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भाग I · स्था. 11.2025 
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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 488 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: Species, protected areas & wetlands (193) · Climate change & international agreements (116) · Pollution (air, water, plastic) (86) · Biodiversity & conservation (73) · Environmental laws, EIA & institutions (20)

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims

केरल वॉटर अथॉरिटी ने कोच्चि नहरों की सफाई के लिए ₹185 करोड़ का सीवेज प्रोजेक्ट शुरू किया

चर्चा में क्यों: केरल जल प्राधिकरण (KWA) ने नहरों के प्रदूषण को कम करने और शहरी स्वच्छता में सुधार हेतु कोच्चि में ₹185 करोड़ की सीवेज परियोजना शुरू की है।

इस परियोजना के अंतर्गत 27 किलोमीटर लंबी सीवेज पाइपलाइन, 5-MLD की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और 1,400 मैनहोल शामिल हैं। इसमें मूविंग बेड बायोफिल्म रिएक्टर (MBBR) तकनीक का उपयोग किया गया है और इसे 30 वर्षों की परिचालन अवधि के लिए डिजाइन किया गया है।

Prelims pointers (4)
  • BodyKerala Water Authority (KWA): केरल में जल आपूर्ति और सीवरेज प्रबंधन के लिए उत्तरदायी राज्य निकाय।
  • S&TMBBR (Moving Bed Biofilm Reactor): अपशिष्ट जल उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली एक फिक्स्ड-फिल्म एक्टिवेटेड स्लज प्रक्रिया।
  • Factपरियोजना का दायरा: कोच्चि में 27-किमी पाइपलाइन, 5-MLD STP और 1,400 मैनहोल।
  • Placeकोच्चि: केरल का एक प्रमुख बंदरगाह शहर और राज्य का वाणिज्यिक केंद्र।
Mains angle

Q. तटीय शहरों में शहरी अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

  • Infrastructure gap: Inadequate sewerage coverage leading to direct solid waste dumping in urban canals
  • Technological transition: Shift from traditional primary treatment to advanced MBBR systems for higher effluent quality
  • Public health nexus: Correlation between untreated canal water and the prevalence of water-borne diseases in high-density urban areas

Keywords: Urban Sanitation · Wastewater Treatment · MBBR Technology · Aquatic Pollution · Public Health

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims

दिल्ली में हवा की क्वालिटी गिरी, अफगानिस्तान के धूल भरे तूफान से AQI 261 पहुंचा

चर्चा में क्यों: अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान से आने वाली पार-राष्ट्रीय खनिज धूल के कारण दिल्ली का AQI 261 तक पहुंच गया, जो वायु प्रदूषण की सीमा-पार प्रकृति को रेखांकित करता है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में हुई तीव्र वृद्धि के प्राथमिक कारक के रूप में अफगान तूफानों से उत्पन्न खनिज धूल की पहचान की है। वायु गुणवत्ता 17 अप्रैल, 2024 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुँच गई, जिसके लिए GRAP चरण-I को तत्काल लागू करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

Prelims pointers (3)
  • BodyCAQM: Commission for Air Quality Management एक वैधानिक निकाय है जिसे NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन की देखरेख के लिए स्थापित किया गया है।
  • Factरविवार को दिल्ली का AQI 261 तक पहुँच गया, जो 17 अप्रैल, 2024 के बाद दर्ज किया गया उच्चतम स्तर है।
  • FactGRAP: Graded Response Action Plan AQI के स्तरों के आधार पर लागू किए जाने वाले आपातकालीन उपायों का एक समूह है।
Mains angle

Q. भारत-गंगा के मैदानी क्षेत्र में सीमा पार वायु प्रदूषण के प्रबंधन में निहित चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता शासन हेतु एक बहुपक्षीय ढांचे का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • Institutional limitation: CAQM's jurisdiction is primarily domestic, lacking enforcement powers over transboundary dust sources.
  • Data gap: Lack of real-time, high-resolution atmospheric modeling for mineral dust transport from neighboring countries.

Keywords: transboundary pollution · mineral dust · AQI · CAQM · GRAP · Indo-Gangetic Plain

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वेस्टर्न घाट्स में लैंडस्लाइड से 6 की मौत, देरी से आए मानसून ने मचाया कहर

चर्चा में क्यों: दक्षिण-पश्चिम मानसून में विलंब और अत्यधिक वर्षा के कारण पश्चिमी घाट में घातक भूस्खलन हुआ, जिसने पारिस्थितिक संवेदनशीलता और बार-बार होने वाले आपदा जोखिमों को रेखांकित किया है।

जून माह में वर्षा की कमी के पश्चात वायनाड और मडिकेरी (कोडागु जिला) में भूस्खलन की घटनाएँ घटित हुईं। 1 जुलाई, 2024 को मंगलुरु के गरोडी-ना*(Self-correction: The source text was cut off in the prompt, but I will provide the translation for the provided segment.)* जून माह में वर्षा की कमी के पश्चात वायनाड और मडिकेरी (कोडागु जिला) में भूस्खलन की घटनाएँ घटित हुईं। 1 जुलाई, 2024 को मंगलूरु के गरोडी-नागुरी में एक प्रतिधारक दीवार (retaining wall) के ढहने के परिणामस्वरूप भी जनहानि हुई।

Prelims pointers (3)
  • Placeपश्चिमी घाट: पश्चिमी भारत में स्थित एक पर्वत श्रृंखला, जिसे UNESCO विश्व धरोहर स्थल और जैव विविधता हॉटस्पॉट के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • Factवायनाड और कोडागु (मदिकेरी) क्रमशः केरल और कर्नाटक राज्य के वे जिले हैं, जो भूस्खलन के जोखिम के प्रति संवेदनशील हैं।
  • Environmentपश्चिमी घाट: सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला का हिस्सा, जो उच्च स्थानिकता (endemism) और भारी मानसून-आधारित वर्षा की विशेषता लिए हुए है।
Mains angle

Q. पश्चिमी घाटों में भूस्खलन की बढ़ती आवृत्ति में योगदान देने वाले पारिस्थितिक और भूगर्भीय कारकों का विश्लेषण कीजिए और आपदा-लचीले बुनियादी ढांचे के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • Geological vulnerability: High-intensity rainfall on steep slopes with weathered soil and fractured rock formations.
  • Ecological degradation: Impact of deforestation and unplanned construction on soil stability and natural drainage.
  • Institutional response: Need for real-time landslide early warning systems and stricter enforcement of the Gadgil/Kasturirangan reports.

Keywords: Ecological vulnerability · Disaster resilience · Landslide mitigation · Biodiversity hotspot · Climate change adaptation

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कोझिकोड तट पर प्लास्टिक जाल में फंसने के कारण एक लुप्तप्राय 'इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फिन' और एक 'इंडो-पैसिफिक फिनलेस पोरपॉइज़' की मृत्यु ने समुद्री जैव विविधता के लिए समुद्री मलबे से उत्पन्न खतरों को रेखांकित किया है

चर्चा में क्यों: कोझिकोड तट पर प्लास्टिक जाल में फंसने के कारण एक लुप्तप्राय 'इंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फिन' और एक 'इंडो-पैसिफिक फिनलेस पोरपॉइज़' की मृत्यु ने समुद्री जैव विविधता के लिए समुद्री मलबे से उत्पन्न खतरों को रेखांकित किया है।

4 जुलाई, 2026 को केरल के कोझिकोड तट पर 200 किलोग्राम वजन वाली एक भारतीय महासागर हम्पबैक डॉल्फिन और एक इंडो-पैसिफिक फिनलेस पोर्पॉइज़ मृत अवस्था में पाई गईं। शव-परीक्षण (नेक्रोप्सी) से यह स्पष्ट हुआ कि डॉल्फिन की मृत्यु उसके ग्रासनली (ओसोफैगस) में फँसे 2 किलोग्राम के प्लास्टिक मछली पकड़ने वाले जाल के कारण हुई, जिससे घातक किण्वन (फरमेंटेशन) की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

Prelims pointers (4)
  • Environmentइंडियन ओशन हम्पबैक डॉल्फिन: हिंद महासागर में पाई जाने वाली एक लुप्तप्राय समुद्री स्तनपायी प्रजाति।
  • Environmentइंडो-पैसिफिक फिनलेस पोरपॉइज़: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में पाया जाने वाला एक समुद्री स्तनपायी प्रजाति।
  • Factडॉल्फिन के शव का वजन लगभग 200 kg था।
  • Placeकोझिकोड बीच: यह भारत के केरल राज्य में स्थित है।
Mains angle

Q. समुद्री जैव विविधता पर समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण के प्रभाव की चर्चा कीजिए और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों में परित्यक्त मछली पकड़ने के उपकरणों (abandoned fishing gear) से उत्पन्न खतरों को कम करने के उपाय सुझाइए।

  • Regulatory gap: Lack of stringent enforcement on the disposal and retrieval of discarded nylon fishing nets.
  • Biodiversity loss: High mortality rates of endangered cetaceans due to ingestion and entanglement in marine debris.
  • Coastal management: Need for integrated waste management systems to prevent plastic leakage into the Indian Ocean.

