यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के सामाजिक न्याय भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,364 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: शिक्षा नीति (453) · स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य (452) · कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे) (419) · गरीबी, भूख एवं पोषण (37) · मानव संसाधन एवं कौशल विकास (3)
चर्चा में क्यों: मैसूर के सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामरराज वाडियार ने 'स्वदेश दर्शन 2.0' योजना के तहत 'टोंगा राइड हेरिटेज एक्सपीरियंस ज़ोन' सहित दो पर्यटन परियोजनाओं की अंतिम मंजूरी की घोषणा की है।
इन परियोजनाओं को कर्नाटक टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (KTIL) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। स्वीकृत परियोजनाओं में मैसूरु में एक इकोलॉजिकल एक्सपीरियंस ज़ोन और एक टोंगा राइड हेरिटेज एक्सपीरियंस ज़ोन शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनास्वदेश दर्शन 2.0: पर्यटन विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की एक योजना।
संस्थाकर्नाटक टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (KTIL): यह वह संस्था है जो मैसूर में स्वीकृत प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
स्थानमैसूरु: प्रस्तावित Ecological Experience Zone और Tonga Ride Heritage Experience Zone का स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वदेश दर्शन 2.0 योजना भारत में विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किस प्रकार कार्य करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनैक: KTIL जैसी सरकारी संस्थाओं और केंद्रीय स्कीम गाइडलाइन्स के बीच तालमेल की कमी
हेरिटेज संरक्षण: कमर्शियल टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर और पारंपरिक विरासत तत्वों के संरक्षण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: हेरिटेज टूरिज्म · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · स्वदेश दर्शन 2.0
चर्चा में क्यों: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने बताया कि ओडिशा में 30% से अधिक माध्यमिक स्तर के छात्र उच्च शिक्षा के स्तर तक नहीं पहुंच पाए।
NCERT की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018-23 के बीच कक्षा I से XI में नामांकित 5.47 लाख बच्चों में से 1.50 लाख बच्चों ने अगली कक्षा में प्रवेश करने से पहले अपनी पढ़ाई छोड़ दी। यह डेटा विशेष रूप से ओडिशा राज्य में ड्रॉपआउट रेट (dropout rate) की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्य2018-23 के बीच कक्षा I से XI में नामांकित 5.47 लाख बच्चों में से 1.50 लाख बच्चों ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी।
संस्थाNCERT: नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ओडिशा में उच्च माध्यमिक स्तर पर उच्च ड्रॉपआउट दर (dropout rates) में योगदान देने वाले प्रणालीगत कारकों का विश्लेषण कीजिए और निर्बाध शैक्षिक संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
सामाजिक-आर्थिक बाधाएं: छात्र प्रतिधारण पर घरेलू आय और प्रवास का प्रभाव
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण ओडिशा में वोकेशनल इंटीग्रेशन और सेकेंडरी स्कूल की पहुंच की कमी
डेटा मॉनिटरिंग: प्राइमरी और सेकेंडरी लेवल के बीच छात्र की प्रगति की रियल-टाइम ट्रैकिंग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: शैक्षणिक बदलाव · ड्रॉपआउट रेट्स · मानव पूंजी · शैक्षिक समानता · डेटा-आधारित गवर्नेंस
चर्चा में क्यों: बिहार कैबिनेट ने तीन नए विभागों—युवा, रोजगार और कौशल विकास, तथा उच्च शिक्षा के गठन को मंजूरी दी है।
कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 5% की वृद्धि को भी मंजूरी दी। साथ ही, शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) के बिजली बकाया चुकाने के लिए ₹400 करोड़ आवंटित किए गए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यबिहार सरकार का लक्ष्य: पांच वर्षों में युवाओं के लिए एक करोड़ नौकरियां पैदा करना।
तथ्यबिहार कैबिनेट ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) में 5% की वृद्धि को मंजूरी दी है।
तथ्यबिहार कैबिनेट ने शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) द्वारा बिजली वितरण कंपनियों को बकाया बिजली बिलों के भुगतान के लिए ₹400 करोड़ आवंटित किए हैं।
तथ्यनए विभाग बनाए गए: Youth, Employment & Skill Development; Higher Education; और Civil Aviation।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बिहार में कौशल विकास और विमानन के लिए विशेष विभागों के सृजन से क्षेत्रीय आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को कैसे उत्प्रेरित किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
प्रशासनिक दक्षता: विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए विशेष विभागों के ज़रिए गवर्नेंस को सुव्यवस्थित करना
राजकोषीय प्रबंधन: कर्मचारी लाभ पर होने वाले सरकारी खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर कर्ज की अदायगी के बीच संतुलन
ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट: क्षेत्रीय बेरोजगारी दूर करने के लिए उच्च शिक्षा को स्किल डेवलपमेंट के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: प्रशासनिक पुनर्गठन · मानव पूंजी विकास · राजकोषीय हस्तांतरण · कौशल विकास · रोजगार सृजन
चर्चा में क्यों: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा को सूचित किया कि वायु प्रदूषण को सीधे तौर पर मृत्यु या बीमारी से जोड़ने वाला कोई निर्णायक डेटा (Data) उपलब्ध नहीं है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि वायु प्रदूषण श्वसन संबंधी बीमारियों में योगदान देता है, जो व्यक्तिगत आदतों और चिकित्सा इतिहास से प्रभावित होते हैं। सरकार ने नेशनल प्रोग्राम फॉर क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ (NPCCHH) और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को प्रमुख उपायों के रूप में उद्धृत किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाNPCCHH: नेशनल प्रोग्राम फॉर क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ (National Programme for Climate Change and Human Health)।
योजनाप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से सरकार की एक योजना।
तथ्यस्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वायु प्रदूषण को सीधे मृत्यु से जोड़ने वाला कोई निर्णायक डेटा (data) उपलब्ध नहीं है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में वायु प्रदूषण और मृत्यु दर के बीच प्रत्यक्ष कारण संबंध स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और इसके स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
डेटा गैप: व्यक्तिगत जीवनशैली और मेडिकल हिस्ट्री के कारकों से अलग केवल एयर पॉल्यूशन को पहचानना मुश्किल
पॉलिसी इंटीग्रेशन: श्वसन संबंधी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य और पर्यावरण मंत्रालयों के बीच मल्टी-सेक्टोरल कोऑर्डिनेशन की ज़रूरत
मुख्य शब्द: कारण संबंध · श्वसन संबंधी बीमारियाँ · मल्टी-सेक्टोरल अप्रोच · सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा · शमन रणनीतियां
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन तमिलनाडु में महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के विस्तार के लिए 12 दिसंबर को 'कलैग्नार मगलिर उरिमै थिट्टम' योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करने वाले हैं।
तमिलनाडु सरकार 'कलाईग्नार मगलिर उरिमाई थिट्टम' पहल के दूसरे चरण की शुरुआत कर रही है। 'वेल्लुम तमिल पेंगल' नामक इस लॉन्च कार्यक्रम में 'नन्निलम मगलिर निलवुडमाई थिट्टम' और 'मक्कलाई थेदी मरुथुवम' सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाकलैग्नार मगलिर उरिमाइ थिट्टम (Kalaignar Magalir Urimai Thittam): तमिलनाडु सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई एक पहल।
योजनानन्निलम मगलिर निलवुडमाइ थिट्टम (Nannilam Magalir Nilavudamai Thittam): तमिलनाडु में महिलाओं के लिए एक कल्याणकारी योजना।
