GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 32
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) अजीत डोवाल ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू. मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, कनेक्टिविटी और सीमा सुरक्षा पर चर्चा की गई।
यह बैठक 31 मई, 2026 को म्यांमार के राष्ट्रपति यू. मिन आंग लिनग की भारत की पांच दिवसीय यात्रा के दौरान आयोजित की गई। यह यात्रा म्यांमार के संसदीय चुनावों और राष्ट्रपति द्वारा पदभार संभालने के कम से कम दो महीने बाद आयोजित हुई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदअजीत डोवाल: भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (National Security Advisor)।
- स्थानयू. मिन आंग ह्लाइंग: म्यांमार के प्रेसिडेंट।
- तथ्यबैठक में व्यापार, कनेक्टिविटी, सीमा सुरक्षा और रक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में म्यांमार के साथ द्विपक्षीय संबंधों और सीमा सुरक्षा के प्रबंधन में भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- सुरक्षा-व्यापार नेक्सस: इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी और सीमा पार उग्रवादी गतिविधियों के प्रबंधन के बीच संतुलन
- भू-राजनीतिक तालमेल: क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा बनाए रखते हुए म्यांमार के आंतरिक राजनीतिक बदलावों को समझना
मुख्य शब्द: एक्ट ईस्ट पॉलिसी · रणनीतिक स्वायत्तता · सीमा प्रबंधन · द्विपक्षीय कनेक्टिविटी · क्षेत्रीय स्थिरता
चर्चा में क्यों: भारत और ओमान ने 1 जून, 2026 से लागू होने वाले व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement - CEPA) को लागू किया है, जिसके तहत विभिन्न वस्तुओं के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच (duty-free access) प्रदान की जाएगी।
CEPA के तहत भारत को सालाना 2,000 टन ओमान खजूर आयात करने की अनुमति मिलती है। ओमान ने भारतीय निर्यात के लिए शून्य-शुल्क (zero-duty) पहुंच की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें अंडे, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और टेक्सटाइल शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यCEPA के तहत भारत को सालाना 2,000 टन ओमानी खजूर (dates) प्राप्त होंगे।
- तथ्यओमान भारत के लिए अंडों का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य (export destination) है।
- तथ्यभारतीय इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स, मरीन प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल्स, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, प्लास्टिक्स और जेम्स एंड ज्वेलरी के लिए ड्यूटी-फ्री एक्सेस प्रदान किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) जैसे द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के भारत के निर्यात बाजारों के विविधीकरण और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्यों में योगदान का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- मार्केट डाइवर्सिफिकेशन: रणनीतिक गल्फ पार्टनरशिप के जरिए पारंपरिक एक्सपोर्ट मार्केट्स पर निर्भरता कम करना
- ट्रेड फैसिलिटेशन: इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल सेक्टर में भारतीय MSMEs की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए टैरिफ बैरियर्स कम करना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · द्विपक्षीय व्यापार · निर्यात विविधीकरण · ड्यूटी-फ्री एक्सेस · आर्थिक साझेदारी
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह Immoral Trafficking Prevention Act (ITPA) में संशोधन करे, ताकि व्यावसायिक यौन शोषण के शिकार हुए पीड़ितों को आपराधिक कार्यवाही से छूट दी जा सके।
सुप्रीम कोर्ट ने वाणिज्यिक यौन शोषण (Commercial Sexual Exploitation - CSE) के पीड़ितों की सुरक्षा के लिए एक योजना जारी की है, जिसमें एक गैर-समान दृष्टिकोण (non-uniform approach) की आवश्यकता को स्वीकार किया गया है। कोर्ट ने विशेष रूप से मानव तस्करी के पीड़ितों के लिए कानूनी छूट की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन पर वेश्यावृत्ति के लिए मुकदमा न चलाया जाए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकImmoral Trafficking Prevention Act (ITPA) भारत में तस्करी और वेश्यावृत्ति को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कानून है।
- संस्थासुप्रीम कोर्ट ने CSE पीड़ितों के संबंध में कानूनी संशोधनों के लिए निर्देश जारी किए।
- तथ्यकोर्ट की योजना में बचाए गए पीड़ितों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस रेड्स (Police raids) की विशिष्ट प्रक्रियाएं शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में वाणिज्यिक यौन शोषण के पीड़ितों के संरक्षण और तस्करी विरोधी कानूनों के प्रवर्तन के बीच संतुलन स्थापित करने में निहित कानूनी और नैतिक जटिलताओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- कानूनी अस्पष्टता: वेश्यावृत्ति को अपराध बनाने और मानव तस्करी के पीड़ितों की सुरक्षा के बीच टकराव
- प्रक्रियात्मक सुरक्षा: रेस्क्यू रेड्स के दौरान सेकेंडरी विक्टिमाइजेशन रोकने के लिए स्टैंडर्ड पुलिस प्रोटोकॉल की ज़रूरत
- विधायी अंतर: कमर्शियल सेक्स एक्सप्लॉइटेशन के विविध रूपों को संबोधित करने वाले व्यापक कानूनी ढांचे का अभाव
मुख्य शब्द: व्यावसायिक यौन शोषण · पीड़ित संरक्षण · विधायी संशोधन · मानव तस्करी · प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय
चर्चा में क्यों: भारतीय रक्षा मंत्री सिंह ने इंडोनेशिया और वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम के लिए हस्ताक्षरित समझौतों की घोषणा की, वहीं अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ ने भारत को इंडो-पैसिफिक स्थिरता के लिए एक 'क्रिटिकल एंकर' (critical anchor) घोषित किया।
ब्रह्मोस एक दो-चरणीय, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे भारत के DRDO और रूस के NPO Mashinostroyeniya द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है। भारत ने पहले 2022 में फिलीपींस के साथ ब्रह्मोस सौदा किया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकBrahMos: DRDO और NPO Mashinostroyeniya द्वारा विकसित एक दो-चरणीय (two-stage), सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल।
- तथ्यभारत ने इंडोनेशिया और वियतनाम के साथ BrahMos मिसाइल सिस्टम के सौदे किए हैं।
- तथ्यभारत ने 2022 में फिलीपींस के साथ BrahMos मिसाइल का एक सौदा किया।
- स्थानचंबल रिवर सेंचुरी: अवैध रेत खनन के स्थान की सुप्रीम कोर्ट द्वारा आलोचना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के रक्षा निर्यात और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता में किस प्रकार योगदान देते हैं और इस क्षेत्र में एक 'महत्वपूर्ण लंगर' (critical anchor) के रूप में भारत की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- रणनीतिक स्वायत्तता: क्षेत्रीय सुरक्षा आर्किटेक्चर के साथ रक्षा निर्यात का संतुलन
- डिफेंस इंडस्ट्रियलाइजेशन: एक्सपोर्ट-लेड ग्रोथ के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी (DRDO) का इस्तेमाल
- पर्यावरण शासन: अवैध खनन के खिलाफ रिवर सेंचुरी सुरक्षा में रेगुलेटरी विफलता
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · इंडो-पैसिफिक स्थिरता · रक्षा निर्यात · पर्यावरण शासन · क्षेत्रीय शक्ति संतुलन
चर्चा में क्यों: भारत और US के मुख्य वार्ताकार टैरिफ (Tariffs), मार्केट एक्सेस (Market Access) और आर्थिक सुरक्षा से संबंधित एक अंतरिम व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में चार दिवसीय बैठक शुरू कर रहे हैं।
अंतरिम व्यापार समझौता (Interim Trade Pact) पर शुरुआत में फरवरी में सहमति बनी थी। अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ (Tariffs) को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई है, जबकि भारत ने अमेरिकी वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को खत्म करने या कम करने का प्रस्ताव दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारत पर US टैरिफ में कटौती: 50% से घटकर 18%।
- तथ्यइंटरिम ट्रेड पैक्ट (Interim trade pact) का दायरा: टैरिफ, मार्केट एक्सेस, कस्टम्स, इन्वेस्टमेंट और इकोनॉमिक सिक्योरिटी अलाइनमेंट।
- स्थाननेगोशिएशन वेन्यू: दिल्ली, भारत।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकसित राष्ट्रों के बीच आर्थिक सुरक्षा और बाजार पहुंच को संरेखित करने में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व की चर्चा कीजिए।
- ट्रेड-ऑफ विश्लेषण: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग की सुरक्षा और आयात शुल्क कम करने की ज़रूरत के बीच संतुलन
- आर्थिक सुरक्षा: व्यापार समझौतों में भू-राजनीतिक हितों के साथ सप्लाई चेन रेजिलिएंस को जोड़ना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · आर्थिक सुरक्षा · टैरिफ में कटौती · मार्केट एक्सेस · द्विपक्षीय व्यापार
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरमेन्स चर्चा में क्यों: सैटेलाइट इमेजरी और UN फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (UN Food and Agriculture Organization) की रिपोर्टें गाजा के बुनियादी ढांचे और कृषि के व्यवस्थित विनाश को उजागर करती हैं, क्योंकि इजरायल वहां अपना क्षेत्रीय नियंत्रण बढ़ा रहा है।
यूरो-मेड ह्यूमन राइट्स मॉनिटर (Euro-Med Human Rights Monitor) की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा के 94% कब्रिस्तान नष्ट कर दिए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यEuro-Med Human Rights Monitor के अनुसार, गाजा के 94% कब्रिस्तान नष्ट हो गए हैं।
- तथ्यइजरायल का लक्ष्य क्षेत्र के 70% हिस्से पर कब्जा करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गाजा में बिगड़ती मानवीय और कृषि स्थिति का क्षेत्रीय स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- मानवीय संकट: कृषि व्यवहार्यता का खत्म होना जिससे लंबे समय तक खाद्य असुरक्षा पैदा होगी
- कानूनी जांच: नागरिक बुनियादी ढांचे पर सीज़फायर समझौतों और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के आरोप
- भू-राजनीतिक जोखिम: मध्य पूर्व की स्थिरता को प्रभावित करने वाला स्थायी क्षेत्रीय यथास्थिति का खतरा
मुख्य शब्द: मानवीय कानून · क्षेत्रीय अखंडता · खाद्य सुरक्षा · क्षेत्रीय स्थिरता · अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप
चर्चा में क्यों: वेस्टर्न कनाडा-इंडिया लीडर्स समिट के दौरान, सस्केचेवान के प्रीमियर और भारत में कनाडा के हाई कमिश्नर ने पुष्टि की है कि कनाडा और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Pact) के लिए बातचीत सक्रिय रूप से चल रही है।
वेस्टर्न कनाडा-इंडिया लीडर्स समिट (Western Canada-India Leaders Summit) का आयोजन रेजिना में किया गया। इस शिखर सम्मेलन में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 17 बिलियन USD से बढ़ाकर 50 बिलियन USD तक ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसमें सस्काचेवान (Saskatchewan) से होने वाले दालों के निर्यात पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यभारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य: 2030 तक USD 50 बिलियन।
- तथ्यवर्तमान द्विपक्षीय व्यापार का स्तर: USD 17 बिलियन।
- स्थानरेजिना: वेस्टर्न कनाडा-इंडिया लीडर्स समिट (Western Canada-India Leaders Summit) का स्थान।
- पदस्कॉट मोए: प्रीमियर ऑफ सस्केचेवान (Premier of Saskatchewan)।
- पदक्रिस कूटर: भारत में कनाडा के हाई कमिश्नर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और कनाडा के बीच एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के संभावित आर्थिक और कृषि संबंधी निहितार्थों पर चर्चा कीजिए, जिसमें व्यापार विविधीकरण और खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए।
- ट्रेड इम्बैलेंस: कृषि निर्यात और दालों की मार्केट एक्सेस में अंतर को दूर करना
- रेगुलेटरी अलाइनमेंट: अलग-अलग टैरिफ स्ट्रक्चर के बीच कृषि निर्यात के मानकों को एक समान बनाना
- रणनीतिक विविधीकरण: कनाडाई कृषि की खूबियों का इस्तेमाल कर आयात पर निर्भरता कम करना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय व्यापार · फ्री ट्रेड एग्रीमेंट · व्यापार विविधीकरण · कृषि निर्यात · आर्थिक डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: भारत क्षेत्रीय तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वियतनाम के साथ हुए समझौते के बाद अब इंडोनेशिया को ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें निर्यात करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दे रहा है।
वियतनाम के साथ यह सौदा लगभग 5,800 करोड़ रुपये का है। इसमें तटीय रक्षा मिसाइल बैटरियां, मिसाइलें, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट शामिल है। इन निर्यात का उद्देश्य दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकब्रह्मोस (BrahMos): भारत और रूस के बीच एक जॉइंट वेंचर (joint venture) के रूप में विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल।
- तथ्यवियतनाम डील की वैल्यू: लगभग Rs 5,800 करोड़।
- स्थानसाउथ चाइना सी (South China Sea): प्राथमिक समुद्री क्षेत्र जहाँ इन मिसाइल सिस्टम्स को संचालित करने का लक्ष्य है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के रक्षा निर्यात, विशेष रूप से ब्रह्मोस जैसी उच्च-तकनीकी सैन्य प्रणालियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए कि किस प्रकार ये भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक उपकरण के रूप में कार्य करते हैं। विश्लेषण कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक लेवरेज: ASEAN देशों के साथ डिफेंस कोऑपरेशन के जरिए क्षेत्रीय हेजेमनी का मुकाबला
- डिफेंस डिप्लोमेसी: इंडो-पैसिफिक में नेट इंपोर्टर से एक भरोसेमंद सिक्योरिटी प्रोवाइडर बनने की ओर बदलाव
- मैरिटाइम सिक्योरिटी: समुद्री घुसपैठ के खिलाफ तटीय राज्यों की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना
मुख्य शब्द: एक्ट ईस्ट पॉलिसी · रक्षा कूटनीति · समुद्री सुरक्षा · इंडो-पैसिफिक · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त कर लिया है, जिसके बाद ईरान ने इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता से हटने की घोषणा की है।
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त कर लिया। ईरान ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती करार दिया और बाद में घोषणा की कि वह इस्लामाबाद में होने वाली आगामी शांति वार्ता में भाग नहीं लेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
- तथ्यईरान ने इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता से हटने की घोषणा की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को किस प्रकार प्रभावित करती है और मध्य पूर्वी कूटनीति में क्षेत्रीय मध्यस्थता की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक बाधा: वैश्विक तेल और कमोडिटी आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट पॉइंट के रूप में होर्मुज जलडमरूमध्य की भूमिका
- मध्यस्थता में बाधाएं: तीसरे पक्ष की शांति वार्ता की विश्वसनीयता पर एकपक्षीय समुद्री कार्रवाइयों का असर
- आर्थिक अस्थिरता: समुद्री संघर्ष और आवश्यक वस्तुओं की वैश्विक कमी के बीच संबंध
