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भाग I · स्था. 11.2025 
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 578 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमि (235) · जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौते (119) · प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक) (111) · जैव विविधता एवं संरक्षण (90) · पर्यावरण कानून, EIA एवं संस्थाएं (23)

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)प्रीलिम्स

HMWSSB ने फतेहनगर में 1 MLD Bio-Lace सीवेज ट्रीटमेंट पायलट प्रोजेक्ट का रिव्यू किया

चर्चा में क्यों: HMWSSB मुसि नदी में प्रदूषण को कम करनेके उद्देश्य से फतेहनगर में 1 MLD बायो-लेस (Bio-Lace) सीवेज उपचार पायलट परियोजना की समीक्षा कर रहा है।

Bio-Lace तकनीक का विकास Japan International Cooperation Agency (JICA) और Euroclean TBR द्वारा किया गया है। यह तकनीक रसायनों के उपयोग के बिना, प्रदूषित नहर के जल को शुद्ध करने के लिए एक प्राकृतिक सूक्ष्मजीव प्रक्रिया का उपयोग करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकBio-Lace तकनीक: एक सूक्ष्मजीव-आधारित सीवेज उपचार प्रक्रिया जो BOD और TSS के स्तर को कम करती है।
  • संस्थाJICA: Japan International Cooperation Agency, तकनीकी सहयोग प्रदान करने वाली एक बहुपक्षीय एजेंसी।
  • स्थानमुसी नदी: तेलंगाना की एक प्रमुख नदी, जो वर्तमान में गंभीर सीवेज प्रदूषण की समस्याओं का सामना कर रही है।
  • तथ्यपायलट प्रोजेक्ट क्षमता: फतेहनगर में 1 MLD (Million Litres per Day)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के तेजी से विस्तार कर रहे शहरों में शहरी नदियों के पुनरुद्धार की चुनौतियों के समाधान में 'बायो-लेस' (Bio-Lace) जैसी विकेंद्रीकृत, प्रकृति-आधारित अपशिष्ट जल उपचार प्रौद्योगिकियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि जुलाई से सितंबर के बीच तीव्र एल नीनो (El Niño) की स्थिति के कारण लू और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाएँ उत्पन्न होने की संभावना है

चर्चा में क्यों: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि जुलाई से सितंबर के बीच तीव्र एल नीनो (El Niño) की स्थिति के कारण लू और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाएँ उत्पन्न होने की संभावना है।

महासचिव सेलेस्ट साउलो के नेतृत्व में WMO ने एल नीनो (El Niño) के तीव्र सुदृढ़ीकरण के संबंध में चेतावनी जारी की है। अनुमान है कि यह घटना चरम मौसम के प्रतिरूपों के माध्यम से वैश्विक समुदायों और अर्थव्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकएल नीनो (El Niño): एक जलवायु पैटर्न जो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतह के जल के असामान्य रूप से गर्म होने का वर्णन करता है।
  • संस्थाWMO: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) मौसम, जलवायु और जल पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए जिम्मेदार UN एजेंसी है।
  • तथ्यWMO ने विशेष रूप से जुलाई-सितंबर की अवधि के दौरान तीव्र होती स्थितियों की चेतावनी दी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एल नीनो परिघटना की तीव्रता वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए किस प्रकार एक गंभीर खतरा उत्पन्न करती है और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियाँ इन जलवायु-प्रेरित जोखिमों को कम करने में किस प्रकार सहायक हो सकती हैं, चर्चा कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरिस्का बाघ पुन: परिचय कार्यक्रम की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसकी सफलता पर प्रकाश डाला और वर्तमान में बाघों की संख्या 56 होने की जानकारी दी

चर्चा में क्यों: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरिस्का बाघ पुन: परिचय कार्यक्रम की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसकी सफलता पर प्रकाश डाला और वर्तमान में बाघों की संख्या 56 होने की जानकारी दी।

सारिस्का बाघ पुनरुद्धार कार्यक्रम ने अपने संचालन के 18 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। वर्तमान रिपोर्टिंग के अनुसार, सारिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 56 तक पहुँच गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणसरिस्का टाइगर रिजर्व राजस्थान के अलवर जिले में स्थित एक प्रमुख बाघ आवास है।
  • तथ्यपुनर्प्रवेश कार्यक्रम की 18वीं वर्षगांठ तक सरिस्का में बाघों की वर्तमान जनसंख्या 56 है।
  • संस्थाबाघ पुनरुद्धार कार्यक्रम का प्रबंधन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा Project Tiger पहल के अंतर्गत किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सारिस्का जैसे खंडित आवासों में बाघों के पुनरुद्धार कार्यक्रमों से जुड़ी पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

दिल्ली सरकार ने दो और तीन पहिया वाहनों के लिए पेट्रोल और CNG पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करके PM2.5 उत्सर्जन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक नई EV नीति शुरू की है

चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने दो और तीन पहिया वाहनों के लिए पेट्रोल और CNG पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करके PM2.5 उत्सर्जन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक नई EV नीति शुरू की है।

यह नीति अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल-चालित दोपहिया वाहनों के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाती है। इसके साथ ही, यह नीति वर्ष 2024 के अंत तक नए CNG-चालित तीन पहिया वाहनों के पंजीकरण को प्रतिबंधित करने का लक्ष्य रखती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यPM2.5: परिवहन संबंधी उत्सर्जन को कम करने के लिए दिल्ली EV नीति द्वारा लक्षित प्राथमिक प्रदूषक।
  • तथ्यअप्रैल 2028: दिल्ली में नए पेट्रोल-संचालित दोपहिया वाहनों के पंजीकरण को रोकने की समय सीमा।
  • तथ्यदिसंबर 2024: नए CNG-संचालित तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण को प्रतिबंधित करने की लक्षित तिथि।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शहरी वायु प्रदूषण से निपटने की रणनीति के रूप में वाहन-विशिष्ट पंजीकरण प्रतिबंधों की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स

केरल उच्च न्यायालय ने इडुक्की में 296 एकड़ इलाक़े में बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई और अवैध निर्माण के संबंध में स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है

चर्चा में क्यों: केरल उच्च न्यायालय ने इडुक्की में 296 एकड़ इलाक़े में बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई और अवैध निर्माण के संबंध में स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है।

केरल उच्च न्यायालय ने इडुक्की के गुडनपारा एस्टेट में इलायची की खेती हेतु वर्जिन वन भूमि के विनाश पर संज्ञान लिया है। वन विभाग ने 296 एकड़ की इलायची स्वामित्व वाली भूमि पर दुर्लभ वृक्ष प्रजातियों की कटाई के संबंध में तीन मामले दर्ज किए हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानइडुक्की: केरल का एक जिला जो इलायची की खेती और उच्च जैव विविधता के लिए जाना जाता है।
  • तथ्य296 एकड़: अनधिकृत निर्माण और वृक्ष कटाई के लिए जांच के अधीन कार्डमम टाइटल भूमि का विशिष्ट क्षेत्र।
  • संस्थाकेरल उच्च न्यायालय: वह न्यायिक निकाय जिसने स्वतः संज्ञान (suo motu) लेकर जनहित याचिका (PIL) शुरू की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में वाणिज्यिक कृषि विस्तार और वन संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स

