राज्यीय प्रवास (inter-state migration) के कारण नए HIV मामलों में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि पर प्रकाश डाला।
केरल एड्स कंट्रोल सोसाइटी (KSACS) की रिपोर्ट के अनुसार, 15-24 आयु वर्ग में HIV के मामलों में 2022 में 9% से बढ़कर 2024 में 14.2% की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार अब शुरुआती निदान (early diagnosis) और निरंतर एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि वायरल लोड को नगण्य स्तर तक कम किया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकेरल में 15-24 आयु वर्ग में HIV के मामले 2022 में 9% से बढ़कर 2024 में 14.2% हो गए।
- संस्थाकेरल AIDS Control Society (KSACS) वह संस्था है जो राज्य के HIV डेटा की रिपोर्ट करती है।
- विज्ञान-तकनीकAntiretroviral therapy का उद्देश्य वायरल लोड को अनडिटेक्टेबल (undetectable) स्तर तक कम करना है ताकि ट्रांसमिशन रिस्क को खत्म किया जा सके।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रवासी आबादी के बीच एचआईवी (HIV) जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
- डेमोग्राफिक वल्नरेबिलिटी: अंतर-राज्यीय माइग्रेशन और जागरूकता की कमी के कारण युवाओं में अधिक जोखिम
- क्लिनिकल इंटरवेंशन: ट्रांसमिशन रोकने के लिए अनडिटेक्टेबल वायरल लोड हासिल करने में एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी की प्रभावशीलता
- निगरानी में कमी: अधिक प्रसार वाले राज्यों में प्रवासी स्वास्थ्य डेटा की मजबूत ट्रैकिंग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी · एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी · संक्रामक बीमारियाँ · प्रवासी स्वास्थ्य · जल्दी पहचान और निदान
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने बेंगलुरु की नागरिक निकाय (civic body) चुनावों के लिए 30 जून, 2026 की समय सीमा तय की है। कोर्ट ने 198 BBMP वार्डों के चुनाव से संबंधित हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपीलको खारिज कर दिया है।
कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग (SEC) को 16 मार्च, 2026 तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करनी होगी, जबकि चुनाव प्रक्रिया 25 मई, 2026 से शुरू होगी। यह विवाद कर्नाटक नगर निगम अधिनियम (Karnataka Municipal Corporations Act) 1976 में किए गए एक संशोधन से उत्पन्न हुआ है, जिसके तहत BBMP वार्डों की संख्या को 198 से बढ़ाकर 243 कर दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाकर्नाटक राज्य चुनाव आयोग (SEC) वह संस्था है जो वोटर लिस्ट प्रकाशित करने और चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यकर्नाटक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशंस एक्ट 1976 में संशोधन के बाद BBMP वार्डों की संख्या बढ़ाकर 243 कर दी गई।
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने सिविक बॉडी चुनावों के लिए 30 जून, 2026 की अंतिम डेडलाइन तय की है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्रभावी शहरी शासन और विकेंद्रीकृत प्रशासन सुनिश्चित करने में समयबद्ध और पारदर्शी स्थानीय निकाय चुनावों के महत्व की चर्चा कीजिए।
- प्रशासनिक टकराव: चुनाव की समयसीमा पर राज्य सरकार की अपील और न्यायिक आदेशों के बीच विवाद
- विधायी प्रभाव: वार्ड विस्तार का नगर निगम प्रतिनिधित्व और चुनावी लॉजिस्टिक्स पर असर
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत शासन · शहरी स्थानीय निकाय · न्यायिक निगरानी · चुनावी अखंडता · नगर निगम प्रशासन
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: वर्ष 2025 में मिजोरम में ट्यूबरकुलोसिस (TB) से होने वाली मौतों की संख्या 145 दर्ज की गई, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक है। यह आंकड़ा उच्च उपचार सफलता दर के बावजूद बढ़ती मृत्यु दर को दर्शाता है।