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीतिक तनाव · ऊर्जा सुरक्षा · मध्यस्थता · कमोडिटी की कमी
मूल खबर ↗+2 और खबरें इस विषय पर GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) से पता चला है कि भारत में मोटापे और डायबिटीज (Diabetes) के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है, विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों में।
NFHS-6 के आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाओं में मोटापे की दर 24% से बढ़कर 30.7% हो गई है और पुरुषों में यह 22.9% से बढ़कर 27.3% हो गई है। मधुमेह (Diabetes) की व्यापकता महिलाओं में 13.5% से बढ़कर 17.8% और पुरुषों में 15.6% से बढ़कर 20.9% हो गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यNFHS-6 के अनुसार महिलाओं में मोटापे की दर 30.7% है।
- तथ्यNFHS-6 के अनुसार पुरुषों में डायबिटीज की व्यापकता (prevalence) 20.9% है।
- स्थानआंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु में मोटापे और डायबिटीज (Diabetes) की उच्च दर दर्ज की गई है।
- तथ्यमैटर्नल ओबेसिटी (maternal obesity) और डायबिटीज के कारण C-section डिलीवरी में वृद्धि।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के दक्षिणी राज्यों में मधुमेह और मोटापे जैसी गैर-संचारी बीमारियों के बढ़ते प्रसार में योगदान देने वाले सामाजिक-आर्थिक कारकों का विश्लेषण कीजिए।
- पोषण संक्रमण: शहरी होते क्षेत्रों में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और सुस्त जीवनशैली की ओर बदलाव
- हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर: C-सेक्शन के जोखिमों को कम करने के लिए एकीकृत मैटरनल हेल्थ प्रोग्राम की ज़रूरत
- डेटा-आधारित नीति: उच्च-प्रसार वाले राज्यों में क्षेत्रीय स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को लक्षित करने के लिए NFHS-6 मैट्रिक्स का उपयोग
मुख्य शब्द: गैर-संचारी रोग · पोषण संबंधी बदलाव · मातृ स्वास्थ्य · महामारी संबंधी बदलाव · सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को NEET पेपर लीक और एक उम्मीदवार, ट्विशा शर्मा की मृत्यु के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
CBI ने ट्विशा शर्मा की सास और पति को पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। शिक्षा मंत्री ने NEET परीक्षा में हुई कमियों को स्वीकार किया और सभी उम्मीदवारों के लिए सुरक्षित तरीके से पुन: परीक्षा कराने का आश्वासन दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNTA: National Testing Agency वह संस्था है जो NEET परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार है।
- संस्थाCBI: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Central Bureau of Investigation) पेपर लीक केस की जांच कर रही है।
- तथ्यCBI ने मृतक उम्मीदवार के रिश्तेदारों की पांच दिनों की रिमांड हासिल कर ली है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के संचालन में मौजूद प्रणालीगत कमियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और प्रवेश प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
- संस्थागत जवाबदेही: हाई-स्टेक्स टेस्टिंग के लिए NTA के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स में पारदर्शिता की कमी
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: नेशनल लेवल कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स के लिए एक मजबूत इंडिपेंडेंट ऑडिटिंग मैकेनिज्म की ज़रूरत
- उम्मीदवार सुरक्षा: परीक्षा संकट के दौरान छात्रों के सामने आने वाले मनोवैज्ञानिक और शारीरिक जोखिमों पर चर्चा
मुख्य शब्द: संस्थागत ईमानदारी · रेगुलेटरी ओवरसाइट · जवाबदेही · स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स · सिस्टम की खामियां
चर्चा में क्यों: ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने एक नए AUKUS प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसके तहत समुद्री इंटरनेट केबल्स को चीन के संभावित हस्तक्षेप से बचाने के लिए अंडरवॉटर ड्रोन तकनीक (underwater drone technology) विकसित की जाएगी।
इस परियोजना के अंतर्गत अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया (AUKUS) रक्षा के लिए अंडरवाटर ड्रोन विकसित कर रहे हैं। रिचर्ड मार्ल्स ने समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स की संवेदनशीलता को देखते हुए समुद्री तल (seabed) को एक 'बैटलफील्ड' (युद्ध क्षेत्र) के रूप में परिभाषित किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
- विज्ञान-तकनीकअंडरवॉटर ड्रोन्स: समुद्री इंटरनेट केबल्स की सुरक्षा के लिए AUKUS के तहत विकसित की जा रही तकनीक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक भू-राजनीति में समुद्री बुनियादी ढांचे के बढ़ते महत्व और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा प्रतिस्पर्धा के निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी: ग्लोबल डेटा फ्लो और आर्थिक स्थिरता के लिए अंडरसी केबल्स पर भारी निर्भरता
- भू-राजनीतिक तनाव: AUKUS सदस्यों और चीन के बीच बढ़ता समुद्री सुरक्षा मुकाबला और रक्षा खर्च
- तकनीकी हथियारों की होड़: समुद्री तल की निगरानी और रक्षा के लिए ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल्स का विकास
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · इंडो-पैसिफिक · AUKUS · समुद्री बुनियादी ढांचा · भू-राजनीति · रक्षा तकनीक
चर्चा में क्यों: नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने भारत और नेपाल के बीच आपसी क्षेत्रीय अतिक्रमण (territorial encroachments) का दावा किया है, जिससे सीमा की अखंडता को लेकर राजनयिक विवाद शुरू हो गया है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने सुझाव दिया है कि भारत और नेपाल दोनों ने एक-दूसरे के क्षेत्रों पर अतिक्रमण किया है। उन्होंने विशेषज्ञों की सहायता से कूटनीतिक समाधान का आह्वान किया और विवाद के ऐतिहासिक संदर्भ के संबंध में चीन और UK के साथ हुई चर्चाओं का उल्लेख किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदबलेंद्र शाह: नेपाल के प्रधानमंत्री।
- तथ्यनेपाल और भारत ने आपसी क्षेत्रीय अतिक्रमण (territorial encroachments) के संबंध में चर्चा की है।
- स्थाननेपाल और भारत की साझा भूमि सीमा (land border) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और उसके निकटवर्ती पड़ोसी देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में द्विपक्षीय सीमा प्रबंधन और राजनयिक तंत्र के महत्व की चर्चा कीजिए।
- डिप्लोमैटिक घर्षण: द्विपक्षीय भरोसे और क्षेत्रीय सहयोग पर एकतरफा क्षेत्रीय दावों का असर
- सीमा शासन: सीमा पार कृषि व्यवस्था और औपचारिक राज्य अतिक्रमण के बीच अंतर
- बहुपक्षीय प्रभाव: द्विपक्षीय क्षेत्रीय विवादों में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता (चीन, यूके) की भूमिका
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय अखंडता · द्विपक्षीय कूटनीति · सीमा प्रबंधन · क्षेत्रीय स्थिरता · संप्रभुता
GS2शासन › ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने ऑनलाइन-ओनली इंटरेक्शन मॉडल (online-only interaction model) के माध्यम से समय पर परमिट जारी करने को सुनिश्चित करने के लिए, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी में होने वाली देरी के प्रति 'जीरो-टॉलरेंस' नीति की घोषणा की है।
नगर प्रशासन के निदेशक, पी. मधुसूधन रेड्डी ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें यह अनिवार्य किया गया है कि सभी शुल्क का भुगतान और आवेदकों के साथ बातचीत केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी। इस नीति में 'प्लानिंग परमिशन' (Planning Permission) और 'बिल्डिंग परमिट' (Building Permits) के लिए विशिष्ट समय-आधारित दिशा-निर्देश शामिल हैं और नियमों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाडायरेक्टर ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन (Director of Municipal Administration): तमिलनाडु में बिल्डिंग प्लान अप्रूवल गाइडलाइन्स जारी करने के लिए जिम्मेदार अथॉरिटी।
- तथ्यजीरो-टॉलरेंस पॉलिसी: यह अनिवार्य करता है कि सभी फीस का भुगतान और आवेदकों के साथ बातचीत केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जानी चाहिए।
- तथ्यअनुशासनात्मक कार्रवाई: ऑनलाइन प्रोटोकॉल या परमिट के लिए निर्धारित समय सीमा (timelines) को लागू करने में किसी भी विफलता के कारण शुरू की जाएगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी नियोजन में अनिवार्य ई-गवर्नेंस की ओर संक्रमण किस प्रकार प्रशासनिक बाधाओं को कम कर सकता है और नगर निकायों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- पारदर्शिता तंत्र: केवल ऑनलाइन इंटरैक्शन से अधिकारियों की विवेकाधीन शक्ति कम होती है और आमने-सामने होने वाले भ्रष्टाचार के जोखिम कम होते हैं
- अकाउंटेबिलिटी फ्रेमवर्क: समयबद्ध परमिट जारी करना नगर निगम के प्रदर्शन के लिए एक मापने योग्य ऑडिट ट्रेल बनाता है
- डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण-शहरी इलाकों में डिजिटल साक्षरता या इंटरनेट एक्सेस की कमी के कारण निवासियों के बाहर होने की संभावना
मुख्य शब्द: ई-गवर्नेंस · प्रशासनिक पारदर्शिता · नगर निगम प्रशासन · समयबद्ध डिलीवरी · अनुशासनात्मक कार्रवाई
चर्चा में क्यों: शिक्षा मंत्रालय ने IIM-K में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और केरल के बीच छात्र विनिमय कार्यक्रम (Student Exchange Program) को सुगम बनाने के लिए 'युवा संगम' पहल का आयोजन किया।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 33 छात्रों ने IIM-K में आयोजित एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लिया। यह पहल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देनेके लिए शुरू किए गए 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान का हिस्सा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनायुवा संगम: शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक छात्र एक्सचेंज (student exchange) पहल।
- योजनाएक भारत श्रेष्ठ भारत: विभिन्न भारतीय राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अभियान।
- तथ्यजम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 33 छात्रों ने IIM-K में आयोजित एक्सचेंज प्रोग्राम में भाग लिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' जैसी पहलें भारत में राष्ट्रीय एकीकरण और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने में किस प्रकार योगदान देती हैं, चर्चा कीजिए।
- सामाजिक एकजुटता: अनुभवजन्य शिक्षा और सांस्कृतिक जुड़ाव के जरिए राज्यों के बीच संबंधों को मजबूत करना
- शैक्षिक समानता: अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों के छात्रों के लिए गतिशीलता की सुविधा देकर क्षेत्रीय असमानता को कम करना
मुख्य शब्द: राष्ट्रीय एकीकरण · सांस्कृतिक आदान-प्रदान · अनुभवात्मक शिक्षा · सामाजिक एकजुटता · एक भारत श्रेष्ठ भारत
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स चर्चा में क्यों: विकेंद्रीकृत वितरण और प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (Primary Care) पर ध्यान केंद्रित करने वाले मॉडल के रूप में तमिलनाडु के स्वास्थ्य सेवा मॉडल को राष्ट्रीय मानक (Benchmark) के रूप में रेखांकित किया जा रहा है। इसमें विशेष रूप से तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (TNMSC) की सफलता का उल्लेख किया गया है।
तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (TNMSC) की स्थापना 1994 में सरकारी संस्थानों के लिए दवाओं की खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से की गई थी। राज्य का यह मॉडल प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और बीमारियों की रोकथाम पर जोर देता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थाTNMSC: तमिलनाडु मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (Tamil Nadu Medical Services Corporation) की स्थापना 1994 में सार्वजनिक क्षेत्र में दवाओं के वितरण के लिए की गई थी।
- तथ्यतमिलनाडु का हेल्थकेयर मॉडल डिसेंट्रलाइज्ड डिलीवरी (decentralized delivery) और प्राइमरी केयर (primary care) पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में मौजूद प्रणालीगत असमानताओं को दूर करने में तमिलनाडु जैसे विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य सेवा वितरण और सुव्यवस्थित खरीद मॉडल किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- खरीद दक्षता: TNMSC मॉडल लागत कम करता है और सार्वजनिक क्षेत्र की दवाओं के लिए सप्लाई चेन की विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है
- प्राइमरी केयर पर फोकस: टर्शियरी हॉस्पिटल के विस्तार के बजाय कम्युनिटी-आधारित मातृ और शिशु स्वास्थ्य आउटरीच पर ध्यान
- संस्थागत बाधा: राज्य-संचालित स्वास्थ्य सफलताओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति एकीकरण की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत डिलीवरी · प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा · सार्वजनिक स्वास्थ्य पहुंच · खरीद प्रक्रिया को सरल बनाना · स्वास्थ्य समानता
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: लद्दाख प्रशासन ने नशीले पदार्थों के उपयोग को रोकने के लिए शराब की रिटेल आउटलेट्स की संख्या दो से बढ़ाकर 20 करने और विदेशी शराब की अनुमति देने के उद्देश्य से एक नई एक्साइज पॉलिसी (Excise Policy) लागू की है।
नई नीति के तहत भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और विदेशी शराब की बिक्री की अनुमति दी गई है। इसके अंतर्गत लाइसेंस शुल्क के भुगतान पर गेस्ट हाउस और होमस्टे में रिटेल वेंडिंग (Retail Vending) की अनुमति दी गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यनई पॉलिसी के तहत लद्दाख में रिटेल लिकर आउटलेट्स (retail liquor outlets) की संख्या 2 से बढ़कर 20 हो गई है।
- तथ्यपॉलिसी के तहत IMFL और विदेशी शराब (foreign liquor) दोनों की बिक्री की अनुमति है।
- स्थानलद्दाख: केंद्र शासित प्रदेश जहाँ नई एक्साइज पॉलिसी (excise policy) लागू की गई।
- तथ्यगेस्ट हाउस और होमस्टे में लाइसेंस फीस के साथ रिटेल वेंडिंग (Retail vending) की अनुमति है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों के सेवन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य और शराब खुदरा नीतियों के उदारीकरण के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य का ट्रेड-ऑफ: शराब की बढ़ती पहुंच और नार्कोटिक्स पर निर्भरता कम करने के लक्ष्य के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: अनौपचारिक हॉस्पिटैलिटी इकोनॉमी को औपचारिक बनाने के लिए गेस्ट हाउस और होमस्टे की लाइसेंसिंग
- सामाजिक प्रभाव: रेगुलेटेड रिटेल विस्तार के जरिए अवैध नशीले पदार्थों की उपलब्धता से जुड़ी सामुदायिक चिंताओं का समाधान
मुख्य शब्द: नारकोटिक्स कंट्रोल · उत्पाद शुल्क नीति · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · सार्वजनिक स्वास्थ्य · नशीली दवाओं का सेवन