कोपरनिकस मरीन सर्विस (Copernicus Marine Service) की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2023 में वैश्विक समुद्री सतह का तापमान अब तक के उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया

चर्चा में क्यों: कोपरनिकस मरीन सर्विस (Copernicus Marine Service) की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2023 में वैश्विक समुद्री सतह का तापमान अब तक के उच्चतम स्तर पर दर्ज किया गया, जो एल नीनो (El Niño) और जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र के गर्म होने के एक संभावित नए चरण का संकेत देता है।

कोपरनिकस मरीन सर्विस (EU) ने जून 2023 में वैश्विक समुद्री सतह के तापमान को 21.0 डिग्री सेल्सियस (69.8 डिग्री फारेनहाइट) दर्ज किया है। यह रिकॉर्ड के अनुसार अब तक का सबसे गर्म जून है, जिसका मुख्य कारण एल नीनो (El Niño) घटना और मानवजनित जलवायु परिवर्तन के सहक्रियात्मक प्रभाव हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यजून 2023 में वैश्विक समुद्री सतह का तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
  • संस्थाCopernicus Marine Service, यूरोपीय संघ के Copernicus कार्यक्रम का एक घटक है।
  • विज्ञान-तकनीकEl Niño एक जलवायु पैटर्न है जिसकी विशेषता पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतह के जल का गर्म होना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बढ़ते वैश्विक समुद्री सतह के तापमान का समुद्री जैव विविधता और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए और महासागरीय तापन को कम करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स

अवैध लकड़ी व्यापार पर अंकुश लगाने और वन संसाधनों के संरक्षण हेतु असम सरकार ने अवैध आरा मिलों को ध्वस्त करने के लिए राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान शुरू किया है

चर्चा में क्यों: अवैध लकड़ी व्यापार पर अंकुश लगाने और वन संसाधनों के संरक्षण हेतु असम सरकार ने अवैध आरा मिलों को ध्वस्त करने के लिए राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान शुरू किया है।

असम का वन विभाग अवैध रूप से संसाधित लकड़ी को जब्त करने और अनधिकृत इकाइयों को बंद करने के उद्देश्य से सभी वन प्रभागों का निरीक्षण कर रहा है। प्रवर्तन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके लिए इस पहल के अंतर्गत अनिवार्य भू-टैग्ड रिपोर्टिंग और दैनिक प्रगति अपडेट शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानअसम: अवैध लकड़ी व्यापार के कारण महत्वपूर्ण वन क्षेत्र के नुकसान का सामना कर रहा पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य।
  • तथ्यइस अभियान का उद्देश्य अभियान शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर सभी अवैध आरा मिलों (sawmills) की पहचान करना और उन्हें नष्ट करना है।
  • संस्थावन विभाग: वन संरक्षण और लकड़ी विनियमन के लिए जिम्मेदार राज्य निकाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: असम जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध लकड़ी व्यापार पर अंकुश लगाने में आने वाली संस्थागत और रसद संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और प्रभावी वन शासन हेतु उचित उपाय सुझाइए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून में वर्षा की भारी कमी के पश्चात जुलाई 2024 के लिए सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है

चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जून में वर्षा की भारी कमी के पश्चात जुलाई 2024 के लिए सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है।

IMD की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2024 में दीर्घकालिक औसत के 92% के पिछले पूर्वानुमान के विरुद्ध 40% वर्षा की कमी दर्ज की गई है। जुलाई 2024 के लिए, एल निनो (El Nino) स्थितियों के सुदृढ़ होने के प्रभाव के कारण, वर्षा दीर्घकालिक औसत के 94% से कम रहने का अनुमान है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकएल निनो (El Nino): एक जलवायु पैटर्न जो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतही जल के गर्म होने की विशेषता है।
  • तथ्यजून 2024 का वर्षा लगभग दीर्घकालिक औसत (Long Period Average) का 60% था।
  • तथ्यजुलाई 2024 की वर्षा के दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94% से कम होने का अनुमान है।
  • संस्थाIMD: भारत में मौसम संबंधी प्रेक्षण और पूर्वानुमान के लिए प्राथमिक उत्तरदायी एजेंसी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय मानसून पर अल नीनो और ला नीना परिघटनाओं के प्रभावों की चर्चा कीजिए और अनिश्चित वर्षा के पैटर्न से उत्पन्न होने वाले सामाजिक-आर्थिक जोखिमों को कम करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स + मेन्स

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रिपोर्ट दी है कि एल नीनो जैसी स्थितियों के कारण, जून 2026 में एक शताब्दी में तीसरा सबसे शुष्क मानसून वर्षा दर्ज किया गया

चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रिपोर्ट दी है कि एल नीनो जैसी स्थितियों के कारण, जून 2026 में एक शताब्दी में तीसरा सबसे शुष्क मानसून वर्षा दर्ज किया गया।

जून 2026 में सामान्य वर्षा का केवल 60% दर्ज किया गया, जो जून 2025 के 109% की तुलना में भारी गिरावट दर्शाता है। IMD ने उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्षा की इस कमी के प्राथमिक कारकों के रूप में एल नीनो जैसी स्थितियों और निम्न-दबाव प्रणाली के असमान विकास की पहचान की है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजून 2026 की वर्षा सामान्य औसत का 60% थी।
  • विज्ञान-तकनीकEl Niño एक जलवायु पैटर्न है जिसकी विशेषता पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतह के जल का गर्म होना है।
  • संस्थाIndia Meteorological Department (IMD) मानसून पैटर्न की निगरानी और पूर्वानुमान के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय एजेंसी है।
  • स्थान2026 के घाटे से प्रभावित उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एल नीनो जैसी स्थितियाँ और अनियमित निम्न-दबाव वाले तंत्र भारत के मानसून पैटर्न को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए और वर्षा की परिवर्तनशीलता से उत्पन्न कृषि जोखिमों को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

दिल्ली सरकार ने शहरी वायु प्रदूषण से निपटनेके उद्देश्य से एक नई EV नीति की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत 31 मार्च

चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने शहरी वायु प्रदूषण से निपटनेके उद्देश्य से एक नई EV नीति की घोषणा की है, जिसके अंतर्गत 31 मार्च, 2028 तक शहर में बेचे जाने वाले सभी नए दो और तीन पहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाना अनिवार्य होगा।

यह नीति 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी हो गई है। यह पुरानी वाहनों के लिए स्क्रैपेज लाभ के साथ-साथ दोपहिया वाहनों के लिए 30,000 रुपये तक और ऑटो रिक्शा के लिए 50,000 रुपये तक का नकद पुरस्कार प्रदान करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यअनिवार्य समय-सीमा: दिल्ली में सभी नए दो और तीन पहिया वाहन 31 मार्च, 2028 तक इलेक्ट्रिक होने चाहिए।
  • तथ्यप्रोत्साहन राशि: दोपहिया वाहनों के लिए ₹30,000 तक और ऑटो के लिए ₹50,000 तक।
  • तथ्यनीति प्रभावी तिथि: 1 जुलाई, 2024।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में शहरी वायु गुणवत्ता लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण में राज्य-संचालित शासनादेशों और राजकोषीय प्रोत्साहनों की प्रभावशीलता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स

जून 2026 में मुदुमलई टाइगर रिजर्व (MTR) में बिजली के झटके से एक बंदी-प्रजनन (captive-bred) सफेद-पूंछ वाले गिद्ध की मृत्यु हो गई