योजनामक्कलाई थेदी मारुथुवम (Makkalai Thedi Maruthuvam): यह एक हेल्थकेयर इनिशिएटिव है जिसे मगलिर उरिमाइ थिट्टम (Magalir Urimai Thittam) के विस्तार के साथ प्रदर्शित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में महिलाओं के लिए लैंगिक समानता और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण प्राप्त करने में राज्य-आधारित कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका की चर्चा कीजिए।
संस्थागत पहुंच: ग्रामीण महिलाओं के लिए विकेंद्रीकृत डिलीवरी मैकेनिज्म की प्रभावशीलता
राजकोषीय स्थिरता: लंबे समय के कल्याणकारी खर्चों और राज्य के बजट की सीमाओं के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: लैंगिक सशक्तिकरण · कल्याणकारी राज्य · सामाजिक समावेश · राज्य की पहल
चर्चा में क्यों: विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर, 54 सिविल सोसाइटी समूहों और 200 से अधिक व्यक्तियों ने एक खुला पत्र जारी किया है। इसमें उन्होंने दुनिया भर में आधार जैसे बायोमेट्रिक ID के बढ़ते चलन और इसके कारण सामाजिक नियंत्रण (Social Control) के खतरों पर चिंता व्यक्त की है।
यह खुला पत्र डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के रूप में आधार की भूमिका और डेटा सुरक्षा में संभावित सेंधमारी (data security breaches) से जुड़ी चिंताओं पर प्रकाश डालता है। इसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार ने संसदीय निगरानी को दरकिनार किया और आधार के उपयोग के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थाUIDAI: Unique Identification Authority of India वह संस्था है जो Aadhaar के लिए जिम्मेदार है।
स्थानयह पत्र वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स डे (World Human Rights Day) पर जारी किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कुशल सेवा वितरण के लिए बायोमेट्रिक पहचान प्रणालियों के उपयोग और व्यक्तिगत गोपनीयता एवं डेटा सुरक्षा के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
निगरानी का जोखिम: सेंट्रलाइज्ड बायोमेट्रिक डेटा ट्रैकिंग के जरिए राज्य द्वारा सामाजिक नियंत्रण की संभावना
विधायी अंतर: DPI डेटा के इस्तेमाल के लिए मजबूत संसदीय निगरानी और वैधानिक ढांचे की कमी
न्यायिक संघर्ष: तकनीकी विस्तार को प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा आदेशों के साथ जोड़ने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · बायोमेट्रिक पहचान · डेटा संप्रभुता · सामाजिक नियंत्रण · निजता के अधिकार
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक व्यापक स्कूली शिक्षा प्रदान करने के लिए दो साल के भीतर 700 KPS Magnet स्कूल स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं।
कर्नाटक सरकार की योजना अगले दो वर्षों में पूरे राज्य में 700 KPS मैगनेट स्कूल स्थापित करने की है। इस पहल के तहत छोटे सरकारी स्कूलों का विलय किया जाएगा ताकि एक ही छत के नीचे प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की स्कूली शिक्षा प्रदान की जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यकर्नाटक सरकार 700 KPS Magnet स्कूलों को शुरू करने की योजना बना रही है।
तथ्यKPS Magnet Schools का लक्ष्य प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक स्कूली शिक्षा प्रदान करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कर्नाटक में छोटे सरकारी स्कूलों को बड़े शैक्षिक केंद्रों में विलय करने के ग्रामीण सुलभता और शैक्षिक समानता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एक्सेसिबिलिटी गैप: दूर-दराज के इलाकों के छात्रों के लिए स्थानीय स्कूली शिक्षा तक पहुँच में संभावित कमी
प्रशासनिक कुशलता: स्कूलों के एकीकरण के जरिए संसाधनों और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना
स्टेकहोल्डर फ्रिक्शन: राज्य के नेतृत्व वाले इंफ्रास्ट्रक्चर कंसोलिडेशन और समुदाय के नेतृत्व वाले विरोध के बीच टकराव
मुख्य शब्द: शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर · स्कूलों का एकीकरण · शैक्षिक समानता · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · ग्रामीण शिक्षा
चर्चा में क्यों: केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने पुष्टि की है कि केंद्र और राज्य के गोदामों में रिफैम्पिसिन (Rifampicin) और एथमब्यूटोल (Ethambutol) जैसी आवश्यक एंटी-टीबी दवाओं की कोई कमी नहीं है।
नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) को नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत लागू किया जाता है। दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, नए रेजिमेन (regimens) सहित सभी दवाओं के लिए एक रेट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल स्थापित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNTEP: National Tuberculosis Elimination Programme को National Health Mission (NHM) के तहत लागू किया गया है।
तथ्यRifampicin और Ethambutol को आवश्यक एंटी-ट्यूबरकुलोसिस (anti-tuberculosis) दवाओं के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यआपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए रेजिमेन (regimens) सहित सभी दवाओं के लिए रेट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल (Rate contract model) का उपयोग किया जाता है।
तथ्यसप्लाई चेन उपायों में दवाओं की उपलब्धता की रियल-टाइम ट्रैकिंग और नियमित स्टॉक वेरिफिकेशन शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत भारत के क्षय रोग उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक तार्किक और संरचनात्मक उपायों का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन रेजिलिएंस: ज़रूरी दवाओं की कमी रोकने के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग और रेट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल
संस्थागत तालमेल: नेशनल हेल्थ मिशन फ्रेमवर्क के तहत केंद्र और राज्य के गोदामों के बीच समन्वय
मुख्य शब्द: नेशनल हेल्थ मिशन · रेट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल · पब्लिक हेल्थ लॉजिस्टिक्स · दवाओं की उपलब्धता
चर्चा में क्यों: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के MBBS सीटों की संख्या सीमित करने (seat capping) के निर्देश को स्थगित करने की घोषणा की है।
NMC के 2023 के निर्देश में प्रस्ताव दिया गया था कि MBBS सीटों की संख्या को प्रति 10 लाख आबादी पर 100 तक सीमित (cap) कर दिया जाए। इस निर्णय को टालने का कारण यह चिंता थी कि यह सीमा केरल जैसे दक्षिणी राज्यों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थानेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission - NMC) भारत में मेडिकल शिक्षा के लिए सर्वोच्च संस्था है।
तथ्यप्रस्तावित NMC कैप प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 100 MBBS सीटें है।
पदजे.पी. नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में चिकित्सा बुनियादी ढांचे के विस्तार और मानकीकृत गुणवत्ता तथा सीट-कैपिंग (सीटों की सीमा) संबंधी मानदंडों के बीच संतुलन बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
संघीय टकराव: केंद्र के सीट-कैपिंग मानदंडों और राज्यों की विशिष्ट स्वास्थ्य आवश्यकताओं के बीच विवाद
क्वालिटी बनाम क्वांटिटी: मेडिकल सीटों के विस्तार और क्लीनिकल ट्रेनिंग स्टैंडर्ड्स के रखरखाव के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: चिकित्सा शिक्षा · संघवाद · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · रेगुलेटरी पॉलिसी · मानकीकरण
चर्चा में क्यों: कर्नाटक हाई कोर्ट ने नवंबर 2025 के उस सरकारी नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है, जिसमें महिला कर्मचारियों के लिए महीने में एक दिन की मासिक पीरियड्स लीव (Menstrual Leave) अनिवार्य की गई थी।
बैंगलोर होटल्स एसोसिएशन और अविरता AFL कनेक्टिविटी सिस्टम्स लिमिटेड ने इस अधिसूचना को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि सरकार के पास वैधानिक प्रावधानों या परामर्श के बिना इस नीति को अनिवार्य करने का कानूनी अधिकार नहीं है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानकर्नाटक हाई कोर्ट।
तथ्यमहिला कर्मचारियों के लिए प्रति माह एक दिन की अनिवार्य छुट्टी (Mandated leave)।