GS2शासन › सरकारी नीतियां एवं योजनाएंप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: उपभोक्ता मामलों के विभाग ने नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में लीगल मेट्रोलॉजी सुधारों (Legal Metrology Reforms) के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने की। चर्चा में प्रमुख सुधारों के रूप में बाट और माप (weights and measures) के लिए लाइसेंसिंग के स्थान पर पंजीकरण प्रणाली लागू करना और गवर्नमेंट अप्रूव्ड टेस्ट सेंटर (GATC) ढांचे का विस्तार करना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाउपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs): लीगल मेट्रोलॉजी रिफॉर्म्स (Legal Metrology Reforms) को लागू करने के लिए जिम्मेदार केंद्रीय निकाय।
- तथ्यरजिस्ट्रेशन सिस्टम (Registration System): यह वजन और माप (weights and measures) के लिए पारंपरिक लाइसेंसिंग सिस्टम को बदलने वाला एक सुधार है।
- तथ्यइम्प्रूवमेंट नोटिस (Improvement Notice): रेगुलेटरी कंप्लायंस (regulatory compliance) को सुव्यवस्थित करने के लिए लागू किया गया एक मैकेनिज्म।
- तथ्यGATC: रिफॉर्म फ्रेमवर्क के हिस्से के रूप में गवर्नमेंट अप्रूव्ड टेस्ट सेंटर्स (Government Approved Test Centres) का विस्तार किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पंजीकरण प्रणालियों और डिजिटलीकरण के माध्यम से विनियामक ढाँचों को सरल बनाकर भारत में उपभोक्ता संरक्षण और व्यापार करने की सुगमता को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
- रेगुलेटरी बदलाव: छोटे व्यापारियों पर कंप्लायंस का बोझ कम करने के लिए लाइसेंसिंग से रजिस्ट्रेशन की ओर बदलाव
- एन्फोर्समेंट गैप: आसान रजिस्ट्रेशन और धोखाधड़ी वाले वजन और माप के खिलाफ मजबूत निगरानी के बीच संतुलन
- इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनेक: अलग-अलग राज्यों में स्टैंडर्डाइज्ड टेस्टिंग सुनिश्चित करने के लिए विस्तारित GATC नेटवर्क की ज़रूरत
मुख्य शब्द: उपभोक्ता संरक्षण · रेगुलेटरी रिफॉर्म · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · लीगल मेट्रोलॉजी · डिजिटलीकरण
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग ने सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) शुरू कर दिया है।
SIR प्रक्रिया के अंतर्गत बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) मतदाता पंजीकरण फॉर्म एकत्र करने और उनकी पुष्टि करने के लिए घरों का दौरा करते हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल होने के लिए पात्र मतदाताओं को 28 जून तक भरे हुए फॉर्म जमा करने होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) मतदाता सूची (electoral roll) में संशोधन करने के लिए जिम्मेदार संस्था है।
- तथ्यSIR प्रोसेस 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों को लक्षित करता है।
- तथ्यड्राफ्ट मतदाता सूची के लिए फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 28 जून है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में मतदाता सूची के समय-समय पर होने वाले संशोधन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- डेटा इंटीग्रिटी: डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन के जरिए डुप्लीकेट एंट्री और 'घोस्ट' वोटर्स के जोखिम को कम करना
- समावेशिता: दूरदराज के क्षेत्रों में पात्र पहली बार के मतदाताओं की पहचान और पंजीकरण करके सार्वभौमिक मताधिकार सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · चुनावी अखंडता · जनसांख्यिकीय सटीकता · प्रशासनिक पहुंच
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › कार्यपालिका (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: 2022 बैच की IPS अधिकारी अनन्या अवस्थी को ओडिशा के राज्यपाल के पहले महिला एड-डी-कैंप (Aide-de-Camp) के रूप में नियुक्त किया गया है।
राज्यपाल कार्यालय की सहायता के लिए दो ADC नियुक्त किए जाते हैं: एक भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) से और एक राज्य पुलिस से। ADC का उत्तरदायित्व आधिकारिक कार्यक्रमों, औपचारिक समारोहों और प्रोटोकॉल से संबंधित कर्तव्यों के दौरान राज्यपाल की सहायता करना होता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदअनन्या अवस्थी ओडिशा के राज्यपाल की पहली महिला ADC हैं।
- तथ्यअनन्या अवस्थी 2022 बैच की IPS अधिकारी हैं और वे ओडिशा कैडर से संबंधित हैं।
- तथ्यगवर्नर के ऑफिस में दो ADCs की सहायता मिलती है: एक इंडियन आर्म्ड फोर्सेज (Indian Armed Forces) से और एक स्टेट पुलिस से।
- स्थानइंडक्शन सेरेमनी (Induction ceremony) लोक भवन, भुवनेश्वर में आयोजित की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य की कार्यप्रणाली के भीतर उच्च-स्तरीय प्रोटोकॉल और कार्यकारी भूमिकाओं में महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत प्रतिनिधित्व: गवर्नर सचिवालय में औपचारिक और कार्यकारी भूमिकाओं में जेंडर बाधाओं को तोड़ना
- नेतृत्व की दृश्यता: हाई-प्रोफाइल प्रोटोकॉल भूमिकाओं में महिला IPS अधिकारियों का महिलाओं के नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक धारणा पर प्रभाव
मुख्य शब्द: महिला सशक्तिकरण · कार्यकारी प्रोटोकॉल · सिविल सेवा · लैंगिक समानता · राज्य मशीनरी
चर्चा में क्यों: जम्मू-कश्मीर स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने रिपोर्ट दी है कि उन्हें शिक्षा मंत्रालय से 'समग्र शिक्षा' ग्रांट का केवल 20% हिस्सा ही प्राप्त हुआ है, जिसके कारण सिविल वर्क्स (civil works) का काम रुक गया है।
जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग (SED) ने वार्षिक कार्य योजना और बजट (AWPB) के तहत 2500 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन उसे केवल 500 करोड़ रुपये (पहली किस्त) प्राप्त हुए। शिक्षा मंत्रालय (MoE) सितंबर 2026 तक इस योजना के नाम में संशोधन करने की योजना बना रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनासमग्र शिक्षा: भारत में स्कूली शिक्षा के लिए केंद्र सरकार की एक योजना।
- तथ्यपिछले वित्त वर्ष में J&K SED को समग्र शिक्षा (Samagra Shiksha) ग्रांट का केवल 20% प्राप्त हुआ।
- तथ्यRs 2500 करोड़ के AWPB आवंटन के विरुद्ध पहली किस्त के रूप में Rs 500 करोड़ जारी किए गए।
- पदJ&K के चीफ सेक्रेटरी आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ कन्वर्जेंस इनिशिएटिव (convergence initiative) की निगरानी कर रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों और बुनियादी ढांचा विकास पर प्रशासनिक विलंब के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
- राजकोषीय अड़चन: AWPB आवंटन और वास्तविक अनुदान जारी होने के बीच का अंतर सिविल वर्क्स को प्रभावित कर रहा है
- प्रशासनिक टकराव: योजना के नाम बदलने और नीतिगत बदलावों का प्रोजेक्ट की निरंतरता पर असर
- अभिसरण की बाधाएं: आंगनवाड़ी केंद्रों का प्री-प्राइमरी स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एकीकरण
मुख्य शब्द: सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम · राजकोषीय संघवाद · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · अभिसरण · प्रशासनिक देरी
चर्चा में क्यों: चीन और भारत म्यांमार में बढ़ते तनाव के बीच अपनी रणनीतियां बना रहे हैं। चीन अपने निवेश और सीमा सुरक्षा की रक्षा के लिए सैन्य शासन (junta) के साथ सैन्य सहयोग और विद्रोही समूहों को समर्थन के बीच संतुलन बनाए हुए है।
चीनी राजदूत मा जिया ने सैन्य सहयोग पर चर्चा करने के लिए म्यांमार के रक्षा मंत्री जनरल टिन औंग सान से मुलाकात की। चीन ने म्यांमार सीमा के पास लाइव फायर ड्रिल (live fire drills) आयोजित की है और नागरिक संघर्ष बढ़ने की स्थिति में व्यापार रोकने की चेतावनी देने के लिए आर्थिक दबाव (economic leverage) का इस्तेमाल किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदमा जिया: म्यांमार में चीनी एंबेसडर।
- पदजनरल टिन औंग सान: म्यांमार डिफेंस मिनिस्टर।
- तथ्यचीन ने विद्रोहियों को रोकने के लिए म्यांमार बॉर्डर के पास लाइव फायर ड्रिल (live fire drills) आयोजित की।
- स्थानम्यांमार: पड़ोसी देश जो नागरिक संघर्ष (civil conflict) और शरणार्थियों के आगमन (refugee inflows) का सामना कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: म्यांमार में जारी नागरिक अशांति के भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- सिक्योरिटी डिलेमा: कट्टरपंथ के खतरे के बीच जुंटा के साथ काउंटर-इंसर्जेंसी सहयोग में संतुलन बनाना
- वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने की सिफारिश की
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · एक्ट ईस्ट पॉलिसी · सीमा सुरक्षा · शरणार्थियों का आगमन · रणनीतिक लाभ
चर्चा में क्यों: इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने 2026 में गंभीर आर्थिक चुनौतियों की चेतावनी दी है, जबकि उप-प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा की पुष्टि की है।
इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 2026 के लिए चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिदृश्य का संकेत दिया है। उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने व्यापार और शांति पर चर्चा करने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2026 में इटली यात्रा की योजना की पुष्टि की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदजॉर्जिया मेलोनी: इटली की प्रधानमंत्री।
- पदएंटोनियो ताजानी: इटली के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर।
- तथ्यप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा 2026 के लिए प्लान की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अंतर्राष्ट्रीय शांति पर सहयोग के संदर्भ में भारत-इटली द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
- ट्रेड सिनर्जी: भारत की सप्लाई चेन को विविधता देने के लिए इटली की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का लाभ उठाना
- भू-राजनीतिक तालमेल: भारत-इटली सहयोग के जरिए 'क्वाड' और 'G20' की गतिशीलता को मजबूत करना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय सहयोग · आर्थिक अनिश्चितता · रणनीतिक साझेदारी · ट्रेड डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि गिर सोमनाथ में ध्वस्त किए गए धार्मिक ढांचों की जमीन कानूनी रूप से सोमनाथ ट्रस्ट से राज्य सरकार को हस्तांतरित कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट औलिया-ए-दीन कमेटी की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें अल्पसंख्यक धार्मिक ढांचों को गिराने का आरोप लगाया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा प्रतिनिधित्व की गई गुजरात सरकार ने दावा किया कि यह भूमि मूल रूप से 1903 में कमेटी को दी गई थी और बाद में सोमनाथ ट्रस्ट की हो गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थासुप्रीम कोर्ट: भारत की सर्वोच्च अदालत जो वर्तमान में गिर सोमनाथ और ज्ञानवापी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।
- पदसॉलिसिटर जनरल: इस मामले में तुषार मेहता ने गुजरात सरकार का प्रतिनिधित्व किया।
- तथ्य1903: वह वर्ष जब यह ज़मीन कथित तौर पर औलिया-ए-दीन कमेटी (Auliya-E-Deen Committee) को दी गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: धार्मिक ट्रस्ट की भूमि के प्रबंधन और धार्मिक संरचनाओं को विनियमित करने की राज्य की शक्ति से जुड़े कानूनी और संवैधानिक जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
- क्षेत्राधिकार का ओवरलैप: राज्य की भूमि स्वामित्व और धार्मिक ट्रस्ट प्रबंधन अधिकारों के बीच टकराव
- अल्पसंख्यक अधिकार: धार्मिक ढांचों की सुरक्षा और राज्य के नेतृत्व वाले शहरी विकास के बीच संतुलन
- न्यायिक निगरानी: सांप्रदायिक संपत्ति विवादों में मध्यस्थता में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
मुख्य शब्द: न्यायिक समीक्षा · धार्मिक ट्रस्ट · सांप्रदायिक सद्भाव · राज्य प्राधिकरण · संपत्ति के अधिकार
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलियाई उप-प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स नई दिल्ली में दूसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के संवाद (Defence Ministers’ Dialogue) की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा करना है।
यह संवाद 1 जून, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। यह भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के हिस्से के रूप में अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित शुरुआती संवाद के बाद आयोजित किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदराजनाथ सिंह: भारत के रक्षा मंत्री (Defence Minister)।
- पदरिचर्ड मार्ल्स: ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और डिफेंस मिनिस्टर।
- तथ्यपहला भारत-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस मिनिस्टर्स डायलॉग (Defence Ministers’ Dialogue) अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया।
- तथ्यदूसरा डायलॉग 1 जून, 2026 को नई दिल्ली में निर्धारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी किस प्रकार भारत-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री स्थिरता के एक स्तंभ के रूप में कार्य करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- इंटरऑपरेबिलिटी लक्ष्य: समुद्री सुरक्षा के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास और साझा तकनीकी मानकों को बेहतर बनाना
- इंडस्ट्रियल सिनर्जी: आयात पर निर्भरता कम करने के लिए डिफेंस प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सहयोग का लाभ उठाना
- भू-राजनीतिक तालमेल: द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के जरिए क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करना
मुख्य शब्द: व्यापक रणनीतिक साझेदारी · मिलिट्री इंटरऑपरेबिलिटी · इंडो-पैसिफिक सुरक्षा · डिफेंस कोऑपरेशन · द्विपक्षीय संबंध
चर्चा में क्यों: ढाका में भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय ने बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान की 45वीं पुण्यतिथि मनाई। इस अवसर पर 1971 में उनके द्वारा स्वतंत्रता की घोषणा करने वाले रेडियो प्रसारण पर प्रकाश डाला गया।
ढाका में भारतीय उच्चायुक्त ने ज़िया-उर-रहमान को देश का 'बहादुर पुत्र' बताया। इस स्मरणोत्सव का मुख्य केंद्र मार्च 1971 का उनका रेडियो प्रसारण था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ प्रतिरोध करने का आह्वान किया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदज़िया-उर-रहमान: बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति।
- तथ्यमार्च 1971: ज़िया-उर-रहमान द्वारा स्वतंत्रता की घोषणा करने वाला ऐतिहासिक रेडियो ब्रॉडकास्ट (Radio Broadcast)।
- तथ्य45वीं पुण्यतिथि: मई 2026 में मनाई जाएगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 1971 के मुक्ति संग्राम के समकालीन भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना को आकार देने में महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- ऐतिहासिक निरंतरता: समकालीन सुरक्षा सहयोग के लिए साझा मुक्ति इतिहास एक आधार
- डिप्लोमैटिक सॉफ्ट पावर: पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए साझा ऐतिहासिक नैरेटिव का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मुक्ति संघर्ष · द्विपक्षीय संबंध · क्षेत्रीय सुरक्षा · ऐतिहासिक कूटनीति
चर्चा में क्यों: एक रिपोर्ट में बताया गया है कि सितंबर 2018 और सितंबर 2019 के बीच सरकारी स्कूलों की संख्या में 4.78% की कमी आई, जबकि निजी स्कूलों में नामांकन (Enrollment) में 3.6% की वृद्धि हुई।
