GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 9
चर्चा में क्यों: डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर चर्चा की। यह बातचीत द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत और अमेरिका में होने वाली महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की मंत्रिस्तरीय बैठक के बीच हुई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए अमेरिका का दौरा किया। यह चर्चा उस समय हुई जब भारत और अमेरिका, भारत के यूरोपीय संघ के साथ हुए FTA (Free Trade Agreement) के बाद एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदमार्को रूबियो: U.S. Secretary of State
- तथ्यभारत ने यूरोपीय संघ (European Union) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) संपन्न किया।
- विज्ञान-तकनीकफरवरी 2026 में यू.एस. द्वारा क्रिटिकल मिनरल्स (Critical minerals) मिनिस्टेरियल मीटिंग आयोजित की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण खनिजों और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- सप्लाई चेन सुरक्षा: महत्वपूर्ण खनिजों के लिए सिंगल-सोर्स ओरिजिन पर निर्भरता कम करना
- ट्रेड पॉलिसी अलाइनमेंट: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग लक्ष्यों और उदार व्यापार पहुंच के बीच संतुलन
- भू-राजनीतिक लाभ: टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और खनिज तक पहुंच सुरक्षित करने के लिए ट्रेड नेगोशिएशन का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · व्यापार उदारीकरण · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · द्विपक्षीय कूटनीति · क्रिटिकल मिनरल्स
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक के ग्रामीण श्रमिकों ने प्रस्तावित 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन' (Viksit Bharat-Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) ढांचे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि यह ढांचा MGNREGA के अधिकार-आधारित स्वरूप को कमजोर करता है।
कर्नाटक में प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि नया ढांचा MGNREGA की मांग-आधारित प्रकृति के लिए खतरा पैदा करता है। वे महिलाओं की आजीविका में सुधार और दलित समुदायों को सशक्त बनाने में इस योजना की भूमिका पर जोर देते हैं। साथ ही, वे पीक-सीजन (peak-season) रोजगार पर नई पाबंदियों और अत्यधिक डिजिटलीकरण की आलोचना भी कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनाMGNREGA: एक अधिकार-आधारित, डिमांड-ड्रिवन (demand-driven) ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना।
- तथ्यविकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन: MGNREGA को बदलने या उसमें संशोधन करने के लिए प्रस्तावित फ्रेमवर्क।
- तथ्यविरोध का स्थान: कर्नाटक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: महिला एवं दलित समुदायों के लिए सामाजिक न्याय के उपकरण के रूप में मनरेगा (MGNREGA) की प्रभावकारिता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और एक गैर-अधिकार-आधारित ढांचे की ओर संक्रमण के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- अधिकार-आधारित बनाम कल्याण-आधारित: कानूनी हक से विवेकाधीन रोजगार की ओर बदलाव से नौकरी की सुरक्षा पर असर
- सामाजिक समावेश: ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं में पिछड़े वर्गों और महिलाओं के लिए सुरक्षा जाल के कम होने की संभावना
- डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण इलाकों में अत्यधिक डिजिटलीकरण के जोखिम जिससे कम साक्षर श्रमिकों के लिए पहुंच प्रभावित होती है
मुख्य शब्द: अधिकार-आधारित दृष्टिकोण · सामाजिक न्याय · आजीविका सुरक्षा · पिछड़ा वर्ग · डिमांड-ड्रिवन एम्प्लॉयमेंट
चर्चा में क्यों: द हिंदू ने इस बात पर जोर दिया है कि बांग्लादेश में राजनीतिक संकट और 2026 में बदलते क्षेत्रीय समीकरणों के कारण भारत को अपने बहु-आयामी सुरक्षा दृष्टिकोण (multi-front security approach) का पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है।
भारत एक जटिल क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य का सामना कर रहा है, जिसमें बांग्लादेश में राजनीतिक संकट, पाकिस्तान की प्रॉक्सी वॉर (proxy war) रणनीति और तिब्बत में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति शामिल है। यह लेख उल्लेख करता है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति एक अधिक मुखर रुख अपनाने में योगदान दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यऑपरेशन सिंदूर: एक सुरक्षा ऑपरेशन जिसे भारत के आक्रामक राष्ट्रीय सुरक्षा रुख (national security posture) में योगदान देने वाला माना जाता है।
- स्थानतिब्बत: वह क्षेत्र जहाँ चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति को भारत के लिए सुरक्षा चिंता के रूप में देखा जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पड़ोस में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों से उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और बहु-आयामी सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए उपयुक्त रणनीतियों का सुझाव दीजिए।
- प्रॉक्सि वॉर की गतिशीलता: पाकिस्तान की एसिमेट्रिक वॉरफेयर रणनीति और सीमा पार घुसपैठ पर चर्चा
- क्षेत्रीय अस्थिरता: बांग्लादेश के राजनीतिक संकट के सुरक्षा प्रभावों का प्रबंधन
- बॉर्डर मैनेजमेंट: तिब्बत क्षेत्र में चीन के बढ़ते मिलिट्री फुटप्रिंट का मुकाबला
