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भाग I · स्था. 11.2025 
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द हिंदू करेंट अफेयर्स हिंदी में — 19 दिसंबर 2025

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GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स

केंद्र सरकार फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (FRA) के तहत वन अधिकारों की मान्यता और प्रबंधन प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और सुव्यवस्थित करने के लिए TARANG पोर्टल विकसित कर रही है

चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (FRA) के तहत वन अधिकारों की मान्यता और प्रबंधन प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और सुव्यवस्थित करने के लिए TARANG पोर्टल विकसित कर रही है।

जनजातीय कार्य मंत्रालय, राष्ट्रीय जनजातीय अनुसंधान संस्थान के सहयोग से TARANG पोर्टल विकसित कर रहा है। यह पोर्टल दावों को दर्ज करने, डिजिटल टाइटल डीड (title deeds) जारी करने और वन क्षेत्रों की मैपिंग के लिए एक सिंगल विंडो के रूप में कार्य करेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाTARANG: वन अधिकारों की पहचान और प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय वेब पोर्टल।
  • पदट्राइबल अफेयर्स मिनिस्ट्री (Ministry of Tribal Affairs): TARANG पोर्टल प्रोजेक्ट के लिए नोडल मिनिस्ट्री।
  • संस्थानेशनल ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (National Tribal Research Institute): TARANG पोर्टल के विकास के लिए सहयोगी संस्था।
  • तथ्ययह पोर्टल डिजिटल टाइटल डीड (title deeds) प्रदान करेगा और वन अधिकारों के लिए लीगेसी डेटा (legacy data) को स्टोर करेगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वन अधिकार मान्यता के डिजिटलीकरण से ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण और वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन में सुधार की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।

  • प्रशासनिक बाधा: सिंगल-विंडो डिजिटल इंटरफेस के जरिए क्लेम प्रोसेसिंग में देरी कम करना
  • डेटा इंटीग्रिटी: वन क्षेत्रों की सटीक मैपिंग और पुराने भूमि रिकॉर्ड का सुरक्षित स्टोरेज सुनिश्चित करना
  • एम्पॉवरमेंट मैकेनिज्म: सुलभ डिजिटल टूल्स के जरिए संसाधन प्रबंधन में ग्राम सभा की स्वायत्तता को बढ़ाना

मुख्य शब्द: ग्राम सभा · वन अधिकार अधिनियम · डिजिटल गवर्नेंस · जनजातीय कल्याण · भूमि स्वामित्व

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स

गृह मंत्रालय (MHA) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा इस योजना के अपर्याप्त कार्यान्वयन को देखते हुए 'सपोर्ट टू पुअर प्रिजनर्स' (Support to Poor Prisoners) योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है

चर्चा में क्यों: गृह मंत्रालय (MHA) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा इस योजना के अपर्याप्त कार्यान्वयन को देखते हुए 'सपोर्ट टू पुअर प्रिजनर्स' (Support to Poor Prisoners) योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है।

केंद्र सरकार ने उन निर्धन कैदियों की सहायता के लिए ₹20 करोड़ आवंटित किए हैं जो जुर्माना या जमानत की राशि देने में असमर्थ हैं। संशोधित फ्रेमवर्क (framework) के तहत पात्र मामलों की जांच के लिए जिला स्तर पर एक सशक्तित समिति (Empowered Committee) और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजनानिर्धन कैदियों को सहायता: गृह मंत्रालय की एक योजना जो गरीब कैदियों को जुर्माने और ज़मानत (sureties) के भुगतान में सहायता प्रदान करती है।
  • तथ्यकेंद्र ने 'सपोर्ट टू पुअर प्रिज़नर्स' (Support to Poor Prisoners) स्कीम के लिए ₹20 करोड़ आवंटित किए।
  • संस्थाडिस्ट्रिक्ट-लेवल एम्पवर्ड कमेटी (District-level Empowered Committee): संशोधित गाइडलाइन्स के तहत पात्र मामलों की जांच करने के लिए अधिकृत निकाय।
  • तथ्ययह योजना आतंकवाद, बलात्कार और मानव तस्करी के आरोपी व्यक्तियों को बाहर रखती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'निर्धन कैदियों को सहायता' योजना किस प्रकार निर्धन वर्ग के न्यायिक कारावास की समस्या का समाधान करती है, इस पर चर्चा कीजिए और इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • संस्थागत बाधा: राज्यों द्वारा अलग-अलग तरीके से लागू करना और मानक जांच तंत्र की कमी
  • कानूनी-नैतिक समझौता: गरीब कैदियों के लिए बेल के अधिकार और जघन्य अपराधों के अपराधियों को बाहर रखने के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: न्यायिक कारावास · निर्धन कैदी · प्रक्रियात्मक न्याय · जेलों में क्षमता से अधिक आबादी · सामाजिक न्याय

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व एवं कर्तव्यप्रीलिम्स + मेन्स

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिन व्यक्तियों के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, उन्हें राज्य की निगरानी (State Surveillance) से डरने की जरूरत नहीं है

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि जिन व्यक्तियों के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, उन्हें राज्य की निगरानी (State Surveillance) से डरने की जरूरत नहीं है। अदालत ने निजता के अधिकार (Right to Privacy) को एक मौलिक अधिकार के रूप में बरकरार रखा।

सुप्रीम कोर्ट ने फोन टैपिंग मामले में आरोपी और तेलंगाना स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) के पूर्व प्रमुख टी. प्रभाकर राव की पुलिस हिरासत को 25 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी प्रकार के दंडात्मक कदम (coercive steps) उठाने पर रोक लगा दी है और अगली सुनवाई की तारीख 16 जनवरी तय की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदटी. प्रभाकर राव: तेलंगाना स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) के पूर्व प्रमुख।
  • तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने जीवन के अधिकार के तहत प्राइवेसी (Privacy) को एक मौलिक अधिकार के रूप में बरकरार रखा।
  • तथ्यटी. प्रभाकर राव की पुलिस कस्टडी 25 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए राज्य की निगरानी करने की शक्ति और व्यक्तिगत निजता के मौलिक अधिकार के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का विश्लेषण कीजिए।

  • संवैधानिक संघर्ष: अनुच्छेद 21 के संरक्षण और राज्य की सुरक्षा की ज़रूरतों के बीच संतुलन
  • न्यायिक निगरानी: मनमानी निगरानी और इंटेलिजेंस एजेंसियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों की ज़रूरत

मुख्य शब्द: निजता का अधिकार · स्टेट सर्विलांस · मौलिक अधिकार · न्यायिक समीक्षा · खुफिया जानकारी जुटाना

राजस्थान हाई कोर्ट ने छात्र संघ चुनाव के लिए तत्काल आदेश देने से इनकार कर दिया है और राज्य सरकार को 19 जनवरी, 2026 तक एक नीति और समिति बनाने का निर्देश दिया है

चर्चा में क्यों: राजस्थान हाई कोर्ट ने छात्र संघ चुनाव के लिए तत्काल आदेश देने से इनकार कर दिया है और राज्य सरकार को 19 जनवरी, 2026 तक एक नीति और समिति बनाने का निर्देश दिया है।