मिजोरम में वर्ष 2025 में टीबी (TB) के 2,275 नए मामले सामने आए, जिनमें से 1,900 मामले सरकारी केंद्रों और 375 मामले निजी केंद्रों में पाए गए। राज्य में MDR-TB के 146 मामले दर्ज किए गए और 267 मामले एचआईवी एड्स (HIV AIDS) से सह-संक्रमित (co-infected) पाए गए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यमिजोरम में 2025 में 145 TB मौतें दर्ज की गईं, जो पिछले छह वर्षों का उच्चतम स्तर है।
- संस्थाNational TB Elimination Programme, National Health Mission के अंतर्गत संचालित होता है।
- योजनाPM TB मुक्त भारत अभियान 'Nikshay' ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
- तथ्यमिजोरम ने TB के लिए 84% की ट्रीटमेंट सक्सेस रेट (treatment success rate) दर्ज की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में मृत्यु दर में हो रही वृद्धि के विशेष संदर्भ में, 'तपेदिक मुक्त भारत' (TB-free India) के लक्ष्य को प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- डायग्नोस्टिक गैप: टीबी मामलों के लिए सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के डिटेक्शन रेट के बीच अंतर
- को-मॉरबिडिटी का बोझ: HIV-TB को-इन्फेक्शन की अधिकता से इलाज के प्रोटोकॉल जटिल हो रहे हैं
- डेटा इंटीग्रेशन: रियल-टाइम मॉनिटरिंग और कम्युनिटी-लेड इंटरवेंशन के लिए 'निकय' का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · MDR-TB · इलाज की सफलता दर · सामुदायिक भागीदारी · नेशनल हेल्थ मिशन
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 12
चर्चा में क्यों: IIT मद्रास के शोधकर्ताओं ने रामजेट-प्रचलित (ramjet-propelled) आर्टिलरी शेल्स विकसित किए हैं, जिससे मारक क्षमता से समझौता किए बिना गन फायर की रेंज में लगभग 50% की वृद्धि की जा सकती है।
यह नवाचार मौजूदा आर्टिलरी शेल (artillery shells) में एक रैमजेट इंजन (ramjet engine) को एकीकृत करता है ताकि लॉन्च के बाद निरंतर प्रणोदन (propulsion) प्रदान किया जा सके। इस तकनीक का परीक्षण किया गया और यह दिखाया गया कि यह बोफोर्स अल्ट्रा लाइट हाउइत्ज़र (Bofors Ultra Light Howitzer), धनुष गन सिस्टम, वज्र और ATAGS सहित प्रणालियों की रेंज को बढ़ाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकRamjet इंजन: लॉन्च के बाद आर्टिलरी शेल्स (artillery shells) को निरंतर प्रोपल्शन (propulsion) प्रदान करते हैं ताकि उनकी रेंज बढ़ाई जा सके।
- तथ्यIIT Madras के इनोवेशन से गन की फायरिंग रेंज में लगभग 50% की वृद्धि होती है।
- तथ्यकंपैटिबल आर्टिलरी सिस्टम्स में बोफोर्स अल्ट्रा लाइट हाउइत्ज़र (Bofors Ultra Light Howitzer), धनुष गन सिस्टम, वज्र और ATAGS शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रणोदन प्रौद्योगिकी और तोपखाना प्रणालियों में स्वदेशी प्रगति किस प्रकार रक्षा क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य में योगदान देती है, चर्चा कीजिए।
- तकनीकी छलांग: पारंपरिक बैलिस्टिक रेंज की सीमाओं को दूर करने के लिए रामजेट इंजन का एकीकरण
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: इम्पोर्टेड लॉन्ग-रेंज आर्टिलरी कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
- R&D सिनर्जी: प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग के बीच सहयोग
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी · स्वदेशी इनोवेशन · बैलिस्टिक रेंज · आत्मनिर्भर भारत
चर्चा में क्यों: DRDO ने स्वदेश में विकसित तीसरी पीढ़ी की 'मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल' (MPATGM) का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल में मूविंग टारगेट (गतिशील लक्ष्य) पर ऊपर से हमला करने की क्षमता है।
यह परीक्षण महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में KK रेंज में आयोजित किया गया। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इस मिसाइल के लिए निर्धारित विकास-सह-उत्पादन भागीदार (development-cum-production partners) हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकMPATGM: टॉप-अटैक क्षमता वाली तीसरी पीढ़ी की मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (Man Portable Anti-Tank Guided Missile)।
- संस्थाDRDO: मिसाइल के फ्लाइट-टेस्ट और विकास के लिए जिम्मेदार प्राथमिक एजेंसी।
