रुपया 1.9% की बढ़त के लिए तैयार, 4 साल में सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त
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मौद्रिक नीति और विदेशी मुद्रा (Forex) विनियमन: लिक्विडिटी और हेजिंग लागत (Hedging costs) पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
RBI द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भारतीय रुपया 1.9% की साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने के लिए अनुमानित है। इन प्रतिबंधों के तहत ऋणदाताओं (lenders) के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे 2 मिलियन डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन (foreign-exchange derivative transactions) के लिए रुपये के बराबर 20% राशि अलग रखें।
पृष्ठभूमि
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 2 मिलियन डॉलर से अधिक के विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव लेनदेन पर 20% का रिज़र्व अनिवार्य कर दिया है। इस कदम के कारण गुरुवार तक तीन महीने की यील्ड (yields) बढ़कर 6.54% हो गई।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यरुपये के एक सप्ताह में 1.9% मजबूत होने का अनुमान है।
- तथ्यRBI के अनुसार, $2 मिलियन से अधिक के फॉरेन-एक्सचेंज डेरिवेटिव (foreign-exchange derivative) ट्रांजेक्शन के लिए 20% सेट-असाइड (set-aside) अनिवार्य है।
- तथ्यनए RBI प्रतिबंधों के बाद थ्री-मंथ यील्ड (Three-month yields) 6.54% तक पहुंच गई।
- संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) इन डेरिवेटिव ट्रांजेक्शन (derivative transaction) प्रतिबंधों की निगरानी करने वाली नियामक संस्था है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
फॉरेन-एक्सचेंज डेरिवेटिव ट्रांजेक्शन (foreign-exchange derivative transactions) पर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के रेगुलेशंस के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- लेनदारों के लिए $2 मिलियन से अधिक के लेनदेन के लिए रुपये के बराबर राशि का 20% अलग रखना (set aside) अनिवार्य है।
- नई पाबंदियों के कारण तीन महीने की यील्ड (yield) बढ़कर 7.50% हो गई।
- भारतीय रुपया में 1.9% की साप्ताहिक बढ़त (advance) का अनुमान है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नोट के अनुसार, तीन महीने की यील्ड (yields) 6.54% तक पहुंच गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव बाजारों पर केंद्रीय बैंक के विनियामक उपायों का भारतीय निगमों के घरेलू तरलता और हेजिंग लागतों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- लिक्विडिटी क्रंच: फॉरेक्स डेरिवेटिव्स की कम उपलब्धता से इंपोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स के लिए हेजिंग लागत बढ़ी
- मौनेटरी पॉलिसी ट्रांसमिशन: शॉर्ट-टर्म बोरोइंग कॉस्ट पर यील्ड के उतार-चढ़ाव का असर
- रेगुलेटरी ट्रेड-ऑफ: सिस्टमिक फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और मार्केट-ड्रिवन लिक्विडिटी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: लिक्विडिटी · हेजिंग कॉस्ट · मौनेटरी पॉलिसी · विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स · यील्ड कर्व
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।