यह रिपोर्ट सरकारी स्कूलों में गिरावट के लिए कम नामांकन वाले स्कूलों को विलय (merger) के माध्यम से बंद करने की नीति को जिम्मेदार ठहराती है। इसके प्रमुख कारकों में शिक्षकों की कमी, शिक्षण की अपर्याप्त गुणवत्ता और सीखने के परिणामों (learning outcomes) पर ध्यान न देना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यसितंबर 2018 और सितंबर 2019 के बीच सरकारी स्कूलों की संख्या में 4.78% की कमी आई।
- तथ्यउसी अवधि के दौरान प्राइवेट स्कूल में नामांकन 3.6% बढ़ गया।
- तथ्यसरकारी नीति में विलय (mergers) के माध्यम से कम नामांकन वाले स्कूलों को बंद करना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में स्कूली शिक्षा के बढ़ते निजीकरण की प्रवृत्ति के संवैधानिक शिक्षा के अधिकार और न्यायसंगत शिक्षण परिणामों पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
- संस्थागत बाधा: सरकारी स्कूलों में योग्य शिक्षकों की कमी और लर्निंग आउटकम पर फोकस का अभाव
- इक्विटी गैप: निजीकरण के रुझान कम आय वाले परिवारों के छात्रों को हाशिए पर धकेल सकते हैं
- पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: स्कूलों के विलय से मिलने वाली एफिशिएंसी बनाम ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में शिक्षा की पहुंच
मुख्य शब्द: निजीकरण · सीखने के परिणाम · शिक्षा में समानता · सार्वजनिक बुनियादी ढांचा · विलय नीति
चर्चा में क्यों: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वर्तमान में अमेरिका भारत या पाकिस्तान में से किसी को भी मिसाइल खतरा (missile threat) नहीं मानता है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच सुधरते संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि की और विशेष रूप से एंटी-टैंक गाइडेड म्यूनिशन (anti-tank guided munitions) विकसित करने के संयुक्त प्रयासों और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग का उल्लेख किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यUS डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने कहा कि वर्तमान में अमेरिका भारत और पाकिस्तान को मिसाइल थ्रेट (missile threats) नहीं मानता है।
- तथ्यअमेरिका और भारत एंटी-टैंक गाइडेड म्यूनिशन (anti-tank guided munitions) विकसित करने में संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।
- तथ्यअमेरिका और भारत इंडियन ओशन रीजन (Indian Ocean region) में सहयोग का विस्तार कर रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय सुरक्षा के संदर्भ में, संयुक्त राज्य अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बदलते राजनयिक संबंधों के बीच भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की उभरती गतिशीलता का विश्लेषण कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक बैलेंसिंग: भारत के साथ डिफेंस कोऑपरेशन और पाकिस्तान के साथ डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट को एक साथ मैनेज करना
- डिफेंस टेक्नोलॉजी: क्षेत्रीय डिटेरेंस पर जॉइंट एंटी-टैंक गाइडेड म्यूनिशन डेवलपमेंट का प्रभाव
- मैरिटाइम सिक्योरिटी: हिंद महासागर क्षेत्र में विस्तारित भारत-अमेरिका सहयोग के प्रभाव
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · क्षेत्रीय सुरक्षा · रक्षा सहयोग · भू-राजनीतिक संतुलन · समुद्री सुरक्षा
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: NASA ने चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने के चीन के 2030 तक के लक्ष्य का मुकाबला करने के लिए एक स्थायी चंद्र बेस (Lunar Base) स्थापित करने की दीर्घकालिक योजना पेश की है।
NASA की योजना में रोबोटिक लैंडर, हॉपिंग ड्रोन और लूनर वाहन शामिल हैं, जिनका रोबोटिक चरण 2029 में समाप्त होगा। बिजली के बुनियादी ढांचे और मानव आवास के निर्माण को 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकNASA ने लूनर सिस्टम विकसित करने के लिए ब्लू ओरिजिन (Blue Origin), इंट्यूटिव मशीन्स (Intuitive Machines) और एस्ट्रोबोटिक (Astrobotic) को चुना है।
- तथ्यचीन का लक्ष्य 2030 तक चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) को उतारने का है।
- तथ्यNASA की लूनर प्लान में 2029 तक रोबोटिक फेज और 2032 तक ह्यूमन हैबिटेशन (human habitation) शामिल है।
- विज्ञान-तकनीकSpaceX को इस प्रोग्राम के लिए एक विश्वसनीय ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम (human landing system) विकसित करने का काम सौंपा गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिका और चीन के बीच तीव्र होती अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा का वैश्विक अंतरिक्ष शासन और चंद्र संसाधन प्रबंधन पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक तनाव: 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर चंद्रमा पर दावों का जोखिम जो आउटर स्पेस ट्रीटी को कमजोर कर सकता है
- तकनीकी वर्चस्व: स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन जैसी कुछ निजी संस्थाओं के बीच लूनर इंफ्रास्ट्रक्चर का केंद्रीकरण
मुख्य शब्द: स्पेस गवर्नेंस · चंद्र अन्वेषण · तकनीकी संप्रभुता · स्पेस रेस · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप
GS2शासन › सिविल सेवाओं की भूमिकाप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: कैबिनेट की नियुक्तियों की समिति ने IPS अधिकारी विधि कुमार बीडी को नए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (deputation) की अनुमति देने के लिए अनिवार्य तीन साल की कूलिंग-ऑफ अवधि (cooling-off period) को माफ कर दिया है।
कैबिनेट की नियुक्तियों समिति (Appointments Committee of the Cabinet - ACC) ने IPS अधिकारी और IGP कश्मीर, विधि कुमार बीडी के लिए कूलिंग-ऑफ अवधि (cooling-off period) को माफ कर दिया है। यह छूट उन्हें सितंबर 2023 में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) से वापस लौटने के बावजूद केंद्र में प्रतिनियुक्ति (deputation) लेने की अनुमति देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाएप्पॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट (ACC): यह वह निकाय है जो केंद्रीय डिपुटेशन के लिए अधिकारियों की नियुक्ति पर निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार है।
- पदविधि कुमार बीडी: सीनियर IPS अधिकारी जो वर्तमान में IGP कश्मीर के रूप में कार्यरत हैं।
- तथ्यकूलिंग-ऑफ पीरियड (Cooling-off period): अधिकारियों के लिए एक अनिवार्य तीन साल की अवधि, जिसके बाद ही उन्हें दूसरे सेंट्रल असाइनमेंट (central assignment) के लिए विचार किया जा सकता है।
- तथ्यसितंबर 2023: वह महीना जब विधि कुमार बिर्दी को सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स (CRPF) से समय से पहले वापस भेज दिया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय सिविल सेवाओं में 'कूलिंग-ऑफ अवधि' (cooling-off period) के महत्व और प्रशासनिक निरंतरता तथा अधिकारियों के करियर विकास पर कार्यकारी छूट (executive waivers) के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- प्रशासनिक लचीलापन: सुरक्षा क्षेत्रों में तेज़ी से तैनाती की ज़रूरत और स्टैंडर्ड करियर प्रोग्रेशन नियमों के बीच संतुलन
- संस्थागत अखंडता: यह सुनिश्चित करना कि छूट से पक्षपात न हो या स्थापित सीनियरिटी और रोटेशन के नियमों को न तोड़ा जाए
मुख्य शब्द: सिविल सर्विसेज · डेप्यूटेशन · कैबिनेट की नियुक्तियों की समिति · प्रशासनिक नीति · पर्सनल मैनेजमेंट
चर्चा में क्यों: लेह, लद्दाख में पिपरहवा अवशेषों का आगमन सांस्कृतिक कूटनीति और सॉफ्ट पावर (Soft Power) के माध्यम से भारत द्वारा बौद्ध विरासत के उपयोग को रेखांकित करता है।
पिपरहवा अवशेष बौद्ध कलाकृतियों का एक महत्वपूर्ण संग्रह हैं, जिन्हें श्रीलंका, मंगोलिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड जैसे देशों में प्रदर्शित किया गया है। पाकिस्तान के साथ संघर्ष के बाद लद्दाख के स्थानीय लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए 1950 में भी इसी तरह की एक प्रदर्शनी आयोजित की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानपिपरवा अवशेष: लेह, लद्दाख में प्रदर्शित बौद्ध कलाकृतियाँ।
- तथ्यइन अवशेषों (Relics) को श्रीलंका, मंगोलिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड में प्रदर्शित किया गया है।
- पदसोनम वांगचुक शाकपो: सांस्कृतिक कूटनीति (cultural diplomacy) पर टिप्पणी करने वाले विद्वान और राजनयिक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत किस प्रकार अपनी सांस्कृतिक विरासत, विशेष रूप से बौद्ध अवशेषों का उपयोग एशिया में द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए 'सॉफ्ट पावर' के एक उपकरण के रूप में करता है, चर्चा कीजिए।
- सांस्कृतिक कूटनीति: क्षेत्रीय सद्भावना बढ़ाने के लिए साझा धार्मिक इतिहास का उपयोग
- सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: ब्रांड इक्विटी और नैतिक प्रभाव बनाने के लिए विरासत का इस्तेमाल
- ऐतिहासिक निरंतरता: आजादी के बाद की सांस्कृतिक रणनीतियों को आधुनिक डिप्लोमैटिक आउटरीच से जोड़ना
मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · सांस्कृतिक कूटनीति · बौद्ध विरासत · द्विपक्षीय संबंध · सांस्कृतिक पहुंच
चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता पंजीकरण रिकॉर्ड में 'तार्किक विसंगतियों' (logical discrepancies) के कारण पश्चिम बंगाल के 27.16 लाख से अधिक नागरिकों के मतदान के अधिकार को निलंबित कर दिया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता रिकॉर्ड में माता-पिता और बच्चों के बीच वर्तनी (spelling) में भिन्नता और आयु के अंतर जैसी विसंगतियों की पहचान की है। इन मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने के मुद्दे को हल करने के लिए वर्तमान में ट्रिब्यूनल की सुनवाई चल रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यपश्चिम बंगाल के 27.16 लाख से अधिक नागरिकों के वोटिंग राइट्स (voting rights) रजिस्ट्रेशन में विसंगतियों के कारण सस्पेंड कर दिए गए।
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची (electoral rolls) के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार संस्था है।
- स्थानयह मुद्दा विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची (electoral rolls) से संबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सटीक मतदाता सूची बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों और तकनीकी विसंगतियों के सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धांत पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- प्रशासनिक बाधा: डेटा एंट्री के अलग-अलग मानकों से पात्र मतदाताओं के बड़े पैमाने पर अधिकार छिनने का खतरा
- लोकतांत्रिक अखंडता: मतदाता पंजीकरण में छोटी क्लर्कल गलतियों से होने वाला सिस्टमैटिक एक्सक्लूजन का जोखिम
- कानूनी रास्ता: ट्रिब्यूनल की सुनवाई में देरी से मतदान के अधिकार बहाल करने में रुकावट
मुख्य शब्द: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार · चुनावी अखंडता · अधिकारों से वंचित करना · डेटा की सटीकता · लोकतांत्रिक सिद्धांत
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 36
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: खबरों के अनुसार, पाकिस्तान की ISI ने जम्मू-कश्मीर में अपने ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को मुख्यधारा की राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों में घुसपैठ करने का निर्देश दिया है, ताकि आतंकी गतिविधियों को छिपाया जा सके।
ISI सुरक्षा कार्रवाई से बचने के लिए 1990 के दशक की शुरुआत के निष्क्रिय आतंकी संगठनों को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियां वर्तमान में इन पुनर्जीवित हुए OGWs के लॉजिस्टिक नेटवर्क की निगरानी कर रही हैं और उन्हें बेअसर कर रही हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
- तथ्यरणनीति: सुरक्षा बलों के ऑपरेशंस से अपनी संपत्तियों को बचाने के लिए मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों में घुसपैठ करना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गैर-राज्य अभिकर्ताओं द्वारा राजनीतिक प्रक्रियाओं में घुसपैठ से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में खुफिया एजेंसियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- संस्थागत कमजोरी: उग्रवाद को राजनीतिक कवर देने के लिए गैर-राज्य तत्वों द्वारा लोकतांत्रिक ढांचों का शोषण
- इंटेलिजेंस गैप: वैध राजनीतिक सक्रियता और राज्य द्वारा प्रायोजित घुसपैठ के बीच अंतर करने में कठिनाई
- सुरक्षा-लोकतंत्र विरोधाभास: राजनीतिक स्वतंत्रता की रक्षा के साथ मज़बूत सर्विलांस की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: गैर-राज्य अभिनेता · असिमेट्रिक वॉरफेयर · आंतरिक सुरक्षा · राजनीतिक घुसपैठ · खुफिया जानकारी जुटाना
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: NPCI और भारत सरकार ने धोखाधड़ी को रोकने और गैस कनेक्शनों को सुव्यवस्थित करने के लिए 1 जून, 2026 से UPI और LPG के लिए नए सुरक्षा नियम लागू किए हैं।
नए UPI नियमों के तहत अब उच्च मूल्य वाले लेन-देन (high-value transactions) के लिए बायोमेट्रिक और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (two-factor authentication) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, लेन-देन से पहले नाम का सत्यापन भी आवश्यक होगा। LPG के लिए 'एक घर एक कनेक्शन' नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिसके तहत PNG धारकों को 30 दिनों के भीतर अपने LPG कनेक्शन समाप्त करने होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाNPCI: National Payments Corporation of India, जो UPI नियमों के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यUPI: हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन के लिए अब बायोमेट्रिक और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (two-factor authentication) अनिवार्य है।
- तथ्यLPG: PNG कनेक्शन धारकों को 30 दिनों के भीतर अपने LPG कनेक्शन समाप्त करने होंगे।
- तथ्यLPG: 'One House One Connection' नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: डिजिटल भुगतान प्रणालियों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और अनिवार्य नाम सत्यापन के एकीकरण से भारत के फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र में निहित प्रणालीगत जोखिमों को कम करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
- सिक्योरिटी-यूजेबिलिटी ट्रेड-ऑफ: हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन में फ्रिक्शन और सोफिस्टिकेटेड फिशिंग स्कैम्स को रोकने की ज़रूरत के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को स्टैंडर्डाइज करने में NPCI की भूमिका
मुख्य शब्द: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · फिनटेक सिक्योरिटी · टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन · रेगुलेटरी कंप्लायंस · उपभोक्ता संरक्षण
चर्चा में क्यों: केंद्र ने बीमा कंपनियों में 100% FDI को ऑटोमैटिक रूट (automatic route) के तहत अधिसूचित किया है, जबकि LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20% तय की है।