तथ्यनोटिफिकेशन की तारीख: नवंबर 2025।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बिना किसी विशिष्ट वैधानिक ढांचे या हितधारकों के परामर्श के कार्यस्थल पर अनिवार्य लाभों को लागू करने में आने वाली कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
कानूनी अधिकार: कार्यकारी नोटिफिकेशन और वैधानिक विधायी समर्थन की कमी के बीच टकराव
स्टेकहोल्डर फ्रिक्शन: प्राइवेट सेक्टर के ऑपरेशनल कॉस्ट और लेबर डायनेमिक्स पर अनिवार्य लीव पॉलिसी का असर
मुख्य शब्द: सांविधिक अधिकार · कार्यकारी अधिसूचना · श्रम अधिकार · जेंडर-इंक्लूसिव वर्कप्लेस · रेगुलेटरी कंसल्टेशन
चर्चा में क्यों: NLSIU ने बहुभाषी कौशल और कानूनी अभ्यास के लिए तैयारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, अपने पाठ्यक्रम में 2026 से कन्नड़ और हिंदी को शामिल करने की घोषणा की है।
नेशनल लॉ स्कूल यूनिवर्सिटी (NLSIU) वर्ष 2026 से शुरुआती और मध्यवर्ती स्तरों पर कन्नड़ और हिंदी भाषाएं शुरू करेगी। इसका पाठ्यक्रम कानूनी अभ्यास और क्षेत्रीय पत्रकारिता में सहायता प्रदान करने के लिए सुनने, बोलने, आलोचनात्मक पठन (critical reading) और प्रभावशाली लेखन पर केंद्रित होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNLSIU: नेशनल लॉ स्कूल यूनिवर्सिटी।
तथ्य2026 से शुरुआत में कन्नड़ और हिंदी भाषाएं बिगिनर और इंटरमीडिएट लेवल पर उपलब्ध होंगी।
तथ्यभारतीय भाषाओं के लिए एडवांस्ड इलेक्टिव (Advanced elective) को बाद के चरण के लिए प्लान किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में जमीनी स्तर पर न्याय और समावेशिता को सुदृढ़ करनेके लिए कानूनी शिक्षा में क्षेत्रीय और राष्ट्रीय भाषाओं के एकीकरण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
भाषाई समावेशिता: औपचारिक कानूनी प्रक्रियाओं और क्षेत्रीय बोलियों के बीच की दूरी को कम करना
प्रोफेशनल क्षमता: ग्रामीण और समुदाय-आधारित कानूनी प्रैक्टिस के लिए एडवोकेसी स्किल्स को बेहतर बनाना
सांस्कृतिक संरक्षण: बहुभाषी कल्पना को बढ़ावा देने के लिए प्रोफेशनल करिकुलम में साहित्यिक विरासत को शामिल करना
मुख्य शब्द: बहुभाषीवाद · कानूनी साक्षरता · भाषाई विविधता · जमीनी स्तर पर न्याय · शिक्षण पद्धति में बदलाव
चर्चा में क्यों: तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिम्हा ने एक समान स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली बनाने के उद्देश्य से 2047 तक राज्य के स्वास्थ्य व्यय को GSDP के 4% से बढ़ाकर 8% करने का लक्ष्य घोषित किया है।
राज्य सरकार की योजना 5,023 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और तेलंगाना वैद्य विधान परिषद (TVVP) अस्पतालों का 184 अस्पतालों का एक नेटवर्क स्थापित करने की है। प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में एक नया 2,000 बिस्तरों वाला उस्मानिया जनरल अस्पताल और निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) का विस्तार शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यतेलंगाना का वर्तमान स्वास्थ्य व्यय GSDP का 4% है।
तथ्य2047 तक स्वास्थ्य व्यय का लक्ष्य GSDP का 8% है।
तथ्यराज्य सरकार 5,023 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की योजना बना रही है।
तथ्यTVVP नेटवर्क में 184 अस्पताल शामिल हैं।
तथ्यओसमानिया जनरल हॉस्पिटल के विस्तार में 2,000 बेड की क्षमता शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय में वृद्धि के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय स्थिरता: उच्च सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च और राज्य के राजकोषीय घाटा लक्ष्यों के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: प्राइमरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से टर्शियरी केयर हब्स की ओर बदलाव
ह्यूमन रिसोर्स की कमी: अस्पतालों में बेड की क्षमता बढ़ाने के साथ मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाना
मुख्य शब्द: समान स्वास्थ्य सेवा · सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च · जीएसडीपी · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा
चर्चा में क्यों: एक हाउस पैनल ने सिफारिश की है कि यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स को मान्यता प्रदान करे।
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की स्थापना सोनम वांगचुक द्वारा की गई थी। हाउस पैनल ने अनुभवात्मक शिक्षा (experiential education) में इसकी सफलता और 'आइस स्तूप' (ice stupas) एवं सामुदायिक सहभागिता के लिए इसकी अंतर्राष्ट्रीय पहचान पर प्रकाश डाला।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
तथ्यNEP 2020: नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (National Education Policy) 2020 अनुभवात्मक अधिगम (experiential learning) और सामुदायिक सहभागिता (community engagement) पर जोर देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, एचआईएएल (HIAL) द्वारा प्रस्तुत अनुभवजन्य अधिगम (experiential learning) और समुदाय-केंद्रित मॉडलों को मुख्यधारा की भारतीय शिक्षा प्रणाली में किस प्रकार एकीकृत किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
शिक्षा पद्धति में बदलाव: ग्रामीण और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में रट्टा मारने के बजाय अनुभव आधारित लर्निंग मॉडल पर ज़ोर
संस्थागत मान्यता: निजी समुदाय-आधारित संस्थानों की औपचारिक मान्यता और मानकीकृत UGC मानदंडों के बीच संतुलन
लोकलकृत पाठ्यक्रम: राष्ट्रीय शिक्षा ढांचे में स्वदेशी ज्ञान और सामुदायिक जुड़ाव को शामिल करना
मुख्य शब्द: अनुभवात्मक शिक्षा · NEP 2020 · सामुदायिक सहभागिता · शिक्षा में नवाचार · विकेंद्रीकृत शिक्षा
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं के हॉस्टलों और घरों के लिए नियमों में संशोधन किया है, जिसके तहत प्रति महिला आवश्यक न्यूनतम औसत रहने की जगह को 120 वर्ग फुट से घटाकर 50 वर्ग फुट कर दिया गया है।
यह संशोधन मई 2023 में तमिलनाडु सरकार द्वारा लागू किया गया था। यह महिलाओं और बच्चों के लिए छात्रावासों और घरों के लाइसेंस हेतु ऑनलाइन आवेदन और ₹10,000 का शुल्क अनिवार्य करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यऔसत रहने की जगह का मानक: 50 sq. ft प्रति महिला।
तथ्यपिछला रहने की जगह का मानक: प्रति महिला 120 sq. ft.।
तथ्यलाइसेंस फीस: ₹10,000।
तथ्यआवेदन प्रक्रिया: लाइसेंसिंग के लिए अनिवार्य ऑनलाइन आवेदन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संस्थागत परिवेश में महिलाओं के लिए किफायती आवास की आवश्यकता और विनियामक निरीक्षण के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए। राज्य सरकारें स्थान संबंधी मानदंडों (space norms) में ढील देते हुए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किन उपायों को अपना सकती हैं? चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी ट्रेड-ऑफ: कम स्पेस की ज़रूरत और फायर सेफ्टी व हाइजीन स्टैंडर्ड्स के बीच संतुलन
डिजिटल गवर्नेंस: प्रशासनिक बाधाओं और भ्रष्टाचार को कम करने के लिए ऑनलाइन लाइसेंसिंग की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · संस्थागत आवास · महिलाओं की सुरक्षा · प्रशासनिक सुगमता · अंतरिक्ष मानक
चर्चा में क्यों: कर्नाटक राज्य स्वास्थ्य विभाग ने मृत्यु के कारण के मेडिकल सर्टिफिकेशन (MCCD) की रिपोर्टिंग में सटीकता और पूर्णता में सुधार के लिए निर्देश जारी किए हैं।
वर्तमान में कर्नाटक में केवल 26% मौतों के लिए प्रमाणित कारण दर्ज है। 16 जनवरी, 2025 से प्रभावी होने वाले नए नियमों के तहत, अब अस्पताल और गैर-अस्पताल (non-hospital) दोनों प्रकार की मौतों के लिए विशिष्ट फॉर्म भरना अनिवार्य होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवर्तमान में कर्नाटक में केवल 26% मौतों का प्रमाणित कारण (certified cause) दर्ज है।
तथ्यकर्नाटक में नए MCCD रिपोर्टिंग नियम 16 जनवरी, 2025 से प्रभावी होंगे।
संस्थाकर्नाटक का स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट नए MCCD डायरेक्टिव्स के लिए जारी करने वाला अथॉरिटी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों और मृत्यु दर डेटा विश्लेषण में मृत्यु के कारण के सटीक चिकित्सा प्रमाणन (MCCD) के महत्व की चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: अधूरे मृत्यु रिकॉर्ड उभरते हुए एपिडेमियोलॉजिकल ट्रेंड्स और बीमारी के क्लस्टर्स की पहचान में बाधा डालते हैं
