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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,220 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (492) · उद्योग, निवेश एवं MSME (443) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (293) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (289) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (269) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (184) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (135) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (115)

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

भारत की इकोनॉमी 8% बढ़ी, लेकिन शेयर बाजार में रिटर्न नहीं मिला

चर्चा में क्यों: वाइज फिनसर्व (Wise Finserv) के अजय कुमार यादव ने बताया कि अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भारत की लगभग 8% की GDP वृद्धि, वैल्यूएशन (Valuation) की समस्याओं और भविष्य की उम्मीदों पर आधारित मार्केट प्राइसिंग के कारण उच्च इक्विटी रिटर्न में नहीं बदल पाई।

भारत की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में लगभग 8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। विशेषज्ञों ने उल्लेख किया कि स्टॉक मार्केट वर्तमान GDP के बजाय भविष्य की कमाई के आधार पर कीमतें तय करते हैं, जो वैश्विक बॉन्ड यील्ड (bond yields), कच्चे तेल की कीमतों और AI के बढ़ते प्रभाव से प्रभावित होती हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यअप्रैल-जून 2026 की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 8 प्रतिशत की दर से बढ़ी।
  • तथ्यस्टॉक मार्केट्स वर्तमान GDP के बजाय भविष्य की कमाई (future earnings) को रेट करते हैं।
  • तथ्यमार्केट परफॉरमेंस को प्रभावित करने वाले कारकों में ग्लोबल बॉन्ड यील्ड्स, क्रूड ऑयल की कीमतें और AI बूम शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उच्च जीडीपी विकास दर हमेशा इक्विटी बाजारों में तत्काल लाभ के साथ सह-संबंधित क्यों नहीं होती है, इस तथ्य का विश्लेषण कीजिए और इसमें कॉर्पोरेट आय तथा वैश्विक आर्थिक चरों की भूमिका को रेखांकित कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से RBI रेट बढ़ा सकता है, 20 एक्सपर्ट्स ने दी राय

चर्चा में क्यों: कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक होने और US फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा सितंबर में की गई बढ़ोतरी के कारण, 21 में से 20 विशेषज्ञ 7 अक्टूबर को RBI द्वारा रेट बढ़ोतरी की उम्मीद जता रहे हैं।

RBI की रेट-सेटिंग कमेटी (Rate-setting committee) सोमवार को बैठक करने वाली है, जिसमें वह अपने फैसलों की घोषणा करेगी। विशेषज्ञों ने महंगाई के जोखिम, 7.8% की GDP ग्रोथ और भारत-अमेरिका के बीच कम होते 189 बेसिस पॉइंट के यील्ड डिफरेंशियल (Yield differential) को प्रमुख कारकों के रूप में उद्धृत किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यभारत की GDP ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई है।
  • तथ्यइंडिया-US यील्ड डिफरेंशियल (yield differential) घटकर 189 बेसिस पॉइंट रह गया है।
  • तथ्यक्रूड ऑयल की कीमतें वर्तमान में $100 प्रति बैरल से अधिक हैं।
  • संस्थाRBI की रेट-सेटिंग कमेटी 7 अक्टूबर को फैसलों की घोषणा के लिए बैठक करेगी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: घटते प्रतिफल अंतर (yield differentials) और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता का भारतीय रिज़र्व बैंक के मौद्रिक नीति ढांचे पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • मौनेटरी ट्रांसमिशन: वैश्विक ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू महंगाई पर नियंत्रण का संतुलन
  • बाहरी दबाव: कैपिटल फ्लो और करेंसी स्टेबिलिटी पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व पॉलिसी का असर
  • राजकोषीय-मौद्रिक संबंध: 7.8% GDP ग्रोथ बरकरार रखते हुए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को मैनेज करना

मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · यील्ड डिफरेंशियल · महंगाई लक्ष्यीकरण · पूंजी प्रवाह · मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी

स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान से ब्याज दरें बढ़ने के संकेत

चर्चा में क्यों: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पांचवें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव (Kautilya Economic Conclave) में एक सख्त (hawkish) भाषण दिया। उन्होंने $4.5 बिलियन के पूंजी बहिर्वाह (capital outflows) और वैश्विक जोखिमों से निपटने के लिए 'हायर-फॉर-लॉन्गर' (higher-for-longer) ब्याज दर के माहौल का संकेत दिया।

RBI गवर्नर ने वैश्विक ऋण में वृद्धि, AI से जुड़े एसेट वैल्यूएशन (asset valuations) और साइबर जोखिमों को वित्तीय स्थिरता के लिए खतरों के रूप में पहचाना है। 10-वर्षीय बेंचमार्क भारतीय यील्ड (Indian yield) और 10-वर्षीय US ट्रेजरी यील्ड के बीच का अंतर मार्च के 273 बेसिस पॉइंट के शिखर से कम होकर 193 बेसिस पॉइंट रह गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यRBI के हॉकिश स्टैंड (hawkish stance) के संदर्भ में रिपोर्ट किया गया कि कैपिटल आउटफ्लो $4.5 बिलियन तक पहुंच गया।
  • तथ्यरिपोर्टिंग अवधि तक, 10-year US treasury yield 24 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
  • तथ्यभाषण के दौरान तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर दर्ज की गईं।
  • तथ्य10-year बेंचमार्क इंडियन यील्ड (Indian yield) और 10-year US ट्रेजरी यील्ड (US treasury yield) के बीच का अंतर 193 बेसिस पॉइंट है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों के कड़े होने के बीच भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं द्वारा पूंजी के बहिर्वाह (capital outflows) के प्रबंधन और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

GST कलेक्शन में भारी उछाल, अप्रैल-सितंबर में ₹12.46 लाख करोड़ की वसूली

चर्चा में क्यों: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि अप्रैल-सितंबर 2026 की अवधि के लिए GST कलेक्शन ₹12.46 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो 11.6% की वृद्धि दर्शाता है।

अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान कुल GST संग्रह ₹12.46 लाख करोड़ तक पहुंच गया। अक्टूबर 2025 और जुलाई 2026 के बीच कर योग्य आपूर्ति (Taxable supplies) में 25.8% की वृद्धि हुई। अगस्त तक पंजीकरण की संख्या लगभग 1.71 करोड़ तक पहुंच गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यअप्रैल-सितंबर 2026 की अवधि के लिए GST कलेक्शन ₹12.46 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
  • तथ्यअक्टूबर 2025 और जुलाई 2026 के बीच Taxable supplies में 25.8% की वृद्धि हुई।
  • तथ्यअगस्त तक GST रजिस्ट्रेशन लगभग 1.71 करोड़ तक पहुंच गए।
  • तथ्यNext-Gen GST की नई दरें 22 सितंबर, 2025 से लागू हो गईं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जीएसटी (GST) संग्रह में वृद्धि में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत के राजकोषीय घाटा प्रबंधन पर इसके निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

तेलंगाना सरकार रेवेन्यू कलेक्शन में पिछड़ी, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में खुलासा

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना राज्य सरकार 2022 और 2025 के बीच राजस्व प्राप्तियों (Revenue Receipts) के लिए अपने बजट अनुमानों को पूरा करने में लगातार विफल रही है।

RBI की रिपोर्ट राजस्व प्राप्ति के आंकड़ों को रेखांकित करती है, जिसमें वर्ष 2022-23 के लिए ₹1.59 लाख करोड़, वर्ष 2023-24 के लिए ₹1.69 लाख करोड़ और वर्ष 2024-25 के लिए ₹1.67 लाख करोड़ का विवरण दिया गया है। रिपोर्ट में विशेष रूप से गैर-कर राजस्व (non-tax revenues) और सहायता अनुदान एवं योगदान (Grants-in-Aid & Contributions) के आंकड़ों में महत्वपूर्ण विसंगतियां पाई गई हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्य2023-24 में तेलंगाना का रेवेन्यू रियलाइजेशन (Revenue Realization) ₹1.69 लाख करोड़ था।
  • तथ्य2024-25 में तेलंगाना का रेवेन्यू रियलाइजेशन (revenue realization) ₹1.67 लाख करोड़ था।
  • तथ्यRBI ने नॉन-टैक्स रेवेन्यू (non-tax revenues) और ग्रांट्स-इन-एड (Grants-in-Aid) एवं कॉन्ट्रिब्यूशन (Contributions) में महत्वपूर्ण विसंगतियां (mismatches) पहचानीं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य सरकारों के लिए राजस्व प्राप्तियों में निरंतर होने वाली कमी के राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए और बजटीय सटीकता में सुधार के लिए उपयुक्त उपाय सुझाइए।

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

7.9% ग्रोथ से 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल होगा: शक्तिकंता दास

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव शक्तिकांत दास ने 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2026 में कहा कि निरंतर विकास के माध्यम से 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

शक्तिकांत दास ने वर्तमान अवधि की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2026 के बीच औसतन 7.9 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यपहली तिमाही में Real GDP ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही।
  • तथ्यवित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2026 के बीच औसत रियल GDP ग्रोथ 7.9 प्रतिशत था।
  • पदशक्तिकांत दास प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (Principal Secretary) के रूप में कार्य करते हैं।
  • स्थान5th कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव (Kautilya Economic Conclave) 2026 का आयोजन दिल्ली में किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक संरचनात्मक आवश्यकताओं और व्यापक आर्थिक स्थितियों का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

सितंबर में FPI ने 45,536 करोड़ रुपये बेचे, स्थिर रुपये की मांग

चर्चा में क्यों: सितंबर महीने में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने 45,536 करोड़ रुपये की बिकवाली की। विश्लेषकों ने निवेश में कमी के मुख्य कारणों के रूप में अमेरिका के 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (Treasury yields) में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को बताया है।

FPIs ने सितंबर में कुल 45,536 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। विश्लेषकों ने अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड (Treasury yield) (जो 5.34% तक पहुंच गई) और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को इस बिकवाली के मुख्य कारणों के रूप में पहचाना।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यसितंबर में FPI द्वारा इक्विटी की बिक्री 45,536 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
  • तथ्यरिपोर्ट से पहले के सप्ताह में US 10-year Treasury yield 5.34% तक पहुंच गई।
  • तथ्यReuters द्वारा पोल किए गए अर्थशास्त्रियों ने 5-7 अक्टूबर की RBI मीटिंग में 25-बेसिस-पॉइंट की रेट हाइक (rate hike) के साथ दर को 5.50% तक बढ़ने की उम्मीद जताई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक ब्याज दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव और वस्तु की कीमतों में अस्थिरता का भारत के पूंजी खाते और मुद्रा की स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗+2 और खबरें इस विषय पर

60 ट्रांसपोर्ट विमानों के लिए लॉकहीड मार्टिन और TASL ने लगाई 10.5 बिलियन USD की बोली

चर्चा में क्यों: लॉकहीड मार्टिन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) ने भारतीय वायुसेना (IAF) को 60 मध्यम परिवहन विमानों की आपूर्ति के लिए 10.5 बिलियन USD के टेंडर के लिए बोली पेश की है।

इस टेंडर के अंतर्गत 12 फ्लाईअवे (flyaway) विमान और 48 विमानों का भारत में निर्माण किया जाना है। इस प्रस्ताव में भारतीय वायुसेना (IAF) के मौजूदा 12 C-130J विमानों को अपग्रेड करने की योजना शामिल है, ताकि कुल 72 विमानों का एक कॉमन फ्लीट (common fleet) तैयार किया जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्य60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए टेंडर की कुल वैल्यू USD 10.5 बिलियन है।
  • तथ्यLockheed Martin और TASL के प्रस्ताव में 12 flyaway aircraft और भारत में निर्मित 48 aircraft शामिल हैं।
  • तथ्यIAF के वर्तमान C-130J बेड़े ने 58,000 से अधिक फ्लाइट ऑवर्स (flight hours) पूरे कर लिए हैं।
  • संस्थाTASL (Tata Advanced Systems Limited) और HAL (Hindustan Aeronautics Limited) इस बिड (bid) में शामिल प्रमुख भारतीय एयरोस्पेस खिलाड़ी हैं।
  • पदडैन टेन्नी, लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) में ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रणनीतिक क्षमताओं में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' पहल के महत्व पर चर्चा कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