यह अधिसूचना IRDAI की देखरेख में बीमा कंपनियों में ऑटोमैटिक रूट (automatic route) के तहत 100% FDI की अनुमति देती है। LIC के लिए एक अलग फ्रेमवर्क लागू है, जिसके तहत ऑटोमैटिक रूट के माध्यम से विदेशी निवेश की सीमा 20% निर्धारित की गई है। इसके साथ ही, इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कम से कम एक भारतीय निवासी नागरिक का होना अनिवार्य है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यLIC में ऑटोमैटिक रूट (automatic route) के तहत विदेशी निवेश की सीमा 20% है।
- संस्थाIRDAI: विदेशी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों के लिए लाइसेंसिंग और कानूनों के अनुपालन की निगरानी करता है।
- अधिनियम / विधेयकसबका बीमा सबकी रक्षा (Amendment of Insurance Laws) बिल, 2025: दिसंबर 2025 में पारित।
- तथ्यविदेशी निवेश वाली बीमा कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कम से कम एक भारतीय निवासी नागरिक का होना अनिवार्य है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के उदारीकरण से भारत में पूंजी निर्माण और जोखिम-निवारण बुनियादी ढांचे को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, जबकि साथ ही घरेलू स्वामित्व की स्थिरता सुनिश्चित की जाए, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: IRDAI के कंप्लायंस एनफोर्समेंट और ग्लोबल कैपिटल के प्रवाह के बीच संतुलन
- स्वामित्व का टकराव: प्राइवेट प्लेयर्स के लिए 100% FDI बनाम LIC के लिए 20% कैप के बीच पॉलिसी ट्रेड-ऑफ
- गवर्नेंस सुरक्षा: अनिवार्य भारतीय निवासी बोर्ड सदस्यों के ज़रिए घरेलू प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: ऑटोमैटिक रूट · पूँजी निर्माण · रेगुलेटरी कंप्लायंस · उदारीकरण · जोखिम कम करना
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के लगभग बंद होने के कारण आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को देखते हुए, पेट्रोलियम मंत्रालय ने OMCs को 30 दिनों का LPG रणनीतिक भंडार (Strategic Reserves) बनाने का निर्देश दिया है।
भारत अपनी LPG खपत का लगभग 60% आयात पर निर्भर करता है। इन आयातों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक प्रमुख मार्ग है। सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए मांग प्रबंधन (demand management) के उपाय लागू किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारत अपनी LPG खपत का लगभग 60% आयात करता है।
- स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: भारत के LPG आयात के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग।
- तथ्यपेट्रोलियम मंत्रालय ने OMCs को LPG का 30 दिनों का स्ट्रैटेजिक रिज़र्व (strategic reserve) बनाए रखने का निर्देश दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भू-राजनीतिक व्यवधानों के बीच ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के रणनीतिक महत्व और रणनीतिक आरक्षितों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- सप्लाई चेन की कमजोरी: LPG आयात का 60% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर
- पॉलिसी इंटरवेंशन: कमर्शियल स्टॉक मैनेजमेंट और इमरजेंसी घरेलू डिमांड की प्राथमिकता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · रणनीतिक रिजर्व · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · भू-राजनीतिक जोखिम · डिमांड मैनेजमेंट
GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने घरेलू उपलब्धता को प्रबंधित करने के लिए 1 जून से प्रभावी पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर निर्यात शुल्क (Export Duties) में संशोधन किया है।
संशोधित निर्यात शुल्क पेट्रोल के लिए 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल के लिए 13.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के लिए 9.5 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों की लागत के आधार पर हर दो सप्ताह में इन दरों की समीक्षा करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यपेट्रोल के लिए संशोधित एक्सपोर्ट ड्यूटी: Rs 1.5 प्रति लीटर।
- तथ्यडीजल के लिए संशोधित एक्सपोर्ट ड्यूटी: Rs 13.5 प्रति लीटर।
- तथ्यएविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के लिए संशोधित एक्सपोर्ट ड्यूटी: Rs 9.5 प्रति लीटर।
- तथ्यनिर्यात शुल्क (export duties) की समीक्षा की आवृत्ति: हर दो सप्ताह में।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अस्थिर वैश्विक बाजार में घरेलू ऊर्जा सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार दायित्वों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा निर्यात शुल्क को एक उपकरण के रूप में किस प्रकार उपयोग करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट में उतार-चढ़ाव: अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के बीच घरेलू ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने का संतुलन
- ट्रेड पॉलिसी: ग्लोबल सप्लाई शॉक के दौरान घरेलू कमी को रोकने के लिए फिस्कल इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: एक्सपोर्ट ड्यूटी · ऊर्जा सुरक्षा · राजकोषीय नीति · मार्केट में उतार-चढ़ाव · घरेलू उपलब्धता
मूल खबर ↗+1 और खबरें इस विषय पर GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय कैबिनेट ने 'प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971' (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संशोधन के तहत 'वन्दे मातरम्' गाने के दौरान जानबूझकर बाधा डालना एक दंडनीय अपराध होगा।
यह संशोधन राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय ध्वज की तर्ज पर राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' को वैधानिक संरक्षण प्रदान करता है। यह कदम सरकार द्वारा इस गीत के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में किए गए आयोजन और सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधिकारिक कार्यक्रमों में छह छंद गाने के निर्देश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार करने के बाद उठाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकप्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971)।
- तथ्ययह संशोधन 'वन्दे मातरम' गाने के दौरान जानबूझकर की जाने वाली बाधा को कवर करता है।
- तथ्यसरकार राष्ट्रीय गीत का 150वां वर्ष मना रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय प्रतीकों के लिए वैधानिक सुरक्षा राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने में किस प्रकार महत्वपूर्ण है और उनके प्रति अपमानजनक कृत्यों को दंडित करने के कानूनी निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- कानूनी व्याख्या: राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा के साथ अभिव्यक्ति की आज़ादी का संतुलन
- संस्थागत निरंतरता: राष्ट्रीय गीत की कानूनी स्थिति को राष्ट्रगान और झंडे के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: सांविधिक संरक्षण · राष्ट्रीय प्रतीक · विधायी संशोधन · राष्ट्रीय एकीकरण · अभिव्यक्ति की आज़ादी
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) द्वारा 5 जून को अपनी मौजूदा नीतिगत स्थिति को बनाए रखने की उम्मीद है, जिससे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद ब्याज दरों में बढ़ोतरी को टालने की संभावना है।
MPC कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के महंगाई और विकास अनुमानों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेगा। रिटेल महंगाई के कम स्तर और वैश्विक जोखिमों के प्रति सतर्क दृष्टिकोण के कारण, RBI से 'वेट-एंड-वॉच' (wait-and-watch) मोड बनाए रखने की उम्मीद है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाMPC: मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) वह संस्था है जो RBI की मौद्रिक नीति निर्धारित करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यRBI से 5 जून की मीटिंग में मौजूदा पॉलिसी स्टैंड (policy stance) को बरकरार रखने की उम्मीद है।
- तथ्यकच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, रिटेल महंगाई (Retail inflation) को वर्तमान में 'बेनाइन' (benign) बताया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच, विकास को बनाए रखते हुए महंगाई नियंत्रण के बीच संतुलन साधने में भारतीय रिज़र्व बैंक के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- मौनेटरी-फ़िस्कल कोऑर्डिनेशन: इंटरेस्ट रेट स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ के लिए कैपिटल की ज़रूरत के बीच संतुलन
- एक्सटर्नल शॉक की संवेदनशीलता: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का घरेलू CPI और चालू खाता घाटा पर प्रभाव
- पॉलिसी ट्रांसमिशन लैग: MPC के रेट फैसलों और रिटेल लेंडिंग रेट्स पर उनके असर के बीच का समय अंतराल
मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · महंगाई लक्ष्यीकरण · लिक्विडिटी मैनेजमेंट · मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी · ट्रांसमिशन मैकेनिज्म
GS3आंतरिक सुरक्षा › सुरक्षा बल एवं एजेंसियांप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: लेफ्टिनेंट जनरल NS राजा सुब्रमण्यम ने मिलिट्री थिएटराइजेशन (Military Theaterization) और ट्राई-सर्विसेज सिनर्जी (Tri-services Synergy) को लागू करने के जनादेश के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की भूमिका संभाली।
उन्होंने पहले नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदचीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS): इंटीग्रेटेड कमांड्स पर भारत सरकार के मुख्य सैन्य सलाहकार।
- संस्थानेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (NSCS): वह संस्था जहाँ सुब्रह्मण्यम ने पहले मिलिट्री एडवाइजर के रूप में कार्य किया था।
- तथ्यमिलिटरी थिएटरइजेशन (Military theaterization): ट्राइ-सर्विसेज सिनर्जी (tri-services synergy) के लिए इंटीग्रेटेड मिलिटरी कमांड्स को लागू करने की एक रणनीतिक योजना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की त्रि-सेवा समन्वय (tri-services synergy) और एकीकृत रक्षा मुद्रा को सुदृढ़ करने में 'मिलिट्री थिएटराइजेशन' (सैन्य थिएटराइजेशन) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- ऑपरेशनल सिनर्जी: तेज़ रिस्पॉन्स के लिए सर्विस-स्पेसिफिक कमांड्स से इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड्स की ओर बदलाव
- स्वदेशीकरण की बाधा: तेज़ थिएटरइज़ेशन और स्वदेशी हथियार सिस्टम के एकीकरण की समयसीमा के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: थिएटराइजेशन · त्रि-सेवा तालमेल · स्वदेशीकरण · इंटीग्रेटेड कमांड्स · राष्ट्रीय सुरक्षा
स्रोत: एनडीटीवी ↗+3 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पर्यावरणीय गिरावट को रोकने के लिए 1 जून से 15 अक्टूबर तक गोदावरी नदी के किनारे रेत के खनन पर 'मानसून हॉलिडे' प्रतिबंध लागू किया है।
यह प्रतिबंध गोदावरी नदी के अर्ध-मशीनीकृत (semi-mechanized) हिस्सों और पट्टा भूमि पर लागू होता है। ईस्ट गोदावरी जिला अधिकारियों ने 43 हिस्सों में वितरण के लिए 14.57 लाख मीट्रिक टन रेत जमा कर रखी है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थापर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC)।
- तथ्यईस्ट गोदावरी जिले में 14.57 लाख metric tonnes रेत जमा है।
- स्थानगोदावरी नदी के प्रवाह क्षेत्र में कोव्वुरु, पेरावली, निडादवोलु, सिथानगरम, राजमहेंद्रवरम और टल्लापुडी शामिल हैं।
- तथ्यमॉनसून हॉलिडे बैन पीरियड: 1 जून से 15 अक्टूबर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नदी तल से रेत खनन के पारिस्थितिक निहितार्थों की चर्चा कीजिए और नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में मौसमी प्रतिबंधों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।
- पारिस्थितिक गिरावट: नदी की बनावट और ग्राउंडवाटर रिचार्ज पैटर्न में बदलाव
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: सेमी-मैकेनाइज्ड इलाकों में अवैध खनन की निगरानी में चुनौतियां
- संसाधन प्रबंधन: इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग और नदी जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: नदी पारिस्थितिकी · सतत संसाधन प्रबंधन · पर्यावरण गवर्नेंस · आकारिक परिवर्तन · रेगुलेटरी कंप्लायंस
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगमेन्स चर्चा में क्यों: द हिंदू हडल (The Hindu Huddle) पैनल भारत के कार्यबल (workforce) पर AI के प्रभावों पर चर्चा कर रहा है, विशेष रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों के विस्थापन और AI परिवर्तन में भारत के वैश्विक नेतृत्व के संबंध में।
भारत प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग छह मिलियन पेशेवरों को रोजगार प्रदान करता है। यह चर्चा दैनिक जीवन और पेशेवर कार्यों में Google Gemini, ChatGPT और Perplexity जैसे AI मॉडल्स के उपयोग पर प्रकाश डालती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यभारत टेक्नोलॉजी डोमेन में लगभग छह मिलियन प्रोफेशनल्स को रोजगार देता है।
- विज्ञान-तकनीकGoogle Gemini, ChatGPT और Perplexity को सूचना पुनर्प्राप्ति (information retrieval) को प्रभावित करने वाले प्रमुख AI मॉडल्स के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भारत की आकांक्षा के संदर्भ में, रोजगार विस्थापन की दोहरी चुनौती और बुनियादी ढाँचे के विकास की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
- लेबर मार्केट फ्रिक्शन: टेक-हैवी सेक्टर्स में नौकरी छिनने का जोखिम बनाम नए AI-ड्रिवन रोल्स का निर्माण
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: बड़े पैमाने पर AI मॉडल डिप्लॉयमेंट के लिए मजबूत टेक्नोलॉजी बैकबोन की ज़रूरत
- ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस: घरेलू वर्कफोर्स की सुरक्षा और ग्लोबल AI ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्व करने की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: नौकरियों का खत्म होना · AI का बदलाव · तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर · वर्कफोर्स ट्रांज़िशन · डिजिटल लीडरशिप
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारतीय रेलवे ने आंध्र प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों में परिचालन दक्षता और बुनियादी ढांचे के कार्यान्वयन में सुधार के लिए 1 जून, 2026 को आधिकारिक तौर पर साउथ कोस्ट रेलवे (SCoR) ज़ोन शुरू किया।
SCoR ज़ोन में वाल्टेयर डिवीजन शामिल है, जिसे अब रायगड़ा और विशाखापट्टनम डिवीजनों में विभाजित किया जा रहा है। यह ज़ोन लगभग 17,000 कर्मचारियों के कार्यबल का प्रबंधन करेगा और पीक सीजन के दौरान 500 से अधिक ट्रेनों का संचालन संभालेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थासाउथ कोस्ट रेलवे (SCoR): भारत में एक नया रेलवे ज़ोन, जो 1 जून, 2026 से चालू होगा।
- तथ्यSCoR वर्कफोर्स: लगभग 17,000 कर्मचारी।
- तथ्यSCoR की पीक कैपेसिटी: पीक सीजन के दौरान 500 से अधिक ट्रेनें।
- स्थानरायगडा और विशाखापट्टनम: ये वाल्टेयर डिवीजन के विभाजन से बने डिवीजन हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण तटीय रेलवे जैसे नए रेलवे क्षेत्रों के सृजन से भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन को कैसे सुव्यवस्थित किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी: हाई-ट्रैफिक कोस्टल कॉरिडोर में लॉजिस्टिकल बॉटलनैक्स कम करने के लिए डिसेंट्रलाइज्ड मैनेजमेंट
- इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी: स्थानीय प्रशासनिक निगरानी और समर्पित ज़ोनल फंडिंग के ज़रिए प्रोजेक्ट्स का सुचारू निष्पादन