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक उथल-पुथल · बहु-मोर्चा खतरे · प्रॉक्सी वॉर · राष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति · क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर पब्लिक हेल्थ नर्स ग्रेड II पदों के लिए उच्च योग्यता (GNM डिप्लोमा) स्वीकार करने की केरल पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) की नीति को चुनौती देने वाली एक अपीलको खारिज कर दिया है।
केरल PSC ने ANM सर्टिफिकेट की आवश्यकता वाले पदों के लिए जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) में डिप्लोमा वाले उम्मीदवारों की पात्रता को बरकरार रखा है। कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट और केरल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल के फैसलों की पुष्टि की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाकेरल पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC): केरल में विभिन्न सिविल सर्विस पदों के लिए उम्मीदवारों की भर्ती के लिए जिम्मेदार राज्य निकाय।
- तथ्यजूनियर पब्लिक हेल्थ नर्स ग्रेड II: एक रिक्रूटमेंट पोस्ट जहाँ निर्धारित ANM सर्टिफिकेट के ऊपर GNM डिप्लोमा को उच्च योग्यता के रूप में स्वीकार किया गया।
- स्थानकेरल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (Kerala Administrative Tribunal): वह न्यायिक निकाय जिसके फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: योग्यता आधारित चयन (मेरिटोक्रेसी) को बनाए रखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के कुशल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए भर्ती नीतियों में प्रशासनिक लचीलेपन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- भर्ती में समानता: निर्धारित योग्यता का सख्ती से पालन और उच्च योग्यता वाले उम्मीदवारों को शामिल करने के बीच संतुलन
- प्रशासनिक स्वायत्तता: विशेषज्ञ अकादमिक रिव्यू के आधार पर पात्रता की व्याख्या करने में राज्य आयोगों की भूमिका
- सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यबल: नर्सिंग में योग्यता की मान्यता को सरल बनाकर मानव संसाधन की कमी को दूर करना
मुख्य शब्द: प्रशासनिक विवेकाधिकार · योग्यता आधारित व्यवस्था · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · न्यायिक समीक्षा · भर्ती नीति
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: रोटारियंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनिपैड्स फाउंडेशन ने तेलंगाना में 60,000 छात्राओं को दोबारा इस्तेमाल होने वाले सैनिटरी पैड वितरित करने के लिए 'प्रोजेक्ट शक्ति' (Project Shakti) शुरू किया है।
प्रोजेक्ट शक्ति के तहत तेलंगाना के 60,000 छात्रों को पुन: उपयोग योग्य सैनिटरी पैड किट प्रदान करने के लिए कुल ₹2.5 करोड़ का परिव्यय (outlay) निर्धारित किया गया है। प्रत्येक किट में तीन पैड शामिल हैं, जिन्हें 12 से 16 महीनों तक उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यप्रोजेक्ट शक्ति (Project Shakti) का लक्ष्य: तेलंगाना में 60,000 छात्राएं।
- तथ्यप्रोजेक्ट शक्ति (Project Shakti) के लिए कुल परिव्यय: ₹2.5 करोड़।
- तथ्यकिट संरचना: 12-16 महीने तक चलने वाले 3 रियूजेबल पैड्स (reusable pads)।
- स्थानउद्घाटन स्थल: वीरनारी चकला इल्म्मा विमेंस यूनिवर्सिटी, तेलंगाना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन और शैक्षिक प्रतिधारण (educational retention) को सुनिश्चित करने में 'प्रोजेक्ट शक्ति' जैसी पहल किस प्रकार सहायक हो सकती हैं, चर्चा कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण स्कूलों और यूनिवर्सिटीज में सुलभ सैनिटेशन सुविधाओं की कमी
- आर्थिक बाधा: डिस्पोजेबल पैड्स की भारी लागत से कम आय वाली छात्राओं पर असर
- व्यवहार में बदलाव: पर्यावरण कचरे को कम करने के लिए डिस्पोजेबल के बजाय दोबारा इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स अपनाना
मुख्य शब्द: मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन · लैंगिक समानता · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · शैक्षिक रिटेंशन · टिकाऊ स्वच्छता
चर्चा में क्यों: नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इन इंडिया द्वारा विभिन्न राज्यों के धर्मांतरण विरोधी कानूनों को चुनौती देने वाली एक याचिका पर, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राजस्थान एवं अरुणाचल प्रदेश सहित 12 राज्यों को नोटिस जारी किए हैं।
नेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इन इंडिया ने 12 राज्यों में लागू धर्मांतरण विरोधी कानूनों के संचालन पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बग्ची की बेंच ने इन याचिकाओं को लंबित समान याचिकाओं के साथ जोड़ने और तीन न्यायाधीशों की बेंच द्वारा संयुक्त सुनवाई करने का आदेश दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थानेशनल काउंसिल ऑफ चर्चेज इन इंडिया (National Council of Churches in India): याचिकाकर्ता राज्यों के एंटी-कन्वर्जन कानूनों को चुनौती दे रहा है।
- तथ्यराजस्थान और अरुणाचल प्रदेश सहित 12 राज्य अपने एंटी-कन्वर्जन (anti-conversion) कानूनों के संबंध में नोटिस का सामना कर रहे हैं।
- पदचीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्या बग्ची: याचिका पर सुनवाई कर रही बेंच।
मेन्स के लिए
प्रश्न: धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के संदर्भ में राज्य-विशिष्ट धर्म परिवर्तन विरोधी कानूनों की संवैधानिक वैधता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संघीय टकराव: राज्य की विधायी स्वायत्तता और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए केंद्र के संवैधानिक संरक्षण के बीच संघर्ष
