NSTR वाइल्डलाइफ को पुनर्जीवित करने के लिए आंध्र प्रदेश लाया 30 गौर और 4 टाइगर
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चर्चा में क्यों
आंध्र प्रदेश सरकार पारिस्थितिकी तंत्र के शिकार आधार और आनुवंशिक विविधता को पुनर्जीवित करनेके उद्देश्य से गौर और बाघों को नगरजुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (NSTR) में स्थानांतरित कर रही है।
पृष्ठभूमि
इस पहल के अंतर्गत मध्य भारत से 30 गौर और महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश से दो मादा बाघों को NSTR में स्थानांतरित किया जाएगा। आवास के विनाश और शिकार के कारण जनसंख्या में होने वाली गिरावट से निपटनेके लिए यह परियोजना 'वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया' (WII) के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थाननारसिंहसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व (NSTR) आंध्र प्रदेश में स्थित है।
- संस्थाWildlife Institute of India (WII) वन्यजीव अनुसंधान और संरक्षण के लिए एक प्रमुख स्वायत्त संस्थान है।
- पर्यावरणगौर (Indian Bison) एक बड़ी जंगली बोवाइन प्रजाति है और बाघों के लिए एक प्रमुख शिकार प्रजाति है।
- तथ्यइस स्थानांतरण में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से 30 गौर और 2 मादा बाघ शामिल हैं।
मेन्स के लिए
Q. भारत के संरक्षित क्षेत्रों में बाघ जैसे शीर्ष शिकारियों के संरक्षण में शिकार आधार प्रबंधन (prey-base management) और आनुवंशिक विविधता के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Ecological balance: prey-predator dynamics
- Genetic diversity: preventing inbreeding
- Habitat restoration: addressing fragmentation
- Way forward: community-led conservation
कीवर्ड: Biodiversity conservation · Translocation · Genetic diversity · Apex predators · Habitat fragmentation
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।