अदालत ने फैसला सुनाया कि हालांकि छात्रों के पास लोकतांत्रिक अधिकार हैं, लेकिन उन्हें शिक्षा के अधिकार पर हावी नहीं होना चाहिए। यह निर्णय COVID-19 महामारी, विधानसभा चुनावों और नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के कारण हुए वर्षों के स्थगन के बाद लिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानराजस्थान हाई कोर्ट: राजस्थान राज्य की न्यायिक संस्था।
  • तथ्यपॉलिसी और कमेटी के गठन की डेडलाइन: 19 जनवरी, 2026।
  • तथ्यटालने के कारक: COVID-19 महामारी, विधानसभा चुनाव और नई शिक्षा नीति (New Education Policy) का कार्यान्वयन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: शैक्षणिक संस्थानों में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और शैक्षणिक निरंतरता तथा शिक्षा के अधिकार को बनाए रखने के बीच संतुलन के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • संस्थागत टकराव: छात्रों की राजनीतिक सक्रियता और अकादमिक प्रशासनिक प्राथमिकताओं के बीच संतुलन
  • पॉलिसी वैक्यूम: छात्र संघ चुनाव के लिए राज्य स्तर के स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क की कमी
  • शिक्षा का अधिकार: यह सुनिश्चित करना कि छात्रों की राजनीतिक गतिविधियाँ सीखने के प्राथमिक अधिकार में बाधा न डालें

मुख्य शब्द: लोकतांत्रिक अधिकार · शिक्षा का अधिकार · न्यायिक निगरानी · छात्रों का प्रतिनिधित्व · नीति निर्धारण

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स

भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की सुनवाई प्रक्रिया की निगरानी के लिए 4,000 माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त कर रहा है

चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की सुनवाई प्रक्रिया की निगरानी के लिए 4,000 माइक्रो-ऑब्जर्वर नियुक्त कर रहा है। इसका उद्देश्य उन मतदाताओं की पुष्टि करना है जो 2002 की मतदाता सूची (electoral roll) से जुड़े नहीं हैं।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पश्चिम बंगाल में लगभग 4,000 माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात कर रहा है। ये ऑब्जर्वर 27 दिसंबर से 7 फरवरी, 2026 तक निर्धारित SIR सुनवाई प्रक्रिया के दौरान इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स की सहायता करेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यपश्चिम बंगाल SIR सुनवाई प्रक्रिया के लिए विशेष रूप से 4,000 माइक्रो-ऑब्जर्वर (micro-observers) नियुक्त किए जा रहे हैं।
  • तथ्यSIR हियरिंग प्रक्रिया का उद्देश्य उन मतदाताओं को सत्यापित करना है जिन्हें 2002 की मतदाता सूची (electoral roll) से मैप नहीं किया जा सका।
  • तथ्यपश्चिम बंगाल में सुनवाई की प्रक्रिया 27 दिसंबर से 7 फरवरी, 2026 तक चलने के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में एक सुदृढ़ मतदाता सूची के रखरखाव के महत्व और स्वतंत्र निरीक्षण की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: डुप्लीकेट एंट्री या धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए मतदाताओं की सटीक मैपिंग सुनिश्चित करना
  • प्रशासनिक निगरानी: निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कार्यकारी अधिकारियों और स्वतंत्र माइक्रो-ऑब्जर्वर की भूमिका में संतुलन
  • पारदर्शिता: चुनावी पुनरीक्षण के लिए व्यवस्थित सुनवाई प्रक्रियाओं के जरिए जनता का भरोसा बढ़ाना

मुख्य शब्द: मतदाता सूची · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे · भारत निर्वाचन आयोग · लोकतांत्रिक अखंडता · माइक्रो-ऑब्जर्वर

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा कर्नाटक में किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में यह सामने आया है कि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों तथा प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (PUC) के 12.5% छात्रों में हाइपरटेंशन (Hypertension) पाया गया है

चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा कर्नाटक में किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में यह सामने आया है कि सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों तथा प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (PUC) के 12.5% छात्रों में हाइपरटेंशन (Hypertension) पाया गया है।

स्वास्थ्य जांच में पूरे कर्नाटक में 5.77 लाख छात्र उच्च रक्तचाप (Hypertension) से प्रभावित पाए गए। सबसे अधिक प्रसार विजयपुरा जिले में दर्ज किया गया, जिसके बाद बेलगावी, रायचूर, कलबुर्गी, दावणगेरे, तुमकुरु और मंड्या का स्थान आता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकर्नाटक में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों और PUC के 12.5% छात्रों में हाइपरटेंशन (Hypertension) पाया गया।
  • तथ्यकर्नाटक में हाइपरटेंशन (Hypertension) से पीड़ित छात्रों की कुल संख्या 5.77 लाख है।
  • स्थानविजयपुरा जिले में राज्य में हाइपरटेंशन (Hypertension) वाले छात्रों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई।
  • संस्थायह हेल्थ चेक-अप कर्नाटक के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर (Department of Health and Family Welfare) द्वारा आयोजित किया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में स्कूली बच्चों के बीच गैर-संचारी रोगों (NCDs) के बढ़ते प्रसार के कारणों पर चर्चा कीजिए और इस सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता के समाधान हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।

  • डायग्नोस्टिक गैप: ग्रामीण जिलों में स्टैंडर्डाइज्ड स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल और पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी
  • लाइफस्टाइल में बदलाव: किशोरों के कार्डियोवास्कुलर हेल्थ पर सुस्त जीवनशैली और प्रोसेस्ड फूड के सेवन का असर
  • पॉलिसी इंटरवेंशन: NCDs की रोकथाम और नियंत्रण के लिए नेशनल प्रोग्राम में अनिवार्य हेल्थ स्क्रीनिंग को जोड़ने की ज़रूरत

मुख्य शब्द: गैर-संचारी रोग · बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर · सार्वजनिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग · लाइफस्टाइल बीमारियां · निवारक स्वास्थ्य सेवा

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › संवैधानिक संस्थाएं (CAG, UPSC, वित्त आयोग, NCSC...)मेन्स

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने PSCs के अध्यक्षों के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सार्वजनिक सेवा आयोगों (PSCs) से ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को प्राथमिकता देने और 'परिणामों की समानता' (equality of outcomes) के लिए प्रयास करने का आग्रह किया

चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने PSCs के अध्यक्षों के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सार्वजनिक सेवा आयोगों (PSCs) से ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को प्राथमिकता देने और 'परिणामों की समानता' (equality of outcomes) के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।

तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TGPSC) द्वारा हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में PSCs के अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। UPSC के अध्यक्ष अजय कुमार ने UPSC के शताब्दी वर्ष और तकनीक को अपनाकर एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (Centre of Excellence) बनने के इसके दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाTGPSC: तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने PSCs के चेयरपर्सन के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
  • पदअजय कुमार: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के चेयरपर्सन।
  • तथ्यUPSC: वर्तमान में 2025 तक अपने शताब्दी वर्ष (centenary year) में है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सुशासन को सुदृढ़ करनेके लिए सिविल सेवकों की भर्ती प्रक्रिया में 'परिणामों की समानता' और सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • मेरिट बनाम इक्विटी: लोक सेवा में अवसर की समानता के सिद्धांत और परिणामों की समानता के उद्देश्य के बीच संतुलन
  • इंटीग्रिटी फ्रेमवर्क: उम्मीदवार की ईमानदारी की जांच के लिए संस्थागत तंत्र, जो शैक्षणिक और तकनीकी दक्षता से परे हो
  • तकनीकी एकीकरण: भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: परिणामों की समानता · ईमानदारी · योग्यता आधारित व्यवस्था · पारदर्शिता · गवर्नेंस फ्रेमवर्क · सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक के बेलगावी में 81 'आरोग्य सेतु' मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक के बेलगावी में 81 'आरोग्य सेतु' मोबाइल हेल्थ यूनिट्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनका उद्देश्य दूरदराज के और दुर्गम क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना है।