Keywords: Marine Biodiversity · Anthropogenic Impact · Plastic Pollution · Cetacean Conservation · Coastal Ecology

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भारत और श्रीलंका के रिसर्चर्स ने खोजे दुर्लभ जंपिंग स्पाइडर की 3 नई प्रजातियां

चर्चा में क्यों: भारत और श्रीलंका के शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट और श्रीलंका के वनों में तीन नई जंपिंग स्पाइडर प्रजातियों की खोज की और चौथी प्रजाति को पुन: खोजा है।

'Zootaxa' पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन ने तीन नई प्रजातियों की पहचान की है: Onomastus brahmagiri (ब्रह्मगिरी हिल्स), O. silentvalley (साइलेंट वैली नेशनल पार्क), और O. wijesinghei (श्रीलंकाई पर्वतीय वन)। साथ ही, इस अध्ययन ने तमिलनाडु में 100 से अधिक वर्षों के बाद O. patellaris की पुन: खोज की पुष्टि भी की है।

Prelims pointers (5)
  • Environmentब्रह्मगिरी हिल्स में 'Onomastus brahmagiri' नामक जंपिंग स्पाइडर की नई प्रजाति की खोज की गई।
  • Environmentसाइलेंट वैली नेशनल पार्क में जंपिंग स्पाइडर की नई प्रजाति की खोज।
  • EnvironmentOnomastus wijesinghei: श्रीलंका के पर्वतीय वनों में जंपिंग स्पाइडर की नई प्रजाति की खोज।
  • EnvironmentOnomastus patellaris: एक सदी से अधिक समय के बाद तमिलनाडु में पुन: खोजा गया।
  • Placeसाइलेंट वैली नेशनल पार्क: यह भारत के केरल में पश्चिमी घाट में स्थित है।
Mains angle

Q. पश्चिमी घाटों में नई प्रजातियों की खोज, बढ़ते जलवायु परिवर्तन के खतरों के बीच जैव विविधता संरक्षण के महत्व को किस प्रकार रेखांकित करती है? चर्चा कीजिए।

  • Habitat fragmentation: Encroachment and monoculture plantations reducing niche availability for montane forest fauna
  • Climate vulnerability: Rising temperatures altering the micro-climates of high-altitude and montane ecosystems
  • Transboundary conservation: Necessity of collaborative biodiversity monitoring between India and Sri Lanka for shared ecological corridors

Keywords: Biodiversity conservation · Endemism · Montane ecosystems · Climate change mitigation · Species rediscovery

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पेरियार में इकोसिस्टम बचाने के लिए इनवेसिव कैटफिश को बनाया गया पेट च्यूअर

चर्चा में क्यों: पेरियार टाइगर रिजर्व में जैव विविधता के संरक्षण और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक संरक्षण पहल के अंतर्गत 'सर्कुलर इकोनॉमी' मॉडल शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से आक्रामक अफ्रीकी कैटफ़िश को पालतू जानवरों के लिए चबाने योग्य खाद्य (पेट च्यूअर्स) और फिश जेर्की में परिवर्तित किया जाएगा।

यह परियोजना पेरियार मीठे जल पारिस्थितिकी तंत्र में एक अत्यधिक शिकारी आक्रामक प्रजाति, अफ्रीकी कैटफ़िश (Clarias gariepinus) को लक्षित करती है। इस पहल के अंतर्गत, एक सतत संरक्षण-आजीविका मॉडल विकसित करने हेतु एकत्रित की गई मछलियों को फिश जेर्की और अचार जैसे उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में परिवर्तित करना शामिल है।

Prelims pointers (3)
  • Environmentअफ्रीकी कैटफ़िश (Clarias gariepinus) भारतीय मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र में एक आक्रामक शिकारी प्रजाति है।
  • Placeपेरियार टाइगर रिजर्व (PTR) केरल राज्य में स्थित है।
  • Factयह पहल 11 जुलाई, 2026 को शुरू की गई थी, जो एक चक्रीय संरक्षण मॉडल (circular conservation model) पर केंद्रित है।
Mains angle

Q. संरक्षित क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को सुनिश्चित करते हुए, चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) के सिद्धांतों का एकीकरण आक्रामक प्रजातियों के प्रबंधन में किस प्रकार प्रभावी हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • Ecological threat: Predatory behavior of Clarias gariepinus disrupts native fish populations and aquatic biodiversity.
  • Livelihood synergy: Converting ecological waste into high-value commercial products creates sustainable income for local stakeholders.
  • Policy trade-off: Balancing the immediate need for invasive species eradication with the logistical requirements of value-added processing.

Keywords: Invasive species · Circular economy · Biodiversity conservation · Livelihood integration · Ecological restoration

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims + Mains

मुंबई के कांजुरमार्ग लैंडफिल से अब नहीं आ रही बदबू, शिकायतों में भारी गिरावट

चर्चा में क्यों: बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा एक निगरानी समिति गठित करने और अपशिष्ट प्रबंधन उपायों को लागू करने के निर्देश के पश्चात, BMC ने मुंबई के कांजुरमार्ग लैंडफिल में गंध संबंधी शिकायतों के पूर्णतः समाप्त होने की सूचना दी है।

कंजुरमार्ग लैंडफिल स्थल पर प्रतिदिन लगभग 6,100 मीट्रिक टन अपशिष्ट प्राप्त होता है और वर्ष 2011 से अब तक इसमें लगभग 189 लाख मीट्रिक टन कचरा संचित हो चुका है। UCLA ने इसे विश्व के शीर्ष 25 मीथेन हॉटस्पॉट्स में से एक के रूप में चिन्हित किया है।

Prelims pointers (4)
  • Placeकांजुरमार्ग लैंडफिल: यह महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित है।
  • Factकंजुरमार्ग लैंडफिल: 2011 से अब तक लगभग 189 लाख मीट्रिक टन कचरा जमा हो चुका है।
  • S&Tमीथेन: लैंडफिल में जैविक कचरे के अवायवीय अपघटन (anaerobic decomposition) से उत्पन्न होने वाली एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस।
  • BodyBMC: Brihanmumbai Municipal Corporation मुंबई के लिए स्थानीय शासन निकाय है।
Mains angle

Q. तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते भारतीय शहरों में लैंडफिल-आधारित अपशिष्ट प्रबंधन के पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए तथा मीथेन उत्सर्जन को कम करने के लिए टिकाऊ विकल्पों का सुझाव दीजिए।

  • Public health risk: Chronic respiratory issues and groundwater contamination due to uncontrolled methane and leachate seepage.
  • Institutional bottleneck: Delayed transition from 'dumping' to 'waste-to-energy' infrastructure despite judicial oversight.
  • Technical intervention: Limitations of chemical capping and Tarpaumatic covers in addressing long-term subterranean methane hotspots.

Keywords: methane hotspots · waste-to-energy · anaerobic decomposition · urban waste management · judicial activism

GS3Environment & Ecology › Climate change & international agreementsPrelims

ग्लोबल फिशरीज में हलचल: पेरू ने एंकोवी मछली पकड़ना रोका, कैलिफोर्निया में ट्यूना की मात्रा बढ़ी

चर्चा में क्यों: एक 'सुपर' एल निनो (El Niño) घटना वैश्विक मत्स्य पालन को बाधित कर रही है, जिसके कारण पेरू में एंकोवी (anchovy) की पैदावार में गिरावट आई है, जबकि कैलिफोर्निया में टूना (tuna) की पकड़ में वृद्धि हुई है।

एल नीनो प्रशांत महासागर में उत्पन्न होने वाला एक मौसमी चक्र है, जो प्रत्येक 2-7 वर्षों में घटित होता है और समुद्र की सतह के औसत से अधिक तापमान द्वारा पहचाना जाता है। यह 'अपवेलिंग' (upwelling) की प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न करता है, जिसके अंतर्गत व्यापारिक पवनें पोषक तत्वों से भरपूर ठंडे जल को सतह पर लाती हैं। इस प्रक्रिया के बाधित होने से शैवाल की वृद्धि में कमी आती है और मत्स्य प्रजातियों के प्रवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

Prelims pointers (3)
  • S&Tएल नीनो (El Niño): इसकी विशेषता उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में व्यापारिक हवाओं (trade winds) के कमजोर होने और समुद्री सतह के तापमान में वृद्धि है।
  • Environmentअपवेलिंग (Upwelling): गहरे समुद्र से ठंडे और पोषक तत्वों से भरपूर पानी का सतह पर ऊपर आना, जो शैवाल जैसे प्राथमिक उत्पादकता (primary productivity) को सहारा देने के लिए आवश्यक है।
  • Factएंकोवीज़ (Anchovies): वैश्विक स्तर पर मछली के तेल और पशु आहार का एक प्राथमिक स्रोत, जो El Niño प्रेरित प्रवास से अत्यधिक प्रभावित होता है।
Mains angle

Q. जलवायु परिवर्तन से प्रेरित समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में होने वाले बदलाव, जैसे कि अल नीनो (El Niño), वैश्विक खाद्य सुरक्षा और तटीय समुदायों की आजीविका के लिए किस प्रकार खतरा उत्पन्न करते हैं, चर्चा कीजिए।

  • Economic instability: Volatility in global seafood prices and export revenues due to species-specific migration patterns.
  • Ecological vulnerability: Reduced primary productivity from suppressed upwelling affecting marine biodiversity and food chains.
  • Livelihood displacement: Necessity for fishers to adopt seasonal diversification as traditional fishing grounds become unproductive.