चर्चा में क्यों: जून 2026 में मुदुमलई टाइगर रिजर्व (MTR) में बिजली के झटके से एक बंदी-प्रजनन (captive-bred) सफेद-पूंछ वाले गिद्ध की मृत्यु हो गई, जो गिद्ध संरक्षण प्रयासों के समक्ष निरंतर बने रहने वाले खतरों को रेखांकित करती है।

इस गिद्ध को बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) और कर्नाटक वन विभाग द्वारा बीमारी के उपचार के पश्चात अप्रैल 2026 में मुक्त किया गया था। यह घटना नीलगिरी क्षेत्र के मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के भीतर घटित हुई थी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पर्यावरणव्हाइट-रम्प्ड वल्चर (Gyps bengalensis) भारत में एक लुप्तप्राय प्रजाति है।
  • स्थानमुदुमलई टाइगर रिजर्व तमिलनाडु के नीलगिरी क्षेत्र में स्थित है।
  • संस्थाBombay Natural History Society (BNHS) संरक्षण के लिए एक प्रमुख भारतीय गैर-सरकारी संगठन है।
  • तथ्यगिद्ध को अप्रैल 2026 में छोड़ा गया था और इसकी मृत्यु 28 जून, 2026 को हुई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में गिद्धों के पारिस्थितिक महत्व की चर्चा कीजिए और बंदी प्रजनन एवं पुनर्वास कार्यक्रमों के बावजूद उनके संरक्षण में आने वाली चुनौतियों का मूल्यांकन कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान असम में लुप्तप्राय 'ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क' (Greater Adjutant Stork) के संरक्षण हेतु समुदाय-आधारित प्रयासों के लिए 'हरगिला आर्मी' की प्रशंसा की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान असम में लुप्तप्राय 'ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क' (Greater Adjutant Stork) के संरक्षण हेतु समुदाय-आधारित प्रयासों के लिए 'हरगिला आर्मी' की प्रशंसा की।

'हरगिला आर्मी' में असम की 20,000 से अधिक ग्रामीण महिलाएँ सम्मिलित हैं। डॉ. पूर्णिमा देवी बर्मन के नेतृत्व में संचालित यह पहल, घोंसला बनाने वाले वृक्षों के संरक्षण और 'ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क' (Greater Adjutant Stork) के प्रति स्थानीय धारणाओं में परिवर्तन लाने पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क (Hargila) भारतीय उपमहाद्वीप का एक लुप्तप्राय पक्षी प्रजाति है।
  • तथ्य'Hargila Army' में असम की 20,000 से अधिक ग्रामीण महिलाओं का एक नेटवर्क शामिल है।
  • स्थानसंरक्षण के प्रयास मुख्य रूप से असम राज्य में केंद्रित हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: असम जैसे जैव-विविधता संपन्न राज्यों में, समुदाय-आधारित संरक्षण मॉडल मानव-वन्यजीव संघर्ष को प्रभावी ढंग से कम करने और लुप्तप्राय प्रजातियों के अस्तित्व को सुनिश्चित करने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स

केरल वन विभाग ने केरल निजी वन (वेस्टिंग एंड असाइनमेंट) अधिनियम के अंतर्गत कोल्लुकुमलाई स्थित एक निजी चाय बागान से 42.72 हेक्टेयर पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील भूमि को पुन: प्राप्त कर लिया है

चर्चा में क्यों: केरल वन विभाग ने केरल निजी वन (वेस्टिंग एंड असाइनमेंट) अधिनियम के अंतर्गत कोल्लुकुमलाई स्थित एक निजी चाय बागान से 42.72 हेक्टेयर पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील भूमि को पुन: प्राप्त कर लिया है।

वन विभाग ने केरल के इडुक्की में हैरिसन्स मलयालम लिमिटेड से 42.72 हेक्टेयर भूमि पुन: प्राप्त कर ली है। यह भूमि मूल रूप से 1975 में कंपनी द्वारा अधिग्रहित की गई थी और अब वन्यजीवों, जैसे कि जंगली हाथियों और नीलगिरी मार्टन के संरक्षण हेतु इसे आरक्षित वन के रूप में नामित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानकोल्लुकुमलाई (Kolukkumalai) केरल के इडुक्की जिले में स्थित एक उच्च-ऊंचाई वाली चोटी है।
  • पर्यावरणनिलगिरी मार्टन (Martes gwatkinsii) पश्चिमी घाट में पाई जाने वाली एक दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजाति है।
  • अधिनियम / विधेयकKerala Private Forests (Vesting and Assignment) Act राज्य सरकार को निजी वन भूमि वापस लेने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
  • तथ्यपुनरुद्धारित क्षेत्र में ठीक 42.72 हेक्टेयर की पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील भूमि शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में संरक्षण हेतु निजी वन भूमि को पुनर्जीवित करने के कानूनी और पारिस्थितिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स

पर्यावरण मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 25 ऐसे टाइगर रिजर्व की पहचान की गई है जहाँ बाघों के कम घनत्व या शिकार की प्रचुरता के कारण

चर्चा में क्यों: पर्यावरण मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 25 ऐसे टाइगर रिजर्व की पहचान की गई है जहाँ बाघों के कम घनत्व या शिकार की प्रचुरता के कारण, व्यवहार्य आबादी स्थापित करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

यह रिपोर्ट 25 ऐसे बाघ अभयारण्यों की पहचान करती है जिन्हें विज्ञान-आधारित हस्तक्षेप की आवश्यकता है और 13 ऐसे बाघ अभयारण्यों को चिह्नित करती है जिनमें स्रोत आबादी के रूप में कार्य करने हेतु अनुकूल परिस्थितियाँ उपलब्ध हैं। यह रिपोर्ट सामुदायिक भागीदारी और वैज्ञानिक मूल्यांकन पर बल देती है और सतकोसिया टाइगर रिजर्व स्थानांतरण को एक पिछले विफलता के उदाहरण के रूप में उद्धृत करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पर्यावरणटाइगर रिजर्व्स की स्थापना 1973 में शुरू की गई Project Tiger पहल के तहत की गई है।
  • स्थानसतकोसिया टाइगर रिजर्व ओडिशा राज्य में स्थित है।
  • तथ्यजनसंख्या पुनरुद्धार के लिए 25 टाइगर रिजर्व्स को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।
  • तथ्यबाघों के स्थानांतरण (translocation) के लिए 13 टाइगर रिजर्व्स को स्रोत आबादी (source populations) के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के बाघ-विहीन अभयारण्यों में बाघ पुनरुद्धार कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने में विज्ञान-आधारित हस्तक्षेपों और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर चर्चा कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स

