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भाग I · स्था. 11.2025 
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SEBI अब से डेरिवेटिव्स के लिए वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइसिंग सिस्टम लाएगा

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· पूंजी बाज़ार एवं SEBI· प्रीलिम्स·

बाजार में उतार-चढ़ाव और मूल्य निर्धारण (Price Discovery): एक GS3 आर्थिक ढांचा और नियामक अध्ययन।

चर्चा में क्यों

SEBI ने क्लोजिंग ऑक्शन (closing auctions) के दौरान कीमतों में होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए 7 दिसंबर से इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स के लिए वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइसिंग (volume-weighted average pricing) पर वापस लौटने की घोषणा की है।

पृष्ठभूमि

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) अगस्त में शुरू हुई क्लोजिंग ऑक्शन (Closing Auction) में कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को लेकर सामने आई चिंताओं के बाद बदलाव लागू कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों के संबंध में अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे को 20,000 टिप्पणियाँ प्राप्त हुईं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यट्रेडिंग फिलहाल 3:45 pm पर समाप्त होती है, जिसमें 3:40 pm तक 10-मिनट की ऑक्शन (auction) प्रक्रिया होती है।
  • तथ्यSEBI को प्रस्तावित प्राइसिंग बदलावों पर 20,000 कमेंट्स प्राप्त हुए।
  • तथ्यवॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइसिंग (volume-weighted average pricing) पर वापस लौटने की योजना 7 दिसंबर के लिए निर्धारित है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

SEBI द्वारा वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइसिंग (volume-weighted average pricing) पर वापस लौटने का प्राथमिक कारण क्या है?

  1. (a)ट्रेडिंग घंटों में विस्तार
  2. (b)कीमतों में उतार-चढ़ाव
  3. (c)लिक्विडिटी की कमी
  4. (d)टैक्सेशन में बदलाव
उत्तर देखें

उत्तर: (b) कीमतों में उतार-चढ़ाव — यह बदलाव क्लोजिंग ऑक्शन (closing auctions) के दौरान कीमतों में होने वाले भारी उतार-चढ़ाव को संबोधित करने के लिए किया गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: डेरिवेटिव्स व्यापार में मूल्य निर्धारण तंत्र (प्राइस डिस्कवरी मैकेनिज्म) के महत्व और पूंजी बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता को कम करने में नियामक हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • मार्केट इंटीग्रिटी: ऑक्शन विंडो के दौरान कीमतों में अचानक होने वाले बदलावों को रोकने और तेज़ी से प्राइस डिस्कवरी के बीच संतुलन बनाना
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रेडिंग और मार्केट क्लोज के दौरान लिक्विडिटी गैप से जुड़े सिस्टमैटिक रिस्क को दूर करना

मुख्य शब्द: प्राइस डिस्कवरी · मार्केट में उतार-चढ़ाव · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग · लिक्विडिटी मैनेजमेंट

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।