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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,279 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (508) · उद्योग, निवेश एवं MSME (464) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (294) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (294) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (275) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (140) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (115)

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

RBI की स्टडी में ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद भारत में विदेशी निवेश का भरोसा बरकरार, आउटफ्लो में कमी

चर्चा में क्यों: RBI का अध्ययन वैश्विक अस्थिरता के बावजूद विदेशी निवेशकों के पुनर्जीवित होते विश्वास और पोर्टफोलियो बहिर्वाह (outflows) में कमी को रेखांकित करता है, जिसे भारत-UK व्यापार समझौते से और बल मिला है।

RBI ने बढ़ते तेल मूल्यों के प्रबंधन हेतु मई माह में $6.1 बिलियन की शुद्ध बिक्री दर्ज की, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार को पर्याप्त स्तर पर बनाए रखा गया। उच्च-आवृत्ति संकेतक Q1 2026-27 में सुदृढ़ औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन के साथ मजबूत बाह्य व्यापार वृद्धि को दर्शाते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यRBI ने तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करने के लिए मई में $6.1 बिलियन की शुद्ध बिक्री (net sale) दर्ज की।
  • तथ्यQ1 2026-27 में बाह्य व्यापार (External trade) में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
  • संस्थाReserve Bank of India (RBI) विदेशी मुद्रा भंडार और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार केंद्रीय बैंक है।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनभारत-UK व्यापार समझौता निवेश और व्यापार प्रवाह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक द्विपक्षीय ढांचा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के विरुद्ध भारत की सुदृढ़ता में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और प्रत्यक्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) को आकर्षित करने में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

Rupee के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने पर RBI का हस्तक्षेप, Net Forward Sales $106.6B पहुंचे

चर्चा में क्यों: वैश्विक आर्थिक दबावों के कारण मई 2024 में भारतीय रुपया 96.96 प्रति USD के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया, जिसके परिणामस्वरूप RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया।

RBI ने सूचित किया है कि मई 2024 के अंत तक शुद्ध बकाया फॉरवर्ड डॉलर बिक्री $106.6 बिलियन रही। मुद्रा को स्थिर करनेके उद्देश्य से, RBI ने मई 2024 में $22.2 बिलियन की विदेशी मुद्रा खरीदी और $28.3 बिलियन की विदेशी मुद्रा बेची।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यरुपये का रिकॉर्ड निम्न स्तर: मई 2024 में 1 USD के लिए 96.96।
  • तथ्यमई 2024 के अंत तक शुद्ध बकाया फॉरवर्ड डॉलर बिक्री: $106.6 बिलियन।
  • संस्थाRBI: केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) का प्रबंधन करता है और विनिमय दर को स्थिर करनेके लिए हस्तक्षेप करता है।
  • तथ्यRBI मई 2024 लेनदेन: $22.2 बिलियन खरीदे, $28.3 बिलियन बेचे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय रुपये की अस्थिरता को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और विनिमय दर की स्थिरता बनाए रखने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेपवादी उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।

  • एक्सटर्नल शॉक्स: घरेलू करेंसी की वैल्यू पर बढ़ते वैश्विक तेल भाव और उतार-चढ़ाव वाले इंटरनेशनल बॉन्ड यील्ड्स का असर
  • पॉलिसी इंस्ट्रूमेंट्स: कैपिटल इनफ्लो को आकर्षित करने में विदेशी कर्ज निवेश पर टैक्स इंसेंटिव्स की प्रभावशीलता
  • लिक्विडिटी मैनेजमेंट: फॉरेक्स रिज़र्व बनाए रखने और रुपये की क्रय शक्ति को स्थिर करने के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव · फॉरेक्स इंटरवेंशन · पूंजी का प्रवाह · मौनेटरी पॉलिसी · बाहरी झटके

NITI Aayog इंडेक्स में गुजरात बना टॉप इन्वेस्टमेंट हब, स्कोर मिला 56.6

चर्चा में क्यों: कैबिनेट की नियुक्तियों समिति ने अनुराग जैन को NITI Aayog के CEO और अशोक कुमार लाहिरी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया है, वहीं निवेश अनुकूलता सूचकांक (Investment Friendliness Index) में गुजरात शीर्ष प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है।

नीति आयोग का 'इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स' निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से आठ स्तंभों के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन करता है। इस सूचकांक में गुजरात ने 56.6 के स्कोर के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिसके बाद महाराष्ट्र और तमिलनाडु का स्थान आता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदअनुराग जैन (1989-बैच IAS) को NITI Aayog के CEO के रूप में नियुक्त किया गया।
  • संस्थाNITI Aayog: National Institution for Transforming India, एक प्रमुख नीतिगत थिंक टैंक।
  • तथ्यगुजरात ने इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स (Investment Friendliness Index) में 56.6 अंक प्राप्त किए।
  • संस्थाकैबिनेट की नियुक्तियाँ समिति (Appointments Committee of the Cabinet): उच्च स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार निकाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एक प्रतिस्पर्धी संघीय निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में नीति आयोग की भूमिका और राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति में राज्य-स्तरीय निवेश सूचकांकों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मिलेंगे 25,700 सेफ़्टी असेंबलीज़

चर्चा में क्यों: NHSRCL ने 320 kmph की गति पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए उन्नत ट्रैक्शन सिस्टम और भूकंप डिटेक्टरों की स्थापना की घोषणा की है।

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर में 14 ट्रैक्शन सबस्टेशन और 31 स्विचिंग पोस्ट शामिल हैं। यह परियोजना 1,125 किलोमीटर के ट्रैक पर 22,000 स्टील मास्ट और 25,700 कैंटिलीवर असेंबली का उपयोग करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाNHSRCL: National High Speed Rail Corporation Limited वह संस्था है जो मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यमुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर 1,125 km की दूरी तय करता है।
  • तथ्ययह कॉरिडोर 320 kmph तक की ट्रेन की गति को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • विज्ञान-तकनीकआपदा शमन के लिए रेल बुनियादी ढांचे में प्रारंभिक भूकंपीय पहचान हेतु seismometers को एकीकृत किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को सुदृढ़ करने में उच्च गति वाली रेल बुनियादी संरचना के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • सेफ्टी इंजीनियरिंग: हाई-स्पीड ट्रांजिट में भूगर्भीय जोखिमों को कम करने के लिए सीस्मोग्राफ और कैंटिलीवर असेंबली का एकीकरण
  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: ह्यूमन कैपिटल की तेज़ आवाजाही के लिए प्रमुख इकोनॉमिक हब्स के बीच यात्रा के समय में कमी
  • तकनीकी संप्रभुता: आयातित रेल तकनीक पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशी ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम का विकास

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · आपदा न्यूनीकरण · लॉजिस्टिक कुशलता · तकनीकी एकीकरण

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स + मेन्स

भारत और यू.एस. के बीच ट्रेड डील जल्द होगी साइन, 3-4 महीने में मुमकिन

चर्चा में क्यों: एक अमेरिकी अधिकारी ने संकेत दिया है कि सेक्शन 301 जांच संपन्न होने के पश्चात, भारत के साथ एक व्यापक व्यापार समझौता 3-4 महीनों के भीतर हस्ताक्षरित किया जा सकता है।

इस समझौते का उद्देश्य संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच बाजार पहुंच का विस्तार करना और व्यापार बाधाओं को कम करना है। भारत का औषधि क्षेत्र एक प्रमुख हितधारक है, जो प्रतिवर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका को लगभग $9.7 बिलियन मूल्य की जेनेरिक दवाएं निर्यात करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारत प्रतिवर्ष अमेरिका को लगभग $9.7 बिलियन मूल्य की जेनेरिक दवाएं निर्यात करता है।
  • विज्ञान-तकनीकSection 301: एक यू.एस. व्यापार कानून जो सरकार को अनुचित व्यापार प्रथाओं में संलग्न देशों पर टैरिफ/दंड लगाने की अनुमति देता है।
  • संस्थाभारत और United States की सरकारों के बीच व्यापार समझौता (trade agreement) वार्ता की जा रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के निर्यात टोकरी में विविधता लाने और वैश्विक फार्मास्युटिकल आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में एक व्यापक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • ट्रेड फ्रिक्शन: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सुरक्षा और यू.एस. सेक्शन 301 ट्रेड इन्वेस्टिगेशन की ज़रूरतों के बीच संतुलन
  • मार्केट एक्सेस: अमेरिकी हेल्थकेयर मार्केट में भारतीय जेनेरिक दवाओं की पहुंच बढ़ने की संभावना
  • भू-राजनीतिक तालमेल: महत्वपूर्ण दवाओं के लिए सिंगल-सोर्स मैन्युफैक्चरिंग हब्स पर निर्भरता कम करने के लिए व्यापारिक संबंधों का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: मार्केट एक्सेस · व्यापार उदारीकरण · जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स · धारा 301 · द्विपक्षीय व्यापार · सप्लाई चेन रेजिलिएंस

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स + मेन्स

भारत में बेरोजगारी दर 5.5% पर टिकी, युवाओं के लिए आंकड़ा 15.2% पहुंचा

चर्चा में क्यों: जून 2026 के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey) के आंकड़े 5.5% की स्थिर राष्ट्रीय बेरोजगारी दर के साथ-साथ 15.2% की अत्यधिक उच्च युवा बेरोजगारी दर को दर्शाते हैं।