- स्थानKK Ranges: यह अहिल्या नगर, महाराष्ट्र में स्थित एक टेस्टिंग साइट (testing site) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा खरीद में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को सुदृढ़ करने और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्वदेशी मिसाइल तकनीक के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- तकनीकी संप्रभुता: हाई-प्रिसिजन एंटी-टैंक सिस्टम के लिए विदेशी कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
- इंडस्ट्रियल सिनर्जी: DRDO और BDL और BEL जैसी सरकारी प्रोडक्शन यूनिट्स के बीच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक · रक्षा खरीद · प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन्स
चर्चा में क्यों: दो लगातार मिशनों (PSLV-C61 और PSLV-C62) में तीसरे चरण में आई तकनीकी खराबी के कारण, ISRO ने सभी PSLV लॉन्च को आठ महीनों के लिए रोक दिया है।
PSLV-C62 मिशन विफल हो गया क्योंकि इसके तीसरे चरण (third stage) के चैम्बर प्रेशर में अचानक गिरावट आई, जिससे थ्रस्ट (thrust) कम हो गया। फेल्योर एनालिसिस कमेटी (FAC) ने PS3 सॉलिड मोटर नोजल या केसिंग सिस्टम में संभावित संरचनात्मक या सामग्री संबंधी खराबी की पहचान की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकPSLV-C62: तीसरे स्टेज के चैम्बर प्रेशर में गिरावट के कारण लगातार दूसरी PSLV मिशन विफलता।
- विज्ञान-तकनीकPS3 सॉलिड मोटर: विशिष्ट घटक जिसकी पहचान FAC द्वारा संभावित स्ट्रक्चरल या मटेरियल फेल्योर (structural or material failure) के लिए की गई है।
- तथ्यISRO ने क्वालिटी कंट्रोल उपायों को लागू करने के लिए आठ महीने की अवधि के लिए सभी PSLV लॉन्च को रोक दिया था।
- पदPMO: यह संस्था संवेदनशील सैन्य डेटा (military data) को लेकर चिंताओं के कारण FAC रिपोर्ट को रोक कर रख रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में उच्च-विश्वसनीयता मानकों को बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और एयरोस्पेस अनुसंधान में पारदर्शिता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने के निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
- तकनीकी बाधा: सॉलिड मोटर नोजल सिस्टम में मटेरियल फटीग और स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी की समस्या
- सुरक्षा-पारदर्शिता ट्रेड-ऑफ: सार्वजनिक जवाबदेही और वर्गीकृत सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट डेटा की सुरक्षा के बीच टकराव
- क्वालिटी एश्योरेंस: मिशन की लगातार होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त स्ट्रेस-टेस्टिंग प्रोटोकॉल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: विफलता विश्लेषण · संरचनात्मक मजबूती · क्वालिटी कंट्रोल · राष्ट्रीय सुरक्षा · स्पेस टेक्नोलॉजी · विश्वसनीयता
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: राजस्थान की बमनवास कांकर पंचायत समुदाय के नेतृत्व वाले एक पहल के माध्यम से पूरी तरह से जैविक (Organic) बनने के लिए प्रमाणन प्राप्त करने वाली राज्य की पहली पंचायत बन गई है।
इस पहल के अंतर्गत पारिस्थितिक पशुपालन पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए रासायनिक कीटनाशकों और उर्वरकों को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सतत खेती और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाले समूह, COFED ने इस बदलाव के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानबमनवास कंकर पंचायत राजस्थान में स्थित है।
- तथ्यपंचायत का लक्ष्य साल के अंत तक 300 और गांवों को पूरी तरह से ऑर्गेनिक (organic) में बदलना है।
- संस्थाCOFED ने ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में टिकाऊ कृषि पद्धतियों और मृदा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में समुदाय-आधारित पहलों और नागरिक समाज संगठनों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- संस्थागत बाधा: ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन की ओर बढ़ते छोटे किसानों के लिए सुलभ तकनीकी मार्गदर्शन की कमी
- इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: तत्काल पैदावार की जरूरतों और मिट्टी के स्वास्थ्य व भूजल संरक्षण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सतत कृषि · मिट्टी का स्वास्थ्य · ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन · समुदाय आधारित विकास · पारिस्थितिक अभ्यास
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने बेंगलुरु के मन्यता टेक पार्क में एक कैंपस स्थापित करने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (UNSW) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम पेश किए जाएंगे।
ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय, UNSW, अगस्त 2026 में मान्यता टेक पार्क (Manyata Tech Park) में अपना बेंगलुरु कैंपस खोलेगा। इसका पाठ्यक्रम कॉमर्स, मीडिया, कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी को कवर करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाUNSW: एक प्रमुख ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी जो बेंगलुरु में कैंपस स्थापित कर रही है।
- स्थानमान्यता टेक पार्क: बेंगलुरु में UNSW के नए कैंपस के लिए प्रस्तावित स्थान।
- तथ्यप्रोग्राम्स: कॉमर्स, मीडिया, कंप्यूटर साइंस और डेटा साइंस में अंडरग्रेजुएट डिग्री; साइबर सिक्योरिटी में पोस्टग्रेजुएट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय भागीदारी और उद्योग-एकीकृत परिसरों के माध्यम से प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों में भारत की मानव पूंजी को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- स्किल गैप अलाइनमेंट: डेटा साइंस में पारंपरिक एकेडमिक करिकुलम और इंडस्ट्री की ज़रूरतों के बीच के अंतर को कम करना
- रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और राष्ट्रीय शैक्षिक मानकों के बीच संतुलन
- इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: छात्रों को डायरेक्ट इंडस्ट्री एक्सपोजर और इंटर्नशिप के अवसर देने के लिए टेक पार्क इकोसिस्टम का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मानव पूंजी · कौशल विकास · उच्च शिक्षा · इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंकेज · साइबर सिक्योरिटी
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की कि ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने लैंडफिलिंग (landfilling) को खत्म करने के लिए बायो माइनिंग (bio mining) का उपयोग करके 50 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे (legacy waste) को सफलतापूर्वक साफ कर दिया है।
ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने पेरुंगुडी डंपयार्ड (कचरा डंपिंग साइट) को साफ करने के लिए ब्लू प्लैनेट एनवायर्नमेंटल सॉल्यूशंस से बायो माइनिंग तकनीक का उपयोग किया है। इस परियोजना का लक्ष्य फरवरी 2027 तक बचे हुए सभी कचरे को पूरी तरह से हटाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यबायो माइनिंग के जरिए 50 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट (legacy waste) को साफ किया गया।
- तथ्यशेष कचरे को साफ करने की लक्ष्य तिथि: फरवरी 2027।
- विज्ञान-तकनीकबायो माइनिंग (Bio mining): लैंडफिलिंग को खत्म करने और कुशल अपशिष्ट प्रसंस्करण (waste processing) को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जाने वाली एक प्रक्रिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विरासत अपशिष्ट (legacy waste) के प्रबंधन में बायो-माइनिंग के महत्व और भारतीय महानगरों में सतत शहरी अपशिष्ट प्रबंधन प्राप्त करने में इसकी भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- तकनीकी बाधा: भारी पूंजी निवेश और बड़े पैमाने पर पुराने कचरे को प्रोसेस करने की लॉजिस्टिक जटिलता
- पर्यावरणीय जोखिम: अनमैनेज्ड डंपयार्ड से भूजल प्रदूषण और मीथेन उत्सर्जन को कम करना
- पॉलिसी में बदलाव: लैंडफिल-केंद्रित मॉडल से सर्कुलर इकोनॉमी वेस्ट प्रोसेसिंग की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: लीगेसी वेस्ट · बायो माइनिंग · सर्कुलर इकोनॉमी · शहरी कचरा प्रबंधन · लैंडफिल सुधार