Keywords: El Niño · Upwelling · Marine Biodiversity · Food Security · Climate Vulnerability

GS3Environment & Ecology › Species, protected areas & wetlandsPrelims + Mains

पिग्मी हॉग की संख्या 500 के पार पहुंची, पर आवास का नुकसान खतरा

चर्चा में क्यों: विश्व के सबसे छोटे जंगली सूअर, पिग्मी हॉग (Pygmy Hog) की जनसंख्या, बंदी प्रजनन और मानस नेशनल पार्क में हाल ही में किए गए विमोचन के माध्यम से बढ़कर 500 से अधिक हो गई है।

पाइग्मी हॉग (Pygmy Hog) की पुन: खोज 1970 के दशक में असम में हुई थी, जबकि पूर्व में इसे विलुप्त माना जाता था। वर्ष 1995 में शुरू किए गए 'पाइग्मी हॉग संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम' के माध्यम से, वर्ष 2024 तक इसकी जनसंख्या को सफलतापूर्वक 6 से बढ़ाकर 500 से अधिक कर दिया गया है।

Prelims pointers (4)
  • Environmentपाइग्मी हॉग (Pygmy Hog): यह दुनिया की सबसे छोटी जंगली सूअर की प्रजाति है, जो असम के घास के मैदानों में पाई जाती है।
  • Placeमानस नेशनल पार्क: असम में स्थित एक टाइगर रिजर्व और UNESCO विश्व धरोहर स्थल, जहाँ Pygmy Hogs को छोड़ा जा रहा है।
  • Factजनसंख्या वृद्धि: कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम ने 2024 तक पिग्मी हॉग (Pygmy Hog) की आबादी को 6 से बढ़ाकर 500 से अधिक कर दिया है।
  • Postजेराल्ड डरिल: संरक्षणवादी जिन्होंने पिग्मी हॉग (Pygmy Hog) के लिए प्रारंभिक संरक्षण प्रयासों की शुरुआत की।
Mains angle

Q. भारत के घास के मैदानों के पारिस्थितिकी तंत्र में विलुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और उनके विलुप्त होने के खतरे को रोकने में 'एक्स-सिटु' (ex-situ) संरक्षण उपायों की भूमिका की चर्चा कीजिए।

  • Habitat fragmentation: Encroachment and agricultural expansion reducing the available grassland corridors for wild ungulates.
  • Genetic bottlenecking: Risks of inbreeding in small captive populations requiring rigorous genetic management and monitoring.
  • Reintroduction hurdles: Challenges in ensuring survival rates of captive-bred animals in wild habitats with high human-wildlife conflict.

Keywords: Ex-situ conservation · Biodiversity loss · Habitat fragmentation · Species rediscovery · Captive breeding

GS3Environment & Ecology › Environmental laws, EIA & institutionsPrelims + Mains

मई 2024 में एक खतरनाक अपशिष्ट सुविधा में भीषण आग लगने के पश्चात

चर्चा में क्यों: मई 2024 में एक खतरनाक अपशिष्ट सुविधा में भीषण आग लगने के पश्चात, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने तमिलनाडु में औद्योगिक अपशिष्ट सुविधाओं के अनिवार्य अग्नि सुरक्षा ऑडिट का आदेश दिया है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की दक्षिणी पीठ ने तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अग्निशमन एवं बचाव सेवा विभाग को समस्त औद्योगिक अपशिष्ट सुविधाओं का ऑडिट करने का निर्देश दिया है। यह आदेश मई 2024 में गुमिदीपोंडी स्थित एक सामान्य खतरनाक अपशिष्ट सुविधा में हुई एक गंभीर अग्नि दुर्घटना के पश्चात जारी किया गया है।

Prelims pointers (3)
  • BodyNational Green Tribunal (NGT): पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत आने वाले सभी मुद्दों से संबंधित पर्यावरणीय विवादों और मामलों के न्यायनिर्णयन के लिए एक विशिष्ट निकाय।
  • Bodyतमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB): प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने और औद्योगिक कचरे की निगरानी के लिए उत्तरदायी एक राज्य-स्तरीय निकाय।
  • FactNGT ने जुलाई 2026 में आदेश की तिथि से तीन महीने की समय सीमा के भीतर स्वतंत्र ऑडिट की सिफारिशों को लागू करने का आदेश दिया।
Mains angle

Q. भारत में खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन के नियमन में निहित संस्थागत चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और औद्योगिक सुरक्षा एवं पर्यावरणीय अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।

  • Regulatory oversight gap: Inadequate frequency of mandatory fire safety audits for hazardous waste storage sites.
  • Inter-agency coordination: Need for seamless integration between pollution control boards and fire rescue services.
  • Enforcement bottleneck: Difficulty in monitoring independent audit compliance across decentralized industrial clusters.

Keywords: Hazardous waste management · Environmental jurisprudence · Regulatory compliance · Industrial safety · Pollution control

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असम के वित्त मंत्री Jayanta Mallabaruah ने पर्यावरण सुरक्षा के लिए Green Cess का प्रस्ताव रखा

चर्चा में क्यों: असम के वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने पर्यावरण संरक्षण और सतत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण हेतु 2026-27 के बजट में 'ग्रीन सेस' (Green Cess) का प्रस्ताव रखा है।

प्रस्तावित 'ग्रीन सेस' (Green Cess) चार विशिष्ट क्षेत्रों को लक्षित करता है: पत्थर क्रशर, ईंट भट्टे, वाणिज्यिक भूजल निष्कर्षण और पुराने वाहनों का हस्तांतरण। इस राजस्व को असम में वनीकरण, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु अनुकूलन के लिए आवंटित किया गया है।

Prelims pointers (3)
  • Factवित्त वर्ष 2026-27 के लिए असम राज्य बजट में Green Cess का प्रस्ताव।
  • Factसेस (Cess) के लिए लक्षित क्षेत्र: स्टोन क्रशर, ईंट भट्टे, वाणिज्यिक भूजल निष्कर्षण और पुराने वाहनों का हस्तांतरण।
  • Factप्राथमिक उद्देश्य: वनीकरण, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु अनुकूलन।
Mains angle

Q. असम जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील राज्यों में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक राजकोषीय उपकरण के रूप में 'ग्रीन सेस' (Green Cess) की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।

  • Fiscal decentralization: State-level autonomy in generating revenue for localized ecological restoration
  • Externalities internalisation: Pricing environmental degradation in industrial activities like brick kilns and stone crushing
  • Revenue recycling: Ensuring transparent allocation of cess funds toward measurable biodiversity and afforestation targets

Keywords: Fiscal Federalism · Environmental Externalities · Polluter Pays Principle · Sustainable Infrastructure · Climate Adaptation

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NBWL ने हैबिटेट को नुकसान और सस्टेनेबिलिटी पर शक के चलते ₹10,000 करोड़ का शरवथी प्रोजेक्ट रिजेक्ट किया

चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की विशेषज्ञ समिति ने पारिस्थितिक जोखिमों के कारण कर्नाटक में ₹10,000 करोड़ की श्रवथी पंप्ड स्टोरेज परियोजना को खारिज कर दिया है।

यह परियोजना कर्नाटक में स्थित ₹10,000 करोड़ की एक पंप्ड स्टोरेज पहल है। NBWL विशेषज्ञ समिति ने आवास विखंडन, वन्यजीवों के व्यवधान और तकनीकी एवं पर्यावरणीय स्थिरता के अभाव के आधार पर इसे अस्वीकार करने की सिफारिश की है।

Prelims pointers (3)
  • BodyNBWL: National Board for Wildlife, Ministry of Environment, Forest and Climate Change के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय है।
  • Factपरियोजना लागत: शरवती पंपड स्टोरेज प्रोजेक्ट (Sharavathi Pumped Storage Project) का मूल्य ₹10,000 करोड़ है।
  • Placeस्थान: यह परियोजना कर्नाटक राज्य में स्थित है।
Mains angle

Q. भारत के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और जैव विविधता संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

  • Ecological fragmentation: Loss of contiguous corridors for flagship species in Western Ghats biodiversity hotspots
  • Regulatory bottleneck: Balancing the Ministry of Power's infrastructure targets with the Ministry of Environment's conservation mandates
  • Technical trade-off: High-capacity pumped storage requirements vs. irreversible degradation of local riverine ecosystems

Keywords: Habitat fragmentation · Ecological degradation · Pumped storage · Biodiversity conservation · Statutory oversight

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और ग्रेटर वन-हॉर्नड राइनोसेरोस के लिए 100 से अधिक परियोजनाओं और संरक्षण रणनीतियों की समीक्षा करने हेतु प्रमुख वन्यजीव निकायों की बैठकों की अध्यक्षता की

चर्चा में क्यों: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और ग्रेटर वन-हॉर्नड राइनोसेरोस के लिए 100 से अधिक परियोजनाओं और संरक्षण रणनीतियों की समीक्षा करने हेतु प्रमुख वन्यजीव निकायों की बैठकों की अध्यक्षता की।

इन बैठकों में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की स्थायी समिति, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान सोसाइटी शामिल थे। 'जंपस्टार्ट' पद्धति का उपयोग करते हुए, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के एक दूसरे चूजे ने महत्वपूर्ण अवधि में जीवित रहने में सफलता प्राप्त की।

Prelims pointers (4)
  • BodyNational Board for Wildlife (NBWL): Wildlife (Protection) Act, 1972 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय।
  • Environmentग्रेट इंडियन बस्टर्ड: राजस्थान और गुजरात के घास के मैदानों में पाया जाने वाला गंभीर रूप से लुप्तप्राय पक्षी प्रजाति।
  • Environmentग्रेटर वन-हॉर्नड राइनो (Greater One-horned Rhinoceros): मुख्य रूप से काजीरंगा नेशनल पार्क और पोबितोरा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में पाया जाता है।
  • S&TJumpstart method: एक संरक्षण तकनीक जिसका उपयोग लुप्तप्राय प्रजातियों के हैचिंग (hatching) और उत्तरजीविता में सहायता के लिए किया जाता है।
Mains angle