- न्यायिक निगरानी: धर्मांतरण को विनियमित करने की राज्य की शक्ति और व्यक्तिगत मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन
- कानूनी अस्पष्टता: 'जबरन' बनाम 'स्वैच्छिक' धार्मिक धर्मांतरण को परिभाषित करने के लिए समान राष्ट्रीय मानकों की कमी
मुख्य शब्द: धर्म की स्वतंत्रता · संघवाद · न्यायिक समीक्षा · राज्य विधान · संवैधानिक वैधता
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना में जाति के आंकड़ों को दर्ज करने और सत्यापित करने की प्रक्रियाओं को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने जातिगत डेटा के वर्गीकरण के संबंध में आकाश गोयल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार, रजिस्ट्रार जनरल और भारत के जनगणना आयुक्त को एक पारदर्शी प्रश्नावली के लिए सुझावों पर विचार करने का निर्देश दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थारजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (Census Commissioner): जनगणना आयोजित करने और डेटा कलेक्शन (Data Collection) की निगरानी के लिए जिम्मेदार प्राधिकरण।
- तथ्य2027 जनगणना: आगामी जनगणना चक्र, जिसके लिए याचिकाकर्ता ने जाति रिकॉर्डिंग प्रक्रियाओं को चुनौती दी।
- पदसुप्रीम कोर्ट: यह शीर्ष अदालत (apex court) है जिसने नोट किया कि जनगणना के अभ्यास (census exercises) मौजूदा कानूनों और स्थापित तंत्रों द्वारा विनियमित होते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सामाजिक न्याय की प्राप्ति के लिए जनगणना में सटीक जातिगत आंकड़ों के महत्व और डेटा की अखंडता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- डेटा इंटीग्रिटी: बारीक सोशल डेटा की ज़रूरत और पहचान के साथ छेड़छाड़ के जोखिम के बीच संतुलन
- प्रशासनिक स्वायत्तता: स्वतंत्र जनगणना कार्यप्रणाली बनाए रखने में रजिस्ट्रार जनरल की भूमिका
- पारदर्शिता बनाम प्राइवेसी: व्यक्तिगत डेटा प्राइवेसी की सुरक्षा के साथ पारदर्शी प्रश्नावली सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: डेटा इंटीग्रिटी · सामाजिक न्याय · प्रशासनिक स्वायत्तता · पारदर्शिता · जनगणना की कार्यप्रणाली
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच पेन्नैयार नदी के जल-विभाजन विवाद को सुलझाने के लिए एक ट्रिब्यूनल (Tribunal) गठित करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक महीने के भीतर एक ट्रिब्यूनल (Tribunal) स्थापित करने के लिए अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया। तमिलनाडु ने तर्क दिया कि नदी के जल को नियंत्रित करने वाला 1892 का समझौता अभी भी वैध है और दोनों राज्यों पर बाध्यकारी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानपन्नईर नदी: तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच जल-बंटवारे के विवाद का विषय।
- तथ्य1892 का समझौता: तमिलनाडु द्वारा नदी के जल बंटवारे को नियंत्रित करने वाले ऐतिहासिक समझौते के रूप में उद्धृत।
- संस्थाट्रिब्यूनल (Tribunal): केंद्र सरकार द्वारा गठित वह न्यायिक निकाय, जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा विवादों को सुलझाने के लिए निर्देशित किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतर-राज्यीय जल विवादों के समाधान में केंद्र सरकार की भूमिका और संघीय जल प्रबंधन में ऐतिहासिक समझौतों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- क्षेत्राधिकार की अस्पष्टता: ऐतिहासिक जल-बंटवारा समझौतों और आधुनिक राज्य-नेतृत्व वाले संसाधन दावों के बीच टकराव
- संघीय टकराव: राज्यों की विशिष्ट जल आवश्यकताओं और अंतर-राज्यीय नदी प्रबंधन में केंद्र की भूमिका के बीच संतुलन
- कानूनी मिसाल: जल-साझाकरण की सदियों पुरानी संधियों के लागू होने पर न्यायिक हस्तक्षेप का प्रभाव
मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय जल विवाद · संघवाद · सहकारी संघवाद · जल शासन · न्यायिक निगरानी
चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-2026 के दौरान 2025 दिल्ली स्कूल एजुकेशन (Transparency in Fixation and Regulation of Fees) एक्ट को लागू नहीं करेगी।
दिल्ली सरकार ने 'जल्दबाजी में कार्यान्वयन' से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए 2025 के अधिनियम के कार्यान्वयन में देरी करने की बात कही है। वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि पुराने केंद्रीय कानून के तहत निर्धारित शुल्क पर नए कानून को पूर्वव्यापी रूप से लागू करना अनुचित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकदिल्ली स्कूल एजुकेशन (Transparency in Fixation and Regulation of Fees) एक्ट, 2025।
- स्थानदिल्ली।
- तथ्ययह कानून प्राइवेट स्कूलों की फीस को रेगुलेट (regulate) करने का प्रयास करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में निजी शैक्षणिक संस्थानों के लिए राज्य-विशिष्ट शुल्क विनियमन कानूनों के कार्यान्वयन में निहित संवैधानिक और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- कानूनी विवाद: राज्य कानूनों का रेट्रोस्पेक्टिव लागू होना बनाम मौजूदा केंद्रीय कानून सुरक्षा
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: शिक्षा को रेगुलेट करने की राज्य की शक्ति और प्राइवेट स्कूल की स्वायत्तता के बीच संतुलन
- प्रक्रियात्मक अखंडता: पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'जल्दबाजी में लागू करने' की समस्या को दूर करना