81 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स (MHUs) में डॉक्टरों, नर्सों और तकनीशियनों की तैनाती की जाएगी। इनका मुख्य उद्देश्य परामर्श, डायग्नोस्टिक टेस्ट, मुफ्त दवाएं और रेफरल सेवाएं प्रदान करना है। इस पहल के लिए वित्त पोषण नेशनल हेल्थ मिशन और राज्य सरकार के अनुसूचित जाति उप-योजना (Scheduled Caste Sub-Plan) और जनजातीय उप-योजना (Tribal Sub-Plan) के आवंटन के माध्यम से किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजनाआरोग्य सेतु: कर्नाटक में दूरदराज के क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए मोबाइल हेल्थ यूनिट्स (MHUs) शुरू की गईं।
  • तथ्यकर्नाटक के बेलगावी में 81 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स (Mobile Health Units) लॉन्च किए गए।
  • तथ्यMHUs परामर्श, डायग्नोस्टिक टेस्ट, मुफ्त दवाइयां और रेफरल सेवाएं प्रदान करते हैं।
  • तथ्यफंडिंग के स्रोतों में नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) और स्टेट शेड्यूल्ड कास्ट सब-प्लान (State Scheduled Caste Sub-Plan) और ट्राइबल सब-प्लान (Tribal Sub-Plan) शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता के अंतर को पाटने में मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयाँ (मोबाइल हेल्थ यूनिट्स) किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर कर प्राथमिक डायग्नोस्टिक सेवाएँ प्रदान करना
  • फ़िस्कल सिनर्जी: हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए सब-प्लान का इस्तेमाल ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का समान वितरण सुनिश्चित हो सके

मुख्य शब्द: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा · लास्ट-माइल डिलीवरी · स्वास्थ्य समानता · मोबाइल हेल्थ यूनिट्स · सब-प्लान फंडिंग

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स

केरल में पालतू जानवरों को छोड़ने की समस्या को रोकने और आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए

चर्चा में क्यों: केरल में पालतू जानवरों को छोड़ने की समस्या को रोकने और आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए, स्टेट एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने आवारा कुत्तों के टीकाकरण के कड़े उपायों और पंचायत राज एवं नगर पालिकाओं अधिनियम (Panchayat Raj and Municipalities Acts) में विधायी संशोधन की सिफारिश की है।

स्टेट एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने पालतू कुत्तों के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग, टीकाकरण के लिए माइक्रोचिपिंग और आइसोलेशन केनेल्स (isolation kennels) की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। ये सिफारिशें सार्वजनिक स्थानों से नसबंदी और टीकाकरण के बाद आवारा कुत्तों को हटाने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दी गई हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थास्टेट एनिमल वेलफेयर बोर्ड (State Animal Welfare Board): केरल में पशु कल्याण नीतियों की सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
  • अधिनियम / विधेयकपचायत राज एक्ट और म्युनिसिपैलिटीज एक्ट: पेट डॉग्स (pet dogs) को छोड़ने से रोकने के लिए संशोधन के लिए प्रस्तावित एक्ट।
  • तथ्यमाइक्रोचिप्स: पालतू कुत्तों में वैक्सीनेशन ट्रैक करने के लिए अनिवार्य उपयोग का प्रस्ताव।
मेन्स के लिए

प्रश्न: शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और आवारा पशु प्रबंधन के लिए एक प्रभावी बहु-हितधारक ढांचे का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: अनिवार्य लाइसेंसिंग और माइक्रोचिपिंग की कमी से पालतू जानवरों को लावारिस छोड़ने की समस्या
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: आइसोलेशन केनल्स और शेल्टर सुविधाओं की कमी से प्रभावी नसबंदी और रीलोकेशन में बाधा
  • क्षेत्राधिकार का टकराव: लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट्स और एनिमल हसबेंड्री विभागों के बीच तालमेल ज़रूरी

मुख्य शब्द: वन हेल्थ · अर्बन गवर्नेंस · सार्वजनिक सुरक्षा · पशु कल्याण · विधायी संशोधन

NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ ने पूर्व CJI जस्टिस बी.आर

चर्चा में क्यों: NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ ने पूर्व CJI जस्टिस बी.आर. गवई को संवैधानिक कानून और सामाजिक समावेश (Social Inclusion) पर शोध का नेतृत्व करने के लिए बी.आर. अंबेडकर चेयर प्रोफेसर नियुक्त किया है।

NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ ने जस्टिस बी.आर. गवई को बी.आर. अंबेडकर चेयर प्रोफेसर नियुक्त किया है। विश्वविद्यालय ने इस पहल को समर्थन देने के लिए अनुराग भास्कर (सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्लानिंग, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निदेशक) और वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर को एडजंक्ट प्रोफेसर (Adjunct Professor) के रूप में भी नियुक्त किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाNALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ: वह संस्थान जहाँ B.R. Ambedkar चेयर स्थित है।
  • पदजस्टिस बी.आर. गवई: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को चेयर प्रोफेसर (Chair Professor) के रूप में नियुक्त किया गया।
  • तथ्यB.R. Ambedkar चेयर संवैधानिक कानून (Constitutional Law), न्याय तक पहुंच (Access to Justice) और सामाजिक समावेश (Social Inclusion) पर केंद्रित है।
  • तथ्यइस चेयर (Chair) की स्थापना सरकारी फंडिंग से की गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में सामाजिक समावेश और संवैधानिक साक्षरता को बढ़ावा देने में शैक्षणिक कुर्सियों (Academic Chairs) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत तालमेल: कानूनी सिद्धांत और सामाजिक न्याय के बीच की दूरी कम करने के लिए न्यायपालिका विशेषज्ञों और शैक्षणिक निकायों के बीच सहयोग
  • फंडिंग डायनेमिक्स: कानूनी चर्चा में पिछड़े समुदायों को प्राथमिकता देने पर सरकारी फंडेड रिसर्च चेयर्स का प्रभाव

मुख्य शब्द: संवैधानिक कानून · सामाजिक समावेश · न्याय तक पहुँच · अकादमिक रिसर्च · न्यायिक शिक्षा पद्धति