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (BMIC) प्रोजेक्ट को रद्द करने का निर्देश दिया है, क्योंकि यह परियोजना पिछले 25 वर्षों में शहर की भीड़ कम करने में विफल रही है।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि 1995 में परियोजना की शुरुआत से अब तक, नियोजित 111 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे में से केवल 1 किलोमीटर का निर्माण किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाBMIC: बेंगलुरु-मैसूरु इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर प्रोजेक्ट की शुरुआत 1995 में हुई थी।
- तथ्यBMIC एक्सप्रेसवे की कुल नियोजित लंबाई 111 किलोमीटर है।
- पदकर्नाटक हाई कोर्ट: प्रोजेक्ट की विफलता और निर्देश की निगरानी करने वाली न्यायिक संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में दीर्घकालिक नियोजन के बावजूद बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के ठप होने के लिए उत्तरदायी संस्थागत और प्रशासनिक बाधाओं का विश्लेषण कीजिए।
- प्लानिंग-एग्जीक्यूशन गैप: प्रोजेक्ट्स के अधूरे रहने के पीछे निरंतर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिबद्धता की कमी
- कानूनी अड़चनें: भारी मुकदमेबाजी और कॉन्ट्रैक्ट की जटिलताएं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बाधा
- अर्बन प्लानिंग की विफलता: रुके हुए कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर निर्भरता के कारण भीड़ कम करने की रणनीतियां बेअसर
मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर में ठहराव · न्यायिक निगरानी · शहरी भीड़भाड़ कम करना · प्रशासनिक जवाबदेही · फ्रेमवर्क एग्रीमेंट
GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल के कुडुम्बश्री (Kudumbashree) मिशन द्वारा अपने खाद्य सेवा क्षेत्र का विस्तार करने और लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 'मीट पॉइंट' टेकअवे काउंटर शुरू किए जा रहे हैं।
कुदुम्बश्री (Kudumbashree) केरल में एक सामाजिक सशक्तिकरण कार्यक्रम है। इस पहल के तहत, पहले चरण में 'मीट प्रोडक्ट्स ऑफ इंडिया' (MPI) के साथ साझेदारी में 50 टेकअवे काउंटर शुरू करने की योजना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनाकुदुम्बश्री (Kudumbashree): केरल राज्य में विशेष रूप से सक्रिय एक सामाजिक सशक्तिकरण कार्यक्रम।
- तथ्यमुख्य बिंदु (Meat Point): पहले चरण में 50 टेकअवे काउंटर (takeaway counters) शुरू करने की योजना।
- तथ्यMeat Products of India (MPI): इस प्रोजेक्ट के लिए चिकन और शाकाहारी व्यंजन (vegetarian dishes) प्रदान करने वाला प्राइवेट पार्टनर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कुदुम्बश्री जैसे समुदाय-आधारित सशक्तिकरण मॉडल ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में समावेशी आर्थिक विकास और महिला उद्यमिता को किस प्रकार सुगम बना सकते हैं, चर्चा कीजिए।
- संस्थागत तालमेल: सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स के लिए मार्केट एक्सेस देने हेतु पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) का लाभ उठाना
- आजीविका विविधीकरण: पारंपरिक माइक्रो-क्रेडिट से वैल्यू-ऐडेड फूड प्रोसेसिंग और रिटेल की ओर बदलाव
- सोशल कैपिटल: लोकल फ़ूड सर्विस चेन को बढ़ाने के लिए कम्युनिटी ट्रस्ट का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: सामाजिक सशक्तिकरण · स्वयं सहायता समूह · समावेशी विकास · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · आजीविका सृजन
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल राज्य कृषि विभाग वर्ल्ड बैंक द्वारा समर्थित KERA प्रोजेक्ट के तहत एक पुनर्रोपण योजना (replanting scheme) शुरू कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य कम पैदावार वाले रबर के पेड़ों को जलवायु-अनुकूल (climate-resilient) किस्मों से बदलना है।
