भारतीय शेयर बाजार से FPIs ने ₹48,056 करोड़ निकाले, कुल निकासी ₹3.08 लाख करोड़
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पूंजी का पलायन (Capital flight) और बाजार में अस्थिरता (Market volatility): बाहरी झटकों और लिक्विडिटी मैनेजमेंट (Liquidity management) से संबंधित एक महत्वपूर्ण GS3 विषय।
चर्चा में क्यों
अक्टूबर 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने वैश्विक तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण भारतीय इक्विटी से ₹48,056 करोड़ की निकासी की।
पृष्ठभूमि
CDSL ने ₹3.08 लाख करोड़ के संचयी FPI बहिर्वाह (outflows) दर्ज किए हैं। अक्टूबर 2026 में, फुली एक्सेसिबल रूट (Fully Accessible Route) के माध्यम से ₹3,858 करोड़ और वॉलंटरी रिटेंशन रूट (Voluntary Retention Route) के माध्यम से ₹1,332 करोड़ की निकासी हुई।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यअक्टूबर 2026 में FPIs ने भारतीय इक्विटी से ₹48,056 करोड़ वापस निकाल लिए।
- तथ्यअक्टूबर 2026 तक संचयी FPI आउटफ्लो ₹3.08 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
- तथ्यनिकासी Fully Accessible Route और Voluntary Retention Route के माध्यम से हुई।
- संस्थासेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) ने इक्विटी विड्रॉल डेटा की रिपोर्ट दी।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
किस संस्था ने भारतीय इक्विटी से ₹3.08 लाख करोड़ के संचयी FPI आउटफ्लो (outflows) की रिपोर्ट दी?।
- (a)सेक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया
- (b)नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड
- (c)सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड
- (d)भारतीय रिज़र्व बैंक
उत्तर देखें
उत्तर: (c) सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड — नोट में उल्लेख है कि सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) ने इक्विटी विड्रॉल डेटा की रिपोर्ट दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में प्रत्यक्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) प्रवाह की अस्थिरता को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और पूंजी बाजारों को स्थिर करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- एक्सटर्नल शॉक्स: ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव के प्रति घरेलू इक्विटी मार्केट की संवेदनशीलता
- लिक्विडिटी मैनेजमेंट: कैपिटल फ्लाइट के जोखिम और घरेलू इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर विदेशी निवेश की ज़रूरत के बीच संतुलन
- पॉलिसी इंटरवेंशन: भारी ग्लोबल महंगाई के दौरान अचानक पोर्टफोलियो आउटफ्लो को कम करने में रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की प्रभावशीलता
मुख्य शब्द: पूंजी का पलायन · पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · मार्केट में उतार-चढ़ाव · बाहरी झटके · लिक्विडिटी मैनेजमेंट
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।