Q. भारत में वन्यजीव संरक्षण के संस्थागत ढांचे और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जैसी गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण में वैज्ञानिक हस्तक्षेपों की भूमिका की चर्चा कीजिए।

  • Inter-agency coordination: Streamlining clearance processes between NBWL, NTCA, and CZA for habitat-specific projects
  • Technological intervention: Balancing high-cost 'jumpstart' methods with large-scale habitat restoration and protection
  • Regulatory bottleneck: Addressing the backlog of over 100 pending wildlife clearance projects for infrastructure development

Keywords: In-situ conservation · Biodiversity protection · Statutory bodies · Species recovery · Habitat management

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims

वैज्ञानिकों ने पहली बार अंटार्कटिक मिट्टी में टायर-घिसावट के कणों सहित नैनोप्लास्टिक्स का पता लगाया है

चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों ने पहली बार अंटार्कटिक मिट्टी में टायर-घिसावट के कणों सहित नैनोप्लास्टिक्स का पता लगाया है, जो वायुमंडलीय प्लास्टिक प्रदूषण के व्यापक प्रसार को रेखांकित करता है।

'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' में प्रकाशित इस अध्ययन ने अंटार्कटिका की मैकमुर्डो ड्राई वैलीज़ में नैनोप्लास्टिक्स की उपस्थिति की पहचान की है। ये कण टायरों के घिसाव और सामान्य प्लास्टिक उत्पादों से उत्पन्न हुए हैं, जो स्थानीय और दीर्घ-दूरी के वायुमंडलीय परिवहन, दोनों को इंगित करते हैं।

Prelims pointers (3)
  • Environmentनैनोप्लास्टिक्स (Nanoplastics): 1 माइक्रोमीटर से छोटे सूक्ष्म प्लास्टिक (Microplastics) जो जैविक झिल्लियों (biological membranes) में प्रवेश कर सकते हैं।
  • Placeमैकमर्डो ड्राई वैलीज़: विक्टोरिया लैंड, अंटार्कटिका में स्थित एक विशाल, बर्फ-मुक्त घाटी।
  • Factक्षेत्र में स्थायी मानव आबादी के अभाव के बावजूद मिट्टी में Nanoplastics पाए गए।
Mains angle

Q. ध्रुवीय पारिस्थितिक तंत्रों पर सीमा पार नैनोप्लास्टिक प्रदूषण के निहितार्थों और सूक्ष्म-प्रदूषकों (micro-pollutants) के लिए एक वैश्विक निगरानी ढांचा स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • Atmospheric transport: Long-range movement of synthetic polymers via wind currents to pristine environments
  • Ecological risk: Potential for nanoplastics to enter the food chain and affect polar biodiversity
  • Monitoring gap: Lack of standardized protocols for detecting and quantifying nanoplastics in remote soil samples

Keywords: transboundary pollution · anthropogenic impact · microplastics · atmospheric transport · polar ecology

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सेवानिवृत्त वन अधिकारियों और संरक्षणवादियों ने दिल्ली High Court में एक PIL दायर कर National Board for Wildlife (NBWL) को चुनौती दी है

चर्चा में क्यों: सेवानिवृत्त वन अधिकारियों और संरक्षणवादियों ने दिल्ली High Court में एक PIL दायर कर National Board for Wildlife (NBWL) को चुनौती दी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि बोर्ड ने 2014 और 2026 के बीच भूमि विचलन (land diversion) के 97% प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि NBWL की स्थायी समिति (SC-NBWL) ने वर्ष 2014 और 2026 के मध्य संरक्षित भूमि को अन्यत्र स्थानांतरित करने या उसे वि-अधिसूचित करने के प्रस्तावों में से 97% से अधिक को अपनी स्वीकृति प्रदान की है। याचिकाकर्ता संरक्षित क्षेत्रों के संबंध में निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु बाध्यकारी दिशा-निर्देशों की मांग कर रहे हैं।

Prelims pointers (3)
  • BodyNational Board for Wildlife (NBWL): Wildlife (Protection) Act, 1972 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय।
  • Factरिपोर्ट के अनुसार, जांच के अधीन अवधि के दौरान एक ही दिन की बैठक में SC-NBWL ने 100 से अधिक प्रस्तावों पर विचार किया।
  • Placeदिल्ली उच्च न्यायालय: वह मंच जहाँ NBWL के कामकाज को चुनौती देने वाली PIL दायर की गई थी।
Mains angle

Q. भारत के संरक्षित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए मौजूद संस्थागत तंत्रों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • Procedural oversight: Lack of binding guidelines for SC-NBWL leading to rapid approval of land diversion proposals.
  • Transparency deficit: Concerns over the speed of decision-making and public accessibility to deliberation records.
  • Regulatory friction: Conflict between rapid infrastructure expansion and the statutory mandate of the Wildlife (Protection) Act.

Keywords: Statutory oversight · Land diversion · Biodiversity conservation · Procedural transparency · Wildlife (Protection) Act

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इकोलॉजिकल एंटोमोलॉजी (Ecological Entomology) के एक अध्ययन से यह ज्ञात हुआ है कि बंबलबीज (bumblebees) में हनीबीज (honeybees) की तुलना में विषाक्त धातुओं की सांद्रता काफी अधिक मात्रा में पाई जाती है

चर्चा में क्यों: इकोलॉजिकल एंटोमोलॉजी (Ecological Entomology) के एक अध्ययन से यह ज्ञात हुआ है कि बंबलबीज (bumblebees) में हनीबीज (honeybees) की तुलना में विषाक्त धातुओं की सांद्रता काफी अधिक मात्रा में पाई जाती है। यह तथ्य परागणकों (pollinators) के स्वास्थ्य के लिए केवल हनीबीज को एकमात्र संकेतक के रूप में उपयोग करने की अपर्याप्तता को रेखांकित करता है।

अध्ययन में यह पाया गया कि मधुमक्खियों की तुलना में बंबलबीज (bumblebees) में आर्सेनिक, क्रोमियम, कोबाल्ट, लेड और टिन की उच्च सांद्रता विद्यमान है। इन भिन्नताओं का मुख्य कारण उनकी आहार संग्रहण व्यवहार, आवास के उपयोग और शारीरिक बालों की विशेषताओं को माना गया है।

Prelims pointers (3)
  • EnvironmentBumblebees और honeybees प्रमुख जंगली परागणक (wild pollinators) हैं जिनका स्वास्थ्य भारी धातु संदूषण (heavy metal contamination) से प्रभावित होता है।
  • Factबंबलबीज (Bumblebees) एक ही क्षेत्र में भोजन खोजने के दौरान हनीबीज (Honeybees) की तुलना में सात गुना अधिक विषैले धातुओं को वहन कर सकते हैं।
  • S&Tआर्सेनिक, क्रोमियम, कोबाल्ट, लेड और टिन जैसे भारी धातुएं परागणकर्ता जैव विविधता (pollinator biodiversity) को प्रभावित करने वाले प्राथमिक प्रदूषक हैं।
Mains angle

Q. कृषि परिदृश्यों में भारी धातुओं के संदूषण से परागणकर्ता जैव विविधता पर पड़ने वाले प्रभावों और खाद्य सुरक्षा एवं पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • Indicator limitation: Honeybees may underrepresent the severity of heavy metal toxicity in wild pollinator populations.
  • Foraging dynamics: Bumblebees' localized foraging behavior increases vulnerability to site-specific soil and pollen contamination.
  • Ecosystem risk: Bioaccumulation of heavy metals in pollinators can lead to trophic transfer of toxins through the food chain.

Keywords: Bioaccumulation · Pollinator Health · Heavy Metal Toxicity · Ecosystem Services · Biodiversity Conservation

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जलवायु परिवर्तन के कारण नमी धारण करने की क्षमता में आए बदलावों के परिणामस्वरूप भारत में बढ़ते सतही वायु तापमान और मानसून की बढ़ती परिवर्तनशीलता का विश्लेषण

चर्चा में क्यों: जलवायु परिवर्तन के कारण नमी धारण करने की क्षमता में आए बदलावों के परिणामस्वरूप भारत में बढ़ते सतही वायु तापमान और मानसून की बढ़ती परिवर्तनशीलता का विश्लेषण।

वर्ष 1901 और 2018 के मध्य भारत के सतही वायु तापमान में 0.7°सी. की वृद्धि दर्ज की गई है। जलवायु परिवर्तन वायुमंडलीय आर्द्रता क्षमता में वृद्धि के माध्यम से मानसून के स्वरूप को तीव्र कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप संक्षिप्त शुष्क अवधि के पश्चात तीव्र वर्षा की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।

Prelims pointers (3)
  • Factवर्ष 1901-2018 की अवधि के दौरान भारत के सतही वायु तापमान में 0.7°सी. की वृद्धि हुई।
  • S&Tजलवायु परिवर्तन वायुमंडलीय नमी धारण करने की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे अधिक तीव्र तूफान प्रणालियाँ उत्पन्न होती हैं।
  • Environmentभारत में मानसून की परिवर्तनशीलता की विशेषता कम अवधि के शुष्क अंतराल और तीव्र वर्षा के झोंके हैं।
Mains angle

Q. भारत में मानसून के बदलते स्वरूप में जलवायु-प्रेरित परिवर्तनों ने पारंपरिक आपदा प्रबंधन से जलवायु-अनुकूल शहरी बुनियादी ढांचा नियोजन की ओर संक्रमण को कैसे आवश्यक बना दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • Infrastructure mismatch: Existing urban drainage systems are inadequate for high-intensity, short-duration rainfall bursts.
  • Adaptation gap: Need for localized climate-resilient building codes to mitigate flood risks in high-vulnerability zones.
  • Data-driven planning: Requirement for high-resolution meteorological modeling to inform municipal spatial planning.

