राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने PSCs के अध्यक्षों के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सार्वजनिक सेवा आयोगों (PSCs) से ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को प्राथमिकता देने और 'परिणामों की समानता' (equality of outcomes) के लिए प्रयास करने का आग्रह किया
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चर्चा में क्यों
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने PSCs के अध्यक्षों के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सार्वजनिक सेवा आयोगों (PSCs) से ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को प्राथमिकता देने और 'परिणामों की समानता' (equality of outcomes) के लिए प्रयास करने का आग्रह किया।
पृष्ठभूमि
तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग (TGPSC) द्वारा हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में PSCs के अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। UPSC के अध्यक्ष अजय कुमार ने UPSC के शताब्दी वर्ष और तकनीक को अपनाकर एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (Centre of Excellence) बनने के इसके दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाTGPSC: तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन ने PSCs के चेयरपर्सन के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
- पदअजय कुमार: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के चेयरपर्सन।
- तथ्यUPSC: वर्तमान में 2025 तक अपने शताब्दी वर्ष (centenary year) में है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सुशासन को सुदृढ़ करनेके लिए सिविल सेवकों की भर्ती प्रक्रिया में 'परिणामों की समानता' और सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- मेरिट बनाम इक्विटी: लोक सेवा में अवसर की समानता के सिद्धांत और परिणामों की समानता के उद्देश्य के बीच संतुलन
- इंटीग्रिटी फ्रेमवर्क: उम्मीदवार की ईमानदारी की जांच के लिए संस्थागत तंत्र, जो शैक्षणिक और तकनीकी दक्षता से परे हो
- तकनीकी एकीकरण: भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: परिणामों की समानता · ईमानदारी · योग्यता आधारित व्यवस्था · पारदर्शिता · गवर्नेंस फ्रेमवर्क · सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।