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक कुशलता · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · विकेंद्रीकृत प्रशासन
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान, आतंकवादी समूहों को गुप्त संचार की सुविधा प्रदान करने के लिए जम्मू-कश्मीर में अवैध सेलुलर सिग्नल भेज रहा है।
पारंपरिक जैमर्स के उपयोग के बावजूद, जेलों में बंद कैदियों तक तस्करी किए गए मोबाइल उपकरणों के माध्यम से सिग्नल पहुँच रहे हैं। माना जा रहा है कि यह संचार YSMS सेवाओं के माध्यम से सुगम हो रहा है, जो एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन (encrypted communication) के लिए स्मार्टफोन को रेडियो सेट के साथ जोड़ देते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यYSMS services: एक ऐसी टेक्नोलॉजी जो स्मार्टफोन को रेडियो सेट के साथ जोड़कर एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन (encrypted communication) की सुविधा देती है।
- तथ्यजम्मू-कश्मीर की जेलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सिग्नल्स (signals) का पता लगाया गया।
- विज्ञान-तकनीकसुरक्षा एजेंसियों द्वारा 2019-20 में इसी तरह के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पहले एडवांस्ड एन्क्रिप्शन (Advanced encryption) तकनीकों का उपयोग किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आतंकवाद विरोधी अभियानों में उभरती संचार प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों और उन्नत सिग्नल-तटस्थीकरण (signal-neutralization) बुनियादी ढांचे की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
- तकनीकी असमानता: YSMS-आधारित एन्क्रिप्टेड रेडियो-स्मार्टफोन हाइब्रिड्स के खिलाफ पारंपरिक जैमर्स की मुश्किल
- इंटेलिजेंस गैप: हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में रॉग सिग्नल्स को खत्म करने के लिए अगली पीढ़ी की पिनपॉइंटिंग टेक्नोलॉजी की ज़रूरत
मुख्य शब्द: आतंकवाद विरोधी · सिग्नल इंटेलिजेंस · साइबर-सिक्योरिटी · असिमेट्रिक वॉरफेयर · तकनीकी न्यूट्रलाइजेशन
चर्चा में क्यों: मणिपुरी खगोलशास्त्री (Astrophysicist) डॉ. रोनाल्डो लैश्राम ने शुरुआती ब्रह्मांड में 'लोकटक प्रोटोक्लस्टर' (Loktak Protocluster) नामक एक प्राचीन गैलेक्सी सिटी की खोज की है, जो गैलेक्सी के विकास (Galactic Evolution) से जुड़ी पारंपरिक समयसीमा को चुनौती देती है।
लोक्तक प्रोटोक्लस्टर (Loktak Protocluster) गुरुत्वाकर्षण द्वारा जुड़े शिशु आकाशगंगाओं (infant galaxies) का एक विशाल समूह है, जो भविष्य में एक एकल आकाशगंगा क्लस्टर बनाने की दिशा में अग्रसर है। इस खोज को 'द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स' (The Astrophysical Journal Letters) में प्रकाशित किया गया है। इस शोध में सुबारू टेलीस्कोप (Subaru Telescope) और NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) से प्राप्त डेटा का उपयोग किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकलोकटक प्रोटोक्लस्टर (Loktak Protocluster): प्रारंभिक ब्रह्मांड में खोजा गया एक प्राचीन गैलेक्सी सिटी/प्रोटोक्लस्टर।
- विज्ञान-तकनीकसुबारू टेलिस्कोप (Subaru Telescope): खोज के लिए डेटा इकट्ठा करने के लिए उपयोग किए गए उपकरणों में से एक।
- विज्ञान-तकनीकजेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope - JWST): कॉस्मिक विसंगति (cosmic anomaly) को उजागर करने के लिए NASA के नेतृत्व में संचालित एक स्पेस ऑब्जर्वेटरी।
- तथ्ययह खोज बताती है कि भीड़भाड़ वाले कॉस्मिक वातावरण (cosmic environments) ने शुरुआती गैलेक्सी के विकास को गति दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रारंभिक ब्रह्मांड के प्रोटो-क्लस्टर्स (protoclusters) में हाल की खोजें आकाशगंगाओं के विकास के मौजूदा मॉडलों और आकाशगंगा निर्माण में ब्रह्मांडीय परिवेश की भूमिका को किस प्रकार चुनौती देती हैं? चर्चा कीजिए।
- इवोल्यूशनरी शिफ्ट: भीड़भाड़ वाले कॉस्मिक एनवायरनमेंट में तेज़ ग्रोथ के प्रमाण बनाम लीनियर ग्रोथ मॉडल
- ऑब्जर्वेशनल लीप: ग्राउंड-बेस्ड सुबारु डेटा और स्पेस-बेस्ड JWST क्षमताओं का एकीकरण
मुख्य शब्द: गैलेक्टिक इवोल्यूशन · प्रोटोक्लस्टर · एस्ट्रोफिजिक्स · कॉस्मिक एनवायरनमेंट · जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप
चर्चा में क्यों: भारत सरकार 1 जून के बाद शुरू होने वाले सभी नेट-मीटरिंग और ओपन-एक्सेस प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल्स (Solar Cells) के उपयोग को अनिवार्य करने वाले नए नियम लागू कर रही है।
नया नियम नेट-मीटरिंग और ओपन-एक्सेस प्रोजेक्ट्स के लिए घरेलू स्तर पर निर्मित सोलर सेल्स के उपयोग को अनिवार्य बनाता है। यह नियम 1 जून, 2026 के बाद शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स पर लागू होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यजेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट सेवाएं शुरू करेगा।
- स्थानजेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-NCR क्षेत्र की सेवा करने वाला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।
- तथ्यकक्षा 12 के छात्रों के लिए CBSE की री-इवैल्यूएशन (re-evaluation) प्रक्रिया 1 जून से शुरू होगी।
- तथ्यSouthern Railway ने चेन्नई Beach–Tambaram–Chengalpattu कॉरिडोर पर 200 से अधिक सबअर्बन ट्रेन सेवाओं के लिए संशोधित शेड्यूल जारी किए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: घरेलू सौर सेल के लिए निर्धारित अधिदेश भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्यों और 'मेक इन इंडिया' पहल के साथ किस प्रकार संरेखित होता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: घरेलू ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थिर करने के लिए आयातित सोलर कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
- ट्रेड-ऑफ एनालिसिस: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मैंडेट और बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल कैपेसिटी विस्तार की तत्काल ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · घरेलू मैन्युफैक्चरिंग · नेट-मीटरिंग · नवीकरणीय ऊर्जा · मेक इन इंडिया
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: बलिंकइट (Blinkit) द्वारा कथित तौर पर खराब दही बेचने के कारण एक उपभोक्ता के बीमार होने के मामले में, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी से स्पष्टीकरण और कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report - ATR) मांगी है।
FSSAI भारत में खाद्य सुरक्षा के लिए प्राथमिक रेगुलेटरी बॉडी (Regulatory Body) है। इस शिकायत में एक उपभोक्ता ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के माध्यम से दही खरीदने के बाद पेट दर्द और दस्त की समस्या का सामना किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाFSSAI: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया।
- तथ्यBlinkit: भारत में एक क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) प्लेटफॉर्म।
- पदFSSAI खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता नियमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तेजी से विस्तारित होते क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स खाद्य वितरण पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित करने में आने वाली विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी गैप: डिसेंट्रलाइज्ड डार्क स्टोर्स और थर्ड-पार्टी डिलीवरी लॉजिस्टिक्स की निगरानी में मुश्किल
- लायबिलिटी की अस्पष्टता: प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर और व्यक्तिगत वेंडर के बीच जवाबदेही तय करना
- स्टैंडर्डाइजेशन की बाधा: हाई-स्पीड डिलीवरी मॉडल में खराब होने वाले सामान के लिए कोल्ड चेन की शुद्धता बनाए रखना
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · क्विक कॉमर्स · रेगुलेटरी ओवरसाइट · उपभोक्ता संरक्षण · सार्वजनिक स्वास्थ्य
चर्चा में क्यों: सुजलॉन ने FY14 से FY18 तक की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में कथित अनियमितताओं के संबंध में SEBI द्वारा लगाए गए जुर्माने के आदेश के खिलाफ सिक्योरिटीज़ अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में अपील दायर की है।
SEBI ने सुजलॉन (Suzlon) पर 15.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, पूर्व अधिकारियों विनोद आर. तांती और गिरीश आर. तांती पर क्रमशः 5.75 करोड़ रुपये और 5.45 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नियामक (Regulator) ने पाया कि सहायक कंपनियों (Subsidiaries) से जुड़े लेनदेन से ऐसे अकाउंटिंग लाभ प्राप्त हुए, जो वास्तविक आर्थिक स्थिति को नहीं दर्शाते थे।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India, भारत का मार्केट रेगुलेटर।
- संस्थाSAT: Securities Appellate Tribunal, वह संस्था जहाँ SEBI के आदेशों के खिलाफ अपील की जा सकती है।
- तथ्यसुजलॉन (Suzlon) पर जुर्माना: 15.95 करोड़ रुपये।
- तथ्यविनोद आर. तांती पर जुर्माना: Rs 5.75 करोड़।
- तथ्यगिरीश आर. तांती जुर्माना: Rs 5.45 करोड़।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निवेशकों के विश्वास को बनाए रखने में 'सत्य और निष्पक्ष' वित्तीय रिपोर्टिंग के महत्व और लेखांकन अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: यह सुनिश्चित करना कि अकाउंटिंग गेन्स केवल पेपर ट्रांजेक्शन के बजाय वास्तविक आर्थिक स्थिति को दर्शाएं
- इन्वेस्टर प्रोटेक्शन: देनदारियों और फंड फ्लो के भ्रामक खुलासे से होने वाली इन्फॉर्मेशन एसिमेट्री को कम करना
- जुडिशियल रिव्यू: रेगुलेटरी अथॉरिटी और कॉर्पोरेट अधिकारों के बीच संतुलन बनाने में SAT की भूमिका
मुख्य शब्द: अकाउंटिंग अनियमितताएं · सूचना की असमानता · नियामक निगरानी · सच्चा और निष्पक्ष दृष्टिकोण · बाज़ार की ईमानदारी
चर्चा में क्यों: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में कुकी विद्रोहियों ने कथित तौर पर ग्रामीणों पर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया और छह लोग लापता हो गए। यह घटना तब हुई जब एक नागा गांव की पानी की आपूर्ति काट दी गई थी।
यह घटना मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हुई। कोंसाखुल विलेज अथॉरिटी ने रिपोर्ट दी कि जल पाइपलाइन की मरम्मत करने की कोशिश कर रहे लोगों पर घात लगाकर किए गए हमले के बाद छह ग्रामीण लापता हैं। नागरिक समाज की एक प्रमुख संस्था, मेइतेई एलायंस ने इस हिंसा की निंदा करते हुए इसे मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानकांगपोकपी: मणिपुर राज्य का एक जिला।
- तथ्यकांगपोकपी में एम्बुश (Ambush) के बाद छह ग्रामीणों के लापता होने की रिपोर्ट मिली है।
- पदकोनसाखुल विलेज अथॉरिटी (Konsakhul Village Authority): मणिपुर में स्थानीय प्रशासनिक निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मणिपुर में जातीय उग्रवाद के सामाजिक-आर्थिक स्थिरता और सांप्रदायिक सद्भाव पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
- मानवीय संकट: जातीय संघर्ष के हथियार के रूप में पानी की आपूर्ति जैसी ज़रूरी सेवाओं में रुकावट
- सुरक्षा में खालीपन: कांगपोकपी जैसे दूरदराज के जिलों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतियां
- सिविल सोसाइटी की भूमिका: जातीय तनावों को सुलझाने में कम्युनिटी-आधारित अंब्रेला बॉडीज का प्रभाव
मुख्य शब्द: जातीय संघर्ष · विद्रोह · मानवीय सिद्धांत · सांप्रदायिक सद्भाव · आंतरिक सुरक्षा
GS3आंतरिक सुरक्षा › सुरक्षा बल एवं एजेंसियांप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: UPSC पैनल की सिफारिश के बाद, 1991 बैच के IPS अधिकारी राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश का पूर्णकालिक डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) नियुक्त किया गया है।
मुकुल गोयल को 2022 में हटाने के बाद, राजीव कृष्ण उत्तर प्रदेश के पहले पूर्णकालिक DGP (Director General of Police) के रूप में पदभार संभालेंगे। यह नियुक्ति पांच कार्यवाहक DGPs की अवधि के बाद हुई है और इसे अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) द्वारा अनुमोदित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदराजीव कृष्ण: उत्तर प्रदेश के फुल-टाइम डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) के रूप में नियुक्त।
- तथ्यराजीव कृष्ण 1991 बैच के IPS अधिकारी हैं।
- संस्थाUPSC: DGP की नियुक्ति के लिए पैनल की सिफारिश संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) द्वारा प्रदान की गई थी।
- तथ्य2022 और 2026 के बीच उत्तर प्रदेश में पांच एक्टिंग DGPs ने सेवा दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य पुलिस बलों में प्रशासनिक निरंतरता और प्रभावी आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए स्थायी नेतृत्व के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- प्रशासनिक निरंतरता: लंबे समय तक 'एक्टिंग' स्टेटस रहने से लंबी अवधि की पुलिसिंग रणनीतियों पर जोखिम
- संस्थागत निगरानी: पुलिस नेतृत्व में योग्यता सुनिश्चित करने में UPSC की सिफारिशों की भूमिका
- ऑपरेशनल स्टेबिलिटी: एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड जैसी स्पेशल यूनिट्स पर लीडरशिप टर्नओवर का असर
मुख्य शब्द: प्रशासनिक निरंतरता · आंतरिक सुरक्षा · पुलिस नेतृत्व · योग्यता आधारित व्यवस्था · संस्थागत स्थिरता
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: 2026 की गर्मियों के दौरान, सोलर उत्पादन और शाम के समय कूलिंग की मांग के बीच आपूर्ति-मांग के असंतुलन के कारण भारत में बिजली की स्पॉट कीमतों (Spot prices) में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
दिन के समय बिजली की कीमतें गिरकर लगभग शून्य के स्तर पर आ गई हैं, जबकि रात के समय कीमतें बढ़कर रेगुलेटरी सीलिंग (regulatory ceiling) के अनुसार 10 रुपये प्रति यूनिट (kWh) तक पहुंच गई हैं। यह अस्थिरता दिन के समय सौर ऊर्जा के प्रचुर उत्पादन और शाम के समय कूलिंग (cooling) के लिए बढ़ती मांग के कारण है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यबिजली स्पॉट कीमतों के लिए रेगुलेटरी सीलिंग (Regulatory ceiling): ₹10 प्रति यूनिट (kWh)।
- तथ्यदिन के समय कम कीमतों का मुख्य कारण: सोलर पावर जनरेशन की लगभग शून्य वेरिएबल कॉस्ट (variable costs)।
- तथ्यरात के समय बिजली की ऊंची कीमतों का मुख्य कारण: कूलिंग (cooling) के लिए शाम की बढ़ी हुई डिमांड।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के विद्युत ग्रिड में आंतरायिक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के एकीकरण से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और बिजली की स्पॉट कीमतों को स्थिर करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए।
- ग्रिड स्टेबिलिटी: इंटरमिटेंट सोलर सप्लाई से होने वाले हाई-फ़्रीक्वेंसी फ्लक्चुएशन और पीक इवनिंग डिमांड को मैनेज करना
- मार्केट डिज़ाइन: पीक आवर्स के दौरान विश्वसनीय बेसलोड पावर की ज़रूरत और कम लागत वाले सोलर जनरेशन के बीच संतुलन
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: कीमतों में उतार-चढ़ाव को कम करने के लिए एडवांस्ड एनर्जी स्टोरेज और डिमांड-साइड मैनेजमेंट की ज़रूरत
मुख्य शब्द: अनिरंतरता · ग्रिड स्टेबिलिटी · नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण · डिमांड-साइड मैनेजमेंट · मार्केट में उतार-चढ़ाव