रिलायंस और BP के KG-D6 ब्लॉक के लिए नेचुरल गैस की कीमत बढ़ी

चर्चा में क्यों: पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) ने कठिन क्षेत्रों (difficult fields) से उत्पादन को समायोजित करने के लिए KG-D6 ब्लॉक के लिए प्राकृतिक गैस की अधिकतम कीमत (ceiling price) बढ़ाकर $9.89 प्रति MMBtu कर दी है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन PPAC ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और BP के KG-D6 ब्लॉक के लिए $9.89 प्रति MMBtu की नई सीलिंग प्राइस (ceiling price) निर्धारित की है। यह मूल्य 1 अक्टूबर, 2026 से 31 मार्च, 2027 तक लागू होगा, जबकि ONGC और OIL के पुराने क्षेत्रों (legacy fields) के लिए यह $7 प्रति MMBtu पर ही बनी रहेगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यKG-D6 ब्लॉक: PPAC द्वारा नेचुरल गैस की सीलिंग प्राइस (ceiling price) बढ़ाकर $9.89 प्रति MMBtu कर दी गई है।
  • तथ्यONGC और OIL की लीगेसी फील्ड्स (legacy fields) पर नेचुरल गैस की सीलिंग प्राइस $7 प्रति MMBtu पर बनी रहेगी।
  • संस्थाPPAC: पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (Petroleum Planning and Analysis Cell) पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है।
  • तथ्यप्राइस एडजस्टमेंट पीरियड (Price adjustment period): 1 अक्टूबर, 2026 से 31 मार्च, 2027।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में घरेलू प्राकृतिक गैस बाजार को विनियमित करने और गहरे समुद्र में स्थित अपतटीय अन्वेषण (deep-water offshore exploration) की व्यवहार्यता सुनिश्चित करने में मूल्य सीमा (price ceiling) तंत्र के महत्व पर चर्चा कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

केंद्रीय पावर सेक्रेटरी पंकज अग्रवाल ने 3 अक्टूबर

चर्चा में क्यों: भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को निलंबित करने के बाद, केंद्रीय बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में 5,129 करोड़ रुपये की सावलकोट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर विचार कर रही है।

सावकोट जलविद्युत परियोजना NHPC की एक पहल है, जिसकी अनुमानित लागत ₹5,129 करोड़ है और इसकी उत्पादन क्षमता 800 मेगावाट है। 2025 के पहलगाम हमले के बाद, जिसमें 26 नागरिकों की मौत हुई थी, भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को निलंबित कर दिया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यसवलकोट (Sawalkot) प्रोजेक्ट की क्षमता: 800 मेगावाट।
  • तथ्यसवाल्कोट प्रोजेक्ट की लागत: ₹5,129 करोड़।
  • तथ्यJ&K माइलस्टोन: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 100 MW का लक्ष्य हासिल किया गया।
  • स्थानपहलगाम: 2025 के हमले का स्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सिंधु जल संधि को निलंबित करने के क्षेत्रीय जल-राजनीति और भारत के घरेलू ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

KSRTC की बसों में लगेंगे 100 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स

चर्चा में क्यों: KSRTC ने सड़क की बाधाओं और ड्राइवरों की थकान की निगरानी के लिए अपने 17 डिवीजनों की बसों में 100 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स (ADAS) लगाने की योजना की घोषणा की है।

KSRTC नवंबर 2026 और अक्टूबर 2027 के बीच 100 ADAS यूनिट्स तैनात करेगी। BMTC क्लाउड-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से कैमरों, सेंसर, GPS/NavIC और 4G LTE का उपयोग करते हुए 50 बसों के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की योजना बना रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकADAS: सड़क के खतरों और ड्राइवर की थकान की निगरानी के लिए कैमरों, सेंसर्स, GPS/NavIC और 4G LTE का उपयोग करता है।
  • तथ्यKSRTC की तैनाती: अक्टूबर 2027 तक 17 डिवीज़न में 100 यूनिट्स।
  • तथ्यBMTC पायलट प्रोजेक्ट: 50 बसें।
  • स्थानKSRTC: कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (Karnataka State Road Transport Corporation)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: शहरी गलियारों में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाने में उन्नत चालक सहायता प्रणाली (ADAS) और क्लाउड-आधारित निगरानी के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी: रियल-टाइम ड्राइवर मॉनिटरिंग और व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण ट्रांसपोर्ट डिवीजनों में हाई-स्पीड 4G LTE कवरेज की ज़रूरत
  • कॉस्ट-बेनिफिट एनालिसिस: भारी शुरुआती कैपिटल एक्सपेंडिचर बनाम दुर्घटना से जुड़े लायबिलिटीज में लंबी अवधि की कमी

मुख्य शब्द: सार्वजनिक सुरक्षा · स्मार्ट मोबिलिटी · क्लाउड कंप्यूटिंग · ऑपरेशनल एफिशिएंसी

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

भारत में बिजली की भारी कमी, सितंबर में 544 MU का रिकॉर्ड घाटा

चर्चा में क्यों: ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर महीने में भारत में बिजली की कमी बढ़कर 544 MU तक पहुंच गई, जो इस साल की सबसे अधिक मासिक कमी है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वास्तविक मांग अनुमान से कहीं अधिक रही।

बिजली की कमी अगस्त में 98 मिलियन यूनिट से बढ़कर सितंबर में 544 MU हो गई। वित्त वर्ष 27 के अप्रैल-अगस्त के दौरान, वास्तविक मांग अनुमानित मांग से 3.3 प्रतिशत अधिक रही, जिसमें सितंबर में पीक पावर डिमांड (peak power demand) 248 GW तक पहुंच गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यसितंबर में भारत में बिजली की कमी 544 MU तक पहुंच गई।
  • तथ्यसितंबर में पीक पावर डिमांड (Peak power demand) 248 GW तक पहुंच गई।
  • तथ्यFY27 के दौरान अप्रैल-अगस्त में वास्तविक डिमांड (demand) अनुमान से 3.3 प्रतिशत अधिक थी।
  • संस्थाग्रिड-इंडिया (Grid-India) और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (Central Electricity Authority) वे संस्थाएं हैं जो बिजली की कमी (power deficit) का डेटा प्रदान करती हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वर्तमान वित्त वर्ष में भारत की बिजली उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ती औद्योगिक और घरेलू मांग के साथ संरेखित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