मुख्य शब्द: पिछली तारीख से लागू होना · रेगुलेटरी ओवरसाइट · फीस रेगुलेशन · पारदर्शिता · न्यायिक समीक्षा
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 16
GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स चर्चा में क्यों: विशेषज्ञों ने 16वें वित्त आयोग की वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम (Vertical Distribution Scheme) की आलोचना करते हुए इसे तमिलनाडु के लिए अनुचित बताया है, बावजूद इसके कि इसके हिस्से में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
16वें वित्त आयोग की वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन (vertical distribution) योजना के तहत दक्षिणी राज्यों की संयुक्त हिस्सेदारी में कमी देखी गई, जबकि उत्तरी राज्यों की हिस्सेदारी में वृद्धि हुई। वर्टिकल डिवोल्यूशन (vertical devolution) में केरल और कर्नाटक ने सबसे अधिक विकास दर दर्ज की, जिसमें केरल, हरियाणा के बाद दूसरे स्थान पर रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्य16th वित्त आयोग (Finance Commission) के तहत वर्टिकल डिवोल्यूशन (vertical devolution) ग्रोथ रेट्स में केरल, हरियाणा के बाद दूसरे स्थान पर रहा।
- तथ्यतमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने सब्सिडी के लिए लाभार्थियों की पहचान करने हेतु IT-enabled डेटा एनालिसिस को लागू किया है।
- संस्था16th वित्त आयोग फंड्स के वर्टिकल (vertical) और हॉरिजॉन्टल (horizontal) वितरण को निर्धारित करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 16वें वित्त आयोग के ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज हस्तांतरण मानदंडों का दक्षिणी राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- राजकोषीय असंतुलन: वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन में उत्तर और दक्षिण के राज्यों के हिस्सों के बीच अंतर
- डेटा-आधारित गवर्नेंस: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में IT-इनेबल्ड लाभार्थी पहचान की सफलता
मुख्य शब्द: वर्टिकल डिवोल्यूशन · राजकोषीय संघवाद · क्षैतिज वितरण · वित्त आयोग · सब्सिडी · डेटा-आधारित गवर्नेंस
चर्चा में क्यों: ISRO ने अपने अगली पीढ़ी के लॉन्च व्हीकल (launch vehicles) के लिए LOX-Methane इंजन वाले एक सब-स्केल थ्रस्ट चैंबर का पहला हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह परीक्षण 27 जनवरी, 2026 को ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में आयोजित किया गया। सब-स्केल थ्रस्ट चैंबर ने 56 बार का दबाव हासिल किया और सफल इग्निशन (ignition) तथा फ्लेम सस्टेनेंस (flame sustenance) का प्रदर्शन किया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थाISRO Propulsion Complex (IPRC): वह फैसिलिटी जहाँ थ्रस्ट चैम्बर हॉट टेस्ट (thrust chamber hot test) किया गया था।
- तथ्यटेस्ट के दौरान सब-स्केल थ्रस्ट चेंबर (sub-scale thrust chamber) ने 56 bar का चेंबर प्रेशर हासिल किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं और प्रक्षेपण यान की दक्षता को बढ़ाने में मीथेन-आधारित प्रणोदन प्रणालियों (propulsion systems) की ओर संक्रमण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- प्रोपेलेंट एफिशिएंसी: पारंपरिक केरोसिन-आधारित इंजनों की तुलना में बेहतर स्पेसिफिक इम्पल्स और कम कालिख उत्पादन
- इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरतें: बड़े पैमाने के लॉन्च साइट्स पर मीथेन के लिए स्पेशल क्रायोजेनिक स्टोरेज और हैंडलिंग की आवश्यकता
मुख्य शब्द: प्रोपल्शन सिस्टम्स · क्रायोजेनिक इंजन · अंतरिक्ष अन्वेषण · सब-स्केल टेस्टिंग · लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 के बजट में एक नया कानून घोषित किया है, जिसके तहत विदेशी कंपनियों को हाई-एंड आईफोन (iPhone) मशीनरी के स्वामित्व पर टैक्स से छूट दी जाएगी।
यह छूट उन विदेशी कंपनियों पर लागू होती है जो अनुबंध निर्माताओं (contract manufacturers) को मशीनरी प्रदान करती हैं और यह अवधि पांच वर्षों के लिए है। यह नीति विशेष रूप से उन फैक्ट्रियों को लक्षित करती है जो कस्टम-बॉन्डेड क्षेत्रों (customs-bonded areas) के भीतर स्थित हैं, जिन्हें भारत की सीमा शुल्क सीमा (customs border) के बाहर माना जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यहाई-एंड iPhone मशीनरी की ओनरशिप पर टैक्स छूट 2030-31 टैक्स ईयर तक वैध है।
- स्थानयह छूट केवल कस्टम-बॉन्डेड एरिया (customs-bonded areas) के भीतर स्थित फैक्ट्रियों पर लागू होती है।
- संस्थायह पॉलिसी 2026-27 के वार्षिक बजट के हिस्से के रूप में पेश की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूंजीगत वस्तुओं पर राजकोषीय प्रोत्साहन और कर छूट किस प्रकार इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनने के भारत के महत्वाकांण को गति दे सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- इंसेंटिव स्ट्रक्चर: विदेशी फर्मों के लिए टैक्स छूट और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ के लक्ष्य के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी परिमीटर: ट्रेड कंप्लायंस बनाए रखते हुए टैक्स लायबिलिटी कम करने के लिए कस्टम-बॉन्डेड एरिया का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: राजकोषीय प्रोत्साहन · इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग · कैपिटल गुड्स · कस्टम-बॉन्डेड एरिया · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश
चर्चा में क्यों: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राज्य सरकारों और अधिकारियों को यमुना नदी में प्रदूषण और आक्रामक प्रजातियों (invasive species) से स्थानीय मछली की प्रजातियों की रक्षा के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
NGT ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों को आदेश जारी किए हैं। ट्रिब्यूनल ने प्रदूषण नियंत्रण, रेत खनन के नियमन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (Sewage Treatment Plant) के कार्यान्वयन और थाई मंगुर (Thai Mangur) जैसी आक्रामक प्रजातियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal - NGT) पर्यावरणीय निर्देश जारी करने वाली प्राथमिक संस्था है।
- पर्यावरणथाई मंगुर (Thai Mangur) को यमुना नदी में एक इनवेसिव स्पीशीज (invasive species) के रूप में पहचाना गया है।
- तथ्यNGT का आदेश पांच विशिष्ट राज्यों को कवर करता है: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नदी जैव विविधता पर आक्रामक प्रजातियों के पारिस्थितिक प्रभाव की चर्चा कीजिए और नदी बहाली में न्यायिक हस्तक्षेप की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
- पारिस्थितिक असंतुलन: इनवेसिव थाई मंगुर प्रजाति द्वारा स्थानीय मछली प्रजातियों का विस्थापन
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: रेत खनन की आर्थिक गतिविधियों और नदी के पारिस्थितिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता की कमी से नदियों के आवास खराब हो रहे हैं
मुख्य शब्द: आक्रामक प्रजातियां · नदी तटीय जैव विविधता · जुडिशियल एक्टिविज्म · पारिस्थितिक बहाली · प्रदूषण कम करना
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के आईटी-बीटी मंत्री, प्रियंक खड़गे ने 'ऑरेंज इकोनॉमी' (AVGC सेक्टर) में राज्य के नेतृत्व और एनिमेशन एवं गेमिंग के लिए इसके लंबे समय से चले आ रहे नीतिगत ढांचे (Policy Framework) पर प्रकाश डाला।
कर्नाटक में 300 से अधिक AVGC स्टूडियो हैं जिन्होंने हॉलीवुड प्रोडक्शंस पर काम किया है। राज्य का लक्ष्य 2028 के अंत तक इस क्षेत्र में 50,000 से अधिक रोजगार पैदा करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यकर्नाटक में 300 से अधिक AVGC स्टूडियो हैं।
- तथ्यराज्य का लक्ष्य 2028 के अंत तक AVGC सेक्टर में 50,000 से अधिक नौकरियां पैदा करना है।
- स्थानबेंगलुरु GAFX 2026 को फरवरी में एशिया के सबसे बड़े AVGC एक्सपो (exposition) के 7वें संस्करण के रूप में आयोजित किया जाना निर्धारित है।
- तथ्यAVGC सेक्टर में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (Visual Effects), गेमिंग और कॉमिक्स शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'ऑरेंज इकोनॉमी' (नारंगी अर्थव्यवस्था) का विकास भारत के डिजिटल सामग्री और रचनात्मक उद्योगों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- स्किल गैप: हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग इंजन में विशेष वोकेशनल ट्रेनिंग की ज़रूरत
- इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड: हाई-स्पीड डेटा सेंटर और स्पेशलाइज्ड रेंडरिंग फार्म्स की ज़रूरत
- इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी: वैश्वीकृत डिजिटल मार्केट में स्वदेशी क्रिएटिव कंटेंट की सुरक्षा में चुनौतियां
मुख्य शब्द: ऑरेंज इकोनॉमी · AVGC सेक्टर · डिजिटल कंटेंट · क्रिएटिव इंडस्ट्रीज · नौकरी सृजन
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनिरत्न कैटेगरी-I (Miniratra Category-I) का दर्जा दिया है, ताकि इसकी परिचालन स्वायत्तता और निवेश क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।
यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) एक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (DPSU) है, जो चार वर्षों के भीतर एक लाभदायक इकाई में परिवर्तित हो गया है। मिनीरत्न-I (Miniratna-I) का दर्जा कंपनी के बोर्ड को बिना पूर्व सरकारी मंजूरी के ₹500 करोड़ तक का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) करने की अनुमति देता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थायंत्र इंडिया लिमिटेड (Yantra India Limited) एक डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (DPSU) है।
- तथ्यMiniratna Category-I स्टेटस के तहत ₹500 करोड़ तक का कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) बिना सरकार की पूर्व अनुमति के किया जा सकता है।
- पदराजनाथ सिंह वर्तमान में भारत के Defence Minister हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) को 'मिनीरात्न' का दर्जा प्रदान करना 'आत्मनिर्भर भारत' के उद्देश्यों और औद्योगिक स्वदेशीकरण में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- ऑपरेशनल ऑटोनॉमी: पूंजीगत खर्च और मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट्स के लिए नौकरशाही की बाधाएं कम करना
- राजकोषीय जवाबदेही: रणनीतिक रक्षा खरीद में वित्तीय स्वतंत्रता और निगरानी की ज़रूरत के बीच संतुलन
- स्वदेशीकरण पर जोर: R&D में स्वायत्त निवेश के जरिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को तेज़ करना
मुख्य शब्द: मिनीरत्न स्टेटस · पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग · स्वदेशीकरण · पूंजीगत व्यय · ऑपरेशनल ऑटोनॉमी · आत्मनिर्भर भारत
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: वन विभाग ने आदिलाबाद जिले के एक सिंचाई टैंक में छह स्मूथ-कोटेड ऑटर्स (smooth-coated otters) देखे जाने की सूचना दी है, जो इस क्षेत्र में एक संकटग्रस्त प्रजाति की मौजूदगी को दर्शाता है।