मुख्य शब्द: महामारी विज्ञान संबंधी निगरानी · डेटा इंटीग्रिटी · सार्वजनिक स्वास्थ्य गवर्नेंस · मृत्यु दर के आंकड़े
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के मुज़राई विभाग ने 2023 में शुरू की गई एक छात्रवृत्ति योजना के तहत मंदिर के पुजारियों के बच्चों सहित 254 छात्रों को ₹38.38 लाख वितरित किए।
मज़राई (Muzrai) विभाग ने PU से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग तक के पाठ्यक्रमों के लिए 254 छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की, जिनमें मंदिर के पुजारियों के 230 बच्चे शामिल हैं। विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे पांच छात्रों को ₹1 लाख की सहायता प्रत्येक के लिए स्वीकृत की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकुल संवितरण (Disbursement): 254 छात्रों को ₹38.38 लाख।
तथ्यसहायता प्राप्त मंदिर पुजारियों के बच्चों की संख्या: 230।
तथ्यओवरसीज स्टडी स्कॉलरशिप: पांच छात्रों के लिए ₹1 लाख प्रत्येक।
संस्थाMuzrai विभाग: कर्नाटक राज्य का वह विभाग जो मंदिर प्रशासन के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हाशिए पर स्थित और पारंपरिक समुदाय समूहों के लिए सामाजिक समानता और शैक्षिक पहुंच सुनिश्चित करने में राज्य-प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
लक्षित समावेशिता: पारंपरिक मंदिर-कार्य करने वाले परिवारों की विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक कठिनाइयों को दूर करना
राजकोषीय विकेंद्रीकरण: स्थानीय सामाजिक न्याय के लिए राज्य-स्तरीय छात्रवृत्ति वितरण एक जरिया
मुख्य शब्द: सामाजिक समानता · शिक्षा तक पहुँच · लक्षित कल्याण · राज्य छात्रवृत्ति · सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता
चर्चा में क्यों: कर्नाटक स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए कर्नाटक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (KAMS) लागू किया है। इसके बाद, शिक्षकों की अनुपस्थिति को रोकने के लिए उन्हें भी इस सिस्टम में शामिल करने की मांग SDMC द्वारा की गई है।
KAMS एक मोबाइल-आधारित उपस्थिति प्रणाली है जो फेशियल रिकग्निशन और भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographical Information Systems - GIS) का उपयोग करती है। वेतन निर्धारण के लिए इसमें आधार सीडिंग अनिवार्य है। नियमों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ पंजीकरण आवश्यक है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकKAMS अटेंडेंस ट्रैकिंग के लिए फेशियल रिकग्निशन और Geographical Information Systems (GIS) का उपयोग करता है।
तथ्यKAMS के तहत सैलरी जनरेशन के लिए Aadhaar seeding एक अनिवार्य आवश्यकता है।
संस्थाकर्नाटक में स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी (DSEL) विभाग कार्यान्वयन निकाय (implementing body) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक सेवा प्रबंधन में जैव-मेट्रिक्स (biometric) और जीआईएस (GIS) आधारित प्रौद्योगिकियों का एकीकरण प्रशासनिक जवाबदेही को कैसे सुदृढ़ कर सकता है और शैक्षिक परिणामों में सुधार कैसे ला सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
डेटा प्राइवेसी की चिंताएं: व्यक्तिगत बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षा और अनिवार्य आधार-लिंक्ड अटेंडेंस ट्रैकिंग के बीच संतुलन
प्रशासनिक निगरानी: क्लासरूम में लगातार पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग के जरिए शिक्षकों की अनुपस्थिति को दूर करना
डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से GIS-आधारित रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता प्रभावित
मुख्य शब्द: प्रशासनिक जवाबदेही · डिजिटल गवर्नेंस · बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन · शैक्षिक बुनियादी ढांचा · सार्वजनिक सेवा वितरण
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने तमिलनाडु प्राइवेट स्कूल्स (रेगुलेशन) रूल्स, 2023 में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत अब प्राइवेट स्कूलों की मान्यता (Recognition) के नवीनीकरण के लिए फीस निर्धारण आदेश (Fee determination orders) प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा विभाग ने तमिलनाडु निजी स्कूल (रेगुलेशन) नियम, 2023 में एक नया उप-नियम शामिल किया है। इस संशोधन के तहत अब निजी स्कूलों के लिए अपनी मान्यता (Recognition) का नवीनीकरण कराने हेतु शुल्क निर्धारण आदेश (Fee Determination Orders) प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है।
चर्चा में क्यों: गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, WHO और गेट्स फाउंडेशन के एक अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे एकीकृत डिजिटल हेल्थ-फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म भारत की सब्सिडी वाली स्वास्थ्य बीमा प्रणाली में पारदर्शिता और पहुंच को बेहतर बना सकते हैं।
'Health Systems and Reform' में प्रकाशित यह अध्ययन आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) जैसी एकीकृत प्रणालियों पर केंद्रित है। यह सुझाव देता है कि ये प्लेटफॉर्म लाभार्थियों को राज्य की सीमाओं के पार सेवाओं तक पहुँच प्रदान करने के साथ-साथ धोखाधड़ी का पता लगाने (fraud detection) में भी सुधार करते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) लाभार्थियों को राज्य की सीमाओं के पार सेवाओं का लाभ उठाने की अनुमति देती है।
संस्थायह अध्ययन गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, WHO और गेट्स फाउंडेशन द्वारा किया गया था।
तथ्ययूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (Universal Health Coverage) हासिल करने के मार्ग के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में विखंडन को दूर करने और जवाबदेही में सुधार करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य-वित्तपोषण प्लेटफार्मों के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी: लाभार्थियों के लिए राज्य की सीमाओं के पार स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच
फ्रॉड मिटिगेशन: यूनिफाइड डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए बेहतर जवाबदेही और फ्रॉड डिटेक्शन
यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज: समान स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच के लिए सिस्टम के बिखराव को कम करना
चर्चा में क्यों: प्रोफेसर जी. साईबाबा और स्टेन स्वामी के साथ हुए अमानवीय व्यवहार से संबंधित एक याचिका के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि दिव्यांग कैदियों के साथ दुर्व्यवहार करने पर जेल अधिकारियों पर RPwD एक्ट के तहत दंड दिया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जेल नियमों में संशोधन करने का निर्देश दिया है ताकि दिव्यांग कैदियों को सहायक उपकरण, विशेष चिकित्सा देखभाल और समावेशी शिक्षा प्रदान की जा सके। RPwD एक्ट का उल्लंघन करने के दोषी पाए जाने वाले जेल अधिकारियों पर ₹10,000 से ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अधिनियम / विधेयकRPwD Act: Right to Persons with Disabilities Act विकलांग व्यक्तियों के साथ दुर्व्यवहार को दंडित करने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने RPwD एक्ट का उल्लंघन करने वाले जेल अधिकारियों पर ₹10,000 से ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
संस्थासुप्रीम कोर्ट: राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के जेल नियमों में संशोधन करने का आदेश जारी किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय जेल प्रणाली में दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास और संरक्षण में बाधा उत्पन्न करने वाली संस्थागत और प्रणालीगत चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संस्थागत अंतर: राज्य द्वारा संचालित सुधार गृहों में विशेष मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और सहायक उपकरणों की कमी
रेगुलेटरी ओवरसाइट: आरपीडब्ल्यूडी एक्ट के समान प्रवर्तन को सुनिश्चित करने के लिए मानकीकृत जेल नियमों की ज़रूरत
मानवाधिकार संघर्ष: कमजोर कैदियों के लिए हिरासत की सुरक्षा और गरिमा के संवैधानिक अधिकार के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: जेल सुधार · गरिमा का अधिकार · समावेशी शिक्षा · न्यायिक सक्रियता · कमजोर वर्ग
