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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती मनाई गई, जिसमें भारतीय आधुनिक इतिहास और संस्थानों पर उनके दार्शनिक प्रभाव पर प्रकाश डाला गया

GS1इतिहास · समाज · भूगोल· कला, स्थापत्य एवं संस्कृति· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती मनाई गई, जिसमें भारतीय आधुनिक इतिहास और संस्थानों पर उनके दार्शनिक प्रभाव पर प्रकाश डाला गया।

पृष्ठभूमि

वे श्री रामकृष्ण परमहंस से प्रेरित थे और 'तत् त्वम् असि' महावाक्य पर आधारित अद्वैत वेदांत के समर्थक थे।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदस्वामी विवेकानंद का जन्म नरेंद्रनाथ दत्त के रूप में हुआ था।
  • तथ्यविवेकानंद का दर्शन 'तत् त्वम् असि' महावाक्य पर आधारित था।
  • तथ्यविवेकानंद श्री रामकृष्ण परमहंस से गहराई से प्रेरित थे।

मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक भारतीय पहचान और संस्थागत विकास को आकार देने में स्वामी विवेकानंद के अद्वैत वेदांत के दर्शन की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • दार्शनिक संश्लेषण: आधुनिक वैज्ञानिक संस्था निर्माण के साथ आध्यात्मिक अद्वैत वेदांत का एकीकरण
  • सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: भारतीय सामाजिक सुधार आंदोलनों के विकास पर विवेकानंद के विचारों का प्रभाव

मुख्य शब्द: अद्वैत वेदांत · महावाक्य · आधुनिक भारतीय इतिहास · दार्शनिक प्रभाव · संस्थागत विकास

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।