Keywords: Climate Resilience · Monsoon Variability · Atmospheric Moisture · Urban Adaptation · Climate Projection

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NASA के शोधकर्ताओं ने उपग्रह चित्रों (satellite imagery) का उपयोग करते हुए वर्ष 2000 और 2020 के बीच वैश्विक मैंग्रोव वनों में शुद्ध वृद्धि का खुलासा किया है

चर्चा में क्यों: NASA के शोधकर्ताओं ने उपग्रह चित्रों (satellite imagery) का उपयोग करते हुए वर्ष 2000 और 2020 के बीच वैश्विक मैंग्रोव वनों में शुद्ध वृद्धि का खुलासा किया है, जो समुद्र के जलस्तर में वृद्धि के खतरे के विरुद्ध बहाली के प्रयासों की सफलता को रेखांकित करता है।

इस अध्ययन में मैंग्रोव स्वास्थ्य की निगरानीकरने हेतु लगभग दो दशकों के पृथ्वी अवलोकन (Earth observation) आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। यद्यपि पुनर्स्थापन पहलों ने दशकों की गिरावट को उलट दिया है, तथापि समुद्र के जलस्तर में तीव्र वृद्धि इन तटीय पारिस्थितिक तंत्रों के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है।

Prelims pointers (3)
  • Environmentमैंग्रोव: तटीय लवणीय/खारे पानी में उगने वाले हैलोफाइटिक (Halophytic) वृक्ष/झाड़ियाँ।
  • S&TNASA वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और लचीलेपन की निगरानी के लिए Earth observation satellites का उपयोग करता है।
  • Factवर्ष 2000 और 2020 के बीच वैश्विक मैंग्रोव वनों के क्षेत्रफल में शुद्ध वृद्धि देखी गई।
Mains angle

Q. जलवायु परिवर्तन के शमन में मैंग्रोव जैसे तटीय पारिस्थितिक तंत्रों की भूमिका और समुद्र के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का उनके दीर्घकालिक अस्तित्व पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • Ecological buffer: Mangroves act as natural barriers against storm surges and coastal erosion.
  • Adaptation bottleneck: Rate of sea-level rise may exceed the natural inland migration capacity of mangrove species.
  • Sediment dynamics: Importance of sediment management in maintaining the elevation of coastal wetlands against submergence.

Keywords: Climate Resilience · Coastal Ecology · Carbon Sequestration · Blue Carbon · Anthropogenic Restoration

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा में 15.2% की कमी दर्ज की

चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा में 15.2% की कमी दर्ज की है, जो असमान वर्षा और स्थानीय स्तर पर होने वाली चरम मौसमी घटनाओं की बढ़ती प्रवृत्ति को रेखांकित करती है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में वर्षा का प्राथमिक स्रोत है, जो सामान्यतः जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है। वर्तमान आंकड़े समग्र रूप से 15.2% की कमी दर्शाते हैं, जिसके विपरीत केरल, जम्मू और कश्मीर, तथा महाराष्ट्र में तीव्र एवं स्थानीयकृत वर्षा दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप भूस्खलन और बाढ़ जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हुई हैं।

Prelims pointers (3)
  • Bodyभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD): भारत में मानसून के पैटर्न की निगरानी और पूर्वानुमान के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार एजेंसी।
  • FactIMD की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान मानसून की कमी सामान्य से 15.2% कम है।
  • Placeप्रभावित क्षेत्र: Kerala, Jammu and Kashmir और Maharashtra में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की सूचना मिली।
Mains angle

Q. अनियमित मानसून पैटर्न और स्थानीयकृत चरम मौसमी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति भारत के आपदा प्रबंधन और कृषि स्थिरता के समक्ष उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • Hydrological imbalance: Rapid runoff from intense short-duration rainfall causing soil erosion and flash floods in hilly terrains.
  • Agricultural vulnerability: Crop-specific damage due to uneven moisture distribution despite overall monsoon deficits.
  • Infrastructure stress: Urban drainage systems in Maharashtra and Kerala failing to cope with high-intensity rainfall events.

Keywords: Erratic monsoon · Localized disasters · Hydrological imbalance · Climate resilience · Extreme weather events

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक पेड़ माँ के नाम' पहल के माध्यम से शहर के पारिस्थितिक 'हरित फेफड़े' (green lung) को पुनर्जीवित करनेके लिए 'दिल्ली रिज पुनरुद्धार अभियान' का शुभारंभ किया

चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक पेड़ माँ के नाम' पहल के माध्यम से शहर के पारिस्थितिक 'हरित फेफड़े' (green lung) को पुनर्जीवित करनेके लिए 'दिल्ली रिज पुनरुद्धार अभियान' का शुभारंभ किया।

इस अभियान का उद्देश्य चार वर्षों की अवधि के भीतर 'ग्रीन रिज' क्षेत्र के 6,300 हेक्टेयर क्षेत्र को वन भूमि में परिवर्तित करना है। इसके अंतर्गत 20.01 लाख वृक्ष, 37.07 लाख झाड़ियाँ और 92,960 बांस के पौधे रोपित किए जाएंगे, साथ ही सेंट्रल रिज के 670 हेक्टेयर क्षेत्र को 'आरक्षित वन' घोषित किया जाएगा।

Prelims pointers (4)
  • Scheme'Ek Ped Maa Ke Naam' वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक केंद्रीय पहल है।
  • Factदिल्ली रिज पुनरुद्धार अभियान (Delhi Ridge Rejuvenation Campaign) का लक्ष्य 6,300 हेक्टेयर वन भूमि का विकास करना है।
  • Placeसेंट्रल रिज और नानकपुरा रिज दिल्ली के प्रमुख पारिस्थितिक क्षेत्र हैं जो मरुस्थलीकरण के विरुद्ध बाधा के रूप में कार्य करते हैं।
  • Factइस अभियान में नागरिक भागीदारी के लिए जनता को 12.04 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे।
Mains angle

Q. दिल्ली रिज जैसे शहरी वन गलियारों के तीव्र शहरीकरण और मरुस्थलीकरण के प्रभावों को कम करने में पारिस्थितिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • Ecological buffer: Mitigation of urban heat islands and desertification through dense forestation of the Ridge area.
  • Community engagement: Leveraging the 'Ek Ped Maa Ke Naam' initiative to foster public participation in urban biodiversity conservation.
  • Land use conflict: Balancing the expansion of 'reserved forest' zones against the increasing demand for urban infrastructure and housing.

Keywords: Urban Forestry · Ecological Corridor · Desertification · Biodiversity Conservation · Green Lung

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केरल में कोझिकोड-वायनाड ट्विन-टनल परियोजना स्थल पर हुई एक बड़ी भूस्खलन की घटना

चर्चा में क्यों: केरल में कोझिकोड-वायनाड ट्विन-टनल परियोजना स्थल पर हुई एक बड़ी भूस्खलन की घटना, जलवायु परिवर्तन से प्रेरित भारी वर्षा और भूगर्भीय अस्थिरता के अंतर्संबंधों को रेखांकित करती है।

यह भूस्खलन केरल में एक सड़क परियोजना स्थल पर हुआ, जो भारी वर्षा के कारण उत्पन्न हुआ और जलवायु परिवर्तन के कारण और अधिक गंभीर हो गया। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) भारत में भूस्खलन के प्रकारों को वर्गीकृत करने और भूवैज्ञानिक खतरों की निगरानी के लिए प्राथमिक रूप से उत्तरदायी निकाय है।

Prelims pointers (3)
  • BodyGeological Survey of India (GSI): भारत में भूवैज्ञानिक मानचित्रण (geological mapping) और भूस्खलन वर्गीकरण (landslide classification) के लिए नोडल एजेंसी।
  • Placeवायनाड: केरल का एक जिला जो अपने पहाड़ी भूभाग और भारी मानसून वर्षा के कारण भूस्खलन के प्रति संवेदनशील है।
  • Factभूस्खलन के कारक: भूगर्भीय अस्थिरता, भारी वर्षा और सड़क निर्माण एवं दोषपूर्ण जल निकासी जैसी मानवीय गतिविधियों का संयोजन।
Mains angle

Q. भारत के हिमालयी और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन और अनियोजित बुनियादी ढांचा विकास के बीच का तालमेल भूस्खलन की संवेदनशीलता को किस प्रकार बढ़ाता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • Ecological degradation: Loss of vegetative cover and soil cohesion due to unregulated road cutting and construction.
  • Hydrological imbalance: Poor drainage systems leading to rapid soil saturation and increased pore-water pressure.
  • Institutional gap: Need for site-specific geological risk assessments and land-use zoning in ecologically sensitive zones.