GS2शासन › सरकारी नीतियां एवं योजनाएंप्रीलिम्स

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई सिटी पार्टनरशिप – सस्टेनेबल अर्बन सर्विसेज प्रोग्राम के हिस्से के रूप में चेन्नई में 125 लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई सिटी पार्टनरशिप – सस्टेनेबल अर्बन सर्विसेज प्रोग्राम के हिस्से के रूप में चेन्नई में 125 लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस परियोजना के अंतर्गत चेन्नई के पांच डिपो में 625 लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को चरणों में तैनात किया जाएगा। इसे वर्ल्ड बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यअपग्रेड किए गए पूनमल्ली डिपो (Poonamallee depot) से 125 नई लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया गया।
  • संस्थायह प्रोजेक्ट वर्ल्ड बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) द्वारा समर्थित है।
  • योजनायह पहल चेन्नई सिटी पार्टनरशिप – सस्टेनेबल अर्बन सर्विसेज प्रोग्राम (Sustainable Urban Services Programme) का हिस्सा है।
  • तथ्यपांच डिपो में चरणबद्ध तरीके से रोलआउट के लिए लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों का कुल लक्ष्य 625 है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय महानगरों में शहरी प्रदूषण और सतत परिवहन लक्ष्यों को प्राप्त करने में अंतर्राष्ट्रीय वित्तपोषण और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (विद्युत गतिशीलता) के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • फाइनेंसिंग मॉडल: इंफ्रास्ट्रक्चर गैप को भरने के लिए मल्टीलैटरल फंडिंग (वर्ल्ड बैंक, AIIB) का इस्तेमाल
  • पर्यावरण सुधार: पब्लिक ट्रांजिट के चरणबद्ध इलेक्ट्रिफिकेशन के जरिए शहरी कार्बन फुटप्रिंट कम करना
  • अर्बन मोबिलिटी: समावेशी सिटी ट्रांसपोर्ट के लिए लो-फ्लोर बस डिज़ाइन के ज़रिए पहुंच बढ़ाना

मुख्य शब्द: सस्टेनेबल अर्बन सर्विसेज · इलेक्ट्रिक मोबिलिटी · मल्टीलैटरल फाइनेंसिंग · डीकार्बोनाइजेशन · सार्वजनिक परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेप्रीलिम्स + मेन्स

बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को 'मेड इन महाराष्ट्र' (Made in Maharashtra) शराब नीति के संबंध में नोटिस जारी किया है

चर्चा में क्यों: बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को 'मेड इन महाराष्ट्र' (Made in Maharashtra) शराब नीति के संबंध में नोटिस जारी किया है। इस नीति के तहत बार्स के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे कम से कम 25% स्थानीय रूप से निर्मित ब्रांड्स का स्टॉक रखें।

इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWA) ने इस नीति को चुनौती दी है। इस संस्था ने आरोप लगाया है कि यह नीति संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन करती है और एक कृत्रिम वर्गीकरण (artificial classification) पैदा करती है। महाराष्ट्र सरकार ने इस नीति के लागू होने के बाद से राजस्व में हुई वृद्धि का हवाला देते हुए इसका बचाव किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाISWA: इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया।
  • तथ्य'Made in Maharashtra' पॉलिसी के तहत बार्स में स्थानीय रूप से निर्मित ब्रांड्स का कम से कम 25% स्टॉक अनिवार्य है।
  • स्थानबॉम्बे हाई कोर्ट: राज्य की लिकर पॉलिसी (liquor policy) की वैधता पर अधिकार क्षेत्र।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अनिवार्य खरीद कोटा के माध्यम से स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की नीति को संवैधानिक अधिकारों के आधार पर किस सीमा तक चुनौती दी जा सकती है? का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • संवैधानिक टकराव: राज्य की आर्थिक नीति और समानता तथा व्यापार की स्वतंत्रता के अधिकार के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी स्क्रूटनी: राज्य द्वारा औद्योगिक प्रमोशन में 'आर्टिफिशियल क्लासिफिकेशन' की वैधता का आकलन
  • राजस्व बनाम अधिकार: राज्य के एक्साइज रेवेन्यू को अधिकतम करने और निजी संस्थाओं के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के बीच तनाव

मुख्य शब्द: संवैधानिक अधिकार · कृत्रिम वर्गीकरण · राज्य नीति · आबकारी राजस्व · न्यायिक समीक्षा

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेप्रीलिम्स + मेन्स

दिल्ली हाई कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के उल्लंघन का हवाला देते हुए लोकपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया है

चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के उल्लंघन का हवाला देते हुए लोकपाल के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें CBI को सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्ज-शीट दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि लोकपाल का मंजूरी आदेश (sanction order) त्रुटिपूर्ण था क्योंकि इसमें कार्यवाही के दौरान दिए गए तर्कों और प्रस्तुतियों की अनदेखी की गई थी। लोकपाल को एक महीने के भीतर अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • तथ्यदिल्ली हाई कोर्ट ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों (principles of natural justice) के उल्लंघन के कारण विशेष रूप से मंजूरी के आदेश (sanction order) को रद्द कर दिया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: लोकपाल जैसे स्वतंत्र निगरानी निकायों के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • प्रक्रियात्मक अखंडता: जांच के लिए मंजूरी देने से पहले यह सुनिश्चित करना कि निगरानी निकाय उचित प्रक्रिया का पालन करें
  • न्यायिक निगरानी: वैधानिक निकायों के प्रशासनिक और अर्ध-न्यायिक कार्यों की समीक्षा में हाई कोर्ट की भूमिका

मुख्य शब्द: प्राकृतिक न्याय · न्यायिक समीक्षा · जवाबदेही · ड्यू प्रोसेस · सांविधिक निकाय

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › कार्यपालिका (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री)प्रीलिम्स + मेन्स

मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया है कि वह बड़े राजनीतिक जमावड़ों और रैलियों को विनियमित करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को 5 जनवरी, 2026 तक अंतिम रूप देकर प्रकाशित करे

चर्चा में क्यों: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया है कि वह बड़े राजनीतिक जमावड़ों और रैलियों को विनियमित करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को 5 जनवरी, 2026 तक अंतिम रूप देकर प्रकाशित करे।

यह SOP (Standard Operating Procedure) 5,000 से अधिक प्रतिभागियों वाले आयोजनों, जिनमें जुलूस, रोडशो और विरोध प्रदर्शन शामिल हैं, को नियंत्रित करता है। इसमें पुलिस द्वारा लगाई गई शर्तों के उल्लंघन पर दंड देने के प्रावधान शामिल हैं। साथ ही, यह सरकार से TVK और AIADMK जैसी राजनीतिक पार्टियों द्वारा सुझाए गए संशोधनों पर विचार करने की अपेक्षा करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययह SOP 5,000 से अधिक प्रतिभागियों वाले जमावड़े पर लागू होता है।
  • स्थानमद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को फाइनल SOP जारी करने का निर्देश दिया।
  • तथ्यफाइनल SOP को पब्लिश करने की डेडलाइन 5 जनवरी, 2026 है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य की नियामक शक्तियों और शांतिपूर्ण सभा तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकार और शांतिपूर्ण सभा के संवैधानिक अधिकार के बीच संतुलन
  • लोकतांत्रिक समावेशिता: प्रशासनिक SOPs में विविध राजनीतिक हितधारकों से फीडबैक शामिल करके प्रक्रियात्मक निष्पक्षता सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: सार्वजनिक व्यवस्था · सभा करने का अधिकार · प्रशासनिक SOP · न्यायिक निगरानी · अभिव्यक्ति की आज़ादी

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भीड़ कम करने के उद्देश्य से उन क्षेत्रों में अलग से जिला अस्पताल बनाने की योजना की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भीड़ कम करने के उद्देश्य से उन क्षेत्रों में अलग से जिला अस्पताल बनाने की योजना की घोषणा की है, जहाँ वर्तमान में सरकारी मेडिकल कॉलेज जिला अस्पतालों से जुड़े हुए हैं।