चर्चा में क्यों: असम सरकार ने अपनी 2017 की जनसंख्या और महिला सशक्तिकरण नीति में संशोधन किया है, जिसके तहत सरकारी नौकरी की पात्रता और चुनावी भागीदारी के लिए दो बच्चों के मानदंड (two-child norm) को अनिवार्य कर दिया गया है।
यह संशोधन असम में सरकारी नौकरियों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और चुनावी भागीदारी पर लागू होता है। अनुसूचित जातियाँ (SC), अनुसूचित जनजातियाँ (ST), 'टी गार्डन ट्राइब्स' और मटक एवं मोरन समुदायों के लिए इसमें छूट दी गई है, जिन्हें अधिकतम तीन बच्चों की अनुमति है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यअसम की संशोधित पॉलिसी SC, ST, 'टी गार्डन ट्राइब्स' (Tea Garden Tribes), और मटक (Matak) और मोरन (Moran) समुदायों के लिए अधिकतम तीन बच्चों की अनुमति देती है।
तथ्यअसम में सरकारी नौकरियों और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स (SHGs) के लिए पात्रता हेतु दो-बच्चे का नियम लागू होता है।
तथ्ययह पॉलिसी दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को पंचायत और म्युनिसिपल चुनावों से बाहर करने के लिए कानूनी प्रावधान पेश कर सकती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वजनिक रोजगार और चुनावी अधिकारों को प्रजनन संबंधी विकल्पों से जोड़ने की संवैधानिक वैधता और इसके सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संवैधानिक टकराव: आर्टिकल 14 और 21 के तहत प्रजनन अधिकारों और समानता का संभावित उल्लंघन
डेमोग्राफिक इक्विटी: जनसंख्या नियंत्रण और पिछड़े और आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक अधिकारों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: प्रजनन अधिकार · जनसंख्या नीति · संवैधानिक वैधता · सामाजिक न्याय · डेमोग्राफिक ट्रांजिशन
चर्चा में क्यों: एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (MSSRF) ने एक अध्ययन जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि उच्च हीट वल्नरेबिलिटी इंडेक्स (HVI) वाले जिलों में रहने वाली महिलाओं को अत्यधिक तापमान के कारण शारीरिक, मानसिक और आर्थिक जोखिमों का अधिक सामना करना पड़ता है।
MSSRF के अध्ययन में सात राज्यों को शामिल किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि सर्वेक्षण में शामिल 70% महिलाओं ने अत्यधिक गर्मी के महीनों के दौरान थकान, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन (dehydration) की शिकायत की। शोध में यह भी सामने आया कि कम आय वाले पृष्ठभूमि, ग्रामीण क्षेत्रों या निचली जातियों से आने वाली महिलाओं ने अधिक गंभीर लक्षण अनुभव किए। इन महिलाओं को गर्मियों के दौरान ₹1,500 से अधिक के वेतन का नुकसान भी झेलना पड़ा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाएम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन (MSSRF) का मुख्यालय चेन्नई में है।
तथ्यसर्वेक्षण में शामिल 70% महिलाओं ने अत्यधिक गर्मी के महीनों के दौरान थकान, चक्कर आना और डिहाइड्रेशन (dehydration) जैसे लक्षण बताए।
तथ्य38% उत्तरदाताओं ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कम से कम एक बार हिंसा का अनुभव किया है।
तथ्यगर्मियों के महीनों के दौरान लगभग सभी उत्तरदाताओं द्वारा ₹1,500 से अधिक के वेतन नुकसान (Wage losses) की रिपोर्ट दी गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जलवायु परिवर्तन किस प्रकार ग्रामीण भारत में लैंगिक असमानताओं और स्वास्थ्य संबंधी विसंगतियों के लिए एक 'खतरा गुणक' (threat multiplier) के रूप में कार्य करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
कम आय, ग्रामीण निवास और जाति के संगम पर महिलाओं के लिए संचयी जोखिम
अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य का संबंध: श्रम-प्रधान क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी, वेतन में कमी और शारीरिक थकान के बीच सीधा संबंध
पॉलिसी गैप: जेंडर-स्पेसिफिक हीट स्ट्रेस रिसर्च की कमी और नेशनल क्लाइमेट अडैप्टेशन स्ट्रैटेजीज में शामिल न होना
मुख्य शब्द: खतरे को बढ़ाने वाला कारक · लिंग-विशिष्ट · जलवायु अनुकूलन · इंटरसेक्शनलिटी · गर्मी की संवेदनशीलता
चर्चा में क्यों: सिविल सोसाइटी नेटवर्क 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' (JRC) ने बाल विवाह को समाप्त करने के लिए राजस्थान के 38 उच्च-जोखिम वाले जिलों को एक साल के अभियान के लिए चुना है।
JRC ने राजस्थान में अब तक 22,480 बाल विवाहों को रोकने में सफलता प्राप्त की है। यह पहल चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जैसे उच्च-प्रसार वाले क्षेत्रों को लक्षित करती है, जहाँ 40% से अधिक लड़कियां 18 वर्ष की आयु से पहले ही विवाह कर लेती हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यराजस्थान के चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जिलों में 40% से अधिक लड़कियों की शादी 18 साल की उम्र से पहले हो जाती है।
संस्थाJust Rights for Children (JRC) एक सिविल सोसाइटी नेटवर्क है जो इस अभियान को संचालित कर रहा है।
तथ्यकेंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पास 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करने के लिए एक देशव्यापी अभियान है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में बाल विवाह के मार्ग में आने वाली सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं का परीक्षण कीजिए और सरकार के 2030 के लक्ष्य को प्राप्त करने में नागरिक समाज की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
सामाजिक-सांस्कृतिक जड़ता: पितृसत्तात्मक मानदंडों की गहरी जड़ें और बाल विवाह के कानूनी परिणामों के बारे में जागरूकता की कमी
संस्थागत अंतर: बाल विवाह निषेध अधिनियम के स्थानीय स्तर पर लागू होने और समुदाय के नेतृत्व वाले आउटरीच की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सिविल सोसाइटी का हस्तक्षेप · सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाएं · बाल विवाह निषेध · सामुदायिक आउटरीच · लैंगिक असमानता
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र में लगभग 1.8 लाख शिक्षकों ने सरकार की छात्र-शिक्षक अनुपात नीति और 15 मार्च, 2024 के GR (Government Resolution) के विरोध में राज्यव्यापी हड़ताल की।
इस हड़ताल में प्राथमिक, माध्यमिक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 35 संघ शामिल थे। शिक्षकों ने 15 मार्च, 2024 के सरकारी प्रस्ताव (Government Resolution - GR) को वापस लेने और गैर-शैक्षणिक कार्यों को समाप्त करने की मांग की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य5 दिसंबर, 2025 को महाराष्ट्र में हुए राज्यव्यापी हड़ताल में लगभग 1.8 लाख शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
तथ्ययह विरोध प्रदर्शन प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले 35 यूनियनों द्वारा समन्वित किया गया था।
तथ्यविरोध के अधीन विशिष्ट पॉलिसी 15 मार्च, 2024 की गवर्नमेंट रिज़ॉल्यूशन (GR) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर छात्र-शिक्षक अनुपात के कड़े मानकों और शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों के थोपे जाने के प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
पेडागोजिकल डाइल्यूशन: शिक्षकों का ध्यान मुख्य शिक्षण से हटकर प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक कार्यों की ओर मुड़ना
ऑपरेशनल फ़ीज़िबिलिटी: ग्रामीण स्कूलों में निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात और शिक्षकों की वास्तविक उपलब्धता के बीच टकराव
लेबर रिलेशंस: नीति-आधारित शिकायतों का शिक्षकों के मनोबल और सिस्टम की शैक्षिक स्थिरता पर प्रभाव
मुख्य शब्द: शैक्षणिक अखंडता · शिक्षक-छात्र अनुपात · प्रशासनिक बोझ · शिक्षा शासन · मजदूर अशांति
चर्चा में क्यों: ICMR-NIRRCH ने एक अध्ययन जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत में एक IVF साइकिल के लिए होने वाला औसत आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च (out-of-pocket expenditure) ₹1 लाख से अधिक है।
ICMR-NIRRCH के अध्ययन में तीन सार्वजनिक और दो निजी स्वास्थ्य केंद्रों के 30 मरीजों को शामिल किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि बांझपन (Infertility) के मामलों में महिला कारक 46% और पुरुष कारक 20% का योगदान देते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यभारत में एक IVF साइकिल के लिए औसत आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च ₹1 लाख से अधिक है।
