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भाग I · स्था. 11.2025 
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यस बैंक के 84 बिलियन रुपये के AT1 बॉन्ड राइट-ऑफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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बैंकिंग स्थिरता और निवेशक संरक्षण: पूंजी बाजार जोखिम और न्यायिक समीक्षा पर एक GS3 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें यस बैंक (Yes Bank) द्वारा एडिशनल टियर-1 (AT1) बॉन्ड के ₹84 बिलियन को राइट-ऑफ (write-off) करने के फैसले को रद्द कर दिया गया था। इस फैसले के कारण रिटेल निवेशकों को मिलने वाले बकाया कूपन (coupons) को लेकर विवाद शुरू हो गया है।

पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट ने यस बैंक (Yes Bank) के ₹84 बिलियन ($886 मिलियन) के AT1 बॉन्ड राइट-ऑफ (write-off) से संबंधित बॉम्बे हाई कोर्ट के 2023 के फैसले को बरकरार रखा है। रिटेल निवेशक 18 अक्टूबर को देय बकाया कूपन की मांग कर रहे हैं, जबकि बैंक का दावा है कि दस्तावेज़ों के अनुसार, जब तक वित्त वर्ष 2028 तक बॉन्ड बहाल नहीं कर दिए जाते, तब तक इसमें विवेकाधीन अधिकार (discretion) की अनुमति है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यYes Bank ने AT1 बॉन्ड्स में ₹84 बिलियन ($886 million) राइट-ऑफ (write off) किए।
  • संस्थाAxis Trustee Services Ltd संबंधित बॉन्ड के लिए debenture trustee है।
  • तथ्यYes Bank के प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में ₹52.79 बिलियन ($557 million) का डेबिट बैलेंस है।
  • तथ्यबैंक को वित्त वर्ष 2020 और 2021 के नुकसान की पूरी भरपाई वित्त वर्ष 2028 तक करने की उम्मीद है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Yes Bank के AT1 बॉन्ड्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. बैंक को वित्त वर्ष 2028 तक वित्त वर्ष 2020 और 2021 के नुकसान की पूरी भरपाई करने की उम्मीद है।
  2. सुप्रीम कोर्ट ने AT1 बॉन्ड्स में ₹84 बिलियन के राइट-ऑफ (write-off) को बरकरार रखा।
  3. एक्सिस ट्रस्टी सर्विसेज लिमिटेड (Axis Trustee Services Ltd.) इन बॉन्ड्स के लिए डिबेंचर ट्रस्टी (debenture trustee) के रूप में कार्य करता है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: सुप्रीम कोर्ट ने राइट-ऑफ (write-off) को रद्द करने वाले फैसले को बरकरार रखा।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अतिरिक्त टियर-1 (AT1) बॉन्ड के राइट-ऑफ (Write-off) के निवेशकों के विश्वास और बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • इन्वेस्टर प्रोटेक्शन: बॉन्ड डॉक्यूमेंटेशन में बैंक के विवेकाधीन अधिकारों और रिटेल इन्वेस्टर्स के बकाया कूपन के दावों के बीच टकराव
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: बैंक रिकैपिटलाइजेशन और राइट-ऑफ की ज़रूरत और कैपिटल मार्केट की ईमानदारी के बीच संतुलन
  • वित्तीय स्थिरता: स्ट्रेस्ड प्राइवेट लेंडर्स की क्रेडिट रेटिंग और लायबिलिटी प्रोफाइल पर बड़े पैमाने पर बॉन्ड राइट-ऑफ का असर

मुख्य शब्द: AT1 बॉन्ड्स · राइट-ऑफ · कैपिटल मार्केट्स · रिटेल इन्वेस्टर्स · न्यायिक समीक्षा · बैंकिंग स्थिरता

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗यह भी: GS2 · न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसले

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।