सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

DRDO ने स्वदेश में विकसित तीसरी पीढ़ी की 'मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल' (MPATGM) का सफल परीक्षण किया है

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· रक्षा तकनीक· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

DRDO ने स्वदेश में विकसित तीसरी पीढ़ी की 'मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल' (MPATGM) का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल में मूविंग टारगेट (गतिशील लक्ष्य) पर ऊपर से हमला करने की क्षमता है।

पृष्ठभूमि

यह परीक्षण महाराष्ट्र के अहिल्या नगर में KK रेंज में आयोजित किया गया। भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इस मिसाइल के लिए निर्धारित विकास-सह-उत्पादन भागीदार (development-cum-production partners) हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकMPATGM: टॉप-अटैक क्षमता वाली तीसरी पीढ़ी की मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (Man Portable Anti-Tank Guided Missile)।
  • संस्थाDRDO: मिसाइल के फ्लाइट-टेस्ट और विकास के लिए जिम्मेदार प्राथमिक एजेंसी।
  • स्थानKK Ranges: यह अहिल्या नगर, महाराष्ट्र में स्थित एक टेस्टिंग साइट (testing site) है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: रक्षा खरीद में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को सुदृढ़ करने और 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्वदेशी मिसाइल तकनीक के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • तकनीकी संप्रभुता: हाई-प्रिसिजन एंटी-टैंक सिस्टम के लिए विदेशी कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
  • इंडस्ट्रियल सिनर्जी: DRDO और BDL और BEL जैसी सरकारी प्रोडक्शन यूनिट्स के बीच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल

मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक · रक्षा खरीद · प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन्स

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स

सभी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।