क्रिप्टोकरेंसी से देश की मौद्रिक संप्रभुता को खतरा, RBI गवर्नर ने दी चेतावनी

चर्चा में क्यों: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी और टोकनाइजेशन के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए, भारत की मौद्रिक संप्रभुता (Monetary Sovereignty) के लिए क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े जोखिमों के प्रति आगाह किया।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 3 अक्टूबर, 2026 को कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव (Kautilya Economic Conclave) में संबोधन दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ता सार्वजनिक ऋण और बॉन्ड यील्ड (bond yields) में आ रही सख्ती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा किए जा रहे बढ़ते खर्च के कारण हो रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यRBI डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (Distributed Ledger Technology) और टोकनइज़ेशन (Tokenisation) का समर्थन करता है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सतर्क रहता है।
  • तथ्यबढ़ता सार्वजनिक ऋण (public debt) और बॉन्ड यील्ड (bond yields) में बढ़ोतरी का संबंध आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) पर बढ़ते खर्च से है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: किसी राष्ट्र की मौद्रिक संप्रभुता पर क्रिप्टोकरेंसी को अपनाए जाने के निहितार्थों और विकेंद्रीकृत डिजिटल परिसंपत्तियों को विनियमित करने में केंद्रीय बैंक की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

हरियाणा में 1,300 और कर्नाटक में 3,425 रुपये की मिलती है टैमरलेन व्हिस्की

चर्चा में क्यों: विभिन्न राज्यों में टामरलेन व्हिस्की (Tamerlane whisky) की कीमतों में भारी अंतर (हरियाणा में 1,300 रुपये बनाम कर्नाटक में 3,425 रुपये) यह दर्शाता है कि शराब का GST ढांचे से बाहर होना किस तरह कीमतों को प्रभावित करता है।

भारत में मानव उपभोग के लिए शराब को वर्तमान में वस्तु एवं सेवा कर (GST) से बाहर रखा गया है। वर्ष 2024-25 की अवधि में, गोवा ने राजस्व के रूप में लगभग 947.9 करोड़ रुपये की आबकारी आय (Excise Revenue) प्राप्त की।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यहरियाणा में Tamerlane whisky की कीमत: Rs 1,300।
  • तथ्यदिल्ली में Tamerlane whisky की कीमत: Rs 1,850।
  • तथ्यकर्नाटक में Tamerlane whisky की कीमत: Rs 3,425।
  • तथ्यगोवा में Tamerlane व्हिस्की की कीमत: Rs 1,740।
  • तथ्य2024-25 में गोवा का excise revenue: 947.9 करोड़ रुपये।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में शराब को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे से बाहर रखने के राजकोषीय और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

CAS और मार्केट टाइमिंग पर सेबी ने मांगे पब्लिक कमेंट्स

चर्चा में क्यों: SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (CAS), मार्केट टाइमिंग और डेरिवेटिव सेटलमेंट मेथोडोलॉजी (derivative settlement methodology) की समीक्षा से संबंधित प्रस्तावों पर 3 अक्टूबर तक जनता से सुझाव मांगे हैं।

SEBI ने सितंबर में इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स के लिए CAS फ्रेमवर्क और सेटलमेंट प्राइस (Settlement Price) पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। CAS एक नीलामी-आधारित प्रक्रिया है जिसे इक्विटी कैश सेगमेंट में क्लोजिंग प्राइस निर्धारित करने के लिए बनाया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाSecurities and Exchange Board of India (SEBI) वह रेगुलेटर है जो CAS और डेरिवेटिव सेटलमेंट (derivative settlement) पर सार्वजनिक टिप्पणियाँ मांग रहा है।
  • तथ्यCAS इक्विटी कैश सेगमेंट में क्लोजिंग प्राइस निर्धारित करने के लिए उपयोग की जाने वाली एक ऑक्शन प्रोसेस (auction process) है।
  • तथ्यSEBI, फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स के लिए पहुंच को आसान बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के साथ सहयोग कर रहा है।
  • तथ्यSEBI ने बॉन्ड मार्केट में एक्सचेंज-ट्रेडेड सिस्टम्स को बढ़ावा देने के लिए प्राइमरी इश्यूअन्स हेतु एक इलेक्ट्रॉनिक बिडिंग प्लेटफॉर्म पेश किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय इक्विटी और डेरिवेटिव बाजारों में मूल्य निर्धारण (प्राइस डिस्कवरी) और बाजार की अखंडता सुनिश्चित करने में 'क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम' (CAS) के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • प्राइस डिस्कवरी: आर्बिट्राज को कम करने के लिए ऑक्शन मैकेनिज्म के जरिए सटीक क्लोजिंग कीमतें सुनिश्चित करना
  • मार्केट स्टेबिलिटी: डेरिवेटिव सेटलमेंट कीमतों पर इक्विटी कैश सेगमेंट ऑक्शन के असर से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा
  • संस्थागत तालमेल: FPI प्रवाह को आसान बनाने के लिए सेबी और RBI के बीच समन्वय

मुख्य शब्द: प्राइस डिस्कवरी · डेरिवेटिव सेटलमेंट · कैपिटल मार्केट रेगुलेशन · नीलामी मैकेनिज्म · मार्केट इंटीग्रिटी

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स 2002 के बाद सबसे ऊंचे, भारतीय शेयर बाजार में 8 हफ्ते की गिरावट

चर्चा में क्यों: अमेरिकी 10-वर्षीय और 30-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड (Bond Yields) 2002 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे भारतीय इक्विटी बाजार में लगातार आठ हफ्तों से गिरावट जारी है।