अदिलाबाद जिले के बोथ फॉरेस्ट रेंज के पास स्थित गल्लापुर गांव के एक सिंचाई टैंक में छह चिकनी खाल वाले ऊदबिलाव (Smooth-coated otters) देखे गए। यह प्रजाति IUCN रेड लिस्ट में 'वल्नरेबल' (Vulnerable) के रूप में सूचीबद्ध है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) की अनुसूची-I (Schedule I) के तहत संरक्षित है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पर्यावरणस्मूथ-कोटेड ऑटर्स (Smooth-coated otters) को IUCN रेड लिस्ट में 'vulnerable' (अतिसंवेदनशील) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
- अधिनियम / विधेयकस्मूथ-कोटेड ऑटर्स (Smooth-coated otters) को वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट (Wildlife Protection Act), 1972 की शेड्यूल I के तहत संरक्षित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सिंचाई-प्रधान परिदृश्यों में पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए संवेदनशील जलीय प्रजातियों की पहचान करने और उनके संरक्षण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर का संवेदनशील जलीय स्तनधारियों के नेचुरल कॉरिडोर पर प्रभाव
- कानूनी सुरक्षा की प्रभावशीलता: अधिक मानव-वन्यजीव संपर्क वाले क्षेत्रों में अनुसूची I सुरक्षा लागू करने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: जैव विविधता संरक्षण · IUCN रेड लिस्ट · वन्यजीव संरक्षण अधिनियम · आवास संरक्षण · जलीय पारिस्थितिकी तंत्र
चर्चा में क्यों: ISRO जून में होने वाले नियोजित लॉन्च से पहले तकनीकी समस्याओं को सुधारने के लिए एक बाहरी टीम की मदद से लगातार दो PSLV लॉन्च विफलताओं (जनवरी 2026 और मई 2025) की जांच कर रहा है।
ISRO के पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) ने 12 जनवरी, 2026 और 18 मई, 2025 को विफलताओं का सामना किया, जिसके परिणामस्वरूप उपग्रहों (satellites) को नुकसान पहुँचा। राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि जांच में एक बाहरी टीम सहायता कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकPSLV: ISRO द्वारा सैटेलाइट की तैनाती के लिए उपयोग किया जाने वाला Polar Satellite Launch Vehicle।
- तथ्यदो लगातार PSLV विफलताओं की घटनाएं 12 जनवरी, 2026 और 18 मई, 2025 को हुईं।
- पदजितेन्द्र सिंह: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए राज्य मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अंतरिक्ष अन्वेषण अभियानों की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में स्वतंत्र बाहरी ऑडिट की महत्ता का विश्लेषण कीजिए।
- तकनीकी विश्वसनीयता: कमर्शियल ट्रस्ट और सैटेलाइट की लंबी उम्र बनाए रखने के लिए मिशन की सफलता सुनिश्चित करना
- संस्थागत पारदर्शिता: निष्पक्ष विफलता विश्लेषण के लिए आंतरिक एजेंसी विशेषज्ञता और बाहरी ओवरसाइट के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · विश्वसनीयता · बाहरी ऑडिट · सैटेलाइट की तैनाती · तकनीकी जांच
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए रिकॉर्ड तोड़ रेलवे बजट आवंटन की घोषणा की।
तेलंगाना को रेल परियोजनाओं के लिए ₹5,454 करोड़ प्राप्त हुए, जो 2009–14 के औसत की तुलना में लगभग छह गुना अधिक है। आंध्र प्रदेश को ₹92,649 करोड़ की कुल परियोजनाओं के लिए ₹10,134 करोड़ प्राप्त हुए, जो 2009–14 के औसत की तुलना में ग्यारह गुना अधिक है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यवित्त वर्ष 2026–27 के लिए तेलंगाना रेलवे आवंटन: ₹5,454 करोड़।
- तथ्यवित्त वर्ष 2026–27 के लिए आंध्र प्रदेश का रेलवे आवंटन: ₹10,134 करोड़।
- स्थानप्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर: हैदराबाद–पुणे, हैदराबाद–चेन्नई और हैदराबाद–बेंगलुरु।
- तथ्यतेलंगाना में मौजूदा रेल नेटवर्क विस्तार का मूल्य: ₹47,984 करोड़।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण भारत में उच्च गति वाली रेल गलियारों (high-speed rail corridors) के विस्तार किस प्रकार क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।
- लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम करने के लिए हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे प्रमुख हब्स के बीच यात्रा के समय में कमी
- क्षेत्रीय असमानता: संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए लक्षित फ़िस्कल आउटलेज़ के ज़रिए इंफ्रास्ट्रक्चर गैप को दूर करना
मुख्य शब्द: राजकोषीय आवंटन · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · क्षेत्रीय एकीकरण · हाई-स्पीड रेल · इकोनॉमिक कॉरिडोर
चर्चा में क्यों: केरल के करिम्पुझा वन्यजीव अभयारण्य (Karimpuzha Wildlife Sanctuary) में राज्य वन विभाग के नेतृत्व में किए गए एक जीव सर्वेक्षण (faunal survey) में पक्षियों, तितलियों और ओडोनेट्स (odonates) की कई नई प्रजातियों को दर्ज किया गया है।
यह अध्ययन केरल में नवनिर्मित करिंपुझा वन्यजीव अभयारण्य (Karimpuzha Wildlife Sanctuary) में STEAR और TNHS के सहयोग से आयोजित किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानकरिम्पुझा वन्यजीव अभयारण्य केरल में स्थित है।
- तथ्यसर्वेक्षण में 171 पक्षी प्रजातियों, 177 तितली प्रजातियों और 42 ओडोनेट (Odonate) प्रजातियों को दर्ज किया गया।
- संस्थायह सर्वे स्टेट फॉरेस्ट डिपार्टमेंट द्वारा STEAR और TNHS के सहयोग से संचालित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में नवनिर्मित वन्यजीव अभयारण्यों के प्रभावी प्रबंधन और संरक्षण में प्राणी सर्वेक्षण (faunal surveys) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- डेटा-आधारित संरक्षण: आवास-विशिष्ट सुरक्षा उपायों के लिए बेसलाइन बायोडायवर्सिटी डेटा ज़रूरी