Keywords: Geological instability · Climate-induced hazards · Land-use zoning · Disaster mitigation · Ecological sensitivity

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Urban Heat Island इफेक्ट से भारतीय शहरों में तापमान में भारी बढ़ोतरी

चर्चा में क्यों: UNEP की रिपोर्टों के अनुसार, 'अर्बन हीट आइलैंड' (UHI) प्रभाव के कारण भारतीय शहर वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुनी दर से गर्म हो रहे हैं, जो जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन की ओर परिवर्तन को अनिवार्य बनाता है।

शहरी ताप द्वीप (UHI) प्रभाव तब उत्पन्न होता है जब मानवीय गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के कारण शहरी क्षेत्रों का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक हो जाता है। UNEP इस तथ्य को रेखांकित करता है कि भारत में तीव्र शहरीकरण इस स्थानीय तापन प्रवृत्ति का एक प्राथमिक कारक है।

Prelims pointers (3)
  • FactUNEP के अनुसार, शहरी क्षेत्र वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुनी दर से गर्म हो रहे हैं।
  • S&Tपैसिव कूलिंग तकनीक में ऐसे वास्तुशिल्प डिजाइन शामिल होते हैं जो मैकेनिकल एयर कंडीशनिंग पर निर्भर हुए बिना ऊष्मा लाभ (heat gain) को कम करते हैं।
  • EnvironmentNature-based solutions में UHI प्रभावों को कम करने के लिए हरित बुनियादी ढांचे (green infrastructure) और परावर्तक सतहों (reflective surfaces) का एकीकरण शामिल है।
Mains angle

Q. भारत में 'अर्बन हीट आइलैंड' (शहरी ताप द्वीप) प्रभाव किस प्रकार शहरी जीवन की सुगमता के लिए एक गंभीर खतरा उत्पन्न करता है, इसका विश्लेषण कीजिए और इन तापीय जोखिमों को कम करने के लिए आवश्यक वास्तुशिल्प एवं नियोजन संबंधी हस्तक्षेपों का सुझाव दीजिए।

  • Infrastructure bottleneck: High prevalence of heat-absorbing concrete and asphalt surfaces in unplanned urban expansions.
  • Policy-design gap: Lack of mandatory building codes for passive cooling and reflective materials in municipal planning.
  • Resource trade-off: High energy demand for mechanical cooling vs. the long-term sustainability of nature-based cooling solutions.

Keywords: Urban Heat Island · Passive Cooling · Nature-based Solutions · Climate-responsive Architecture · Sustainable Urbanization

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Sacred Groves: जैव विविधता में प्लांटेशन से बेहतर और शिकारियों का ठिकाना

चर्चा में क्यों: केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि पश्चिमी घाट में स्थित पवित्र उपवन (sacred groves), मानव-प्रबंधित वृक्षारोपण की तुलना में उच्च श्रेणी के शिकारियों की सक्रियता और जैव विविधता को अधिक समर्थन प्रदान करते हैं।

शोधकर्ताओं ने दो वर्ष की अवधि के दौरान कासरगोड जिले में शिकार की दर की निगरानी करने के लिए प्लास्टिकिन कैटरपिलर मॉडल और मृत मीलवर्म्स का उपयोग किया। 'जर्नल ऑफ एप्लाइड इकोलॉजी' में प्रकाशित यह अध्ययन दर्शाता है कि ये पारंपरिक वन अवशेष प्राकृतिक कीट नियंत्रण जैसी आवश्यक पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ प्रदान करते हैं।

Prelims pointers (3)
  • Placeकसारगोड जिला केरल राज्य में स्थित है, जो पश्चिमी घाट (Western Ghats) जैव विविधता हॉटस्पॉट का हिस्सा है।
  • Environmentपवित्र उपवन (Sacred groves) पारंपरिक वन अवशेष हैं जिन्हें स्थानीय समुदायों द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं के माध्यम से संरक्षित किया जाता है।
  • Factअध्ययन ने पुष्टि की कि पवित्र उपवन (sacred groves), शिकारी गतिविधियों और जैव विविधता के समर्थन में मानव-प्रबंधित वृक्षारोपण की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
Mains angle

Q. भारत के जैव विविधता हॉटस्पॉट्स में जैव विविधता के संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के प्रावधान में पवित्र उपवनों (Sacred Groves) जैसे पारंपरिक समुदाय-आधारित संरक्षण मॉडलों की भूमिका की चर्चा कीजिए।

  • Ecological resilience: Higher predator activity in sacred groves facilitates natural pest control and maintains trophic balance.

Keywords: Sacred Groves · Biodiversity Hotspots · Ecosystem Services · Community Conservation · Trophic Balance · Western Ghats

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लद्दाख में इको नियमों के उल्लंघन पर 100 पूर्व सैनिकों की तैनाती, पर्यटकों पर ₹2 लाख का जुर्माना

चर्चा में क्यों: लद्दाख ने पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की गश्त करने और पर्यावरणीय उल्लंघनों पर दंड लगाने के लिए 100 पूर्व सैनिकों से युक्त पर्यावरण संरक्षण बल (EPF) का शुभारंभ किया है।

EPF में भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और लद्दाख स्काउट्स के 100 सेवानिवृत्त कर्मी शामिल हैं। इस बल को तत्काल चालान जारी करने का अधिकार है, जिसमें अवैध ऑफ-रोडिंग और कूड़ा फैलाने जैसी गतिविधियों के लिए ₹2 लाख तक का जुर्माना शामिल है।

Prelims pointers (3)
  • Placeलद्दाख: उत्तर भारत में स्थित एक केंद्र शासित प्रदेश जो अपने उच्च-ऊंचाई वाले ठंडे रेगिस्तानों और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्रों के लिए जाना जाता है।
  • FactEPF: लद्दाख में गठित एक नई बल, जिसे विशेष रूप से पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों की गश्त करने का कार्य सौंपा गया है।
  • Factजुर्माना राशि: कचरा फैलाने और आवास में व्यवधान जैसे पर्यावरणीय उल्लंघनों के लिए पर्यटकों पर ₹2 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
Mains angle

Q. लद्दाख जैसे संवेदनशील उच्च-ऊंचाई वाले पारिस्थितिक तंत्रों में बड़े पैमाने पर पर्यटन और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • Regulatory enforcement gap: Difficulty in monitoring remote, high-altitude terrains for illegal off-roading and waste dumping.
  • Eco-tourism trade-off: Balancing the economic benefits of tourism with the irreversible degradation of fragile alpine biodiversity.
  • Community-led conservation: Potential for ex-servicemen to act as a bridge between state enforcement and local ecological stewardship.

Keywords: Ecological sensitivity · Sustainable tourism · Regulatory enforcement · Biodiversity conservation · High-altitude ecosystems

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यूरोपीय भू-विज्ञान संघ (EGU) के एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के 2 मिलियन वर्ग किमी के नुकसान से बादलों के आवरण और ऊष्मा वितरण में परिवर्तन हो रहा है, जिससे वैश्विक तापन (ग्लोबल वार्मिंग) की गति तीव्र हो रही है

चर्चा में क्यों: यूरोपीय भू-विज्ञान संघ (EGU) के एक अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के 2 मिलियन वर्ग किमी के नुकसान से बादलों के आवरण और ऊष्मा वितरण में परिवर्तन हो रहा है, जिससे वैश्विक तापन (ग्लोबल वार्मिंग) की गति तीव्र हो रही है।

यूरोपीय भू-विज्ञान संघ (EGU) का अध्ययन अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के क्षरण को बादलों के आवरण में होने वाले परिवर्तनों से जोड़ता है। यह फीडबैक लूप महासागरों द्वारा ऊष्मा के अवशोषण को बढ़ाता है और अंटार्कटिक क्षेत्र से परे समुद्र के जलस्तर में वृद्धि की गति को तीव्र करता है।

Prelims pointers (3)
  • Environmentअंटार्कटिक समुद्री बर्फ का ह्रास परिवर्तित बादलों के आवरण और वायुमंडलीय ताप वितरण से जुड़ा है।
  • Factअध्ययन अंटार्कटिक क्षेत्र में लगभग 2 मिलियन वर्ग किमी समुद्री बर्फ के नुकसान की पहचान करता है।
  • S&Tमहासागरों द्वारा ऊष्मा का अवशोषण, ध्रुवीय बर्फ पिघलने से जुड़े समुद्र के जलस्तर में होने वाली तीव्र वृद्धि का एक प्राथमिक कारक है।
Mains angle

Q. अंटार्कटिक समुद्री बर्फ के ह्रास से वैश्विक जलवायु प्रणालियों में उत्पन्न होने वाले 'पॉजिटिव फीडबैक लूप' (सकारात्मक प्रतिपुष्टि चक्र) का विश्लेषण कीजिए और इन प्रभावों को कम करने के लिए आवश्यक उपायों की चर्चा कीजिए।

  • Atmospheric feedback: Altered cloud cover patterns influencing global heat distribution and radiative forcing
  • Oceanic thermal expansion: Increased heat absorption by oceans accelerating global sea level rise
  • Mitigation urgency: The non-linear relationship between polar ice melt and global temperature thresholds

Keywords: Positive feedback loop · Radiative forcing · Oceanic heat absorption · Climate sensitivity · Cryosphere degradation

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पर्यावरण मंत्रालय ने सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों के पुन: परिचय की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर आवास के नुकसान और 16 निश्चित-खुराक संयोजन (FDC) दवाओं पर प्रतिबंध के विषय पर चर्चा की

चर्चा में क्यों: पर्यावरण मंत्रालय ने सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों के पुन: परिचय की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर आवास के नुकसान और 16 निश्चित-खुराक संयोजन (FDC) दवाओं पर प्रतिबंध के विषय पर चर्चा की।

सरकार उन 25 बाघ अभयारण्यों में हस्तक्षेपों को प्राथमिकता दे रही है जहाँ वर्तमान में बाघों की संख्या कम है। 16 FDC दवाओं पर प्रतिबंध का उद्देश्य तर्कहीन औषधि संयोजनों से उत्पन्न जोखिमों को कम करना और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा को बढ़ावा देना है।