KERA प्रोजेक्ट के तहत रबर किसानों को ₹75,000 प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का लक्ष्य केरल के छह जिलों में 30,000 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करना है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि की जा सके और वैज्ञानिक खेती के तरीकों को बढ़ावा दिया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाKERA प्रोजेक्ट: केरल में रबर प्लांटेशन के पुनरुद्धार (rejuvenation) के लिए वर्ल्ड बैंक द्वारा समर्थित एक पहल।
- तथ्यवित्तीय सहायता: रीप्लांटिंग स्कीम (replanting scheme) के तहत किसानों को ₹75,000 प्रति हेक्टेयर प्रदान किए जाते हैं।
- तथ्यलक्ष्य क्षेत्र: केरल के छह जिलों में 30,000 हेक्टेयर।
- स्थानकेरल राज्य कृषि विभाग (Agriculture Department) रबर रीप्लांटिंग स्कीम (rubber replanting scheme) के लिए कार्यान्वयन निकाय (implementing body) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल जैसे बागानी फसलों पर आधारित राज्यों में जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियां और लक्षित वित्तीय सहायता किस प्रकार लघु किसानों की आजीविका को सुदृढ़ कर सकती हैं, चर्चा कीजिए।
- क्लाइमेट अडैप्टेशन: पर्यावरणीय जोखिमों को कम करने के लिए हाई-यील्ड और क्लाइमेट-रेज़िलिएंट किस्मों की ओर बदलाव
- आय की स्थिरता: वैज्ञानिक खेती और सीधी वित्तीय सब्सिडी के जरिए उत्पादन लागत कम करना
- संस्थागत समर्थन: राज्य स्तर पर कृषि आधुनिकीकरण में मल्टीलैटरल फंडिंग (वर्ल्ड बैंक) की भूमिका
मुख्य शब्द: जलवायु-अनुकूल कृषि · छोटे किसानों की आजीविका · मल्टीलैटरल फंडिंग · वैज्ञानिक खेती · यील्ड ऑप्टिमाइजेशन
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEमेन्स चर्चा में क्यों: CREDAI ने मांग की है कि सरकार आगामी यूनियन बजट 2026 में मांग को पुनर्जीवित करने और रुके हुए प्रोजेक्ट्स (projects) को पूरा करने के लिए किफायती आवास (affordable housing) की मूल्य सीमा को ₹45 लाख से बढ़ाकर ₹80-90 लाख कर दे।
रियल एस्टेट इंडस्ट्री की संस्था CREDAI ने किफायती आवास (Affordable Housing) के लिए अधिकतम मूल्य सीमा (Price Ceiling) को बढ़ाकर ₹80-90 लाख करने की मांग की है। इस समूह ने वर्क कॉन्ट्रैक्ट्स पर GST कम करने और सेक्शन 80EEA के तहत अतिरिक्त ब्याज कटौती (Additional Interest Deduction) को बहाल करने का भी प्रस्ताव दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यवर्तमान किफायती आवास (Affordable Housing) की मूल्य सीमा: ₹45 लाख।
- तथ्यप्रस्तावित किफायती आवास (Affordable Housing) के लिए मूल्य सीमा: ₹80-90 लाख।
- अधिनियम / विधेयकSection 80EEA: होम लोन के लिए अतिरिक्त ब्याज कटौती (interest deduction) प्रदान करता है।
- संस्थाCREDAI: भारत की एक प्रमुख रियल एस्टेट इंडस्ट्री बॉडी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ती मध्यम आय वाली जनसंख्या की आवास संबंधी मांगों को पूरा करने के लिए रियल एस्टेट क्षेत्र को पुनर्जीवित करने में राजकोषीय नीति और बुनियादी ढाँचे की स्थिति की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- राजकोषीय टकराव: राजस्व लक्ष्य बनाए रखते हुए वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर GST कटौती को संतुलित करना
- क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: पहली बार घर खरीदने वालों के लिए EMI कम करने हेतु डेवलपर लिक्विडिटी की बाधाओं को दूर करना
- अर्बन प्लानिंग: विशाखापट्टनम जैसे टियर 1 और टियर 2 शहरों में सप्लाई-डिमांड के अंतर को कम करना
मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · किफायती आवास · क्रेडिट फ्लो · इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति · डिमांड-सप्लाई गैप
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार ने नायडूपेटा में 8 GW का एकीकृत सोलर मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स स्थापित करने के लिए वेबसोल रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड (Websol Renewable Private Limited - WRPL) द्वारा ₹3,538 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है।