जून 2026 में, भारत की श्रम बल भागीदारी दर गिरकर 54.4% हो गई, जो पिछले लगभग एक वर्ष में इसका न्यूनतम स्तर है। इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन (ISF) ने रिपोर्ट दी कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टाफिंग फर्मों ने 1.18 लाख फ्लेक्सी श्रमिकों को जोड़ा, यद्यपि यह क्षेत्र राष्ट्रीय कार्यबल का केवल 1.3% हिस्सा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजून 2026 तक भारत की राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 5.5% थी।
  • तथ्यमार्च 2026 में युवा बेरोजगारी दर 15.2% तक पहुंच गई।
  • तथ्यवैश्विक औसत 1.8% की तुलना में भारत के स्टाफिंग सेक्टर में कार्यबल की हिस्सेदारी 1.3% है।
  • तथ्यस्टाफिंग सेवाओं पर वर्तमान GST दर 18% है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बेरोजगारी के स्थिर राष्ट्रीय आंकड़ों के बावजूद, श्रम बाजार में अल्प-रोजगार (underemployment) और युवा बेरोजगारी से जुड़ी संरचनात्मक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • स्किल-मिसमैच: शिक्षा के आउटपुट और औद्योगिक मांग के बीच अंतर के कारण युवाओं में उच्च बेरोजगारी
  • अनौपचारिकता का जाल: स्टाफिंग सेक्टर में फ्लेक्सी-वर्कर्स के लिए कम वेतन और सोशल सिक्योरिटी की कमी
  • फ़िस्कल पॉलिसी लीवर: स्टाफिंग और सर्विस इंडस्ट्री के फॉर्मलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए GST रैशनलाइजेशन की संभावना

मुख्य शब्द: अल्प-रोजगार · लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट · फ्लेक्सी-वर्क · औपचारिकीकरण · स्किल मिसमैच

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भारत ने रूस से खरीदा 2.3 मिलियन बैरल से ज़्यादा कच्चा तेल

चर्चा में क्यों: रूस से भारत के तेल आयात ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है, जहाँ रूस शीर्ष आपूर्तिकर्ता बन गया है। इस परिवर्तन के मुख्य कारकों में रियायती मूल्य निर्धारण और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक बदलाव शामिल हैं।

जून माह में, भारतीय रिफाइनरियों ने 5.14 बिलियन डॉलर मूल्य का 2.3 मिलियन बैरल से अधिक रूसी कच्चा तेल खरीदा। वर्तमान में, भारत के कुल तेल आयात में रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी लगभग 50% है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यमध्य-2024 तक, रूस भारत के कुल तेल आयात का लगभग 50% हिस्सा है।
  • तथ्यभारत ने जून में $5.14 बिलियन मूल्य का रूसी कच्चा तेल खरीदा।
  • तथ्यपश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद, रूस भारत के सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा खरीद रणनीति राष्ट्रीय आर्थिक हितों और वैश्विक भू-राजनीतिक दबावों एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच संतुलन कैसे स्थापित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: रूस से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल के आयात और अस्थिर मिडिल ईस्ट सप्लाई चेन पर लंबी निर्भरता के बीच संतुलन
  • भू-राजनीतिक पैंतरेबाज़ी: ऊर्जा खरीद में 'स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी' बनाए रखते हुए पश्चिमी प्रतिबंधों से निपटना
  • ट्रेड डायनेमिक्स: घरेलू रिफाइनिंग इंडस्ट्री के प्रॉफिट मार्जिन और ग्लोबल मार्केट शेयर पर डिस्काउंटेड रूसी तेल का असर

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ऊर्जा सुरक्षा · व्यापार विविधीकरण · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · सप्लाई चेन रेजिलिएंस

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8% GDP ग्रोथ और सुधारों से 2047 तक विकसित देश बनेगा भारत, WTO की रिपोर्ट

चर्चा में क्यों: WTO व्यापार नीति समीक्षा (Trade Policy Review) के अनुसार, निरंतर 8% वार्षिक GDP वृद्धि और संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से भारत 2047 तक 'विकसित' स्थिति प्राप्त कर सकता है।

WTO की रिपोर्ट भारत की विकास यात्रा में उच्च व्यापार लागत, जटिल नियामक ढांचा और बुनियादी ढांचे की कमियों को प्राथमिक बाधाओं के रूप में चिन्हित करती है। यह इस बात पर बल देती है कि प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए व्यापार संबंधी प्रतिबंधों को कम करना अनिवार्य है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाWTO: World Trade Organization, एक वैश्विक निकाय जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को विनियमित और सुगम बनाता है।
  • तथ्यलक्ष्य विकास दर: 2047 तक विकसित स्थिति प्राप्त करने के लिए 8% वार्षिक GDP विकास दर की आवश्यकता।
  • तथ्यपहचाने गए प्रमुख अवरोध: उच्च व्यापार लागत, जटिल नियम और बुनियादी ढांचे की कमियां।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत द्वारा 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक संरचनात्मक सुधारों और बुनियादी ढांचा विकास की आवश्यकताओं का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: कॉम्प्लायंस स्टैंडर्ड्स की जटिलता MSMEs के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस में बाधा
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: भारत में लॉजिस्टिक्स लागत ग्लोबल एवरेज से ज़्यादा होने के कारण एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस प्रभावित हो रही है
  • ट्रेड पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: घरेलू संरक्षणवादी हितों और वैश्विक बाजार एकीकरण की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: संरचनात्मक सुधार · बाज़ार एकीकरण · व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता · GDP ग्रोथ ट्रेजेक्टरी · रेगुलेटरी सरलीकरण

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RBI ने जारी किए फॉरेन इन्वेस्टमेंट के नए नियम, 2019 वाले नियम बदलेंगे

चर्चा में क्यों: RBI ने FDI और FPI प्रवाह के ढांचे को सुव्यवस्थित करनेके लिए 2019 के नियमों के स्थान पर 'विदेशी मुद्रा प्रबंधन (विदेशी निवेश) नियम, 2026' प्रकाशित किए हैं।

नवीन नियम पात्र निवेश प्राप्त संस्थाओं और विदेशी नियंत्रित संस्थाओं (FCEs) को परिभाषित करते हैं, साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के मध्य अंतर को भी बनाए रखते हैं। विदेशी निवेश नीति के प्रावधानों की व्याख्या करने हेतु उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ही सक्षम प्राधिकारी बना रहेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRBI: विदेशी मुद्रा प्रबंधन (विदेशी निवेश) नियमों को प्रकाशित करने और उनकी निगरानी के लिए उत्तरदायी है।
  • संस्थाDPIIT: भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नीति के प्रावधानों की व्याख्या करने के लिए जिम्मेदार नोडल निकाय।
  • तथ्य2026 के नियम 2019 में स्थापित पिछले नियामक ढांचे का स्थान लेते हैं।
  • तथ्यइन नियमों में विशिष्ट परिस्थितियों के अंतर्गत कंपनियों के लिए विदेशी लिस्टिंग पर स्पष्ट प्रतिबंध शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विदेशी मुद्रा प्रबंधन (विदेशी निवेश) नियम, 2026 किस प्रकार विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के उद्देश्यों और राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी स्पष्टता: ओपेक कैपिटल फ्लो रोकने के लिए 'फॉरेन-कंट्रोल्ड एंटिटीज' की परिभाषाओं को स्टैंडर्डाइज़ करना
  • मार्केट इंटीग्रिटी: घरेलू कॉर्पोरेट हितों की सुरक्षा के लिए ओवरसीज लिस्टिंग पर रोक और निवेश की सुगमता के बीच संतुलन
  • संस्थागत तालमेल: निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने हेतु RBI की रेगुलेटरी ओवरसाइट और DPIIT की पॉलिसी इंटरप्रिटेशन का समन्वय

मुख्य शब्द: कैपिटल अकाउंट कन्वर्टिबिलिटी · FDI-FPI में अंतर · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · विदेशी नियंत्रण वाली संस्थाएं · निवेश नीति

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डोनाल्ड ट्रंप ने इंपोर्टेड जेनेरिक दवाओं पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की

चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने और भारत जैसे प्रमुख निर्यातकों को प्रभावित करने के उद्देश्य से 1 अगस्त, 2026 से आयातित जेनेरिक दवाओं पर एक स्तरीय शुल्क संरचना (tiered tariff structure) की घोषणा की है।

अमेरिकी प्रशासन ने तीन चरणों में शुल्क वृद्धि की योजना बनाई है: प्रथम दो वर्षों के लिए 0%, जो बढ़कर 100% और अंततः 200% हो जाएगा। वर्तमान में, भारत अमेरिकी बाजार में जेनेरिक दवाओं की कुल मात्रा का लगभग 40% आपूर्ति करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारत, अमेरिकी बाजार को मात्रा के आधार पर लगभग 40% जेनेरिक दवाएं (generic medicines) की आपूर्ति करता है।
  • तथ्यटैरिफ शेड्यूल: 0% (प्रथम 2 वर्ष), 100%, और फिर 1 अगस्त, 2026 से 200%।
  • पदडोनाल्ड ट्रंप: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक दवा आपूर्ति श्रृंखला पर संरक्षणवादी व्यापार नीतियों के निहितार्थों और जेनेरिक दवाओं के प्रमुख आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की स्थिति का विश्लेषण कीजिए।

  • ट्रेड इम्बैलेंस: कम लागत वाले जेनेरिक इम्पोर्ट से कम होती प्रतिस्पर्धा के कारण अमेरिका में घरेलू दवाओं की कीमतों में भारी उछाल की संभावना
  • सप्लाई चेन में रुकावट: भारतीय जेनेरिक इम्पोर्ट पर निर्भर पुरानी बीमारियों की दवाओं की अमेरिका में कमी का खतरा
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: अमेरिकी नागरिकों के लिए किफायती स्वास्थ्य सेवा के लक्ष्य के मुकाबले घरेलू मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव्स (रीशोरिंग) के बीच संतुलन बनाना

मुख्य शब्द: संरक्षणवाद · रीशोरिंग · जेनेरिक ड्रग्स · व्यापारिक बाधाएं · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस

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केरल को GCC इन्वेस्टमेंट हब बनाने की रिपोर्ट जारी, 2 लाख जॉब्स का लक्ष्य

चर्चा में क्यों: केरल IT ने निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, 2031 तक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की संख्या को 45 से बढ़ाकर 150 करने हेतु एक व्यवहार्यता रिपोर्ट जारी की है।

यह रिपोर्ट 'केरल GCC आउटलुक 2026' सम्मेलन के एक भाग के रूप में टेक्नोपार्क में जारी की गई। राज्य इस विस्तार के माध्यम से 2 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखता है। इस पहल का मुख्य केंद्र वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए केरल के कुशल प्रतिभा पूल और बुनियादी ढांचे का लाभ उठाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकेरल ने वर्ष 2031 तक 150 कार्यात्मक GCCs का लक्ष्य रखा है।
  • तथ्यGCC विस्तार के माध्यम से 2031 तक 2 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य है।
  • स्थानTechnopark, केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित एक प्रमुख IT पार्क है।
  • तथ्यकेरल में वर्तमान में संचालित GCCs की संख्या 45 है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विकास किस प्रकार भारतीय राज्यों में क्षेत्रीय आर्थिक विकास और उच्च-कौशल रोजगार के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • स्किल-मिसमैच गैप: शैक्षणिक संस्थानों और बदलते GCC तकनीकी मानकों के बीच करिकुलम अलाइनमेंट की ज़रूरत
  • इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनेक: ग्लोबल डेटा स्टैंडर्ड्स को सपोर्ट करने के लिए हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और स्पेशलाइज्ड पावर ग्रिड की ज़रूरत
  • राज्य-स्तरीय प्रतियोगिता: राज्य-विशिष्ट प्रोत्साहन और राष्ट्रीय IT निवेश प्राथमिकताओं के बीच पॉलिसी ट्रेड-ऑफ

मुख्य शब्द: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स · कौशल विकास · निवेश का माहौल · रोज़गार सृजन · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

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तमिलनाडु में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 43% महिलाएं शामिल, अन्य राज्यों से आगे

चर्चा में क्यों: राज्य-संचालित आवास पहलों के माध्यम से, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में तमिलनाडु की महिला श्रम शक्ति भागीदारी 2023-24 तक बढ़कर 43% हो गई है, जो अन्य औद्योगिक राज्यों से आगे है।

MoSPI के आंकड़ों से ज्ञात होता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में तमिलनाडु की महिला रोजगार की भागीदारी वर्ष 2013-14 में 20% से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 43% हो गई है। राज्य सरकार और Foxconn ने अगस्त 2024 में महिला श्रमिकों के लिए 706.5 करोड़ रुपये की लागत वाले एक आवासीय परिसर का उद्घाटन किया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यवर्ष 2023-24 में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में तमिलनाडु की महिला रोजगार 43% तक पहुंच गया।
  • तथ्यMoSPI (Ministry of Statistics and Programme Implementation) विनिर्माण रोजगार डेटा के लिए नोडल निकाय है।
  • स्थानकोइम्बाटोर और मदुरै को तमिलनाडु में महिला श्रम बल भागीदारी के प्रमुख केंद्रों के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यमहिला श्रमिकों के लिए ₹706.5 करोड़ की आवासीय परिसर का उद्घाटन अगस्त 2024 में किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य-आधारित बुनियादी ढांचा हस्तक्षेपों, जैसे कि श्रमिकों के लिए आवास, किस प्रकार औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्र में लैंगिक अंतराल को कम कर सकते हैं और समावेशी आर्थिक विकास में योगदान दे सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित समावेश: समर्पित रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स के जरिए महिला श्रमिकों के लिए पलायन जोखिम और सुरक्षा चिंताओं को कम करना

मुख्य शब्द: लैंगिक रूप से समावेशी विकास · श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) · औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · मैन्युफैक्चरिंग हब

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

इंडेक्स ऑफ कोर इंडस्ट्रीज में शामिल हुआ आयरन ओर, अब कुल 9 कोर इंडस्ट्रीज

चर्चा में क्यों: प्रवीण महतो समिति की सिफारिशों के आधार पर, मुख्य उद्योगों के सूचकांक (ICI) में लौह अयस्क को एक मुख्य उद्योग के रूप में शामिल करते हुए, इसकी सूची को आठ से बढ़ाकर नौ कर दिया गया है।

कोर उद्योगों का सूचकांक (ICI) अब लौह अयस्क, इस्पात (कुल उत्पादन डेटा का उपयोग करते हुए) को सम्मिलित करता है और दोहरी गणना को रोकने के लिए कोयले के मध्यवर्ती उत्पादों (coal middlings) को बाहर रखता है। सांख्यिकीय संरेखण हेतु इस सूचकांक को अद्यतन किया गया है ताकि वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष के रूप में उपयोग किया जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजून 2025 में लौह अयस्क उत्पादन में 43.9% की वृद्धि दर्ज की गई।
  • संस्थाकोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (ICI) भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के उत्पादन को ट्रैक करता है।
  • तथ्यकोर उद्योगों के अद्यतन सूचकांक (Index of Core Industries) के लिए आधार वर्ष 2022-23 है।
  • तथ्यसूचकांक में कोर उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कोर उद्योगों के सूचकांक में लौह अयस्क के समावेश किस प्रकार भारत की बदलती औद्योगिक प्राथमिकताओं और आर्थिक नियोजन में सटीक सांख्यिकीय मॉडलिंग के महत्व को दर्शाता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: सटीक इंडस्ट्रियल आउटपुट मैट्रिक्स सुनिश्चित करने के लिए कोल मिडलिंग्स की डबल काउंटिंग को खत्म करना
  • सेक्टोरल शिफ्ट: राष्ट्रीय जीडीपी में खनिज-आधारित औद्योगिक विकास के बढ़ते महत्व को दर्शाता है
  • पॉलिसी अलाइनमेंट: राष्ट्रीय सांख्यिकीय ओवरहॉल लक्ष्यों के साथ ICI बेस ईयर को सिंक्रोनाइज़ करना

मुख्य शब्द: औद्योगिक उत्पादन · सांख्यिकीय मॉडलिंग · कोर इंडस्ट्रीज · मिनरल प्रोसेसिंग · आर्थिक संकेतक

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में सुधार, मार्च 2026 तक लोन पोर्टफोलियो 3.25 लाख करोड़ पहुंचेगा

चर्चा में क्यों: MFIN गार्डरेल्स के कार्यान्वयन के कारण सूक्ष्म वित्त (microfinance) क्षेत्र में सुधार देखा जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप मार्च 2026 तक कुल ऋण पोर्टफोलियो (Gross Loan Portfolio) के 3.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है।

कुल ऋण पोर्टफोलियो के मार्च 2026 तक 3.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने का अनुमान है, जो 3.3% की वृद्धि को दर्शाता है। MFIN गार्डरेल्स (Guardrails) के अंतर्गत ऋणकर्ताओं के लिए अधिकतम तीन ऋणदाताओं की सीमा निर्धारित की गई है और कुल सूक्ष्म वित्त ऋण को 2 लाख रुपये तक सीमित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकुल ऋण पोर्टफोलियो (Gross Loan Portfolio) लक्ष्य: मार्च 2026 तक ₹3.25 लाख करोड़।
  • तथ्यMFIN Guardrails: प्रति उधारकर्ता अधिकतम 3 ऋणदाता।
  • तथ्यMFIN गार्डरेल्स: सूक्ष्म वित्त (microfinance) ऋण की कुल सीमा 2 लाख रुपये।
  • संस्थाMFIN: वह निकाय जो सूक्ष्म वित्त (microfinance) के लिए सुरक्षा घेरे (guardrails) और उद्योग मानकों को स्थापित करने के लिए उत्तरदायी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सूक्ष्म वित्त (माइक्रोफाइनेंस) क्षेत्र में विनियामक सुरक्षा घेरे (regulatory guardrails) किस प्रकार वित्तीय समावेशन की आवश्यकता और संवेदनशील आबादी के बीच अत्यधिक ऋणग्रस्तता को रोकने की अनिवार्यता के बीच संतुलन स्थापित करते हैं, चर्चा कीजिए।

  • क्रेडिट रिस्क मिटिगेशन: लेंडर कैप्स और डेट सीलिंग के जरिए जोखिम भरे लेंडिंग पैटर्न को कम करना
  • वित्तीय समावेशन का ट्रेड-ऑफ: तेज़ी से बढ़ते क्रेडिट विस्तार और उधारकर्ताओं की सुरक्षा के बीच संतुलन
  • एसेट क्वालिटी में सुधार: माइक्रो-लेंडिंग पोर्टफोलियो की स्थिरता पर रेगुलेटरी ओवरसाइट का असर

मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · अत्यधिक कर्ज में डूबे होना · क्रेडिट रिस्क · रेगुलेटरी ओवरसाइट · माइक्रोफाइनेंस

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में इंजन उत्पादन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विस्तार हेतु ₹3,250 करोड़ के निवेश को सुगम बनाने के लिए फोर्ड के अधिकारियों से भेंट की।

फोर्ड कंपनी चेन्नई के निकट मरैयमलै नगर स्थित अपनी इकाई में इंजन उत्पादन शुरू करने के लिए ₹3,250 करोड़ के निवेश की योजना बना रही है। इस पहल के अंतर्गत विनिर्माण परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने और तमिलनाडु में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का विस्तार करने का प्रस्ताव है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यMaraimalai Nagar में Ford का नियोजित निवेश ₹3,250 करोड़ है।
  • स्थानमराईमलाई नगर फैक्ट्री तमिलनाडु के चेन्नई के निकट स्थित है।
  • विज्ञान-तकनीकGlobal Capability Centres (GCCs) ऑफशोर टेक्नोलॉजी और बिजनेस प्रोसेस सर्विसेज के केंद्र हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य-आधारित औद्योगिक नीतियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) को बढ़ावा देने से भारत की विनिर्माण और सेवा निर्यात महत्वाकांक्षाओं को किस प्रकार प्राप्त करने में सहायता मिलती है, चर्चा कीजिए।