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: OpenAI के एडवांस AI मॉडल ने यूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम (Unit Distance Problem) से संबंधित पॉल एर्डोस (Paul Erdos) के एक पुराने गणितीय अनुमान (Mathematical Conjecture) को गलत साबित कर दिया है।
AI मॉडल ने कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (Combinatorial Geometry) में ऐसे उदाहरण खोजे हैं जो यह दर्शाते हैं कि एक निश्चित दूरी (एक यूनिट) पर स्थित बिंदुओं के जोड़ों की अधिकतम संख्या, पहले से अनुमानित सीमाओं से अधिक हो सकती है। यह खोज उस समस्या का समाधान करती है जिसने दशकों से विशेषज्ञों को उलझाए रखा था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकयूनिट डिस्टेंस प्रॉब्लम (Unit distance problem): कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (combinatorial geometry) की एक समस्या, जो एक निश्चित दूरी (एक यूनिट) पर स्थित बिंदुओं के अधिकतम जोड़ों की संख्या से संबंधित है।
- विज्ञान-तकनीकOpenAI: वह संगठन जिसका एडवांस AI मॉडल ने Paul Erdos conjecture को गलत साबित किया।
- तथ्ययह गणितीय अनुमान (conjecture) कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री (combinatorial geometry) की एक पुरानी समस्या थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मौलिक विज्ञान के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सफलताओं के निहितार्थों और मौलिक वैज्ञानिक अनुसंधान को स्वायत्त मॉडलों को सौंपने से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।
- एपिस्टेमिक शिफ्ट: जटिल गणित में इंसान द्वारा किए जाने वाले हाइपोथिसिस टेस्टिंग से AI-आधारित पैटर्न रिकग्निशन की ओर बदलाव
- रिसर्च का लोकतंत्रीकरण: वैज्ञानिक खोजों को तेज़ करने के लिए AI की क्षमता और थ्योरिटिकल फ्रेमवर्क्स में मानवीय अंतर्ज्ञान खोने का जोखिम
मुख्य शब्द: कॉम्बिनेटोरियल ज्योमेट्री · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · वैज्ञानिक अनुसंधान · ऑटोमेटेड रीजनिंग · गणितीय अनुमान
चर्चा में क्यों: UN क्लाइमेट चीफ साइमन स्टिल ने चेतावनी दी है कि जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) से प्रेरित जलवायु परिवर्तन भारत की भीषण गर्मी की स्थिति को और गंभीर बना रहा है। इस दावे का समर्थन PLOS क्लाइमेट में प्रकाशित एक अध्ययन द्वारा किया गया है।
PLOS Climate में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, भारत में भविष्य में अधिक खतरनाक हीटवेव (heatwaves), अनियमित मानसून और अधिक शक्तिशाली चक्रवातों का खतरा बढ़ेगा। यह रिपोर्ट ग्लेशियरों के पिघलने, पानी की कमी और तटीय शहरों के लिए बढ़ते समुद्री जलस्तर जैसे खतरों पर प्रकाश डालती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकPLOS Climate: जलवायु प्रभावों और जीवाश्म ईंधन (fossil fuel) के परिणामों पर रिपोर्ट करने वाली एक वैज्ञानिक पत्रिका।
- तथ्यभारत में जलवायु प्रभावों (Climate impacts) में ग्लेशियरों का पिघलना, समुद्र के स्तर में वृद्धि और अनिश्चित वर्षा शामिल है।
- पदसाइमन स्टिल: संयुक्त राष्ट्र के क्लाइमेट चीफ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीवाश्म ईंधन आधारित जलवायु परिवर्तन का भारत की जल विज्ञान और तटीय प्रणालियों पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए तथा स्वच्छ ऊर्जा की ओर तीव्र संक्रमण हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
- हाइड्रोलॉजिकल स्ट्रेस: अनियमित मानसून और पिघलते ग्लेशियरों से पानी की भारी कमी और बाढ़ का खतरा
- तटीय संवेदनशीलता: बढ़ता समुद्री जलस्तर शहरी बुनियादी ढांचे और तटीय इकोसिस्टम के लिए खतरा
- पॉलिसी फ्रिक्शन: औद्योगिक ऊर्जा की तत्काल मांग और सख्त पर्यावरण कानूनों की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: क्लाइमेट रेजिलिएंस · डिकार्बोनाइजेशन · हाइड्रोलॉजिकल स्ट्रेस · शमन रणनीतियाँ · फॉसिल फ्यूल ट्रांज़िशन
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत के वन और पर्यावरण मंत्री ने गुजरात के गिर क्षेत्र में 'बेबिसियोसिस' (Babesiosis) संक्रमण के संदेह में आठ शेरों की मौत की घोषणा की।
गुजरात के गिर क्षेत्र में बेबेसियोसिस (Babesiosis) संक्रमण के संदिग्ध कारण से आठ शेरों की मौत हो गई। यह संक्रमण चीतल और नीलगाय जैसे जंगली खुर वाले जानवरों में स्थानिक (endemic) है, लेकिन तनाव या सह-संक्रमण (co-infections) की स्थिति में यह शेरों के लिए घातक साबित हो सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पर्यावरणBabesia: एक परजीवी (parasite) जो चीतल और नीलगाय जैसे जंगली ungulates में स्थानिक (endemic) होता है।
- तथ्यगिर क्षेत्र में संदिग्ध Babesiosis इन्फेक्शन से आठ शेर मारे गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विलुप्तप्राय वन्यजीवों की आबादी पर ज़ूनोटिक और परजीवी रोगों के पारिस्थितिक निहितार्थों तथा प्राकृतिक चयन और मानवीय हस्तक्षेप के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
- पारिस्थितिक संतुलन: संरक्षित आवासों में प्राकृतिक मृत्यु प्रक्रिया बनाम मानव-आधारित आपातकालीन हस्तक्षेप
- पैथोजन डायनेमिक्स: संकटग्रस्त एपेक्स प्रीडेटर्स के अस्तित्व पर पर्यावरणीय तनाव और को-इन्फेक्शन का प्रभाव
मुख्य शब्द: स्थानिक बीमारी · वन्यजीव संरक्षण · प्राकृतिक चयन · ज़ूनोटिक ट्रांसमिशन · बायोडायवर्सिटी मैनेजमेंट
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शहजाद भट्टी की निगरानी कर रही हैं, जिन पर बेरोजगार युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और सीमा पार स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है।
भारतीय जांच एजेंसियों ने धार्मिक स्थलों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने की साजिश रचने के संदिग्धों में से नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। शहजाद भट्टी नामक एक पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर (Influencer) के बारे में आरोप है कि वह आपराधिक तत्वों और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के प्रयासों से जुड़ा हुआ है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यधार्मिक स्थलों और सैन्य सुविधाओं पर हमले की योजना बनाने के लिए भारतीय जांचकर्ताओं ने नौ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
- पदशाहजाद भट्टी एक पाकिस्तानी सोशल-मीडिया इन्फ्लुएंसर (influencer) हैं, जो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा पार कट्टरपंथ को सुगम बनाने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों और डिजिटल-आधारित आतंकवाद का मुकाबला करने में खुफिया एजेंसियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- एल्गोरिद्मिक वल्नरेबिलिटी: बेरोजगारों तक पहुँचने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने के लिए सोशल मीडिया एल्गोरिदम का इस्तेमाल
- क्षेत्राधिकार की बाधाएं: सीमा पार डिजिटल कंटेंट पर नियंत्रण और ऑफशोर रेडिकलाइजेशन हब की पहचान करने में कठिनाई
मुख्य शब्द: सीमा पार अपराध · कट्टरपंथ · डिजिटल आतंकवाद · इंटेलिजेंस मॉनिटरिंग · सोशल मीडिया का प्रभाव
चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि किसी प्रतियोगी के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क (Trademark) का उपयोग Google Ads कीवर्ड के रूप में करना ट्रेडमार्क का उल्लंघन माना जाएगा, भले ही वह मार्क विज्ञापन में दिखाई न दे रहा हो।
दिल्ली हाई कोर्ट ने Google LLC और Google India को आदेश दिया है कि वे Hindware को ₹30 लाख का हर्जाना संयुक्त रूप से भुगतान करें। यह फैसला डिजिटल विज्ञापन में 'इनविजिबल कीवर्ड्स' (invisible keywords) के इस्तेमाल से प्रतिस्पर्धियों से ट्रैफिक को डायवर्ट करने के मामले से संबंधित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थागूगल इंडिया, अमेरिकी टेक्नोलॉजी दिग्गज Google LLC की भारतीय सहायक कंपनी है।
- तथ्यदिल्ली हाई कोर्ट ने Hindware को ₹30 लाख के हर्जाने के रूप में संयुक्त भुगतान करने का आदेश दिया।
- विज्ञान-तकनीकInvisible keywords का अर्थ सर्च इंजन एड मेटाडेटा में विजिबल एड कॉपी के बजाय किसी प्रतियोगी के ट्रेडमार्क (trademark) का उपयोग करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एल्गोरिद्मिक खोज के युग में डिजिटल विज्ञापन में 'अदृश्य कीवर्ड्स' (invisible keywords) के कानूनी और नैतिक निहितार्थों तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों पर उनके प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- IP एनफोर्समेंट गैप: डायनेमिक डिजिटल एड ऑक्शन में नॉन-विजिबल मेटाडेटा पर निगरानी में मुश्किल
- मार्केट डिस्टॉर्शन: 'कीवर्ड स्कुवटिंग' के ज़रिए अनफेयर कॉम्पिटिशन ब्रांड एक्सक्लूसिविटी को कमज़ोर कर रहा है
- रेगुलेटरी वैक्यूम: सर्च इंजन में एल्गोरिद्मिक ट्रांसपेरेंसी और ट्रेडमार्क प्रोटेक्शन के लिए विशिष्ट गाइडलाइन्स की ज़रूरत
मुख्य शब्द: बौद्धिक संपदा अधिकार · ट्रेडमार्क उल्लंघन · डिजिटल एडवरटाइजिंग · एल्गोरिथमिक ट्रांसपेरेंसी · बाज़ार में गड़बड़ी
स्रोत: लाइवमिंट ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: ICAR-CIFRI ने उत्तर-पूर्वी भारत की स्थानिक सजावटी मछली, चन्ना स्टीवर्टी (Channa Stewartii) के हार्मोन-मुक्त कैप्टिव ब्रीडिंग (captive breeding) और लार्वा रियरिंग (larval rearing) का सफलतापूर्वक पहला परीक्षण किया है।
इस शोध में दो साल की अवधि के दौरान जंगली से पकड़े गए 30 ब्रूडर्स (brooders) को अनुकूलित (acclimatizing) किया गया। प्रजनन प्रक्रिया के दौरान हैचिंग सफलता दर 73% रही।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पर्यावरणचन्ना स्टीवर्टी (Channa Stewartii): उत्तर-पूर्व भारत की एक स्थानिक (endemic) सजावटी मछली की प्रजाति।
- संस्थाICAR-CIFRI: यह वह संस्था है जो हार्मोन-मुक्त कैप्टिव ब्रीडिंग (captive breeding) में मिली सफलता के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यहैचिंग सक्सेस रेट (Hatching success rate): 30 जंगली से पकड़े गए ब्रूडर्स (brooders) के दो साल के एक्लिमेटाइजेशन (acclimatization) के दौरान 73% हासिल किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्थानीय प्रजातियों के 'कैप्टिव ब्रीडिंग' (बंदी प्रजनन) के माध्यम से सजावटी मछली व्यापार की मांगों और नाजुक पहाड़ी-धारा पारिस्थितिकी तंत्रों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
- पारिस्थितिक दबाव: नाजुक पहाड़ी-धारा आवासों में वन्य आबादी के अत्यधिक दोहन का शमन
- आर्थिक व्यवहार्यता: टिकाऊ और हार्मोन-मुक्त ब्रीडिंग तकनीकों के जरिए एक्वाकल्चर उद्यमिता को बढ़ावा देना
- बायोडायवर्सिटी संरक्षण: स्थानिक प्रजातियों को बचाने के लिए जंगली शिकार पर निर्भरता कम करना
मुख्य शब्द: कैप्टिव ब्रीडिंग · स्थानिक प्रजातियां · एक्वाकल्चर उद्यमिता · पारिस्थितिक संरक्षण · सस्टेनेबल ट्रेड
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: WWF-India और अरुणाचल प्रदेश वन विभाग के एक अध्ययन में यह सामने आया है कि कैसे हाइड्रोपावर प्लांट और हाईवे जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं आवासों को खंडित (fragment) करके मानव-हाथी संघर्ष को बढ़ा रही हैं।
अध्ययन के अनुसार, 2007 और 2024 के बीच अरुणाचल प्रदेश में मानव-हाथी संघर्ष की 1,503 घटनाएं दर्ज की गईं। बुनियादी ढांचे के विस्तार के कारण हाथियों के वितरण क्षेत्र में 78% की वृद्धि हुई, जिससे उनके प्राकृतिक आवास का विखंडन (Habitat fragmentation) हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य2007 और 2024 के बीच अरुणाचल प्रदेश में मानव-हाथी संघर्ष (human-elephant conflict) की 1,503 घटनाएं दर्ज की गईं।
- तथ्यइंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के कारण हाथियों के वितरण रेंज (distribution range) में 78% की वृद्धि हुई।
- विज्ञान-तकनीकहाथी गलियारों (elephant corridors) के लिए एआई-आधारित सेंसर और वॉच टावर्स को न्यूनीकरण रणनीतियों (mitigation strategies) के रूप में प्रस्तावित किया गया है।
- स्थानअरुणाचल प्रदेश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अरुणाचल प्रदेश जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास और वन्यजीव संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।
- हैबिटैट फ्रैगमेंटेशन: हाइड्रोपावर और हाईवे प्रोजेक्ट्स द्वारा प्रवासी कॉरिडोर में रुकावट
- तकनीकी हस्तक्षेप: वन्यजीव प्रबंधन में AI-आधारित सेंसर बनाम फिजिकल बैरियर्स की प्रभावशीलता
- विकास के लिए ट्रेड-ऑफ: क्षेत्रीय ऊर्जा और कनेक्टिविटी लक्ष्यों के साथ जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: आवास विखंडन · मानव-वन्यजीव संघर्ष · पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · जैव विविधता संरक्षण · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
चर्चा में क्यों: *Science Advances* में किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि समुद्री हीटवेव्स (Marine heatwaves) उष्णकटिबंधीय चक्रवातों (Tropical cyclones) को और अधिक शक्तिशाली बना देते हैं, जिससे उनके तेजी से तीव्र होने की संभावना बढ़ जाती है और इससे होने वाले नुकसान में 60% की वृद्धि होती है।
अलाबामा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने चक्रवातों की तीव्रता और समुद्री हीटवेव (Marine Heatwaves) के बीच संबंध स्थापित करने के लिए 40 से अधिक वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इस अध्ययन में ईस्ट पैसिफिक, नॉर्थ अटलांटिक और नॉर्थ इंडियन ओशन बेसिन में हीटवेव की बढ़ती आवृत्ति की पहचान की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यमैरीन हीटवेव्स (Marine heatwaves) अरबों डॉलर के चक्रवात आपदाओं की संभावना को 60% तक बढ़ा देते हैं।
- स्थानबढ़ती हीटवेव्स (heatwaves) के साथ सक्रिय ट्रॉपिकल साइक्लोन बेसिन (tropical cyclone basins) की पहचान की गई है: ईस्ट पैसिफिक, नॉर्थ अटलांटिक और नॉर्थ इंडियन ओशन।
- विज्ञान-तकनीकयूनिवर्सिटी ऑफ अलबामा के शोधकर्ताओं द्वारा साइंस एडवांसेज (Science Advances) में प्रकाशित अध्ययन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समुद्री ताप-लहरें (marine heatwaves) किस प्रकार उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की तीव्रता को बढ़ाती हैं और उत्तर भारतीय महासागर में तटीय आपदा प्रबंधन के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- मेटियोरोलॉजिकल फीडबैक: समुद्री हीटवेव्स से मिलने वाली थर्मल एनर्जी से चक्रवात तेज़ी से मज़बूत हो रहे हैं
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमज़ोरी: अरबों डॉलर वाले आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति से तटीय डिजास्टर-रेज़िलिएंस बजट पर दबाव
मुख्य शब्द: समुद्री हीटवेव · तेजी से तीव्र होना · ट्रॉपिकल साइक्लोन · क्लाइमेट फीडबैक · आपदा जोखिम में कमी
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: वित्त मंत्रालय ने कपड़ा उद्योग में कच्चे माल की लागत और आपूर्ति की कमी को कम करने के लिए 1 जून, 2026 से पांच महीनों के लिए कपास के आयात पर सभी कस्टम ड्यूटी (Customs Duties) को माफ कर दिया है।
यह छूट कपास के आयात पर लगने वाले सभी सीमा शुल्क (Customs Duties) पर लागू होगी। छूट की अवधि पांच महीने की है, जो 1 जून, 2026 से 30 अक्टूबर, 2026 तक प्रभावी रहेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकॉटन के आयात पर कस्टम ड्यूटी छूट 1 जून, 2026 से शुरू होने वाले पांच महीनों के लिए वैध है।