तथ्यबांझपन (Infertility) के मामलों में फीमेल फैक्टर्स (Female factors) 46% और मेल फैक्टर्स (Male factors) 20% का योगदान देते हैं।
योजनाप्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PM-JAY) वह स्कीम है जिसे IVF कवरेज के लिए प्रस्तावित किया गया है।
तथ्यअध्ययन में AB-PM-JAY के तहत प्रत्येक IVF cycle के लिए ₹81,332 की कवरेज राशि की सिफारिश की गई है।
संस्थाICMR-NIRRCH: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के मार्ग में आने वाली सामाजिक-आर्थिक बाधाओं की चर्चा कीजिए और सार्वभौमिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के अंतर्गत बांझपन के उपचार को शामिल करने की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।
वित्तीय बहिष्कार: कम आय वाले जोड़ों के लिए प्रजनन अधिकारों के रास्ते में भारी जेब से होने वाले खर्च की बाधा
सार्वजनिक स्वास्थ्य का बोझ: महिलाओं में बांझपन की अधिकता जिसके लिए सिस्टमिक क्लिनिकल इंटरवेंशन की ज़रूरत है
पॉलिसी इंटीग्रेशन: AB-PM-JAY की राजकोषीय स्थिरता और स्पेशलाइज्ड फर्टिलिटी केयर की बढ़ती मांग के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अपनी जेब से किया गया खर्च · प्रजनन स्वास्थ्य · यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज · सामाजिक-आर्थिक बाधाएं · सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शैक्षणिक मानकों में सुधार के लिए यू.के. जैसे विकसित देशों से वैश्विक शिक्षण विधियों को अपनाने हेतु 'आंध्र स्कूल ऑफ एजुकेशन' की घोषणा की है।
इस पहल के अंतर्गत छात्रों को उनके प्रदर्शन के आधार पर तीन स्तरों—स्ट्रीम (Stream), माउंटेन (Mountain) और स्काई (Sky) में वर्गीकृत किया जाएगा। सरकार छात्रों को विदेश में शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने के लिए 'कललकु रेक्कलु' (Kalalaku Rekkalu) योजना शुरू करने की भी योजना बना रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाआंध्र स्कूल ऑफ एजुकेशन: सरकारी स्कूलों में अंतरराष्ट्रीय शिक्षण विधियों को अपनाने के लिए एक राज्य पहल।
तथ्यस्टूडेंट कैटेगराइजेशन लेवल्स: स्ट्रीम, माउंटेन और स्काई।
योजनाकललकु रेक्कलू (Kalalaku Rekkalu): आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों को विदेश में शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करने के लिए प्रस्तावित एक योजना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय सार्वजनिक विद्यालयों में ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच गुणवत्ता के अंतर को पाटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिमानों को अपनाने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
पेडागोजिकल इक्विटी: हाई-परफॉर्मिंग और लो-परफॉर्मिंग कैटेगरी के छात्रों के बीच अचीवमेंट गैप बढ़ने का जोखिम
संसाधनों की कमी: कम बजट वाले सरकारी स्कूलों में महंगे अंतरराष्ट्रीय टीचिंग मेथोडोलॉजी को लागू करने की चुनौतियां
ब्रेन ड्रेन बनाम स्किल गेन: विदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने और घरेलू मानव पूंजी विकास की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: शिक्षा में नया नवाचार · शिक्षा में समानता · मानव पूंजी विकास · पब्लिक-प्राइवेट तालमेल · कौशल-आधारित वर्गीकरण
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने तेलंगाना में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) योजना की प्रगति पर प्रकाश डाला और विशेष रूप से वन-स्टॉप सेंटर्स (One-Stop Centres) और बहु-क्षेत्रीय हस्तक्षेपों के प्रभाव को रेखांकित किया।
BBBP योजना खेल प्रोत्साहन, PC-PNDT एक्ट के प्रति जागरूकता और कौशल विकास कार्यक्रमों सहित बहु-क्षेत्रीय हस्तक्षेपों का उपयोग करती है। तेलंगाना में 36 सक्रिय वन-स्टॉप सेंटर (One-Stop Centres) हैं, जिन्होंने 2015 से अब तक 77,858 से अधिक महिलाओं की सहायता की है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाबेटी बचाओ बेटी बचाओ (BBBP): गिरते हुए चाइल्ड सेक्स रेशियो (child sex ratio) को संबोधित करने और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए एक मल्टी-सेक्टोरल इंटरवेंशन (multi-sectoral intervention)।
अधिनियम / विधेयकPC-PNDT Act: लिंग चयन (sex-selective) प्रथाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियानों हेतु लक्षित कानून।
संस्थावन-स्टॉप सेंटर्स (One-Stop Centres): संकट में फंसी महिलाओं को मेडिकल, लीगल और साइको-सोशल सपोर्ट प्रदान करते हैं।
तथ्यतेलंगाना के One-Stop Centres ने 2015 से अब तक 77,858 से अधिक महिलाओं की सहायता की है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लैंगिक आधारित हिंसा को संबोधित करने और बाल लिंगानुपात में सुधार करने में बहु-क्षेत्रीय हस्तक्षेपों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संस्थागत तालमेल: एकीकृत जेंडर-एम्पावरमेंट फ्रेमवर्क के तहत स्वास्थ्य, कानूनी सहायता और स्किलिंग का एकीकरण
जागरूकता की कमी: कम्युनिटी-लेवल व्यवहार परिवर्तन के ज़रिए पीसी-पीएनडीटी एक्ट लागू करने में चुनौतियां
सेवा वितरण: आंगनवाड़ी-पोषण अभियान लिंकेज के जरिए निरंतर पोषण और शुरुआती बचपन की देखभाल सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: मल्टी-सेक्टोरल इंटरवेंशन · महिला सशक्तिकरण · बालक लिंगानुपात · सामाजिक बुनियादी ढांचा · व्यवहार में बदलाव
चर्चा में क्यों: राजस्थान हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि सहमति देने वाले वयस्क, कानूनी रूप से विवाह योग्य आयु तक पहुँचने के बावजूद, लिव-इन रिलेशनशिप (live-in relationship) में रह सकते हैं।
कोर्ट ने यह माना कि अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले अधिकारों को उम्र के आधार पर कम नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह दंपति को परिवार के खतरों से सुरक्षा प्रदान करे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संविधानभारतीय संविधान का Article 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है।
तथ्यभारत में पुरुषों के लिए कानूनी विवाह की आयु 21 वर्ष है।
स्थानयह याचिका राजस्थान के कोटा के एक जोड़े द्वारा दायर की गई थी।
तथ्यइस जोड़े ने 27 अक्टूबर, 2025 को एक लाइव-इन एग्रीमेंट (live-in agreement) निष्पादित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्या अनुच्छेद 21 के अंतर्गत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना घरेलू साझेदारी (domestic partnership) चुनने के अधिकार को सम्मिलित करता है? इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संवैधानिक व्याख्या: अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वायत्तता और पारंपरिक सामाजिक मानदंडों व विवाह कानूनों के बीच संतुलन
राज्य का दायित्व: निजी पारिवारिक खतरों के खिलाफ सहमति देने वाले वयस्कों को सुरक्षा प्रदान करने का पुलिस का कर्तव्य
कानूनी शून्य: लिव-इन रिलेशनशिप के विशिष्ट अपराधीकरण की कमी बनाम वैधानिक मान्यता का अभाव
मुख्य शब्द: अनुच्छेद 21 · व्यक्तिगत स्वतंत्रता · लिव-इन रिलेशनशिप · संवैधानिक नैतिकता · चुनने का अधिकार · न्यायिक सक्रियता
चर्चा में क्यों: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की मंजूरी के बाद, आंध्र प्रदेश सरकार ने पांच नए स्थापित सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए पोस्टग्रेजुएट कोर्स की फीस को अंतिम रूप दे दिया है।
YSRCP सरकार ने सरकारी कोटा सीटों के लिए वार्षिक शुल्क ₹30,000, सेल्फ-फाइनेंसिंग सीटों के लिए ₹9 लाख और NRI कोटा सीटों के लिए ₹29 लाख निर्धारित किया। NMC ने इन पांच कॉलेजों में चार पाठ्यक्रमों के तहत 60 PG सीटों के लिए अनुमति प्रदान की।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यगवर्नमेंट कोटा PG सीट की वार्षिक फीस: ₹30,000।
तथ्यसेल्फ-फाइनेंसिंग PG सीट की वार्षिक फीस: ₹9 लाख।
तथ्यNRI कोटा PG सीट की वार्षिक फीस: ₹29 लाख।
संस्थानेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission - NMC) वह संस्था है जिसने 60 PG सीटों के लिए अनुमति दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्तरीय शुल्क संरचनाओं (tiered fee structures) का हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए उच्च चिकित्सा शिक्षा की सुलभता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