  • GCC विस्तार: भारत की वैल्यू चेन को बेहतर बनाने के लिए लो-एंड BPO से हाई-एंड R&D और इंजीनियरिंग हब्स की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) · ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स · मैन्युफैक्चरिंग हब · औद्योगिक नीति · वैल्यू चेन इंटीग्रेशन

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

RBI की नई स्कीम से भारतीय बैंकों ने विदेशों से $17.40 बिलियन जुटाए

चर्चा में क्यों: भारतीय बैंकों ने रुपये के अवमूल्यन के विरुद्ध विदेशी मुद्रा भंडार को सुदृढ़ करनेउद्देश्य से, विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) जमा के लिए एक विशेष RBI विंडो के माध्यम से विदेशों से $17.40 बिलियन जुटाए।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 8 जून, 2026 को विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) जमा के लिए एक विशेष खिड़की (special window) शुरू की। 17 जुलाई, 2026 तक, FCNR, OFCB और ECB योजनाओं के अंतर्गत कुल संग्रहण $20.71 बिलियन तक पहुंच गया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक प्रणाली और विदेशी मुद्रा को विनियमित करने के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यFCNR, OFCB, और ECB: 17 जुलाई, 2026 तक इनका संयुक्त संग्रहण $20.71 बिलियन तक पहुँच गया।
  • तथ्यभारतीय बैंक सितंबर 2026 में योजना की समाप्ति तक $50 बिलियन के लक्ष्य को प्राप्त करने का लक्ष्य रखते हैं।
  • तथ्यपूंजी प्रवाह: 20 जुलाई, 2026 तक विशेष रूप से नई RBI योजना के माध्यम से $17.40 बिलियन जुटाए गए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में पूंजी प्रवाह के विविधीकरण और विदेशी मुद्रा भंडार को सुदृढ़ करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • बाहरी भेद्यता: पश्चिम एशिया संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से होने वाले रुपये की गिरावट के जोखिमों को कम करना
  • लिक्विडिटी मैनेजमेंट: घरेलू क्रेडिट की ज़रूरतों और मज़बूत विदेशी मुद्रा भंडार बनाए रखने की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • कैपिटल फ्लो रेगुलेशन: स्थिर लॉन्ग-टर्म विदेशी निवेश को आकर्षित करने में RBI के स्पेशल विंडोज की भूमिका

मुख्य शब्द: विदेशी मुद्रा भंडार · मौनेटरी पॉलिसी · पूंजी का आगमन · मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी · करेंसी की वैल्यू में गिरावट

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पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से ज़्यादा नहीं होगी, सुरेश गोपी का बयान

चर्चा में क्यों: राज्यसभा में राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने स्पष्ट किया कि सरकार वैज्ञानिक अध्ययन और हितधारकों के परामर्श के बिना पेट्रोल में 20% से अधिक इथेनॉल मिश्रण की अनुमति नहीं देगी।

भारत ने निर्धारित समय से पांच वर्ष पूर्व ही 20% इथेनॉल सम्मिश्रण लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वर्ष 2014-15 से इस पहल के माध्यम से ₹1.97 ट्रिलियन से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 952 लाख टन की कमी आई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यभारत ने मूल निर्धारित समय से पांच वर्ष पूर्व 20% ethanol blending लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
  • तथ्य2014-15 से इथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol blending) के कारण ₹1.97 ट्रिलियन की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
  • तथ्यवर्तमान में इथेनॉल उत्पादन के लिए अतिरिक्त अनाज का उपयोग किया जाता है ताकि खाद्य फसलों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
  • तथ्यनिर्माता के सेवा डेटा (service data) के अनुसार, E20 ईंधन (20% इथेनॉल मिश्रण) से इंजन या ईंधन-पंप को होने वाले नुकसान का कोई सत्यापित प्रमाण नहीं मिला है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में एथेनॉल सम्मिश्रण की भूमिका का परीक्षण कीजिए, साथ ही खाद्य सुरक्षा और ऑटोमोटिव बुनियादी ढांचे से संबंधित चिंताओं के संदर्भ में भी इसका विश्लेषण कीजिए।

  • फूड-एनर्जी नेक्सस: ईंधन उत्पादन के लिए अतिरिक्त अनाज के इस्तेमाल और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की जरूरतों के बीच संतुलन
  • तकनीकी अनुकूलता: इंटरनल कम्बशन इंजन और फ्यूल डिलीवरी सिस्टम पर होने वाले संभावित लंबे समय के नुकसान को दूर करना
  • राजकोषीय और पर्यावरणीय लाभ: बायो-फ्यूल के इस्तेमाल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना और कार्बन फुटप्रिंट घटाना

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · बायो-फ्यूल्स · कार्बन फुटप्रिंट · खाद्य-ऊर्जा नेक्सस · विदेशी मुद्रा बचत

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दिल्ली में नई इको-व्हीकल्स पर 10 साल तक टैक्स में मिलेगी छूट

चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने पुराने वाणिज्यिक वाहनों को BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए 'परिवर्तन' (PARIVARTAN) योजना को मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत मोटर वाहन कर में 10 वर्ष तक की छूट प्रदान की जाएगी।

परिवर्तन योजना पुराने ट्रकों, बसों और मालवाहक वाहनों को बदलने वाले स्वामियों के लिए 100% मोटर वाहन कर छूट, पंजीकरण शुल्क माफी और ब्याज उपदान (इंटरेस्ट सब्वेंशन) प्रदान करती है। पूर्ण लाभों के लिए पात्र होने हेतु, BS-IV या उससे पुराने हल्के मालवाहक वाहनों के स्वामियों को अपनी पुरानी इकाइयों को स्क्रैप करना होगा और नए इलेक्ट्रिक हल्के मालवाहक वाहन (LGVs) खरीदने होंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजनाPARIVARTAN: पर्यावरण के अनुकूल वाणिज्यिक वाहनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली सरकार की एक योजना।
  • तथ्यकर छूट की अवधि: पुराने वाहनों को BS-VI या इलेक्ट्रिक मॉडल से बदलने वाले मालिकों के लिए 10 वर्ष तक।
  • तथ्यपात्रता: इसमें ट्रक, बस और मालवाहक वाहन शामिल हैं; BS-IV या उससे पुराने हल्के मालवाहक वाहनों के लिए विशिष्ट आवश्यकताएं।
  • तथ्यप्रोत्साहन: इसमें 100% मोटर वाहन कर छूट, पंजीकरण शुल्क माफी, ब्याज उपदान (interest subvention) और ईंधन वाउचर शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: परिवर्तन (PARIVARTAN) जैसी राजकोषीय प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से भारत के वाणिज्यिक परिवहन क्षेत्र को सतत गतिशीलता और कम कार्बन पदचिह्न की ओर प्रभावी रूप से परिवर्तित करने की क्षमता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

मुख्य शब्द: राजकोषीय प्रोत्साहन · सस्टेनेबल मोबिलिटी · कार्बन फुटप्रिंट · व्हीकल स्क्रैपेज · प्रदूषण कम करना

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RBI ने FY27 के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% किया

चर्चा में क्यों: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और मानसून की अनिश्चितताओं के कारण, RBI गवर्नर ने वित्त वर्ष 2027 के लिए मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान को बढ़ाकर 5.1% कर दिया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है। जून 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति 4.38% तक पहुंच गई, जो 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से अधिक है, किंतु यह 2-6% के सहनशीलता बैंड (tolerance band) के भीतर बनी हुई है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यRBI का मध्यम अवधि का मुद्रास्फीति लक्ष्य 4% है।
  • तथ्यRBI का मुद्रास्फीति सहनशीलता बैंड (inflation tolerance band) 2% से 6% है।
  • तथ्यभारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85% आयात करता है।
  • तथ्यजून 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति 4.38% दर्ज की गई।
  • तथ्यजून में परिवहन सेवाओं की मुद्रास्फीति 7.7% दर्ज की गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भू-राजनीतिक तनाव और जलवायु संबंधी जोखिम भारत के मौद्रिक नीति ढांचे और मुद्रास्फीति लक्ष्यों की प्राप्ति को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • बाहरी संवेदनशीलता: कच्चे तेल पर भारी आयात निर्भरता (85%) घरेलू महंगाई को मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील बनाती है
  • सप्लाई-साइड वोलाटिलिटी: मानसून पर निर्भर खाद्य कीमतें RBI के डिमांड-साइड मॉनेटरी टूल्स के लिए संरचनात्मक चुनौतियां पैदा करती हैं
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ्स: बढ़ती इनपुट कॉस्ट के बीच ग्रोथ को सपोर्ट करने और महंगाई रोकने के लिए इंटरेस्ट रेट एडजस्टमेंट के बीच संतुलन बनाना

मुख्य शब्द: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक · मौनेटरी पॉलिसी · महंगाई लक्ष्यीकरण · भू-राजनीतिक जोखिम · सप्लाई-साइड शॉक

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

केरल में कोयले पर निर्भरता कम करने की सलाह, सोलर पावर पर जोर

चर्चा में क्यों: केरल राज्य विद्युत नियामक आयोग (KSERC) ने कोयले पर निर्भरता से उत्पन्न होने वाले वित्तीय जोखिमों को कम करनेके लिए केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) को सौर ऊर्जा की ओर स्थानांतरित होने का निर्देश दिया है।