उच्च आर्द्रता के कारण हीट इंडेक्स 51.3°सी

चर्चा में क्यों: उच्च आर्द्रता के कारण हीट इंडेक्स 51.3°सी. तक पहुँचने से दिल्ली में अत्यधिक ताप तनाव (heat stress) की स्थिति उत्पन्न हो गई, जो मानव स्वास्थ्य पर 'वेट-बल्ब' तापमान के प्रभाव को रेखांकित करता है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में 41.3°सी. का अधिकतम तापमान दर्ज किया, जो सामान्य से 4.1°सी. अधिक था। हीट इंडेक्स 51.3°सी. तक पहुँच गया, जबकि गीला-बल्ब तापमान (wet-bulb temperature) 29.77°सी. दर्ज किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यहीट इंडेक्स (Heat Index): एक ऐसा माप जो वायु के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity) को मिलाकर 'आभासी तापमान' (apparent temperature) या गर्मी के अनुभव को निर्धारित करता है।
  • विज्ञान-तकनीकवेट-बल्ब तापमान (Wet-bulb temperature): वाष्पीकरण द्वारा प्राप्त होने वाला न्यूनतम तापमान; यह अत्यधिक गर्मी में मानव उत्तरजीविता की सीमा निर्धारित करता है।
  • संस्थाभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD): भारत में मौसम संबंधी प्रेक्षण और पूर्वानुमान के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय एजेंसी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय महानगरों में बढ़ते 'वेट-बल्ब' तापमान (wet-bulb temperatures) और 'अर्बन हीट आइलैंड' (urban heat islands) प्रभाव सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी नियोजन के लिए किस प्रकार एक महत्वपूर्ण चुनौती उत्पन्न करते हैं, चर्चा कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स

केरल वन विभाग आवास के विखंडन को रोकने के लिए मालाबार और वायनाड वन्यजीव अभयारण्यों में अनधिकृत ट्रेकिंग और साहसिक गतिविधियों पर कार्यवाही कर रहा है

चर्चा में क्यों: केरल वन विभाग आवास के विखंडन को रोकने के लिए मालाबार और वायनाड वन्यजीव अभयारण्यों में अनधिकृत ट्रेकिंग और साहसिक गतिविधियों पर कार्यवाही कर रहा है।

केरल वन अधिनियम इन क्षेत्रों के संरक्षण को विनियमित करता है। वलुक और वायनाड जैसे संरक्षित वनों में अनधिकृत प्रवेश से आवास विखंडन होता है और इसके परिणामस्वरूप उच्च-लागत वाले खोज एवं बचाव अभियानों की आवश्यकता होती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानमालाबार और वायनाड वन्यजीव अभयारण्य केरल राज्य में स्थित हैं।
  • अधिनियम / विधेयकKerala Forest Act संरक्षित वन क्षेत्रों के भीतर प्रवेश और गतिविधियों को विनियमित करता है।
  • तथ्यआधिकारिक परमिटों को दरकिनार करने के लिए सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से अनधिकृत ट्रेकिंग गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन (adventure tourism) के प्रचार और जैव विविधता के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

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अमिटी यूनिवर्सिटी द्वारा 'जर्नल ऑफ थ्रेटन्ड टैक्सा' में प्रकाशित एक अध्ययन में भारतीय वन क्षेत्रों में हाथियों के संरक्षण को कार्बन पृथक्करण (carbon sequestration) में वृद्धि से जोड़ा गया है

चर्चा में क्यों: अमिटी यूनिवर्सिटी द्वारा 'जर्नल ऑफ थ्रेटन्ड टैक्सा' में प्रकाशित एक अध्ययन में भारतीय वन क्षेत्रों में हाथियों के संरक्षण को कार्बन पृथक्करण (carbon sequestration) में वृद्धि से जोड़ा गया है।

यह अध्ययन रेखांकित करता है कि हाथी अभयारण्यों का विस्तार आवास की गुणवत्ता और वन्यजीव गलियारों में सुधार करता है, जो प्रत्यक्ष रूप से कार्बन भंडारण को बढ़ाता है। यह इस बात पर बल देता है कि दीर्घकालिक कार्बन स्थिरीकरण के लिए वन प्रबंधन और गलियारा कनेक्टिविटी अनिवार्य है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणहाथियों को Wildlife Protection Act, 1972 की अनुसूची I (Schedule I) के तहत सूचीबद्ध किया गया है।
  • तथ्ययह अध्ययन Journal of Threatened Taxa में प्रकाशित हुआ था।
  • स्थानयह शोध भारत की भौगोलिक सीमाओं के भीतर स्थित हाथी अभयारण्यों पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की कार्बन पृथक्करण क्षमता को बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मेगाफ़ौना (विशालकाय जीव) संरक्षण के पारिस्थितिक महत्व की चर्चा कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जैव विविधता एवं संरक्षणप्रीलिम्स

अथिरापिल्ली ग्राम पंचायत ने संरक्षण को स्थायी आजीविका के साथ एकीकृत करने हेतु अपने 'पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर' (People’s Biodiversity Register) का द्वितीय खंड जारी किया है

चर्चा में क्यों: अथिरापिल्ली ग्राम पंचायत ने संरक्षण को स्थायी आजीविका के साथ एकीकृत करने हेतु अपने 'पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर' (People’s Biodiversity Register) का द्वितीय खंड जारी किया है।

यह रजिस्टर केरल के अथिरापिल्ली क्षेत्र में पुष्पीय पौधों की 1,090 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण करता है। इसका विकास केरल राज्य जैव विविधता बोर्ड और वेस्टर्न घाट्स हॉर्नबिल फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाकेरल राज्य जैव विविधता बोर्ड: Biological Diversity Act, 2002 को लागू करने के लिए जिम्मेदार राज्य-स्तरीय निकाय।
  • स्थानअथिरापिल्ली: केरल के पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित।
  • तथ्यपीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर (PBR) ने पुष्पीय पौधों की 1,090 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया है।
  • विज्ञान-तकनीकएक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग (ABS): आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग से होने वाले लाभों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने वाली एक व्यवस्था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में, 'पीपुल्स बायोडायवर्सिटी रजिस्टर' (PBR) किस प्रकार समुदाय-आधारित संरक्षण और न्यायसंगत लाभ साझाकरण के एक उपकरण के रूप में कार्य करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

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कर्नाटक सरकार ने पारिस्थितिकी-पर्यटन (eco-tourism) और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु एक समिति की सिफारिश के आधार पर बांदीपुर और नागरहोल टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी को पुनः शुरू कर दिया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने पारिस्थितिकी-पर्यटन (eco-tourism) और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु एक समिति की सिफारिश के आधार पर बांदीपुर और नागरहोल टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी को पुनः शुरू कर दिया है।

मानव-बाघ संघर्ष के कारण नवंबर 2025 में लगाए गए निलंबन के पश्चात, कर्नाटक सरकार ने बांदीपुर और नागरहोल टाइगर रिजर्व में सफारी को पुनः प्रारंभ कर दिया है। यह निर्णय सतत पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने हेतु एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के अनुपालन में लिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानबांदीपुर और नागरहोल टाइगर रिजर्व कर्नाटक राज्य में स्थित हैं।
  • पर्यावरणटाइगर रिजर्व बंगाल टाइगर के अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए Project Tiger के तहत स्थापित संरक्षित क्षेत्र हैं।
  • तथ्यमानव-बाघ संघर्षों के बढ़ने के कारण नवंबर 2025 में सफारी निलंबित कर दी गई थीं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बाघ अभयारण्यों में पारिस्थितिकी-पर्यटन (इको-टूरिज्म) और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

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हबबली में कर्नाटक का प्रथम 'वेस्ट-टू-एनर्जी' (अपशिष्ट से ऊर्जा) संयंत्र