इक्विटी बनाम सस्टेनेबिलिटी: इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड जुटाने हेतु स्थानीय लोगों के लिए सस्ती सीटों और हाई-कॉस्ट NRI/सेल्फ-फाइनेंसिंग सीटों के बीच संतुलन
रेगुलेटरी ओवरसाइट: राज्यों में स्टैंडर्ड फीस स्ट्रक्चर और सीट एलोकेशन सुनिश्चित करने में NMC की भूमिका
मुख्य शब्द: शिक्षा में समानता · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · फीस स्ट्रक्चर · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · शिक्षा तक पहुँच
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व की समस्या को दूर करने के लिए आगामी स्टेट बार काउंसिल चुनावों में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अधिवक्ता योगमाया एम.जी. और शहला चौधरी द्वारा दायर दो जनहित याचिकाओं (Public Interest Petitions) के बाद यह निर्देश जारी किया। BCI को 8 दिसंबर तक महिलाओं के लिए 30% आरक्षण लागू करना होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्य30% आरक्षण: स्टेट बार काउंसिल (State Bar Council) चुनावों में महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य किया गया विशिष्ट कोटा।
पदयोगमाया एम.जी. और शहला चौधरी: वे एडवोकेट्स (Advocates) जिन्होंने प्रतिनिधित्व के संबंध में पब्लिक इंटरेस्ट पिटीशन (Public Interest Petition) दायर की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बार काउंसिल जैसे व्यावसायिक नियामक निकायों में महिलाओं के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की सार्थकता का विश्लेषण कीजिए ताकि वास्तविक समानता प्राप्त की जा सके। चर्चा कीजिए।
संस्थागत बाधा: कानूनी नेतृत्व में विविधता की कमी से पिछड़े समूहों की नीतिगत पैरवी प्रभावित
संवैधानिक जनादेश: प्रोफेशनल मेरिट और समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की राज्य की ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सारभूत समानता · आनुपातिक प्रतिनिधित्व · प्रोफेशनल एथिक्स · जेंडर मेनस्ट्रीमिंग · न्यायिक निगरानी
चर्चा में क्यों: उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने घोषणा की कि राजीव गांधी सिविल्स अभय हस्थम योजना (Rajiv Gandhi Civils Abhay Hastham Scheme) के तहत CS परीक्षाओं के सभी पात्र उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
इस योजना का संचालन सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) द्वारा किया जाता है। इसके तहत मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए चयनित उम्मीदवारों को ₹1 लाख की सहायता राशि प्रदान की जाती है। साक्षात्कार (Interview) के लिए चयनित उम्मीदवारों को ₹1 लाख की सहायता राशि के साथ दिल्ली में आवास की सुविधा भी दी जाती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाराजिव गांधी सिविल्स अभय हस्थम स्कीम (Rajiv Gandhi Civils Abhay Hastham Scheme) सिविल सर्विसेज एग्जाम्स के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
संस्थासिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) इस योजना का संचालन करती है।
तथ्ययह स्कीम Mains के लिए ₹1 लाख का ग्रांट और Interview के लिए ₹1 लाख प्लस दिल्ली में रहने की सुविधा प्रदान करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य द्वारा प्रायोजित वित्तीय सहायता योजनाओं किस प्रकार आर्थिक रूप से पिछड़े उम्मीदवारों के लिए सिविल सेवाओं तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण कर सकती हैं, इस पर चर्चा कीजिए।
एक्सेसिबिलिटी गैप: ग्रामीण और कम आय वाले उम्मीदवारों के लिए कोचिंग और परीक्षा की भारी लागत कम करना
संस्थागत समर्थन: सामाजिक कल्याण की पहलों को फंड करने में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की भूमिका
मुख्य शब्द: शिक्षा का लोकतंत्रीकरण · वित्तीय समावेशन · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · सामाजिक गतिशीलता
चर्चा में क्यों: कर्नाटक राज्य कैबिनेट ने 'प्रोटेक्शन ऑफ पीपल फ्रॉम सोशल बॉयकॉट बिल, 2025' (Protection of People from Social Boycott Bill, 2025) को मंजूरी दी है। इस विधेयक का उद्देश्य जाति या समुदाय की पंचायतों द्वारा लगाए जाने वाले सामाजिक बहिष्कार को अपराध की श्रेणी में लाना है।
कर्नाटक सामाजिक बहिष्कार से लोगों के संरक्षण (रोकथाम, निषेध और निवारण) विधेयक, 2025, बहिष्कार लगाने वालों के लिए अधिकतम तीन साल की जेल का प्रस्ताव देता है। साथ ही, राज्य ने जब्त वाहनों को छोड़ने के लिए 'बैंक गारंटी' के स्थान पर 'इन्डेमनिटी बॉन्ड' (indemnity bonds) लागू करने हेतु 'कत्तल रोकथाम और मवेशी संरक्षण विधेयक' में संशोधन को मंजूरी दी है।
तथ्यनए बिल के तहत सामाजिक बहिष्कार (social boycott) लगाने पर अधिकतम तीन साल की जेल का प्रावधान है।
अधिनियम / विधेयककर्नाटक प्रिवेंशन ऑफ स्लॉटर एंड प्रिजर्वेशन ऑफ कैटल (अमेंडमेंट) बिल 2025।
तथ्यपशु परिवहन के मामलों में वाहन की रिहाई के लिए 'बैंक गारंटी' (bank guarantee) के स्थान पर 'इन्डेमनिटी बॉन्ड' (indemnity bond) का उपयोग।
मेन्स के लिए
प्रश्न: व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा हेतु सामुदायिक बहिष्कार जैसी गैर-संवैधानिक सामाजिक प्रथाओं पर अंकुश लगाने में राज्य के विधान की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
कानूनी विवाद: समुदाय की स्वायत्तता बनाम गरिमा के लिए व्यक्तिगत मौलिक अधिकार के बीच संतुलन
एन्फोर्समेंट गैप: अनौपचारिक कम्युनिटी पंचायत के फैसलों की निगरानी में चुनौतियां
रेगुलेटरी बदलाव: पशु परिवहन प्रवर्तन में बैंक गारंटी से इंडेम्निटी बॉन्ड की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: सामाजिक बहिष्कार · कम्युनिटी पंचायत · व्यक्तिगत अधिकार · राज्य विधान · निवारण तंत्र
चर्चा में क्यों: केरल के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने व्हाट्सएप के माध्यम से निवासियों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए 'सहाय हाथम' (Sahaya Hastham) शुरू किया है।
'सहाय हस्तम' परियोजना निवासियों को आपराधिक, नागरिक, पारिवारिक और वित्तीय मुद्दों से संबंधित शिकायतें दर्ज करने की अनुमति देती है। DLSA इन संदेशों के आधार पर मंजेरी कोर्ट कॉम्प्लेक्स स्थित अपने कार्यालय में सुनवाई आयोजित करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाDLSA: District Legal Services Authority जिला स्तर पर मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार संस्था है।
तथ्यसहया हस्थम (Sahaya Hastham): केरल स्थित एक पहल जो WhatsApp नंबर 9188127501 के माध्यम से कानूनी सहायता प्रदान करती है।
स्थानमंजेरी कोर्ट कॉम्प्लेक्स: वह स्थान जहाँ DLSA इस प्रोजेक्ट के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई आयोजित करेगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए निःशुल्क कानूनी सेवाओं की सुलभता को बढ़ाने में व्हाट्सएप जैसे डिजिटल संचार प्लेटफार्मों का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
डिजिटल डिवाइड: निरंतर इंटरनेट या स्मार्टफोन साक्षरता की कमी के कारण ग्रामीण आबादी के लिए पहुंच की बाधाएं
डेटा प्राइवेसी: एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स पर संवेदनशील व्यक्तिगत और आपराधिक डेटा भेजने से जुड़े जोखिम
प्रक्रियात्मक अखंडता: अनौपचारिक डिजिटल चैनलों के ज़रिए दिए गए शिकायतों और सबूतों की प्रमाणिकता सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: कानूनी सहायता · डिजिटल इन्क्लूजन · न्याय तक पहुँच · ई-गवर्नेंस · सामाजिक न्याय
चर्चा में क्यों: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री (Minister of State for Social Justice and Empowerment) बी.एल. वर्मा ने स्पष्ट किया कि लोकसभा समिति की रिपोर्ट के संबंध में पूछताछ के बावजूद, वर्तमान में OBC क्रीमी लेयर (Creamy Layer) की आय सीमा को संशोधित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 'क्रीमी लेयर' की वर्तमान वार्षिक आय सीमा 2017 में बढ़ाकर ₹8 लाख कर दी गई थी, जो कि पिछली ₹6 लाख की सीमा से अधिक है। यह स्पष्टीकरण अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण पर लोकसभा समिति की एक रिपोर्ट के संबंध में की गई जांच के बाद आया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यOBC क्रीमी लेयर के लिए आय की सीमा: ₹8 लाख प्रति वर्ष (2017 में संशोधित)।