KSERC ने NVVNL और Power Pulse Trading Solutions से ₹5.96 प्रति इकाई की दर से एक वर्ष के लिए 200 MW बिजली की खरीद को अनुमोदित किया है। आयोग ने यह संज्ञान लिया कि दिन के समय सौर ऊर्जा ₹1.50 से ₹2 प्रति इकाई की काफी कम दरों पर उपलब्ध है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाKSERC: Kerala State Electricity Regulatory Commission केरल में बिजली टैरिफ और वितरण को विनियमित करने वाली एक वैधानिक संस्था है।
  • तथ्यKSEB खरीद दर: जुलाई 2024 में स्वीकृत 200 MW के लिए ₹5.96 प्रति यूनिट।
  • तथ्यसौर ऊर्जा की लागत: दिन के समय ₹1.50 से ₹2 प्रति यूनिट अनुमानित है।
  • संस्थाNVVNL: NTPC Vidyut Vyapar Nigam Ltd, NTPC की एक सहायक कंपनी है जो बिजली व्यापार (power trading) में संलग्न है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विकेंद्रीकृत विद्युत वितरण मॉडल में कोयला आधारित बिजली उत्पादन से सौर ऊर्जा की ओर संक्रमण के आर्थिक और पर्यावरणीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • वोलाटिलिटी का पूर्वानुमान: ग्रिड स्टेबिलिटी को प्रभावित करने वाले गलत पावर डिमांड प्रेडिक्शन से जुड़े ऑपरेशनल रिस्क
  • डिकार्बोनाइजेशन ट्रेड-ऑफ्स: ग्रिड की तत्काल विश्वसनीयता और कोयले पर निर्भरता कम करने के दीर्घकालिक लक्ष्यों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: ऊर्जा ट्रांज़िशन · ग्रिड स्टेबिलिटी · रिन्यूएबल इंटीग्रेशन · लागत-लाभ विश्लेषण · डीकार्बोनाइजेशन

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स + मेन्स

8th Pay Commission की बैठक जारी, 1 करोड़ लाभार्थियों पर होगा असर

चर्चा में क्यों: लगभग एक करोड़ लाभार्थियों के वेतन, पेंशन और भत्तों की समीक्षा करने तथा उनमें संशोधन की सिफारिश करने के लिए 3 नवंबर, 2025 को 8th Pay Commission का गठन किया गया।

आयोग लगभग एक करोड़ लाभार्थियों के लिए वेतन संरचना पर परामर्श कर रहा है। NC-JCM ने 69,000 रुपये के न्यूनतम वेतन और 6% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की है। अंतिम सिफारिशों के फरवरी और अप्रैल 2027 के बीच आने की संभावना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्य8th Pay Commission की स्थापना 3 नवंबर, 2025 को की गई थी।
  • तथ्य8th Pay Commission की अंतिम सिफारिशें फरवरी और अप्रैल 2027 के बीच आने की उम्मीद है।
  • तथ्यNC-JCM ने ₹69,000 का न्यूनतम वेतन और 6% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत सरकार की राजकोषीय स्थिति और सार्वजनिक क्षेत्र की दक्षता पर आवधिक वेतन आयोग के संशोधनों के आर्थिक और प्रशासनिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय दबाव: बड़े सार्वजनिक कार्यबल के बढ़ते वेतन बिल और सरकार के राजकोषीय घाटा लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • संरचनात्मक असमानता: पे लेवल को मर्ज करने के प्रस्ताव के ज़रिए केंद्र और राज्य कर्मचारियों के बीच वेतन की विसंगतियों को दूर करना
  • महंगाई का असर: समय-समय पर न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी और सर्विस सेक्टर में कॉस्ट-पुश महंगाई के बीच संबंध

मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · वेतन संरचना · सार्वजनिक व्यय · पे-पैरिटी · आर्थिक समावेश

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स + मेन्स

US-Iran तनाव से Brent crude USD 90 के ऊपर, एशियाई बाजार गिरे

चर्चा में क्यों: अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न व्यवधानों के कारण ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 90 USD के पार पहुंच गईं, जिससे भारतीय रुपये में गिरावट आई और एशियाई शेयर बाजारों में मंदी देखी गई।

20 जुलाई को, ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों में 2.37% की वृद्धि हुई और यह 90.19 USD प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 11 जून के बाद इसका उच्चतम स्तर है। भारतीय रुपया USD के मुकाबले कमजोर होकर 96.41 पर आ गया, वहीं मुद्रास्फीति की आशंकाओं और भू-राजनीतिक तनावों के कारण Sensex और Nifty में गिरावट दर्ज की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्य20 जुलाई को Brent crude की कीमत USD 90.19 प्रति बैरल तक पहुंच गई।
  • तथ्य20 जुलाई को भारतीय रुपया 96.41 पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले खुला।
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
  • तथ्य20 जुलाई को WTI crude की कीमत USD 84.20 प्रति बैरल तक पहुँच गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव भारत के बाह्य व्यापार और घरेलू व्यापक आर्थिक स्थिरता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

जापान ने क्रिप्टो टैक्स घटाकर 20% किया, भारत का 30% रेट बरकरार

चर्चा में क्यों: जापान की संसद ने एक ऐसा कानून पारित किया है जो क्रिप्टोकरेंसी को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में मान्यता देता है और क्रिप्टो कर को घटाकर 20% कर देता है, जो भारत की 30% की कर दर के विपरीत है।

जापान के नए कानून के अंतर्गत क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिभूति नियमों के तहत वित्तीय परिसंपत्तियों के रूप में वर्गीकृत किया गया है और इसमें इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए अधिक कड़े नियमों को लागू किया गया है। भारत वर्तमान में क्रिप्टो लाभ पर 30% की कर दर बनाए रखता है और लाभ के विरुद्ध हानि के समायोजन (सेट-ऑफ) को प्रतिबंधित करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजापान की नई क्रिप्टोकरेंसी कर दर 20% है।
  • तथ्यवर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) पर भारत की वर्तमान कर दर 30% है।
  • तथ्यभारत क्रिप्टोकरेंसी निवेश के लिए लाभ के विरुद्ध हानि के सेट-ऑफ (set-off) की अनुमति नहीं देता है।
  • विज्ञान-तकनीकजापान का कानून क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिभूतियों (securities) के नियमों के तहत वित्तीय परिसंपत्तियों के रूप में वर्गीकृत करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विभिन्न वैश्विक कर व्यवस्थाओं का डिजिटल परिसंपत्ति पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी परिदृश्य में भारत की स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: कैपिटल गेन्स को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए निवेशकों का जापान जैसे कम टैक्स वाले ज्यूरिसडिक्शन की ओर जाना
  • राजकोषीय नीति का ट्रेड-ऑफ: टैक्स रेवेन्यू की ज़रूरत और घरेलू फिनटेक इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लक्ष्य के बीच संतुलन
  • मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर: ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की ईमानदारी पर जापान के सख्त इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का असर

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी आर्बिट्रेज · वर्चुअल डिजिटल एसेट्स · राजकोषीय नीति · मार्केट इंटीग्रिटी · डिजिटल इकोनॉमी

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

महंगाई 5.65% पर पहुंची फिर भी RBI ने ब्याज दरें 5.25% पर रखी

चर्चा में क्यों: RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने वर्ष के अंत तक मुद्रास्फीति के 5.65% तक बढ़ने के अनुमान के बावजूद, रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने के पक्ष में सर्वसम्मति से मतदान किया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी नवीनतम बैठक में 'तटस्थ' रुख बनाए रखा। यह निर्णय मुद्रास्फीति के बढ़ते पूर्वानुमान (5.65%) तथा ऊर्जा की कीमतों, मानसून के प्रभावों और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा संभावित ब्याज दर वृद्धि से संबंधित चिंताओं के बीच लिया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाMPC: Monetary Policy Committee वह निकाय है जो भारत में आधार ब्याज दरों (benchmark interest rates) को निर्धारित करने के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यRepo Rate: नवीनतम RBI नीति घोषणा के अनुसार 5.25% पर बनाए रखा गया है।
  • तथ्यमुद्रास्फीति पूर्वानुमान: चालू कैलेंडर वर्ष के अंत तक 5.65% तक पहुँचने का अनुमान है।
  • विज्ञान-तकनीकनकारात्मक वास्तविक ब्याज दरें (Negative Real Interest Rates): तब होती हैं जब मुद्रास्फीति की दर नाममात्र की ब्याज दर से अधिक हो जाती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक मौद्रिक अस्थिरता के बीच मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को समर्थन देने के 'दोहरे अधिदेश' (dual mandate) के बीच संतुलन बनाए रखने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • मॉनेटरी ट्रांसमिशन लैग: RBI द्वारा रेट में बदलाव और कमर्शियल बैंकों द्वारा लेंडिंग रेट में बदलाव के बीच का समय अंतराल
  • एक्सटर्नल शॉक्स: वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और US फेडरल रिजर्व की पॉलिसी बदलाव के प्रति घरेलू महंगाई की संवेदनशीलता
  • खाद्य कीमतों में उतार-चढ़ाव: मानसून के अनिश्चित पैटर्न का सप्लाई-साइड महंगाई पर असर और डिमांड-साइड मॉनेटरी टूल्स की सीमाएं

मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · महंगाई लक्ष्यीकरण · रेपो रेट · रियल इंटरेस्ट रेट्स · आर्थिक मजबूती

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

RBI ने बैंकों को जब्त की गई प्रॉपर्टी वापस उधारकर्ताओं को बेचने से रोका

चर्चा में क्यों: RBI ने NPA प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके लिए बैंकों द्वारा पुन: प्राप्त की गई संपत्तियों को मूल उधारकर्ताओं को पुन: बेचने पर रोकलगाते हुए 'तृतीय संशोधन निर्देश, 2026' जारी किए हैं।