अमेरिकी 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड (yield) 5.34% तक पहुंच गई है और 30-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड 5.69% पर पहुंच गई है। ये स्तर क्रमशः अप्रैल 2002 और मई 2002 के बाद के उच्चतम स्तर हैं। वुड ने उल्लेख किया कि AI कैपेक्स (capex) चक्र से होने वाली कमाई वर्तमान में ऐतिहासिक मध्यम अवधि के चुनावी रुझानों की भरपाई कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यअक्टूबर 2026 में US दस-वर्षीय गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड (government bond yield) 5.34% तक पहुंच गई।
  • तथ्यअक्टूबर 2026 में US 30-year government bond yield 5.69% तक पहुंच गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उभरते बाजारों के इक्विटी मूल्यांकन पर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि के प्रभाव और आधुनिक पूंजी बाजार की गतिशीलता में एआई (AI) पूंजीगत व्यय चक्र की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

वंदे भारत एक्सप्रेस ने 100 kmph की रफ्तार से पार किया चेनाब ब्रिज

चर्चा में क्यों: रेलवे मंत्रालय ने USBRL प्रोजेक्ट के कटरा-बनिहाल सेक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस की गति सीमा बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटा (kmph) कर दी है।

1 अक्टूबर, 2026 को ट्रेन संख्या 26401/26404 ने 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चेनाब ब्रिज और अंजी खड्ड रेलवे ब्रिज को पार किया। USBRL प्रोजेक्ट के 111 किलोमीटर लंबे कटरा-बनिहाल सेक्शन पर गति सीमा को 75 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर बढ़ा दिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यवंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 26401/26404 कटरा-बनिहाल सेक्शन पर चलती हैं।
  • तथ्यUSBRL प्रोजेक्ट का कटरा-बनिहाल सेक्शन 111 किमी लंबा है।
  • तथ्यचेनाब ब्रिज और अंजी खाद रेलवे ब्रिज पर स्पीड लिमिट को 75 kmph से बढ़ाकर 100 kmph कर दिया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जम्मू-कश्मीर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को सुदृढ़ करने में उधमपुर-श्रीनगर-बरामूला रेल लिंक (USBRL) के महत्व की चर्चा कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

क्लाइमेट डैमेज के लिए OECD देशों से ग्लोबल साउथ के लोगों को मिले पैसे

चर्चा में क्यों: अर्थशास्त्री माइकल ग्रीनस्टोन, अभिजीत बनर्जी और एस्तेर डुफ्लो ने एक मॉडल प्रस्तावित किया है, जिसमें OECD देश ग्लोबल साउथ के व्यक्तियों को उनके उत्सर्जन (emissions) के कारण होने वाले जलवायु नुकसान के लिए सीधे भुगतान करेंगे।

'जस्ट इकोनॉमिक्स' (Just Economics) पुस्तक में दिए गए प्रस्ताव के अनुसार, सरकार द्वारा हस्तांतरण के बजाय सीधे व्यक्तियों को भुगतान करने का सुझाव दिया गया है। यह इस बात पर जोर देता है कि भविष्य के 82% उत्सर्जन (emissions) OECD के बाहर से होने का अनुमान है। इसके साथ ही, यह द्विपक्षीय समझौतों (जैसे EU और भारत) को एक व्यावहारिक तंत्र के रूप में प्रस्तावित करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाOECD: Organisation for Economic Co-operation and Development, मुख्य रूप से अमीर और औद्योगिक देशों का एक समूह।
  • तथ्ययह अनुमान लगाया गया है कि भविष्य के 82% उत्सर्जन OECD के बाहर होंगे।
  • स्थानसूरत: उत्सर्जन व्यापार (Emissions Trading) के लिए 150 टेक्सटाइल प्लांट्स का 99% कंप्लायंट मार्केट ट्रायल का स्थल।
  • पदमाइकल ग्रीनस्टोन: एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के डायरेक्टर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक जलवायु अन्याय को संबोधित करने के एक तंत्र के रूप में विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों को सीधे व्यक्तिगत स्तर पर जलवायु क्षतिपूर्ति प्रदान करने की व्यवहार्यता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

दक्षिण भारत से मुंबई के लिए चलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर

चर्चा में क्यों: रेलवे बोर्ड ने KSR बेंगलुरु और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), मुंबई को जोड़ने वाली पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सेवा को मंजूरी दी है।

यह सेवा सप्ताह में छह दिन दो ट्रेनसेट्स के माध्यम से संचालित होती है। ट्रेन 27652 रात 10:00 बजे KSR बेंगलुरु से प्रस्थान करती है, और ट्रेन 27651 रात 10:30 बजे CSMT से प्रस्थान करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यट्रेन नंबर: 27652 (बेंगलुरु से मुंबई) और 27651 (मुंबई से बेंगलुरु)।
  • तथ्यफ्रीक्वेंसी: यह सर्विस हफ्ते में छह दिन चलती है।
  • तथ्यवंदे भारत स्लीपर: दक्षिण भारत के लिए इस तरह की पहली सर्विस लॉन्च की गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी उच्च गति वाली रेल बुनियादी संरचना का विस्तार भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण में किस प्रकार योगदान देता है, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: दक्षिणी हब और मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के बीच यात्रा के समय में कमी
  • मोडल शिफ्ट: कार्बन फुटप्रिंट और भीड़ कम करने के लिए यात्रियों को सड़क से रेल की ओर ले जाना

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · मॉडल शिफ्ट

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

CURE एक्ट से बदलेंगे प्रॉपर्टी टैक्स के नियम, CMC में टैक्स दोगुना हो सकता है

चर्चा में क्यों: कोर अर्बन रीजन (इंटीग्रेटेड गवर्नेंस) एक्ट, 2026 (CURE Act) ने ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1955 का स्थान ले लिया है, जिसके तहत प्रॉपर्टी टैक्स को कैपिटल वैल्यू सिस्टम (Capital Value System) में बदल दिया गया है।

CURE एक्ट ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC), माल्कागिरी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और साइबरबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (CMC) को नियंत्रित करता है। नया कानून निर्वाचित परिषदों की टैक्स बढ़ाने की शक्ति को समाप्त करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अधिनियम / विधेयकCURE Act: Core Urban Region (इंटीग्रेटेड गवर्नेंस) एक्ट, 2026।
  • अधिनियम / विधेयकGHMC Act, 1955: इसे 2 अक्टूबर, 2026 को CURE Act द्वारा प्रतिस्थापित (Replace) किया जाएगा।
  • तथ्यCURE Act प्रॉपर्टी टैक्स को कैपिटल वैल्यू सिस्टम (Capital Value System) में बदल देता है।
  • तथ्यCURE Act निर्वाचित परिषदों (elected councils) की टैक्स बढ़ाने की शक्ति को हटाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: नगरपालिका संपत्ति कर को 'पूंजीगत मूल्य प्रणाली' (Capital Value System) में परिवर्तित करने के शहरी शासन और स्थानीय निकायों की स्वायत्तता पर पड़ने वाले निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