चर्चा में क्यों: हबबली में कर्नाटक का प्रथम 'वेस्ट-टू-एनर्जी' (अपशिष्ट से ऊर्जा) संयंत्र, शुष्क कचरे को टोरेफाइड चारकोल में परिवर्तित करनेके लिए जनवरी 2025 तक पूर्ण रूप से चालू होने के लिए तैयार है।

इस परियोजना का कार्यान्वयन NTPC Vidyut Vyapar Nigam Limited (NVVNL) द्वारा किया जाता है और इसका वित्तपोषण NTPC द्वारा किया जाता है। यह परियोजना तापीय विद्युत संयंत्रों के लिए 211 टन 'ग्रीन चारकोल' के उत्पादन हेतु प्रतिदिन 200 टन शुष्क अपशिष्ट का प्रसंस्करण करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाNVVNL: NTPC Vidyut Vyapar Nigam Limited, Hubballi अपशिष्ट-से-ऊर्जा (waste-to-energy) परियोजना की कार्यान्वयन संस्था है।
  • तथ्ययह संयंत्र प्रतिदिन 200 टन शुष्क कचरे को संसाधित कर 211 टन Green Charcoal उत्पन्न करता है।
  • स्थानहुब्बल्ली: कर्नाटक के पहले वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का स्थान, जो सूखे कचरे को टोरेफाइड चारकोल (torrefied charcoal) में परिवर्तित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते भारतीय शहरों में अपशिष्ट-से-ऊर्जा (waste-to-energy) परियोजनाएं किस प्रकार चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) में योगदान दे सकती हैं और शहरी लैंडफिल संकटों को कम करने में सहायक हो सकती हैं, चर्चा कीजिए।

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र के पालघर में वधवन पोर्ट परियोजना हेतु 208 मैंग्रोव वृक्षों को हटाने की अनुमति प्रदान की है

चर्चा में क्यों: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र के पालघर में वधवन पोर्ट परियोजना हेतु 208 मैंग्रोव वृक्षों को हटाने की अनुमति प्रदान की है, जो बुनियादी ढांचा विकास और पर्यावरणीय स्वीकृतियों के मध्य संतुलन स्थापित करता है।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने वधवन पोर्ट को NH-48 से जोड़ने वाले एक्सेस-नियंत्रित राजमार्ग के निर्माण हेतु 208 मैंग्रोव वृक्षों को हटाने की अनुमति प्रदान की है। परियोजना प्रस्तावक, वधवन पोर्ट प्रोजेक्ट लिमिटेड (VVPL) ने क्षतिपूरक वनीकरण सहित सभी आवश्यक पर्यावरणीय, तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) और वन संबंधी स्वीकृतियां प्राप्त कर ली हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानवधवन पोर्ट (Vadhvan Port) महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित एक प्रस्तावित प्रमुख कंटेनर पोर्ट है।
  • विज्ञान-तकनीकमैंग्रोव लवणीय जल में उगने वाले (halophytic) पौधे हैं जो तटीय क्षरण और तूफान की लहरों के विरुद्ध प्राकृतिक अवरोध के रूप में कार्य करते हैं।
  • तथ्यइस परियोजना का लक्ष्य भारत को वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 कंटेनर बंदरगाहों में शामिल करना है।
  • संस्थाCoastal Regulation Zone (CRZ) नियम भारत के तटीय क्षेत्रों में गतिविधियों और निर्माण को विनियमित करते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के तटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास और मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

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Special Task Force द्वारा एक सफल तस्करी विरोधी अभियान के पश्चात

चर्चा में क्यों: Special Task Force द्वारा एक सफल तस्करी विरोधी अभियान के पश्चात, असम के वन मंत्री ने सिखना ज्वहलाओ राष्ट्रीय उद्यान में बचाए गए सात गोल्डन लंगूरों को मुक्त करने की घोषणा की।

खुफिया सूचना के आधार पर, असम पुलिस विशेष कार्य बल (Special Task Force) ने वन्यजीव तस्करों के चंगुल से आठ गोल्डन लंगूरों को मुक्त कराया। इन लंगूरों में से सात को सफलतापूर्वक पुनर्वासित कर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया, जबकि एक की बचाव प्रक्रिया के दौरान मृत्यु हो गई।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणगोल्डन लंगूर (Golden Langurs) संकटग्रस्त प्राइमेट्स हैं जो मुख्य रूप से पूर्वी हिमालय और पूर्वोत्तर भारत में पाए जाते हैं।
  • स्थानसिखिन ज्वलाओ नेशनल पार्क असम राज्य में स्थित है।
  • संस्थाअसम पुलिस की Special Task Force वह एजेंसी है जो बचाव अभियान के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में अवैध वन्यजीव व्यापार पर अंकुश लगाने में आने वाली संस्थागत और रसद संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा वन संरक्षण को सुदृढ़ करने हेतु उचित उपाय सुझाइए। चर्चा कीजिए।

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने 'सार्वजनिक उपयोग' को आधार मानते हुए वधवन पोर्ट परियोजना के लिए लिंक रोड के निर्माण हेतु 208 मैंग्रोव वृक्षों की कटाई की अनुमति प्रदान की है

चर्चा में क्यों: बॉम्बे हाई कोर्ट ने 'सार्वजनिक उपयोग' को आधार मानते हुए वधवन पोर्ट परियोजना के लिए लिंक रोड के निर्माण हेतु 208 मैंग्रोव वृक्षों की कटाई की अनुमति प्रदान की है।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में 208 मैंग्रोव वृक्षों को हटाने की अनुमति प्रदान की है। यह परियोजना एक प्रमुख बुनियादी ढांचा पहल के अंतर्गत वधवन पोर्ट को जोड़ने के लिए एक लिंक रोड के निर्माण से संबंधित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानवाधवन पोर्ट: महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित एक प्रमुख बहुउद्देशीय बंदरगाह परियोजना।
  • पर्यावरणमैंग्रोव: तटीय पारिस्थितिकी तंत्र जो सुनामी और तटीय क्षरण के विरुद्ध प्राकृतिक अवरोध के रूप में कार्य करते हैं।
  • तथ्यबॉम्बे हाई कोर्ट ने लिंक रोड परियोजना के लिए 208 मैंग्रोव (mangroves) को काटने की अनुमति दी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का परीक्षण कीजिए। सार्वजनिक उपयोगिता और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जा सकता है? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स

केरल के वन एवं वन्यजीव मंत्री ने आवास प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया और मुआवजे के माध्यम से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्रि-आयामी रणनीति की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: केरल के वन एवं वन्यजीव मंत्री ने आवास प्रबंधन, त्वरित प्रतिक्रिया और मुआवजे के माध्यम से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्रि-आयामी रणनीति की घोषणा की है।

केरल सरकार संघर्ष की तीव्रता के आधार पर वन क्षेत्रों को 12 क्षेत्रों में विभाजित करने की योजना बना रही है। इस रणनीति के अंतर्गत आंतरिक वन खाद्य एवं जल संसाधनों का आकलन करना और मानव बस्तियों में प्रवेश करने वाले वन्यजीवों के प्रबंधन हेतु त्वरित प्रतिक्रिया दल (Rapid Response Teams) स्थापित करना शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकेरल के वन क्षेत्रों को संघर्ष की तीव्रता के आधार पर 12 क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा।
  • पदशिबू बेबी जॉन केरल के वन और वन्यजीव मंत्री हैं।
  • विज्ञान-तकनीकइस योजना में वन आवासों के भीतर खाद्य और जल संसाधनों का आकलन करने के लिए वैज्ञानिक अध्ययन शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: खंडित परिदृश्यों (fragmented landscapes) में मानव-वन्यजीव संघर्ष से उत्पन्न पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों की चर्चा कीजिए और क्षतिपूर्ति-आधारित शमन रणनीतियों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स + मेन्स