RBI के तृतीय संशोधन निर्देश, 2026 के अनुसार, बैंकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे गैर-वित्तीय परिसंपत्तियां (SNFAs) प्राप्त करने से पूर्व ऋणों को गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) के रूप में वर्गीकृत करें। बैंकों के लिए SNFA प्रबंधन हेतु आंतरिक नीतियां बनाना आवश्यक है और उन्हें अपनी बैलेंस शीट में इन परिसंपत्तियों को 'गैर-बैंकिंग परिसंपत्तियों' के रूप में पृथक रूप से सूचीबद्ध करना होगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRBI: NPA प्रबंधन और SNFA निपटान पर निर्देश जारी करने के लिए जिम्मेदार नियामक निकाय।
  • तथ्यSNFAs: चूककर्ता (defaulting borrowers) से बैंकों द्वारा अधिग्रहित गैर-वित्तीय परिसंपत्तियाँ।
  • तथ्यतीसरा संशोधन निर्देश, 2026: पुन: प्राप्त (repossessed) संपत्तियों के अधिग्रहण और निपटान को नियंत्रित करने वाला विशिष्ट नियामक ढांचा।
  • तथ्यबैलेंस शीट आवश्यकता: SNFAs को कोर बैंकिंग एसेट्स के साथ मिलाने के बजाय 'नॉन-बैंकिंग एसेट्स' के अंतर्गत अलग से सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) के 'एवरग्रीनिंग' (evergreening) को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों (SNFAs) पर लागू किए गए नियमों के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

  • पारदर्शिता की कमी: डिफॉल्ट छिपाने के लिए रिकवर किए गए एसेट्स को वापस उसी उधारकर्ता को बेचने वाले 'सर्कुलर' ट्रांजेक्शन पर रोक
  • अकाउंटिंग इंटीग्रिटी: बैलेंस शीट में नॉन-बैंकिंग एसेट्स को अलग करना ताकि बैंक की कोर लेंडिंग हेल्थ की स्पष्ट तस्वीर मिल सके

मुख्य शब्द: नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) · एसेट क्वालिटी रिव्यू · पारदर्शिता · एवरग्रीनिंग · रेगुलेटरी कंप्लायंस · बैलेंस शीट की ईमानदारी

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केरल में सोलर पावर की अधिकता से ग्रिड पर दबाव, KSEB बैटरी स्टोरेज प्लान कर रहा

चर्चा में क्यों: PM Suryaghar Yojana के अंतर्गत केरल में रूफटॉप सोलर के तीव्र अंगीकरण ने आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन उत्पन्न कर दिया है, जिसके कारण KSEB ने बैटरी स्टोरेज समाधानों की योजनाबनाने का निर्णय लिया है।

छत पर सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में केरल भारत में चौथे स्थान पर है, जिसका लक्ष्य मई 2026 तक 2,508 MW की क्षमता प्राप्त करना है। राज्य वर्तमान में एक विसंगति का सामना कर रहा है, जहाँ मांग का उच्चतम स्तर शाम 6 बजे से रात 11 बजे के बीच होता है, जबकि सौर ऊर्जा उत्पादन दिन के उजाले के दौरान अपने चरम पर होता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकेरल का रूफटॉप सोलर लक्ष्य: मई 2026 तक 2,508 MW।
  • योजनाPM Suryaghar Yojana: रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की योजना।
  • संस्थाKSEB: Kerala State Electricity Board, राज्य की प्राथमिक बिजली उपयोगिता।
  • विज्ञान-तकनीकBattery Energy Storage Systems (BESS): रात के समय उपयोग के लिए अतिरिक्त सौर ऊर्जा को संचित करने हेतु प्रयुक्त तकनीक।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य की विद्युत ग्रिडों में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण से जुड़ी तकनीकी और आर्थिक चुनौतियों तथा ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने में ऊर्जा भंडारण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • ग्रिड स्थिरता पर जोखिम: पीक डिमांड के दौरान रुक-रुक कर होने वाली सोलर सप्लाई से वोल्टेज में उतार-चढ़ाव और फ्रीक्वेंसी अस्थिरता
  • आर्थिक अक्षमता: दिन के सोलर सरप्लस की भरपाई के लिए रात में बिजली आयात की भारी लागत
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सप्लाई-डिमांड के अंतर को संतुलित करने के लिए हाई-कैपेसिटी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की ज़रूरत

मुख्य शब्द: ग्रिड स्टेबिलिटी · अनिरंतरता · विकेंद्रीकृत उत्पादन · एनर्जी स्टोरेज सिस्टम · पीक लोड मैनेजमेंट

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भारत की पहली अंडरसी रेलवे टनल का काम शुरू, 13.6-मीटर TBM से खुदाई

चर्चा में क्यों: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के हिस्से के रूप में, NHSRCL ने थानी क्रीक के नीचे भारत की पहली समुद्री रेलवे सुरंग के लिए खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

इस परियोजना में 10 किलोमीटर लंबे सुरंग खंड का निर्माण शामिल है, जिसमें से 7 किलोमीटर का हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे से होकर गुजरता है। खुदाई के कार्य हेतु लगभग 3,200 टन वजन वाले 13.6 मीटर व्यास वाले कटरहेड TBM का उपयोग किया जा रहा है, जो Mixshield तकनीक से सुसज्जित है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाNHSRCL: National High Speed Rail Corporation Limited, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए एक special purpose vehicle है।
  • विज्ञान-तकनीकMixshield तकनीक: यह एक विशेष TBM तकनीक है जिसका उपयोग मृदु भूमि (soft ground) और जलमग्न स्थितियों में टनल चेहरों (tunnel faces) को स्थिर करने के लिए किया जाता है।
  • तथ्यठाणे क्रीक टनल के लिए उपयोग किए जाने वाले TBM का व्यास 13.6 मीटर है और इसका वजन 3,200 टन है।
  • स्थानठाणे क्रीक: महाराष्ट्र में स्थित एक ज्वारीय क्रीक, जो वर्तमान में भारत की पहली अंडरसी रेलवे टनल (undersea railway tunnel) का स्थल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में उन्नत टनलिंग प्रौद्योगिकियों और उच्च गति वाली रेल बुनियादी संरचना के एकीकरण से क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और शहरी कनेक्टिविटी को कैसे उत्प्रेरित किया जा सकता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • जियोटेक्निकल जटिलता: मिक्सशील्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग करके पानी के अंदर हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर और मिट्टी की स्थिरता को मैनेज करना
  • लॉजिस्टिक सिनर्जी: औद्योगिक कॉरिडोर की एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए मुंबई और अहमदाबाद के बीच ट्रांजिट समय कम करना
  • इंजीनियरिंग माइलस्टोन: पारंपरिक रेल से हाई-स्पीड अंडरसी इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर एक तकनीकी छलांग

मुख्य शब्द: हाई-स्पीड रेल · मिक्सशील्ड टेक्नोलॉजी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · शहरी कनेक्टिविटी · जियोटेक्निकल इंजीनियरिंग

निवेश के लिए गुजरात नंबर 1, महाराष्ट्र और तमिलनाडु को पछाड़ा

चर्चा में क्यों: NITI Aayog ने अपना प्रथम 'इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026' जारी किया है, जिसमें निवेशक-केंद्रित शासन के लिए 17 प्रमुख राज्यों में गुजरात को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में स्थान दिया गया है।

गुजरात ने 17 राज्यों में से 56.6 का स्कोर प्राप्त किया, जिससे उसने महाराष्ट्र (53.7) और तमिलनाडु (53.3) को पछाड़ दिया। यह सूचकांक नीति, बुनियादी ढांचे और राजकोषीय प्रबंधन सहित 8 स्तंभों के अंतर्गत 84 संकेतकों का मूल्यांकन करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाInvestment Friendliness Index 2026 के लिए NITI Aayog नोडल एजेंसी है।
  • तथ्यगुजरात ने इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026 में 56.6 अंक प्राप्त किए।
  • स्थानधोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) और GIFT City गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्र हैं।
  • संस्थाiNDEXTb (Industrial Extension Bureau) गुजरात में सिंगल-विंडो सुविधा प्रदान करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र (ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब) बनाने के लक्ष्य में राज्य-स्तरीय औद्योगिक नीतियों और बुनियादी ढांचा विकास के योगदान का विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: SIRs और GIFT सिटी में 'प्लग-एंड-प्ले' इकोसिस्टम के विकास से प्रोजेक्ट लागू करने की समयसीमा तेज़ हुई

मुख्य शब्द: ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · सिंगल-विंडो सिस्टम · प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर · राजकोषीय विवेक · औद्योगिक नीति

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बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की जांच शुरू, जल्द शुरू हो सकती है सर्विस

चर्चा में क्यों: BEML द्वारा निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट, बेंगलुरु-मुंबई मार्ग के लिए KSR बेंगलुरु स्टेशन पर प्री-कमीशनिंग जांच के दौर से गुजर रहे हैं।

वंदे भारत स्लीपर सेवा का उद्देश्य सोलापुर और कालाबुरगी के माध्यम से बेंगलुरु और मुंबई के बीच यात्रा के समय को घटाकर लगभग 15 घंटे करना है। इन ट्रेनसेटों का निर्माण Bharat Earth Movers Limited (BEML) द्वारा किया गया है और वर्तमान में इनका औपचारिक हस्तांतरण Indian Railways को किया जाना शेष है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाBEML: रक्षा मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (CPSU), जो रेलवे और रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यबेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर मार्ग को लगभग 15 घंटों में यात्रा पूरी करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • स्थानKSR बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन: कर्नाटक के बेंगलुरु में प्राथमिक रेलवे हब।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वंदे भारत स्लीपर जैसी उच्च गति वाली रेल गलियारों के विस्तार से भारत में क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक एकीकरण में होने वाले योगदान का विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख इंडस्ट्रियल हब्स के बीच यात्रा के समय में कमी
  • मैन्युफैक्चरिंग सिनर्जी: रेलवे रोलिंग स्टॉक में 'आत्मनिर्भर भारत' हासिल करने के लिए BEML जैसे PSUs का इस्तेमाल
  • इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनेक: प्रीमियम रेल सेवाओं के तेज़ी से विस्तार और सिग्नलिंग व ट्रैक कैपेसिटी को अपग्रेड करने की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · रोलिंग स्टॉक · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