तथ्यपिछला OBC क्रीमी लेयर (Creamy Layer) आय की सीमा: ₹6 लाख प्रति वर्ष।
संस्थाअन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण पर लोकसभा समिति।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अन्य पिछड़ा वर्ग के भीतर आरक्षण के लाभों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने हेतु 'क्रीमी लेयर' को परिभाषित करने और उसकी पहचान करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
डेटा की सटीकता: ग्रामीण ओबीसी परिवारों के लिए वार्षिक आय और संपत्ति के मालिकाना हक की पुष्टि करने में कठिनाई
पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: समावेशी आरक्षण की ज़रूरत और सबसे पिछड़े उप-जातियों के उत्थान के लक्ष्य के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सामाजिक न्याय · आरक्षण नीति · क्रीमी लेयर · समान वितरण · पिछड़ा वर्ग कल्याण
चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग ने अल्लूरी सीताराम राजू जिले के दूरदराज के इलाकों में ड्रोन के जरिए दवाइयां और ब्लड यूनिट्स पहुंचाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की योजना बनाई है।
यह पायलट प्रोजेक्ट वितरण के लिए पडेरु (Paderu) को एक केंद्रीय हब के रूप में उपयोग करेगा। इन ड्रोन्स की क्षमता 2 किलोग्राम तक है और इनमें टीकों (vaccines) के लिए कूलिंग की सुविधा भी दी गई है। इस प्रोजेक्ट में 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' (Proof of Concept) मॉडल शामिल है, जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश में वर्तमान में कार्यरत एक संस्था नौ महीने तक मुफ्त सेवाएं प्रदान करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकड्रोन क्षमता: 2 किलोग्राम तक की दवा या ब्लड यूनिट्स।
स्थानपडेरु: ड्रोन के जरिए दवाइयां पहुंचाने के लिए प्रस्तावित सेंट्रल हब।
स्थानअल्लूरी सीतारामరాజు जिला: प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट (pilot project) का स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा वितरण के अंतराल को पाटने में ड्रोन तकनीक की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: तापमान के प्रति संवेदनशील वैक्सीन और ब्लड यूनिट्स के लिए 'लास्ट-माइल' डिलीवरी का समय कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरतें: डेडिकेटेड ड्रोन हब और बीवीएलओएस उड़ानों के लिए रेगुलेटरी क्लीयरेंस की आवश्यकता
मुख्य शब्द: लास्ट-माइल कनेक्टिविटी · मेडिकल लॉजिस्टिक्स · प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट · स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच · ड्रोन टेक्नोलॉजी
चर्चा में क्यों: शिक्षा मंत्रालय द्वारा ग्रेड III के छात्रों की दक्षता का आकलन करने के लिए आयोजित एक वन-ऑन-वन फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी (FLS) में केरल भाग ले रहा है।
यह अध्ययन NIPUN भारत मिशन का हिस्सा है और इसका संचालन PARAKH राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र द्वारा किया जाता है। इसका उद्देश्य पढ़ने, समझ और संख्यात्मक दक्षता (Numeracy) का आकलन करना है, साथ ही यह SDG 4.1.1 संकेतकों के लिए डेटा प्रदान करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाNIPUN Bharat मिशन: बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक कौशल (foundational literacy and numeracy) पर केंद्रित एक सरकारी पहल।
संस्थाPARAKH: फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी (Foundational Learning Study) के संचालन के लिए जिम्मेदार राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र।
तथ्यSDG 4.1.1: फाउंडेशनल लर्निंग डेटा के लिए ग्लोबल सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (Sustainable Development Goal) इंडिकेटर।
विज्ञान-तकनीकFLS अब पिछले OMR-आधारित फॉर्मेट के बजाय रियल-टाइम रिकॉर्डिंग के लिए सुरक्षित टैबलेट-आधारित एप्लिकेशंस (applications) का उपयोग करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निपुण भारत मिशन का आधारभूत अधिगम (foundational learning) पर केंद्रित दृष्टिकोण, सतत विकास लक्ष्य-4 (SDG 4) को प्राप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता के साथ किस प्रकार संरेखित होता है? चर्चा कीजिए।
डेटा-आधारित नीति: छात्रों की बारीक दक्षता ट्रैक करने के लिए OMR से रियल-टाइम टैबलेट रिकॉर्डिंग पर बदलाव
मानकीकरण बनाम विविधता: केरल में राष्ट्रीय परख मूल्यांकन मानकों और राज्य-विशिष्ट शैक्षिक जरूरतों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: बुनियादी साक्षरता · निपुण भारत · SDG 4.1.1 · परख · पेडागोजिकल असेसमेंट
चर्चा में क्यों: 6वें राष्ट्रीय EMRS सांस्कृतिक उत्सव के दौरान, जनजातीय कार्य मंत्री जुअल ओराम ने एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों (Eklavya Model Residential Schools - EMRS) को मजबूत करने की योजनाओं की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री जुआल ओराम और जनजातीय कल्याण मंत्री संध्या रानी ने जनजातीय युवाओं के बीच सांस्कृतिक शिक्षा और प्रतिभा की खोज को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में शिरकत की।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाEMRS: एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (Eklavya Model Residential Schools) जनजातीय युवाओं के लिए स्थापित संस्थान हैं।
तथ्ययह आयोजन 6th नेशनल EMRS कल्चरल फेस्टिवल था।
पदजुआल ओराम: जनजातीय कार्य मंत्री (Union Minister for Tribal Affairs)।
पदसंध्या रानी: जनजातीय कल्याण मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आदिवासी समुदायों के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक संरक्षण के दोहरे उद्देश्यों को प्राप्त करने में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
सांस्कृतिक संरक्षण: मुख्यधारा के शैक्षणिक सिलेबस के साथ स्थानीय भाषाई दक्षता का संतुलन
संस्थागत मजबूती: आदिवासी युवाओं के लिए बेहतर शैक्षिक परिणाम हेतु इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी की जरूरतों को पूरा करना
मुख्य शब्द: जनजातीय कल्याण · सांस्कृतिक संरक्षण · शिक्षा में समानता · भाषाई दक्षता · संस्थागत मजबूती
चर्चा में क्यों: एसिड सर्वाइवर्स साहस फाउंडेशन द्वारा दायर एक याचिका के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक से बचे लोगों के लिए पीड़ित मुआवजे के वितरण और मुफ्त क्रिटिकल केयर (Critical Care) में आ रही कमियों की जांच करने पर सहमति जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित मुआवजे के संबंध में अपने 2006, 2013 और 2015 के पिछले आदेशों पर जोर दिया। कोर्ट ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों को मुआवजे के वितरण पर डेटा एकत्र करने का निर्देश दिया और स्वास्थ्य सचिवों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि निजी अस्पताल मुफ्त इलाज प्रदान करें।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNALSA: National Legal Services Authority को मुआवजे के वितरण से जुड़े मामले में पक्षकार (impleaded) बनाया गया।
तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे के प्रबंधन के लिए 2006 में ही निर्देश जारी कर दिए थे।
स्थानएसिड सर्वाइवर्स साहस फाउंडेशन (Acid Survivors Saahas Foundation) ने विशेष रूप से महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में मौजूद मुद्दों को रेखांकित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में तेजाब हमले के पीड़ितों के लिए पीड़ित मुआवजा योजनाओं के कार्यान्वयन में आने वाली संस्थागत और प्रशासनिक बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
डेटा की पारदर्शिता: अलग-अलग राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों में मुआवज़ा वितरण के लिए सेंट्रलाइज्ड ट्रैकिंग की कमी
प्राइवेट सेक्टर कंप्लायंस: प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स पर अनिवार्य मुफ्त इलाज के आदेश लागू करने में मुश्किल
इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: स्वास्थ्य सचिवों और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरणों के बीच बातचीत में देरी
मुख्य शब्द: विक्टिमोलॉजी · संस्थागत जवाबदेही · स्वास्थ्य का अधिकार · न्यायिक सक्रियता · सामाजिक न्याय