यह पहल उन क्षेत्रों को लक्षित करती है जहाँ की जनसंख्या 10 लाख से अधिक है और बेड ऑक्यूपेंसी रेट (bed occupancy rates) 70% से अधिक है। बीदर, कोडागु, चामराजनगर, विजयनगर और हावेरी में नए अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यनए अस्पतालों के लिए लक्षित जनसंख्या: 10 लाख से अधिक।
  • तथ्यनए अस्पतालों के लिए टारगेट बेड ऑक्यूपेंसी रेट (bed occupancy rate): 70% से अधिक।
  • स्थाननए अस्पतालों के लिए पहचाने गए जिले: बिदर, कोडागु, चामराजनगर, विजयनगर और हवेरी।
  • तथ्यविजयनगर अस्पताल का निर्धारित उद्घाटन: फरवरी 2026।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के प्रबंधन की चुनौतियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार के लिए चिकित्सा सेवाओं के विकेंद्रीकरण की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: 70% से अधिक बेड ऑक्यूपेंसी ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स को सीमित किया
  • सर्विस डिलीवरी में कमी: जुड़े हुए मेडिकल कॉलेजों में भीड़ के कारण मरीजों को विशेष देखभाल मिलने में बाधा

मुख्य शब्द: स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · विकेंद्रीकरण · सार्वजनिक स्वास्थ्य तक पहुँच · बेड ऑक्यूपेंसी

GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 13

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कॉर्पोरेशनों (Corporations) का पर्यावरण की रक्षा करने और प्रजातियों के विलुप्त होने को रोकने का मौलिक कर्तव्य है

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कॉर्पोरेशनों (Corporations) का पर्यावरण की रक्षा करने और प्रजातियों के विलुप्त होने को रोकने का मौलिक कर्तव्य है। कोर्ट ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की व्याख्या करते हुए इसमें पर्यावरण संरक्षण को भी शामिल किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और गुजरात में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) के आवासों के पास काम करने वाली कंपनियों को इस प्रजाति के संरक्षण (recovery) का खर्च उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संशोधित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों और GIB पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर दीर्घकालिक अध्ययन के लिए दी गई सिफारिशों को भी बरकरार रखा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB): एक संकटग्रस्त पक्षी प्रजाति जिसे राजस्थान और गुजरात में संरक्षण के लिए प्राथमिकता के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (Corporate Social Responsibility - CSR) की व्याख्या में स्पष्ट रूप से एन्वायरमेंटल रिस्पॉन्सिबिलिटी (environmental responsibility) को शामिल किया।
  • स्थानराजस्थान और गुजरात: इन राज्यों को ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard) के प्रमुख आवासों के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के दायरे में अनिवार्य पर्यावरण संरक्षण और प्रजाति संरक्षण को शामिल करने के कानूनी और नैतिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • कानूनी व्याख्या: CSR के दायरे को स्वैच्छिक परोपकार से अनिवार्य पारिस्थितिक बहाली दायित्वों तक बढ़ाना
  • आर्थिक ट्रेड-ऑफ: औद्योगिक परिचालन लागत और जैव विविधता संरक्षण के वित्तीय बोझ के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: कॉर्पोरेट द्वारा संचालित प्रजाति रिकवरी प्रयासों की निगरानी के लिए स्टैंडर्डाइज्ड मैट्रिक्स की ज़रूरत

मुख्य शब्द: कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी · जैव विविधता संरक्षण · पर्यावरण न्यायशास्त्र · प्रजातियों की रिकवरी · पारिस्थितिक कर्तव्य

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

भारत सरकार दिसंबर में पूरक अनुदान की मांग (Supplementary Demands for Grants) का उपयोग तब करती है जब वास्तविक खर्च फरवरी में प्रस्तुत किए गए शुरुआती अनुमानों से अधिक हो जाता है और अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार दिसंबर में पूरक अनुदान की मांग (Supplementary Demands for Grants) का उपयोग तब करती है जब वास्तविक खर्च फरवरी में प्रस्तुत किए गए शुरुआती अनुमानों से अधिक हो जाता है और अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है।

वार्षिक बजट फरवरी में प्रस्तुत किया जाता है ताकि अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए खर्च की योजना बनाई जा सके। पूरक अनुदान की मांगें (Supplementary Demands for Grants) दिसंबर में प्रस्तुत की जाती हैं, जो वित्त वर्ष के 8-9 महीने बीत जाने के बाद प्राप्त सटीक खर्च के आंकड़ों पर आधारित होती हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यसप्लीमेंट्री डिमांड्स फॉर ग्रांट्स (Supplementary Demands for Grants) आमतौर पर दिसंबर में प्रस्तुत किए जाते हैं।
  • तथ्यवार्षिक बजट फरवरी में प्रस्तुत किया जाता है, जो अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए होता है।
  • तथ्यसप्लीमेंट्री डिमांड्स (Supplementary Demands) वार्षिक बजट प्रेजेंटेशन के दौरान किए गए खर्च के अनुमानों पर आधारित होते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय संघ बजट में राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने और अप्रत्याशित व्ययों को समायोजित करने में 'पूरक अनुदान मांगों' (Supplementary Demands for Grants) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय लचीलापन: अनियोजित खर्च की ज़रूरत और संसदीय निगरानी के सिद्धांत के बीच संतुलन
  • अनुमान की सटीकता: शुरुआती बजट अनुमान और मध्य-वर्ष के वास्तविक खर्च की जरूरतों के बीच के अंतर को दूर करना

मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · अतिरिक्त मांगें · बजटीय अनुमान · व्यय प्रबंधन · राजकोषीय अनुशासन

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

ISRO ने LVM3-M6 मिशन के हिस्से के रूप में, अमेरिका स्थित AST SpaceMobile द्वारा विकसित 6,500 किलोग्राम के BlueBird कम्युनिकेशंस सैटेलाइट (communications satellite) के प्रक्षेपण की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: ISRO ने LVM3-M6 मिशन के हिस्से के रूप में, अमेरिका स्थित AST SpaceMobile द्वारा विकसित 6,500 किलोग्राम के BlueBird कम्युनिकेशंस सैटेलाइट (communications satellite) के प्रक्षेपण की घोषणा की है।

इस उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए 24 दिसंबर, 2025 को सुबह 8:54 बजे IST पर श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर के दूसरे लॉन्च पैड से समय निर्धारित किया गया है। इस मिशन के लिए LVM3-M6 लॉन्च व्हीकल का उपयोग किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकLVM3-M6: BlueBird सैटेलाइट मिशन के लिए निर्धारित लॉन्च व्हीकल (launch vehicle)।
  • तथ्यBlueBird सैटेलाइट: AST SpaceMobile द्वारा विकसित एक 6,500 kg का कम्युनिकेशंस सैटेलाइट।
  • विज्ञान-तकनीकसेकंड लॉन्च पैड: दिसंबर 24 के लॉन्च के लिए सतीश धवन स्पेस सेंटर (Satish Dhawan Space Centre) की विशिष्ट फैसिलिटी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वाणिज्यिक अंतरिक्ष प्रक्षेपण के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका के महत्व और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

  • कमर्शियल सिनर्जी: इंटरनेशनल कमर्शियल पेलोड्स के लिए LVM3 हैवी-लिफ्ट क्षमता का इस्तेमाल
  • स्ट्रेटेजिक पोजीशनिंग: ग्लोबल सैटेलाइट कम्युनिकेशंस इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की भूमिका को बढ़ाना
  • तकनीकी विश्वसनीयता: अंतरराष्ट्रीय स्पेस एजेंसियों के लिए जटिल मल्टी-पेलोड मिशनों का प्रबंधन