SEBI की 'बॉस स्कैम' पर चेतावनी, AI डीपफेक से कंपनियों को ठगने का अलर्ट

चर्चा में क्यों: SEBI ने 'बॉस स्कैम' के संबंध में चेतावनी जारी की है, जिसमें जालसाज कॉर्पोरेट अधिकारियों का रूप धारण करने और कंपनियों को ठगने के लिए AI-आधारित डीपफेक और वॉयस क्लोनिंग का उपयोग करते हैं।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने AI-जनित डीपफेक वीडियो और वॉयस क्लोनिंग के माध्यम से कर्मचारियों को भ्रमित कर अनधिकृत धनराशि हस्तांतरण कराने वाले एक घोटाले की पहचान की है। जालसाज .zip फाइलों के माध्यम से मैलवेयर का उपयोग करके WhatsApp सत्रों को नियंत्रित करते हैं और धोखाधड़ी वाले भुगतान निर्देश भेजते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाSEBI: भारत में प्रतिभूति (securities) और कमोडिटी बाजारों को विनियमित करने के लिए स्थापित एक वैधानिक निकाय।
  • विज्ञान-तकनीकDeepfakes: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का उपयोग करके किसी मौजूदा छवि या वीडियो में एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से बदलने वाला सिंथेटिक मीडिया।
  • तथ्यMalware वितरण: जालसाज दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर वितरित करने और मैसेजिंग सत्रों को हाईजैक करने के लिए .zip फ़ाइलों का उपयोग करते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वित्तीय क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित साइबर-धोखाधड़ी के बढ़ते खतरों पर चर्चा कीजिए और भारत में कॉर्पोरेट साइबर सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक उपायों का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: वित्तीय अपराधों के लिए AI-जनरेटेड सिंथेटिक मीडिया पर मुकदमा चलाने के लिए विशिष्ट कानूनी ढांचे की कमी
  • संस्थागत बाधा: कॉर्पोरेट ट्रेजरी ऑपरेशंस में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अपनाने में सुस्ती
  • तकनीकी असमानता: जनरेटिव AI टूल्स का तेज़ी से विकास मौजूदा साइबर सिक्योरिटी डिफेंस मैकेनिज्म और डिटेक्शन सॉफ्टवेयर से आगे निकल रहा है

मुख्य शब्द: सिंथेटिक मीडिया · साइबर सिक्योरिटी · वित्तीय धोखाधड़ी · जेनरेटिव AI · रेगुलेटरी ओवरसाइट

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स

नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए GPSC ने लॉन्च किया 'अवसर'

चर्चा में क्यों: गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) ने राज्य सरकार की नौकरियों के साक्षात्कार में असफल रहे उम्मीदवारों को निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सुलभ कराने हेतु 'अवसर' पहल शुरू की है, जिसके अंतर्गत उनके डेटा को संबंधित क्षेत्रों के साथ साझा किया जाएगा।

GPSC ने राज्य सरकार की श्रेणी-I और श्रेणी-II की नौकरियों के साक्षात्कार में असफल रहे उम्मीदवारों की सहायता हेतु 'अवसर' (Avsar) पहल शुरू की है। उम्मीदवारों की सहमति के अधीन, 18,000 उम्मीदवारों का एक डेटाबेस सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), सरकारी विभागों और न्यूनतम 10 करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर वाली निजी फर्मों के साथ साझा किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाGPSC: Gujarat Public Service Commission गुजरात में सिविल सेवकों की भर्ती के लिए जिम्मेदार राज्य एजेंसी है।
  • तथ्यAvsar database में राज्य सरकार की Class I और II नौकरियों के साक्षात्कार में विफल रहे 18,000 उम्मीदवारों को शामिल किया गया है।
  • तथ्यडेटाबेस के लिए पात्र निजी फर्मों का न्यूनतम वार्षिक टर्नओवर Rs 10 करोड़ होना चाहिए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मानव संसाधन प्रबंधन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) किस प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के बीच अल्प-रोजगार (underemployment) की समस्या का समाधान कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी रिस्क: निजी संस्थाओं के साथ साझा किए गए पर्सनल डेटा की सुरक्षा और कैंडिडेट की सहमति के बीच संतुलन
  • मार्केट मिसमैच: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और प्राइवेट सेक्टर की औद्योगिक जरूरतों के बीच स्किल गैप को दूर करना
  • संस्थागत तालमेल: प्राइवेट सेक्टर के साथ जुड़ाव के जरिए राज्य भर्ती निकायों का उपयोग कर युवाओं की बेरोजगारी कम करना

मुख्य शब्द: ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · अल्प-रोज़गार · स्किल मैपिंग · रोज़गार सुविधा

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केरल के विझिनजम पोर्ट पर 18 अगस्त, 2026 को शुरू होंगे EXIM ऑपरेशंस

चर्चा में क्यों: केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन 100-दिवसीय कार्ययोजना के हिस्से के रूप में 18 अगस्त, 2026 को विझिनजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह पर EXIM (निर्यात-आयात) परिचालन शुरू करने वाले हैं।

विझिनजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह, केरल सरकार और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) के मध्य एक संयुक्त विकास परियोजना है। इसे 'मिशन समुद्र' पहल के अंतर्गत माल ढुलाई लागत को कम करने और आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता को बढ़ाने हेतु एक प्रमुख कार्गो प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करने के लिए अभिकल्पित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानविझिनजम पोर्ट: यह केरल राज्य में स्थित है और एक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह के रूप में कार्य करता है।
  • तथ्यEXIM परिचालन 18 अगस्त, 2026 को शुरू होने वाले हैं।
  • संस्थाAPSEZ: Adani Ports and Special Economic Zone वह निजी इकाई है जो बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को सह-विकसित कर रही है।
  • योजनामिशन समुद्र (Mission Samudra): रोजगार और समुद्री बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समुद्री विकास पहल।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विझिंजम जैसे गहरे पानी के बंदरगाहों का विकास किस प्रकार भारत की समुद्री व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ा सकता है और 'सागरमाला' परियोजना के उद्देश्यों में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स लागत में कमी: भारतीय एक्सपोर्ट की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस सुधारने के लिए फ्रेट लागत कम करना
  • रोज़गार सृजन: मिशन समुद्र फ्रेमवर्क के ज़रिए सीधे और अप्रत्यक्ष समुद्री नौकरियां पैदा करना
  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: हाई-कैपेसिटी कार्गो गेटवे के जरिए वैश्विक ट्रेड फ्लो मैनेज करने की भारत की क्षमता को बढ़ाना

मुख्य शब्द: मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) · सप्लाई चेन मैनेजमेंट · ब्लू इकोनॉमी

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म्यूचुअल फंड में मौत के बाद यूनिट ट्रांसफर अब होगा आसान

चर्चा में क्यों: AMFI ने लाभार्थियों के लिए मामूली दस्तावेजी विसंगतियों के कारण उत्पन्न होने वाली प्रशासनिक बाधाओं को कम करने हेतु मृत्यु के पश्चात म्यूचुअल फंड यूनिट हस्तांतरण प्रक्रिया को सरल बना दिया है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने उत्तराधिकार हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करनेके लिए एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) हेतु नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह नियामक ढांचा नवीनतम प्रलेखित पते पर निर्भरता को अनिवार्य बनाता है और नाम या हस्ताक्षर में विसंगति के मामलों में SEBI के प्रोटोकॉल को अपनाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAMFI: Association of Mutual Funds in India, म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक स्व-नियामक निकाय।
  • संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India, भारत में प्रतिभूतियों के बाजारों का प्राथमिक नियामक।
  • तथ्यलाभार्थियों को प्रमुख विसंगतियों को सुधारने के लिए एक investor service request form का उपयोग करना होगा या कार्यालय में उपस्थित होना होगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूंजी बाजारों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण से निवेशकों के संरक्षण को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है और यह कमजोर लाभार्थियों के लिए वित्तीय समावेशन को किस प्रकार बढ़ावा देता है, चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: सख्त KYC नियमों और शोक के दौरान आसान एसेट ट्रांज़िशन की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • प्रक्रियात्मक बाधा: मामूली दस्तावेजी विसंगतियों के कारण AMCs पर भारी प्रशासनिक बोझ, विरासत मिलने में देरी का कारण
  • इन्वेस्टर प्रोटेक्शन: SEBI फ्रेमवर्क के जरिए धोखाधड़ी वाले दावों को रोकते हुए विरासत में मिली पूंजी तक समान पहुंच सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: इन्वेस्टर प्रोटेक्शन · कैपिटल मार्केट रेगुलेशन · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · वित्तीय समावेशन · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

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RBI ने नकली नोटों से निपटने के लिए नए टिकाऊ नोटों के लिए 68,000 रीम्स पॉलिमर मांगे