हैदराबाद के लिए 52,000 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा

चर्चा में क्यों: उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने हैदराबाद के लिए ₹52,000 करोड़ के बुनियादी ढांचे के विकास (Infrastructure Development) पैकेज की घोषणा की है, जिसे अक्टूबर 2026 तक पूरा किया जाना है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज में ₹38,000 करोड़ की मेट्रो रेल विस्तार योजना और ₹30,627 करोड़ की रीजनल रिंग रोड शामिल है। इस पहल के अंतर्गत TSRTC-मेट्रो रेल कॉमन पास भी शुरू किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यहैदराबाद के लिए कुल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट की घोषणा: ₹52,000 करोड़।
  • तथ्यमेट्रो रेल विस्तार बजट: ₹38,000 करोड़।
  • तथ्यरीजनल रिंग रोड का बजट: ₹30,627 करोड़।
  • तथ्यप्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन: अक्टूबर 2026।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्षेत्रीय रिंग रोड जैसी बड़े पैमाने की शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तेजी से बढ़ते महानगरीय केंद्रों में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को किस प्रकार सुगम बना सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: शहरी केंद्रों की भीड़ कम करने के लिए सैटेलाइट टाउन और मुख्य शहर के बीच ट्रांजिट समय को कम करना
  • राजकोषीय स्थिरता: इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी पूंजीगत खर्च और लंबे समय के कर्ज के भुगतान व रखरखाव की लागत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: अर्बन प्लानिंग · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन · पूंजीगत व्यय

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

नेशनल PNG ड्राइव 3.0 लॉन्च, 50 लाख घरों तक पहुंचेगी पाइप वाली गैस

चर्चा में क्यों: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने घरेलू पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) कनेक्शनों को अपनाने की गति को तेज करने के लिए 'नेशनल PNG ड्राइव 3.0' शुरू किया है।

इस पहल में PNGRB, सिटी-गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स और ऑयल-मार्केटिंग कंपनियां शामिल हैं। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 तक 50 लाख घरेलू पाइप वाली गैस कनेक्शनों को पंजीकृत करना है, जिसमें 40 लाख कनेक्शनों को सक्रिय उपयोगकर्ताओं में बदलने का विशिष्ट लक्ष्य रखा गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाPNGRB: पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड।
  • तथ्यNational PNG Drive 3.0 का लक्ष्य: वित्त वर्ष 2027 तक 50 लाख घरेलू-पाइप्ड गैस कनेक्शन।
  • तथ्यNational PNG Drive 3.0 का लक्ष्य: 40 लाख कनेक्शनों को एक्टिव यूजर्स (active users) में बदलना।
  • तथ्यNational PNG Drive 3.0 का लक्ष्य: नेट-जीरो लक्ष्यों तक पहुँचने के लिए 50 लाख यूजर्स को रजिस्टर करना।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के शुद्ध-शून्य (नेट-जीरो) लक्ष्यों और ऊर्जा संक्रमण में घरेलू पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (PNG) बुनियादी ढांचे के विस्तार के योगदान का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

तेलंगाना सरकार देगी 2,500 करोड़ रुपये का महंगाई भत्ता, 2 किश्तें जारी होंगी

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने 1 जुलाई, 2023 से बकाया देय महंगाई भत्ता (DA) के भुगतान के लिए, कुल पांच किश्तों में से दो किश्तों को जारी करने की घोषणा की है, जिसकी कुल कीमत ₹2,500 करोड़ है।

तेलंगाना सरकार बकाया कुल राशि का लगभग 5% दर्शाने वाली महंगाई भत्ता (DA) की दो किश्तें जारी कर रही है। एन. शिवा शंकर के नेतृत्व वाली वेतन संशोधन आयोग (Pay Revision Commission) संशोधित वेतनमानों के लिए सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए जिम्मेदार है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यDA की किश्तें ₹2,500 करोड़ का बोझ पैदा करती हैं।
  • तथ्यपेंडिंग DA किस्तों की पूरी रिलीज से वेतन में 15.43% की वृद्धि होगी।
  • पदएन. शिव शंकर तेलंगाना में Pay Revision Commission के प्रमुख हैं।
  • तथ्यसरकार ने जुलाई 2024 से बकाया राशि (arrears) चुकाने का वादा किया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य स्तरीय सार्वजनिक सेवा वेतन संरचनाओं में बड़े पैमाने पर बकाया राशि और महंगाई भत्ता संशोधनों के प्रबंधन से उत्पन्न होने वाले राजकोषीय निहितार्थों और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

शून्या के को-फाउंडर सरविजीत सिंह विर्क ने बताया कैसे ट्रेडर्स को हो रहा नुकसान

चर्चा में क्यों: शून्य के MD सर्वजीत सिंह विर्क ने SEBI के FY25-26 के एक अध्ययन का उल्लेख किया है, जिसमें बताया गया है कि 87.7% व्यक्तिगत इक्विटी डेरिवेटिव ट्रेडर्स को शुद्ध नुकसान हुआ है, जिसका मुख्य कारण ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options trading) है।

SEBI के एक अध्ययन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह पाया गया कि 87.7% व्यक्तिगत इक्विटी डेरिवेटिव ट्रेडर्स को कुल 91,685 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा (net loss) हुआ। इन घातों में ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options trading) की हिस्सेदारी 92% रही। इसके साथ ही, 24,859 करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन कॉस्ट (transaction costs) के कारण 4.4 लाख मुनाफे वाले ट्रेडर्स भी शुद्ध घाटे में बदल गए।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यSEBI के FY25-26 के अध्ययन के अनुसार, 87.7% इंडिविजुअल इक्विटी डेरिवेटिव ट्रेडर्स को नेट लॉस (net losses) हुआ।
  • तथ्यइंडिविजुअल इक्विटी डेरिवेटिव ट्रेडर्स के बीच नेट लॉस (net losses) में ऑप्शंस ट्रेडिंग का हिस्सा 92% रहा।
  • तथ्य₹24,859 करोड़ के ट्रांजैक्शन कॉस्ट (Transaction costs) के कारण 4.4 लाख प्रॉफिटेबल ट्रेडर्स को नेट लॉस (net losses) हुआ।
मेन्स के लिए

