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भाग I · स्था. 11.2025 
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अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और लैंडस्लाइड, 1,03,860 लोग फंसे, 7 की मौत

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौते· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण भीषण बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे 1 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और इसने चरम मौसम के प्रति हिमालयी बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता को रेखांकित किया है।

पृष्ठभूमि

अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग, ऊपरी सुबनसिरी, ऊपरी सियांग, कामले और क्रा दादी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गईं। इस आपदा के परिणामस्वरूप 7 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, 29 लोग घायल हुए और सड़कों, पुलों तथा सिंचाई परियोजनाओं को व्यापक क्षति पहुँची।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानअरुणाचल प्रदेश: हिमालयी भू-भाग के कारण भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) के प्रति संवेदनशील पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य।
  • संस्थाIMD: India Meteorological Department, वर्षा और चरम मौसम की घटनाओं के पूर्वानुमान के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय एजेंसी।
  • तथ्यप्रभावित जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण 1,03,860 से अधिक लोगों के फंसे होने की सूचना मिली।

मेन्स के लिए

प्रश्न: बढ़ती चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति के बीच हिमालयी क्षेत्र में आपदा-लचीले बुनियादी ढांचे के विकास में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS1 · भौतिक भूगोल (भू-आकृतियां, महासागर, जलवायु)यह भी: GS3 · प्राकृतिक आपदाएं एवं राहत

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।