- संस्थागत तालमेल: राज्य वन विभागों और गैर-सरकारी शोध संस्थाओं के बीच साझा निगरानी
मुख्य शब्द: जैव विविधता दस्तावेज़ीकरण · पशु सर्वेक्षण · आवास संरक्षण · प्रजातियों की समृद्धि · वन्यजीव प्रबंधन
चर्चा में क्यों: PRSI चर्चा के वक्ताओं ने MSME विकास और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यूनियन बजट-2026 की प्रशंसा की।
केंद्रीय बजट-2026 में ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड और 'कॉरपोरेट मित्र' पहल शामिल है। इसमें आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए चिप निर्माण, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के लिए फंडिंग का भी प्रावधान है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यग्रोथ फंड (Growth Fund): Union Budget-2026 में MSME सपोर्ट के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित।
- संस्थाकॉरपोरेट मित्र (Corporate Mitras): MSMEs को संस्थागत सहायता प्रदान करने वाली एक पहल।
- योजनाTreDS: MSMEs को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाने वाला मैकेनिज्म (Mechanism)।
- तथ्यबजट में चिप्स मैन्युफैक्चरिंग, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के लिए फंडिंग शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के औद्योगिक विकास में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के महत्व पर चर्चा कीजिए और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में 'ट्रेड्स' (TReDS) और 'ग्रोथ फंड्स' जैसे राजकोषीय उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।
- क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: सूक्ष्म उद्यमों के लिए पूंजी की उच्च लागत और कोलैटरल की आवश्यकताओं को दूर करना
- सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: MSMEs को अनौपचारिक इकाइयों से एकीकृत हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलना
- फ़िस्कल मल्टीप्लायर: ग्रामीण और अर्ध-शहरी इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ के ग्रोथ फंड का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: MSME · आत्मनिर्भरता · राजकोषीय नीति · औद्योगिक विकास · टीआरडीएस · कॉरपोरेट मित्र
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री ने सरकारी हाई स्कूलों में एडवांस रोबोटिक्स किट के वितरण का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य छात्रों को बुनियादी ऑटोमेशन से AI के अनुप्रयोगों की ओर ले जाना है।
केरल सरकार तिरुवनंतपुरम के छह स्कूलों में 'लिटिल KITEs IT क्लब' के सदस्यों को 2,500 रोबोटिक्स किट वितरित कर रही है। ये किट IoT-आधारित उपकरणों के निर्माण और ब्लॉक कोडिंग, पायथन (Python) तथा सी. जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं को सीखने के लिए तैयार की गई हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाKITE: केरल के जनरल एजुकेशन डिपार्टमेंट (General Education Department) की टेक्नोलॉजी विंग।
- तथ्यLittle KITEs IT Club के सदस्यों को 2,500 रोबोटिक्स किट्स वितरित किए गए।
- विज्ञान-तकनीकRobotics किट्स IoT-आधारित डिवाइसेस और Python, C, और Block Coding में प्रोग्रामिंग को सपोर्ट करते हैं।
- स्थानतिरुवनंतपुरम, केरल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक विद्यालयों में रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिक्षा को एकीकृत करने से ग्रामीण भारत में डिजिटल विभाजन को पाटने और नवाचार को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायता मिल सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- स्किल गैप: थ्योरेटिकल कोडिंग से प्रैक्टिकल आईओटी और एआई हार्डवेयर एप्लिकेशंस की ओर बदलाव
- इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: ग्रामीण सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट और स्थिर बिजली की ज़रूरत
- शिक्षा पद्धति में बदलाव: सरकारी स्कूलों में रट्टा मारने के बजाय प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग पर ज़ोर
मुख्य शब्द: डिजिटल साक्षरता · STEM शिक्षा · इंटरनेट ऑफ थिंग्स · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · कौशल विकास
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: U.S.-India Strategic Partnership Forum (USISPF) ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया है। इस दौरान उन्होंने सीमा शुल्क (customs) में सुधार, क्लाउड सेवाओं के लिए टैक्स प्रोत्साहन और AI एवं डेटा केंद्रों में निवेश पर विशेष जोर दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपायों को शामिल किया गया है। USISPF ने क्लाउड सेवाओं के लिए सीमा शुल्क सुधार और टैक्स इंसेंटिव्स (tax incentives) को विकास के प्रमुख कारकों के रूप में पहचाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्ययूनियन बजट 2026-27 में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने के लिए विशिष्ट उपायों को शामिल किया गया है।
- तथ्यबजट में क्लाउड सर्विसेज (cloud services) के लिए विशेष टैक्स इंसेंटिव्स (tax incentives) का प्रावधान है।
- तथ्यUSISPF ने AI, IT और डेटा सेंटर्स में निवेश को प्रमुख ग्रोथ एनेबलर्स (growth enablers) के रूप में रेखांकित किया।
- संस्थाUSISPF: U.S.-India Strategic Partnership Forum.
