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भाग I · स्था. 11.2025 
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सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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Pacific Ring of Fire के विस्फोटों का संबंध 80% Holocene Glacial Advances से

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Climate change & international agreements· Prelims·

चर्चा में क्यों

'नेचर' (Nature) में प्रकाशित एक अध्ययन में होलोसीन (Holocene) काल के 80% हिमनद विस्तार को 'पैसिफिक रिंग ऑफ फायर' में होने वाले ज्वालामुखी विस्फोटों से जोड़ा गया है, जो जलवायु शीतलन में सल्फेट एरोसोल की भूमिका को रेखांकित करता है।

पृष्ठभूमि

इस अध्ययन में रेडियोमेट्रिक डेटिंग और मोंटे कार्लो सिमुलेशन का उपयोग करते हुए विस्फोटों और हिमनद विस्तार के बीच 99% विश्वास स्तर का सह-संबंध स्थापित किया गया है। पहचाने गए प्रमुख विस्फोटों में कुरिल लेक और किकाइ-अकाहोया शामिल हैं, जिन्होंने 1815 के टैम्बोरा विस्फोट की तुलना में अधिक मात्रा में सल्फर उत्सर्जित किया था।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकपैसिफिक रिंग ऑफ फायर: प्रशांत महासागर में सक्रिय ज्वालामुखियों और भूकंपीय गतिविधियों का एक प्रमुख क्षेत्र।
  • तथ्यअध्ययन के अनुसार, Holocene काल के 80% हिमनद अग्रगमन (glacial advances) ज्वालामुखी विस्फोटों से जुड़े थे।
  • विज्ञान-तकनीकसल्फेट एरोसोल: ज्वालामुखी कण जो सौर विकिरण को बिखेरते हैं, जिससे वायुमंडल में शीतलन होता है।
  • स्थानहोलोसीन (Holocene): वर्तमान भूवैज्ञानिक युग, जिसकी शुरुआत लगभग 11,700 वर्ष पहले हुई थी।

मेन्स के लिए

Q. प्राकृतिक भूगर्भीय घटनाओं, विशेष रूप से ज्वालामुखी गतिविधियों, के दीर्घकालिक जलवायु परिवर्तनों और हिमनद आंदोलनों को प्रभावित करने में भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Mechanism of sulphate aerosols
  • Historical climate events (e.g., 8.2 ka cold event)
  • Impact on global temperature regulation

कीवर्ड: Radiometric dating · Sulphate aerosols · Holocene epoch · Climate forcing · Solar radiation scattering

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Times of India ↗यह भी: GS1 · Physical geography (landforms, oceans, climate)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।