- संस्थाइंपोर्ट ड्यूटी (Import Duty) से छूट देने के लिए वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) जिम्मेदार संस्था है।
- तथ्यछूट की अवधि 30 अक्टूबर, 2026 को समाप्त होगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की कपड़ा मूल्य श्रृंखला (textile value chain) में कच्चे माल पर आयात शुल्क के उदारीकरण और घरेलू प्राथमिक उत्पादकों के हितों की सुरक्षा के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
- इनपुट लागत में उतार-चढ़ाव: कच्चे माल की ऊंची कीमतें टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में MSMEs की प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर रही हैं
- प्रोड्यूसर-कंज्यूमर कॉन्फ्लिक्ट: उपभोक्ताओं की प्राइस-सेंसिटिविटी और घरेलू कॉटन किसानों की आजीविका के बीच संतुलन
- सप्लाई चेन रेजिलिएंस: रणनीतिक इम्पोर्ट ड्यूटी एडजस्टमेंट के जरिए मौसमी सप्लाई की बाधाओं को दूर करना
मुख्य शब्द: इनपुट लागत · MSMEs · व्यापार उदारीकरण · वैल्यू चेन · सप्लाई की कमी
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: ओडिशा सरकार ने स्टील, एल्युमीनियम और सीमेंट उद्योगों के विस्तार में सहायता के लिए कार्लापत बॉक्साइट ब्लॉक सहित 11 वर्जिन मिनरल ब्लॉक्स (virgin mineral blocks) की ई-ऑक्शन (electronic auction) प्रक्रिया शुरू की है।
खान एवं भूविज्ञान निदेशालय ने आठ खनन पट्टों (Mining Leases - ML) और तीन कंपोजिट लाइसेंस (Composite Licences - CL) के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। इस नीलामी में बॉक्साइट, लौह अयस्क, मैंगनीज, चूना पत्थर और डोलोमाइट जैसे खनिज शामिल हैं, जिसमें विशेष रूप से बॉक्साइट पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यओडिशा सरकार बॉक्साइट, आयरन ओर, मैंगनीज, लाइमस्टोन और डोलोमाइट सहित 11 वर्जिन मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी कर रही है।
- संस्थाडायरेक्टोरेट ऑफ माइन्स एंड जियोलॉजी (Directorate of Mines and Geology) वह संस्था है जो माइनिंग लीज़ और कंपोजिट लाइसेंस के लिए बिड्स (bids) आमंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है।
- स्थानकार्लापत बॉक्साइट ब्लॉक ओडिशा के कालाहांडी में स्थित है।
- तथ्यनीलामी की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक है और बोली जमा करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कार्लापट वन्यजीव अभयारण्य जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में खनन के माध्यम से औद्योगिक विस्तार और जैव विविधता के संरक्षण के बीच होने वाले संघर्ष का विश्लेषण कीजिए।
- इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए औद्योगिक खनिज की जरूरतों और संरक्षित सैंक्चुअरी में जैव विविधता के संरक्षण के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: माइनस एंड मिनरल्स एक्ट के तहत पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यावरणीय अनुपालन और टिकाऊ माइनिंग प्रैक्टिस सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: औद्योगिक विस्तार · खनिज निष्कर्षण · पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · सस्टेनेबल माइनिंग · जैव विविधता संरक्षण
चर्चा में क्यों: राज्य सरकार के साथ परामर्श के बाद, कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने इंफाल के कुकी-जो (Kuki-Zo) आबादी वाले जिलों में अपने पूर्ण शटडाउन (total shutdown) को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है।
तथ्य बॉक्स कुकी इनपी मणिपुर (KIM) और संयुक्त कुकी-जो सिविल सोसाइटी संगठनों ने 29 और 30 मई को राज्य सरकार के साथ बैठक की। सरकार द्वारा समुदायों की चिंताओं को दूर करने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के उद्देश्य से शटडाउन (shutdown) को स्थगित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानइम्फाल: मणिपुर की राजधानी, जहाँ के शटडाउन से कुकी-ज़ो (Kuki-Zo) आबादी वाले जिले प्रभावित हुए।
- तथ्यकुकी इनपी मणिपुर (Kuki Inpi Manipur - KIM): कुकी-जो समुदाय के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन।
- तथ्यपरामर्श की तारीखें: 29 और 30 मई, 2026।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में जातीय संघर्षों के मध्यस्थता करने और प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने में नागरिक समाज और समुदाय-आधारित संगठनों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत बाधा: जातीय अल्पसंख्यकों के लिए सरकारी आश्वासनों को ठोस प्रशासनिक कार्रवाई में बदलने में देरी
- सुरक्षा-गवर्नेंस नेक्सस: सामुदायिक शटडाउन और सार्वजनिक व्यवस्था व प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के राज्य के कर्तव्य के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: जातीय संघर्ष · सिविल सोसाइटी मध्यस्थता · प्रशासनिक स्थिरता · सामुदायिक शिकायतें · आंतरिक सुरक्षा
GS3आंतरिक सुरक्षा › सुरक्षा बल एवं एजेंसियांप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी के बाद एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने नए चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ (Chief of the Naval Staff) के रूप में कमान संभाली है।
एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने रविवार, 31 मई, 2026 को भारतीय नौसेना की कमान संभाली। इससे पहले वे वेस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (Flag Officer Commanding-in-Chief) के रूप में कार्यरत थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदएडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन: चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ।
- पदएडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी: वर्तमान नेवी चीफ के पूर्ववर्ती।
- तथ्यएडमिरल स्वामीनाथन पहले वेस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक जटिल समुद्री सुरक्षा परिवेश में भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता बनाए रखने में आधुनिकीकरण और विशिष्ट प्रौद्योगिकियों (niche technologies) के समावेश के महत्व की चर्चा कीजिए।
- तकनीकी बढ़त: अनिश्चित समुद्री खतरों से निपटने के लिए विशिष्ट और उभरती टेक्नोलॉजी का एकीकरण
- रणनीतिक रुख: क्षेत्रीय सुरक्षा प्रतिबद्धताओं और राष्ट्रीय आर्थिक हितों के बीच संतुलन बनाना
मुख्य शब्द: ऑपरेशनल रेडीनेस · समुद्री सुरक्षा · क्षमता में वृद्धि · आधुनिकीकरण · नीश टेक्नोलॉजीज
चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेट्स को जनसांख्यिकीय बदलावों (demographic changes) की निगरानी करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच सुरक्षा समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय गृह और सहयोग मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कच्छ जिले के भुज में एक बैठक आयोजित की। उन्होंने जिलाधिकारियों (DMs) को जनसांख्यिकीय बदलावों (demographic shifts) की निगरानी करने और BSF, कोस्ट गार्ड, इनकम टैक्स, ED और लीड बैंक मैनेजरों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पदअमित शाह: केंद्रीय गृह और सहयोग मंत्री।
- तथ्यसुरक्षा समन्वय (security coordination) में शामिल एजेंसियां: BSF, Coast Guard, Income Tax, ED और Lead Bank Managers।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में अंतर-एजेंसी समन्वय और जनसांख्यिकीय निगरानी के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- इंटेलिजेंस इंटीग्रेशन: सुरक्षा बलों और ED और इनकम टैक्स जैसी वित्तीय जांच एजेंसियों के बीच की दूरियां दूर करना
- डेमोग्राफिक सर्विलांस: राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं और व्यक्तिगत आवाजाही व निवास के संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन
- वित्तीय सुरक्षा: सीमा पार उग्रवाद के लिए इस्तेमाल होने वाले हवाला लेनदेन और अवैध धन के प्रवाह पर लगाम
मुख्य शब्द: इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन · डेमोग्राफिक मॉनिटरिंग · सीमा सुरक्षा · हवाला लेनदेन · आंतरिक सुरक्षा
GS3कृषि › पशुपालन, मत्स्य पालन एवं संबद्ध क्षेत्रप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: पंजाब यूनिवर्सिटी और बाबा फरीद NGO द्वारा किए गए एक अध्ययन में रोपर थर्मल पावर प्लांट के पास बच्चों के खून और भूजल (Groundwater) में सीसा (Lead) के संदूषण का खुलासा हुआ है।
अध्ययन में पाया गया कि रोपर के पास चार गाँवों में बच्चों के रक्त के नमूनों में 19% और बालों के नमूनों में 39% हिस्सा WHO द्वारा निर्धारित लेड (lead) की सुरक्षित सीमा से अधिक पाया गया। पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्कूलों में RO सिस्टम लगाने और प्रदूषण के मानकों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यरोपर के चार गाँवों में बच्चों के रक्त के नमूनों में 19% मामलों में WHO की लेड (lead) लिमिट से अधिक मात्रा पाई गई।
- तथ्यउसी क्षेत्र में लिए गए बालों के नमूनों में से 39% में असुरक्षित लेड (lead) की मात्रा पाई गई।
- संस्थापंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्कूलों में RO सिस्टम लगाने का निर्देश दिया।
- स्थानपंजाब में रोपड़ थर्मल पावर प्लांट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के ऊर्जा उत्पादन क्षेत्रों में औद्योगिक विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी गैप: थर्मल पावर प्लांट्स से भारी धातु के डिस्चार्ज की अपर्याप्त मॉनिटरिंग
- सार्वजनिक स्वास्थ्य का बोझ: बच्चों में लीड एक्सपोजर के लंबे समय तक रहने वाले न्यूरोलॉजिकल प्रभाव
- संस्थागत घर्षण: मानवाधिकार निकायों और औद्योगिक रेगुलेटर्स के बीच समन्वय
मुख्य शब्द: भारी धातु संदूषण · सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट · पर्यावरण न्याय · नियामक प्रवर्तन · बायोएक्युमुलेशन
GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIमेन्स चर्चा में क्यों: छह दशकों के बाद UAE द्वारा OPEC से बाहर निकलने के फैसले ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और UAE के साथ व्यापारिक समीकरणों के लिए एक नया अवसर पैदा कर दिया है।
UAE का OPEC से अलग होना छह दशकों की सदस्यता के बाद हुआ है। इस निर्णय का मुख्य कारण सऊदी अरब के साथ तनावपूर्ण संबंधों और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक कारकों को माना जा रहा है, जिसमें ईरान-UAE संबंध और सूडान एवं यमन में चल रहे संघर्ष शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाOPEC: Organization of the Petroleum Exporting Countries (पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन)।
- स्थानअबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates) की राजधानी।
- तथ्यUAE की OPEC में सदस्यता छह दशकों तक रही।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ओपेक (OPEC) जैसे वैश्विक तेल उत्पादक कार्टेलों की बदलती गतिशीलता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व के साथ उसके रणनीतिक व्यापार संबंधों को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट में उतार-चढ़ाव: OPEC के कम प्रभाव से ग्लोबल क्रूड मार्केट्स में कीमतों में अनिश्चित बदलाव हो सकता है
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: भारत के लिए पारंपरिक कार्टेल-प्रभावित कीमतों से इतर ऊर्जा खरीद को विविध बनाने का अवसर
- भू-राजनीतिक पुनर्गठन: यूएई-सऊदी तनाव और ईरान-यूएई संबंध क्षेत्रीय ऊर्जा व्यापार गलियारों को बदल रहे हैं
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · मार्केट में उतार-चढ़ाव · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · व्यापार विविधीकरण
चर्चा में क्यों: CII के एक सम्मेलन में सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि AI के जरिए 2030 तक भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र (Healthcare sector) में 12 बिलियन डॉलर का योगदान मिलने का अनुमान है।
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के कार्यालय ने उल्लेख किया है कि स्वास्थ्य सेवा में AI के एकीकरण से 2030 तक छह मिलियन (60 लाख) रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। भारत ने बीमारी के प्रबंधन और प्रकोप का पता लगाने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य वितरण में AI को शामिल करने हेतु पहले ही एक राष्ट्रीय रणनीति लागू कर दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारत के हेल्थकेयर सेक्टर में AI का अनुमानित योगदान: 2030 तक $12 बिलियन।
- संस्थाCII (Confederation of Indian Industry) ने नई दिल्ली में CIO Conclave और CIO Excellence Awards का आयोजन किया।
- विज्ञान-तकनीकPost-quantum cryptography को तकनीकी तैयारी के लिए एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण भारत की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का समाधान करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, तथा इस प्रक्रिया में रोजगार विस्थापन और डेटा सुरक्षा से संबंधित चिंताओं के प्रबंधन के उपायों का विश्लेषण कीजिए।
- डेटा प्राइवेसी: पेशेंट कॉन्फिडेंशियलिटी और बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग मॉडल्स की ज़रूरतों के बीच संतुलन
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: शहरी और ग्रामीण सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों के बीच हाई-स्पीड कंप्यूटिंग एक्सेस में असमानता
- लेबर ट्रांजिशन: AI-आधारित डायग्नोस्टिक और मैनेजमेंट टूल्स के साथ मिलकर काम करने के लिए हेल्थकेयर वर्कफोर्स को अपस्किलिंग करना
मुख्य शब्द: डेमोग्राफिक डिविडेंड · पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी · सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा · बीमारी का प्रबंधन · नौकरी सृजन
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस राजौरी जिले के डोरी माल जंगलों में आतंकवादियों को खत्म करने के लिए 'ऑपरेशन शेरवाली' चला रही हैं।
यह ऑपरेशन पिछले शनिवार को आतंकवादियों के साथ खुफिया जानकारी के आधार पर हुए संपर्क के बाद शुरू हुआ था। राजौरी जिले के घने जंगली इलाकों में तलाशी और मुठभेड़ (Combat) अभियान का यह लगातार आठवां दिन है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- स्थानडोरी माल (Dori Maal) के जंगल जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में स्थित हैं।
- पदभारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस इस ऑपरेशन को संचालित करने वाली प्राथमिक एजेंसियां हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: घने वन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा संचालित किए जाने वाले आंतरिक सुरक्षा अभियानों में आने वाली चुनौतियों और इन अभियानों में खुफिया आधारित रणनीति (intelligence-led operations) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- भूभाग की बाधाएं: घने जंगल का आवरण प्राकृतिक छिपने की जगह देता है और सैनिकों की तेज़ आवाजाही के लिए लॉजिस्टिकल मुश्किलें पैदा करता है
- इंटेलिजेंस-आधारित रणनीति: रिएक्टिव पेट्रोलिंग से हटकर आतंकी सेल को प्रोएक्टिव और इंटेलिजेंस-ड्रिवन तरीके से खत्म करना
मुख्य शब्द: आतंकवाद विरोधी अभियान · इंटेलिजेंस-लेड ऑपरेशंस · असिमेट्रिक वॉरफेयर · आंतरिक सुरक्षा · टैक्टिकल ऑपरेशंस
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