मुख्य शब्द: स्पेस इकोनॉमी · कमर्शियल स्पेसफ़्लाइट · LVM3 · सैटेलाइट कम्युनिकेशंस · स्पेस डिप्लोमेसी

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

IIT-M, गूगल (Google) और डिजिटल फ्यूचर्स लैब (Digital Futures Lab) जिम्मेदार AI विकास

चर्चा में क्यों: IIT-M, गूगल (Google) और डिजिटल फ्यूचर्स लैब (Digital Futures Lab) जिम्मेदार AI विकास, खरीद और विस्तार पर सरकारी अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए एक क्षमता-निर्माण कार्यक्रम शुरू कर रहे हैं।

यह पहल IIT-Madras, Google और Digital Futures Lab के बीच एक सहयोग है। यह वास्तविक दुनिया में तैनाती (deployment) के लिए बुनियादी AI तकनीकों, जोखिम मूल्यांकन और शासन संबंधी आवश्यकताओं पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकयह प्रोग्राम जिम्मेदार AI सिस्टम के डेवलपमेंट, प्रोक्योरमेंट और स्केलिंग को कवर करता है।
  • विज्ञान-तकनीकDigital Futures Lab, AI ट्रेनिंग इनिशिएटिव (AI training initiative) में एक कोलाबोरेटर (collaborator) है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सार्वजनिक सेवा वितरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की तैनाती के लिए एक सुदृढ़ शासन ढांचे की स्थापना के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • गवर्नेंस गैप: सार्वजनिक खरीद में एथिकल AI प्रोक्योरमेंट और रिस्क असेसमेंट के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की कमी
  • स्किल डेफिसिट: ऑटोमेटेड डिसीजन-मेकिंग सिस्टम की निगरानी के लिए सिविल सर्वेंट्स में विशेष तकनीकी साक्षरता की ज़रूरत

मुख्य शब्द: ज़िम्मेदार AI · क्षमता निर्माण · डिजिटल गवर्नेंस · जोखिम कम करना · लोक प्रशासन

हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर वी.सी

चर्चा में क्यों: हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनर ने RBI गवर्नर स्वामीनाथन से साइबर फ्रॉड को बढ़ावा देने वाले 'म्यूल अकाउंट्स' (mule accounts) की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए विशेष टूल्स और एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस लागू करने का आग्रह किया है।

हैदराबाद शहर के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनर ने साइबर अपराध की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए RBI गवर्नर स्वामीनाथन से मुलाकात की। इस चर्चा में आपराधिक नेटवर्कों द्वारा 'म्यूल अकाउंट्स' (mule accounts) के उपयोग और कड़े KYC मानदंडों तथा एक केंद्रीकृत ट्रैकिंग डेटाबेस की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदवी.सी. सज्जनर: हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर।
  • संस्थाRBI: पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने और KYC मानदंडों की निगरानी के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र में उन प्रणालीगत कमियों का विश्लेषण कीजिए जो 'म्यूल अकाउंट्स' (mule accounts) के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी को सुगम बनाती हैं और वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: अवैध फंड रूटिंग के लिए हाईजैक किए गए अकाउंट्स की रियल-टाइम पहचान में मुश्किल
  • KYC की सीमाएं: हाई-फ़्रीक्वेंसी, लो-वैल्यू ट्रांज़ैक्शन में अल्टीमेट बेनिफिशियल ओनरशिप को वेरिफाई करने की चुनौतियां
  • एजेंसियों के बीच टकराव: डिजिटल आउटफ्लो को ट्रैक करने में कानून प्रवर्तन और बैंकिंग रेगुलेटर्स के बीच तालमेल की बाधाएं

मुख्य शब्द: साइबरक्राइम · म्यूल अकाउंट्स · KYC नियम · वित्तीय धोखाधड़ी · पेमेंट इकोसिस्टम · डिजिटल सुरक्षा

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स

IBM के CEO अरविंद कृष्ण ने SkillsBuild प्रोग्राम के माध्यम से 2030 तक AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज (frontier technologies) में 5 मिलियन भारतीयों को कुशल बनाने की योजना की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: IBM के CEO अरविंद कृष्ण ने SkillsBuild प्रोग्राम के माध्यम से 2030 तक AI और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज (frontier technologies) में 5 मिलियन भारतीयों को कुशल बनाने की योजना की घोषणा की है।

IBM की योजना 2030 तक AI, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्लाउड, डेटा और सस्टेनेबिलिटी (sustainability) के क्षेत्र में 5 मिलियन लोगों को प्रशिक्षित करने की है। यह पहल ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के सहयोग से संचालित की जाएगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAICTE: ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (All India Council for Technical Education)।
  • तथ्यIBM का लक्ष्य: 2030 तक 5 मिलियन भारतीयों को कुशल बनाना।
  • विज्ञान-तकनीकSkillsBuild प्रोग्राम में AI, cybersecurity, quantum computing, cloud, data और sustainability शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास किस प्रकार भारत की वैश्विक आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता और वैज्ञानिक प्रगति को सुदृढ़ कर सकता है, चर्चा कीजिए।

  • स्किल-गैप मिसमैच: तकनीकी विकास की तेज़ रफ्तार मौजूदा वोकेशनल ट्रेनिंग करिकुलम से आगे निकल रही है
  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप: तकनीकी शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट विशेषज्ञता का लाभ उठाना
  • आर्थिक प्रतिस्पर्धा: सर्विस-आधारित से हाई-वैल्यू टेक्नोलॉजी-आधारित आर्थिक विकास की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: फ्रंटियर टेक्नोलॉजीज · ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · डिजिटल साक्षरता · आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स

भारतीय रिज़र्व बैंक ने रिपोर्ट दी है कि 12 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए सप्ताह के लिए भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) में महत्वपूर्ण उछाल आया है और यह बढ़कर 688.949 बिलियन डॉलर हो गया है

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक ने रिपोर्ट दी है कि 12 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए सप्ताह के लिए भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) में महत्वपूर्ण उछाल आया है और यह बढ़कर 688.949 बिलियन डॉलर हो गया है।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) बढ़कर 688.949 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (foreign currency assets) 557.787 बिलियन डॉलर, स्वर्ण भंडार 107.741 बिलियन डॉलर और स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (Special Drawing Rights) 18.745 बिलियन डॉलर शामिल हैं। RBI ने यह भी उल्लेख किया है कि IMF के साथ भारत की रिजर्व स्थिति बढ़कर 4.686 बिलियन डॉलर हो गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्य12 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए सप्ताह तक भारत के कुल forex reserves $688.949 बिलियन तक पहुंच गए।
  • तथ्यरिजर्व में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (Foreign currency assets) $557.787 बिलियन पर रहीं।
  • तथ्यस्वर्ण भंडार (Gold reserves) बढ़कर $107.741 बिलियन हो गए।
  • तथ्यSpecial Drawing Rights (SDRs) $18.745 बिलियन तक पहुंच गए।
  • तथ्यIMF के साथ भारत की रिजर्व पोजीशन बढ़कर $4.686 बिलियन हो गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता और बाह्य ऋण प्रबंधन के लिए सुदृढ़ विदेशी मुद्रा भंडार बनाए रखने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • एक्सटर्नल शॉक मिटिगेशन: अस्थिर वैश्विक बाजारों में अचानक कैपिटल फ्लाइट और करेंसी डेप्रिसिएशन के खिलाफ बफर
  • लिक्विडिटी मैनेजमेंट: बाहरी दायित्वों को पूरा करने और रुपये को स्थिर करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: फॉरेक्स रिजर्व · मौनेटरी पॉलिसी · बाहरी स्थिरता · स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स · भारतीय रिज़र्व बैंक