प्रश्न: इक्विटी डेरिवेटिव्स में खुदरा भागीदारी से जुड़े जोखिमों की चर्चा कीजिए और अत्यधिक लेनदेन लागत एवं सट्टा आधारित नुकसान से व्यक्तिगत निवेशकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

स्रोत: एनडीटीवी ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

कर्नाटक सरकार ने 2031 तक 1GW क्षमता के लिए डेटा सेंटर पॉलिसी पास की

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने 2031 तक 1GW क्षमता स्थापित करने के उद्देश्य से 'सस्टेनेबल डेटा सेंटर पॉलिसी 2026–2031' को मंजूरी दी है, जिसके तहत ऊर्जा और जल दक्षता (energy and water efficiency) के लिए प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे।

यह नीति कम पावर यूसेज इफेक्टिवनेस (PUE) के लिए ₹20 करोड़ की प्रोत्साहन राशि और कुशल वॉटर यूसेज इफेक्टिवनेस (WUE) के लिए सालाना ₹30 लाख तक की जल शुल्क प्रतिपूर्ति (reimbursement) प्रदान करती है। इसका लक्ष्य 2031 तक कर्नाटक में 1GW क्षमता हासिल करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यलक्ष्य क्षमता: 2031 तक 1GW।
  • तथ्यPUE इंसेंटिव: कम Power Usage Effectiveness के लिए ₹20 करोड़।
  • तथ्यWUE रीइम्बर्समेंट: कुशल Water Usage Effectiveness के लिए सालाना ₹30 लाख तक।
  • स्थानकर्नाटक सरकार ने Sustainable Data Centre Policy 2026–2031 को मंजूरी दी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बड़े पैमाने पर डेटा केंद्रों की स्थापना से उत्पन्न होने वाली पर्यावरणीय और बुनियादी ढांचागत चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • संसाधन प्रतिस्पर्धा: औद्योगिक पानी की ज़रूरतों और स्थानीय समुदाय की जल सुरक्षा के बीच संघर्ष
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: स्थानीय जल प्रभावों और हीट डिसिपेशन की पारदर्शी निगरानी की ज़रूरत
  • एनर्जी-वॉटर नेक्सस: हाई-डेंसिटी कंप्यूटिंग पावर और रिन्यूएबल एनर्जी व वॉटर कंजर्वेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर · पावर यूसेज इफेक्टिवनेस · वॉटर यूसेज इफेक्टिवनेस · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · संसाधन प्रबंधन

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स + मेन्स

बिना बायोमेट्रिक आधार वाले घरों को मिलेंगे सिर्फ 5kg या 10kg सिलेंडर

चर्चा में क्यों: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह निर्देश दिया है कि जिन घरों के पास बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) नहीं है, उन्हें सब्सिडी लक्ष्यीकरण सुनिश्चित करने के लिए केवल 5 किग्रा या 10 किग्रा के सिलेंडर बाजार मूल्य पर ही दिए जाएंगे।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 1 अक्टूबर, 2026 को यह आदेश जारी किया। इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL सहित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के लिए इन मानदंडों को लागू करना अनिवार्य है। तेलंगाना में, जगन मोहन रेड्डी ने बताया कि 11 लाख उपयोगकर्ताओं के पास eKYC नहीं है, जिसके कारण ऑर्डर रद्द हो रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIndian Oil, BPCL और HPCL वे प्राथमिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियाँ हैं जिन्हें BAA मानदंडों को लागू करने का अधिकार है।
  • तथ्यअक्टूबर 2026 तक तेलंगाना में 11 लाख यूजर्स के पास eKYC न होने की रिपोर्ट दी गई है।
  • तथ्यBAA के बिना वाले घरानों को मार्केट प्राइस पर 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम वाले सिलेंडर तक ही सीमित रखा गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सब्सिडी वितरण में जैव-मितीय प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन) के एकीकरण ने राजकोषीय विवेक की आवश्यकता और संवेदनशील आबादी के लिए डिजिटल बहिष्कार की चुनौती के बीच संतुलन को किस प्रकार स्थापित किया है, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

11 स्टार्टअप्स को मिलेंगे 50 लाख रुपये, हेल्थकेयर और एग्रीकल्चर पर फोकस

चर्चा में क्यों: C-CAMP और आश्रय हस्था ट्रस्ट ने स्वास्थ्य सेवा और कृषि के लिए जलवायु-अनुकूल समाधान (climate-resilient solutions) विकसित करने हेतु 11 स्टार्टअप्स को ₹50 लाख तक की फंडिंग देने के लिए चुना है।

इस समूह में जेनेपथ डायग्नोस्टिक्स इंडिया (Genepath Diagnostics India), प्रोडेंसी (Prodancy) और अर्थकाइंड फूड्स बायोटेक (Earthkind Foods Biotech) जैसी कंपनियाँ शामिल हैं। इस फंडिंग पहल की घोषणा तस्लीमरिफ सैयद द्वारा 01 अक्टूबर, 2026 को की गई थी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यफंडिंग राशि: चयनित प्रत्येक स्टार्टअप के लिए ₹50 लाख तक।
  • संस्थाC-CAMP: सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म्स (Centre for Cellular and Molecular Platforms)।
  • संस्थाAHT: आश्रय हस्था ट्रस्ट (Ashraya Hastha Trust)।
  • तथ्यचुने गए स्टार्टअप्स की संख्या: 11।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के कृषि और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में जलवायु-अनुकूल प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और स्टार्टअप वित्तपोषण की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • इन्सेंटिव अलाइनमेंट: प्राइवेट प्रॉफिट मोटिव्स और क्लाइमेट रेजिलिएंस जैसे पब्लिक गुड्स के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: अर्ली-स्टेज क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट के लिए स्पेशलाइज्ड बायोटेक लैब्स की ज़रूरत
  • स्केलेबिलिटी की सीमाएं: पायलट-स्केल फंडिंग से इंडस्ट्रियल-स्केल क्लाइमेट एडैप्टेशन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: क्लाइमेट-रेज़िलिएंट टेक्नोलॉजी · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · बायोटेक्नोलॉजी · स्टार्टअप इकोसिस्टम · कृषि नवाचार