मेन्स के लिए
प्रश्न: तकनीकी रूप से संचालित सुधार और सीमा शुल्क सुगमीकरण किस प्रकार अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति को सुदृढ़ कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: AI-आधारित उद्योगों के लिए हाई-कैपेसिटी डेटा सेंटर और स्थिर बिजली की ज़रूरत
- रेगुलेटरी ईज़: आयातित इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लैंडेड कॉस्ट को कम करने पर कस्टम सुधारों का असर
- कैपिटल फ्लो: बड़े पैमाने पर औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट के लिए कैपिटल इंटरमीडिएशन को मजबूत करना
मुख्य शब्द: व्यापार सुगमता · कैपिटल इंटरमीडिएशन · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · क्लाउड सेवाएँ · निवेश आकर्षण
चर्चा में क्यों: केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अपनी एक दशक की प्रगति की रिपोर्ट दी है, जिसमें रोबोटिक्स और ड्रोन के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी नवाचारों पर प्रकाश डाला गया है।
केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) ने अपनी स्थापना के समय से अब तक 7,800 से अधिक स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की है। इसके द्वारा समर्थित प्रमुख संस्थाओं में जेनरोबोटिक्स (Genrobotics - रोबोटिक एक्सोस्केलेटन तकनीक), फ्यूजलेज इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड (Fuselage Innovations Private Ltd - ड्रोन तकनीक) और यूनिक वर्ल्ड रोबोटिक्स (Unique World Robotics - UWR) शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यKSUM ने अपनी शुरुआत से अब तक 7,800 से अधिक स्टार्टअप्स को सपोर्ट दिया है।
- योजनाStartup Infinity: KSUM द्वारा विशेष रूप से एक्सपैट्स (Expats) के लिए डिज़ाइन किया गया एक प्रोग्राम।
- योजनाफ्रीडम स्क्वायर (Freedom Square): छात्र उद्यमिता (student entrepreneurship) के लिए KSUM द्वारा बनाया गया एक समर्पित स्थान।
- योजनाStartup Pod: workation कल्चर को बढ़ावा देने के लिए KSUM की एक पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल स्टार्टअप मिशन जैसे राज्य-संचालित मिशन भारत में शैक्षणिक अनुसंधान और वाणिज्यिक औद्योगिक अनुप्रयोग के बीच के अंतराल को पाटने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, चर्चा कीजिए।
- इंसेंटिव अलाइनमेंट: हाई-रिस्क डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए पब्लिक फंडिंग और प्राइवेट इक्विटी की ज़रूरतों के बीच संतुलन
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: राज्य स्तर पर रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए स्पेशलाइज्ड टेस्टिंग लैब्स की ज़रूरत
मुख्य शब्द: स्टार्टअप इकोसिस्टम · डीप-टेक इनोवेशन · राज्य-नेतृत्व वाला विकास · वर्केशन कल्चर · उद्यमिता
GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय इतिहास में पहली बार किसी सप्ताहांत (weekend) पर केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बजट के नीतिगत प्रभावों को सरल बनाने के लिए इसके साथ 'पॉकेट-साइज पॉलिटिक्स' (Pocket-size politics) कार्टून सीरीज भी साझा की गई।
केंद्रीय बजट 2026 की घोषणा 1 फरवरी, 2026 को की गई। बजट भाषण की अवधि 85 मिनट थी। नागरिकों पर राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) के प्रभावों को दर्शाने के लिए इसमें सौम्यदीप सिन्हा द्वारा बनाए गए कार्टूनों की एक श्रृंखला भी शामिल की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्ययूनियन बजट 2026 का भाषण 85 मिनट तक चला।
- तथ्यबजट 1 फरवरी, 2026 को पेश किया गया, जो भारतीय इतिहास में पहला वीकेंड प्रेजेंटेशन (weekend presentation) था।
- पदनिर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लोकतांत्रिक भागीदारी और आर्थिक साक्षरता को सुनिश्चित करनेके लिए जटिल राजकोषीय नीतियों को जन-उपभोग हेतु सरल बनाना क्यों महत्वपूर्ण है? चर्चा कीजिए।
- सूचना की असमानता: जटिल फिस्कल शब्दावली के कारण जमीनी स्तर पर मैक्रोइकोनॉमिक बदलावों को समझना मुश्किल
- कम्युनिकेशन रणनीति: पॉलिसी बनाने और जन जागरूकता के बीच की दूरी कम करने के लिए विजुअल मीडिया का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: राजकोषीय पारदर्शिता · आर्थिक साक्षरता · सार्वजनिक संवाद · नीति का सरलीकरण
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: IIT-गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने औद्योगिक उपयोग के लिए सब-नैनोमीटर सटीकता के साथ अणुओं को अलग करने हेतु पॉलीऑक्सोमेटलेट (POM) क्लस्टर्स का उपयोग करके एक सिंथेटिक मेंब्रेन (Synthetic Membrane) विकसित किया है।
इस नवाचार में 'POMbranes' का उपयोग किया गया है। ये लचीली और स्थिर पतली फिल्में (thin films) हैं, जो 'टेल्स' (tails) से जुड़े पॉलीऑक्सोमेटैलेट क्लस्टर्स (polyoxometalate clusters) द्वारा बनाई जाती हैं। ये क्लस्टर्स स्वयं को व्यवस्थित करके ऐसे फिल्टर बनाते हैं जिनमें सटीक आकार के छेद होते हैं। इनका उपयोग अणुओं को उनके आकार और वजन के आधार पर अलग करने के लिए किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकPOMmembranes: पॉलीऑक्सोमेटलेट (polyoxometalate) क्लस्टर्स से बने सिंथेटिक मेंब्रेन (Synthetic membranes)।
- विज्ञान-तकनीकमैकेनिज्म: POM क्लस्टर्स और उनसे जुड़े 'tails' खुद को व्यवस्थित करके सब-नैनोमीटर प्रिसिजन (sub-nanometer precision) के साथ फिल्टर्स में बदल लेते हैं।
- तथ्यकार्य: वर्तमान में उपलब्ध मेंब्रेन (membranes) की तुलना में अधिक सटीकता के साथ आकार और वजन, दोनों के आधार पर अणुओं को अलग करना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में औद्योगिक विनिर्माण और रासायनिक प्रसंस्करण के क्षेत्र में नैनो-तकनीकी और सिंथेटिक झिल्लियों (सिंथेटिक मेंब्रेन) में होने वाली प्रगति किस प्रकार क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है, चर्चा कीजिए।
- प्रिसिजन इंजीनियरिंग: हाई-प्योरिटी केमिकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सब-नैनोमीटर फिल्ट्रेशन क्षमताएं
- मटेरियल साइंस: पारंपरिक मेम्ब्रेन टेक्नोलॉजी के लिए स्केलेबल विकल्प के रूप में सेल्फ-असेंबलिंग POM क्लस्टर्स
मुख्य शब्द: नैनोटेक्नोलॉजी · सिंथेटिक मेंब्रेन · पॉलीऑक्सोमेटैलेट · मॉलिक्यूलर सेपरेशन · मटेरियल साइंस
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