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भाग I · स्था. 11.2025 
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ज्यादा पेड़ की प्रजातियों से बढ़ेगा फॉरेस्ट कार्बन एब्जॉर्प्शन: स्टडी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जैव विविधता एवं संरक्षण· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

'Nature Climate Change' में प्रकाशित एक अध्ययन यह रेखांकित करता है कि वृक्ष प्रजातियों की उच्च विविधता कार्बन अवशोषण की गति को तीव्र करती है, जो जलवायु शमन में जैव विविधता की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देती है।

पृष्ठभूमि

इस अध्ययन में वर्ष 2001 से 2020 तक के प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें यह पाया गया कि प्रजाति समृद्धि का सीधा संबंध प्रकाश संश्लेषण दक्षता में वृद्धि से है। यह अध्ययन चेतावनी देता है कि जैव विविधता की हानि के कारण वर्ष 2050 तक वन प्रकाश संश्लेषण में 3% से 17% तक की गिरावट आ सकती है, जिसके परिणामस्वरूप 4.4 से 35.7 पेटाग्राम कार्बन की हानि हो सकती है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पर्यावरणवनों में उच्च प्रजाति समृद्धि (species richness) प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) की बढ़ती और तीव्र होती दक्षता के साथ सह-संबंधित है।
  • तथ्यजैव विविधता की हानि के कारण 2050 तक वन प्रकाश संश्लेषण (forest photosynthesis) में 3% से 17% तक की गिरावट का अनुमान है।
  • तथ्यजैव विविधता में गिरावट से संभावित संचयी कार्बन हानि: 4.4 से 35.7 petagrams।
  • विज्ञान-तकनीकउष्णकटिबंधीय वनों को वनों की कटाई और बढ़ते तापमान के दबाव का सामना करने वाले महत्वपूर्ण कार्बन सिंक के रूप में पहचाना गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: कार्बन पृथक्करण (carbon sequestration) को बढ़ाने में वन जैव विविधता के महत्व और भारत की जलवायु परिवर्तन शमन रणनीतियों पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗यह भी: GS3 · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।