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज बनाएगा Adani Green

चर्चा में क्यों: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने गुजरात के खावड़ा में अपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता को बढ़ाकर 6.63 GWh कर दिया है, जिससे यह दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन इंस्टॉलेशन बन गया है।

खवड़ा BESS सुविधा में एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम (EMS) और ऑटोमेटेड टेलीमेट्री के साथ एकीकृत लिथियम-आयन बैटरी तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की 12.6 GWh की कुल परिचालन BESS क्षमता के 50% से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यAGEL ने जून 2026 में खावड़ा (Khavda) BESS क्षमता को 3.55 GWh से बढ़ाकर 6.63 GWh कर दिया।
  • तथ्यभारत की कुल ऑपरेशनल BESS क्षमता लगभग 12.6 GWh है।
  • स्थानगुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी स्टोरेज इंस्टॉलेशन स्थित है।
  • विज्ञान-तकनीकBESS में lithium-ion बैटरी टेक्नोलॉजी और Energy Management Systems (EMS) का उपयोग किया जाता है।
  • तथ्यAGEL का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 50 GWh की स्टोरेज कैपेसिटी (storage capacity) हासिल करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विद्युत ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा की आंतरायिकता (intermittency) की चुनौतियों से निपटने में बड़े पैमाने पर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) किस प्रकार सहायक हो सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

तेलंगाना में मेट्रो और बस के लिए कॉमन पास शुरू होगा 2 अक्टूबर 2026 से

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार, हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड और TGSRTC ने सार्वजनिक परिवहन के विभिन्न साधनों में निर्बाध यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए 2 अक्टूबर, 2026 को एक कॉमन मेट्रो और बस पास शुरू करने की घोषणा की है।

इस पहल में राज्य सरकार, हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड और तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TGSRTC) के बीच सहयोग शामिल है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ प्रजा भवन में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के मुख्य अतिथि के रूप में होने वाला है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाTGSRTC: तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन।
  • स्थानप्रजा भवन: तेलंगाना में लॉन्च इवेंट (launch event) के लिए आयोजन स्थल।
  • तथ्यलॉन्च की तारीख: 2 अक्टूबर, 2026।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के तेजी से बढ़ते शहरों में एकीकृत बहु-मोडल सार्वजनिक परिवहन प्रणालियाँ शहरी गतिशीलता और आर्थिक उत्पादकता को किस प्रकार बढ़ा सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

2,000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट पर MDR देने से 80% मुंबईकर नदारद

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्रालय ने ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Merchant Discount Rate) लागू करने के लिए एक फ्रेमवर्क (S.O. 5067(E)) अधिसूचित किया है, जिसके कारण रिटेल एसोसिएशनों और उपभोक्ताओं की ओर से विरोध जताया जा रहा है।

0.4% MDR (Merchant Discount Rate) का नियम 15 अक्टूबर, 2026 से ₹2,000 से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI भुगतान पर लागू होगा। ₹75,000 और उससे अधिक के भुगतान के लिए MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन निर्धारित की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्य₹2,000 से अधिक के P2M UPI पेमेंट्स पर 0.4% का MDR लागू होता है।
  • तथ्य₹75,000 और उससे अधिक के ट्रांजेक्शन के लिए MDR को ₹300 पर कैप (cap) किया गया है।
  • तथ्यअप्रैल 2026 तक, महाराष्ट्र के पास वॉल्यूम के हिसाब से कुल UPI ट्रांजेक्शन का 9.84% हिस्सा है।
  • संस्थाNPCI (National Payments Corporation of India) राज्यवार UPI ट्रांजैक्शन डेटा प्रदान करता है।
  • तथ्यLocalCircles के अध्ययन के अनुसार, 80% मुंबई निवासी मर्चेंट्स द्वारा पास किए गए MDR का भुगतान करने से इनकार करते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: यूपीआई (UPI) भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के आर्थिक निहितार्थों और भारत में डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके संभावित प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

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कच्चे तेल की कीमतों में 28.66% का उछाल, भारत की इकोनॉमी पर खतरा

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्रालय ने सितंबर में कच्चे तेल की कीमतों में 28.66% की वृद्धि होकर $116.04 प्रति बैरल होने और रूसी कच्चे तेल खरीदने वालों पर टैरिफ (Tariffs) से संबंधित अमेरिकी बिल को लेकर अनिश्चितता के कारण भारत की अर्थव्यवस्था के लिए उत्पन्न जोखिमों पर चिंता जताई है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में भारत की वास्तविक जीडीपी (Real GDP) 7.8% की दर से बढ़ी। इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) में 9.2% और सेवा क्षेत्र (Services) में 12.1% की वृद्धि दर्ज की गई। भारतीय क्रूड बास्केट, जिसमें स्वीट (Brent-based) और सॉर (Oman/Dubai-based) क्रूड का मिश्रण शामिल है, अगस्त में $90.19 से बढ़कर सितंबर में $116.04 हो गया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यवित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही।
  • तथ्यइंडियन क्रूड बास्केट में स्वीट क्रूड (Brent-based) और सॉर क्रूड (Oman और Dubai ग्रेड्स) शामिल हैं।
  • तथ्यसितंबर 2026 में कच्चे तेल (Crude oil) की कीमतें 28.66% बढ़कर $116.04 प्रति बैरल हो गईं।
  • तथ्यFY27 की Q1 में रियल इंडस्ट्री GVA में साल-दर-साल (year-on-year) 7.7% की वृद्धि हुई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अस्थिर वैश्विक ऊर्जा कीमतें और बदलती व्यापार नीतियां भारत की राजकोषीय स्थिरता और विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता को किस प्रकार प्रभावित करती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

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