अन्ना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण 2050 तक तमिलनाडु के पश्चिमी घाट के वनों की संरचना सदाबहार/पर्णपाती वनों से बदलकर कटीली झाड़ियों (थॉर्न फॉरेस्ट) में परिवर्तित हो सकती है

चर्चा में क्यों: अन्ना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण 2050 तक तमिलनाडु के पश्चिमी घाट के वनों की संरचना सदाबहार/पर्णपाती वनों से बदलकर कटीली झाड़ियों (थॉर्न फॉरेस्ट) में परिवर्तित हो सकती है।

यह अध्ययन सदाबहार और पर्णपाती वनों में अनुमानित गिरावट और शुष्क कटीली झाड़ियों के विस्तार की ओर झुकाव को रेखांकित करता है। यह परिवर्तन भारत के एक महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट में जैव विविधता, जल सुरक्षा और कार्बन भंडारण के लिए संकट उत्पन्न करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानपश्चिमी घाट: दक्षिण भारत में पश्चिमी घाट पर्वत श्रृंखला से होकर गुजरने वाला एक वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट।
  • तथ्यवन संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन के लिए अनुमानित समयसीमा: 2050।
  • पर्यावरणथॉर्न वन (Thorn forests): ये शुष्क-प्रतिरोधी वनस्पतियों द्वारा विशेषतायुक्त होते हैं और शुष्क/अर्ध-शुष्क परिस्थितियों में विस्तार करते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट जैसे जैव विविधता हॉटस्पॉट में जलवायु-प्रेरित वन संरचना में होने वाले परिवर्तनों से क्षेत्रीय जल सुरक्षा और कार्बन पृथकीकरण लक्ष्यों पर पड़ने वाले खतरों का विश्लेषण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स

पश्चिमी घाट के लिए कस्तूरीरंगन समिति की पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESA) संबंधी सिफारिशों के कार्यान्वयन को लेकर दक्षिणी राज्य (कर्नाटक, केरल

चर्चा में क्यों: पश्चिमी घाट के लिए कस्तूरीरंगन समिति की पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESA) संबंधी सिफारिशों के कार्यान्वयन को लेकर दक्षिणी राज्य (कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु) गतिरोध का सामना कर रहे हैं।

कस्तूरीरंगन समिति ने पश्चिमी घाटों में लगभग 19,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाले एक पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र (ESA) का प्रस्ताव दिया है। इन सिफारिशों में इन क्षेत्रों में खनन, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों, ताप विद्युत संयंत्रों और बड़े पैमाने पर निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानपश्चिमी घाट: दक्षिण भारत में स्थित एक पर्वत श्रृंखला और एक UNESCO विश्व धरोहर स्थल।
  • संस्थाकस्तूरीरंगन समिति: पश्चिमी घाट में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (ESAs) की पहचान करने के लिए गठित एक उच्च-स्तरीय समिति।
  • तथ्यप्रस्तावित ESA पश्चिमी घाटों के लगभग 19,000 वर्ग किमी क्षेत्र को कवर करता है।
  • पर्यावरणपश्चिमी घाट: कार्बन पृथक्करण (carbon sequestration), जैव विविधता संरक्षण और क्षेत्रीय जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट में विकासात्मक आवश्यकताओं और पारिस्थितिक संरक्षण के मध्य अंतर्निहित संघर्ष का विश्लेषण कीजिए तथा कस्तूरीरंगन समिति की सिफारिशों के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए चर्चा कीजिए।

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दिल्ली के नवजीवन विहार में एक 'जीरो-वेस्ट' आवासीय मॉडल ने 8 वर्षों की अवधि में लैंडफिल से 10 लाख किलोग्राम कचरे को सफलतापूर्वक अलग किया है

चर्चा में क्यों: दिल्ली के नवजीवन विहार में एक 'जीरो-वेस्ट' आवासीय मॉडल ने 8 वर्षों की अवधि में लैंडफिल से 10 लाख किलोग्राम कचरे को सफलतापूर्वक अलग किया है, जो शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक स्केलेबल मॉडल के रूप में कार्य करता है।

डॉ. रूबी मखिजा के नेतृत्व में इस पहल के अंतर्गत स्रोत पृथकीकरण, जैविक खाद निर्माण और शुष्क अपशिष्ट पुनर्चक्रण को सम्मिलित किया गया। शून्य-अपशिष्ट स्थिति प्राप्त करने के उद्देश्य से इसे नगर निगम दिल्ली (MCD) के सहयोग से कार्यान्वित किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाMCD: Municipal Corporation of Delhi दिल्ली में नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (municipal solid waste management) के लिए जिम्मेदार प्राथमिक स्थानीय निकाय है।
  • तथ्यNavjeevan Vihar पहल ने 8 वर्षों की अवधि में लैंडफिल से 10 लाख किलोग्राम से अधिक कचरे को सफलतापूर्वक डायवर्ट किया।
  • स्थाननवजीवन विहार दिल्ली में स्थित एक आवासीय कॉलोनी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: शहरी भारत में स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति में समुदाय-आधारित पहलों और विकेंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेप्रीलिम्स + मेन्स

IMD और CEEW ने भारत में रात के तापमान में होने वाली वृद्धि के चिंताजनक रुझान पर प्रकाश डाला है

चर्चा में क्यों: IMD और CEEW ने भारत में रात के तापमान में होने वाली वृद्धि के चिंताजनक रुझान पर प्रकाश डाला है, जो मुख्य रूप से शहरी ताप द्वीप (urban heat island) प्रभावों और जलवायु परिवर्तन के कारण प्रेरित है।

ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) की रिपोर्ट के अनुसार, अत्यधिक गर्म दिनों की तुलना में अत्यधिक गर्म रातों की संख्या में तीव्र गति से वृद्धि हो रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र और तेलंगाना के कुछ हिस्सों को छोड़कर, अधिकांश भारत में सामान्य से अधिक न्यूनतम तापमान की भविष्यवाणी की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIMD: India Meteorological Department मौसम पूर्वानुमान और जलवायु निगरानी के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
  • विज्ञान-तकनीकअर्बन हीट आइलैंड (UHI) प्रभाव: वह परिघटना जिसमें कंक्रीट के उपयोग और वनस्पतियों की कमी के कारण शहरी क्षेत्रों में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में उच्च तापमान अनुभव किया जाता है।
  • तथ्यCEEW: Council on Energy, Environment and Water ऊर्जा और जलवायु पर एक प्रमुख भारतीय थिंक टैंक है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय शहरों में 'अर्बन हीट आइलैंड' (शहरी ताप द्वीप) प्रभाव किस प्रकार जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को और अधिक गंभीर बनाता है, इसका विश्लेषण कीजिए और इसके शमन के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों का सुझाव दीजिए।