GS3आंतरिक सुरक्षा › वामपंथी उग्रवादप्रीलिम्स

सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव और आंतरिक कलह के कारण, प्रतिबंधित CPI Maoist संगठन के 41 सदस्यों ने 19 दिसंबर को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया

चर्चा में क्यों: सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव और आंतरिक कलह के कारण, प्रतिबंधित CPI Maoist संगठन के 41 सदस्यों ने 19 दिसंबर को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें छह वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हैं।

इस आत्मसमर्पण में 24 हथियार शामिल थे और इसकी निगरानी DGP शिवधर रेड्डी द्वारा की गई। समूह ने हिंसा त्यागने के कारणों के रूप में वैचारिक मोहभंग, कठिन जीवन स्थितियों और परिवारों से अलगाव का हवाला दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकैडरों के साथ 24 firearms सरेंडर कर दिए गए।
  • संस्थाCPI Maoist भारत में एक प्रतिबंधित संगठन है।
  • पदशिवधर रेड्डी तेलंगाना के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तेलंगाना में वामपंथी उग्रवाद के घटते प्रभाव में योगदान देने वाले कारकों और आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को सुगम बनाने में सुरक्षा दबाव की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • वैचारिक गिरावट: कैडर के बीच आंतरिक मतभेद और मोहभंग से मुख्यधारा में पुन: विलय
  • सुरक्षा-आधारित क्षरण: सुरक्षा बलों का निरंतर दबाव इस क्षेत्र में ऑपरेशनल क्षमताओं को कम कर रहा है
  • सामाजिक-आर्थिक अलगाव: कठिन जीवन स्थितियों और परिवार से अलगाव का उग्रवाद पर प्रभाव

मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · मुख्यधारा में पुन: एकीकरण · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान · वैचारिक मोहभंग

GS3आंतरिक सुरक्षा › वामपंथी उग्रवादप्रीलिम्स

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़-इंद्रावती क्षेत्र में एक डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड टीम और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है

चर्चा में क्यों: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़-इंद्रावती क्षेत्र में एक डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड टीम और माओवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है।

यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में भैरमगढ़-इंद्रावती क्षेत्र की जंगली पहाड़ियों में हुई। इस ऑपरेशन में माओवादी उपस्थिति की सूचना मिलने पर जिला रिजर्व गार्ड (District Reserve Guard) की एक टीम ने कार्रवाई की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानबीजापुर और सुकमा छत्तीसगढ़ के वे जिले हैं जो Maoist गतिविधि के लिए जाने जाते हैं।
  • तथ्यउसी सप्ताह पहले सुकमा जिले में एक अलग मुठभेड़ में एक महिला सहित तीन Maoists मारे गए थे।
  • पदडिस्ट्रिक्ट रिज़र्व गार्ड (DRG) छत्तीसगढ़ में राज्य द्वारा प्रायोजित एक वालंटियर फोर्स (volunteer force) है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद को निष्प्रभावी करने में सुरक्षा बलों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और प्रभावी आंतरिक सुरक्षा हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।

  • भूभाग की बाधाएं: घने जंगल और पहाड़ी इलाका सैनिकों की तेज़ आवाजाही और निगरानी में रुकावट
  • इंटेलिजेंस गैप: दूरदराज के भैरमगढ़-इंद्रावती क्षेत्रों में मोबाइल माओवादी यूनिट्स की रियल-टाइम ट्रैकिंग में मुश्किल

मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान · एरिया डोमिनेशन · इंटेलिजेंस-लेड पुलिसिंग

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

तेलंगाना सरकार ने देर रात चलने वाले व्यवसायों के लिए परमिट की आवश्यकताओं और नौकरशाही की बाधाओं को खत्म करके हैदराबाद की नाइटलाइफ़ को बदलने के लिए नाइट टाइम इकोनॉमी (NTE) नीति की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने देर रात चलने वाले व्यवसायों के लिए परमिट की आवश्यकताओं और नौकरशाही की बाधाओं को खत्म करके हैदराबाद की नाइटलाइफ़ को बदलने के लिए नाइट टाइम इकोनॉमी (NTE) नीति की घोषणा की है।

NTE नीति का लक्ष्य फूड स्ट्रीट्स, मॉल्स और एंटरटेनमेंट कॉरिडोर जैसे उच्च आर्थिक घनत्व वाले क्षेत्रों को लक्षित करना है। इसमें पिंक पेट्रोल, महिलाओं के लिए केवल नाइट हब, स्मार्ट लाइटिंग और SOS सिस्टम जैसे सुरक्षा बुनियादी ढांचे (Safety Infrastructure) को शामिल किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनानाइट टाइम इकोनॉमी (NTE) पॉलिसी: साल भर देर रात तक व्यापार को सुगम बनाने के लिए तेलंगाना सरकार की पहल।
  • तथ्यNTE रोलआउट: जनवरी 2024 से हैदराबाद के चुनिंदा कमर्शियल एरिया (commercial areas) में शुरू होने के लिए शेड्यूल किया गया है।
  • तथ्यसुरक्षा उपाय: इसमें पिंक पेट्रोल (Pink Patrols), स्मार्ट लाइटिंग, CCTV कवरेज और SOS सिस्टम शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एक 'नाइट टाइम इकोनॉमी' (रात्रि अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देने से शहरी आर्थिक विकास को कैसे गति मिल सकती है, जबकि साथ ही सार्वजनिक सुरक्षा और गिग श्रमिकों के लिए समावेशिता सुनिश्चित की जा सके, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • सुरक्षा-सुरक्षा संबंध: निगरानी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विस्तारित ऑपरेटिंग ऑवर्स का संतुलन
  • गिग इकोनॉमी इंटीग्रेशन: अनौपचारिक फूड वेंडर्स और सर्विस वर्कर्स के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाना
  • अर्बन स्पेस प्लानिंग: देर रात की आर्थिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए हाई-डेंसिटी कमर्शियल कॉरिडोर ज़ोनिंग

मुख्य शब्द: नाइट टाइम इकोनॉमी · अर्बन गवर्नेंस · गिग इकोनॉमी · सार्वजनिक सुरक्षा · आर्थिक घनत्व

GS3कृषि › पशुपालन, मत्स्य पालन एवं संबद्ध क्षेत्रप्रीलिम्स

तमिलनाडु सरकार ने पारंपरिक बैल-तमीज (bull-taming) आयोजन को विनियमित करने के लिए 2026 में होने वाले 'जल्लीकट्टू' के आयोजन हेतु एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने पारंपरिक बैल-तमीज (bull-taming) आयोजन को विनियमित करने के लिए 2026 में होने वाले 'जल्लीकट्टू' के आयोजन हेतु एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है।