वेब्सोल रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड (WRPL) दो चरणों में 120 एकड़ से अधिक क्षेत्र में इस सुविधा का विकास करेगी। इसका व्यावसायिक उत्पादन जुलाई 2027 और जुलाई 2028 के बीच शुरू होने की संभावना है। प्रीमियर एनर्जीज, टाटा पावर और वोल्टसन जैसी अन्य कंपनियाँ भी इसी क्षेत्र में अपनी इकाइयाँ स्थापित कर रही हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यWebsol द्वारा 8 GW सोलर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए ₹3,538 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
- स्थानआंध्र प्रदेश के नायडूपेटा में प्रस्तावित सोलर मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स (solar manufacturing complex) के लिए साइट चुनी गई है।
- तथ्यइस प्रोजेक्ट को दो चरणों में 120 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है।
- तथ्यकमर्शियल प्रोडक्शन (Commercial production) जुलाई 2027 और जुलाई 2028 के बीच शुरू होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और फोटोवोल्टिक घटकों पर आयात निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से भारत में एकीकृत सौर विनिर्माण केंद्र स्थापित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: घरेलू ऊर्जा लागत को स्थिर करने के लिए आयातित सोलर सेल्स और मॉड्यूल्स पर निर्भरता कम करना
- क्लस्टर इफ़ेक्ट: क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग के लिए लॉजिस्टिक्स और साझा इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने हेतु रीजनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा · मैन्युफैक्चरिंग हब · ऊर्जा सुरक्षा · निवेश का माहौल · सोलर फोटोवोल्टिक्स
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: बैंक ऑफ बड़ौदा, RBL बैंक, यस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन (CIC) में RBI के उस फैसले के खिलाफ अपील की है, जिसमें डिफॉल्टर की सूची और निरीक्षण रिपोर्ट (inspection reports) को सार्वजनिक करने की अनुमति दी गई है।
चार बैंकों (बैंक ऑफ बड़ौदा, RBL बैंक, यस बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) ने नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) और डिफॉल्टर लिस्ट (डिफॉल्टर सूचियाँ) के खुलासे पर RBI के रुख को चुनौती दी है। CIC ने इस मामले को निर्णय के लिए एक बड़ी बेंच (Larger Bench) के पास भेज दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाCIC: सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन (Central Information Commission) वह संस्था है जो RBI के डिस्क्लोजर डिटरमिनेशन (disclosure determination) के खिलाफ अपील का फैसला करती है।
- तथ्यबैंकों ने तर्क दिया कि रेगुलेटरी जानकारी (regulatory information) का खुलासा उनके कमर्शियल इंटरेस्ट (commercial interests) को नुकसान पहुँचाएगा।
- संस्थाRBI: वह रेगुलेटर जिसने यह निर्धारित किया कि डिफॉल्टर (defaulters) और इंस्पेक्शन रिपोर्ट्स (inspection reports) से संबंधित जानकारी का खुलासा किया जा सकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बैंकिंग क्षेत्र में चूककर्ताओं (defaulters) की सूची के प्रकटीकरण के संबंध में सूचना के अधिकार और वाणिज्यिक हितों के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।
- कमर्शियल कॉन्फिडेंशियलिटी: बैंक की कॉम्पिटिटिव पोजीशन को नुकसान पहुँचाने के जोखिम के मुकाबले NPA डेटा की पारदर्शिता के बीच संतुलन बनाना
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: इंस्पेक्शन रिपोर्ट और डिफॉल्टर लिस्ट की सार्वजनिक प्रकृति तय करने में RBI की भूमिका
मुख्य शब्द: व्यावसायिक हित · पारदर्शिता · नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स · रेगुलेटरी डिस्क्लोजर · निर्णय
ये सत्यधीश के अपने यूपीएससी नोट्स हैं, जो द हिंदू में छपी खबरों के आधार पर लिखे गए हैं। सत्यधीश का द हिंदू से कोई संबंध नहीं है। हर नोट में मूल खबर का लिंक है; पूरी खबर द हिंदू की वेबसाइट पर पढ़ें। नोट्स कैसे बनते हैं