चर्चा में क्यों: RBI ने मुद्रा की स्थायित्व क्षमता को बढ़ाने और नकली मुद्रा के बढ़ते खतरे से निपटनेके लिए पॉलिमर मुद्रा नोटों का परीक्षण शुरू किया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और इसकी सहायक कंपनी भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) पॉलिमर सबस्ट्रेट के 68,000 रीम के लिए एक वैश्विक निविदा आमंत्रित कर रहे हैं। इस परियोजना के अंतर्गत दो विशिष्ट मूल्यवर्गों के नोटों के उत्पादन हेतु सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SPMCIL) के साथ सहयोग शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाBRBNMPL: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की एक सहायक कंपनी जो बैंक नोटों की छपाई में शामिल है।
  • संस्थाSPMCIL: Security Printing and Minting Corporation of India, जो उच्च-सुरक्षा मुद्रण (high-security printing) के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यRBI ने 17 जुलाई, 2026 को पॉलिमर करेंसी ट्रायल की घोषणा की।
  • तथ्ययह निविदा 18 अगस्त, 2026 तक 68,000 रीम्स पॉलीमर सबस्ट्रेट की मांग करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय मौद्रिक प्रणाली की अखंडता को सुदृढ़ करने और भारत में नकली नोटों के खतरे को नियंत्रित करने में बहुलक-आधारित (polymer-based) मुद्रा की ओर संक्रमण के महत्व की चर्चा कीजिए।

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भारत में गिग वर्क का बड़ा उछाल, 2030 तक 21 मिलियन तक पहुंचेंगे वर्कर

चर्चा में क्यों: Redseer Strategy Consultants ने भारत के गिग इंटरनेट कार्यबल (gig internet workforce) के 2030 तक 17-21 मिलियन तक व्यापक विस्तार का अनुमान लगाया है, जो आजीविका सृजन और महिला कार्यबल की भागीदारी में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

गिग इंटरनेट कार्यबल के 2030 तक 6 मिलियन से बढ़कर 17-21 मिलियन तक पहुँचने का अनुमान है। गिग कार्य पारंपरिक समकक्ष नौकरियों की तुलना में 2.5 गुना तक अधिक आय प्रदान कर सकता है। ये प्लेटफॉर्म निरंतर बीमा और आपातकालीन सहायता जैसे कल्याणकारी उपायों को एकीकृत कर रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यभारत में अनुमानित गिग इंटरनेट कार्यबल: 2030 तक 17-21 मिलियन।
  • तथ्यवर्तमान गिग इंटरनेट कार्यबल: 6 मिलियन से अधिक।
  • तथ्यअर्जन क्षमता: तुलनात्मक नौकरियों की तुलना में 2.5 गुना तक अधिक।
  • तथ्यरिपोर्ट प्रकाशन तिथि: July 18, 2026।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में गिग इकोनॉमी (Gig Economy) का विस्तार किस प्रकार समावेशी विकास और महिला श्रम शक्ति की भागीदारी को बढ़ावा दे सकता है, तथा साथ ही श्रमिकों के कल्याण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान कैसे किया जा सकता है? चर्चा कीजिए।

  • सोशल सिक्योरिटी गैप: नॉन-स्टैंडर्ड प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए फॉर्मल लेबर प्रोटेक्शन और पेंशन स्कीम की कमी
  • जेंडर-न्यूट्रल फ्लेक्सिबिलिटी: महिलाओं के लिए आर्थिक भागीदारी के साथ घरेलू ज़िम्मेदारियों को संतुलित करने के लिए गिग वर्क एक टूल के रूप में
  • स्किल-मिसमैच का जोखिम: स्ट्रक्चर्ड अपस्किलिंग और सर्टिफिकेशन के बिना लो-स्किल गिग सैचुरेशन की संभावना

मुख्य शब्द: गिग इकोनॉमी · समावेशी विकास · प्लेटफ़ॉर्म वर्क · सामाजिक सुरक्षा · श्रम भागीदारी

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PFRDA चेयरमैन ने लॉन्च किया AI आधारित पेंशन प्लेटफॉर्म NPS स्वस्थ्य

चर्चा में क्यों: PFRDA के अध्यक्ष एस. रमन ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए एक AI-संचालित पेंशन सलाहकार प्लेटफॉर्म और 'NPS Swasthya' की घोषणा की है, जो पेंशन और स्वास्थ्य बीमा का एक संयुक्त उत्पाद है।

PFRDA राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) को पुनर्गठित करने की योजना बना रहा है, जिसका उद्देश्य नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाना और बहुभाषी वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस पहल में 'NPS Swasthya' शामिल है, जो पेंशन लाभों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज के साथ एकीकृत करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाPFRDA: Pension Fund Regulatory and Development Authority भारत में पेंशन क्षेत्र को विनियमित करने वाली एक वैधानिक संस्था है।
  • विज्ञान-तकनीकAI-संचालित पेंशन सलाहकार प्लेटफॉर्म: व्यक्तिगत निवेश सलाह प्रदान करने और पेंशन प्रबंधन को सरल बनाने के लिए प्रस्तावित।
  • तथ्यNPS Swasthya: पेंशन बचत के साथ स्वास्थ्य बीमा कवरेज को जोड़ने वाला एक बंडल उत्पाद।
  • पदएस. रमन: पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के अध्यक्ष।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) की पहुंच और प्रभावकारिता को बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और बंडल किए गए बीमा उत्पादों (bundled insurance products) का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • डिजिटल डिवाइड: हाई-स्पीड इंटरनेट या AI-लिटरेसी की कमी के कारण ग्रामीण आबादी के लिए पहुंच की बाधाएं
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: AI-आधारित फाइनेंशियल एडवाइजरी सेवाओं में एल्गोरिद्मिक पारदर्शिता और डेटा प्राइवेसी सुनिश्चित करना
  • प्रोडक्ट बंडलिंग: लॉन्ग-टर्म पेंशन एसेट्स और शॉर्ट-टर्म हेल्थ इंश्योरेंस लायबिलिटीज के बीच रिस्क-पूलिंग मैकेनिज्म को संतुलित करना

मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · एल्गोरिदम की पारदर्शिता · सामाजिक सुरक्षा · फिनटेक इकोसिस्टम · पेंशन सुधार

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

आंध्र प्रदेश में बनेंगे 15 कोयर क्लस्टर, MSME मंत्रालय की बड़ी योजना

चर्चा में क्यों: MSME मंत्रालय ने क्षेत्रीय कॉयर उद्योग को बढ़ावा देने और स्थानीय MSMEs को समर्थन प्रदान करने के उद्देश्य से आंध्र प्रदेश में 15 कॉयर क्लस्टर्स की स्थापना की घोषणा की है।

कोयर बोर्ड और MSME मंत्रालय आंध्र प्रदेश में 15 कोयर क्लस्टर स्थापित करने की पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत आगामी तिमाही में प्रौद्योगिकी और विपणन सहायता के साथ 20 कोयर-आधारित MSME इकाइयों की स्थापना शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाCoir Board: MSME मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय जो कॉयर (coir) उद्योग के विकास के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यMSME मंत्रालय द्वारा आंध्र प्रदेश में 15 coir clusters स्थापित किए जाएंगे।
  • तथ्यअगले तिमाही में 20 coir-based MSME इकाइयों की स्थापना की योजना है।
  • स्थानअमलपुरम: आंध्र प्रदेश में सम्मेलन (conclave) का स्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में प्राथमिक क्षेत्र के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने और ग्रामीण औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने में औद्योगिक क्लस्टर के विकास की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • वैल्यू चेन इंटीग्रेशन: इंटरमीडियरी लागत कम करने के लिए नारियल किसानों और सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स को सीधे इंडस्ट्रियल प्रोसेसिंग यूनिट्स से जोड़ना

मुख्य शब्द: MSME क्लस्टर · वैल्यू चेन · ग्रामीण औद्योगीकरण · स्किल अपग्रेडेशन · कॉयर इंडस्ट्री

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

कमज़ोर मानसून और ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद 6.6% GDP ग्रोथ का अनुमान

चर्चा में क्यों: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मानसून और वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 6.6% की GDP वृद्धि का अनुमान लगाया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 6.6% की जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि वित्त वर्ष 2027 के लिए मुद्रास्फीति को 5.1% तक बढ़ाया गया है। भारत ने पिछले वर्ष 95 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त किया और वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम दो महीनों में 7 बिलियन डॉलर का निवेश दर्ज किया।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यवर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए भारत की अनुमानित GDP वृद्धि दर 6.6% है।
  • तथ्यRBI ने FY2027 के लिए मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान को बढ़ाकर 5.1% कर दिया है।
  • तथ्यकृषि भारत के GDP में लगभग 17% का योगदान देती है।
  • तथ्यपिछले वर्ष में भारत को $95 बिलियन का FDI प्रवाह प्राप्त हुआ।
  • तथ्यRBI बैंकिंग में साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता पर ध्यान केंद्रित करते हुए AI को अपनाने की संभावना तलाश रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक अनिश्चितताओं और कृषि क्षेत्र पर जलवायु संबंधी झटकों के विरुद्ध भारत के व्यापक आर्थिक लचीलेपन (macroeconomic resilience) को बनाए रखने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।

  • मानसून-कृषि जुड़ाव: बारिश की अनिश्चितता से जुड़े 17% जीडीपी योगदान और सप्लाई-साइड महंगाई की उच्च संवेदनशीलता
  • FDI रेज़िलिएंस: ग्लोबल करेंसी फ्लक्चुएशन और बाहरी झटकों के खिलाफ बफर के रूप में लगातार कैपिटल इनफ्लो
  • डिजिटल बैंकिंग पैराडॉक्स: दक्षता के लिए तेज़ी से AI अपनाने और सख्त डेटा प्राइवेसी और साइबर सिक्योरिटी नियमों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल्स · सप्लाई-साइड महंगाई · FDI इनफ्लो · मानसून पर निर्भरता · डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा उपाय

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कृषि · विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी · पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी · आपदा प्रबंधन · आंतरिक सुरक्षा

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