EnviroCatalysts के एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि दिल्ली में PM10 का स्तर निगरानी अवधि के लगभग 90% समय के दौरान WHO के दिशा-निर्देशों से अधिक रहा

चर्चा में क्यों: EnviroCatalysts के एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि दिल्ली में PM10 का स्तर निगरानी अवधि के लगभग 90% समय के दौरान WHO के दिशा-निर्देशों से अधिक रहा, जो एक निरंतर संरचनात्मक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को रेखांकित करता है।

अध्ययन से यह ज्ञात हुआ कि यद्यपि NO2 और जमीनी स्तर के ओजोन के स्तर में गिरावट आई, तथापि 90% अवधि के दौरान PM10 का स्तर राष्ट्रीय मानकों से ऊपर बना रहा। धूल भरी आंधी और प्रतिकूल मौसम के कारण 3 अप्रैल को 989 µg/m³ का उच्चतम प्रति घंटा PM10 संकेंद्रण दर्ज किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्य3 अप्रैल को दिल्ली में PM10 की सांद्रता 989 µg/m³ के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई।
  • तथ्यनिगरानी अवधि के लगभग 90% समय के लिए PM10 का स्तर स्वीकार्य सीमा से अधिक रहा।
  • विज्ञान-तकनीकदिल्ली में वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए BS-VI ईंधन मानकों को लागू किया गया था।
  • स्थानदिल्ली की वायु गुणवत्ता पर वाहनों के उत्सर्जन और मौसमी धूल भरी आंधियों, दोनों का प्रभाव पड़ता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कड़े वाहन उत्सर्जन मानकों के कार्यान्वयन के बावजूद, सूक्ष्म कणों (PM10 और PM2.5) के प्रबंधन में मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

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'साइंस एडवांस' (Science Advances) में प्रकाशित एक अध्ययन चेतावनी देता है कि आर्कटिक पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने से 2050 के दशक तक यह क्षेत्र कार्बन सिंक (carbon sink) के बजाय कार्बन स्रोत (carbon source) में परिवर्तित हो सकता है

चर्चा में क्यों: 'साइंस एडवांस' (Science Advances) में प्रकाशित एक अध्ययन चेतावनी देता है कि आर्कटिक पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने से 2050 के दशक तक यह क्षेत्र कार्बन सिंक (carbon sink) के बजाय कार्बन स्रोत (carbon source) में परिवर्तित हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने आर्कटिक क्षेत्र में गहरे कार्बन भंडार को सम्मिलित करने के लिए भू-सतह मॉडलों (land surface models) को उन्नत बनाया है। यह अध्ययन इंगित करता है कि ये क्षेत्र अपने द्वारा अवशोषित कार्बन की तुलना में अधिक कार्बन उत्सर्जित कर सकते हैं, जिससे वे जलवायु सहायक के बजाय जलवायु प्रवर्धक (climate amplifier) के रूप में कार्य करेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकपरमाफ्रॉस्ट (Permafrost): वह भूमि जो कम से कम दो लगातार वर्षों तक पूरी तरह से जमी रहती है।
  • पर्यावरणकार्बन सिंक: एक प्राकृतिक भंडार (जैसे वन या पर्माफ्रॉस्ट) जो उत्सर्जित कार्बन की तुलना में अधिक कार्बन अवशोषित करता है।
  • तथ्ययह अध्ययन आर्कटिक कार्बन गतिशीलता में संभावित बदलाव के लिए 2050 के दशक को एक महत्वपूर्ण समय सीमा के रूप में पहचानता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आर्कटिक पर्माफ्रॉस्ट (permafrost) के पिघलने से वैश्विक तापन (global warming) में उत्पन्न होने वाले 'पॉजिटिव फीडबैक लूप' (positive feedback loop) की चर्चा कीजिए और जलवायु मॉडलों में गहरे कार्बन गतिशीलता (deep carbon dynamics) को एकीकृत करने की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।

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भू-स्वामियों ने पल्लिकरनई मार्शलैंड के 'इन्फ्लुएंस ज़ोन' (प्रभाव क्षेत्र) में विकास संबंधी प्रतिबंधों के विरुद्ध नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CMDA) को चुनौती दी है

चर्चा में क्यों: भू-स्वामियों ने पल्लिकरनई मार्शलैंड के 'इन्फ्लुएंस ज़ोन' (प्रभाव क्षेत्र) में विकास संबंधी प्रतिबंधों के विरुद्ध नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CMDA) को चुनौती दी है।

पल्लिकरनई दलदली भूमि तमिलनाडु के चेन्नई में एक नामित रामसर स्थल है, जो जैव विविधता और बाढ़ शमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। CMDA की द्वितीय मास्टर योजना में ऐसे विकास क्षेत्र शामिल हैं जो इस आर्द्रभूमि की पारिस्थितिक सीमाओं के साथ विरोधाभास उत्पन्न करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानपल्लिकरनई मार्शलैंड: चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित एक Ramsar साइट।
  • संस्थाNational Green Tribunal (NGT): भारत में पर्यावरणीय विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए एक विशिष्ट निकाय।
  • संस्थाChennai Metropolitan Development Authority (CMDA): चेन्नई महानगरीय क्षेत्र के लिए नियोजन और विकास निकाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार और शहरी आर्द्रभूमि (wetlands) के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए। विनियामक तंत्र विकास और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकते हैं? चर्चा कीजिए।

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भारत सरकार पश्चिमी घाट में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (ESAs) के सीमांकन को अंतिम रूप दे रही है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार पश्चिमी घाट में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (ESAs) के सीमांकन को अंतिम रूप दे रही है, ताकि विकासात्मक गतिविधियों को विनियमित किया जा सके और जैव विविधता का संरक्षण किया जा सके।

पश्चिमी घाटों में प्रस्तावित पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र (ESAs) 56,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक के क्षेत्र को कवर करते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) वर्तमान में हरियाणा के राखीगढ़ी हड़प्पा स्थल पर स्थित कंकाल अवशेषों पर DNA परीक्षण और चेहरे का पुनर्निर्माण कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानपश्चिमी घाट: भारत के पश्चिमी तट पर छह राज्यों में फैला एक जैव विविधता हॉटस्पॉट।
  • तथ्यपश्चिमी घाट में चिन्हित पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESAs) 56,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले हुए हैं।
  • स्थानराखीगढ़ी: हरियाणा राज्य में स्थित हड़प्पा सभ्यता का एक प्रमुख स्थल।
  • संस्थाASI: Archaeological Survey of India पुरातात्विक अनुसंधान और संरक्षण के लिए प्रमुख संगठन है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट के पारिस्थितिक महत्व पर चर्चा कीजिए और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (Ecologically Sensitive Areas) के संरक्षण तथा क्षेत्रीय विकासात्मक आकांक्षाओं के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का मूल्यांकन कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेमेन्स

विशेषज्ञ जसमीत सिंह अरोड़ा ने भारतीय शहरों में बढ़ते शहरी हीटवेव (urban heatwaves) से निपटने के लिए बहुस्तरीय शहरी वनस्पति रणनीति (वृक्ष

चर्चा में क्यों: विशेषज्ञ जसमीत सिंह अरोड़ा ने भारतीय शहरों में बढ़ते शहरी हीटवेव (urban heatwaves) से निपटने के लिए बहुस्तरीय शहरी वनस्पति रणनीति (वृक्ष, झाड़ियाँ और भू-आच्छादन) की वकालत की है।

