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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत की ऑयल रिफाइनिंग क्षमता 2030 तक 300 मिलियन टन होगी

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चर्चा में क्यों

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 2030 तक भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता (Oil Refining Capacity) को 300 मिलियन टन प्रति वर्ष तक बढ़ाने की योजना की घोषणा की।

पृष्ठभूमि

भारत की तेल शोधन क्षमता (Oil Refining Capacity) वर्तमान में 290 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इस विस्तार का लक्ष्य 2030 तक इसे 300 मिलियन टन तक पहुँचाना है, जिसमें घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के लिए सुविधाओं को बढ़ाकर नौ मिलियन टन करना शामिल है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यवर्तमान तेल रिफाइनिंग क्षमता: 290 मिलियन टन प्रति वर्ष।
  • तथ्य2030 तक तेल रिफाइनिंग क्षमता का लक्ष्य: 300 मिलियन टन प्रति वर्ष।
  • तथ्यविस्तार में नौ मिलियन टन तक सुविधाओं को बढ़ाना शामिल है।
  • स्थानदक्षिण गोवा में 29th Energy Technology and Innovation Meet आयोजित किया गया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्राप्त करने में तेल शोधन क्षमता के विस्तार के महत्व और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • ऊर्जा सुरक्षा: घरेलू प्रोसेसिंग क्षमताओं को बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना
  • मार्केट डायनेमिक्स: घरेलू ईंधन की जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय निर्यात की महत्वाकांक्षाओं के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हाई-टेक रिफाइनिंग यूनिट्स की ज़रूरत

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · रिफाइनिंग क्षमता · औद्योगिक विस्तार · ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर · आयात प्रतिस्थापन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।