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भाग I · स्था. 11.2025 
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केरल सरकार ने हाई कोर्ट को सूचित किया है कि शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों में रैगिंग को समाप्त करने के लिए एक ड्राफ्ट कानून (Draft legislation) को 45 दिनों के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा

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चर्चा में क्यों

केरल सरकार ने हाई कोर्ट को सूचित किया है कि शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों में रैगिंग को समाप्त करने के लिए एक ड्राफ्ट कानून (Draft legislation) को 45 दिनों के भीतर अंतिम रूप दिया जाएगा।

पृष्ठभूमि

कानून विभाग द्वारा विधेयक का मसौदा (Draft Bill) आगे बढ़ा दिया गया है और अब यह मुख्यमंत्री एवं राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए लंबित है। यह कदम केरल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (KeLSA) द्वारा रैगिंग के कारण छात्रों की मृत्यु के संबंध में दायर जनहित याचिका (Public Interest Litigation - PIL) के बाद उठाया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाKeLSA: केरल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (Kerala Legal Services Authority) ने मजबूत एंटी-रैगिंग कानूनों की मांग करते हुए PIL फाइल की।
  • स्थानकेरल: राज्य सरकार विधान सभा में पेश किए जाने वाले विशिष्ट कानून (legislation) का ड्राफ्ट तैयार कर रही है।
  • तथ्यसरकार ने 45 दिनों की समय सीमा के भीतर ड्राफ्ट लेजिस्लेशन (draft legislation) को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग पर अंकुश लगाने के लिए कठोर विधायी ढांचे की आवश्यकता और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य-संचालित कानूनी निकायों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संस्थागत जवाबदेही: छात्रों को होने वाले नुकसान के मामलों में शैक्षिक प्रमुखों और हॉस्टल प्रशासकों की जिम्मेदारी तय करना
  • कानूनी प्रवर्तन में कमी: अपराधियों के लिए प्रशासनिक दिशा-निर्देशों से दंडात्मक विधायी उपायों की ओर बदलाव
  • साइकोलॉजिकल सेफ्टी: छात्रों की आज़ादी और कमज़ोर छात्रों को शारीरिक और मानसिक शोषण से बचाने की राज्य की ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: विधायी ढांचा · जनहित याचिका · संस्थागत जवाबदेही · छात्र कल्याण · राज्य का हस्तक्षेप

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेश

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।