शहरी वनस्पति छायांकन और वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से सतह के तापमान को 12°सी. तक कम कर सकती है। अनुमान है कि एकल-परत वृक्षारोपण की तुलना में बहुस्तरीय वृक्षारोपण दृष्टिकोण शीतलन लाभों को दोगुने से अधिक बढ़ा सकता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकवाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration): वह प्रक्रिया जिसके द्वारा मिट्टी से वाष्पीकरण और पौधों से वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से जल का भूमि से वायुमंडल में स्थानांतरण होता है।
  • तथ्यशहरी वनस्पति सतह के तापमान को 12°सी. तक कम कर सकती है।
  • स्थानअहमदाबाद, कोलकाता और गुवाहाटी को हीट मिटिगेशन (heat mitigation) के लिए शहरी वनस्पति (urban vegetation) लागू करने वाले स्थानों के रूप में उद्धृत किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: शहरी ताप द्वीप (UHI) प्रभाव को कम करने में पारंपरिक वनीकरण की सीमाओं का विश्लेषण कीजिए और बहु-स्तरीय शहरी वनस्पति रणनीतियों की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) ने मई 2026 में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) को उच्च कुल घुले हुए ठोस (TDS) से दूषित जल विसर्जित करने के आरोपों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) ने मई 2026 में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) को उच्च कुल घुले हुए ठोस (TDS) से दूषित जल विसर्जित करने के आरोपों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) तमिलनाडु के कृष्णगिरी में आईफोन घटकों (components) के निर्माण की एक इकाई संचालित करती है। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) ने मई 2026 में परकोलेशन तालाबों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के संबंध में एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कंपनी का दावा है कि वह एक 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) इकाई के रूप में कार्य करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाTNPCB: तमिलनाडु में औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी और पर्यावरणीय कानूनों को लागू करने के लिए जिम्मेदार राज्य-स्तरीय निकाय।
  • विज्ञान-तकनीकZero Liquid Discharge (ZLD): एक जल उपचार प्रक्रिया जिसे पर्यावरण में अपशिष्ट जल (wastewater) के उत्सर्जन को न्यूनतम करने या समाप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • तथ्यस्थान: कृष्णगिरी जिला, तमिलनाडु।
  • विज्ञान-तकनीकTDS: Total Dissolved Solids का तात्पर्य जल में घुले अकार्बनिक और कार्बनिक पदार्थों से है, जिसे mg/L या ppm में मापा जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में औद्योगिक विस्तार और कृषि स्थिरता के मध्य उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का परीक्षण कीजिए। विनियामक तंत्र किस प्रकार यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि 'शून्य तरल निर्वहन' (Zero Liquid Discharge) के दावों की प्रभावी ढंग से निगरानी की जाए? विश्लेषण कीजिए।

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सिमिलिपल टाइगर रिजर्व ने एक बाघिन (जीनत) और उसके शावकों का सफलतापूर्वक दस्तावेजीकरण किया है

चर्चा में क्यों: सिमिलिपल टाइगर रिजर्व ने एक बाघिन (जीनत) और उसके शावकों का सफलतापूर्वक दस्तावेजीकरण किया है, जो आनुवंशिक पतन (genetic collapse) से निपटने के लिए ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व से स्थानांतरण कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ओडिशा के सिमलीपाल टाइगर रिजर्व में अंतःप्रजनन के कारण बाघों की जनसंख्या में स्थिरता और आनुवंशिक पतन की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस समस्या के शमन हेतु, नवीन आनुवंशिक विविधता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र के तडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व से बाघों का स्थानांतरण किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणसिमिलिपाल टाइगर रिजर्व ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित है।
  • पर्यावरणताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित एक प्रमुख टाइगर रिजर्व है।
  • तथ्यस्थानांतरण कार्यक्रम का उद्देश्य सिमलीपाल बाघ आबादी में अंतःप्रजनन (inbreeding) के कारण होने वाले 'आनुवंशिक पतन' (genetic collapse) को संबोधित करना था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वन्यजीव संरक्षण में आनुवंशिक विविधता के महत्व की चर्चा कीजिए और खंडित आवासों में व्यवहार्य आबादी को बनाए रखने में बाघ पुनर्वास कार्यक्रमों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।

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नेपाल के उच्च क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन जनित बाढ़ लुब्रा गाँव के बोन समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक प्रथाओं के लिए खतरा उत्पन्न कर रही है

चर्चा में क्यों: नेपाल के उच्च क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन जनित बाढ़ लुब्रा गाँव के बोन समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक प्रथाओं के लिए खतरा उत्पन्न कर रही है।

लुबरा नेपाल के उन दुर्लभ गाँवों में से एक है जहाँ प्राचीन बोन धर्म का पालन किया जाता है। हिमालयी क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा की घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि हो रही है, जिसके परिणामस्वरूप घरों, कृषि भूमि और सांस्कृतिक स्थलों का विनाश हो रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणबोन (Bon): हिमालयी क्षेत्र में प्रचलित एक प्राचीन और स्वदेशी आध्यात्मिक परंपरा, जो तिब्बती बौद्ध धर्म से भिन्न है।
  • स्थानLubra: नेपाल का एक पहाड़ी गाँव जो वर्तमान में जलवायु-प्रेरित विस्थापन का सामना कर रहा है।
  • तथ्यInternational Centre of Integrated Mountain Development (ICIMOD) हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र पर जलवायु प्रभावों की निगरानी करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन किस प्रकार सांस्कृतिक क्षरण और विवशतापूर्ण प्रवास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है? पर्यावरणीय क्षरण से स्वदेशी विरासत की रक्षा के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)प्रीलिम्स

लद्दाख प्रशासन ने अपने उच्च-ऊंचाई वाले पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षाके लिए भारी दंड के साथ एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (single-use plastics) पर प्रतिबंध लागू किया है

चर्चा में क्यों: लद्दाख प्रशासन ने अपने उच्च-ऊंचाई वाले पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षाके लिए भारी दंड के साथ एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (single-use plastics) पर प्रतिबंध लागू किया है।

लद्दाख के उपराज्यपाल, विनई कुमार सक्सेना ने इस प्रतिबंध की घोषणा की है, जिसमें हवाई अड्डों और सीमा प्रवेश बिंदुओं पर यादृच्छिक जाँच (रैंडम चेक) शामिल है। व्यक्तियों, व्यवसायों या संस्थानों द्वारा नियमों के उल्लंघन पर 10,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानलद्दाख: उत्तरी भारत में स्थित एक केंद्र शासित प्रदेश जो अपने उच्च-ऊंचाई वाले पारिस्थितिकी तंत्र (high-altitude ecosystem) के लिए जाना जाता है।
  • तथ्यलद्दाख में एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक (single-use plastic) के उल्लंघन के लिए दंड: 10,000 रुपये तक।
  • तथ्यप्रवर्तन बिंदु: हवाई अड्डे और सीमा प्रवेश बिंदु प्राथमिक निगरानी स्थल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्लास्टिक प्रदूषण से उत्पन्न पारिस्थितिक चुनौतियों की चर्चा कीजिए और इस प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए अपनाए गए दंडात्मक उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।

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