इस SOP में पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा निदेशालय (Directorate of Animal Husbandry and Veterinary Services) और पुलिस सहित कई विभाग शामिल हैं। इसके मुख्य निर्देशों में कम से कम आठ फीट ऊँचा बैरिकेड, अनिवार्य वीडियो रिकॉर्डिंग और ट्रेनर्स (tamers) की आयु 18 वर्ष से अधिक होना शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजल्लीकट्टू आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि टैमर (tamers) की आयु 18 वर्ष से अधिक हो।
  • तथ्यSOP के अनुसार, बुल लीपिंग (bull leaping) को रोकने के लिए कम से कम आठ फीट ऊंचे बैरिकेड की अनिवार्यता है।
  • संस्थाडायरेक्टोरेट ऑफ एनिमल हसबेंड्री एंड वेटरनरी सर्विसेज (Directorate of Animal Husbandry and Veterinary Services) SOP में शामिल एक प्रमुख संस्था है।
  • तथ्यSOP के अनुसार, इस घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग और डॉक्यूमेंटेशन (documentation) अनिवार्य है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जल्लीकट्टु जैसे पारंपरिक आयोजनों में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पशु कल्याण एवं सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के बीच संतुलन के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: सांस्कृतिक संरक्षण, पशु अधिकारों और सार्वजनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
  • प्रशासनिक समन्वय: बड़े पैमाने के पारंपरिक आयोजनों के प्रबंधन में मल्टी-डिपार्टमेंटल भूमिकाएं
  • कानूनी जवाबदेही: स्थापित सुरक्षा और कल्याण प्रोटोकॉल से विचलन के लिए आपराधिक दायित्व

मुख्य शब्द: सांस्कृतिक विरासत · पशु कल्याण · स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर · सार्वजनिक सुरक्षा · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स + मेन्स

अमेरिका द्वारा लगाए गए बढ़ते टैरिफ (Tariffs) के बावजूद, नवंबर 2025 में भारत के निर्यात में 19.4% की वृद्धि हुई

चर्चा में क्यों: अमेरिका द्वारा लगाए गए बढ़ते टैरिफ (Tariffs) के बावजूद, नवंबर 2025 में भारत के निर्यात में 19.4% की वृद्धि हुई। इसका मुख्य कारण अमेरिका को स्मार्टफोन की शिपमेंट में हुई भारी बढ़ोतरी है।

अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान भारत के कुल निर्यात में 2.6% की वृद्धि दर्ज की गई। इलेक्ट्रॉनिक सामान और समुद्री उत्पादों के लिए निर्यातकों द्वारा वैकल्पिक वैश्विक बाजारों में विविधता लाने से इस वृद्धि को मजबूती मिली।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यनवंबर 2025 में भारत का एक्सपोर्ट ग्रोथ (export growth) 19.4% तक पहुंच गया।
  • तथ्यअप्रैल-नवंबर की अवधि के लिए भारत की कुल निर्यात वृद्धि (export growth) 2.6% रही।
  • तथ्यस्मार्टफोन शिपमेंट्स अमेरिका को होने वाले निर्यात की वृद्धि के मुख्य चालक (primary driver) थे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बढ़ते वैश्विक व्यापार अवरोधों और एकपक्षीय शुल्कों के बीच भारत के निर्यात विकास की सुदृढ़ता में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट डाइवर्सिफिकेशन: वैकल्पिक ग्लोबल मार्केट्स में विस्तार के जरिए टैरिफ इम्पैक्ट को कम करना
  • सेक्टोरल शिफ्ट: पारंपरिक क्षेत्रों में गिरावट की भरपाई के लिए हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक सामान और मरीन प्रोडक्ट्स की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: ट्रेड रेज़िलिएंस · मार्केट डाइवर्सिफिकेशन · निर्यात डायनेमिक्स · टैरिफ का प्रभाव · क्षेत्रीय विकास

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया है कि दवा मेक्लिज़िन (Meclizine) का उपयोग करके मैक्रोफेज मेटाबॉलिज्म (Macrophage metabolism) में बदलाव करने से तपेदिक (TB) के बैक्टीरिया को एंटीबायोटिक्स के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जा सकता है

चर्चा में क्यों: भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया है कि दवा मेक्लिज़िन (Meclizine) का उपयोग करके मैक्रोफेज मेटाबॉलिज्म (Macrophage metabolism) में बदलाव करने से तपेदिक (TB) के बैक्टीरिया को एंटीबायोटिक्स के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जा सकता है।

अध्ययन में यह पाया गया कि Mtb बैक्टीरिया ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के स्तर के आधार पर ऑक्सीडेटिव फास्फोरिलेशन (OXPHOS) या ग्लाइकोलाइसिस का उपयोग करते हैं। यह पाया गया कि रेगुलेटरी मॉलिक्यूल NRF2, Mtb के लिए ड्रग-टोलरेंट निचेस (drug-tolerant niches) को सहारा देता है। मेक्लिज़ीन (Meclizine), जो कि मतली के लिए एक ओवर-द-काउंटर दवा है, को मैक्रोफेज को ग्लाइकोलाइसिस की ओर स्थानांतरित करने और उपचार की प्रभावकारिता में सुधार करने के लिए प्रभावी पाया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकमैक्रोफेज (Macrophages): ये वे इम्यून सेल्स (immune cells) हैं जो ट्यूबरकुलोसिस (TB) से लड़ते हैं और इनके मेटाबॉलिज्म (metabolism) को थेरेपी के लिए बदला जा सकता है।
  • तथ्यNRF2: भारतीय शोधकर्ताओं द्वारा पहचाना गया एक रेगुलेटरी मॉलिक्यूल (regulatory molecule) जो एंटीऑक्सीडेंट रिस्पॉन्स को बढ़ाता है और Mtb के लिए ड्रग-टॉलरेंट निचेस (drug-tolerant niches) को सपोर्ट करता है।
  • विज्ञान-तकनीकMeclizine: एक over-the-counter ड्रग है जिसका उपयोग nausea (जी मिचलाना) के लिए किया जाता है और यह macrophage metabolism को glycolysis की ओर शिफ्ट कर सकता है जिससे Mtb susceptibility बढ़ जाती है।
  • विज्ञान-तकनीकOXPHOS बनाम Glycolysis: ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative stress) के स्तर के आधार पर मैक्रोफेज (Macrophages) के भीतर Mtb बैक्टीरिया द्वारा उपयोग किए जाने वाले मेटाबॉलिक पाथवे (Metabolic pathways)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बहु-दवा प्रतिरोधी क्षय रोग (MDR-TB) की बढ़ती चुनौती के समाधान में 'होस्ट-निर्देशित उपचारों' (host-directed therapies) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • मेटाबॉलिक रीप्रोग्रामिंग: बैक्टीरिया के ड्रग-टॉलरेंट निश को खत्म करने के लिए मैक्रोफेज पाथवे को बदलना
  • कॉम्बिनेशन थेरेपी: इलाज की अवधि कम करने के लिए स्टैंडर्ड एंटीबायोटिक्स के साथ ओवर-द-काउंटर दवाओं को जोड़ना
  • रेजिस्टेंस मिटिगेशन: होस्ट-सेल मैनिपुलेशन के जरिए एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंट स्ट्रेन के सिलेक्शन प्रेशर को कम करना

मुख्य शब्द: होस्ट-डायरेक्टेड थेरेपी · मेटाबॉलिक रीप्रोग्रामिंग · एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस · ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलेशन · ग्लाइकोलाइसिस · इम्यूनोमेटबॉलिज्म

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