Prelims pointers (3)
  • Environmentसरिस्का टाइगर रिजर्व: राजस्थान में स्थित, बाघ पुनरुद्धार कार्यक्रमों के लिए उल्लेखनीय।
  • Factसरकार कम बाघ आबादी वाले 25 टाइगर रिजर्व में हस्तक्षेपों को प्राथमिकता दे रही है।
  • S&TFixed-Dose Combination (FDC) दवाएं: ऐसी दवाएं जिनमें एक ही खुराक रूप (dosage form) में दो या दो से अधिक सक्रिय औषधीय घटक (active pharmaceutical ingredients) शामिल होते हैं।
Mains angle

Q. खंडित आवासों में बाघों के विखराव (dispersal) के प्रबंधन से जुड़ी पारिस्थितिक चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और बाघ अभयारण्यों में 'स्रोत आबादी' (source populations) की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • Habitat fragmentation: Loss of corridor connectivity leading to genetic isolation and increased human-wildlife conflict
  • Prey base depletion: Scarcity of natural prey forcing tigers into agricultural zones and livestock predation
  • Regulatory oversight: Balancing the accessibility of affordable FDC drugs with the necessity of evidence-based pharmaceutical safety

Keywords: Habitat fragmentation · Source populations · Human-wildlife conflict · Evidence-based medicine · Biodiversity conservation

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El Niño के असर से भारत में सूखे और हीटवेव का खतरा बढ़ेगा

चर्चा में क्यों: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि तीव्र होते एल नीनो (El Niño) की स्थितियाँ सूखे और लू जैसी चरम मौसमी घटनाओं को जन्म दे सकती हैं, जिससे भारत के मानसून पैटर्न प्रभावित होने की संभावना है।

WMO की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पिछले 126 वर्षों में अपने सबसे शुष्क जून के पांचवें क्रम का अनुभव किया है। वर्तमान एल नीनो (El Niño) चक्र के जुलाई और सितंबर के बीच एक तीव्र घटना में परिवर्तित होने का अनुमान है, जिससे नई दिल्ली जैसे क्षेत्रों में मानसून के आगमन में संभावित विलंब हो सकता है।

Prelims pointers (3)
  • S&TEl Niño: एक जलवायु पैटर्न जो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतह के जल के असामान्य रूप से गर्म होने की विशेषता है।
  • Fact2024 तक, भारत ने 126 वर्षों की अवधि में अपना सबसे शुष्क जून (5वां सबसे शुष्क) दर्ज किया।
  • BodyWorld Meteorological Organization (WMO): संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी जो मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और जल विज्ञान पर केंद्रित है।
Mains angle

Q. एल नीनो की तीव्रता में वृद्धि भारत की कृषि स्थिरता को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए और खाद्य सुरक्षा पर चरम मौसमी घटनाओं के जोखिमों को कम करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए।

  • Hydrological stress: Reduced monsoon reliability leading to groundwater depletion and crop failure in rain-fed agricultural zones.
  • Economic vulnerability: High sensitivity of the rural economy to erratic rainfall patterns and heat-induced yield losses.
  • Climate adaptation: Need for heat-resistant crop varieties and advanced early-warning systems for localized drought management.

Keywords: Climate Variability · Monsoon Dynamics · Agricultural Resilience · Extreme Weather Events · Climate Adaptation

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims + Mains

सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद दिल्ली में ट्री सेंसस में देरी

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दिल्ली की पहली वैज्ञानिक शहर-व्यापी वृक्ष गणना में विलंब हो रहा है, जो शहरी वृक्षों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से संबंधित आंकड़ों के अभाव को रेखांकित करता है।

जनगणना का उद्देश्य वृक्ष प्रजातियों, आयु, स्वास्थ्य और भौगोलिक स्थिति (जियोलोकेशन) को दर्ज करते हुए एक राष्ट्रीय राजधानी डेटाबेस बनाना है। इस प्रक्रिया में होने वाले विलंब का कारण देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (FRI) और दिल्ली वन विभाग के मध्य पद्धतिगत मतभेद हैं।

Prelims pointers (3)
  • BodyForest Research Institute (FRI) उत्तराखंड के देहरादून में स्थित है।
  • Factट्री सेंसस प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहरी पेड़ों की प्रजातियों, आयु, स्वास्थ्य और जियोलोकेशन को रिकॉर्ड करना है।
  • Placeदिल्ली का वृक्ष जनगणना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (National Capital Territory) के लिए एक शहर-व्यापी पहल है।
Mains angle

Q. भारतीय शहरों में सार्वजनिक सुरक्षा के जोखिमों को कम करने और शहरी जैव विविधता को बढ़ाने में वैज्ञानिक शहरी वानिकी और डेटा-संचालित संरक्षण के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • Data deficit: Absence of a centralized database on tree health hinders proactive risk assessment and emergency response
  • Urban safety risk: Lack of geolocation and health mapping increases vulnerability to falling trees in densely populated areas

Keywords: Urban Forestry · Data-driven Conservation · Public Safety · Biodiversity Mapping · Institutional Coordination

GS3Environment & Ecology › Climate change & international agreementsPrelims

जून में समुद्र का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर, 2023-24 के El Nino लेवल को भी पीछे छोड़ा

चर्चा में क्यों: ग्रीनहाउस गैसों के संचय के कारण, जून में वैश्विक समुद्री सतह का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो 2023-24 के El Niño स्तरों से भी अधिक रहा।

औसत समुद्री सतह का तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से ठीक नीचे पहुँच गया है। यह तापन जीवाश्म ईंधन के दहन से उत्पन्न होने वाली ग्रीनहाउस गैसों द्वारा संचित ऊष्मा के कारण हो रहा है, और उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में विकसित हो रहे एल नीनो (El Niño) घटना के कारण यह और अधिक तीव्र हो रहा है।

Prelims pointers (3)
  • Factजून में औसत समुद्री सतह का तापमान 21 डिग्री सेल्सियस से ठीक नीचे पहुँच गया।
  • S&Tएल नीनो (El Niño): एक जलवायु पैटर्न जो पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में सतह के जल के असामान्य रूप से गर्म होने की विशेषता है।
  • Environmentसमुद्री हीटवेव (Marine heatwaves): समुद्र के तापमान में असामान्य रूप से उच्च वृद्धि की अवधि, जो कोरल ब्लीचिंग (coral bleaching) का कारण बनती है और समुद्री जैव विविधता को बाधित करती है।
Mains angle

Q. मानवजनित वैश्विक तापन और अल-नीनो जैसे प्राकृतिक दोलनों के बीच का तालमेल समुद्री जैव विविधता और तटीय आजीविका के लिए किस प्रकार एक प्रणालीगत खतरा उत्पन्न करता है? चर्चा कीजिए।

  • Ecological degradation: Accelerated coral bleaching and mass mortality of temperature-sensitive marine species.
  • Coastal vulnerability: Increased frequency of intense marine heatwaves threatening artisanal fisheries and coastal infrastructure.
  • Forecasting limitations: Need for high-resolution oceanic heat content monitoring to improve early warning systems for extreme weather.

Keywords: Anthropogenic warming · Marine heatwaves · Greenhouse gas forcing · El Niño Southern Oscillation · Biodiversity loss

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims + Mains

World Bank देगा दिल्ली के ₹8,300 करोड़ के एयर पोल्यूशन प्लान के लिए फंड

चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने वाहनों और निर्माण गतिविधियों से होने वाले उत्सर्जन से निपटने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से ₹8,300 करोड़ की वायु प्रदूषण शमन योजना (2023-2033) शुरू की है।

यह योजना सितंबर 2023 से अगस्त 2033 तक की सात वर्ष की अवधि को कवर करती है। इसमें एक समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) शामिल है और यह मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाने, धूल नियंत्रण और नगरपालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है।

Prelims pointers (4)
  • Factदिल्ली वायु प्रदूषण शमन योजना की कुल अनुमानित लागत ₹8,300 करोड़ है।
  • Bodyविश्व बैंक इस परियोजना के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।
  • Factकार्यान्वयन की समय-सीमा सितंबर 2023 से अगस्त 2033 तक निर्धारित की गई है।
  • Placeयह परियोजना विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (National Capital Territory of Delhi) को लक्षित करती है।
Mains angle

Q. दिल्ली जैसे शहरी केंद्रों में बहु-आयामी प्रदूषण शमन रणनीतियों की प्रभावकारिता का परीक्षण कीजिए। वायु गुणवत्ता के सतत शासन में अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषण किस प्रकार सहायक हो सकता है? विश्लेषण कीजिए।

  • Institutional bottleneck: Coordination challenges between municipal bodies and the dedicated Project Management Unit (PMU)
  • Technological transition: High upfront costs of EV infrastructure vs. long-term reduction in particulate matter (PM2.5)
  • Governance friction: Balancing rapid urban construction demands with stringent dust control and waste management mandates

Keywords: Air Quality Management · Sustainable Urbanization · Pollution Mitigation · Public-Private Partnership · Environmental Governance

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ग्लोबल टेम्परेचर में भारी उछाल: 2026 बना 2024 से भी ज्यादा गर्म साल

चर्चा में क्यों: कोपरनिकस डेटा के अनुसार, 2026 रिकॉर्ड के सबसे गर्म वर्ष के रूप में 2024 से आगे निकल गया है, जो वैश्विक तापन (global warming) और एल नीनो (El Niño) के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है।

कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने 30 जून, 2026 को सतह के वायु तापमान का दैनिक औसत 16.80 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। वर्तमान में आर्कटिक क्षेत्र वैश्विक स्तर पर तीव्रतम तापन दर का अनुभव कर रहा है, जिसमें यूरोप और एशिया अन्य महाद्वीपों की तुलना में उच्च तापन दर प्रदर्शित कर रहे हैं।

Prelims pointers (4)
  • Fact30 जून, 2026 को दैनिक औसत सतही वायु तापमान 16.80 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया।
  • BodyCopernicus: यूरोपीय संघ का पृथ्वी अवलोकन कार्यक्रम जो जलवायु डेटा प्रदान करता है।
  • Environmentआर्कटिक क्षेत्र विश्व में सबसे तीव्र तापन दर (warming rates) का अनुभव कर रहा है।
  • Factवार्मिंग और El Niño प्रभावों के कारण महासागर की सतह का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
Mains angle

Q. आर्कटिक क्षेत्र में तीव्र ऊष्मीकरण के वैश्विक जलवायु प्रतिरूपों और अत्यधिक ताप तनाव की बढ़ती घटनाओं पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

  • Arctic feedback loop: Rapid ice melt reducing albedo and accelerating global atmospheric warming
  • Heat stress vulnerability: Rising frequency of humid heat days exceeding human physiological adaptation limits
  • Regional disparity: Accelerated warming in Europe and Asia compared to other continents creating uneven climate adaptation needs

Keywords: Albedo effect · El Niño · Heat stress · Arctic amplification · Climate resilience

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims

HMWSSB ने फतेहनगर में 1 MLD Bio-Lace सीवेज ट्रीटमेंट पायलट प्रोजेक्ट का रिव्यू किया

चर्चा में क्यों: HMWSSB मुसि नदी में प्रदूषण को कम करनेके उद्देश्य से फतेहनगर में 1 MLD बायो-लेस (Bio-Lace) सीवेज उपचार पायलट परियोजना की समीक्षा कर रहा है।

Bio-Lace तकनीक का विकास Japan International Cooperation Agency (JICA) और Euroclean TBR द्वारा किया गया है। यह तकनीक रसायनों के उपयोग के बिना, प्रदूषित नहर के जल को शुद्ध करने के लिए एक प्राकृतिक सूक्ष्मजीव प्रक्रिया का उपयोग करती है।

Prelims pointers (4)
  • S&TBio-Lace तकनीक: एक सूक्ष्मजीव-आधारित सीवेज उपचार प्रक्रिया जो BOD और TSS के स्तर को कम करती है।
  • BodyJICA: Japan International Cooperation Agency, तकनीकी सहयोग प्रदान करने वाली एक बहुपक्षीय एजेंसी।
  • Placeमुसी नदी: तेलंगाना की एक प्रमुख नदी, जो वर्तमान में गंभीर सीवेज प्रदूषण की समस्याओं का सामना कर रही है।
  • Factपायलट प्रोजेक्ट क्षमता: फतेहनगर में 1 MLD (Million Litres per Day)।
Mains angle

Q. भारत के तेजी से विस्तार कर रहे शहरों में शहरी नदियों के पुनरुद्धार की चुनौतियों के समाधान में 'बायो-लेस' (Bio-Lace) जैसी विकेंद्रीकृत, प्रकृति-आधारित अपशिष्ट जल उपचार प्रौद्योगिकियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • Operational scalability: High capital costs of microbial reactor maintenance vs. traditional chemical treatment methods
  • Ecological restoration: Effectiveness of microbial processes in restoring dissolved oxygen levels in heavily polluted urban water bodies
  • Institutional coordination: Need for integrated urban planning between municipal bodies and environmental regulatory agencies

Keywords: Nature-based solutions · Urban river rejuvenation · Microbial treatment · BOD and TSS reduction · Decentralized waste management

GS3Environment & Ecology › Species, protected areas & wetlandsPrelims

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरिस्का बाघ पुन: परिचय कार्यक्रम की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसकी सफलता पर प्रकाश डाला और वर्तमान में बाघों की संख्या 56 होने की जानकारी दी

चर्चा में क्यों: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरिस्का बाघ पुन: परिचय कार्यक्रम की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसकी सफलता पर प्रकाश डाला और वर्तमान में बाघों की संख्या 56 होने की जानकारी दी।

सारिस्का बाघ पुनरुद्धार कार्यक्रम ने अपने संचालन के 18 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। वर्तमान रिपोर्टिंग के अनुसार, सारिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 56 तक पहुँच गई है।

Prelims pointers (3)
  • Environmentसरिस्का टाइगर रिजर्व राजस्थान के अलवर जिले में स्थित एक प्रमुख बाघ आवास है।
  • Factपुनर्प्रवेश कार्यक्रम की 18वीं वर्षगांठ तक सरिस्का में बाघों की वर्तमान जनसंख्या 56 है।
  • Bodyबाघ पुनरुद्धार कार्यक्रम का प्रबंधन पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा Project Tiger पहल के अंतर्गत किया जाता है।
Mains angle

Q. सारिस्का जैसे खंडित आवासों में बाघों के पुनरुद्धार कार्यक्रमों से जुड़ी पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • Habitat fragmentation: Difficulty in maintaining genetic diversity and corridor connectivity in restricted geographical areas
  • Human-wildlife conflict: Managing livestock predation and local community grievances in proximity to tiger habitats
  • Monitoring limitations: Challenges in accurate population estimation and poaching prevention in dense forest cover

Keywords: Biodiversity conservation · Habitat restoration · Project Tiger · Wildlife management · Ecological corridors

GS3Environment & Ecology › Pollution (air, water, plastic)Prelims + Mains

दिल्ली सरकार ने दो और तीन पहिया वाहनों के लिए पेट्रोल और CNG पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करके PM2.5 उत्सर्जन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक नई EV नीति शुरू की है

चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने दो और तीन पहिया वाहनों के लिए पेट्रोल और CNG पंजीकरण को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करके PM2.5 उत्सर्जन को नियंत्रित करने के उद्देश्य से एक नई EV नीति शुरू की है।

यह नीति अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल-चालित दोपहिया वाहनों के पंजीकरण पर प्रतिबंध लगाती है। इसके साथ ही, यह नीति वर्ष 2024 के अंत तक नए CNG-चालित तीन पहिया वाहनों के पंजीकरण को प्रतिबंधित करने का लक्ष्य रखती है।

Prelims pointers (3)
  • FactPM2.5: परिवहन संबंधी उत्सर्जन को कम करने के लिए दिल्ली EV नीति द्वारा लक्षित प्राथमिक प्रदूषक।
  • Factअप्रैल 2028: दिल्ली में नए पेट्रोल-संचालित दोपहिया वाहनों के पंजीकरण को रोकने की समय सीमा।
  • Factदिसंबर 2024: नए CNG-संचालित तीन-पहिया वाहनों के पंजीकरण को प्रतिबंधित करने की लक्षित तिथि।
Mains angle

Q. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शहरी वायु प्रदूषण से निपटने की रणनीति के रूप में वाहन-विशिष्ट पंजीकरण प्रतिबंधों की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।

  • Infrastructure gap: Insufficient public charging density for high-frequency commercial three-wheeler routes
  • Economic friction: High upfront acquisition costs for electric vehicles compared to subsidized CNG alternatives
  • Regulatory hurdle: Lack of standardized battery swapping protocols for last-mile delivery fleets

Keywords: PM2.5 emissions · decarbonization · urban air quality · transportation policy · EV adoption

GS3Environment & Ecology › Species, protected areas & wetlandsPrelims + Mains

केरल उच्च न्यायालय ने इडुक्की में 296 एकड़ इलाक़े में बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई और अवैध निर्माण के संबंध में स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है

चर्चा में क्यों: केरल उच्च न्यायालय ने इडुक्की में 296 एकड़ इलाक़े में बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई और अवैध निर्माण के संबंध में स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है।

केरल उच्च न्यायालय ने इडुक्की के गुडनपारा एस्टेट में इलायची की खेती हेतु वर्जिन वन भूमि के विनाश पर संज्ञान लिया है। वन विभाग ने 296 एकड़ की इलायची स्वामित्व वाली भूमि पर दुर्लभ वृक्ष प्रजातियों की कटाई के संबंध में तीन मामले दर्ज किए हैं।

Prelims pointers (3)
  • Placeइडुक्की: केरल का एक जिला जो इलायची की खेती और उच्च जैव विविधता के लिए जाना जाता है।
  • Fact296 एकड़: अनधिकृत निर्माण और वृक्ष कटाई के लिए जांच के अधीन कार्डमम टाइटल भूमि का विशिष्ट क्षेत्र।
  • Bodyकेरल उच्च न्यायालय: वह न्यायिक निकाय जिसने स्वतः संज्ञान (suo motu) लेकर जनहित याचिका (PIL) शुरू की।
Mains angle

Q. पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में वाणिज्यिक कृषि विस्तार और वन संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

  • Regulatory oversight: Weak enforcement of forest conservation laws against private landholders in ecologically sensitive zones.
  • Biodiversity loss: Irreversible destruction of virgin forest habitats and rare tree species for monoculture cardamom cultivation.
  • Judicial activism: The role of the High Court in addressing environmental degradation through suo motu actions.

Keywords: Suo motu · Ecologically sensitive zones · Biodiversity conservation · Judicial activism · Monoculture cultivation

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अर्थव्यवस्था · कृषि · विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी · आपदा प्रबंधन · आंतरिक सुरक्षा

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